12 Sep♦️ बुद्धि♦️ ➖ किसी भी बातो, विचारों, भावनावो, मनोविज्ञानिक सोच को परोक्ष रूप देने की मानसिक प्रक्रिया है। बुद्धि, किसी व्यक्ति के संज्ञान को दर्शाता है। बुद्धि के द्वारा हम अपने जीवन मे, कोई भी निर्णय लेते है। बुद्धि के पक्ष में, अलग-अलग वैज्ञानिको ने अपनी अपनी राय दी।🔅 एक कारक बुद्धि➖ बिने, ने बुद्धि को एक कारक बुद्धि के रूप में बताया। इनके अनुसार, हमारी बुद्धि, अविभाज्य है, जिसे तोड़ा नहीं जा सकता जो सभी कार्यों का संचालन और व्यवहार को निर्देशित करती है। 🔅द्विकारक बुद्धि ➖ स्पेयरमैन ने द्विकारक बुद्धि को बताया, इन्होंने द्वि मतलब दो भागों में बांटा -1️⃣ सामान्य मानसिक योग्यता➖हर वयक्ति मे कार्य करने की सामन्य बुद्धि होती है। जिसे वो अपनी दैनिक दिनचर्या मे प्रयोग करता है। 2️⃣ विशिष्ट मानसिक योग्यता➖ विशिष्ट मानसिक योग्यता, विशिष्ट कार्य को दर्शाता है जैसे कोई व्यक्ति कला, निर्त्य, इंजीनियर, डॉक्टर, एक कुशल शिक्षक है, यह उसकी विशिष्ट योग्यता है। 🔅 बहु कारक बुद्धि ➖ E.Throndike ने बताया। इन्होने, इन्होंने बुद्धि के एक नहीं, द्वि नहीं, सभी पक्षों की बात की। हमारे अंदर विभिन्न प्रकार की योग्यताएं है, जिसके आधार पर हम कार्य करते हैं। 🔅 ग्रुप तत्व का सिद्धांत ➖ थर्स्टन ने यह सिद्धार्थ दिया, इन्होंने हमारे अंदर विद्यमान, विभिन्न प्रकार की शक्तियों को एक ग्रुप का नाम दे दिया यानी जो हम काम करते हैं वह विभिन्न प्रकार की योग्यताएं का समूह है। 🔅 त्रिआयामी बुद्धि ➖ गिलफोर्ड ने बुद्धि का यह सिद्धांत दिया.. इन्होंने बुद्धि के तीन पक्ष बताएं 1️⃣ विषय वस्तु(content)2️⃣ संक्रिया(operation) 3️⃣उत्पाद(product )……जब हमारे पास कोई कारण या विषय वस्तु होता है तो हम चिंतन करके उसके, रिजल्ट यानि उत्पाद तक पहुंचते है। 🔅 ठोस या द्रव्य बुद्धि➖ रेमंड कैटल ने यह सिद्धांत दिया। 🔹 द्रव्य बुद्धि➖ यह हमारे बेसिक नेचर यानी वंशानुक्रम में होता है, जिसे हम स्वत: करते हैं। 🔹ठोस बुद्धि➖ये हमें ,वातावरण यानि क्रियायों जो हम सीखते है उससे अर्जित होती है। 🖊️🖊️🖊️ इस प्रकार, अलग-अलग वैज्ञानिकों ने बुद्धि के बारे में, अपनी अलग-अलग राय दी जो हमें व्यक्ति के अंदर बुद्धि के विभिन्न पक्षों को समझने मे सहायक भूमिका करता है
♦️🌸🎊 💖…. 🖊️By ➖ 🎊आकांक्षा गुप्ता 🎊


✍🏻 Notes By-Vaishali Mishra 🔆 बुद्धि🔆

▪️बुद्धि हमारे ज्ञान, सोचने समझने की शक्ति,हमारी प्रतिभा,हमारी समझ है।
▪️सभी बौद्धिक, मानसिक और संज्ञानात्मक क्रियाएं बुद्धि ही है।
▪️बुद्धि हमे किसी कार्य को करने के लिए सभी तथ्यों को देखने , समझने, परखने और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करती है।
▪️किसी कार्य को भावनात्मक या संवेगात्मक रूप से करने में भी हम बुद्धि का ही प्रयोग करते है।जब हम किसी कार्य भावनात्मक रूप से करते है तो उस स्थिति में हम तात्कालिक निर्णय ले लेते हैं।
▪️ जीवन में हमे किसी परिस्थिति में भावनात्मक और बौद्धिक या मानसिक दोनों ही तरह की बुद्धि के द्वारा ही सामजश्य स्थापित करके उस परिस्थिति को व्यवस्थित कर लेते है।
▪️बुद्धि में ज्ञान के साथ साथ समझ भी आती है।
▪️बुद्धि वास्तव में वहीं है जिसका प्रयोग हम सही रूप से कर पाए जैसे यदि हमारे पास कोई समस्या है तो उसका समाधान निकालने के लिए हम हम सही रूप में बुद्धि का प्रयोग कर पाए।

🔅कई मनोवैज्ञानिक द्वारा बुद्धि के अलग अलग सिद्धांत दिए गए जिसमे से कुछ निम्न प्रकार है➖

🔸बुद्धि का एक कारक सिद्धांत➖
इस सिद्धांत को अल्फ्रेड बिने द्वारा दिया गया।इसमें उन्होंने बताया कि बुद्धि एक कारक है ,जिसको मानसिक शक्ति नाम दिया गया , इसी मानसिक शक्ति के द्वारा हम कार्य का संचालन करते है और यही एक कारक सिद्धांत कहलाता हैं।

  • बुद्धि एक है इसको विभाजित नहीं किया जा सकता है अर्थात बुद्धि अभिवजाज्य है।
  • बुद्धि सभी व्यवहार को निर्देशित करती है।
    *अल्फ्रेड विने के इस एक कारक सिद्धांत का समर्थन टरमन और बिने ने किया ।

🔸 स्पीयमेंन के अनुसार➖ बुद्धि दो कारक है।
✓1 सामान्य मानसिक योग्यता (G-factor)

✓2 विशिष्ठ मानसिक योग्यता(S-factor)

  • हर व्यक्ति में कुछ क्रियाएं सामान्य रूप से होती है जैसे खाना,पीना,सोना,आदि क्रियाएं।
    लेकिन हर व्यक्ति में कुछ न कुछ विशिष्ठ क्रियाए या special भी होता है जैसे चित्रकला,डांस,ड्रामा, पेंटिंग, सिंगिंग इत्यादि ।

🔸थोर्न डाईक के अनुसार➖
बुद्धि को बहू कारक बताया गया ।एक ऐसी बुद्धि जिसे विस्तारित या define नहीं किया जा सकता ।
हर किसी व्यक्ति में सामान्य ओर कोई न कोई विशिष्ठ क्रिया अवश्य होती है और यही दोनों सामान्य और विशिष्ठ क्रियाएं ही स्पेशल या बहू कारक ही कहलाती है।

