Date,15/9/2020
📒 Nots , by shanu sanwle 📒
📘. बुध्दि intelligence
💥बुध्दि हमारी प्राथमिक ,मानसिक , शारीरिक योग्यता है यही से बुध्दि का निमार्ण होता है
1) थस्टर्न➖ने कहा बुध्दि प्राथमिक योग्यता का समुह हैं
1 प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता
2 तार्किक तथा वाचिक योग्यता
3 सांख्यिकी योग्यता
4 स्थानिक या दृश्य योग्यता
5 समस्या समाधान की योग्यता
6 स्मृति संबंधित योग्यता
7 आगमनात्मक / निगमनात्मक
2 ) कैली के अनुसार
1 वाचिक योग्यता
2 संगीतात्मक योग्यता
3 स्थानिक संबंधित या उचित व्यवहार करने कि योग्यता
4 रूचि
5 शारीरिक योग्यता
💥 बहुबुध्दि सिध्दांत ➖ गार्डनर 💥
🔸गार्डनर के अनुसार बुध्दि का मूल सिद्धांत
1 ) संगीतिक बुध्दि
🔸ध्वानि ,ताल, लय ,गीत, स्वरो का आरोही, अवरोही क्रम, की समझ हम सभी के अंदर है हमारे सभी में कार्यो में ध्वनि है
2) तार्किक बुद्धि
🔸हर जगह हम तर्क, वितर्क करके ही काम करते हैं आस, पास कि वस्तुओ , घटनाओं को जानने के लिए हम तर्क लगाते हैं ,
जैसे गणितज्ञ, शोधकर्ताओं
3 ) भाषाई बुद्धि
🔸बोलते समय हमें कब ,कहा कैसे बात करना है शब्दो का क्रम , वाक्यो का चयन , उचित शब्दावली ,शब्दो की समझ , अर्थ का ज्ञान होना ।
जैसे➖कवि, लेखक, शिक्षक , पत्रकार, आदि।
4 ) स्थानिक बुद्धि
🔸 स्थान की समझ, अच्छा दिशाबोध , चित्र, चार्ट, ग्राफ, की समझ, वास्तविक वस्तुओ का चित्र, माडल बनाना आदि
जैसे➖ मूर्तिकार, आर्किटेक्चर, पेन्टर,
5 ) शारीरिक बुध्दि
🔸 शारीरिक कार्य ,हाथ पैर कि हलचल से अपने
भावों को अभिव्यक्त करना
जैसे ➖ अभिनेता,
6 ) व्यक्तिगत बुद्धि
🔸 एकांत में प्रिय, स्यंम में रहते हैं।
जैसे ➖ दार्शनिक, संत ,
7 ) अंतर्वैयक्तिक बुद्धि
🔸सामाजिक कार्यकर्ता,बर्हिमुखी व्यक्यिति दूसरों की नजरों से देखते हैं।
जैसे ➖ राजनेता, डॉक्टर, शिक्षक
8 ) प्रकृति वाद बुद्धि ➖1995 में खोज कि
🔸 जिसे प्रकृति से प्रेम हो , जैसे ➖ किसान, माली, जीव विज्ञान, वनस्पति विज्ञान आदि।
9 ) अस्तित्ववादी बुद्धि ➖2000 में जोड़ी गई
🔸 जीवन की वास्तविकता को जानना ,
जैसे ➖ गोतम बुद्ध , महान ऋषि, मुनि ।
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🌈 बहुआयामी बुद्धि:- कैली और थसर्टन
🔸कैली के अनुसार:- बुद्धि का निर्माण कई योग्यताओं द्वारा होता है।
1-वाचिक योग्यता
2-संगीतत्मक योग्यता
3-स्थानिक संबंध से उचित व्यवहार करने की योग्यता
4-रूचि और शारीरिक योग्यता
5-सामाजिक योग्यता

🔸थर्स्टन के अनुसार:- बुद्धि मानासिक योग्यताओं का समूह है।
1-प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता
2-तार्किक तथा वाचक योग्यता
3-सांख्यिकी योग्यता
4-स्थानिक दृश्य योग्यता
5-समस्या समाधान की योग्यता
6-स्मृति संबंधी योग्यता
7-आगमनात्मक निगमनात्मक संबंधी योग्यता
✒️ बहु बुद्धि सिद्धांत :- गार्डनर
👉 मूल सिद्धान्त – 7
🔸 संगीतिक बुद्धि :- इसके अन्तर्गत ध्वनि,स्वर,लय, ताल, गति,आरोह अवरोह को पहचानने की समझ होती है।
🔸तार्किक गणितीय बुद्धि:-इसके अन्तर्गत तार्किक रूप से सोचने समझने की क्षमता आती है,इस बुद्धि की हर जगह जरूरत होती है।

🔸भाषाई बुद्धि:- इसमें शब्दो का चयन, वाक्यो का चयन तथा अपने भावो को बोली के माध्यम से प्रदर्शित करते है।

🔸 स्थानिक बुद्धि :- इसके अन्तगर्त स्थान की समझ, दिशा का ज्ञान आदि होता है

🔸शारीरिक गतिसंवेदी:- जब हम किसी बात को अभिव्यक्त करते है तो हमे अपने शरीर की गति या तौर तरीके को भी उसी बात के अनुसार प्रदर्शित करना ही यह योग्यता है।

