🔥बहु कारक सिद्धांत🔥

➡️ ई एल थार्नडाइक के अनुसार:—

👉 बुद्धि कई तत्वों का एक समूह होता है और प्रत्येक तत्व में कई सूचना योग्यता नहीं होती है
👉 बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यता निहित होती है जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती है
👉 बुद्धि में अंकित योग्यता विशिष्ट योग्यता दिशा योगिता तक योगिता स्मरण योग्यता भाषण योग्यता आदि होती है

🔥 समूह तत्व सिद्धांत🔥

➡️थर्सटन के अनुसार:—

👉 ऐसे तत्व जो सभी प्रतियोगात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होते परंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं ग्रुप तत्व की संज्ञा दी जाती है
👉 मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है

➡️थर्सटन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया:—

1) प्रेक्षण योग्यता(spatial ability)

2) अंक योग्यता(number ability)

3) शाब्दिक योग्यता(verbal ability)

4) वाक शक्ति(word ability)

5) स्मरण शक्ति(memory ability)

6) कार्तिक योग्यता(reasonings ability)

7) पर्यवेक्षण शक्ति(perceptual ability)

🔥 प्रतिदर्श सिद्धांत🔥

👉 थॉमसन:—g/s Factor का विरोध

👉 व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतंत्र योग्यताओं पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योगिता का क्षेत्र सीमित होता है
👉 बुद्धि कई स्वतंत्र तत्वों से बना है किसी विशेष परीक्षा में कुछ स्पष्ट दिखाई देते हैं
👉दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई देते हैं
👉 या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्वों दिखाए थे जिनमें कोई सामान्य नहीं है

🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰🔰

Notes by:—sangita bharti🙏🙏

💥⭐बहुकारक वुध्दि सिद्धांत ⭐💥

🍃 प्रवर्तक ÷ थाॅर्नडाइक

👉वुध्दि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होते हैं वुध्दि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यता निहित होती है जो विभिन्न कार्यों में संपादित करता है।
वुध्दि में अंकिक योग्यता, शाब्दिक योग्यता, दिशा योग्यता, तर्क योग्यता, स्मरण शक्ति, भाषण योग्यता आदि होती है।

🍁💥 समूह तत्व सिद्धांत 💥🍁

🍂 प्रवर्तक ÷ थर्सटन

👉वे तत्व जो सभी प्रतिभात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होते परन्तु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं। उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी जाती है।
मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है।

🌻थर्सटन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया—-

✨प्रेक्षण योग्यता (Spatial Ability)
✨अंक योग्यता (Number Ability)
✨शाब्दिक योग्यता (Verbal Ability)
✨वाक् योग्यता (Word Ability)
✨स्मरण योग्यता (Memory Ability)
✨ तार्किक योग्यता (Reasoning Ability)
✨परिवेक्षण योग्यता (Perceptual Ability)

💥🍂 प्रतिदर्श सिद्धांत 🍂💥

🍁जन्मदाता — थाॅमसन
👉G/S Factor का विरोध किया।

✨ व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतन्त्र योग्यता पर निर्भर करता है। किन्तु स्वतंत्रता योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है।
वुध्दि कई स्वतन्त्र तत्वों से बना है। किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं ।दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई दे।
या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई दे जिसमें कोई सामान्य नहीं हो।

📒📒📒📒📒 Notes by — Babita Yadav ✨✨✨✨✨✨✨

🧠🧠बहुकारक सिद्धांत 🧠🧠

➡️इसके प्रतिपादक÷ थाॅर्नडाइक महोदय थे।

🌱🌱बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होते हैं बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यता निहित होती है जो विभिन्न कार्यों में संपादित करता है।
बुद्धि में अंकिक योग्यता, शाब्दिक योग्यता, दिशा योग्यता, तर्क योग्यता, स्मरण शक्ति, भाषण योग्यता आदि होती है।

💦 समूह तत्व सिद्धांत 🔥
इसके प्रतिपदक÷थर्सटन थे

💦 वे तत्व जो सभी प्रतिभात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होते परन्तु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं। उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी जाती है।

💦मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है।

👨🏻‍🏫थर्सटन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया÷

✨प्रेक्षण योग्यता (Spatial Ability)

✨अंक योग्यता (Number Ability)

✨शाब्दिक योग्यता (Verbal Ability)

✨वाक् योग्यता (Word Ability)