🔸 थर्स्टन के अनुसार➖ बुद्धि का समूह कारक सिद्धांत दिया गया।
कई ऐसी चीजें,कई ऐसे तत्व, कई ऐसी क्रियाएं है जिनको एक सार करके एक समूह में रख सकते है।इसी आधार पर समूह कारक सिद्धांत दिया गया।

🔸 गिल्फॉर्ड ने ➖ बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धांत( 3D inteeligency ) दिया गया

जो भी हमारी मानसिक प्रक्रिया है उसको तीन अलग अलग डायमेंशन में विभाजित किया गया ।
बुद्धि तीन अलग अलग चीजों पर निर्भर करती है।
✓1 सांक्रिया
✓2 सूचना( सामग्री या विषय वस्तु)
✓3 उत्पादन

जब भी हमारे पास कोई समस्या या कोई कार्य(सांक्रिया) होती है उस समस्या या कार्य पर हमचिंतन(सूचना) करते है चिंतन करने से उस समस्या का या कार्य जा उचित और बेहतर उपाय निकाल (उत्पादन) लेते है।
यही समस्त क्रिया त्री आयामी बुद्धि सिद्धांत कहलाता हैं।

🔸 केटल के अनुसार➖ बुद्धि का ठोस तरल बुद्धि सिद्धांत दिया गया।

तरल या द्रव्य बुद्धि – जो काम हम आसानी से एक flow में किसी भी परिस्थिति में कर लेते है या दूसरे शब्दो में कहा जाए जो क्रियाएं हम स्वत: रूप से कर लेते है वहीं तरल या द्रव्य बुद्धि कहलाती है।
यह बुद्धि हमारी अनुवांशिकता का ही आधार है यह बुद्धि हमारी प्रकृति है।

ठोस बुद्धि – इस प्रकार की बुद्धि में हमारा वातावरण,अनुभव,हमारा अधिगम में जी भी बुद्धि प्राप्त की जाए या लगाई जाए वही ठोस बुद्धि कहलाती है।

” हमारी जो बुद्धि होती है उसमे शारीरिक और मानसिक रूप में आनुवंशिक और वातावरण का ही योगदान होता है।”


✍notes by ➖Rashmi Savle✍

🌺 बुद्धि (Intelligence) 🌺
किसी भी समस्या के समाधान के लिए जिस मानसिक क्षमता का प्रयोग किया जाता है उसे बुद्धि कहते हैं | या अपने मानसिक क्षमता के रूप में ज्ञान या संज्ञान को विकसित करना ही बुद्धि है…
बुद्धि में ज्ञान के साथ साथ समझ भी विकसित होती है और यह हमारे अनुभव के साथ और अधिगम के रूप में विकसित होती है..
बुद्धि हमारा वह सामान्य व्यवहार है जो किसी समस्या का समाधान निकालने के लिए प्रयोग किया जाता है..
कई मनोवैज्ञानिकों के अनुसार बुद्धि को अलग अलग प्रकार सिद्धांत दिए है जो कि निम्न अनुसार हैं ➖

🌸 बुद्धि के सिद्धांत 🌸

एक कारक सिद्धांत ➖अल्फर्ड बिने
किसी कार्य, व्यवहार को करने के लिए जिस मानसिक क्षमता का प्रयोग किया जाता है वह बुद्धि है जो कि एक ही कारक है इसी मानसिक क्षमता या शक्ति का प्रयोग हम सभी कार्यों के संचालन में करते हैं |
बुद्धि के एक कारक सिद्धांत के अनुसार “बुद्धि एक है इसको विभाजित नहीं किया जा सकता है बुद्धि एक मानसिक शक्ति है जो सभी कार्यों का संचालन करती है बुद्धि अविभाज्य है इसको विभाजित नहीं किया जा सकता |
इस सिद्धांत की सत्यता के लिए अल्फर्ड बिने का समर्थन टर्मन और स्टर्न ने किया….

बुद्धि का द्विकारक सिद्धांत➖ स्पीयरमैन
इस सिद्धांत के अनुसार हम सबके पास एक विशिष्ट योग्यता तथा एक सामान्य योग्यता होती है..
इन्होंने बुद्धि के दो कारक बताया

  1. सामान्य मानसिक योग्यता ➖जैसे इसमें रोजमर्रा के कार्यों को शामिल किया जा सकता है…
  2. विशिष्ट मानसिक योग्यता➖इसके अन्तर्गत सभी व्यक्तियों के पास एक विशिष्ट योग्यता होती है जैसे नृत्य करना, गीत गाना, cooking करना चित्रकारी करना आदि. …

बहुकारक सिद्धांत➖ थार्नडाइक
इस सिद्धांत के अनुसार सामान्य या विशिष्ट बुद्धि नाम की कोई चीज नही होती है सब कुछ अपने आप में विशिष्ट है सभी व्यक्तियों में अलग अलग प्रकार की अपनी विशिष्ट योग्यताएँ होती है जिनसे हम विशिष्ट कार्य करते हैं….

बुद्धि का समूह कारक सिद्धांत➖ थर्सटन
ऐसे कार्य या ऐसी प्रतिकात्मक जो हम कर सकते हैं उनका एक समूह बनाया जा सकता है….

त्रिआयामी बुद्धि ➖गिलफोर्ड
3D intelligence
बुद्धि तीन अलग अलग दिशाओं या तीन अलग अलग चीजों पर निर्भर करती है
१ सूचना सामग्री या विषय वस्तु
२ संक्रिया
३ उत्पादन
अर्थात् मस्तिष्क में कुछ बात आती है तो उस पर चिंतन कर धारणा बनाते हैं और उसके अनुसार हम अपनी बुद्धि को काम में लाते हैं…..
सूचना➡संक्रिया ➡उत्पादन

ठोस और द्रव बुद्धि (Fluid and crystal intelligence) ➖आर बी कैटल
इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि दो प्रकार की होती है ठोस और द्रव
द्रव ➖द्रव में हमारा सामान्य व्यवहार, जो कि वंशानुक्रम द्वारा प्राप्त होता है यह स्वत: चलते निरंतर चलते रहता है इसमें हमारी सामान्य योग्यताएँ आती हैं….
ठोस➖इसमें हमारी विशिष्ट योग्यताएँ आती है जो कि हमारे वातावरण, अनुभव और अधिगम से प्राप्त होती है इसमें हमें वातावरण को देखते हुए कार्य करना पड़ता है…


Notes by ➖ ✍️ Gudiya Chaudhary
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❇️❇️ बुध्दि (intelligent)❇️❇️

🔶 बुध्दि वह मानसिक शक्ति है जो वस्तुओं और तथ्यों को समझने उनमें आपसी सम्बन्ध खोजने तथा तर्कपूर्ण ज्ञान प्राप्त करने में सहायक होती है। यह भावना और अन्तःप्रज्ञा से अलग है। बुद्धि ही मनुष्य को नवीन परिस्थितियों को ठीक से समझने और उनके साथ अनुकूलित होने में सहायता करती है।
🔶 बुद्धि मनुष्य की वह जन्मजात शाक्ति एवं मानसिक योग्यता है जो व्यक्ति को समायोजन, समस्या समाधान, तर्क-वितर्क, चिन्तन-मनन की क्षमता प्रदान करती है। बुद्धि अमूर्त योग्यता है। इसका स्त्रोत वंशानुक्रम होता है।

