🌼🌼 National curriculum framework 🌼🌼
(राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005)
🌼 रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध “सभ्यता और प्रगति” मे उल्लेख है
🌼 सृजनात्मकता उदार आनंद बचपन की कुंजी है
🌼🌼ncf-2005 का अनुवाद संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई सभी भाषाओं में किया गया है

🌼🌼अब तक का नवीन राष्ट्रीय दस्तावेज है
🌼🌼 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर प्रोफ़ेसर यशपाल की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञ विद्वान ने शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा

🌼🌼 5 मार्गदर्शक सिद्धांत ncf-2005
🌼1.ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ा जाए
🌼2.पढ़ाई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए
🌼3.पाठ्यचर्या ,पाठ्यपुस्तक तक केंद्रित ना रहे
🌼4.कक्षा कक्ष को गतिविधि से जोड़ा जाए और इस को लचीला बनाया जाए
🌼5. राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करें राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को एक पाठ्यक्रम में शामिल करें

🌼🌼 Ncf-2005 के महत्वपूर्ण तथ्य 🌼
🌼1.जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी कम करना, बाहरी जीवन से ज्ञान को जोड़ना
🌼2. Ncf को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना, अधिनियम प्रक्रिया में रटने से मुक्त करना, बच्चों को चहुमुखी विकास करना
🌼 3.बाल केंद्रित शिक्षा ,प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करें
🌼4. ncf-2005 का निर्माण NCERT द्वारा किया गया इसको पूर्ण करने का कार्य निर्देशक प्रोफेसर- कृष्ण कुमार के निर्देशन में किया गया
🌼इसका लक्ष्य “आत्मज्ञान “–अलग अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी है
🌼हर विद्यार्थी को अपनी क्षमता/ कौशल होती है तो हर विद्यार्थी को उसे व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए

🌼🌼🌼by manjari soni🌼🌼🌼

🌀 *राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005* *(National curriculum framework 2005)* ★ *रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध ” सभ्यता और प्रगति”से उद्धृत हुआ है* :- 👉 *सृजनात्मकता उदार आनंद बचपन की कुंजी है*। ✅ ncf-2005 का *अनुवाद संविधान की आठवीं अनुसूची*;में दी गई सभी भाषा में किया गया है। 👉 *यह अब तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है*। ✅ मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर *प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता में* देश के चुने हुए विशेषज्ञ विद्वानो ने शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौतियों के रूप में देखा । ✅ *ncf-2005 के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत* :- 👉 ज्ञान को स्कूल के बाहर जीवन से जोड़ा जाए। 👉 पढ़ाई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए । 👉 पाठ्यचर्या पाठ्यपुस्तक तक केंद्रित ना रहे। 👉 कक्षा – कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इस को लचीला बनाया जाए । 👉 राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करें। राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करें । 🍀 *ncf-2005 के महत्वपूर्ण तथ्य* 🍀 👉 जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना ,बाहरी जीवन से ज्ञान को जोड़ना। 👉 एनसीएफ को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना , अधिगम प्रक्रिया में रटने से मुक्त करना इससे बच्चे का चहुमुखी विकास होता है । 👉 बाल केंद्रित शिक्षा प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण । ✅ *ncf-2005 का निर्माण एनसीईआरटी के द्वारा किया गया इस को पूर्ण करने का कार्य निदेशक प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में किया गया* 👉 इसका लक्ष्य “आत्मज्ञान” अलग-अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी है। 👉 हर विद्यार्थी की अपनी क्षमता /कौशल होती है तो हर विद्यार्थी को उसे व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए । धन्यवाद नोट्स बाय प्रज्ञा शुक्ला

*⛳National curriculum framework-2005⛳*
*(राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2005*)

*★ रविंद्र नाथ टैगोर* के निबंध *सभ्यता और प्रगति* मे कहा गया है- “सृजनात्मकता उदार बचपन की कुंजी है “।

★ NCF-2005 का अनुवाद संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई सभी भाषाओं में किया गया हैं।
👉 यह विद्यालय शिक्षा का अब तक का *सबसे नवीनतम* राष्ट्रीय दस्तावेज है।

