Notes by-Ranjana sen

💥 समाजीकरण (SOCIALIZATION) 💥
समाजीकरण वह प्रक्रिया है जब कोईसमाजीकरण व्यक्ति सामाजिक / सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है और विभिन्न समूह का सदस्य बनता है और समाज के नियमो और मानदंडो का पालन करता है | समाज के साथ अन्त: क्रिया करता है|
एक इंसान (व्यक्ति) अलग- अलग प्रकार का समाजीकरण करता है|

समाजीकरण के प्रकार –

🔶प्राथमिक समाजीकरण (primary socilaization )
🔶दितीयक समाजीकरण (Secondery socialization)
🔶प्रत्याशात्मक समाजीकरण (Anticipatory socialization )
🔶पुन: समाजीकरण ( Re-socialization )
🔶संगठनात्मक समाजीकरण ( Organisational )
🔶समूह समाजीकरण ( Group socialization )
🔶लैंगिक समाजीकरण (Gender socialzation )
🔶जातीय समाजीकरण (Racial socialization )

1.प्राथमिक समाजीकरण (Primary socialization)-
समाजीकरण की शुरूआत जब बच्चा जन्म लेता है| तो समाजीकरण शुरू हो जाता है| और परिवार , मित्रो से प्रभावित होता है| भविष्य के सभी सामाजिक संबंधो के लिए आधार निर्धारित करता है|

  1. द्वितीयक समाजीकरण ( Secondery socialization ) – बालक उन व्यवहारो और कौशलो को सीखने की प्रक्रिया को दर्शाता है जो बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के सदस्य के रूप में उपयुक्त है इसमें विद्यालय पार्क पड़ोस आदि शामिल हैं
  2. प्रत्याशात्मक समाजीकरण (Anticipatory socialization)
    समाजीकरण को संदर्भित करता है जिसमें एक व्यक्ति भविष्य के पदों व्यवसाय और सामाजिक रिश्तों के लिए पूर्वाभ्यास करता है
  3. पुन: समाजीकरण ( Resocialization)
    पुन: सामाजीकरण पूर्ण व्यवहार पैटर्न और सजगता को छोड़ने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है तथा नए लोगों का अनुभव के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करता है
  4. संगठनात्मक समाजीकरण (Organisational socialization)
    संगठनात्मक समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक कर्मचारी अपनी संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है
    6.समूह समाजीकरण (Group socialization )
    समूह समाजीकरण जो किसी व्यक्ति के सहकर्मी समूह पारिवारिक वातावरण के बजाय वयस्कता हमें उसके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित करता है
    7.लैंगिक समाजीकरण (Gender socialization )
    लैंगिक समाजीकरण उस व्यवहार और व्यवहार के शिक्षण को संदर्भित करता है जो बालक या बालिका के लिंग के आधार पर उपयुक्त माना जाता है लड़के लड़कों के गुण और लड़कियां लड़कियों की घटती हैं
  5. जातीय समाजीकरण (Racial socialization )
    जातीय समाजीकरण एक वह प्रक्रिया है प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चे एक विशिष्ट जातीय समूह के व्यवहार धारणा मूल्यों और दृष्टिकोण को प्राप्त करते है|

✍🏻manisha gupta✍🏻

🌈 समाजीकरण 🌈

समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति सामाजिक सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है और विभिन्न समूहों का सदस्य बनता है एवं समाज के मानदंडों का पालन करता है समाज के साथ मानवीय अंतः क्रिया करता है और समाज के अपेक्षाओं को सीखता है। यही समाजीकरण है। समाजीकरण आवश्यक इसलिए है क्योंकि यदि यदि समाजीकरण नहीं होगा तो हम किसी से बात कैसे कर पाएंगे यह एक दूसरे के साथ खुलकर कैसे रह पाएंगे।समाज में रहकर ही हमे समाजीकरण के द्वारा ज्ञान एवं कौशलों को सीख कर समाज के अन्य लोगों के साथ व्यवहार करने में मदद करता है।