✳️ बुद्धि के सिद्धान्त ➖
🔷 एक कारक सिध्दांत➖ यह सिद्धांत अल्फ्रेड बिने ने दिया है। इनके अनुसार बुद्धि एक ही तत्व से निर्मित है तथा समस्त क्षेत्रो में एक ही बुद्धि व्याप्त है। इन्होंने बुद्धि को अविभाज्य है,जिसे तोड़ा नहीं जा सकता है।जो सभी कार्यों का संचालन और व्यवहार को निर्देशित करती है।
🔷द्वि-कारक सिद्धान्त ➖ यह सिद्धांत स्पीयमैन ने दिया है। इनके अनुसार बुद्धि दो तत्वों से मिलकर बनी है।
1️⃣ सामान्य कारक (General factor)➖ यह सामान्य मानसिक योग्यता को दर्शाता है जिसकी आवश्यकता जीवन के सभी पक्षों में होती है।
2️⃣ विशिष्ट कारक (specific ability)➖ यह विशिष्ट योग्यताओं को दर्शाता है जैसे कला संबंधी योग्यता,संख्यात्मक योग्यता आदि।
🔷 थार्नडाइक के अनुसार ➖
थार्नडाइक ने बुद्धि को बहु-कारक बताया है। एक ऐसी बुद्धि जिसे विस्तारित नहीं किया जा सकता है। इनके अनुसार बुद्धि अनिश्चित,स्वतंत्र तथा प्राथमिक तत्वों का माध्य है। यह सभी तत्व एक दूसरे से स्वतंत्र होते हैं।

🔷 थर्स्टन के अनुसार ➖
इन्होंने बुद्धि का समूह कारक सिद्धांत दिया है।
कई ऐसी चीजें, तत्व एवं क्रियाएं हैं।जिनको एक साथ करके एक समूह में रख सकते हैं। इसी आधार पर समूह कारक सिद्धांत दिया गया।

🔷 गिल्फोर्ड के अनुसार ➖
इस सिद्धांत में बुद्धि मूल रूप से तीन तत्वों से निर्मित है ➖संक्रिया , विषय-वस्तु तथा उत्पादन।
बुद्धि एक तार्किक रचना है जिसको विषय सूची के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।
जब भी हमारे पास कोई समस्या या कार्य होता है उस समस्या पर हम चिन्तन करते हैं चिन्तन करने से उस समस्या का उचित और बेहतर उपाय निकाल लेते हैं।
यही समस्त क्रिया त्रि-आयामी बुद्धि सिद्धांत कहलाता है।

🔷 केटल के अनुसार ➖
इन्होंने तरल -ठोस बुद्धि का सिद्धांत दिया है।
इनके अनुसार ठोस बुद्धि के विकास में तरल बुद्धि एक सीमा निर्धारित करती है अर्थात अपनी अनुभूतियों से सीखने की क्षमता के विकास सीमा का निर्धारण आनुवांशिक कारकों से किया जाता है।
इस प्रकार बुद्धि में हमारा वातावरण, अनुभव,हमारा अधिगम से प्राप्त किया जाता है।
इस बुद्धि का सम्बंध तर्कणा क्षमता से होता है।


✍️manisha gupta✍🏻
🌸 बुद्धि(intelligence)

💫बुद्धि शब्द का प्रयोग सामान्यतः प्रतिभा ,ज्ञान ,समझष सोचने समझने की शक्ति ,बौद्धिक योग्यता, मानसिक योग्यता, संज्ञानात्मक योग्यता, इत्यादि के अर्थों में किया जाता है बुद्धि के द्वारा ही हम सही निर्णय ले पाते हैं बुद्धि वह शक्ति है जो यह ऑर्गेनाइज करती है कि किस परिस्थिति में कब और कैसे करना है बुद्धि से ही समस्या का समाधान बेहतर रूप से किया जा सकता है बुद्धि ही प्रत्येक व्यक्ति को अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम बनाती है। बुद्धि और भावनाओं का समावेश करना अनिवार्य है। बुद्धि अमूर्त चिंतन की योग्यता, वातावरण से सामंजस्य करने की योग्यता ,सीखने की योग्यता को समझने की योग्यता है।

🌈विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने बुद्धि से संबंधित विभिन्न सिद्धांतों का प्रतिपादन किया है➖

1️⃣ एक -कारक सिद्धांत➖ एक कारक सिद्धांत का प्रतिपादन विनय ने किया इस सिद्धांत का समर्थन करके इस को आगे बढ़ाने का श्रेय टरमन और स्टर्न जैसे मनोवैज्ञानिक को जाता है। इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि एक मानसिक शक्ति है जिसके द्वारा हम अलग-अलग कार्य को कर सकते हैं बुद्धि एक ऐसी मानसिक सकती है जिससे हम सभी कार्यों का संचालन करते हैं तथा व्यक्ति के समस्त व्यवहारों को निर्देशित करती है इस सिद्धांत में बताया गया है कि बुद्धि अविभाज्य होती है अर्थात बिने के अनुसार बुद्धि को विभाजित नहीं किया जा सकता है।सामान्य शब्दों में ऐसा कह सकते हैं कि पीने के अनुसार बुद्धि को एक शक्ति या कारक के रूप में माना गया है।

2️⃣ द्वि कारक सिद्धांत➖
इस सिद्धांत के प्रतिपादक स्पियरमन हैं इनके अनुसार बुद्धि में दो कारक होते हैं सामान्य कारक(सामान्य मानसिक योग्यता) और विशिष्ट कारक(विशिष्ट मानसिक योग्यता) ,इस सिद्धांत के अनुसार किसी भी कार्य को करने के लिए दो प्रकार की मानसिक योग्यता की आवश्यकता होती है उसे ही सामान्य मानसिक योग्यता तथा विशिष्ट मानसिक योग्यता कहते हैं प्रत्येक व्यक्ति में सामान्य मानसिक योग्यता के साथ-साथ कुछ ना कुछ विशिष्ट योग्यताएं भी होती हैं। एक व्यक्ति जिन क्षेत्रों में कुशल होता है उसमें उतनी ही विशिष्ट योग्यताएं पाई जाती हैं और सामान्य मानसिक योग्यता तो स्वतः ही होती है।

3️⃣ बहु कारक सिद्धांत[multifactor theory]➖। इस सिद्धांत के प्रतिपादक ‘थार्नडाइक’ हैं। इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि कई तत्वों से मिलकर बना होता है।प्रत्येक व्यक्ति में विशिष्ट योग्यताएं निहित रहती हैं जिनके कारण व विभिन्न कार्यों को संपादित करता है।

