🔆 अभिप्रेरणा देने वाले घटक🔆

🔰 जॉन. पी. डिस्को के अनुसार ➖

➡️ उत्तेजना
➡️ आकांक्षा
➡️ प्रोत्साहन
➡️ दण्ड

🎯 अभिप्रेरणा के सिद्धान्त 🎯

1️⃣ मूल प्रवृत्ति का सिद्धांत ➖

मैक्डूगल,, जेम्स,,बर्ट

2️⃣ सक्रिय सिद्धांत ➖
मेल्लो ,,सोलेसबरी,,,लिडंसले

3️⃣ चालक सिद्धांत ➖
वुडवर्थ

4️⃣ अभिप्रेरणा स्वास्थ्य सिद्धांत ➖
फ्रेड्रिक हर्जबर्ग

🎲 मैस्लो का आवश्यकता पदानुक्रम सिध्दांत ➖ अब्राहम मैस्लो 🎲

🌀 महत्वपूर्ण बातें ➖

1️⃣ मनुष्य की पूरी ना होने वाली जरूरत व्यवहार को प्रभावित करती हैं।

2️⃣ मनुष्य की अनेक जरूरत होती हैं लेकिन उसका निष्पादन क्रमवार उनकी महत्वपूर्णता के हिसाब से होता है।

3️⃣ निम्न स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती है तो आप आगे कदम बढ़ा देते हैं।

4️⃣ मनोवैज्ञानिक स्वस्थता व्यक्तिपरकता पदानुक्रम पर जल्दी प्रगति करते हैं।

🔰 मैस्लो के पदानुक्रम के अनुसार 5 आवश्यकताएं होती है-

🔸 शारीरिक आवश्यकता
🔸 सुरक्षा की आवश्यकता
🔸 आत्मीयता/तदात्मिकता का संबंध
🔸आत्मसम्मान की आवश्यकता
🔸 स्वप्रत्यक्षीकरण

1️⃣ शारीरिक आवश्यकता ➖
शारीरिक आवश्यकताएं मानव अस्तित्व के लिए जरूरी हैं अगर यह आवश्यकता पूरी नहीं हुई तो मानव उचित रूप से कार्य नहीं कर पाएगा। वह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल नहीं हो पाएगा मनुष्य और जानवर के लिए जीवन जीने के लिए वायु पानी और भोजन की आवश्यकता होती है यानी कि यह बुनियादी आवश्यकताएं हैं। इनके अलावा मनुष्य के लिए कपड़े और जीवन यापन करने के लिए आवास की आवश्यकता जरूरी है।

2️⃣ सुरक्षा की आवश्यकता ➖
जब व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें पूरी हो जाती है तो व्यक्ति सुरक्षा की ओर आगे बढ़ता है इसमें वह व्यक्तिगत सुरक्षा वित्तीय सुरक्षा स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा आदि उसके व्यवहार में दिखाई पड़ने लगती हैं।

3️⃣ तदात्मिकता / अत्मीयता की आवश्यकता ➖
शारीरिक और सुरक्षा की आवश्यकता पूरी हो जाने के बाद मानव आत्मीयता की आवश्यकता के लिए आगे बढ़ता है इसमें परिवार दोस्त और संबंधी शामिल होते हैं। इसमें सामाजिक समूह के क्लब खेल समूह और ग्रोए शामिल होते हैं।

4️⃣ आत्मसम्मान की आवश्यकता ➖
प्रत्येक मनुष्य चाहता है कि उसे आत्म सम्मान मिले समाज में उसे स्वीकृति प्रदान हो उसकी भावनाओं को समाज में सहज रूप से स्वीकृति प्रदान की जाए उसके विचारों को समाज में रखने का मौका प्राप्त हो और साथ ही साथ उसके विचारों को समाज के द्वारा स्वीकृत किया जाए। वह अपने लिए स्वतंत्रता आत्म सम्मान और अपने अनुभव को समाज में स्वीकृति प्रदान कराना चाहता है।

5️⃣ स्वप्रत्यक्षीकरण➖
स्वप्रत्यक्षीकरण की आवश्यकता में जो व्यक्ति को अपनी संभाव्यताओ को पूरा करने के अभिप्रेरणा में परिलक्षित होती है स्व प्रत्यक्षीकरण व्यक्ति आत्मजागरूक समाज के प्रति अनु क्रियाशील सृजनात्मक स्पूर्ति तथा नवीनता एवं चुनौतियों से मुक्त होता है।

