🧠 *बुद्धि( Intelligence)* 🧠

मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं, मनुष्य मे तर्क, मनन, नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।
इसमें संदेह नहीं है, कि आपकी रूचि, अभिवृद्धि, ज्ञान, कौशल आपकी सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाती है, लेकिन फिर भी ऐसा तत्व अवश्य है जो इन विभिन्नताओं का कारण है मनोविज्ञान में इसे ही “बुद्धि” कहते हैं।

🌸 बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है, जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाये जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है ।

🌸 *टर्मन के अनुसार:-* “व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है, उसी अनुपात में बुद्धि कहलाता है।”

🌸 *रॉस के अनुसार:–* “नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है”।

🌸 *सिरिल बर्ट के अनुसार:–*“बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने, तर्क करने और समझने की योग्यता है”।

🌸 *वैशालर के अनुसार:–* “बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है , जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्यपूर्ण क्रिया करता है, विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है”।

🍁 *एक कारक सिद्धांत (Uni Factor/One Factor Theory’s):–*

अल्फ्रेड बिने ( Alfred Bine) ने कहा कि, बुद्धि में केवल एक तत्व है ,जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है।
यदि किसी व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो, जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है।

👉🏻 *नोट–* “यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है।

*उदाहरण:-* क्युकी जरूरी नहीं है कि, कोई बच्चा अगर गणित में अच्छा है, तो वो सामाजिक विज्ञान में भी अच्छा होगा।

🍁 *द्विकारक सिद्धांत ( Tow Factor Theory’s):–*
स्पीयारमैन ने बताया कि बुद्धि के दो कारक होते हैं इन को दो भागों में बांटा–

🌸 *१. सामान्य कारक बुद्धि ( G– Factor)*

🌸 *२. विशिष्ट कारक बुद्धि (S–Factor)*

🍁 *सामान्य कारक बुद्धि:–* यह सामान्य बौद्धिक क्रिया में विद्यमान रहता है।

जैसे :– हम रोज सुबह ब्रश करते हैं, तो ये हमारी समान्य बुद्धि से जुड़ा हुआ है ।

🍁 *विशिष्ट कारक बुद्धि:–*
विशिष्ट कारक बुद्धि विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहता है।

जैसे:– हमारा ब्रश किस क्वालिटी का है, हमरे लिए अच्छा है या नहीं , ये सब हमारी विशिष्ट बुद्धि से जुड़ा है।

✍🏻✍🏻✍🏻Notes by– Pooja✍🏻✍🏻✍🏻

📚 बुद्धि ( intelligence)📚

💫 मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमता से परिपूर्ण होते हैं‌।
💫 मनुष्य में तार के मनाने नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।

💫 क्या सारे मनुष्य एक जैसे होते हैं-
इसमें संदेह नहीं है कि अपनी रुचि अभिरुचि ज्ञान कौशल आपके सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाती है लेकिन फिर भी ऐसा तथ्य आवश्यक है कि जो इन विभिन्नताओं का कारण है मनोविज्ञान में इसे ही बुद्धि कहते हैं।

💫 बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाए जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है।

🪐 बुद्धि की परिभाषाएं ➖

✨ टर्मन के अनुसार ➖
व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है।

✨ रॉस के अनुसार ➖
नई परिस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है।

✨ मन के अनुसार ➖
नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नम – नीयता ही बुद्धि है।

✨ बर्ट के अनुसार ➖
बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने तर्क करने और समझने की योग्यता है।

✨ वैश्लर के अनुसार ➖
बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

🌊 बुद्धि के प्रकार ➖

1️⃣ एक कारक सिद्धांत (unifactor theory )➖
प्रवर्तक ➖ अल्फ़्रेड बिने

👉 बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्वान है।👉 यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार हो तो जीवन में किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है।

2️⃣द्विकारक सिद्धांत ➖
प्रवर्तक ➖ स्पीयर मैन
👉 स्पीयर मैंन बुद्धि के दो कारकों को बताया पहला सामान्य कारक( general factor,,,,, G factor) जो सामान्य मानसिक योग्यता को दर्शाता है इसकी आवश्यकता जीवन के सभी पक्षों में होती है।
👉 दूसरा कारक विशिष्ट कारक( specific factor,,, S factor ) इसमें विशिष्ट योग्यताओं का प्रतिनिधित्व करता है जैसे कला संबंधी योग्यता संख्यात्मक योग्यता ।
👉इंसान में 95% सामान्य बुद्धि होती है जिसका स्रोत वंशानुक्रम होता है।
👉 5% विशिष्ट बुद्धि होती है तथा इसे व्यक्ति अपने प्रयासों से प्राप्त करते हैं यह वातावरण से प्राप्त होती है।

🔰 Notes by ➖
✍️ Gudiya Chaudhary

🍁बुद्धि ➖ intelligence

🎯मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते है मनुष्य में तर्क , मनन ,नई स्थितियों का सामना करने की क्षमता होती है