✨स्मरण योग्यता (Memory Ability)

✨ तार्किक योग्यता (Reasoning Ability)

✨पर्यवेक्षण योग्यता या दृष्टिकोण (Perceptual Ability)

💦 प्रतिदर्श सिद्धांत 🍂💥

प्रतिपादक÷ थाॅमसन
➡️G/S( General to specific) Factor का विरोध किया।

🌺 व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतन्त्र योग्यता पर निर्भर करता है। किन्तु स्वतंत्रता योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है।

➡️बुध्दि कई स्वतन्त्र तत्वों से बन। किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं ।

➡️दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई दे।
या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई दे जिसमें कोई सामान्य नहीं हो।

👉👉 Notes by —$hikhar pandey✨✨✨✨✨✨✨

🔆 बहु कारक सिद्धांत (Multifactoor Theory) ➖

इस सिद्धांत का प्रतिपादन थार्नडाइक ने किया |

बहु कारक सिद्धांत के अनुसार बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होती है |

बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट कश योग्यताएं निहित होती हैं जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती है |

बुद्धि में आंकिक योग्यता,शाब्दिक योग्यता, दिशा योग्यता, तर्क योग्यता,स्मरणं शक्ति, भाषण योग्यता आदि सभी प्रकार की योग्यताएँ निहित होती हैं |

🔆 समूह तत्व सिद्धांत (Group factor Theory) ➖

इस का प्रतिपादन थर्सटन ने किया था |

वे तत्व जो सभी प्रतिभात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होते परंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई है |

मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है |

इन्होंने सात प्रकार की प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का प्रतिपादन किया | जो कि निम्न हैं➖

1) प्रेक्षण योग्यता (Spatula ability)

2) आंकिक या सांख्यिकीय योग्यता ( Noumber Ability)

3) शाब्दिक योग्यता (Verbal Ability)

4) वाक्य शक्ति (Word Ability)

5) स्मरण शक्ति (Memory Ability)

6) तार्किक योग्यता (Reasoning Ability)

7) पर्यवेक्षण शक्ति (Perception Ability)

🔆 प्रतिदर्श सिद्धांत ( Sampling Theory )➖

प्रतिदर्श सिद्धांत का प्रतिपादन थॉमसन ने किया |

इन्होंने कारक सिद्धांत का विरोध किया ,व्यक्ति का व्यवहार अधिक स्वतंत्र योग्यताओं पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यताओं का क्षेत्र सीमित होता है बुद्धि के स्वतंत्र तत्वों से मिलकर बनी है |

किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ स्पष्ट दिखाई देतें है दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई दे सकते हैं या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई दे जिसमें कोई भी समान न हो |

नोट्स बाॅय➖ रश्मि सावले

🌻🌼🌸🍀🌺🌻🌼🌸🍀🌺🌻🌼🌸🍀🌺🌻🌼🌸🍀🌺
🏵️बहु कारक सिद्धांत (multi factory theory 🏵️
👉 इस सिद्धांत को थार्नडाइक ने दिया था।
👉 बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होती है बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यताएं निहित होती हैं जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती हैं बुद्धि में अंकित योग्यता, शाब्दिक योग्यता, दिशा योग्यता, तर्क योग्यता, स्मरण योग्यता, भाषण आदि योग्यता होती है।
🌸 समूह तत्व सिद्धांत (group factor theory) 🌸
👉 इस सिद्धांत को थर्सटन ने दिया था।
👉 वे तत्व जो सभी प्रतीकात्मक योग्यता में तो समान नहीं होते कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई है मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान रहता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है।
◾ थर्सटन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया है—
1️⃣ प्रेक्षण योग्यता(अवलोकन)
2️⃣ अंक योग्यता
3️⃣ शाब्दिक योग्यता
4️⃣ बाक शक्ति
5️⃣ स्मरण शक्ति
6️⃣ तार्किक योग्यता
7️⃣ पर्यवेक्षण शक्ति(निगरानी)
🌺 प्रतिदर्श सिद्धांत 🌺
👉इस सिद्धांत को थॉमसन ने दिया था।
👉 थॉमसन ने स्पीयर मैन के G.S फैक्टर का विरोध किया।
👉 व्यक्ति का व्यवहार स्वतंत्र योग्यता पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है बुद्धि कई स्वतंत्र तत्वों से बनी होती है किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं दो या दो से अधिक परीक्षण में एक प्रकार के तत्व दिखाई देते हैं या अन्य परीक्षण में विभिन्न तत्व दिखाई दे जिसमें कोई सामान नहीं हो।
🌸🌸Thank you🌸🌸
🏵️🌸🏵️ Notes by–Vinay Singh Thakur