🔰 Notes by ➖
✍️ Gudiya Chaudhary

🌼🌼अभी प्रेरणा देने वाले घटक🌼🌼

🌼जॉन पी डिस्को ——
🌼उत्तेजना
🌼आकांक्षा
🌼प्रोत्साहन
🌼दंड

🌼🌼 अभिप्रेरणा के सिद्धांत 🌼🌼
🌼🌼मूल प्रति का सिद्धांत– मैक्डूगल, जेम्स बर्ट,
🌼🌼सक्रिय सिद्धांत –मेल्मो , सोलेसबरी, लिंडसपे ,!
🌼🌼चालक सिद्धांत — वुड वर्थ
🌼🌼अभिप्रेरणा स्वास्थ्य सिद्धांत– फ्रेंडरिक हर्जवर्ग

🌼🌼🌼महत्वपूर्ण बातें🌼🌼🌼
🌼1़़- मनुष्य की पूरी ना होने वाली जरूरत व्यवहार को प्रभावित करती हैं
🌼2.-मनुष्य की अन्य जरूरत होती है लेकिन उसका निष्पादन क्रमवार उसकी महत्वपूर्ण था के हिसाब से होता है
🌼3.-स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती है आप आगे कदम बढ़ा देते हैं
🌼4. -मनोवैज्ञानिक स्वस्थ व्यक्ति पदानुक्रम पर जल्दी प्रगति करते हैं
🌼🌼🌼🌼🌼🌼

🌼🌼🌼मैस्लो के अनुसार 🌼🌼
🌼🌼आवश्यकता का पदानुक्रम 🌼🌼

🌼🌼1..शारीरिक जरूरत -(भूख ,सोना, प्यार, सेक्स,इत्यादि) — शारीरिक जरूरत, भूख, सोना, प्यार ,सेक्स इत्यादि मानव अस्तित्व के लिए आवश्यक है मनुष्य हो या जानवर दोनों के जीवन यापन के लिए वायु, जल ,भोजन की आवश्यकता होती है यानी यह बुनियादी आवश्यकताएं हैं इसके अलावा कपड़े और जीवन यापन करने के लिए आवास की आवश्यकता होती है

🌼🌼2 ..सुरक्षा की जरूरत-( शारीरिक ,नौकरी, संसाधन ,स्वास्थ्य ,प्रॉपर्टी ,आदि की जरूरत) जब मनुष्य की शारीरिक जरूरतें पूरी हो जाती हैं तो वह व्यक्ति अपनी सुरक्षा की ओर बढ़ता है जिसमें शारीरिक सुरक्षा ,नौकरी सुरक्षा संसाधन लेने की लालसा,स्वास्थ्य सुरक्षा , वित्तीय सुरक्षा आदि की जरूरत होती है जो उसके व्यवहार में दिखाई पड़ने लगती हैं

🌼🌼3..तादात्मिकता या संबंध-( दोस्ती ,परिवार, स्वास्थ्य, जीवन साथी, इत्यादि )
जब हमारी शारीरिक और सुरक्षा की आवश्यकता पूरी हो जाती है तब आत्मीयता की ओर बढ़ता हैं इसमें परिवार ,दोस्त , जीवनसाथी इत्यादि शामिल होते हैं इसमें हम सामूहिक कार्य में शामिल हो जाते हैं और सामाजिक कार्य करने लगते है।।

🌼🌼4..आत्मसम्मान-( स्व विश्वास ,उपलब्धि दूसरों का सम्मान ,दूसरों से सम्मान आदि)
प्रत्येक मनुष्य के अंदर एक आत्मसम्मान की भावना होती है आत्मसम्मान में उसका स्वयं पर विश्वास ,उपलब्धि ,दूसरों से सम्मान की इच्छा, दूसरों को सम्मान देने की इच्छा आदि आता है

🌼🌼5..प्रत्यक्षीकरण -( समस्या निवारण, रचनात्मकता ,सहजता, भेदभाव से परे, तथ्य को स्वीकृति आदि) स्व प्रत्यक्षीकरण में व्यक्ति आत्म जागरूक हो जाता है जिसमें समाज के प्रति अनुक्रिया सृजनात्मकता नवीन चुनौतियां आदि से मुक्त होता है