इसमें कोई संदेह नहीं है कि अपनी रुचि ,अभिरुचि ,ज्ञान ,कौशल आपकी सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण है लेकिन फिर भी ऐसा तत्व अवश्य है जो इन भिन्नताओं का कारण है मनोवैज्ञानिक इसे ही बुद्धि कहते है

🎯बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पड़ाए जाने पर उनके समझने में अंतर आजाता है
🍁Tarmn
के अनुसार ➖

🟣व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है

🍁रॉस के अनुसार ➖ नई परस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है

🍁मन ➖ नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की मनमियता ही बुद्धि है

🍁बर्ट ➖ बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने तर्क करने और समझने की योग्यता है

🍁वेष्लर ➖ बुद्धि एक समुच्चय है या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्येश्य पूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभाव पूर्ण समायोजन करता है

🍁बुद्धि का एक कारक सिद्धांत ➖अल्फ्रेड बिने 1905

के अनुसार ➖बुद्धि म केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है यदि व्यक्ति म बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र मे सफलता हासिल कर सकता है
👉🏻ये सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है क्योक जरूरी नहीं है कि को बच्चा किसी एक विषय में अच्छा हो तो वो अन्य सभी में ठीक होगा

⚫द्वि कारक सिद्धांत ➖स्पियर मैन ने बताया कि बुद्धि के दो कारक होते है जो निम्न है➖

🟣सामान्य कारक बुद्धि ➖G factor ➖
सामान्य बैद्धिक क्रियाओं में विद्धमान

👉🏻जैसे➖ हम रोज टीवी देखते है तो ये हमारी सामान्य बुद्धि हुई

🟣विशिष्ट कारक बुद्धि ➖s factor ➖विशिष्ट कार्य में विद्धमान

👉🏻जैसे ➖ टीवी में को देखा वो हमारे लिए सही है या नहीं ये हमारी विशिष्ठ बुद्धि हुई

📝notes by

Arti savita

☀🌀बुद्धि( intelligence)🌀☀

🔥🔥मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं और मनुष्य में तर्क मनन नई नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है |
क्या सारे मनुष्य एक जैसे होते हैं |
इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रुचि अभिवृद्धि ज्ञान कौशल आपके सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाती है लेकिन फिर भी ऐसे तत्व कोई अवश्य है जो इन विभिन्नताओं का कारण है | मनोविज्ञान में इसे ही बुद्धि कहते हैं | बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाई जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है |
बुद्धि शब्द का प्रयोग प्राचीन काल से व्यक्ति की तत्परता उसकी तात्कालिकता उसके समायोजन और समस्या समाधान की क्षमता के संदर्भ के रूप में प्रयोग किया जाता है मानव के समस्त मानसिक क्रियाओं और योग्यताओं के लिए योग को ही बुद्धि कहते हैं |

💥 बुद्धि की परिभाषाएँ :-

🔅टर्मन के अनुसार ➖ व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है बुद्धि विचारो के बारे मे सोचने की योग्यता है |

🔅राॅस के अनुसार ➖ नई परिस्थितियों से जो अनुकूलन ही बुद्धि है |

🔅मन के अनुसार ➖ नई परिस्थितियों को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है |

🔅 बर्ट के अनुसार ➖ बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने तर्क करने और समझने की योग्यता है |

🔅 वैशलर के अनुसार ➖ बुद्धि समुच्चय है या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है वातावरण के प्रभावपूर्ण समायोजन करता है |

💥 बुद्धि के सिद्धांत :-

⭐ एक कारक सिद्धांत (Uni Factor theory) ➖
एक कारक सिद्धांत को ही एक खंड / एक तत्व / एक इकाई / एक घटक का सिद्धांत / निरंकुशवादी सिद्धांत के नाम से भी जानते हैं |
◼इस सिद्धांत के प्रतिपादक – अल्फ्रेड बिने
◼बुद्धि में केवल एक तत्व तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान हैं |
◼यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है यह सिद्धांत की व्याख्या नहीं करता है |
◼ लेकिन इस सिद्धांत को दोषपूर्ण माना जाता है जो व्यक्ति विज्ञान में निपुण हो वह इतिहास में भी निपुण होगा ऐसा होना आवश्यक नहीं है |

⭐द्वि कारक सिद्धांत (Two factor theory) ➖
[G/S factor theory]

◼इस सिद्धांत के प्रतिपादक – स्पीयरमैन

◼स्पीयरमैन ने बुद्धि का संबंध चिंतन से बताया है |
◼उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति में दो प्रकार की बुद्धि होती है अर्थात बुद्धि दो कारकों से मिलकर बनी है –
▪ सामान्य बुद्धि (Gf)
▪ विशिष्ट बुद्धि (Sf)
◼ सामान्य बुद्धि ➖ ये सामान्य बौद्धिक क्रिया में विद्यमान रहता है|
◼ विशिष्ट बुद्धि ➖ किसी विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहता है |
Notes by ➖Ranjana Sen

🧠🧠 बुद्धि( Intilligence)🧠🧠

👉मनुष्य कई ज्ञानात्मक भावनों से परिपूर्ण होते हैं, मनुष्य में तर्क मनन नए स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है,

👉क्या सारी मनुष्य एक जैसे होते हैं?
👉क्या सभी मनुष्य की पसंद एक जैसी होती है?
👉क्या सभी मनुष्य का व्यवहार कैसा होता है?