★ *मानव संसाधन विकास मंत्रालय* की पहल पर *प्रोफेसर यशपाल* की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञ विद्वानों ने शिक्षक को नए राष्ट्रीय चुनौतियों के रूप में देखा।

*★ 5 मार्ग दर्शक सिद्धांत*
NCF-2005 के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत निम्नलिखित है-
१. ज्ञान को स्कूल के *बाहरी जीवन* से जोड़ा जाए।

२. पढ़ाई को *रटन्त प्रणाली* से मुक्त किया जाए ।
३. पाठ्यचर्या *पाठ्यपुस्तक तक केंद्रित* ना रहे।

४. कक्षा कक्ष को *गतिविधियों* से जोड़ा जाए और इस को *लचीला* बनाया जाए।

५. राष्ट्रीय *मूल्यों के प्रति आस्थावान* विद्यार्थी तैयार करें *राष्ट्र के महत्व* के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करें।

*★NCF-2005 के महत्वपूर्ण तथ्य*
१. जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना। वास्तविकता और ज्ञान दोनों अलग नहीं है यह दोनों एक ही है और इन्हें बाहरी जीवन से जोड़ना।

२. एनसीएफ को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना,अधिगम प्रक्रिया में रटने से मुक्त करना जिससे बच्चे का चहुंमुखी विकास हो सके।

३. बाल केंद्रित शिक्षा हो प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करें।

४. ncf-2005 का निर्माण *एनसीईआरटी* के द्वारा किया गया इस को पूर्ण करने का कार्य निदेशक *प्रोफेसर कृष्ण कुमार* के नेतृत्व में किया गया।

५ हर विद्यार्थी की अपनी क्षमता कौशल होते हैं तो हर विद्यार्थी को उसे व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए ताकि वह अपनी बात रख सके।
Notes by Shivee Kumari😊
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸
____________________________________________________________
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 :-

🌿 राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा की उत्पत्ति रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध “सभ्यता और प्रगति” से हुआ है। इसमें कहा गया है कि सृजनात्मकता, उदार और आनंद बचपन की कुंजी है।

🌿 Ncf 2005 अब तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है

🌿 Ncf 2005 का अनुवाद भारतीय संविधान की ‘आठवीं अनुसूची’ में दी गई सभी भाषा में किया गया है।

🌿 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर प्रोफेसर *यशपाल* की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञों अथवा विद्वानों ने शिक्षकों को नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा।

NCF 2005 के 5 मार्गदर्शक सिद्धांत :-

1️⃣ ज्ञान को स्कूल के बाहर के जीवन से जोड़ा जाए।
2️⃣ पढ़ाई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए।
3️⃣ पाठ्यचर्या पाठ्यपुस्तक तक ही केंद्रित ना रहे।
4️⃣ कक्षा कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इसको लचीला बनाया जाए।
5️⃣ राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करना और राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करना।

NCF 2005 के महत्वपूर्ण तथ्य :-

💫 जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना और बाहरी जीवन से जोड़ना।

💫 NCF को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना, अधिगम प्रक्रिया में रटने से मुक्त करना और बच्चे का चहुँमुखी विकास करना।

💫 बाल केंद्रित शिक्षा प्रणाली तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करना।

💫 Ncf-2005 का निर्माण *एनसीईआरटी* के द्वारा किया गया तथा इसको पूर्ण करने का कार्य निदेशक प्रोफेसर *कृष्ण कुमार* के नेतृत्व में किया गया।

💫 इसका लक्ष्य ‘आत्मज्ञान’ कराना अर्थात अलग अलग अनुभव देकर उसे स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करने देना।

💫 Ncf-2005 ने कहा है कि प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी क्षमता/कौशल होती है अतः प्रत्येक विद्यार्थियों को अपनी कौशल और क्षमताओं को व्यक्त करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

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समानता का नियम (Law of Resemblance)

जैसे माता-पिता होते हैं वैसे ही उनकी संतान भी होती है।

🗣️ सोरेनसन के अनुसार, “बुद्धिमान माता-पिता की संतान बुद्धिमान, साधारण माता-पिता की संतान साधारण और मंदबुद्धि माता पिता के संतान मंदबुद्धि होते हैं।”