🔸व्यक्तिगत बुद्धि:- इसमे व्यक्ति स्वयं का व्यवहार और भावनाओ को समझता है। जैसे- दार्शनिक,संत

🔸अंतवैयक्तिक बुद्धि:- इसमे व्यक्ति दूसरो के व्यवहार के समझता है। जैसे-डॉक्टर, शिक्षक, राजनेता।

🔸प्राकृतिक बुद्धि :- 1995
ऐसे लोग जो प्रकृति को अच्छे से समझे
जैसे- किसान, जैव वैज्ञानिक

🔸 अस्तित्ववादी बुद्धि:- 2002
इस बुद्धि में अपने अस्तित्व को पहचान कर वास्तुविकता को जानना है।
जैसे- ऋषि -मुनि, संत।
🙏🙏🙏🙏🙏
✒️ Notes by Shashi choudhary….🌸🌸


🌺बहुआयामी बुध्दि का सिद्धांत 🌺

यह सिध्दांत केली और थर्सटन ने दिया।

केली के अनुसार बुध्दि

  1. वाचिक योग्यता
  2. संगीतात्मक योग्यता
  3. स्थानिक संबंधो के साथ उचित ढंग से व्यवहार करने की योग्यता
    4.रूचियात्मक योग्यता
    5.शारीरिक योग्यता

थर्सटन के अनुसार बुध्दि

1.प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता

  1. तार्किक तथा वाचिक योग्यता
  2. सांख्यिकी योग्यता
  3. स्थानिक या दृश्य योग्यता
  4. समस्या समाधान की योग्यता
  5. स्मृति संबंधी योग्यता
  6. आगमनात्मक और निगमनात्मक योग्यता

🌺गार्डनर का बहुबुध्दि सिध्दांत 🌺

गार्डनर के मूल सिध्दांत मे सात बुध्दि या मानसिक योग्यता का रखा गया है।

  1. सांगीतिक बुध्दि – केवल गाना गाने वाले यानि गायक या वाद्य यंत्र बजाने वाले मे ही सांगीतिक बुध्दि नही होती है बल्कि सुनने ( श्रोता) वाले भी स्वर, लय, ताल, ध्वनि ,गति आरोह अवरोह की पहचान करने सक्षम होते हैं।

तार्किक गणितीय बुध्दि – इसमे हमारी सोचने समझने की योग्यता आती है। हम सभी कार्यो मे अपना तर्क लगाते हैं परंतु यह आवशयक नही है कि हर कार्य मे हमारा तर्क ( जुगाड) सही हो ।

भाषायी बुध्दि – इसमे हमारी भाषा से संबंधित योग्यता आती है जिसमे हम अपने शब्दो, शब्दावली और वाक्यो को सही जगह सही समय सही तालमेल से दूसरो के सामने प्रस्तुत करते हैं और दूसरो के भावो – विचारो को समझते समझाते है।

स्थानिक बुध्दि – इस मे हम किसी स्थान के बारे में हमे जो जानकारी है उसके छवि हमारे मस्तिष्क मे आ जाती है। इससे हम अपनी स्थानो से संबंधित समस्या ओ का समाधान करते है।

शारीरिक गति संवेदी बुध्दि – इस बुध्दि मे हम अपनी भाषायी बुध्दि की अभिव्यक्ति करते समय हमारे शरीर से हाव भाव व्यक्त करते हैं।

व्यक्तिगत बुध्दि – इसमे व्यक्ति का स्वयं का व्यवहार देखता है। जैसे – दार्शनिक, संत आदि

अंतर्वैयक्तीक बुध्दि – इसमे व्यक्ति दूसरों के व्यवहार को समझने की क्षमता रखता है । जैसे – टीचर बच्चों के व्यवहार को समझते हैं। तथा डाक्टर, राजनेता आदि आते हैं।

प्राकृतिक बुध्दि – इसमे व्यक्ति को प्रकृति को समझने की क्षमता होती है। प्रकृति से प्रेम, लगाव,उसका संरक्षण करते हैं। जैसे – किसान, जैव वैज्ञानिक आदि।

अस्तित्ववादी बुध्दि – इस तरह की बुध्दि रखने स्वयं के और दूसरो के अस्तित्व की पहचान करने मे सक्षम होते हैं। जैसे – दार्शनिक

प्राकृतिक बुध्दि 1995 और अस्तित्व वादी बुध्दि 2000 मे प्रस्तावित की गई ।


🌸: notes by – puja kumari
🌺 Intelligence बुद्धि🌺

बहुआयामी बुद्धि (multi dimensions intelligence)➖ इसके प्रतिपादन केली और थर्सटन ने बुद्धि का निर्माण प्राथमिक मानसिक योग्यताओ से होता है।

🌸 केली के अनुसार :➖ बुद्धि का निर्माण कई योग्यताओ के द्वारा होता है➖

  1. वाचिका योग्यता
    2.संगीतात्मक योग्यता 3.स्थानिक संबंध से उचित व्यवहार करने की योग्यता
  2. रुचि और शारीरिक योग्यता 5.सामाजिक योग्यता।