👉इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रुचि अभिवृत्ति और ज्ञान कुशलता आपके सफलता प्राप्त में महत्वपूर्ण योगदान निभाते हैं लेकिन फिर भी ऐसा तत्व है कोई अवश्य है जो विभिन्नताओं का कारण है,मनोविज्ञान में ऐसे ही बुद्धि कहते है।

👉बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाई जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है।

👨🏻‍🏫टर्मन के अनुसार-व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसे निपात में बुद्धिमान कहलाता है।

👨🏻‍🏫रास के अनुसार-नई परिस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है।

👨🏻‍🏫मन के अनुसार-नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीता(लचीलापन, विचलित नहीं होना)ही बुद्धि है।

👨🏻‍🏫बर्ट के अनुसार-बुद्धि निर्णय लेने तर्क करने और समझने की योग्यता है।

👨🏻‍🏫डेविड बैसलर के अनुसार-बुद्धि एक समुच्चय है या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्णतया करता है विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

🍁 एक कारक सिद्धांत (One factor theory or Unifactor theory)🍁

👨🏻‍🏫इसके प्रतिपादक- अल्फ्रेड बिने (1905)

👉बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है यदि व्यक्ति मेंबुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है।

🌀नोट-यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है ,यह सिद्धांत सरल व्याख्या इसलिए नहीं करता है क्योंकि जीवन के हर एक स्थिति में एक ही प्रकार की बुद्धि प्रयोग करने की बात करता है।

🌱उदाहरण-जैसे कोई बालक गणित के विषय में बहुत अच्छा है तो तो जरूरी नहीं कि वह भूगोल व नागरिक शास्त्र इतिहास इत्यादि विषयों में भी समान ही होगा।

⛓️ द्वि-कारक सिद्धांत (Two factor Theory)⛓️

👨🏻‍🏫इसके प्रतिपादक -स्पीयर मैन है

👉स्पेयरमैन ने बताया कि बुद्धि के दो कारक होते हैं इन को दो भागों में बांटा गया है÷
🧠पहला है ;÷सामान कारक बुद्धि(General factor)or G-factor🧠
🧠दूसरा है ;÷विशिष्ट कारक बुद्धि(Special-factor or s-factor)🧠

🧠सामान कारक बुद्धि ÷सामान्य प्रक्रिया में विद्यमान रहती हैं
👉दैनिक दिनचर्या में समान बुद्धि का ही प्रयोग किया जाता है।

🧠विशिष्ट कारक बुद्धि÷विशिष्ट कारक बुद्धि विशेष कार्य में विद्यमान रहती है।

💃🕺इस प्रकार की बुद्धि का प्रयोग हम किसी विशेष स्थिति में ही करते हैं।

🌱जैसे÷एक लेखक अपनी विशेष बुद्धि के द्वारा ही संसार में विद्यमान सांसारिक व भौतिक वस्तु वाह अन्य प्रकार की गतिविधियों को देखकर उनका अपनी बुद्धि के अनुसार एक एक पाठ है एक कविता के रूप में समाहित कर देता है।🚣👨🏻‍🏫🕺
🇮🇳Thank you 🇮🇳
⛓️Shikhar Pandey ⛓️

🌼🌼बुद्धि (intelligance )🌼🌼

🌼मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण पूर्ण होते हैं मनुष्य में तर्क ,मनन ,नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है
🌼क्या सारे मनुष्य एक जैसे होते हैं??

🌼इसमे संदेह नहीं है कि आपकी रूचि, अभिवृत्ति ,ज्ञान, कौशल आपकी सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाते हैं लेकिन फिर भी ऐसा तत्व कोई आवश्यक है जो इन विभिन्नताओं का कारण है मनोवैज्ञान में इसे बुद्धि कहते हैं

🌼 बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाई जाने पर भी उनके समझने में अंतर आ जाता है

🌼🌼टर्मन के अनुसार– व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है

🌼🌼 रॉस के अनुसार –नई परिस्थितियों से अनुकूलन की बुद्धि है

🌼🌼मन के अनुसार –नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है

🌼🌼 बर्ट के अनुसार– बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने तर्क करने और समझने की योग्यता है

🌼🌼वैशलर के अनुसार– बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है

🌼🌼🌼एक कारक सिद्धांत 🌼🌼🌼
(Uni factor theory/ one factor theory)
🌼प्रवर्तक -अल्फ्रेड बिने
🌼बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान हैं यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है