इसी प्रकार शारीरिक रचना की दृष्टि से भी बच्चे माता पिता के समान होते हैं।

उदाहरणार्थ : यदि किसी माता पिता की शरीर रचना गोलाकार है तो उनकी संतानों की भी शरीर रचना गोलाकार होती है और यदि माता-पिता की शरीर रचना चौड़ा है तो उनके संतानों की भी शरीर रचना चौड़ा होगा।

उपर्युक्त सोरेनसन के कथन की सामान्य प्रतिपुष्टि यह है कि “सोरेनसन का नियम अपूर्ण है क्योंकि राजा यह देखा जाता है कि काली माता पिता के संतान गोरे मंदबुद्धि माता-पिता के संतान बुद्धिमान होते हैं।”

विभिन्नता का नियम (Law of Variation)

💫इसमें बालक माता-पिता के बिल्कुल समान न होकर उनसे कुछ भिन्न होते हैं।

💫एक ही माता-पिता के दो बच्चे एक दूसरे से समान होते हुए भी बुद्धि, रंग और स्वभाव में एक दूसरे से भिन्न होते हैं। कभी-कभी उनमें पर्याप्त मानसिक और शारीरिक विभिन्नता पाई जाती है।

सोरेनसन के अनुसार,”इस विविधता का कारण माता पिता की उत्पादक कोषों की विशेषताएं हैं।” उत्पादक कोषों में अनेक पैतृक होते हैं जो विभिन्न प्रकार से संयुक्त होकर एक दूसरे से भिन्न बच्चों का निर्माण करते हैं।
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_______Written By : Awadhesh Kumar__________________

🏵️🏵️ national curriculum Framework 2005 🏵️🏵️
🏵️🏵️ राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005 🏵️🏵️
🏵️🔹रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध सभ्यता और प्रगति से उद्धृत हुआ है।
🏵️🔹 सृजनात्मकता उधार आनंद बचपन की कुंजी है।
🏵️👉 Ncf-2005 का अनुवाद संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई सभी भाषा में किया गया है।
🏵️👉 यह अब तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है।
🏵️👉मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञ, विद्यान ने शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा।
🔹🏵️🔹 Ncf 2005 के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत:–
🏵️1-ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ा जाए।
🏵️2-पढ़ाई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए।
🏵️3-पाठ्यचर्या, पाठ्यपुस्तक तक केंद्रित ना रहे।
🏵️4-कक्षा- कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इसको लचीला बनाया जाए।
🏵️5-राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करें, राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करें।
🔹🏵️🔹 Ncf-2005 के महत्वपूर्ण तथ्य 🔹🏵️🔹
🏵️1-जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी कम करना, बाहरी जीवन से ज्ञान को जोड़ना।
🏵️2-Ncf को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना, अधिगम प्रक्रिया में रटने से मुक्त करना, बच्चे का चौमुखी विकास होता है।
🏵️3-बाल केंद्रित शिक्षा, प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करें।
🏵️4-ncf-2005 का निर्माण एनसीईआरटी के द्वारा किया गया इसको पूर्ण करने का कार्य निर्देशक प्रोफेसर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में किया गया।
🏵️5-इसका लक्ष्य “आत्मज्ञान”- अलग अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करना है।
🏵️6-हर विद्यार्थी की अपनी क्षमता/ कौशल होती है तो हर विद्यार्थी को उसे व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए।
🔹🏵️🏵️🏵️🔹
🔹🏵️🔹 Notes by~Vinay Singh Thakur 🔹🏵️🔹
🌸 National curriculum. framework_ 2005🌸
(राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रुपरेखा_ 2005)

🌻 रवीन्द्र नाथ टैगोर के निबंध सभ्यता और प्रगति में ‌‌ “सृजनात्मकता उदार आनंद बचपन की कुंजी हैं”

🌻 Ncf 2005 के 5 मार्ग का अनुवाद संविधान की 8 वी अनूसुचि में दी गई सभी भाषा में किया गया है।

🌻 यह विद्यालय शिक्षा का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है ।

🌻 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञ विद्वनो ने शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा।

🌻NCf 2005 के 5 मार्गदर्शक सिद्धांत🌻

🌻ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ा जाए।

🌻पढा़ई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए।

🌻 पाठ्यचर्या, पाठ्य-पुस्तक तक केन्द्रित ना रहे।
🌻कक्षाकक्ष ‌को गतिविधियों से जोड़ा जाए और उसको लचीला बनाया जाए।