🌼🌼🌼 बहु कारक सिद्धांत🌼🌼🌼
(Multifector theory)
🌼🌼प्रवृतक-E.L.थार्नडाइक
🌼बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होती है बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यता नहीं होती है जो विभिन्न कार्यों को संपादित करता है बुद्धि में अंकित योग्यता ,शाब्दिक योग्यता, दिशा योग्यता ,तर्क योग्यता, स्मरण शक्ति ,भाषण योग्यता आदि होती है

🌼🌼 समूह तत्व सिद्धांत 🌼🌼
(Group factor theory)
🌼 प्रवृतक- Thurston(थर्स्टन )
🌼 वे तत्व जो सभी प्रतिभात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होते परंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई है मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है

🌼🌼 thurstan थर्सटन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता ओं का प्रतिमान किया —
🌼1. प्रेक्षण योग्यता(spatial ability)
🌼 2. अंक योग्यता (number ability)
🌼3. शब्दिक योग्यता (verbal ability)
🌼4. वाक् शक्ति( word ability)
🌼5. स्मरण शक्ति (memory ability)
🌼6.तार्किक योग्यता (reasoning ability)
🌼7. परिवेक्षण शक्ति (cerptual ability)

🌼🌼प्रतिदर्श सिद्धांत (sampling theory)
🌼 प्रवृतक- थॉमसन
🌼व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतंत्र योग्यताओं पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यताएं का क्षेत्र सीमित होता है बुद्धि कई स्वतंत्रता से बना है किसी विशिष्ट परीक्षा में कुछ तथ्य स्पष्ट दिखाई देते हैं
दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई देते हैं या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई दे जिसमें जिसमें कोई सामान्य नहीं है!!!

🌼🌼notes by manjari soni🌼🌼

बुद्धि के सिद्धांत

बहुकारक सिद्धांत
बहुतत्व सिद्धांत
बुद्धि का मात्रा सिद्धांत
Multifactor theory

इस सिद्धांत के प्रवर्तक Edward Lee thorndike थार्नडाइक थे।

इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि कई तत्वों का समूह होती हैं और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म में योग्यताएं निहित होती है।

बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यताएं निहित होती हैं जो विभिन्न कार्य को संपादित करता हैं।

बुद्धि में
आंकित योग्यता
शाब्दिक योग्यता
दिशा योग्यता
तर्क योग्यता
स्मरण शक्ति और
भाषण आदि होती है।

समूह तत्व सिद्धांत
समूह कारक सिद्धांत
थर्सटन का प्राथमिक योग्यताओं का सिद्धांत
Group factor theory

इस सिद्धांत के प्रवर्तक थर्सटन थे

इस सिद्धांत के अनुसार
वे तत्व जो सभी प्रतिभात्मक योग्यताओं में तो सामान्य नहीं होते परंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई।

मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है।

थर्सटन नए 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता ओं का प्रतिपादन किया

1.प्रेक्षण योग्यता (अवलोकन)
2.अंक योग्यता
3.शाब्दिक योग्यता
4.वाक् शक्ति
5.स्मरण शक्ति
6.तार्किक योग्यता
7.पर्यवेक्षण योग्यता (निगरानी)

प्रतिदर्श सिद्धांत
Sampling theory

इस सिद्धांत के प्रतिपादक थॉमसन थे

थॉमसन ने इस सिद्धांत में स्पीयमैन के g s Factor का विरोध किया।

इस सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतंत्र योग्यताओं पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है
बुद्धि कई स्वतंत्र तत्वों से बना होता है

किसी परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं
दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई दे सकते हैं।
या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई जिसमें कोई सामान्य नहीं हो।

Notes by Ravi kushwah

⛳बहु कारक बुद्धि सिद्धांत ⛳
(multi factor theory)

👉 इस सिद्धांत के प्रतिपादक थार्नडाइक है।

👉🏻 इस सिद्धांत के अनुसार जितने भी कार्य होते हैं सबको करने के लिए अलग-अलग तत्वों की आवश्यकता होती है।