🌼🌼🌼 द्विकारक सिद्धांत 🌼🌼🌼
( two factor theory) (G/S)
🌼प्रवर्तक- स्पीयरमैन
🌼इसे दो भागों में बांटा गया है
🌼1.सामान्य बुद्धि(genral factor)—
सामान्य बुद्धि यह सामान बुद्धि क्रिया में विद्यमान रहती है
🌼2 विशिष्ट बुद्धि (specific factor ) —
विशिष्ट बुद्धि विशिष्ट कार्यों में विद्यमान होती है

🌼🌼🌼by manjari soni🌼🌼🌼

बुद्धि

मनुष्य कहीं सर्जनात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं ।
मनुष्य में तर्क, मनन ,नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।

इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपकी रूचि ,अभिवृत्ति ,ज्ञान, कौशल ,आपके सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं लेकिन फिर भी कोई ऐसा तत्व अवश्य है जो इन विभिन्नताओं का कारण है ।
मनोविज्ञान में इसे ही बुद्धि करते हैं

बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालकों को एक ही ढंग से पढ़ाये जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है।
जैसे किसी अध्यापक ने कक्षा के सभी बच्चों को शेर और चूहा की कहानी सुनायी तो कुछ बच्चों को कहानी पूरी की पूरी याद हो गई, कुछ बच्चों को आधी आधी ,कुछ बच्चों को कहानी का नाम तक पता नहीं रहा ।यह सब उन बच्चों की अलग-अलग बुद्धि के कारण हुआ है।

बुद्धि की परिभाषाऐ

टर्मन- व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है।

रॉस -नई परिस्थिति के साथ अनुकूलन ही बुद्धि हैं

मन -नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है

सिरिल बर्ट -बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने ,तर्क करने और समझने की योग्यता है।

वैश्लर – बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्यपूर्ण क्रिया करता है ,विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

बुद्धि के सिद्धांत

एक कारक सिद्धांत
uni factor theory
one factor theory

इस सिद्धांत के प्रतिपादक अल्फ्रेड बिने थे

इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान हैं ।

यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्रों में सफलता हासिल कर सकता है।
लेकिन यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है

क्योंकि यदि एक व्यक्ति गणित और विज्ञान में अच्छा हो सकता है लेकिन यह जरूरी नहीं है कि वह भाषा में भी अच्छा होगा या संगीत में भी अच्छा होगा या अर्थशास्त्र में भी अच्छा हो सकता है
ऐसा जरूरी नहीं है इसलिए व्यक्ति सभी क्षेत्रों में सफलता हासिल कर सकता है।

द्वि कारक सिद्धांत –
सामान्य तथा विशिष्ट तत्व का सिद्धांत
द्वि खंड बुद्धि सिद्धांत
बुद्धि का द्वय शक्ति सिद्धांत
G S Factors theory
Two factor theory

इस सिद्धांत का प्रतिपादन स्पीयमैन ने किया।

इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि दो तत्वों से मिलकर बनी है।

सामान्य बुद्धि G(f)और विशिष्ट बुद्धिS(f)

सामान्य बुद्धि – यह सामान्य बुद्धि क्रिया में विद्यमान रहती हैं।
जैसे हमारे दैनिक क्रियाओं जैसे खाना -खाना, उठना बैठना, चलना, ब्रश करना ,सोना ,कपड़े पहनना आदि कार्य सहज रूप से करते हैं।

विशिष्ट बुद्धि- यह बुद्धि विशेष या विशिष्ट कार्य में विद्यमान होती है ।
जैसे कोई व्यक्ति संगीतकार है तो उसमें उसके लिए संगीत वाली विशिष्ट बुद्धि है इसी प्रकार कोई अर्थशास्त्री हैं तो उसमें वह विशिष्ट बुद्धि है। कोई जानवरों और प्रकृति का प्रेमी है उसकी अलग बुद्धि हैं।

Notes by Ravi kushwah।

🌹बुद्धि Intelligence 🌹

मनुष्य अनेक ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं। मनुष्य में तर्क , नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।

अतः इसके बावजूद भी सभी मनुष्यों की बुद्धि एक समान नहीं होती है।

इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रुचि , अभिवृत्ति , ज्ञान , कौशल आपकी सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाती है।
लेकिन फिर भी कोई ऐसा तत्व अवश्य है जो इन विभिन्नताओं का कारण है।
मनोविज्ञान में इसे ही ” बुद्धि ” कहते हैं।

बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालकों को एक ही ढंग से पढ़ाए जाने पर स्वयं उनके समझने में अंतर आ जाता है।

🌲 बुद्धि के संदर्भ में विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने निम्नलिखित कथन दिए हैं :-

1.🏵️ टर्मन के अनुसार :-

व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है।

2. 🏵️ रॉस के अनुसार :-

नयी परिस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है।

3. 🏵️ मन के अनुसार :-

नयी परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है।

4. 🏵️ सिरिल वर्ट के अनुसार :-

बुद्धि , अच्छे तरह से निर्णय लेने , तर्क करने और समझने की योग्यता है।

5. 🏵️ वेश्लर के अनुसार :-

बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है , विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