🌸प्रत्येक व्यक्ति का समाज को देखने का नजरिया अलग अलग होता है जिससे व्यक्तियों का सामाजिकरण भी अलग अलग होता है।

🌸 जैसे कोई बच्चा प्रारंभ में जन्म लेता है तो वह नहीं जानता है घर के बारे में समाज के बारे में समाज में किस प्रकार से व्यवहार करना है वह यह सब अपने परिवार के लोगों ,रिश्तेदारों के द्वारा,अंतः क्रिया करके अच्छा आचरण करना ,व्यवहार करना बताने से ही सीखता है।बच्चे के अच्छे आचरण एवं व्यवहार कौशल ज्ञान को सिखाने के लिए सामाजिकरण अत्यंत आवश्यक है।

🌸समाज में प्रत्येक व्यक्ति की अपनी अपनी भूमिका होती है इसे समाजीकरण की प्रक्रिया में प्ले करना है यही सामाजिकरण है।

🌸 समाजीकरण के प्रकार🌸

1️⃣ प्राथमिक सामाजिकरण[primary socialization]➖ समाजीकरण की शुरुआत प्राथमिक समाजीकरण से ही होता है जब बच्चा जन्म लेता है तो उसके साथ उसके माता- पिता भाई-बहन मित्र और आसपास जो व्यक्ति साथ में रहते हैं उससे बच्चा प्रभावित होता है , अर्थात बच्चे के प्रारंभिक समय में जो उनके साथ रहते हैं उनसे सीखता है। प्राथमिक समाजीकरण ही बच्चे के भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों के लिए आधार निर्धारित करता है इसीलिए प्राथमिक सामाजिकरण आवश्यक है।

2️⃣ द्वितीयक सामाजिकरण[secondary socialization]➖ बच्चा परिवार के बाद विद्यालय, पार्क, आस-पड़ोस के लोगों से व्यवहार करना सीखता है वह विद्यालय में शिक्षा के साथ व अन्य लोगों के साथ अंतर किया कर के समाजीकरण करता है परिवार एक छोटे-छोटे समाज के रूप में जबकि विद्यालय पार्क पड़ोस एक बड़े समाज के रूप में होता है बच्चा परिवार के बाद विद्यालय में ही कैसे व्यवहार करना है वह सीखता है और यही सीखने की प्रक्रिया द्वितीयक सामाजिकरण कहलाती है।🔹 जैसे विद्यालय पार्क, पड़ोस इत्यादि🔹

3️⃣ प्रत्याशात्मक समाजीकरण[anticipatory socialization]➖ भविष्य के लिए जो हम किसी पद कार्य या व्यवसाय के लिए जो कार्य करते हैं या प्रत्याशा रखते हैं और यही कार्य करके समाजीकरण करते हैं यही प्रत्याशात्मक समाजीकरण है।

4️⃣ पुनः समाजीकरण[re-socialization]➖.
पूर्व व्यवहार को छोड़कर ने व्यवहार करने की प्रक्रिया पुनःसामाजिकरण कहलाती है नए अनुभवों के आधार पर जो परिवर्तन होता है इस परिवर्तन को वह स्वीकार करता है।

5️⃣ संगठनात्मक समाजीकरण[organisational socialization]➖ समाजीकरण के अंदर व्यक्ति समाज में एक संगठन के पद पर अपनी संगठनात्मक भूमिका का निर्वाहन करके व्यवहार करते हैं यही संगठनात्मक सामाजीकरण है।

6️⃣ समूह सामाजीकरण[group socialization]➖ समूह सामाजिकरण के अंतर्गत किसी ने किसी आधार पर व्यक्तित्व के आधार पर ही एक समूह का निर्माण होता है जैसे पसंद के आधार पर ,रुचि के आधार पर। समूह सामाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत व्यक्ति का पारिवारिक वातावरण के साथ-साथ व्यक्तित्व और व्यवहार भी प्रभावित होता है।