🌼🌼notes by manjari soni

📖 📖 अभिप्रेरणा देने वाले घटक 📖 📖

🌺🌿🌺 जॉन. पी. डिस्को (jon. P. Disko) के अनुसार अभिप्रेरणा के चार घटक 🌺🌿🌺

👉🏻 उत्तेजना,
👉🏻 आकांक्षा,
👉🏻 प्रोत्साहन,
👉🏻 दंड।

🌻🌿🌻 अभिप्रेरणा के मुख्य सिद्धांत 🌻🌿🌻

👉🏻 मूल प्रवृत्ति का सिद्धांत- मैक्डूगल, जेम्स, सीरियल बर्ट।
👉🏻 सक्रिय सिद्धांत – मोल्मो, सोलेसबरी, लिण्डसपे।
👉🏻 चालक सिद्धांत – वुडवर्थ।
👉🏻 अभिप्रेरणा स्वास्थ्य सिद्धांत- फ्रेडरिक, हर्जवर्ग।

🌷🌱🌷 अभिप्रेरणा के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण तथ्य 🌷🌱🌷

🍁 मनुष्य की पूरी ना होने वाली जरूरत है, व्यवहार को प्रभावित करती हैं।
अर्थात कहने का आशय है, कि बालक की या मनुष्य की आवश्यकताऐ कभी भी पूरी नहीं होती है। यह आवश्यक तो समाप्त होने पर दूसरी आवश्यकता प्रारंभ हो जाती है। इसी तरह निरंतर जीवन पर्यंत चलती रहती है, इसका कभी अंत नहीं होता है।

🍁 मनुष्य की अनेक जरूरत होती है, लेकिन उसका निष्पादन क्रमवार उसकी महत्वपूर्णता के हिसाब से होता है।
अर्थात हम कह सकते हैं, कि मनुष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति तो होती है। लेकिन सभी आवश्यकताओं का एक निश्चित क्रम होता है। और वह क्रम के हिसाब से ही सभी आवश्यकताएं पूरी होती है।

🍁 निम्न स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती है, तो वह ओर आगे की ओर कदम बढ़ाता है।

🍁 मनोवैज्ञानिक स्वच्छता व्यक्ति परक पदानुक्रम पर जल्दी ही प्रगति करते हैं।

🌺🌴🌺 मैस्लों का आवश्यकता का सिद्धांत 🌺🌴🌺

🍂🍃 शारीरिक जरूरत ~
मैस्लो ने अपने सिद्धांत के अंतर्गत सबसे पहले शारीरिक आवश्यकताओं को रखा है। इसके बिना व्यक्ति अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकता है। इसके अंतर्गत मैस्लो ने भूख, प्यास, नींद एवं यौन संबंधों को प्राथमिकता दी है। उनका मानना है, कि अगर व्यक्ति की यह आवश्यकताएं पूरी ना हो, तो वह अन्य आवश्यकताओं की कल्पना नहीं कर सकता है।

🍃🍂 सुरक्षा की जरूरत ~
मैस्लो ने अपने सिद्धांत के अंतर्गत दूसरे स्थान पर सुरक्षा को रखा है। इसके अंतर्गत उन्होंने कहा कि व्यक्ति अपनी शारीरिक आवश्यकताओं के पश्चात ही अपनी नौकरी, सुरक्षा, प्रॉपर्टी, मकान इत्यादि सभी चीजों के बारे में सोचता है। लेकिन तब जब उसकी प्राथमिक या शारीरिक आवश्यकताओं की पूर्ति हो उसके बाद ही वह इनके बारे में सोचेगा।

🍂🍃 तादात्मिकता का संबंध ~
मैस्लो के सिद्धांत के अंतर्गत तीसरे स्थान पर उन्होंने संबंध के विषय में चर्चा की है। अर्थात शारीरिक सुरक्षा एवं शारीरिक आवश्यकताओं के पश्चात उन्होंने संबंधों को स्थान दिया है। जिसके अंतर्गत वह दोस्तों के साथ संबंध स्थापित करता है। अपने परिवार एवं जीवन साथी के विषय में भी वह कदम उठाने का प्रयास करता है।

🍃🍂 आत्म सम्मान~
जब व्यक्ति की उपरोक्त तीनों आवश्यकता की पूर्ति हो जाती है। तब वह आत्मसम्मान की आवश्यकता को अपनाता है। अर्थात मैस्लो ने अपने सिद्धांत में चौथे स्तर पर आत्मसम्मान को स्थान दिया है। इसके अंतर्गत व्यक्ति स्वयं के ऊपर विश्वास एवं उपलब्धि इत्यादि को पाना चाहता है। एवं इसके साथ-साथ वह दूसरों का सम्मान करना तथा दूसरों से अपना सम्मान पाने की इच्छा भी रखने लगता है।