जैसे – हर इंसान के पास बोलने की योग्यता होनी चाहिये। अपने आप मे संगीत की योग्यता होनी चाहिए। जिस स्थान पर हम है उस स्थान पर सिचुएशन के अनुसार उचित व्यवहार करना चाहिए। ये व्यवहार हमारे चेहरे पर दिखना चाहिए कि कैसा भाव है। ये भाव साइकोलॉजी पूर्ण होने चाहिए। ये हर इंसान में होना चाहिए।इसमें रुचि का होना भी जरूरी है तभी कुछ भी सीख सकते है। इसमें शारीरिक योग्यता की भी अहम भूमिका है किसी के सामने अगर हम जाते है तो हमारी शारीरिक योग्यता भी देखी जाती है हमारी आवाज कैसी है।हमारा भाव का representation कैसा है ये दिखना चाहिए।

🌸थर्सटन के अनुसार➖इसने भी बुद्धि को कई प्रकार में बांटा है-
1). प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता ➖ जो सामने देखकर conform हो जाते है।

2). तार्किक तथा वाचिक योग्यता➖ समस्या को solve करने की capacity होनी चाहिए।

3). सांख्यिकी योग्यता➖संख्या को किस प्रकार बनाना चाहिए।उसको किस प्रकार हल किया जाना चाहिए।

4). स्थानिक / दृश्य योग्यता ➖किसी चीज को देख के या situation के अनुसार planing करते है।

5). समस्या समाधान की योग्यता➖समस्या की किस तरफ हैन्डल करना है ये solve करने की योग्यता होनी चाहिए।

6). स्मृति संबंधी योग्यता ➖memory में कुछ चीजें याद रखनी चाहिए। अगर याद नही होगी तो समस्या create हो सकती है।

7). आगमनात्मक / निगमनात्मक योग्यता➖ दोनो प्रकार की बुद्धि होनी चाहिए,क्योंकि कोई एक बुद्धि अगर हमारे अंदर नही है तो दूसरे को हैन्डल सही तरीके से कर पायेगे।
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
✍🏻पूजा कुमारी✍🏻
🌸🌸🌸🌸🌸. हावर्ड गार्डनर के बहु बुद्धि का सिद्धांत (Multiple Intelligence Theory of Haward Gardner. (1983)

गार्डनर ने व्यक्ति के अलग – अलग situation को अलग – अलग तरीके से solve करना जैसे कि अगर हमारे पास कोई समस्या है तो उसमें अलग अलग तरह से सोचेंगे, समझेगे , फिर उसपर reaction क्या होगा ये जानेगे तभी हमारा समस्या solve होगा इसके लिए कई प्रकार से चिंतन या बुद्धि का उपयोग करना पड़ा। हर व्यक्ति के पास खुद में विशिष्ट होता है तो हम यह नही कह सकते है कि किसी दूसरे की अपेक्षा बुद्धि हमारे में कम है, या ज्यादा है। हर व्यक्ति अपने रुचि के अनुसार किसी क्षेत्र में विशिष्ट होते है।
⭐ गार्डनर के मूल सिद्धांत ➖गार्डनर के 7 मूल सिद्धांत है और 2 सिद्धांत जो कि बाद में जुड़े है निम्न है➖

1️⃣ सांगीतिक बुद्ध➖व्यक्ति में विभिन्न प्रकार की ध्वनि, स्वर,गाना,ताल,लय, गति,आरोह,अवरोह सभी मे रहता है, कोई इस चीज में रुचि लेता है तो उसमें ज्यादा होता है तो किसी मे कम ।

2️⃣तार्किक गणितीय बुद्धि➖हम किसी समस्या का समाधान करने के लिए गणितीय तर्क लगाते है। ये जरूरी नही है कि हम सिर्फ गणितीय तर्क का ही उपयोग करेंगे। हमें कोई भी कार्य करने के लिए logical thinking लगते है।और ये भी जरूरी नही है कि जो हम logic लगाते है वो सही ही है इसका गारंटी नही है कभी कभी logic गलत भी हो जाता है।

3️⃣भाषायी बुद्धि➖शब्दो का चयन, वाक्यो का चयन , शब्दावली का चयन भी जरूरी है।क्योंकि यही सब व्यक्ति के आदर्श व्यवहार को दर्शाता है।

4️⃣स्थानिक बुद्धि➖वयक्ति के दिमाग मे किसी जगह के location का ज्ञान होना जरूरी है जब कोई काम आए तो हम मानसिक चित्र के द्वारा location बाता पाए।

5️⃣शारीरिक गतिसंवेदी ➖जब हम किसी बात को अभिव्यक्त करते हैं तो उस समय हमारा शरीर की गतिसंवेदी का पता चलता है। हमारे कार्य के अनुसार हमे अपने शरीर के सही तौर तरीके पर भी ध्यान देना चाहिए।क्योंकि इससे हमारी पर्सनलिटी का पाता चलता है।

6️⃣व्यक्तिगत बुद्धि➖हमारी अपनी बुद्धि से दूसरों की बुद्धि ,सोच की पता चलता है।जैसे- दार्शनिक, संत