👉🏻 बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्वों में कई सूक्ष्म योजना निहित होती है।
👉🏻 बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यताएं निहित होती है जो विशिष्ट कार्यों को संपादित करती है।
👉🏻 इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि में आंकिक योग्यता, शाब्दिक योग्यता, दिशा योग्यता,तर्क योग्यता, स्मरण शक्ति,भाषण योग्यता आदि होती है।
🌸🌸🌸🌸🌸🌸

🌼 बुद्धि का समूह तत्व सिद्धांत🌼
( group factor theory)

👉🏻इस सिद्धांत के प्रतिपादक थर्स्टन है।

👉🏻 इस सिद्धांत के अनुसार वे तत्व जो सभी प्रतीकात्मक योग्यता में जो सामान्य नहीं होते परंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई है।
मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व होता है जो सामान्य रूप से विद्यमान रहता है,जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है।

थर्स्टन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यताओं का प्रतिपादन किया है जो निम्न प्रकार है—

१. प्रेक्षण योग्यता (spatial ability) — यह अवलोकन से संबंधित योग्यता है।

२. अंक योग्यता ( number ability) — यह अंको की समझ से संबंधित योग्यता है।
३. शाब्दिक योग्यता( verbal ability)
4. वाक् शक्ति ( word ability)
५. स्मरण शक्ति (memory ability)
६. तार्किक योग्यता(reasoning ability)
७. पर्यवेक्षण शक्ति(cereptual ability)
🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸

🌼 प्रतिदर्श सिद्धांत🌼
(Sampling theory)

👉🏻 इस सिद्धांत का प्रतिपादन थॉमसन ने किया।

👉🏻 इन्होंने स्पियर मैन के दो तत्व (g/s factor) का विरोध किया।

इस सिद्धांत के अनुसार व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतंत्र योग्यताओं पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है।
बुद्धि कई स्वतंत्रता तत्वों से बना है किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं।
दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई देते है या अन्य परीक्षा मे विभिन्न तत्व दिखाई दे तो थॉमसन महोदय के अनुसार हो सकता है जिसमे कोई सामान्य नहीं हो या सारे सामान्य भी हो सकते है।

Notes by Shivee Kumari😊

बहुकारक सिद्धांत multfactor theory
E L थार्नडाइक

बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होती हैं बुद्धि में कई स्वतंत्र निश्चित योग्यता निहित होती है जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती हैं ज्जल आदि होती हैं

समूह तत्व सिद्धांत group fector theory

thursatan

वे तत्व जो सभी प्रतीकात्मक योग्यताओं में तो सामान्य नहीं होतेपरंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई है मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है

थर्स्टन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता ओं का प्रतिपादन किया है

1 प्रेक्षण योग्यता
2अंक की योग्यता
3 शाब्दिक योग्यता
4वाक शक्ति
5स्मरण शक्ति
6तार्किक योगिता
7पर्यवेक्षक शक्ति

प्रतिदर्श सिद्धांत sampling theory
थॉमसन thomsan

व्यक्ति का व्यवहार एक स्वतंत्र योग्यता पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है बुद्धि कई स्वतंत्र तत्वों से बना है किसी विशिष्ट परीक्षा में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं

दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई देते हैं या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई दें इसमें कोई सामान्य नहीं नहीं है

🙏🙏🙏🙏🙏 sapna sahu🙏🙏🙏🙏🙏

🌹 बहु कारक बुद्धि सिद्धांत🌹
बहु तत्व का सिद्धांत
बुद्धि का मात्रा सिद्धांत
Multi factor theory

🌲 प्रतिपादक :- Edward Lee थार्नडाइक

बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होती है।
बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यताएं निहित होती हैं जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती हैं।

🌿बुद्धि में अनेक प्रकार की योग्यतायें होती हैं , जैसे :-

आंकिक योग्यता
शाब्दिक योग्यता
दिशा योग्यता
तर्क योग्यता
स्मरण शक्ति
भाषण एकता ।

🌹 समूह कारक सिद्धांत 🌹
समूह तत्व सिद्धांत
थर्स्टन का प्राथमिक योग्यता का सिद्धांत
Group factor theory

🌲 प्रतिपादक :- लुईस थर्स्टन

वे तत्व जो सभी प्रतीकात्मक योग्यता में तो समान नहीं होते परंतु कई क्रियाओं में समान होते हैं , उन्हें ही समूह तत्व सिद्धांत की संज्ञा दी गयी है ।

मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है।

थर्स्टन ने ” 7 ” प्रकार की प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया। जैसे :-

प्रेक्षण योग्यता (अवलोकन) ( Spatial ability )
अंक योग्यता ( Number ability )
शाब्दिक योग्यता ( Verbal ability )
वाक् शक्ति ( Word ability. )
स्मरण शक्ति ( Memory ability )
तार्किक योग्यता ( Reasoning ability )
पर्यवेक्षण योग्यता (निगरानी) (Perceptual / Perception ability )

🌹 प्रतिदर्श सिद्धांत 🌹
Sampling Theory

🌲 प्रतिपादक :- थॉमसन

थॉमसन ने [ स्पियरमैन के G / S factor ] का विरोध किया।

व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतंत्र योग्यता पर निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है।

बुद्धि कई स्वतंत्र तत्वों से बनी है ,
किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं।

दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाएं दे सकते हैं या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई दे जिसमें कोई सामान्य नहीं हो ।

🌺✒️ Notes by – जूही श्रीवास्तव ✒️🌺

बुद्धि का बहु कारक सिद्धांत (multiple theory of intelligence)🔥

बुद्धि का बहु कारक सिद्धांत थार्नडाइक (E.L. Thorndike) ने दिया था।

बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्वों में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होती है । बुद्धि में कई तत्व स्वतंत्र विशिष्ट योग्यता निहित होती है, जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती है।
बुद्धि में आंकिक योग्यता, शाब्दिक योग्यता, दिशा योग्यता, तर्क योग्यता, स्मरण शक्ति, भाषण योग्यता आदि।

समूह तत्व सिद्धांत(group factor theory) 🔥🔥

इस सिद्धांत के प्रतिपादक थर्स्टन थे। वे तत्व जो सभी प्रतीकात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होते परन्तु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें समूह तत्व की संज्ञा दी गई है। मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक योग्यता प्रदान करता है।
थर्स्टन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया-

1. प्रेक्षण योग्यता (spatial ability)
2. अंक योग्यता (number ability)
3. शाब्दिक योग्यता (verbal ability)
4. वाक् शक्ति (world ability)
5. स्मरण शक्ति(memory ability)
6. तार्किक योग्यता (reasoning ability)
7. पर्यवेक्षण शक्ति (cereptual ability)

प्रतिदर्श सिद्धांत (sampling theory) 🔥🔥

इस सिद्धांत के प्रतिपादक थॉमसन थे। इन्होंने स्पीयरमैन के द्वि-कारक (G/S factor) सिद्धांत का विरोध किया।

व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतन्त्र योग्यता पर निर्भर करता है किंतु स्वतन्त्र योग्यता का क्षेत्र भी सीमित रहता है।

बुद्धि का स्वतन्त्र तत्वों से बना है। किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई देते हैं या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई दे जिसमें कोई सामान्य न हो।

✍️ Notes by – Shreya Rai 🙏

बुद्धि के सिद्धांत

🎯बहुकारक सिद्धांत🎯 (multifactor theory)

💫बुद्धि के बहुकारक सिद्धांत E.Lथार्नडायिक ने दिया।

👉बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यता निहित होते हैं ।
बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यता निहित होती है जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती है।

बुद्धि में अंकिक योग्यता, शाब्दिक योग्यता ,तर्क योग्यता, स्मरण शक्ति, भाषण योग्यता आदि होती है।

💫समूह तत्व सिद्धांत( group factor theory)

समूह तत्व सिद्धांत का प्रतिपादक थर्सटन (Thurston) ने दिया।

वे तत्व जो सभी प्रतीकात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होती परंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें एक ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई है ।

मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है ।

थर्सटन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया।

,( 1)प्रेक्षण योग्यता(number ability):-इसमे चीजों को देखना अवलोकन करना प्रेक्षण करना इत्यादि।

(2) अंक योग्यता( number ability):- जो numbrical चीजों से संबंधित है।

(3) शाब्दिक योग्यता (verbal ability) :- शब्दों का संप्रेषण मीडिया बात करने का तरीका इत्यादि आते हैं।

(4) वाक शक्ति (word ability):-बोलने के लिए कितना शब्द भंडार है, word जीवन से जुड़ा हुआ होना चाहिए।word का संग्रह अधिक होना चाहिए।