7️⃣ लैंगिक सामाजिकरण[gender socialization]➖. समाजीकरण के अंतर्गत लिंग के आधार पर ही सामाजिकरण किया जाता है इस सामाजिकरण का मुख्य आधार ही लिंग है।

लिंग के आधार पर ही व्यक्तियों में विभिन्नताये देखने को मिलती हैं लिंग के आधार पर ही पुरुष पुरुषों के गुण एवं महिला महिला के गुण के आधार पर ही सामाजिकरण करते हैं।

8️⃣ जातीय समाजीकरण[recital socialization]➖ जातीय समाजीकरण के अंतर्गत रहन-सहन और तरीका दृष्टिकोण मूल्य या किसी चीज के प्रति व्यवहार को प्रदर्शित करना है और उसके अनुसार भूमिका निभाना ही जातीय सामाजिकरण कहलाता है।

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🔸 समाजीकरण/ socialization 🔸 व्यक्ति सामाजिक / सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है समाज के नियमों मानदंडों का पालन करता है और समाज के साथ अंतः क्रिया करता है समाजीकरण के प्रकार ➡️ 1️⃣ प्राथमिक समाजीकरण ➖ इसमें समाजीकरण की शुरुआत होती है बच्चा जन्म के बाद जिसके साथ रहता है वही है प्राथमिक समाजीकरण और भविष्य के सामाजिक संबंधों को निर्धारित करता है 2️⃣ द्वितीयक समाजीकरण➖ द्वितीयक समाजीकरण में बच्चा उन व्यवहारों और कौशलों को सीखने की प्रक्रिया में दर्शाता है इसमें बच्चा बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के सदस्य के रूप में रहता है जैसे विद्यालय पार्क पड़ोस गांव कॉलोनी में कैसा व्यवहार किया जाए यह द्वितीयक समाजीकरण कहलाता है 3️⃣ प्रत्याशात्मक सामाजिकरण ➖ भविष्य में पद व्यवसाय नौकरी के लिए करता है यह सामाजिकरण वह है जिसमें पहले जो हम पूर्व में अभ्यास करते हैं और बाद में उसे हम प्राप्त कर लेते हैं 4️⃣ पुनः सामाजिकरण ➖ इसमें पुराने व्यवहार को छोड़कर नए लोग या नए व्यवहार को हम स्वीकार करते हैं इस परिवर्तन को हम स्वीकार करते हैं और लागू करते हैं यही पुनः सामाजिकरण है 5️⃣ संगठनात्मक समाजीकरण ➖ संगठनात्मक सामाजिकरण वह है जिसमें हम अपना पद या रोल निभाते हैं 6️⃣ समूह सामाजिकरण ➖ समूह सामाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसमे परिवार या वातावरण के अलावा उसके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित करता है 7️⃣ लैंगिक समाजीकरण ➖ जिसमें बालक या बालिका के लिंग को आधार माना जाता है जिसमें लड़की लड़कियों के गुण और लड़का लड़कों के गुण सीखता है 8️⃣ जातीय समाजीकरण ➖ इसके द्वारा हम एक बच्चे के विशिष्ट जाति समूह के व्यवहार धारणा मूल्यों और दृष्टिकोण ओं को जानते हैं notes by pragya shukla


वंदना शुक्ला
🌸 सामाजिकरण socialization🌸

समाजीकरण पर प्रक्रिया जिसके द्वारा कोई व्यक्ति सामाजिक सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है और विभिन्न समूहों का सदस्य बनता है समाज के नियमों मानदंडों का पालन करता है समाज के साथ अंतर क्रिया करता है ।
समाजीकरण आवश्यक है क्योंकि अगर आज हम एक साथ रह रहे हैं तो सिर्फ समाजीकरण की वजह ही क्योंकि हमारे मानदंड नियम व्यवहार आपस में मिलकर के ही बनते हैं और आपस में ही हम चीजों का निर्माण करते हैं।