7️⃣अन्तरवैयक्तिक बुद्धि ➖इसमे व्यक्ति दूसरे के नजरिये से खुद को उसी व्यवहार में बदलते है। जैसे- राजनेता, डॉक्टर, शिक्षक

8️⃣प्राकृतिक बुद्धि (1995 में )➖जो प्रकृति के बातो को समझते हैं। जैसे- किसान, जैव-वैज्ञानिक

9️⃣अस्तित्ववादी बुद्धि➖इस बुध्दि में स्वयं के अस्तित्व का पहचान कर वास्तविक को जानना ही अस्तित्ववादी बुद्धि कहलाती है। अर्थात
जो दुनिया के मोह माया से दूर हो गए है। जैसे- दार्शनिक, ऋषि- मुनि ,संत।. 🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🙏🙏🙏🙏🙏✒️


💫Notes by :- Neha Kumari 😊

📚बहुआयामी बुद्धि :- कैली और थर्स्टन

📚कैली के अनुसार :- बुद्धि का निर्माण कई योग्यताओं द्वारा होता है।

1.वाचिक योग्यता
2.संगीतत्मक योग्यता
3.स्थानिक संबंध से उचित व्यवहार करने की योग्यता
4.रुचि और शारीरिक योग्यता
5.सामाजिक योग्यता

📚थर्स्टन के अनुसार :- बुद्धि मानसिक योग्यताओं का समूह है।

1.प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता
2.तार्किक तथा वाचक योग्यता

  1. सांख्यिकी योग्यता
    4.स्थानिक – दृश्य योग्यता
    5.समस्या – समाधान की योग्यता
    6.स्मृति संबंधी योग्यता
    7.आगमनात्मक – निगमनात्मक संबंधी योग्यता

📚 गार्डनर का बहू बुद्धि सिद्धांत :-

🌳संगीतिक बुद्धि :- इस बुद्धि के अन्तर्गत स्वर, लय, ताल,ध्वनि,गति,आरोह – अवरोह इत्यादि को पहचानने की योग्यता होती है।इसमें संगीत का भावात्मक ज्ञान होता है।

🌳तार्किक गणितीय बुद्धि :- इसके अन्तर्गत तार्किक रूप से सोचने – समझने की क्षमता आती है। जैसे :- गणितज्ञ🌸

🌳भाषाई बुद्धि :- इसके अन्तर्गत भाषा में निपुणता का विशेष महत्व है।इसमें शब्दों,वाक्यों के चयन,शब्दावली का गुण और योग्यता शामिल होती है।

🌳स्थानिक बुद्धि :- इसमें क्षेत्र विशेष या स्थान इत्यादि का मानसिक चित्रण करना और दिशा का ज्ञान आदि होता है।

🌳शारीरिक गति संवेदी बुद्धि :- इस बुद्धि के अनुसार हमारे शारीरिक – सांस्कृतिक व मानसिक क्षमताओं की प्रक्रिया आती है कि,हम कोई बात और कैसे अभिव्यक्ति कर सकते हैं।

🌳अंतर्वैयक्तिक बुद्धि :- इसमें दूसरों की भावनाओं को समझने की योग्यता होती है। जैसे कि :- डॉक्टर,राजनेता,शिक्षक इत्यादि।

🌳प्राकृतिक बुद्धि :- इसका प्रस्ताव वर्ष १९९५ में किया गया। इसके अन्तर्गत व्यक्ति में प्रकृति प्रेम तथा अनेक प्रकार की वनस्पतियों ,जीव – जंतुओं को पहचानने की क्षमता होती है।जैसे कि :- किसान🤗

🌳अस्तित्ववादी बुद्धि :- इसे वर्ष २००० में प्रस्तावित किया गया। इसके अन्तर्गत व्यक्ति स्वयं की क्षमता,वास्तविकता,अस्तित्व को जानकर उसके अनुरूप कार्य करता है।जैसे कि :- दार्शनिक 🌸

धन्यवाद् 👏


Notes by ➖✍️ Gudiya Chaudhary
👇👇👇

✳️✳️ थर्स्टन व कैलि का बुद्धि सिद्धांत ✳️✳️

🔷 इन्होंने प्राथमिक मानसिक क्षमताओं के सिद्धान्त प्रतिपादित किया। यह सिद्धांत बताता है कि बुद्धि में सात प्राथमिक क्षमताएं होती है।जो एक क्रियात्मक एकरुपता में कार्य करती है। बुद्धि इन अपेक्षाकृत एक दूसरे से स्वतंत्र मानसिक क्षमताओं के संयुक्त प्रयासों का परिणाम होता है जो स्वयं अपने आप में एक प्रमुख प्राथमिक कारक होता है।
◼️ बुद्धि की सात प्राथमिक क्षमताएं ➖
1️⃣ वाचिक बोध ➖ शब्दों, अवधारणाओं,सम्प्रत्ययो और विचारों के अर्थ को समझने की योग्यता है।
2️⃣ संख्यात्मक क्षमताएं ➖ संख्यात्मक और अभिकलनात्मक कार्यो को तीव्र गति, कुशलता और सटीकता से करने की क्षमता होती है।
3️⃣ स्थानिक क्षमता ➖ प्रतिमानों और रचनाओं के प्रत्यक्षीकरण करने की क्षमता।
4️⃣ प्रात्यक्षिक गति➖ सभी पांचों इंद्रियों का प्रयोग करके वस्तु के सम्पूर्ण विवरण के प्रत्यक्षीकरण करने की गति।
5️⃣ शब्द प्रवाह ➖ किसी विचार या स्थिति का वर्णन करने के लिए धाराप्रवाह और लचीले शब्दों का प्रयोग करने की क्षमता।
6️⃣ स्मृति ➖ सूचनाओं को सटीकता से याद रखने में परिशुद्धता की क्षमता।
7️⃣ आगमनात्मक तर्कना➖ तथ्यों और नियमों से सामान्य नियमों को प्राप्त करने की क्षमता। यह क्षमता इन गतिविधियों में पाई जाती है जो किसी प्रश्र में निहित नियमों और विचारों को खोज करने को आवश्यकता होती है।