🌲🍁 बुद्धि के प्रकार

1.🌺 बुद्धि का एक कारक सिद्धांत
Uni / One factor theor

” 1905 में अल्फ्रेड विने ” ने इस सिद्धांत को दिया था।

बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है।
यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्रों में सफलता भी हासिल कर सकता है , इसीलिए यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है।

अर्थात कोई व्यक्ति किसी एक क्षेत्र में बुद्धिमान है तो इसका ये मतलब नहीं है कि वह अन्य प्रत्येक क्षेत्रों में भी अवश्य ही बुद्धिमान होगा।

जैसे एक बच्चा यदि हिंदी विषय में होशियार / निपुण है तो वह गणित , अंग्रेजी , विज्ञान आदि विषयों में भी निपुण ही होगा ये आवश्यक नहीं है।

अतः इसीलिये अल्फ्रेड विने द्वारा दिया गया , बुद्धि का एक कारक सिद्धांत सफल नहीं माना गया था।

2. 🌺 द्वी – कारक सिद्धांत
Two factor theory

” ब्रिटिश मनोवैज्ञानिक स्पियरमैन ”

ने बुद्धि का द्वी – कारक सिद्धांत दिया था।

1.सामान्य बुद्धि [ General factor ] ” G ” factor

2.विशिष्ट बुद्धि [ Specific factor ] ” S ” factor

1. 🌿🌻 सामान्य बुद्धि [ G factor ] :-

👉 यह सामान्य बौद्धिक क्रिया में विद्यमान रहता है।

ये हमारे दैनिक जीवन से जुड़ा है जिसे हम प्रतिदिन ही अनुभव करते हैं , जैसे :- स्वयं से ब्रुश करना , भोजन करना , जूते की लेश बाँधना आदि, इसमें किसी विशिष्ट बुद्धि की आवश्यकता नहीं होती है।

2. 🌿🌻 विशिष्ट बुद्धि [ S factor ] :-

👉 यह विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहता है।

ये विशेष तौर पर सामान्य बुद्धि पर ही आधारित होता है।

जैसे तर्क लगाना , विशिष्ट बौद्धिक तौर पर कार्य करना आदि।

🌺✒️ Notes by – जूही श्रीवास्तव ✒️🌺

🔆 बुद्धि (intelligence) 🔆

मनुष्य कई प्रकार के तर्क एवं ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं |
मनुष्य में तर्क,चिंतन मनन, और नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है |

🍀 क्या सभी मनुष्य एक जैसे होते हैं ?

🍀क्या सभी मनुष्य के तर्क की क्षमता एक जैसी होती है?

🍀क्या सभी मनुष्यों की पसंद एक जैसी होती है ?

🍀क्या सभी मनुष्यों का व्यवहार एक जैसा होता है?
नहीं…….

इसमें कोई संदेह नहीं है कि व्यक्ति
की रुचि,ज्ञान,,अभिवृद्धि,,क्षमता,,
कौशल आदि सब कुछ व्यक्ति की सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाते हैं |
लेकिन फिर भी कोई एक ऐसा तत्व अवश्य है जो इन विभिन्नताओं का कारण है मनोविज्ञान में उसे बुद्धि कहते हैं |

कोई समस्या समाधान के लिए जिस मानसिक क्षमता का प्रयोग किया जाता है उसे बुद्धि कहते हैं मानसिक क्षमता के रूप में ज्ञान या संज्ञान को विकसित करना ही बुद्धि है |

बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालकों को एक ही ढंग से पढ़ाया जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है |
और यह परिस्थिति पर निर्भर करता है कि हमारी बुद्धि और सोच किस प्रकार की होगी |

🎯 बुद्धि की परिभाषाएं➖

🍀 टर्मन ➖

व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है |

🍀 रॉस➖

नई परिस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है |

🍀 मन ➖

नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है |

🍀 सिरिल बर्ट ➖

बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने, तर्क करने, और समझने की योग्यता है |

🍀 वैशलर ➖

बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है |

🎯 बुद्धि के सिद्धांत➖

🍀 एक कारक सिद्धांत➖ अल्फर्ड बिने➖1905

इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि में केवल एक ही तत्व की उपस्थिति होती है जिसको हम सभी कामों में उपयोग करते हैं जो सभी क्रियाओं में विद्यमान होती है |

किसी कार्य व्यवहार या जिस रूप में हम उस कार्य को करने के लिए बुद्धि का प्रयोग करते हैं जो कि एक मानसिक शक्ति है एक ही कारक है |
इसी मानसिक शक्ति के कारण हम सभी कार्यों का संचालन करते हैं |

यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है इसलिए यह सिद्धांत बुद्धि की सही व्याख्या नहीं करता है जैसे यदि किसी व्यक्ति का गणित अच्छा है तो यह आवश्यक नहीं है कि वह कला और अध्ययन में भी अच्छा ही हो |