4️⃣ समूह कारक सिद्धांत(group-factor theory)➖. यह सिद्धांत ‘थर्सटन’ के द्वारा दिया गया है इस सिद्धांत के अनुसार विभिन्न क्रियाओं का एक ही समूह होता है ऐसा कह सकते कि काम अलग अलग हो सकता है लेकिन काम करने का तरीका एक ही है इस सिद्धांत में जो तत्व सभी प्रतिभात्मक योग्यता में तो समान नहीं होते हैं परंतु विभिन्न क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें समूह तत्व कहा जाता है इस सिद्धांत के द्वारा सामान्य तत्वों का भी खंडन किया गया है।

5️⃣ त्रिआयामी बुद्धि[3d intelligence]➖
‌‌ इस सिद्धांत के प्रतिपादक गिलफोर्ड हैं इनकी सिद्धांत के अनुसार बुद्धि तीन अलग-अलग दिशाओं पर निर्भर करता है
🌸 सूचना सामग्री या विषय वस्तु
🌸 संक्रिया
🌸 उत्पादन
अर्थात किसी भी सूचना सामग्री विषय वस्तु के बारे में हम अपने मस्तिष्क में चिंतन या मनन करते हैं और चिंतन या मनन करते हुए संक्रिया करते हैं संक्रिया का अर्थ तत्परता और क्रियाशीलता से होता है अर्थात हमेशा कह सकते हैं जब हमारे माइंड में कोई सूचना आती है तो हम उस पर चिंतन करते हैं या उस चिंतन के आधार पर एक धारणा बना लेते हैं उसी धारणा के अनुसार उस बुद्धि को प्रयोग में लाने का प्रयास करते हैं।
Information⛔⛔ operation⛔⛔ object ……

6️⃣ ठोस द्रव बुद्धि का सिद्धांत[fluid -crystalized theory]➖
इस सिद्धांत के प्रतिपादक आर. बी .कैटल है।
द्रव बुद्धि➖ द्रव बुद्धि हमारे अनुवांशिकता या सामान्य प्रकृति से संबंधित है यह स्वतः ही निरंतर चलते रहता है। इस बुद्धि में हमारी सामान्य योग्यताएं होती हैं।

ठोस बुद्धि➖ यह बुद्धि हमारे वातावरण, अनुभव ,अधिगम पर आधारित होता है बुद्धि का संबंध तर्क, क्षमता, प्रत्यक्षीकरण से होता है।
🍁🍁✨✨✨🍁🍁


By ➖ Anamika Rathore ✍️ 🍁🍁 बुद्धि 🍁🍁

♟️सभी बौद्घिक , मानसिक , संज्ञानात्मक और संवेग का अच्छे से ऑर्गेनाइज करना , बुद्धि है।
♟️बुद्धि को तात्कालिक सेंस पर डिसीजन लेने के लिए यूज किया जाता है।
♟️बुद्धि में ज्ञान के साथ समझ भी होती है।
♟️यदि हमारे पास कोई समस्या है तो उसका समाधान निकालने के लिए हम बुद्धि का प्रयोग करते है।
♟️किसी भी विषय में सोचने पर हमारी बुद्धि में एक कड़ी से दूसरी कड़ी जुड़ती चली जाती है और उसे हम समझ पाते हैं।

🍁🍁बुद्धि के सिद्धांत ➖

1️⃣ अल्फ्रेड बिने ==
( एक कारक सिद्धांत )

इसके अनुसार , बुद्धि एक कारक है यानी एक ही पॉवर ( मानसिक शक्ति ) है जो सभी कार्यों का संचालन करती है।
बुद्धि अविभाज्य है।
बुद्धि सभी व्यवहार को निर्देशित करती है।
समर्धन — टर्मन और सायमन ।
आलोचक — स्पीयर मेन।

2️⃣ स्पीयर मेन ➖
( द्वि कारक सिद्धांत )

इन्होंने बुद्धि के दो कारक बताए है–

1: सामान्य मानसिक योग्यता
2: विशिष्ट मानसिक योग्यता

@ प्रत्येक व्यक्ति की कुछ सामान्य क्रियाएं होती है , जिसे वह सामान्य रूप से करता है । जैसे – खाना , पीना , सोना आदि।
परन्तु प्रत्येक व्यक्ति में कुछ अलग अलग विशिष्ट क्रियाएं भी होती है जो उनमें अलग से होती है जैसे – चित्रकला , डांस , ड्रामा , सिंगिंग आदि।

3️⃣ थोर्न डाईक ➖
( बहु बुद्धि सिद्धांत )

इन्होंने बुद्धि को बहु कारकों में विभाजित किया।
ऐसी बुद्धि जिसे व्यक्त ( डिफाइन ) नहीं किया जा सकता है।
हर चीज अपने आप में विशिष्ट है।
जैसे – खाना , रोना , चित्रकला , डांस , सिंगिंग सोचना आदि सभी क्रियाएं सब कुछ विशिष्ट है।

4️⃣ थरस्टन ➖
( समूह कारक )

ऐसी चीजे या क्रियाएं जिनको एक साथ करके एक समूह में रख सकते है , समूह कारक कहते है।
जैसे – यदि कोई व्यक्ति पानी उबाल सकता है तो मैगी भी बना सकता है ।
अगर रोटी बना सकता है तो पराठे भी बना लेगा ।

5️⃣ गिलफॉर्ड ➖
( त्रि आयामी सिद्धांत )

बुद्धि तीन अलग अलग चीजों पर डिपेंड करती है।
1:: सूचना सामग्री या विषय वस्तु
2:: संक्रिया
3:: उत्पादन

जब भी हमारे पास कोई सूचना सामग्री समस्या ( इनपुट ) के रूप में आती है उस पर हम चिंतन करके या संकरिया ( प्रोसेस ) करके उसका समाधान निकाल कर उत्पादन ( आउटपुट ) तक पहुंचते है।

6️⃣ केटल ➖
( ठोस तरल बुद्धि )

जो काम व्यक्ति आसानी से किसी भी परिस्थिति में कर लेता है वह “”तरल बुद्धि”” कहलाती है।
यह बुद्धि हमारी प्रकृति और आनुवांशिकता से संबंधित है।

वह बुद्धि जिसके लिए व्यक्ति को एक्स्ट्रा या विशिष्ट चिंतन की जरूरत होती है , “”ठोस बुद्धि”” कहलाती है ।
यह बुद्धि हमारे पर्यावरण , अनुभव , अधिगम आदि से संबंधित है।
🙏