🔆समाजीकरण के प्रकार

1️⃣ प्राथमिक सामाजिकरण primary socialization

सामाजिकरण की शुरुआत प्राथमिक सामाजिकरण से ही होती है ।
शुरुआत में जब बच्चा जन्म लेता है तो सबसे पहले अपने आसपास माता-पिता को देखता है उनके साथ रहता है ।
इसमें परिवार और मित्र आते हैं।
जहां जब बच्चा जन्म लेता है तब परिवार में या परिवार का कोई मित्र जो उस बच्चे के पास ज्यादा रहता है वह प्राथमिक सामाजिकरण में आता है क्योंकि बच्चा उस को नियमित देखता है उस से सीखता है ।
प्राथमिक सामाजिकरण से ही बच्चे का भविष्य निर्धारित होता है इसलिए प्राथमिक सामाजिकरण महत्वपूर्ण होता है।
प्राथमिक सामाजिकरण से ही बच्चे के भविष्य के संबंधों का निर्धारण होता है ।
बच्चे को आधार मिलता है ।
इसमें परिवार इसलिए आता है क्योंकि ज्यादातर बच्चा जन्म के बाद अपने परिवार अपने माता पिता के साथ रहता है।

2️⃣ द्वितीयक समाजीकरण secondary socialization – अब बच्चा बड़ा हो रहा है और तब परिवाद के बाद जो आता है यानी आस-पड़ोस ,पार्क, विद्यालय अद्वितीय सामाजिकरण में आता है।
परिवार के बाद बच्चा विद्यालय जाता है जहां अध्यापक और छात्रों के साथ उसका समाजीकरण होता है।
परिवार के बाद बच्चा अपना ज्यादा समय विद्यालय में व्यतीत करता है ।

3️⃣ प्रत्याशात्मक सामाजिकरण anticipatory socialization

अपने भविष्य के लिए जब हम कुछ चाहते हैं और उसके लिए कुछ करते हैं तब जो सामाजिकरण बनता है उसे इस प्रत्याशात्मक सामाजिकरण कहते हैं ।
जैसे फ्यूचर में कोई पोस्ट जॉब पावर चाहिए तो आज जो हम और आप एक प्रत्याशा के साथ सामाजिकरण करते हैं वह इस सामाजिकरण के अंतर्गत आता है।
इस सामाजिकरण में आज तो आपको कुछ नहीं मिलेगा लेकिन अपने उद्देश्य की तैयारी आज से ही कर रहे हैं ।

4️⃣ पुणे सामाजिकरण resocialization – पुराने व्यावहार को छोड़कर नए लोग या व्यवहार को करते हैं यह पुनः सामाजिकरण कहलाता है।

5️⃣ संगठनात्मक सामाजिकरण organisational socialization – इस सामाजिकरण के अंदर जो व्यक्ति किसी संगठन में किसी पद पर कार्य करता है तो वह अपने पद के हिसाब से या उस पद की गरिमा को देखते हुए उस संगठन में सामाजिकरण करता है या अंत: क्रिया करता है।

6️⃣ समूह सामाजिकरण group socialization – हम सब कहीं ना कहीं एक समूह में रहते हैं एक कार्य करते हैं और उस समूह के हिसाब से अंत: क्रिया करते हैं सामाजिकरण करते हैं जैसे दोस्तों का समूह जहां हम मस्ती करते हैं घूमते हैं लेकिन जो व्यवसाय होता उसमें उसके आधार पर अपना व्यवहार प्रदर्शित करते हैं।

7️⃣ लैंगिक सामाजिकरण gender socialization – बालक एवं बालिका अपने लिंग के आधार पर अपने उपयुक्त व्यवहार को प्रदर्शित करते हैं।

जैसे लड़के लड़कों के गुण को प्रदर्शित करता और व्यवहार करता है और लड़की एक लड़की के गुण को प्रदर्शित करती है और व्यवहार करती है।