🍀बुद्धि का द्विकारक सिद्धांत➖ स्पीयरमैन

इनके अनुसार हम सभी के पास एक विशिष्ट योग्यताएं एवं एक सामान्य योग्यता होता है तथा हर व्यक्ति में एक विशेष योग्यता होती है उसको सामान्य नहीं रख सकते हैं इनके अनुसार बुद्धि के दो कारक सामान्य एवं विशिष्ट कारक है इस सिद्धांत को G/S theory. भी कहा जाता है
इसमें सामान्य कारक समान्य श्ररत बुद्धि क्रियाओं में विद्यमान होता है और विशिष्ट कारक उन कार्यों में विद्यमान रहता है जो विशिष्ट होते हैं जिन्हें हम चिंतन करते हैं

नोट्स बाॅय➖ रश्मि सावले

🌻🌼🌸🍀🌺🌼🌸🌼🌸🌻🌼👌👌🌸🌻🌺🌺🌻🍀🌼🌸🍀🌺🌸

🔥🔥 बुद्धि 🔥🔥
(Intelligence)

🌸बुद्धि एक ऐसी शक्ति है जो व्यक्ति को अपनी परिस्थितियों के साथ समायोजन करने की क्षमता प्रदान करती है।
🌸मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होता है मनुष्य में तर्क, मनन, नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।
इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रूचि ,अभिव्यक्ति ,ज्ञान ,कौशल आपके सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान है लेकिन फिर भी ऐसा तत्व कोई अवश्य है जो इन विविधताओं का कारण है मनोविज्ञान में इसे ही बुद्धि कहते हैं।
🌸बुद्धि एक ऐसी मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक एक ही ढंग से पढ़ाई जाने पर उनको समझने में अंतर आ जाता है।

✍🏻 टर्मन के अनुसार➖
व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है।

✍🏻 रॉस के अनुसार➖ नई परिस्थितियों से अनुकूलन ही बुद्धि है।

✍🏻 मन के अनुसार➖ नई परिस्थितियों को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है।

✍🏻 बर्ट के अनुसार➖ बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने, तर्क करने, और समझने की योग्यता है।

✍🏻 वैश्लर के अनुसार➖ बुद्धि एक समुच्चय किया सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

🔥🔥 एक कारक सिद्धांत (Uni-factor theory)➖ 🌸इस सिद्धांत का प्रतिपादक अल्फ्रेड बिने (alphard Binet ) ने किया था।

🌸 बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है।
🌸 और सभी क्षेत्रों में सफलता हासिल कर सकता है यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता।

🔥🔥द्बि कारक सिद्धांत(Two -factor Theory)➖

🌸 इस सिद्धांत के प्रतिपादक स्पीयर मैन(Spearman) है उनके अनुसार बुद्धि दो तत्वों का समूह है।

🎯 सामान्य योग्यता या बुद्धि (General ability)

🎯 विशिष्ट योग्यता या बुद्धि (Specific ability)

🌸 स्पीयर मैन के अनुसार,सामान्य योग्यता ही बुद्धि है जिसके द्वारा व्यक्ति सभी प्रकार के मानसिक कार्य करता है यह योगिता उसे जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में सहायता पहुंचाती है।

🌸विशिष्ट मान्यता व योग्यता है जो जीवन के विशिष्ट क्षेत्रों से संबंधित होते हैं जैसे कोई व्यक्ति चित्रकार है तो उसकी चित्रकारी की योग्यता उसकी विशिष्ट योग्यता है क्योंकि वह केवल चित्र कला के क्षेत्र में ही सहायता पहुंचा सकती है अन्य क्षेत्र में नहीं किसी व्यक्ति में एक विशिष्ट योग्यता हो सकती है और एक से अधिक भी यह योग्यता व्यक्तित्व के विकास में सहायक होती है।

🖊️✍🏻📚📚 Notes by…. Sakshi Sharma📚✍🏻

🌼🌼वुध्दि(Intelligence)🌼🌼

🌺मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं। मनुष्य में तर्क,मनन,नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।
🌷 इसमें कोई संदेह नहीं है कि आपकी रूचि, अभिव्यक्ति ज्ञान कौशल आपको सफलता प्राप्ति में महत्त्वपूर्ण योगदान निभाती है लेकिन फिर भी ऐसा तत्व कोई आवश्यक है जो इन विभिन्नताओं का कारण है मनोवैज्ञानिक ने इसे ही वुध्दि कहा है।

🕊️वुध्दि का ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाएं जाने पर उनके समझने में अन्तर आ जाता है।

🍁टर्मन के अनुसार ÷ व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में वृद्धिमान कहलाता है।

राॅस के अनुसार ÷ नई परिस्थिति से अनुकूलन करना ही वुध्दि है।

🐥मन के शब्दों में ÷ नई परिस्थितियों को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही वुध्दि है।

🍂सिरिल बर्ट के अनुसार ÷ वुद्धि अच्छे तरीके से निर्णय लेने व तर्क करने और समझने की योग्यता है।

🌱बैशलर के शब्दों में ÷ वुध्दि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्यपूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