🍂🍃 स्व प्रत्यक्षीकरण~
यह मैंस्लो का पांचवा स्तर है, जिसमें जिसमें उन्होंने कहा है, कि व्यक्ति अपने सभी स्तरों की पूर्ति होने के पश्चात इस स्तर पर आता है। इसमें वह सभी की प्राप्ति होने पर आत्मसिद्धि को अपनाता है। जैसे कि वह कई प्रकार की समस्या निवारण, रचनात्मकता, सहजता इत्यादि के भागों को विकसित करता है। और भेदभाव से अलग रहने लगता है, भिन्न-भिन्न प्रकार के तथ्यों को अपनाने व स्वीकारने लगता है।

📚 📚 📚 📕 समाप्त 📕 📚 📚 📚

✍🏻 PRIYANKA AHIRWAR ✍🏻

🌻🌷🌿🙏🏻🌺🌻🌷🌿🙏🏻🌺🌻🌷🌿🙏🏻🌺🌻🌷🌿🙏🏻
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🏋️अभिप्रेरणा देने वाले घटक🏋️

✍️जॉन पी डिस्को के द्वारा अभिप्रेरणा के निम्नलिखित घटक है

🎯उत्तेजना÷
✨उदाहरण भूख लगने पर रोटी के लिए उत्तेजित होना,

🎯आकांक्षा

🎯प्रोत्साहन

✍️ अभिप्रेरणा के सिद्धांत
🎯मूल प्रवृत्ति का सिद्धांत ÷ मैकडूगल ,जेम्स, वर्ट

🎯सक्रिय का सिद्धांत ÷ मेल्लो , सोलेसबरी, लिंडसे

🎯चालक का सिद्धांत ÷ वुडवर्थ

🎯अभिप्रेरणा स्वास्थ्य सिद्धांत ÷ फ्रेड्रिक हर्जवर्ग

🌈कुछ महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित है÷

✍️मनुष्य की पूरी ना होने वाली जरूरत व्यवहार को प्रभावित करती है।

✍️मनुष्य की अनेक जरूरत होती है लेकिन उसका निष्पादन क्रमबद्ध उसकी महत्वपूर्णता के हिसाब से होता है।

✍️निम्न स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती है तो आप आगे कदम बढ़ा देते हैं।

✍️मनोवैज्ञानिक स्वस्थता , व्यक्तित्वपरक्ता , मानवता पदानुक्रम पर जल्दी प्रगति करते हैं।

🎯मैस्लो के पदानुक्रम के अनुसार पांच आवश्यकता है निम्नलिखित है÷
🌺1️⃣शारीरिक आवश्यकता
🌺2️⃣सुरक्षा की आवश्यकता
🌺3️⃣तादात्मिकता या संबंध
🌺4️⃣आत्म सम्मान की आवश्यकता
🌺5️⃣स्व प्रत्यक्षीकरण

✍️1️⃣ शारीरिक जरुरत (भूख,प्यास,सोना और सेक्स आदि)÷ संसार में प्राणी एवं समस्त जीव जंतु को जीवित रहने के लिए वायु (ऑक्सीजन जीव जंतु एवं मनुष्य के लिए) भोजन; पानी मानव सभ्यता एवं जीव जंतुओं को उनकी संतति आगे बनाएं रखने के लिए जरूरी है;

✍️2️⃣ सुरक्षा की जरूरत (शारीरिक,नौकरी, संसाधन, स्वास्थ्य,प्राँपर्टी आदि की जरूरत)÷ जब व्यक्ति की शारीरिक जरूरत पूर्ण हो जाती है तो व्यक्ति की सुरक्षा की ओर आगे बढ़ता है,
👉जैसे÷स्वंय की शरीर को सुंदर आकर्षक एवं हष्ट-पुष्ट बनाना;
जीविकोपार्जन एवं अपनी आवश्यकताओं को पूर्ण करने के लिए विभिन्न प्रकार की नौकरियों के लिए आवेदन एवं उनके पद को ग्रहण करना;
विभिन्न प्रकार के संसाधनों को इकट्ठा करना ;

✍️3️⃣ तादात्मिकता या संबंध (दोस्ती , परिवार , जीवन-साथी,आदि)
सुरक्षा की जरूरत पूर्ण होने के बाद आत्मीयता की ओर बढ़ता है जिसमें परिवार के सदस्यों, दोस्ती-यारी, एवं जीवनसाथी इत्यादि लोग शामिल हो जाते है वह इन सबके बीच रहना , अच्छा व्यवहार करना वा एक दूसरे का आपस में सहयोग करना एवं सामाजिक कार्यो में सक्रियता के साथ भाग लेना उसमें शामिल होना इत्यादि।