🌻 राष्ट्रीय ‌ मुल्यो के प्रति आस्थावन विधार्थी तैयार करें राष्ट्र के महत्त्वपूर्ण ‌बिन्दुओ को पाठ्यक्रम में ‌शामिल करें।

🌻NCf 2005 के महत्त्वपूर्ण तथ्य _

🌻जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना और बादरी‌ जीवन से ज्ञान को जोड़ना।
🌻ncf को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना अधिगम प्रक्रिया में रटने से मुफ्त करना,बच्चे का चहुंमुखी विकास होता है।

🌻बाल केन्द्रीत शिक्षा, प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करे।

🌻NCf 2005 का निर्माण NCf के व्दारा किया गया इसको पूर्ण करने का कार्य निदेशक प्रोफेसर क्रष्ण कुमार के नेतृत्व में किया गया।

🌻हर विधार्थी को अपनी क्षमता/कौशल होती हैं तो हर विधार्थी को उसे व्यकत् करने का मौका दिया जाना चाहिए।

Notes by Puja Murkhe🥰
📚 National Curriculum Framework 2005
( राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005)📚

🎊 Ncf2005 अभी अब तक का,नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है। यह रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध, सभ्यता और प्रगति से उद्धृत हुआ है।

🎊 इसमें कहा गया है, सृजनात्मकता, उदार और आनंद बचपन की कुंजी है।

🎊 Ncf-2005 का अनुवाद, संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई सभी भाषा में किया गया है।

🎊 मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) की पहल पर प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता में, देश के चुने हुए विशेषज्ञ, विद्वान ने शिक्षक को, नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा।

📚NCF -2005 के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत📚

🎊 ज्ञान को स्कूल के बाहर ही जीवन से जोड़ा जाए।

🎊 पढ़ाई को रटंत प्रणाली से मुक्त किया जाए।

🎊पाठ्यचर्चा,पाठ्यपुस्तक तक केंद्रित ना रहे।

🎊कक्षा कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इस को लचीला बनाया जाए।

🎊 राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करें, और राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करें।

📚NCF-2005, के महत्वपूर्ण तथ्य📚

🎊 जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना यानी व्यक्तिगत विभिन्नता को कम करना।

🎊 बाहरी जीवन से,ज्ञान को जोड़ना।

🎊NCF को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना, बच्चे के चहूमुखी विकास के लिए, अधिगम प्रक्रिया को रखने से मुक्त कराना।

🎊 बाल केंद्रित शिक्षा और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करना।

🎊NCF-2005, हनुमान एनसीईआरटी द्वारा किया गया। इसको पूर्ण करने का कार्य प्रोफेसर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में किया गया।

🎊 इसका लक्ष्य बच्चों को”आत्मज्ञान” देना और अलग-अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति कराना है।

🎊 हर विद्यार्थी की अपनी क्षमता या कौशल होती है तो हर विद्यार्थियों को उसे व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए।

🎊Notes By आकांक्षा🎊
🙏🏻🤗🌸🙏🏻🙏🏻🖊️

📝National curriculum farmework 2005

,(राष्ट्रीय पाठ चर्या रूपरेखा 2005)

🎉 Ncf 2005 अभी तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है। यह रविन्द्र नाथ टैगोर के निबंध ,सभ्यता और प्रगति से उद्ध्रत हुआ है।

🎉इसमें कहा गया है श्राजनात्मकता ,उदार और बचपन कि कुंजी है ।

🎉Ncf 2005 का अनुवाद ,संविधान की 8वी अनुसूची में दी गई सभी भाषाओं में किया गया है।

🎉 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर प्रोफेसर यशपाल की अध्यक्षता में ,देश के चुने हुए विशेषज्ञ विद्वान ने शिक्षकों ने राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा ।

🎉एनसीएफ2005 के 5 मार्गदर्शक सिध्दांत ➖
🔥ज्ञान को विद्यालय के बाहर ही जीवन से जोड़ा जाए।

🔥पढ़ाई को रतंट प्रणाली से मुक्त किया जाए ।

🔥पाठ्यचर्या पाठयपुस्तक, तक केंद्रित ना रहे
🔥कक्षा कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए । और इसे लचीला बनाया जाए।