🌸🌸 गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत 🌸🌸

🔷 गार्डनर ने 1983 में सात प्रकार की बुद्धि बताई है।
1️⃣ भाषाई बुद्धि ➖
भाषा के विभिन्न कार्यों को जानना, शब्दों की ध्वनियों, उनकी लय वह अर्थो के प्रति संवेदनशीलता होती है।
जैसे ➖ कवि, पत्रकार,लेखक,व्याख्याता, वकील।
2️⃣ तार्किक गणितीय बुद्धि ➖
तार्किक श्रृंखला को समझना,तर्क के प्रति संवेदनशील व तर्क या संख्यात्मक,प्रारुपो को खोजने की क्षमता
जैसे ➖ दार्शनिक, वैज्ञानिक,गणितज्ञ
3️⃣ संगीतात्मक बुद्धि ➖
विभिन्न ध्वनियो व स्वरो को निकालना व श्लाघा करना,संगीतात्मक अभिव्यक्ति के विभिन्न रूपों का अवबोध करना,लय, गति,अरोह व सौन्दर्यात्मक ध्वनियों का बोध व उन्हें तैयार करना।
जैसे ➖ संगीतकार, वायलिन
4️⃣ स्थानिक बुद्धि ➖
दृश्य बिम्ब तथा प्रतिरुप निर्माण के कौशल में निपुणता।
जैसे ➖ विमान चालक, नाविक, मूर्तिकार
5️⃣ शारीरिक गतिज बुद्धि ➖
अभिव्यक्ति हेतु अपने शरीर का कुशलतापूर्वक प्रयोग करना, लक्ष्य केन्द्रित उद्देश्यों के लिए शारीरिक अंगों को कुशलतापूर्वक प्रयोग करना, वस्तुओं का कुशलतापूर्वक प्रयोग करना।
जैसे ➖ एथलीट,तैराक,धावक खिलाड़ी
6️⃣ अन्तर्वैयक्तिक बुद्धि ➖
मनोभावों को पहचानना उनके अनुरूप अनुक्रिया करना,स्वभाव व अभिप्रेरकों को जानना व प्रदान करना।
जैसे ➖ अधिकारी, राजनेता
7️⃣ अन्तःवैयक्तिक बुद्धि ➖
अपनी निजी भावनाओं, अभिप्रेरणाओ व इच्छाओं की अभिज्ञता रखते हैं।
जैसे ➖ आध्यात्मिक नेता संत,योगी
🔷 1998 में 8वां प्रकार व 2000 में 9वां प्रकार जोड़ा गया। इस प्रकार वर्तमान समय में बुद्धि के 9 प्रकार है।
8️⃣ प्रकृतिवादी बुद्धि ➖
प्रकृति को जानने व पहचानने की क्षमता।
जैसे ➖ किसान,जीव वैज्ञानिक
9️⃣ अस्तित्ववादी बुद्धि ➖
मानव संसार के बारे में छिपे रहस्यों को ज़िन्दगी, मौत तथा मानव अनुभूति के वास्तविकता के बारे में जानने की क्षमता।
जैसे ➖ दार्शनिक चिंतक

Thanks 🌸🌸


✍🏻Notes By-Vaishali Mishra

🔆 बहुआयामी और बहुबुद्घि सिद्धांत➖
🔅बहुआयामी बुद्धि सिद्धांत(Multi Dementional inteeligency theory)➖
केली और थस्टर्न के अनुसार- बुद्धि की आधरिय मानसिक योग्यता (प्राथमिक मानसिक योग्यता) से ही बुद्धि का निर्माण होता है।
केली के अनुसार – कई कारक है जो बुद्धि को प्रभावित करते है जैसे

  • वाचिक योग्यता
  • संगीतात्मक योग्यता
  • स्थानिक सम्बन्ध में उचित व्यवहार करने की योग्यता
  • रुचि
    *शारीरिक योग्यता
    थ्रस्टर्न के अनुसार कई कारकों से बुद्धि प्रभावित होती है।
  • प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता
  • तार्किक तथा वाचिक योग्यता
    *सांख्यिकी योग्यता (तर्क लगाने में संख्याओं का प्रयोग करते हैं)
    *स्थानिक/दृश्य योग्यता
    *समस्या समाधान की योग्यता
    *स्मृति संबंधी योग्यता
    *आगमनतमक व निगमनात्मक योग्यता

