बुद्धि के प्रकार

थार्नडाइक / गैरेट के अनुसार 3 प्रकार की बुद्धि होती है |
(1) मूर्त बुद्धि
(2) अमूर्ति बुद्धि
(3) सामाजिक बुद्धि

(1) मूर्त बुद्धि ➖ इसे गामक या यांत्रिक बुद्धि भी कहते है इस बुद्धि का संबंध यंत्रो व मशीनो से होता है |

(2) अमूर्त बुद्धि ➖ इस बुद्धि का संबंध अप्रत्यक्ष तथ्यो या पुस्तकीय ज्ञान से होता है |

(3) सामाजिक बुद्धि ➖ इस बुद्धि का संबंध सामाजिक अनुकूलनशीलता से होता है |

बुद्धि के सिद्धांत ➖

(1) एकतत्व का सिद्धांत –
प्रतिपादक – अल्फ्रेड बिने (1911)
बुद्धि सामान्य तत्व है |
सहयोगी – टर्मन , स्टर्न
इसे निरंकुशवादी सिद्धांत कहा जाता है |
1905 — मानसिक आयु (बुद्धि परीक्षण)
1911 — टर्मन

(2) द्वितत्व का सिद्धांत ➖
प्रतिपादक — स्पीयरमैन (1904)
ब्रिटेन / लंदन

बुद्धि के दो तत्व ➖

(1) सामान्य तत्व — जन्मजात
(2) विशिष्ट तत्व — अर्जित
बाद में स्पीयरमैन एक और तत्व समूह तत्व जोड़ दिया और सिद्धांत कहलाया |
त्रितत्व सिद्धांत — 1911
(G+S = Group)

बहुतत्व सिद्धांत ➖
थार्नडाइक (USA)
व्यक्ति जितनी भी मानसिक क्रियाऐ करता है उतने तत्व बुद्धि के अंतर्गत पाए जाते है |
थार्नडाइक ने अपने सिद्धांत की तुलना बालु के ढेर से करते हुए ऊँचाई , चौडाई क्षेत्र , गति की चर्चा की है |
बालु का सिद्धांत — मात्रा का सिद्धांत

Notes by ➖ Ranjana Sen

बुद्धि के प्रकार

थार्नडाइक और गैरिट के अनुसार बुद्धि तीन प्रकार की होती है

  1. मूर्त बुद्धि या गामक बुद्धि/ यांत्रिक बुद्धि
  2. अमूर्त बुद्धि
  3. सामाजिक बुद्धि
  4. मूर्त बुद्धि-इसे गामक या यांत्रिक बुद्धि भी कहते हैं इस बुद्धि का संबंधी यंत्रों व मशीनों से होता है
  5. अमूर्त बुद्धि- इस बुद्धि का संबंध अप्रत्यक्ष तत्व या पुस्तकीय ज्ञान से होता है
  6. सामाजिक बुद्धि-इस बुद्धि का संबंध सामाजिक अनुकूलन शीलता से होता है

बुद्धि के सिद्धांत

  1. एकतत्व सिद्धांत
    प्रतिपादक -अल्फ्रेड बिने
    सहयोगी-टर्मन और स्टर्न
    समय-1911
    बुद्धि एक सामान्य तत्व है
    इसे निरकुंशवादी सिद्धांत भी कहा जाता है
  2. द्वितत्व /बुद्धि का द्वय शक्ति / सामान्य और विशिष्ट बुद्धि सिद्धांत
    प्रतिपादक-स्पीयरमैन
    समय व स्थान-1904 में ब्रिटेन लंदन में

इन्होंने बुद्धि के दो तत्व माने है

  1. सामान्य तत्व G factor -जन्मजात
  2. विशिष्ट तत्व S factor -अर्जित

बाद में 1911 में स्पीयरमैन ने इसमें एक और तत्व समूह तत्व जोड़ दिया और यह सिद्धांत त्रि तत्व सिद्धांत कहलाने लगा

सामान्य तत्व + विशिष्ट तत्व= समूह तत्व

  1. बहुतत्व या बहुकारक सिद्धांत

प्रतिपादक- थार्नडाइक अमेरिका
व्यक्ति जितनी भी मानसिक क्रिया करता है उतने तत्व बुद्धि के अंतर्गत पाए जाते हैं
थार्नडाइक ने अपने सिद्धांत की तुलना ‘बालू के ढेर ‘ से करते हुए ऊंचाई, चौड़ाई, क्षेत्र, गति की चर्चा की है
बालू का सिद्धांत को मात्रा का सिद्धांत भी कहा जाता है

Notes by Ravi kushwah

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