Date, 12/ 9/ 2020
📙 Nots by shanu sanwle 📙
बुध्दि ➖ ( intelligence )
✍️ बुध्दि क्या है
बुध्दि एक शक्ति है एक योग्यता ,एक मानसिक प्रक्रिया ,सभी पक्षों में सोचने ,समझने ,काम करने , निर्णय लेने की ,नवीन ज्ञान नवीन खोज , नवीन कार्य करने की एक चंचल , चुलबुली एक नाजुक सी परी है जो हमें Power full ,बनाती है हमे नवीन परिस्थिति वातावरण के समायोजन में , अनुकूल बनाती है।
💥 कई मनोवैज्ञानिको बुध्दि के अलग अलग सिध्दांत बताते हैं।
1️⃣ बुध्दि का एक कारक सिध्दांत ➖अल्फ्रेड बीने
बीने का साथ ,टर्मन, स्टर्न दिया है।
बीने ने कहा बुध्दि एक है एक ही शक्ति है जो सारे कार्य को संचालित करती है इसे विभाजित नहीं किया जाता ,यह अविभाज्य है बुध्दि कार्य को संचालन करती, व्यवहार को निर्देशित करती है जैसे एक भगवान है वैसे ही एक बुध्दि है।
2️⃣ बुध्दि का द्विकारक सिध्दांत ➖ स्पीयरमैन
( Two _factor theory )
स्पीयरमैन ने कहा बुध्दि का दो कारक है
सामान्य और विशिष्ट ,हर व्यक्ति के पास अपनी अपनी सामान्य और विशिष्ट कला होती है सामान्य
बुध्दि सब के पास होती है अगर कोई व्यक्ति बार बार महनत करके किसी चीज को प्राप्त कर लेता है तो वह उसके लिये विशिष्ट होती है
सामान्य+ विशिष्ट के मिश्रण से एक समुह बनता है इसे ही स्पीयरमेन का त्रिकारक सिध्दांत कहते हैं
🔸 सामान्य – जो हमें जन्म से ही मिलती है
🔸 विशिष्ट- जो हम वातावरण से अर्जित करते हैं
3️⃣ बुध्दि का बहुकारक सिध्दांत➖थार्नडाइक
( Multi – factor theory )
थार्नडाईक ने कहा बुध्दि एक या दो नही है ,
बुध्दि के बहुत कारक है बुध्दि अनिश्चित है सभी जगह बुध्दि एक विशिष्ट है बुध्दि में कई तत्त्व है बुध्दि रेत कि तरह छोटे छोटे अणु में काम करती है
4️⃣ बुध्दि का समुह कारक सिध्दांत / ग्रुप फैक्टर
( Group factor theory )
थस्टर्न ने दिया है
थस्टर्न ने कहा बुध्दि कई मानसिक क्रियाओ का एक ग्रुप या समुह हैं
5️⃣ बुध्दि का त्रि-आयामी सिध्दांत➖ गिलफोर्ड
Three dimensional theory
बुध्दि तीन दिशा में काम करती है हमारी मानसिक क्रिया तीन अलग अलग विमाओं बाटा है
1) सूचना, विषय वस्तु , सामग्री➖ contents – जो हम सोचते ,चिंतन करते ,सूचना इकट्ठी करते हैं वह सामग्री, विषय वस्तु है

2) संक्रिया ➖ opration, इसकी साहयता से हम चिंतन, मनन,सोच , विचार करते वह संक्रिया है process है
3) उत्पाद ➖ prouducts _ हमे जो सोच ,विचार करके ,विश्लेषण जो परिणाम मिलता है वह उत्पाद है
6️⃣ कैटल का तरल ,ठोस बुध्दि सिध्दांत
तरल बुध्दि ➖ जन्म से वंशानुक्रम द्वारा निधारित होती है यह बुध्दि सभी प्रकार कि समस्याओ को हल करने मदद करती है
ठोस बुध्दि _➖ यह वातावरण से अर्जित यह कार्य करने कि क्षमता प्रदान करती है अनुभव पर आधारित होने के करण समय के साथ व्यक्ति में इस बुध्दि का विकास होता है


By. Shashi choudhary…✒️
🌸बुद्धि🌸
🔺 बुद्धि मानसिक,बौद्धिक और संज्ञानात्मक क्रियाएं ही बुद्धि है।
🔺 बुद्धि हमे समस्या समाधान की एवं उद्देश्यो को प्राप्त करने की योग्यता है।
🔺 सीखने की योग्यता का नाम ही बुद्धि है।
🌸बुद्धि के सिद्धांत🌸
1️⃣ एक कारक सिद्धांत➖(अल्फर्ड बिने)- बुद्धि एक मानसिक शक्ति है जो सभी कार्यो का संचालन करती है।
बुद्धि अविभाज्य है।सभी व्यवहार को निर्देशित करती है।
समर्थक -टर्मन और स्टर्न।

2️⃣बुद्धि का द्धि कारक ➖स्पीयरमैन
इनके अनुसार बुद्धि दो कारक से मिलकर बनी है।
1➖ G- factor ( Genral factor)
2➖S- factor( Specific factor)
👉सामान्य मानसिक योग्यता(G)- ऐसी बुद्धि जो रोजमर्रा के कार्यो का संचालन करती है।
👉 विशिष्ट मानसिक योग्यता➖ सभी के पास कोई ना कोई विशिष्ट बुद्धि होती है।जैसे – नृत्य करना, चित्रकारी आदि।
3️⃣ बुद्धि का बहुकारक सिद्धांत ( थार्नडाइक)➖इसको बालू, आणविक सिद्धांक्त भी कहते है।
4️⃣ बुद्धि का समूहकारक सिद्धांत➖(थर्सटन)- ऐसी कई चीजे तत्व एवं क्रियाएं है जिन्हे एक समूह में रख सकते है। जैसे – कोई रोटी बनाना जानता है तो वह पराठा भी बना लेता है। तो इसे अलग ना करके समूह मे रखते है।
5️⃣ बुद्धि का त्रिआयामी, 3D.सिद्धांन्त (गिलफोर्ड)➖बुद्धि को तीन वर्गो में बांटा।1- सूचना सामग्री या विषय वस्तु
2-संक्रिया
3- उत्पादन
6️⃣ ठोस,तरल बुद्धि ➖ कैटल
” तरल बुद्धि”-जो काम आसनी से हो जाये। यह बुद्धि आनुवांशिकता से संबंधित है।
“ठोस बुद्धि”- इस बुद्धि मे व्यक्ति को विशिष्ट चिंतन की जरूरत होती है।
यह हमारे वातावरण, अनुभव और अधिगम आदि से सम्बन्धित है।
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📝Notes by ➖Puja kumari
🌸 Intelligence (बुद्धि)🌸
➡️ बुद्धि एक basic nature(ज्ञान,प्रतिभा एवं समझ) को कहते है। जिससे समस्या समाधान या किसी उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम होते है। इससे व्यक्ति की योग्यता का पता चलता है।

🔆 बुद्धि के संदर्भ में अलग अलग मनोवैज्ञानिक ने statement दिये है➖

🔅एक कारक बुद्धि का सिद्धांत➖अल्फर्ड बिने(1911), ने बुद्धि को एक -कारक बुद्धि कहा है। इसमे मानसिक शक्ति , सभी कार्यों का संचालन अलग-अलग प्रकार से होता है। बुद्धि अविभाज्य है, इसे विभाजित नही किया जा सकता है। और यह सभी व्यवहार को निर्देशित करती है।