🔥राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करे ,और राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करे।

🍁महत्व पूर्ण तथ्य ➖

🎉जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना ,यानी व्यक्तिगत विभिन्नता को कम करना।

🎉ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ना

🎉Ncf को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना ,बच्चे के चहुमुखी विकास के लिए अधिगम प्रक्रिया को रखने से मुक्त कराना ।

🎉 बाल केंद्रित शिक्षा और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करना ।

🎉Ncf 2005 का निर्माण एनसीएफ के द्वारा किया गया । इसको पूर्ण करने का कार्य निदेशक प्रोफेसर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में किया गया ।

🎉हर विद्यार्थी में अपनी क्षमता /कौशल होती है तो हर विद्यार्थी को उस व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए।

📒📒 Arti savita
🌟 *राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा/NCF –2005 (National Curriculum Freamwoark-2005)*🌟

💫 Ncf-2005 की शुरुआत रवींदरनाथ टैगोर के निबंध “सभ्यता और प्रगति ” से शुरुआत हुई है।

💫 सृजनात्मकता उदार आनंद बचपन की कुंजी है, यह वाक्य इनके निबंध में कहा गया है।

💫 Ncf-2005 का अनुवाद संविधान की “आठवीं अनुसूची में दी गई तथा सभी भाषा में किया गया है।

💫 अब तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज।

💫 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर “प्रो. यशपाल”की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञ, विद्वान से शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा।

🌟 *NCF के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत:-*

💫 *१.* ज्ञान को विद्यालय या स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ा जाए।

💫 *२.* पढ़ाई को रटन्त् प्रणाली से मुक्त किया जाए।

💫 *३.* पाठ्यचर्या, पाठयपुस्तक तक केंद्रित ना रहे।

💫 *४.* कक्षा कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इसको लचीला बनाया जाए।

💫 *५.* राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करें, राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करें।

🌟 *NCF – 2005 के महत्वपूर्ण तथ्य:-*

💫 NCF–जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना और बाहरी जीवन से ज्ञान को जोड़ना।

💫Ncf–2005 को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना और अधिगम प्रक्रिया में रटने से मुक्त करना, जिससे बच्चे का चहुमुखी विकास हो सके।

💫 बाल केंद्रित शिक्षा प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करें।

💫Ncf–2005 का निर्माण“NCERT” के द्वारा किया गया, इसको पूर्ण करने का कार्य निदेशक “प्रो. कृष्ण कुमार” के नेतृत्व में किया गया।

💫 इसका लक्ष्य आत्मज्ञान अलग–अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी है।

💫 हर विद्यार्थी की अपनी क्षमता/कौशल होती है, तो हर विद्यार्थी को उसे व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए।

✍️✍️✍️ *Notes by–Pooja* ✍️✍️✍️

🔆 राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा/NCC – 2005 (National curriculum framework – 2005 ) ➖

🍀 Not – 2005 का उद्गम रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध “सभ्यता और प्रगति” से हुआ जिसमें लिखा गया या कहा गया था कि सृजनात्मकता ही उदार आनंद की कुंजी है |

🍀 Ncf – 2005 का अनुवाद संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई सभी भाषाओं में किया गया है |

🍀 Ncf – 2005 अब तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है |

🍀 मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर” प्रोफ़ेसर यशपाल” की अध्यक्षता में देश के चुने हुई विशेषज्ञ, या विद्वानों ने शिक्षकों को नई राष्ट्रीय चुनौतियों के रूप में देखा |

🛑 Ncf – 2005 के पॉच मार्गदर्शक सिद्धांत➖

🎯 ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जोड़ा जाए |

🎯पढ़ाई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए |

🎯 पाठ्यचर्या, पाठ्यपुस्तक तक ही केंद्रित ना रहे |

🎯 कक्षा कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इसको लचीला बनाया जाए |

🎯 राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार किए जाए जिसमें राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया जा सके |

⭕ Ncf – 2005 के महत्वपूर्ण तथ्य ➖

🎯 इसके अंतर्गत जीवन एवं ज्ञान के बीच की दूरी को कम करके ज्ञान को बाहरी जीवन से जोड़ा जाए | ताकि बच्चों का चहुंमुखी विकास हो सके |