✍️4️⃣ आत्मसम्मान (स्वविश्वास, उपलब्धि,दूसरो का सम्मान वा दूसरो से सम्मान)÷ प्रत्येक मनुष्य के अंदर आत्मसम्मान पाने वा आत्म सम्मान देने की आवश्यकता है ,
प्राप्त उपलब्धियों के द्वारा इत्यादि।
👉जैसे÷ जब मनुष्य द्वारा प्राप्त उपलब्धि के उपलक्ष्य में मेडल, सर्टिफिकेट,वा अन्य पुरस्कार सार्वजनिक समारोह में प्राप्त करने से आत्मविश्वास का बढ़ना वा लोगो द्वारा सम्मान ,प्रशंसा करने पर आत्मप्रेम वा स्वयं पर गर्व करना।

✍️5️⃣ स्व-प्रत्यक्षीकरण(समस्या निवारण, रचनात्मकता, सहजता, भेदभाव से दूर,तथ्यो को स्वीकारना)
यह स्थिति सभी स्तरों की पूर्ति होने के बाद आती है,
इसमें समाज में किसी से भेदभाव किए बगैर जुड़ना वा सहयोग करना, स्वंय ही किसी समस्या का निराकरण करना वा विभिन्न प्रकार के तथ्यो को स्वीकारना इत्यादि।

⚔️⚔️Notes by-$hikhar pandey⚔️⚔️

अभिप्रेरणा के सिद्धांत

मूल प्रवृत्ति का सिद्धान्त – मैक्डूगल,जेम्स और बर्ट

सक्रिय सिद्धांत- मेल्मो ,सोलेसबरी और लिडस्पे

चालक या ड्राइव का सिद्धांत- वुडवर्थ

अभिप्रेरणा का स्वास्थ्य सिद्धांत- फ्रेड्रिक हर्जवर्ग

प्रत्याशा का सिद्धांत- विक्टर व्रूम

प्रेरणा का मानवतावादी सिद्धांत- अब्राहम मास्लो
मास्लो का आवश्यकता का सिद्धांत
पदानुक्रम का सिद्धांत
अभिप्रेरणा का सिद्धांत

इस सिद्धांत के महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं

मनुष्य की पूरी ना होने वाली जरूरत व्यवहार को प्रभावित करते हैं

मनुष्य की अनेक जरूरत होती है लेकिन उसका निष्पादन क्रमवार उसकी महत्वपूर्णता के हिसाब से होता है

निम्न स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती हैं तो आप आगे कदम बढ़ा सकते हैं

मनोवैज्ञानिक स्वाथ्यता, व्यक्तिप्ररखता पदानुक्रम पर जल्दी प्रगति करते हैं

मास्लों के अनुसार आवश्यकता के पांच पदानुक्रम निम्न प्रकार है

1.शारीरिक आवश्यकताऐ या ज़रूरत
2.सुरक्षा संबंधी आवश्यकताएं या जरूरतें
3. सामाजिक जरूरतें या संबंध या तादात्मिकता
4.आत्मसम्मान की जरूरत
5.आत्मबोध की आवश्यकता या स्व प्रत्यक्षीकरण

शारीरिक ज़रूरत-
इन जरूरतों की या आवश्यकता की पूर्ति नहीं होने पर व्यक्ति जीवित नहीं रह सकता है या उसका जीवन यापन नहीं हो सकता है
यह आवश्यकताऐ व्यक्ति के अस्तित्व के लिए जरूरी हैं
मनुष्य और जानवर जीवन को बनाए रखने के लिए तथा निरंतर चलाने के लिए इन आवश्यकताओं की पूर्ति करते हैं।
जैसे भूख लगने पर व्यक्ति को खाना चाहिए ही चाहिए। प्यास लगने पर पानी चाहिए

भूख,प्यास,सोना,सेक्स कपड़ा ,हवा आश्रय आदि इनमें आते हैं। जिनके बिना व्यक्ति का जीवन नहीं चल सकता है।

सुरक्षा की जरूरत-
व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें पूरी होने के बाद वह अपने स्वास्थ्य ,नौकरी ,प्रॉपर्टी ,संसाधन आदि को प्राप्त करने की कोशिश करता है।
इन जरूरतों में व्यक्ति जीविकोपार्जन के लिए कार्य ,धनसंचय करता है ।

सामाजिक जरूरतें या तादात्मिकता या संबंध-
जब व्यक्ति की अपनी शारीरिक और सुरक्षा की आवश्यकता की पूर्ति हो जाती हैं तब वह अपने संबंधों की ओर बढ़ता है
जैसे परिवार, मित्र ,जीवनसाथी से प्रेम, स्नेह ,अपनेपन , देखभाल आदि की आवश्यकताओं की पूर्ति करता है।