(5) स्मरण शक्ति ( memory ability) :-जिससे हम चीजों को स्मरण कर सकें।

(6) तार्किक योग्यता (reasoning ability) :-तर्क के अनुसार चीजों को बेहतर लेवल तक पहुंचा सत्य है।

(7) पर्यवेक्षण शक्ति(cercptual ability)

किसी भी कार्य के अंतर्गत दृष्टिकोण बनता है निगरानी, चीजों को जांच करना इत्यादि पर्यवेक्षण शक्ति के अंतर्गत आता है।

🌼प्रतिदर्श सिद्धांत (sampling theory):-
इस सिद्धांत का प्रतिपादक — थॉमसन

इन्होंने स्पियरमन के द्वि कारक सिद्धांत को विश का विरोध किया था।

बुद्धि बहुत ही अलग अलग स्वतंत्रता चीजों से बना होता है।

व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतंत्र की योग्यताओं पर निर्भर करता है।किंतु स्वतंत्र विनी योग्यता का क्षेत्र सीमित है हर योग्यता अपने आप में यूनिक है बुद्धि कई स्वतंत्र तत्वों से बना है किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं दो या दो से अधिक परीक्षा में एक प्रकार के तत्व दिखाई दे सकते हैं हो सकता है कि सामान्य तत्व हो या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाएं दे जिसमें कोई समान्य नहीं हो
Dipend on sichution

🙏Notes by-SRIRAM PANJIYARA 🙏

💥 बुद्धि के सिद्धान्त 🌀

🔅Multifactar theory ( बहुकारक सिद्धान्त
☀किस सिद्धांत का प्रतिपादन अमेरिकी मनोवैज्ञानिक :- E. L. Thorndike ( थार्नडाईक)
☀बुद्धि कई तत्वों का समूह होती है और प्रत्येक तत्व में कई सूक्ष्म योग्यताएं निहित होती है |
☀बुद्धि में कई स्वतंत्र विशिष्ट योग्यताएं निहित होती है जो विभिन्न कार्यों को संपादित करती है |
☀बुद्धि में मानसिक योग्यता शाब्दिक योग्यता दिशा योग्यता तर्क योग्यताएं स्मरण शक्ति भाषण योग्यता आदि होती है |
☀ इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि असंख्य स्वतंत्र कारको से मिलकर बनी है अर्थात व्यक्ति जितनी भी मानसिक क्रियाएँ करता है उतने तत्व बुद्धि के अन्तर्गत पाए जाते है |
🔅समूह तत्व सिद्धांत ( Group factor theory) ➖
वे तत्व जो सभी प्रतिभात्मक योग्यता में तो सामान्य नहीं होते परंतु कई क्रियाओं में सामान्य होते हैं उन्हें ग्रुप तत्व की संज्ञा दी गई है मानसिक क्रियाओं में एक प्रमुख तत्व सामान्य रूप से विद्यमान होता है जो क्रियाओं को मनोवैज्ञानिक एकता प्रदान करता है |
🔥🔥थर्सटन ने 7 प्राथमिक मानसिक योग्यता का प्रतिपादन किया |
1.प्रक्षेण योग्यता (Spatial Ability)
2.अंक योग्यता (Number Ability)
3.शब्दिक योग्यता (Verbal Ability)
4.वाक् योग्यता (Word Ability)
5.स्मरण शक्ति (Memory Ability)
6.तार्किक योग्यता (Reasoning Ability)
7.पर्यवेक्षण शक्ति ( Cereptual Ability)

🔅 प्रतिदर्श का सिद्धांत (Sampling theory) ➖
☀इस सिद्धांत का प्रतिपादन थाॅमसन किसने किया है |
☀G/S factor का विरोध
☀व्यक्ति का व्यवहार अनेक स्वतंत्र योग्यताओं का निर्भर करता है किंतु स्वतंत्र योग्यता का क्षेत्र सीमित होता है | ☀बुद्धि कई स्वतंत्र तत्वों से बना है किसी विशिष्ट परीक्षण में कुछ तत्व स्पष्ट दिखाई देते हैं |
☀दो या दो से अधिक परीक्षण में कई प्रकार की के तत्व दिखाई देते हैं या अन्य परीक्षा में विभिन्न तत्व दिखाई देते हैं जिसमें कोई सामान्य नहीं है जैसे कोई कार्य आता है तो सामान्य है और नहीं आता तो विशिष्ट है |

Notes by ➖Ranjana sen

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