🎯 ncf-2005 को प्राथमिक शिक्षा में लागू किया जाए, ताकि बच्चे सृजनात्मक हो सके जिससे बच्चे रटन्त प्रणाली से मुक्त हो सके और उनका चौतरफा विकास हो सके |

🎯 शिक्षा बाल केंद्रित हो बच्चे का व्यक्तित्व प्रभावशाली हो और ऐसे विद्यार्थी का निर्माण हो सके जिनका व्यक्तित्व प्रभावशाली हो सके अर्थात ncf-2005 के अंतर्गत बच्चे की व्यक्तित्व निर्माण की बात कही गई जिससे उनका संपूर्ण विकास हो सके और वे अपनी प्रगति में सहायक हो सके|

🎯 ncf-2005 का निर्माण NCERT द्वारा किया गया था इसको पूर्ण करने का कार्य निदेशक ” प्रोफ़ेसर कृष्ण कुमार” के नेतृत्व में किया गया था एवं इनका प्रमुख लक्ष्य

“आत्मज्ञान” जिसमें बच्चे को अलग अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी है |

एवं हर विद्यार्थी को अपनी-अपनी क्षमता या कौशल होती है तो हर विद्यार्थी को उसे व्यक्त करने का अवसर प्राप्त हो सके जिसके लिए शिक्षक क़ा ऐसा माहौल तैयार करना कि बच्चे अपने विचार व्यक्त कर सकें |

नोट्स बाय ➖रश्मि सावले

🌼🍀🌺🌸🍀🌸🌸🌺🌺🌻🌼🌸🌺🍀🌻🌸🌹

(NCF-2005 framework)

National Curriculum framework-2005

रवीन्द्र नाथ टैगोर के निबंध,”सभ्यता और प्रगति”से उद्धित है।

“सृजनात्मकता उदार,आनंद बचपन की कुंजी है।”

(NCF- 2005) राष्ट्रीय पाठ्यचर्या- 2005 का अनुवाद संविधान की 8 वी अनुसूची में किया गया है।

शिक्षक को राष्ट्रीय चुनौतियों के रुप में स्वीकार किया गया;अब तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है।

“मानव संसाधन विकास मंत्रालय “(MHRD)की पहल पर “प्रोफेसर यशपाल” की अध्यक्षता मैं देश के चुने हुए विशेषज्ञ विद्वानों ने शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौतियों के रूप में देखा।

NCF-2005 के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत ÷

1- ज्ञान को स्कूल के बाहर जीवन से जोड़ा जाए;

2- पढ़ाई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए;

3-पाठ्यचर्या पाठ पुस्तक- तक केंद्रित ना रहे;

4-कक्षा -कक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इसको लचीला बनाया जाए।

5-राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करे,राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल करना।

NCF -2005 एन.सी.एफ.-२००५ के महत्वपूर्ण तथ्य÷

उद्देश्य-जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना;और बाहरी जीवन से जोड़ना।

NCf को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना अधिगम प्रक्रिया में रखने से मुक्त करना जिससे बच्चों के चहमुखी विकास संभव हो सके;

बाल केंद्रित शिक्षा, प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चों का निर्माण करे;

NCF-2005 का निर्माण एन.सी.ई.आर.टी(NCERT)के द्वारा किया गया है; इसको पूर्ण करने का कार्य निदेशक प्रोफेसर कृष्ण कुमार के नेतृत्व में किया गया है।

इसका लक्ष्य- “आत्मज्ञान”अलग-अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी थी।

हर विद्यार्थी को उसके व्यक्तित्व को व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए।