🔅 बहूबुद्घि सिद्धांत(Multiple intelligence theory)➖
इस सिद्धांत को गार्डनर द्वारा दिया गया ।
व्यक्तियों के अंदर अलग अलग परिस्थिति के अनुसार अलग अलग प्रकार की सोच व बुद्धि होती है। इसी को देखते हुए गार्डनर ने बहु बुद्धि सिद्धांत दिया ।
( विशिष्ठ बुद्धि वहीं होती है जिसमे interest,ego,real talent,ऐसे लोगो को देखकर जिनको सम्मान मिला हो,या उनकी repotation इन सभी को देखकर हमारी जिस काम में विशिष्ठता होती है असल में वहीं हमारी उस काम की विशिष्ठ बुद्धि कहलाती है)
◼️गार्डनर के मूल सिद्धांत ➖ गार्डनर के मूल सिद्धांत में सात प्रकार की बुद्धि को दिया गया। बाद में अन्य दो को शामिल किया गया। सभी प्रकार की बुद्धि के प्रकार निम्नानुसार है।

▪️1) सांगीतिक बुद्धि➖एक अच्छी धुन, ताल, लय,गति,आरोह अवरोह की पहचान या समझ ही सांगीतिक बुद्धि कहलाती है। हमारे बोलने में,कुछ बजाने में इत्यादि में हर एक चीज की ध्वनि ही संगीत है ।

▪️2) तार्किक, गणितीय बुद्धि➖ हम कई समस्याओं का समाधान तर्क से ही खोजते है।
हमारे अंदर जो भी तर्क होता है वह हर जगह लगता है लेकिन जरूरी नहीं है कि वह जो तर्क है हर जगह सही ही हो,वह कभी गलत भी ही सकता है।यदि वह गलत है तो उसमें और ठीक तरीके से तर्क लगाकर उसे सही किया जा सकता है।

▪️3) भाषाई बुद्धि➖ शब्दावली का चयन,वाक्यों का चयन,यह सभी बहुत महत्वपूर्ण होते है।क्योंकि इन्हीं के द्वारा ही हम किसी के सामने सबसे पहले अपने व्यक्तित्व और व्यवहार को दर्शाते है।

▪️4)स्थानिक बुद्धि➖इस तरह की बुद्धि रखने वाले व्यक्तियो के पास आधिकता में किसी स्थान की छवि दिमाग में बन जाती है।
कभी कभी हम किसी स्थान सम्बन्धी समस्या के समाधान के लिए स्थानिक बुद्धि का प्रयोग करते है।

▪️5) शारीरिक गति संवेदी➖जब हम किसी बात को अभिव्यक्त करते है तो उस बात को हमे मानसिक के साथ साथ शारीरिक रूप से अपने हाव भाव के साथ अभिव्यक्त करना भी जरूरी होता है।
हमारे लक्ष्य के केंद्र के जो भी उद्देश्य वह शारीरिक रूप से भी दिखने चाहिए।

▪️6) व्यक्तिगत बुद्धि➖
वो व्यक्ति जो स्वयं का स्वभाव या संवेग से या खुद के नजरिए से देखकर ही अपने व्यवहार को निर्देशित करते है।
जैसे दार्शनिक लोगो में इस प्रकार की बुद्धि अधिकता में होती है।वह खुद के नजरिए से दुनिया को देखकर अपना व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।

▪️7)अंतर्वैयक्तिक बुद्धि➖जो व्यक्ति दूसरों के व्यवहार को या दूसरों की बुद्धि को देखकर ही अपने व्यवहार का प्रदर्शन करने लगते है।
जैसे शिक्षक,राजनेता, डॉक्टर इत्यादि।

▪️8) प्राकृतिक बुद्धि➖इसे 1995 में बताया गया ।
जो व्यक्ति प्रकृति से प्यार, लगाव,उसकी समझ, रक्षा,उसकी हानि होने पर दर्द,उसकी परवाह कई तरीको से सम्बन्धित होते है तब वह प्राकृतिक बुद्धि की श्रेणी में आते है।
जैसे – किसान, जैव वैज्ञानिक इत्यादि।

▪️अस्तित्ववादी बुद्धि ➖
इस तरह की बुद्धि रखने वाले व्यक्ति दुनिया की वास्तविकता य सच्चाई को जानते है और उसी के अनुसार अपने व्यवहार का प्रदर्शन करते है।
जैसे संत,महत्मा इत्यादि।


✍🏻manisha gupta ✍🏻 बहुआयामी सिद्धांत

यह सिद्धांत ‘केली एवं थर्सटन’ नामक मनोवैज्ञानिकों के द्वारा दिया गया है➖
🌸केली के अनुसार बुद्धि➖
1️⃣ वाचिक योग्यता(वक्ता)
2️⃣ संगीतात्मक योग्यता
3️⃣ स्थानिक संबंधों के साथ उचित ढंग से व्यवहार करने की योग्यता
4️⃣ रुचियात्मक योग्यता
5️⃣ शारीरिक योग्यता।