🔅द्वि-कारक बुद्धि का सिद्धांत➖इस सिद्धांत का प्रतिपादन स्पीयरमैन ने किया। इसने बुद्धि को द्वि कारक बुद्धि कहा है➖
1).सामान्य मानसिक योग्यता ( G-factor )
2).विशिष्ट मानसिक योग्यता ( S-factor )
▪️हर व्यक्ति में दो अलग -अलग गुण पाए जाते है। सामान्य योग्यता सभी प्रकार की मानसिक कार्यो में पाए जाते है, लेकिन विशिष्ट योग्यता किसी विशेष कार्यो में पाया जाता है। जैसे- dance, singing, panting etc.ये सब गुण हर व्यक्ति के पास नही होती हैं, किसी special व्यक्ति में ही होती है।

🔅बहु कारक बुद्धि का सिद्धांत (multi factor)➖ इस सिद्धान्त का प्रतिपादन E.L.Thorndike ने किया है। इसने बुद्धि को बहुकारक बुद्धि कहा है। इनके अनुसार बुध्दि कई तत्त्वों का समूह है, यह सामान्य या विशिष्ट बुद्धि में नही बाटा जा सकता है ये कई स्वंत्रत या विशिष्ट योग्यता से ऊपर होती है। इसलिए बुद्धि को बहुकारक बुद्धि कहा गया है।

🔅समूह कारक सिद्धान्त➖इसका प्रतिपादन थर्स्टन के द्वारा किया गया है।थोर्स्टन ने बुध्दि को समूह कारक ( Group factor) कहा है। बुद्धि के कई चीजें या तत्व है, लेकिन कई लोगो मे कुछ न कुछ चीजे समान होती है। जो एक group factor में रखा जा सकता है। जैसे- किसी दो कामो में एक जैसे दिमाग लगाके काम कर सकते है।

🔅त्रि-आयामी बुद्धि का सिद्धांत ( 3D Intelligence )➖ बुद्धि का त्रि-आयामी सिद्धान्त J. P. GILFORD ने दिया है। बुद्धि एक मानसिक प्रक्रिया है। जो 3 अलग-अलग dimension में विभाजित किया गया है :-
|1.सूचना सामग्री
|विषय वस्तु
|
|________2.संक्रिया
/
/
/
3.उत्पादन
किसी भी सूचना सामग्री या विषय वस्तु को सुनते या देखते है, फिर चिंतन करके संक्रिया या कोई क्रिया करते है। और चिंतन के आधार पर ही कोई कार्य करते है। जिसे उत्पादन कहा जाता है।

🔅 द्रव,ठोस का सिद्धांत ( Fluid & Crystallised theory )➖ इस सिद्धांत के प्रतिपादक R.B.Cattel है। इनके अनुसार :-
👉🏻द्रव बुद्धि (Fluid intellgence) ➖द्रव बुद्धि हमारे heridity या हमारे basic nature से आता है। यह हम अपने situaction के अनुसार continue चलते रहता है।
👉🏻ठोस बुद्धि ( Crystallised intelligence )➖ इस बुद्धि में हमारी सामान्य योग्यता है, जो हम किसी से सीखते है या अधिगम करते है। इसमें हमारे वातावरण या अधिगम से या अनुभव से सीखते है। यही हमारी ठोस बुद्धि कहलाती है।
बद्धि में हमारे शारीरिक , वातावरण और अनुवांशिकता की अहम भूमिका होती है।

🌸🌸🌸🌸🌸by- puja🖋️📝
Thankyou🙏🙏🙏🙏🙏


Notes by :- Neha Kumari☺️

🌳Intelligence (बुद्धि)🌳
📚बुद्धि,ये एक ऐसी शक्ति,योग्यता,मानसिक प्रक्रिया,सोचने – समझने,कोई कार्य करने,निर्णय लेने,नवीन ज्ञान का खोज करने, तर्क करने तथा एक ऐसी चतुर,चंचल सी शक्ति है,जो हमारे जीवनकाल में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।तथा अनेक परिस्थितियों में हमें समायोजन की क्षमता विकसित करती है।इसके द्वारा है हमें अपने ज्ञान,प्रतिभा और क्षमता का पता चलता है।

📚बुद्धि के बारे में अनेक मनोवैज्ञानिकों ने भिन्न -२ प्रकार का सिद्धांत दिया। जो कि निम्नलिखित है :-

📚 सबसे पहले अल्फ़्रेड बिने ने एक – कारक बुद्धि का सम्प्रत्यय दिया।
▪️इनके समर्थक :- टरमन और स्टर्न।
▪️आलोचक :- स्पीयर मैन।

✍️इनके अनुसार,बुद्धि एक कारक यानी एक ऐसी मानसिक शक्ति है,जो सभी कार्यों का संचालन करती है।
▪️बुद्धि अविभाज्य है।
▪️बुद्धि सभी व्यवहारों को निर्देशित करती है।

📚स्पीयर मैन :- द्विकारक् सिद्धांत

✍️इनके अनुसार :- बुद्धि दो प्रकार की होती है।
1.सामान्य बुद्धि
2.विशिष्ट बुद्धि

▪️प्रत्येक व्यक्ति में कुछ सामान्य क्रियाएं होती हैं। जो कि वह सामान्य रुप से करते हैं।
जैसे कि :- खाना,पीना,सोना,रोना,हंसना इत्यादि।
▪️परंतु,प्रत्येक व्यक्ति में अलग – अलग प्रकार की विशिष्ट प्रक्रियाएं भी होती हैं जो उन्हें एक – दूसरे से पृथक बनाती हैं।
जैसे कि :- नृत्य करना,गाना गाना,नाटक करना,चित्रकला इत्यादि।

📚थोर्नडाईक :- बहू – बुद्धि सिद्धांत
▪️इन्होंने बुद्धि को अनेक कारकों में विभाजित किया।
✍️इनके अनुसार :- बुद्धि एक ऐसी विशेषता है,जिसे व्यक्त नहीं किया जा सकता। हर एक चीज अपने – आप में विशिष्ट है।
जैसे कि :- खाना – पीना, रोना – हंसना,चित्रकला,नृत्य,गाना,सोचना, तर्क करना इत्यादि। ये सारी अनेक प्रक्रियाएं हैं जो,हर एक मानव जाति में होती है,तथा प्रत्येक को एक – दूसरे से अलग बनाती है।

📚थर्स्टन :- समूह कारक

✍️इनके अनुसार :- बुद्धि एक समूह है,जिसमें विभिन्न प्रकार की मानसिक, तर्किक,सोचने – समझने,निर्णय लेने तथा अनेक प्रकार की क्षमता निहित है।
▪️जैसे कि :- कोई एक कार्य करते समय नई – २ अवधारणाओं का जागृत होना,जिससे हमारा कार्य और भी सुगम बन जाता है।