आत्मसम्मान-
इन जरूरतों में व्यक्ति समाज में दूसरों का सम्मान करता है और दूसरों से सम्मान पाने की इच्छा रखता है
इनमें व्यक्ति की उपलब्धि,स्वविश्वास दूसरो का सम्मान और दूसरो से सम्मान पाना या मिलना आता है।

स्वप्रत्यक्षीकरण या आत्मबोध-
इसमें व्यक्ति का समस्या का निवारण , रचनात्मकता, सहजता, भेदभाव से परे व्यवहार और दूसरो की बातो को स्वीकारना आदि आते हैं।

Notes by Ravi kushwah

👍अभिप्रेरणा देने वाले घटक👍

1 John P Disco ( जॉन पी डिस्को)

अभी प्रेरणा देने वाली घटक निम्न है

1 उत्तेजना
2 आकांक्षा
3 प्रोत्साहन
4 दंड

अभिप्रेरणा के सिद्धांत

1 मूल प्रवृत्ति का सिद्धांत:- इस सिद्धांत को
मेकडूगल जेम्स और बर्ट ने दिया

2 सक्रिय सिद्धांत:- इस सिद्धांत को मस्लो सोलेसबरी और लिड्सले ने दिया

मास्लो का पदानुक्रम का सिद्धांत
कुछ महत्वपूर्ण तथ्य निम्न प्रकार हैं

1 मनुष्य की पूरी ना होने वाली जरूरतें व्यवहार को प्रभावित करती हैं जो जरूर दें हमारी पूरी नहीं होती है वह हमारे व्यवहार को प्रभावित करती रहती हैं

2 मनुष्य की अनेक जरूरत होती है लेकिन उसका निष्पादन क्रमवार उसकी आदर पूर्णता के हिसाब से होता है
अर्थात मनुष्य की जरूरत है तो अनेक होती हैं परंतु समय-समय पर जो जरूरत है ज्यादा जरूरी होती हैं पहले वह पूरी होती हैं बाद में दूसरी

3 निम्न स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती है तो आप आगे कदम बढ़ा देते हैं
हमारी निम्न स्तर की जरूरत है जैसे भोजन नींद सेक्स यह सब पूरी हो जाती है तो हम आगे की जरूरतों के बारे में सोचने लगते हैं

4 मनोवैज्ञानिक स्पष्टता व्यक्ति prakta पदानुक्रम पर जरूरी प्रगति करते हैं

मास्लो का पदानुक्रम का सिद्धांत
अब्राहम मास्लो अमेरिका के थे
मास्लो के पदानुक्रम सिद्धांत के उपनाम निम्न है

1 आवश्यकता का सिद्धांत
2 मास्लो का सिद्धांत
3 मास्लो का आवश्यकता का पदानुक्रम
4 मास्लो पिरामिड
5 मास्लो का मानवतावादी सिद्धांत
6 पदानुक्रम का सिद्धांत

मास्लो ने इस पर 5 स्तर बताए हैं
1 शारीरिक जरूरत
2 सुरक्षा की जरूरत
3तदात्मिक्ता का संबंध
4 आत्म सम्मान
5 स्व प्रत्यक्षीकरण

1 शारीरिक जरूरत:- शारीरिक जरूरतें सभी के लिए आवश्यक है चाहे वह मनुष्य कोरिया जानवर सभी की बेसिक जरूरतें होती हैं बेसिक जरूरतों के बिना हम मानोगे कल्पना नहीं कर सकते शारीरिक जरूरतों में भूख प्यास सोना और सेक्स आता है

2 सुरक्षा की जरूरत:- जब हमारी शारीरिक जरूरतें पूरी हो जाती है उसके बाद हम सुरक्षा के बारे में सोचते हैं सुरक्षा नहीं निम्नलिखित चीजें आती हैं जैसे शारीरिक नौकरी संसाधन स्वास्थ्य property आदि जब हमारा पेट भरा हुआ होता है उसके बाद ही हम इन सब के बारे में सोचते हैं

3 तदात्मिक्ता का संबंध है:- प्राथमिकता का संबंध है मतलब जो हमारे रिलेशन में होते हैं जैसे दोस्ती परिवार जीवनसाथी जब ऊपर की दो जरूरत है हमारी पूरी हो जाती हैं उसके बाद हम इन सभी के बारे में सोचते हैं हमारी शारीरिक जरूरतें पूरी हुई उसके बाद हम सुरक्षा की जरूरत पर आए एवं उसके बाद हम अपने साथी संबंधियों के बारे में सोचेंगे