🌻एक कारक सिद्धांत (One factor theory)🌻

🐤प्रवर्तक — अल्फ्रेड बिने

🍃वुध्दि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है,यदि व्यक्ति में वृद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है। और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है।

🍂द्विकारक सिद्धांत (two factor theory)🍂

प्रवर्तक — स्पीयर मैन

🌱इसके दो कारक है ÷
🍁सामान्य वुध्दि
🌿विशिष्ट वुध्दि

🌼 सामान्य वुध्दि ÷ ये सामान्य वुध्दि क्रियाओं में विद्यमान रहता है।
हम दैनिक जीवन में जो कार्य करते हैं वे सभी सामान्य वुध्दि क्रियाओं में ही आते हैं।

🌻विशिष्ट शुद्धि — विशिष्ट वुध्दि , विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहती है ।

🌺🌺 Notes by — Babita yadav 🌺🌺

🌸 बुद्धि 🌸
🌸Intelligence🌸

मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं मनुष्य में तर्क, मनन, नए स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।

इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रूचि, अभिवृत्ति, ज्ञान कौशल आपके सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाती है, लेकिन फिर भी ऐसा तत्व कोई अवश्य है जो इन विभिन्नताओं का कारण है मनोविज्ञान में इसे ही बुद्धि कहते हैं।

बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाई जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है।

जैसे एक शिक्षक कक्षा में अनेक छात्रों को एक साथ ही अधिगम कराता है किंतु उनमें कुछ ऐसे छात्र होते हैं जो एक बार में ही उस पाठ को याद कर लेते हैं या उनके स्मृति पटल पर वह पढ़ा हुआ पाठ याद हो जाता है और वहीं कुछ ऐसे बच्चे होते हैं जिन्हें दो या तीन बार समझाने पर समझ में आता है, यह सब बुद्धि के कारण ही होता है।

✳️ विभिन्न वैज्ञानिकों द्वारा बुद्धि की परिभाषा

🔹 टर्मन -:
व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है।

🔹 रॉस-:
नई परिस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है।

🔹 मन-:
नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है।

🔹 सिरिल बर्ट-:
बुद्धि अच्छे तरह से निर्माण लेने, तर्क करने और समझने की योग्यता है।

🔹वैशलर-:
बुद्धि एक समुच्चय है या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है, विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

✳️ विभिन्न मनोवैज्ञानिकों द्वारा बुद्धि के प्रकार-:

🔷 एक कारक सिद्धांत/unifactor theory

— यह सिद्धांत अल्फ्रेड बिने द्वारा 1905 ई. में दिया गया।

— अल्फ्रेड बिने कहते हैं कि बुद्धि में केवल एक तत्व की उपस्थिति होती है जो सभी कार्य में विद्यमान हैं।
यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो वह जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है ।
यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता।

🔷 द्वि कारक सिद्धांत /two factor theory

–जहां जहां भी बुद्धि लगनी है या जरूरत है वहां दो तरह की बुद्धि होती है –
1 . सामान्य बुद्धि General factor ( G.F )
2 . विशिष्ट बुद्धि Special factor (S.F)

सामान्य बुद्धि सामान्य बौद्धिक क्रिया में विद्यमान रहता है।

विशिष्ट कार्य में विशिष्ट बुद्धि विद्यमान रहती है।

🌸 धन्यवाद
द्वारा —
वंदना शुक्ला

बुद्धि (intelligence)🔥

बुद्धि शब्द का सर्वप्रथम प्रयोग 1885 में फ्रांसिस ‘ गाल्टन ने किया।

मनुष्य कर्म ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं मनुष्य में तर्क, मनन, नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।

क्या सारे मनुष्य एक जैसे हैं?
इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रूचि, अभिवृत्ति, ज्ञान, कौशल आपके सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाते हैं। लेकिन फिर भी ऐसा तत्व कोई अवश्य है जो इन विभिन्नता का कारण है मनोविज्ञान में इसे ही ‘बुद्धि’ कहते हैं।

बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाई जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है।

बुद्धि की परिभाषा 🔥

👉टर्मन के अनुसार,”व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है।

👉रॉस के अनुसार,”नई परिस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है।”

👉मन के अनुसार, “नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि है।”

👉बर्ट के अनुसार,”बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने, तर्क करने और समझने की योग्यता है।”

👉वैशलर के अनुसार,”बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है, विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।”

बुद्धि का सिद्धान्त 🔥

एक कारक सिद्धांत (unifactor theory)

एक कारक सिद्धांत अल्फ्रेड बिने ने दिया था। बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता प्राप्त कर सकता है। यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता। जैसे – अगर किसी बच्चे को हिंदी भाषा आती है तो आवश्यक नहीं है कि उसको अंग्रेजी, गुजराती, मराठी, आदि भाषाएं भी आए।

द्वि कराक सिद्धान्त (two factor theory)

बुद्धि का ‘द्वि कारक सिद्धांत’ स्पीयर मैन दिया था।

1. सामान्य बुद्धि (general factor)