📚गिलफोर्ड :- त्रिआयामी सिद्धांत

✍️इनके अनुसार :- हमारी बुद्धि तीन दिशाओं में कार्य करती है :-
1.सूचना

  1. संक्रिया
    3.उत्पाद

1.सूचना :- देखना – सुनना,सोचना,चिंतन करना तथा सूचना इक्कठी करना।

  1. संक्रिय :- जिसकी सहायता से सोच – विचार,चिंतन – मनन आदि करते हैं।

3.उत्पाद :- हमें सोच – विचार,विश्लेषण करके हमें जो परिणाम प्राप्त होता है, वो उत्पाद कहलाता है।

📚 कैटल :- तरल – ठोस बुद्धि का सिद्धांत ।
▪️तरल बुद्धि :- ये बुद्धि हमारे वांशानुक्रम से जुड़ा हुआ होता है। जो कि हर एक व्यक्ति में विराजमान है, तथा हमारे अंदर जन्म से ही होता है।ये बुद्धि सभी प्रकार की समस्याओं को हल करने में हमारी मदद करती हैं।

▪️ठोस बुद्धि :- यह बुद्धि हम वातावरण से अर्जित करते हैं, ये अनुभव पर आधारित होती है।जो हमें अपने वातावरण के साथ सामंजस्य स्थापित करने में मदद करती है।

🙇‍♀️धन्यवाद् 🙇‍♀️


Nots by 💐 sapna sahu 💐
💐 बुद्धि 💐 (intelligence)
बुद्धि कई चीजो पर निर्भर करती है ज्ञान समझ प्रतिभा तर्क अदि
समस्या को सुलझाने में बुद्धि का उपयोग होता है
हम कभी भी किसी भी कार्य को करते है तो बुद्धि लगती है
💐 बुद्धि का एक कारक सिद्धान्त ( singal fector theory ) बुद्धि एक ही है परंतु अलग अलग तरीके से अपनाकर लोग इसका अलग अलग उपयोग करता है इसे मानसिक बुद्धि कहते है

बिने – बिने ने कहा है बुद्धि एक है इसे विभाजित नही किया जा सकता
बुद्धि अविभाज्य है
बुद्धि एक मानशिक शक्ति है
एक बुद्धि है जी सभी कार्यो को करती है
सभी व्यवहार को निर्देशित करती है
💐 टर्मन एंड स्टर्न ने इनको सहयोग किया 💐
2 🎂दुकारक बुद्धि (two fectur theory)
💐स्पीयर मेन : इन्होंने कहा कि बुद्धि एक नही दो है
1 सामान्य बुद्धि
2 विशिष्ट मानशिक योग्यता
सामान्य बुद्धि वह होती है जो हम सामान्य कार्य करते है जैसे खाना काम करना अदि
विशिष्ट बुद्धि वह होती है जो हर व्यक्ति में अलग अलगपै जाती है जैसे किसी में चित्रकारी किसी में कोई अच्छा खाना बनाता है कोई अच्छा गायक है ये बुद्धि सभी में अलग अलग होती है
🎂 बहुकारक सिद्धान्त बुद्धि
💐थार्नडाइक :- बुद्धि विशिष्ट योग्यता है
हर चीज अपने में विशिष्ट हो सकती है
कोई भी कार्य हो किसी भी प्रकार का कार्य अपने में विशिष्ट हो सकता है
💐थर्सटन :- कुछ चीजे होती है जी विशिष्ट होती है ऐसे की तत्व है जिसको हम मिलाकर एक संगठन बना सकते है
💐 गिलफोर्ड :- त्रियामी बुद्धि
1 सुचना
2संक्रिया
3 उत्पाद
1सुचना- सामग्री सभी विषय वस्तु आते है
2संक्रिया- सुचना पाकर हम कुछ संक्रिया करते है
3 उत्पाद- संक्रिया से हमें उत्पाद मिलता है
💐 R.b ketal.
फ्लूड एंड क्रिस्टलाइज्ड
ठोस /द्रव बुद्धि
ठोस – इसके अंदर वातावरण आता है
द्रव – इसके अंदर वंशानुक्रम आता है


🌼 बुध्दि 🌼

हम अपनी समस्या को जिस ज्ञान, समझ, प्रतिभा, क्षमता, तर्क आदि से समाधान करते हैं उसे हम बुध्दि कह सकते हैं।

हमारी सभी मानसिक, संज्ञानात्मक, बौध्दिक क्रियाऐ बुध्दि हैं। 🌼 बुध्दि के सिद्धांत 🌼

एक कारक सिध्दांत – बिने

बिने ने बुध्दि को एक मानसिक शक्ति कहा जिससे हमारे सभी कार्य संचलित होते हैं।
बुध्दि अविभाज्य है।
बुध्दि हमारे व्यवहार को निर्देशित करती है।
टर्मन और स्टर्न ने बिने का समर्थन किया।

द्विकारक सिध्दांत – स्पीयरमैन
स्पीयरमैन ने बुध्दि को दो मानसिक योग्यता मे बांटा

1 सामान्य मानसिक योग्यता (G- Factor)
2 विशिष्ट मानसिक योग्यता ( s-factor )

हमे अपने सामान्य कार्यो के हम अपनी सामान्य मानसिक योग्यता का उपयोग करते हैं और अपने विशेष कार्यो को करने के लिए विशिष्ट मानसिक योग्यता का उपयोग करते हैं।

बहुकारक सिध्दांत – थार्नडाइक

थार्नडाइक के अनुसार अलग अलग कार्य को करने के लिए अलग अलग मानसिक योग्यता का उपयोग करते हैं। सामान्य कोई भी कार्य सामान्य नही है।

समूह कारक सिध्दांत -थस्टर्न
हमे अलग अलग कार्य को करने के लिए अलग बुध्दि का उपयोग करते हैं परंतु उनमे से कुछ कार्य समान बुध्दि द्वारा होते हैं कुछ क्रियाऐ समान होती है इसे थस्टर्न ने जिन कार्यो को करने के समान बुध्दि का उपयोग किया जाता है उन्हें एक मे समूह रखा।

त्रिआयामी बुध्दि का सिद्धांत – गिल्फोर्ड

गिल्फोर्ड के अनुसार तीन अलग अलग चीजो पर निर्भर करती है

  1. सूचना या विषयवस्तु
  2. संक्रिया
  3. उत्पादन

जब हमारे पास कोई सूचना होती है तो उस पर हम अपने चिंतन द्वारा संक्रिया करते हैं और उत्पाद का निर्माण करते हैं।
यह सारी प्रक्रिया त्रि आयामी बुध्दि का सिद्धांत कहलाती हैं ।

ठोस और तरल बुध्दि का सिद्धांत – आर बी कैटल

कैटल ने बुध्दि को ठोस और तरल बुध्दि मे बाटा हैं
तरल( द्रव ) बुध्दि – जो काम हम अपनी मूल प्रवृति, वंशानुक्रम ( आनुवंशिकता) से करते हैं उसमे तरल बुध्दि का प्रयोग करते हैं।

ठोस बुध्दि – जो काम हम अपने वातावरण से सिख कर करते हैं या अर्जित करके करते हैं उसमे हमारी ठोस बुध्दि का उपयोग करते हैं।

रवि कुशवाह


💮बुद्धि💮

मष्तिष्क की वो क्षमता जिसके द्वारा हम किसी के संज्ञान मे तर्क और अपनी समझ अनुसार अपना विचार प्रकट करते है या समाधान देते है!