🌸थर्सटन के अनुसार बुद्धि के प्रकार ➖ बुद्धि मानसिक योग्यतओं का समूह होता है,
1️⃣ प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता
2️⃣ तार्किक तथा वाचक योग्यता
3️⃣ सांख्यिकी योग्यता
4️⃣ स्थानिक या दृश्य योग्यता
5️⃣ समस्या समाधान की योग्यता
6️⃣ स्मृति संबंधी योग्यता
7️⃣ आगमनात्मक- निगमनात्मक संबंधी योग्यता

🍁 गार्डनर का बहुबुद्धि सिद्धांत

गार्डनर के मूल सिद्धांत सात प्रकार के होते हैं

🌸 संगीतिक बुद्धि➖
स्वर, लय ,ताल ध्वनि, गति ,आरोह अवरोह, को पहचानने की योग्यता इस क्षेत्र में होती है। इस क्षेत्र में संगीत की भावात्मक का ज्ञान होता है।

🌸 तार्किक गणितीय बुद्धि➖
क्षेत्र में तार्किक रूप से सोचने की क्षमता शामिल होती है जैसे 💫गणितज्ञ💫

🌸 भाषा‌यी बुद्धि➖
इस क्षेत्र में भाषा में निपुण व्यक्ति शामिल होते है। इसमें शब्दों का चयन, वाक्यों का चयन ,शब्दावली के गुणों की योग्यता होती है। जैसे लेखक

🌸 स्थानिक बुद्धि➖ क्षेत्र में स्थान का ज्ञान , दिशा का ज्ञान।

🌸 शारीरिक गति संवेदी बुद्धि➖इस बुद्धि के अंतर्गत शारीरिक क्षमता व मानसिक क्षमताओं के प्रक्रिया आती है। इस बुद्धि के अंतर्गत किसी बात को किस प्रकार से अभिव्यक्त करना है आती है।

🌸व्यक्तिगत बुद्धि➖ इस प्रकार की बुद्धि में अपनी भावनाओं अपनी नजरिया से दूसरे दूसरों को देखने की योग्यता होती है। जैसे- दार्शनिक।

🌸 अंतर्वैयक्तिक बुद्धि ➖ दूसरों की भावनाओं को समझने की क्षमता या योग्यता । जैसे -राजनेता ,डॉक्टर, शिक्षक ।
🌸 प्राकृतिक बुद्धि➖ प्राकृतिक बुद्धि को 1995 में प्रस्तावित किया गया । क्षेत्र के अंतर्गत व्यक्ति में प्रकृति के प्रति प्रेम और वनस्पतियों जीव जंतुओं को पहचानने की योग्यता होती है।

🌸 अस्तित्ववादी बुद्धि➖ बुद्धि को 2000 में प्रस्तावित किया गया था।स्वयं के अस्तित्व को जानकर की वास्तविकता को जानना अस्तित्व वादी बुद्धि है ।जैसे -दार्शनिक

✍🏻💫🍁🌸🌸🍁💫✍🏻


Notes by ➖ Rashmi Savle

बहुआयामी बुद्धि( multi dimensional Intelligence)➖कैली/थर्सटन

कैली के अनुसार ➖ प्रारंभिक मानसिक योग्यता से बुद्धि का निर्माण होता है और वह प्रारंभिक मानसिक योग्यता
(1) वाचिक योग्यता ➖हमारे पास शब्दों को उचित समय पर कहने की योग्यता होना बहुत आवश्यक है |

(2) संगीतात्मक योग्यता ➖हमारे जीवन के हर पहलू पर संगीत है बस उसका एहसास होना आवश्यक है |

(3) स्थानिक संबंध से उचित व्यवहार करने की योग्यता➖ परिस्थिति के अनुसार स्थान की उचित पहचान की योग्यता होना अति आवश्यक है |

(4) रुचि➖ हमारी बुद्धि रूचि के अनुसार भी निर्भर करती है क्योंकि हम कोई भी कार्य रूचि के अनुसार भी करते हैं |

(5) शारीरिक योग्यता➖ शरीर संबंधी कारक का भी हमारी बुद्धि पर बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है जैसे शारीरिक रंग रूप गठन आदि |
इन सभी प्रकारों से हमारी बुद्धि बहुत अधिक प्रभावित होती है…….

थर्सटन के अनुसार ➖
(1) प्रत्यक्षीकरण संबंधी योग्यता
(2) तार्किक तथा वाचिक योग्यता
(3) सांख्यिकीय योग्यता
(4) स्थानिक या दृश्य योग्यता
(5) समस्या समाधान की योग्यता
(6) स्मृति संबंधी योग्यता
(7) आगमनात्मक/ निगमनात्मक योग्यता
यदि इन सभी प्रकार की योग्यताओं से बुद्धि का निर्माण होता है तो वह विशिष्ट और सामान्य दोनों ही प्रकार की योग्यता के अन्तर्गत होती है |