8️⃣ जातिय समाजीकरण racial socialization – जाति के आधार पर सामाजिकरण होता है ।
मनुष्य जाति के अनुसार अपने मूल्यों ,व्यवहार, दृष्टिकोण को धारण करता है ।और अपने जातीय के अनुसार अपने रहन-सहन मैं परिवर्तन करता है ।

🔅 धन्यवाद


Notes by➖ Rashmi Savle🌺 समाजीकरण 🌺 **************

समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति सामाजिक या सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है तथा बहुत से अलग अलग समूहों का सदस्य बनता है इसके साथ साथ वह समाज के नियमों और मानदंडों का पालन करता है एवं समाज के साथ अन्त: क्रिया करता है | समाज में प्रत्येक व्यक्ति अलग अलग समूहों से जुड़े होने के कारण अपनी भूमिका का निर्वाहन करता है और उस भूमिका का निर्वाहन करते हुए समाज के व्यक्तियों के साथ अपने मत व्यक्त करता है अपने विचार साझा करता है एक प्रकार से समाज के व्यक्तियों के साथ अन्त: क्रिया करता है या हम ऐसा कह सकते हैं कि सामाजिक अन्त: क्रिया करता है |

समाजीकरण के प्रकार :➖
समाजीकरण के मुख्य प्रकार निम्नलिखित हैं——

(1) प्राथमिक समाजीकरण
Primary Socialization

बच्चा जन्म लेने के बाद जब बाहरी वातावरण में प्रवेश करता है तो उसके परिवार से उसकी समाजीकरण की शुरुआत होती है जिसके अंतर्गत ऐसे लोग आते हैं जो उसके साथ है या पास है जैसे मित्र, परिवार आदि | और यही एक ऐसा आधार है जो यह निर्धारित करता है कि भविष्य में आपका सामाजिक संबंध कैसा होगा |

(2) द्वितीयक समाजीकरण
Secoundry Socialization

परिवार के बाद बच्चा जिनसे घुलता मिलता है वह द्वितीयक समाजीकरण है जिसके अंतर्गत विद्यालय ,पार्क, आस पड़ोस आदि |
लेकिन कई बार ऐसा होता है कि चीजें उल्टी हो जाती है जिनके साथ साझेदारी करना अत्यंत कठिन हो जाता है और बच्चा अपना नया नियम बना लेता है वह परिस्थिति के बीच समझौता करने में कन्फ्यूज हो जाता है |

(3) प्रत्याशात्मक समाजीकरण
Anticipatory Socialization

किसी न किसी रुप में अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए अपने भविष्य के विचारों को एक रूप में अपनी प्रत्याशा में व्यक्त करना ही प्रत्याशात्मक समाजीकरण है |

(4) पुनः समाजीकरण
Resocialization

पुराने व्यवहार को छोड़कर नये लोगों के साथ अपना व्यवहार स्थापित करना | जैसे नये दोस्त बनाना, लड़की शादी के बाद नये घर में जाकर अपना पुनः समाजीकरण करती है आदि |और नये अनुभव को स्वीकार करते हुए उनका क्रियान्वयन करना | यही पुनः समाजीकरण है |

(5) संगठनात्मक समाजीकरण
Organizational Socialization

समाज के किसी संगठन के पद के अनुसार अपनी भूमिका का निर्वाहन करना और उस संगठनात्मक भूमिका का निर्वाहन करने के लिए जो व्यवहार सीखते हैं और उसी व्यवहार के साथ अपनी भूमिका का निर्वाह करते हैं यही संगठनात्मक समाजीकरण है |

(6) समूह समाजीकरण
Group Socialization

किसी न किसी चीज का समूह बनाकर उस समूह में चलने के लिए अपने व्यक्तित्व को बनाना और उसके अनुसार अपनी भूमिका का निर्वाह करना ही समूह समाजीकरण है |