🌸बुद्धि के क्षेत्र मे कुछ महत्वपूर्ण योगदान सिद्धांतों के रूप मे :-

🌸🌻बुद्धि का एक कारक सिद्धांत :-
👉यह सिद्धांत अल्फ्रेड बिने द्वारा प्रस्तुत किया गया था!

इनका कहना था कि बुद्धि एक मानसिक शक्ति है जो हर परिस्थिति मे समान रहती है इनके अनुसार –
1) बुद्धि एक है जो अविभाज्य है!
2)बुद्धि एक है जो समस्त कार्यों को करती है!
3) बुद्धि एक है जो समस्त प्रकार के व्यवहार को प्रदर्शित करती है!

इनका पक्ष टर्मन और बिने भी लिया!

🌺🌻बुद्धि का द्विकारक सिद्धांत :-
👉यह सिद्धांत स्पियरमेन के द्वारा दिया गया था!

इनके अनुसार बुद्धि को दो कराकों मे समझा जा सकता है –
👉बुद्धि का सामान्य कारक(G-Factor) –
जिसके अंतर्गत सामान्य कार्य जैसे कि जो स्वाभाविक है और अवचेतन मन के द्वारा हमारी आदत मे है इनको करने मे सामान्य बुद्धि का प्रयोग होता है!
👉बुद्धि का विशिष्ट कारक (S-factor)- बुद्धि का ऐसा प्रयोग जिसमे हम असामान्य कार्यों को करने मे सक्षम होते है उसे विशिष्ट कारक कहा जाता है!

🌺🌻 बुद्धि का बहु कारक सिद्धांत –
👉 यह सिद्धांत थोर्नडाइक द्वारा दिया गया था!

इस सिद्धांत के अंतर्गत थोर्नडाइक का कहना है कि हर परिस्थिति मे बुद्धि अलग- अलग होती है! और सब अपने आप मे सामान्य एवं विशिष्ट होती हैं!

🌺🌻 बुद्धि का समूह कारक सिद्धांत –

👉यह सिद्धांत थर्स्टन द्वारा दिया गया था!
इन्होने कहा कि ऐसे काम जिनकी क्रियाएं एक समान हो उनको हम ग्रुप मे ले सकते है!

🌺🌻बुद्धि का त्रिआयामी सिद्धांत –

👉यह सिद्धांत गिलफोर्ड द्वारा दिया गया था!

गिलफोर्ड के अनुसार बुद्धि के तीन आयाम होते है जो कि निम्न प्रकार है :-
1)सूचना /सामग्री /विषय वस्तु (इनको हम एक input के रूप मे प्रयोग करते है)

2)संक्रिया (इसमे हम दी हुयी input पर प्रतिक्रिया करते है)

3)उत्पादन (input पर प्रतिक्रिया के फल स्वरूप जो परिणाम मिलता है उसे कहते है)

🌺🌻बुद्धि का ठोस एवं द्रव्य सिद्धांत –

👉यह सिद्धांत रेमन्ड बर्नार्ड कैटेल द्वारा दिया गया था!

1)इसमे इन्होने ठोस बुद्धि को वातावरणीय एवं अनुभव आधारित अधिगम से अर्जित बुद्धि को माना है!

2)और द्रव्य बुद्धि को इन्होने अनुवान्शिकता और वंशानूक्रम से संबंधित किया है!


by Vandana Shukla

💠 intelligence. 💠

💠 बुद्धि। 💠

➖बुद्धि एक सामान्य योग्यता है।

➖यह हमको समस्याओं का समाधान करने और उद्देश्यों को हम प्राप्त करने की क्षमता देती है।
➖ बुद्धि कई चीजों पर निर्भर करती है आपकी समझ ज्ञान का implementation आपका talent आपका expressive nature.

➖ बुद्धि व्यक्ति को विभिन्न बातों को सीखने में सहायता देती है।

🔅 बुद्धि के सिद्धांत

1️⃣ एक कारक सिद्धांत➖ बुद्धि का एक कारक सिद्धांत अल्फ्रेड बिने ने दिया।
बुद्धि एक मानसिक शक्ति है यह सभी कार्यों का संचालन करती है इसको विभाजित नहीं किया जा सकता , अविभाज्य होती है ,सभी व्यवहारों को निर्देशित करती है।
इसका समर्थन टर्मन एवं स्टर्न ने किया।

2️⃣ द्वि कारक सिद्धांत➖ यह सिद्धांत स्पियरमन ने दिया इन्होंने बुद्धि के दो तत्व होते हैं कहा 1-सामान्य तत्व या योग्यता-वे कार्य जो प्रत्येक व्यक्ति सामान्य करता है सामान्य तत्व के अंतर्गत आता है जैसे भोजन नीदं आदि।
2-विशिष्ट तत्व या योग्यता- प्रत्येक व्यक्ति में कुछ विशिष्ट योग्यताएं होती हैं जो उसे अन्य से भिन्न बनातीहैं जैसे नृत्य संगीत चित्रकला आदि।

3️⃣ बहु बुद्धि सिद्धांत-यह सिद्धांत थार्नडाइक ने दिया इन्होंने कहा बुद्धि को सामान्य विशिष्ट में नहीं बांटा जा सकता क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति में बहुत सारी योग्यताएं होती हैं जिनके कारण वह व्यक्ति बहुत सारे कार्य कर सकता है।

4️⃣ समूह कारक सिद्धांत -इस सिद्धांत को थर्सटन ने दिया ।इनके अनुसार बुद्धि की संरचना मूल कारकों के समूह से होती है दो तीन मूल कारक मिलकर एक समूह का निर्माण करते हैं।

5️⃣ त्रिआयामी बुद्धि-इस सिद्धांत का प्रतिपादन गिलफोर्ड ने किया। इन्होंने बुद्धि को तीन तत्वों में बांटा 1संक्रिया 2 विषय वस्तु 3उत्पादन ।सबसे पहले हमारे पास जब कोई समस्या आती है उस समस्या के निदान के लिए हम उस पर चिंतन करते हैं और चिंतन के बाद उस समस्या का हल निकालते हैं।

6️⃣ ठोस बुर्द्धि और तरल बुद्धि – इस बुद्धि के सिद्धांत को रेमंड बी. कैटल ने दीया ।इन्होंने बुद्धि को दो तत्वों में बांटा ठोस बुद्धि और तरल बुद्धि।
बुद्धि की तरल या फ्लूइड बुद्धि सामान्य योग्यता वंशानुक्रम कारकों पर निर्भर करती है जबकि क्रिस्टलाइज्ड या ठोस योग्यता अर्जित कारकों के रूप में होती है ।

कैटल के अनुसार तरल बुद्धि वंशानुक्रम से संबंधित होती है तथा जन्मजात होती है जबकि ठोस बुद्धि वातावरण से संबंधित होती है जो अर्जित होती है।

धन्यवाद


By admin

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