4 आत्मसम्मान:- आत्म सम्मान तो सभी को चाहिए परंतु जब हमारी बेसिक नींड पूरी हो जाती हैं उसके बाद हम आत्म सम्मान के बारे में सोचते इसमें स्व विश्वास उपलब्धि दूसरों का सम्मान यह सभी आते हैं

5 स्व प्रत्यक्षीकरण:- जब हमारी सभी जरूरतों पूरी हो जाती है उसके बाद हम जो प्रत्यक्षीकरण की अवस्था में चले जाते हैं इसमें समस्या निवारण रचनात्मक सहजता भेदभाव से परे तथ्यों को स्वीकारना आदि आता है

🙏🙏🙏sapna sahu 🙏🙏🙏

!! अभिप्रेरणा देने वाले घटक !!

# जॉन. पी. डिस्को के अनुसार:-

(1)उत्तेजना
(2) आकांक्षा
(3)प्रोत्साहन
(4) दंड

अभिप्रेरणा के सिद्धांत:-

* अभिप्रेरणा के मूल प्रवृत्ति का सिद्धांत ……
मैक्डूगल , जेम्स , बर्ड

@ अभिप्रेरणा के सक्रिय सिद्धांत :-
मैल्ले ,सोलेसबरी ,लिडस्ले

# अभिप्रेरणा के चालक सिद्धांत :-
वुडवर्थ

# अभिप्रेरणा स्वास्थ्य सिद्धांत:-
फ्रेडरिक ,हर्जवर्ग

# मांस्लो का पदानुक्रम , मांस्लो के अभिप्रेरणा का सिद्धांत…….

जैसा जरूरत है उसी के जैसा व्यवहार होता है
जो जरूरत की पूर्ति नहीं करता है वही उस चीजों को ज्यादा प्रभावित करती है।

@ महत्वपूर्ण बातें

(1) मनुष्य की पूरी ना होने वाली जरूरत व्यवहार को प्रभावित करती है।

(2) मनुष्य की अनेक जरूरत होती है लेकिन उसका निष्पादन क्रमवार उसकी महत्वपूर्णता के हिसाब से होता है।

(3) निम्न स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती है तो हम आगे कदम बढ़ाते हैं।

(4) मनोवैज्ञानिक स्वस्थता व्यक्तिपरक इत्यादि पदानुक्रम पर जल्दी प्रगति करते हैं

# मौस्लो के पिरामिड के अनुसार:-

#शारीरिक जरूरत :-

इंसान के लिए अस्तित्व की जरूरत है अगर ये जरूरत पूरी नहीं हुई तो हम लक्ष्य प्राप्ति की ओर नहीं बढ़ सकते हैं ,यह हर प्राणी के लिए जरूरी है इसके अनुसार … भूख, प्यास, सोना ,सेक्स कपड़ा इत्यादि आते हैं ,अगर यह नहीं होंगे तो हम एक्जिस्ट नहीं कर पाएंगे तो सेक्स ह्यूमन साइकल को बनाए रखते हैं।

#सुरक्षा की जरूरत :-

जब व्यक्ति के सारीरिक जरूरत की पूर्ति हो जाती है तो व्यक्ति थोड़ा ऊपर के चीजों के बारे में सोचता है जैसे शारीरिक नौकरी संसाधन स्वास्थ्य प्रॉपर्टी आदि । ताकि अच्छे घर हो, बढ़िया सा नौकरी हो किसी भी तरह से एक गाड़ी, हो इत्यादि में सब जीविकोपार्जन कर सके।

#सामाजिक जरूरत या तदात्मिक्ता का संबंध:-

जब मनुष्य की उपर दी हुई आवश्यकता पूरी हो जाती है तों मनुष्य दोस्त परिवार एवं जीवन साथी के साथ रहना पसंद करते हैं दोस्ती बढ़ने लगती है चाहते हैं कि परिवार सही से रहे जीवन साथी के साथ अच्छा से जीवन व्यतीत हो।

#आत्मसम्मान:-

जब मनुष्य के पास गाड़ी पैसा प्रॉपर्टी इत्यादि हो जाते हैं तो अब मनुष्य आत्म सम्मान की खोज करते हैं हमें समाज में सम्मान मिले , ,समाज में हमारा इज्ज़त हो इत्यादि।