(7) लैंगिक समाजीकरण
Gender Socialization

इस प्रकार के समाजीकरण में लिंग को आधार माना जाता है जिसमें लिंग मुख्य होता है |

(8) जातीय समाजीकरण
Recital Socialization

किसी चीज के प्रति अपना व्यवहार, अपनी धारणा, अपना दृष्टिकोण या अपने मूल्यों के प्रति अपने व्यवहार को प्रदर्शित करना और उसके अनुसार भूमिका का निर्वाह करना ही जातीय समाजीकरण है |
जब हम किसी पार्टीकुलर जाति से विलोंग करते हैं जिसमें हम व्यवहार, धारणा, दृष्टिकोण, और मूल्यों को प्राप्त करते हैं वह जातीय समाजीकरण है |

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Notes by➖ Puja kumari

🔅 समाजीकरण (Socialization)

समाजीकरण वह प्रक्रिया है, जिसमे कोई व्यक्ति समाजिक / सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है। संमुहो के सदस्य बनाता है। समाज के नियमो, मानदंडों का पालन करता है। समाज के साथ अन्तःक्रिया (interaction) लरत है।

समाजीकरण के प्रकार
समाजीकरण के अलग अलग प्रकार है जो निम्न है➖

  1. प्राथमिक समाजीकरण (primary socialization)
  2. द्वितीयक समाजीकरण ( secondery socialization )
  3. प्रत्याशात्मक समाजीकरण ( Anticipatory socialization )
  4. पुनः समाजीकरण ( Resocialization)
  5. संगठनात्मक समाजीकरण ( Oraganisation socialization )
  6. समूह समाजीकरण ( Group socialization )
  7. लैंगिक समाजीकरण (Gender socialization)
  8. जातिय समाजीकरण (Racial socialization)

1.प्राथमिक समाजीकरण(Primery socialization) ➖
बच्चा जब जन्म लेता है, उसके बाद से समाजीकरण शुरू हो जाता है। जैसे- माता-पिता, भाई-बहन, मित्र आदि। भविष्य के जो सामाजिक संबंध है, वो समाजीकरण पर ही decide होते है।

  1. द्वितीयक / गौण समाजीकरण (Secondery socialization)➖
    द्वितीयक / गौण समाजीकरण में बच्चे उस व्यवहार को सीखते है, जो बच्चे को व्यवहारिक रूप से सभ्य बनाते है। जैसे- विद्यालय, खेल का मैदान, पास-पड़ोस।
  2. प्रत्याशात्मक समाजीकरण (Anticipatory socialization)➖
    प्रत्याशात्मक समाजीकरण उस प्रक्रिया को संदर्भित करता है।जिसमें व्यक्ति भविष्य के पदों, व्यवसाय करना चाहते है। उसको आगे बढ़ाने के लिये अभी से practice करते है। 4.पुनःसमाजीकरण( Resocialization) ➖
    पुराने समाज को छोड़कर नए समाज मे रहने जाते है, तो वहाँ के समाज मे अपना पुनः समाजीकरण की स्थापना करते है।
  3. संगठनात्मक समाजीकरण (Organisation socialization)➖
    इस समाजीकरण में व्यक्ति किसी न किसी पद पर रहता है, तो उस पद के हिसाब में अपना organisation करते है। जैसे – मैनेजर, clerk, चपरासी आदि सब अपने हिसाब से कार्य करते है।
  4. समूह समाजीकरण (Group socialization)➖
    हम सब एक समूह में रहते है। इसमें हर जगह पर अपनी एक persionality होती है जिसके आधार पर लोगो का व्यक्तित्व भी प्रभावित होता है।
  5. लैंगिक समाजीकरण ( Gender socialization)➖
    लिंग के आधार पर भी विभिन्न प्रकार की भिन्नताये पाई जाती है। जैसे लड़का है, तो लड़के का गुण अपनायेगा। यदि लड़की है तो लड़की के गुण को अपनाएगी। 8.जातिय समाजीकरण ( Racial socialization) ➖
    जाति के आधार पर भी समाजीकरण होता है। जाति के आधार पर व्यवहार, मुल्य, धरना, दृष्टिकोण भी अलग-अलग होता है। जैसे- कोई हिन्दू है तो वो अपने भगवान को नाम पुकारते हैं, कोई मुस्लिम है तो वो अपने अलाह को पुकारते है।

🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸Thank you 🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻


✍🏻Notes By-Vaishali Mishra

🔆 सामाजिकरण (socialization)🔆➖

यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति सामाजिक सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है और विभिन्न समूह के सदस्य बनाता है।
समाज के नियमों और मापदंडों का पालन करता है।
और समाज के साथ अंतर क्रिया करता है।
किसी भी कार्य को करने में समाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता है।

🔅 सामाजिकरण के प्रकार
(Types of socialization)

सामाजिकरण के अलग-अलग प्रकार हैं*➖

✓1 प्राथमिक सामाजिकरण (primary socialization)
✓2 द्वितीयक सामाजिकरण (secondary socialization)
✓3 प्रत्याशात्मक सामाजिकरण (Anticipatery socialization)
✓4 पुनः सामाजिकरण( re socialization)
✓5 संगठनात्मक सामाजिकरण ( organisational socialization)
✓6 समूह सामाजिकरण ( group socialization)
✓7 लैगिक सामाजिकरण (sexual socialization)
✓8 जातीय सामाजिकरण (cast socialization)

▪️1 प्राथमिक सामाजिकरण (primary socialization)

प्राथमिक सामाजिकरण तात्कालिक परिवार और मित्रों से प्रभावित होता है और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों के लिए आधार निर्धारित करता है।

▪️2 द्वितीयक सामाजिकरण (secondary socialization)
द्वितीयक सामाजिकरण बालक की उन व्यवहारों व कौशलों को सीखने की प्रक्रिया को दर्शाता है जो समाज के भीतर एक छोटे समूह के सदस्य के रूप में उपयुक्त है इसमें विद्यालय, पार्क, पड़ोस आदि शामिल है।

▪️3 प्रत्याशात्मक सामाजिकरण (Anticipatery socialization)
सामाजिकरण की उस प्रक्रिया को संदर्भित करता है जिसमें एक व्यक्ति भविष्य के पदों व्यवसाय और सामाजिक रिश्ते के लिए पूर्वा अभ्यास करता है।

▪️4 पुनः सामाजिकरण (re socialization)
पुनः सामाजिकरण पूर्व व्यवहार पैटर्न और सजगता को छोड़ने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है तथा नए लोगों व अनुभवों के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करता है।

▪️5 संगठनात्मक सामाजिकरण (organisational socialization)
यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक कर्मचारी अपनी संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है।

▪️6 समूह सामाजिकरण ( group socialization)
यह वह प्रक्रिया है जो किसी व्यक्ति के सहकर्मी समूह, पारिवारिक वातावरण के बजाय वयस्कता में उसके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित करता है।

▪️7 लैगिक सामाजिकरण (sexual socialization)
यह उस व्यवहार और व्यवहार के शिक्षण को संदर्भित करता है जो बालक या बालिका के लिंग के आधार पर उपयुक्त माना जाता है। लड़के, लड़कों के गुण सीखते हैं और लड़कियां,लड़कियों के गुण सीखती हैं।

▪️8 जातीय सामाजिकरण(cast socialization)
जातीय सामाजिकरण को एक विकासात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके द्वारा बच्चे एक जातीय समूह के व्यवहार, धारणाओं,मूल्यों और दृष्टिकोण ओं को प्राप्त करते हैं।