बहुबुद्धि सिद्धांत ( multiple intelligence) ➖गार्डनर
अलग अलग परिस्थिति में अलग अलग प्रकार से सोचना और उसी प्रकार से उपयोग करना ही बुद्धि है प्रत्येक व्यक्ति के पास अपनी एक विशिष्ट योग्यता होती है और यदि उसको पहचानना आ गया तो वह उस क्षेत्र में अच्छा कर सकता है और वह क्या अच्छा कर सकता है उसकी
रूचि (intrest)
अहम् (ego)
वास्तविक telent
ऐसे लोगों को देखा है जो वो कर रहे हैं
और वह किस क्षेत्र में लोकप्रिय है उनकी popularity कितनी है
ये सब परिस्थिति के अनुसार निर्भर करता है और इन सब में हमारा real telent निर्भर करता है |
गार्डनर के अनुसार बुद्धि के 9 सिद्धांत है जिनमें 7 मूल और 2 सिद्धांत बाद में जोडे़ गए हैं जो कि निम्न प्रकार से है➖

(1) सांगीतिक बुद्धि➖
इस प्रकार की बुद्धि जिसमें ध्वनि के सुर, लय, ताल, गति, आरोह, अवरोह आदि को पहचानने की कला ही सांगीतिक बुद्धि है |

(2) तार्किक गणितीय बुद्धि➖
परिस्थिति के अनुसार तर्क लगाना ही तार्किक गणितीय बुद्धि है अर्थात परिस्थिति के अनुसार समस्या का समाधान करना |जैसे वैज्ञानिक

(4) भाषाई बुद्धि➖
शब्दावली के शब्दों का चयन, क्रम, सही शब्दों का चयन आदि सब भाषाई बुद्धि के अन्तर्गत आता है जैसे लेखक ,कवि, पत्रकार |

(4) स्थानिक बुद्धि➖
स्थान का ज्ञान या समझ ही स्थानिक बुद्धि है |

(5) शारीरिक गति संवेदी ➖
परिस्थिति या भाव के अनुसार अपने शरीर के अंगो मे बदलाव या उनका परिचालन करना ही या उनको व्यक्त करने के तरीके को ही शारीरिक गति संवेदी बुद्धि है जैसे अभिनेता, अभिनेत्री आदि |

(6) व्यक्तिगत बुद्धि➖
स्वयं की बुद्धि के अनुसार दूसरों को पहचानना ही व्यक्तिगत बुद्धि है | जैसे साधु संत

(7) अंतर्वैयक्तिक बुद्धि➖
दूसरों की बुद्धि के अनुसार लोगों को पहचानना ही अंतर्वैयक्तिक बुद्धि है | जैसे डाक्टर, मार्केटिंग सेलर, शिक्षक, राजनेता आदि

(8) प्राकृतिक बुद्धि➖
प्राकृतिक को समझना ही प्राकृतिक बुद्धि है | जैसे किसान, जैव वैज्ञानिक आदि

(9) अस्तित्ववादी बुद्धि➖
स्वयं के अस्तित्व को पहचान कर वास्तविकता को जानना ही अस्तित्ववादी बुद्धि है | जैसे दार्शनिक

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🌈 बहु बुद्धि सिद्धांत
प्रतिपादक हावर्ड गार्डनर सन 1983
🌟गार्डनर के अनुसार किसी भी बालक की बुद्धि में 7 प्रकार की बुद्धि में पाई जाती हैं लेकिन बाद में उन्होंने 1998 में आठवां प्रकार प्राकृतिक बुद्धि बताया
✍ संगीत मत बुद्धि यह बुद्धि कुछ ही व्यक्तियों में होती है जिन व्यक्तियों को लाभ वाह गति के साथ ध्वनियों और चोरों को निकाला तथा ध्वनियों की गति में अवरोध आदि के ज्ञान होता है
जैसे बाद यंत्र बजाने वाले संगीतकार
✍ तार्किक बुद्धि मानसिक क्रियाएं तेज वह अर्थात तर्क वितर्क की क्षमता अधिक हो वह इस श्रेणी की बुद्धि में आते हैं
जैसे गणितज्ञ वैज्ञानिक आदि
✍ अंतर व्यक्ति की बुद्धि दूसरों के मनोभावों को पहचानना उनके भाव स्वभाव और अभिप्रेरणा को जानना ही अंतर व्यक्तिक बुद्धि कहलाती है
जैसे राजनेता चिकित्सालय विक्रय अधिकारी आदि
✍शारीरिक गतिक बुद्धि इस बुद्धि में शारीरिक और अधिक होता है
जैसे खिलाड़ी तैराक मुक्केबाज आदि
✍ अस्तित्व आदि बुद्धि मानव संसार के बारे में छिपे रहस्यों को जानना वास्तविकता का पता लगाना अस्तित्व वादी बुद्धि में आता है 0 जैसे चिंतन दार्शनिक आदि
✍ स्थानिक बुद्धि जिन व्यक्तियों में दृश्य आत्मक संचार तत्व प्रत्याक्षीकरण की क्षमता अधिक होती है वह स्थान एक बुद्धि में आते हैं जैसे मूर्तिकार चित्रकार सर्वेक्षण अधिकारी आदि-
✍ अंतरा व्यक्तिक या आत्मन विधि स्वयं की क्षमताओं कमियों और इच्छाओं या बुद्धिमत्ता ओं को जाना अंतरा व्यक्ति बुद्धि के अंतर्गत आते हैं इसमें योगी संत आदि
✍✍Menka patel


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