✍️लेखनी-शिखर पाण्डेय ✍️

🔆 National curriculum framework 🔆
(राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा 2005)
◼रविंद्र नाथ टैगोर के निबंध “सभ्यता और प्रगति” मे उल्लेख है
◼सृजनात्मकता उदार आनंद बचपन की कुंजी है |
◼ Ncf-2005 का अनुवाद संविधान की आठवीं अनुसूची में दी गई सभी भाषाओं में किया गया है |
◼अब तक का नवीन राष्ट्रीय दस्तावेज है |
◼मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर प्रोफ़ेसर यशपाल की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञ विद्वान ने शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देख |
🔅Ncf – 2005 के पांच मार्गदर्शक सिद्धांत ➖
1. ज्ञान को स्कूल के बाहरी जीवन से जुड़ा जाए |
2. पढ़ाई को रटन्त प्रणाली से मुक्त किया जाए |
3. पाठ्यचर्या पाठ्यपुस्तक तक केंन्द्रित ना रहे |
4. कक्षा कक्ष को गतिविधि से जोड़ा जाए और इसको लचीला बनाया जाए |
5. राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करें राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को एक पाठ्यक्रम में शामिल करें |
🔅 Ncf – 2005 के महत्वपूर्ण तथ्य :-
1⃣ जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी कम करना बाहरी जीवन से ज्ञान को जोड़ना है |
2⃣ Ncf को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना अधिनियम प्रतिक्रिया में रटने से मुक्त करना बच्चों को चहुमुखी विकास करना |
3⃣ बाल केंद्रित शिक्षा प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चे का निर्माण करें |
4⃣ Ncf – 2005 का निर्माण NCERT द्वारा किया गया इसको पूर्ण करने का कार्य निर्देशक प्रोफ़ेसर – कृष्ण कुमार के निर्देशन में किया गया |
⭐इसका लक्ष्य आत्मज्ञान अलग-अलग अनुभव अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी है |
⭐हर विघार्थी को अपनी क्षमता कौशल होती है तो हर विघार्थी को उसे व्यक्त करने का मौका दिया जाना चाहिए |
Notes by ➖Ranjana sen

🌹 N C F – 2005 🌹

National Curriculum Framework

🌹🌿 राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा – 2005 🌿🌹

🌻 NCF – 2005 उद्धरण हुआ है -:

” रविंद्र नाथ टैगोर ” के निबंध ” सभ्यता और प्रगति ”

से , जिसमें लिखा है कि –

” सृजनात्मकता उदार आनंद बचपन की कुंजी है। ”

🌻 Ncf-2005 का अनुवाद संविधान की ” 8वीं अनुसूची ” में दी गयी सभी भाषा में किया गया है।

🌻 NCF 2005 अब तक का नवीनतम राष्ट्रीय दस्तावेज है ।
मानव संसाधन विकास मंत्रालय की पहल पर ” प्रो . यशपाल ” की अध्यक्षता में देश के चुने हुए विशेषज्ञ , विद्वानों ने शिक्षक को नई राष्ट्रीय चुनौती के रूप में देखा ।

🌻 NCF – 2005 के 5 मार्गदर्शक सिद्धांत :-

1. शिक्षा / ज्ञान को विद्यालय के बाहरी जीवन से जोड़ा जाए ।

2. पढ़ाई को रटने की प्रणाली से मुक्त किया जाए।

3. पाठ्यचर्या , पाठ्यपुस्तक तक ही केंद्रित ना रहे।

4. कक्षाकक्ष को गतिविधियों से जोड़ा जाए और इसको लचीला बनाया जाए ।

5. राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति आस्थावान विद्यार्थी तैयार करें तथा राष्ट्र के महत्व के बिंदुओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया जाये ।

🌻 NCF – 2005 के महत्वपूर्ण तथ्य / उद्देश्य :-

👉 जीवन और ज्ञान के बीच की दूरी को कम करना और बाहरी जीवन से ज्ञान को जोड़ना ।

👉 NCF को प्राथमिक शिक्षा में लागू करना ,
अधिगम प्रक्रिया को रटने से मुक्त करना ,
जिससे बच्चों का चहुंमुखी विकास होता है।

👉 बाल केंद्रित शिक्षा हो और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाले बच्चों का निर्माण करें।

👉 NCF – 2005 का निर्माण NCERT के द्वारा किया गया है।

👉 NCF – 2005 को पूर्ण करने का कार्य निदेशक
” प्रो . कृष्ण कुमार ” के नेतृत्व में किया गया है।

👉 इसका लक्ष्य था :- ” आत्मज्ञान ”
अर्थात अलग – अलग अनुभव देकर उन्हें स्वयं ज्ञान की प्राप्ति करनी है ।

👉 प्रत्येक विद्यार्थी की अपनी एक विशेष क्षमता / कौशल होती है , तो हर विद्यार्थी को उसे व्यक्त करने का पूर्ण मौका दिया जाना चाहिए।

🌹✒️ Notes by – जूही श्रीवास्तव ✒️🌹

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