# स्व प्रत्यक्षीकरण :-

ये मास्लो के अन्तिम चरण है इसमें समस्या निवारण, रचनात्मक, सहजता, भेद-भाव,से परे तथ्यों को स्वीकारना इत्यादि आते हैं।

Notes by-SRIRAM PANJIYARA

🌹🌹 अभिप्रेरणा देने बाले घटक 🌹🌹

जॉन पी. डिस्को के अनुसार :-

1. उत्तेजना
2. आकांक्षा
3. प्रोत्साहन
4. दंड

🌹🌹 अभिप्रेरणा के सिद्धांत 🌹🌹

1. मूल प्रवृत्ति का सिद्धांत :- मैकडुगल , जेम्स , बर्ट । 2. सक्रिय सिद्धांत :- मेल्मो , सोलेसबरी , लिंडस्ले ।
3. चालक सिद्धांत :- वुडवर्थ ।
4. अभिप्रेरणा स्वास्थ्य सिद्धांत :- फ्रेड्रिक , हर्जवर्ग ।
5. प्रत्याशा का सिद्धांत :- विक्टर व्रूम ।
6. प्रेरणा का मानवतावादी सिद्धांत :- अब्राहम मास्लो ।
मास्लो का आवश्यकता का सिद्धांत
पदानुक्रम का सिद्धांत
अभिप्रेरणा का सिद्धांत

🌲 अभिप्रेरणा के सिद्धांत से संबंधित महत्वपूर्ण बातें निम्नलिखित हैं :-

1. मनुष्य की पूर्ति ना होने वाली जरूरत व्यवहार को प्रभावित करती है।
2. मनुष्य की अनेक जरूरत होती है लेकिन , उसका निष्पादन क्रमवार उसकी महत्वपूर्णता के हिसाब से होता है।
3. निम्न स्तर की जरूरत अगर न्यूनतम रूप से पूरी हो जाती है तो आप आगे बढ़ा देते हैं।
4. मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्यता , व्यक्तिपरकता , पदानुक्रम पर जल्दी प्रगति करते हैं।

*अब्राहम मास्लो ( अमेरिका ) के निवासी थे।*

🌲 मास्लो के पदानुक्रम सिद्धांत के अन्य नाम :-

1. आवश्यकता का सिद्धांत

2. मास्लो का सिद्धांत

3. मास्लो का आवश्यकता का पदानुक्रम

4. मास्लो का पिरामिड

5. मास्लो का मानवतावादी सिद्धांत

6. पदानुक्रम का सिद्धांत

🌲मास्लो के पिरामिड के पांच स्तर निम्नलिखित हैं :-

1. 🌺 शारीरक जरूरत :-

मास्लो के पिरामिड का ये प्रथम स्तर है।
अतः मनुष्य के जीवन में उसकी शारीरिक जरूरत सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण हैं। उसके बाद ही अन्य काम आते हैं, अतः शारीरक जरूरत जैसे :-
भूख
प्यास
सोना (नींद)
सेक्स आदि ।

2. 🌺 सुरक्षा की जरूरत :-

शारीरिक जरूरतें पूरी होने के बाद ही मनुष्य को अपनी सुरक्षा की आवश्यकता होती है , जैसे :-
शारीरिक
नौकरी
संसाधन
स्वास्थ्य
प्रॉपर्टी आदि।

3. 🌺 तदात्मिक्ता या सम्बन्ध :-

शारीरक और सुरक्षा की जरूरत पूरी होने के बाद ही मनुष्य को रिश्तेनाते – सम्बन्धों की भी आवश्यकता होती है , जैसे :-
दोस्ती
परिवार
जीवन-साथी आदि।

4. 🌺 आत्मसम्मान :-

उपर्युक्त जरूरतें पूरी हो जाने के बाद मनुष्य को अपने जीवन में आत्मसम्मान की आवश्यकता होती है, जैसे :-
स्व-विश्वास
उपलब्धि
दूसरों ” का ” सम्मान और दूसरों ” से ” सम्मान आदि।

5. 🌺 स्व-प्रत्यक्षीकरण :-

अंततः उपर्युक्त सभी जरूरतें पूरी होने के बाद मनुष्य को अपने जीवन में स्व-प्रत्यक्षीकरण अर्थात स्वयं को जीवन में प्रत्यक्ष करने की , समझने की, जांचने की आवश्यकता होती है, जैसे :-
समस्या निवारण
रचनात्मकता
सहजता
भेदभाव से परे
तथ्यों को स्वीकारना आदि।

🌹🌹✒️✒️ Notes by – जूही श्रीवास्तव ✒️✒️🌹🌹

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