Samjikran(socialization)=iska arth hota hai samj ke sath anthkriya krna
Samjikrn ek aisi pirkriya hai jiske duara viyakti samajik tha Sanskritk chetra me pirvesh krta hai tha samho ka ek sakriye sadasye bun jata hai or samj ke sath anthkriya krke samaj ke niyamo or mapdando ka palan krta hai.
}Samaj me sabka ek apna role hota hai jisko wo nibhata hai.
}Samajikran ke pirkar》
1>pirathmik Samajikran- Balak me samajikran ki suruat yahi se hoti hai.jo log balak ke janam se hi uske saath hote hai wo uske pirathmik samajikrn ka hissa hote hai jaise maa-baap,dada-dadi,parivaar or mitra.bhavisya ke samajik sambandh isi se nirdahrit hote hai.
2>dutiyak Samajikran-school, park, padosh ye dutiyak samajikrn ke under ate hai.
3>pirtyastmak Samajikran-iske under hum bhavisye ko dekhte hue jo karye krte hai.jiski suruwat hum abhi se krte hai jaise job pane hum ctet ki tyari hum unacdamy se kr rahe hai.
4>punhasamjikran-purane vyvhaar ko chodkar naye logo se jo vyvhaar sikhte hai.jaise hum jub job ke lie ek rajya se dusre rajya me jate hai to hum waha ki bhasa or Sanskriti seekh jate hai.
5>sangthnatmak samajikran-kisi sangathan me rahkar samajikran krna kisi ek role ko nibhana.
6>samhoo Samajikran-jaha hum kisi samho me rahkar.vyaktitua ke adhar pr pirbhavit krna.jaise whatsapp group,frnds group,society ke group me.
7>langik Samajikran-ye ling ke adhar pr hota hai.
8>jatiye Samajikran-iske under hum kisi chij ke pirt vyvhar,dharna,mulye,dirstikon ko apnate hai.


सामाजिकरण socialization
सामाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्र में प्रवेश करता है और विभिन्न समूहों का सदस्य बनता है
समाज के नियमों और मानदंडों का पालन करता है
समाज के साथ अंतर क्रिया interaction करता है
सामाजिकरण के प्रकार
1 प्राथमिक सामाजिकरण primary socialization
इसमें सामाजिकरण की शुरुआत होती है
जैसे परिवार मित्र
वे सब लोग जो जन्म से बच्चे के साथ रहते हैं वह प्राथमिक सामाजिकरण का हिस्सा माने जाएंगे
भविष्य के सामाजिक संबंध इसी से डिसाइड होते हैं
2 द्वितीयक सामाजिकरण secondary socialization
Jaise Vidyalay Pak pados
Ismein confliction hota hai जैसे बच्चे को स्कूल में सिखाया जाता है कि टोबैको इज इंजीनियर्स टू हेल्थ और बच्चा घर पर पापा आया भैया को टोबैको को खाता देखता है
3 प्रत्याशआत्मक सामाजिकरण anticipatory socialization
भविष्य में पद व्यवसाय के लिए जो हम कार्य करते हैं
जिसके लिए अभी से प्रैक्टिस की जाती है
4 Puna samajikaran resocialization
Bring a change in behaviour
पुराने व्यवहार को छोड़कर नए लोगों का आना नए व्यवहार को अपनाना परिवर्तन को अपनाना
5 sangathanatmak samajikaran organisational socialization
Ek sangathan ke liye Gyan ya Kaushal sikhana
Ek organisation mein apna roll nibhaanaa
Har organisation mein apna ek pad aur usi pad per Apne roll ko nibhaanaa
6 समूह सामाजिकरण group socialization
जहां दो या दो से अधिक लोग समूह बनाकर कोई कार्य करते हैं
सिंपल तौर तरीका या किसी बेसिस पर ग्रुप को बनाना
किसी ना किसी पर्सनालिटी व्यक्तित्व के आधार पर प्रभावित करना

  1. लैंगिक सामाजिकरण gender socialization
    लिंग के आधार पर विभिन्नता है
    लड़की लड़कों वाले गुण सीखते हैं और लड़कियां लड़कियों के गुण सीखते हैं
    8 jatiy samajikaran racial socialization
    प्रत्येक समाज की मान्यताएं कल्चर होता है उसी के आधार पर व्यवहार धारणा मूल्य दृष्टिकोण को रखना और अपना ना

By:- chahita acharya


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