यह सामान्य बौद्धिक क्रिया में विद्यमान रहती है।

2. विशिष्ट बुद्धि (specific factor)

विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहता है।

✍️नोट्स – श्रेया राय 🙏

🏵️ बुद्धि( intelligence)
👉मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं मनुष्य में तर्क, मनन, नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रूचि, अभिवृत्ति, ज्ञान कौशल आपके समस्या प्राप्त में महत्वपूर्ण योगदान निभाती है लेकिन फिर भी ऐसा तत्व कोई अवश्य है जो इन विभिन्नताओं का कारण है मनोविज्ञान में इसे ही बुद्धि कहते हैं।
👉 बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से बढ़ाए जाने पर उनके समझने में अंतर पाया जाता है।
🌸 टर्मन के अनुसार—व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है।
🌸 रास के अनुसार—नई परिस्थिति से अनुकूलन ही बुद्धि है।
🌸 मन के अनुसार—नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नवनीयता ही बुद्धि है।
🌸 बर्ट के अनुसार—बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने, तर्क करने और समझने की योग्यता है।
🌸 बैशलर के अनुसार—बुद्धि एक समुच्चय या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है। विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।
🏵️ एक कारक सिद्धांत(one factor theory)—
👉 इस सिद्धांत को अल्फ्रेड बिने ने दिया।
👉 बुद्धि मैं केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्वमान है यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है।
👉 यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है।
🏵️ द्विकारक सिद्धांत (two factor theory)—
👉 इस सिद्धांत को स्पीयरमैन ने दिया।
👉 इस सिद्धांत को G.S factor theory के नाम से भी जाना जाता है।
👉 स्पीयरमैंन ने बुद्धि को दो भागों में बांटा है-
1-सामान्य बुद्धि(general factor) इसे G.F नाम से जाना जाता है।
👉यह सामान्य बौद्धिक क्रिया में विद्यमान रहता है।
2-विशिष्ट बुद्धि (specibic factor theory) इसे S.F नाम से जाना जाता है।
👉 यह विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहता है।
🔸🔹🔸
🌸🏵️🌺 Notes by–Vinay Singh Thakur

Intelligence (बुद्धि)

👉🏻मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं।
मनुष्य में तर्क, मनन, तथा नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।

👉🏻प्रश्न उठता है कि–क्या सारे मनुष्य एक जैसे होते हैं?
तो जवाब मिलता है नहीं।
अर्थात, इसमें संदेह नहीं है कि आपकी रूचि,अभिवृत्ति, ज्ञान,कौशल एवं आपके सफलता प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान निभाती है, लेकिन फिर भी ऐसा तत्व अवश्य है जो इन विभिन्नताओ का कारण है मनोविज्ञान में इसे ही बुद्धि कहते हैं।

👉🏻बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालकों को एक ही ढंग से पढ़ाए जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है।

👉🏻अर्थात हम कह सकते हैं कि बुद्धि एक सामान्य मानसिक क्षमता है।
इससे कई तरह की क्षमताओं का एक संपूर्ण योग माना गया है,जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रियाएं करता है, विवेकशील चिंतन करता है तथा वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण ढंग से समायोजन करता है।
👉🏻व्यक्तिगत विभिन्नता के आधार पर हर व्यक्ति में बुद्धि का स्तर आनुवांशिकीय एवं पर्यावरणीय कारको के कारण अलग अलग होता है।

*बुद्धि की परिभाषाएं
१. टरमन के अनुसार—’व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता है’।

२.रॉस के अनुसार— ’नई परिस्थिति से अनुकूलन करना ही बुद्ध है’।

३.मन के अनुसार—’नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नवीनता ही बुद्धि है’।

४.सिरिल बर्ट के अनुसार—’बुद्धि अच्छी तरह से निर्णय लेने, तर्क करने और समझने की योग्यता है’।

५. वेश्लर के अनुसार—’बुद्धि एक समुच्चय है या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्य पूर्ण क्रिया करता है,विवेकशील चिंतन करता है और वातावरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है’।

**बुद्धि के सिद्धांत
१. एक कार के सिद्धांत (unifactor theory/one factor theory):—
यह सिद्धांत अल्फर्ट बिने के द्वारा दिया गया (1905)

इस सिद्धांत के अनुसार बुद्धि में केवल एक तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है। यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्रो में सफलता हासिल कर सकता है ।

लेकिन सभी व्यक्ति एक ही जैसा व्यवहार नहीं करते हैं इसलिए यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता।
उदाहरण के लिए जो बच्चा हिंदी में अच्छा है कोई जरूरी नहीं कि वह गणित विषय में भी अच्छा हो।

२. द्विकारक सिद्धांत (two factor theory):—
यह सिद्धांत स्पीयर मैन के द्वारा दिया गया।

Spearman ne द्वि कारक सिद्धांत के दो तत्व बताएं-
१. सामान्य कारक (general factor)— G/ s factor theory भी बोलते है।
यह सामान्य बौद्धिक क्रिया में
विद्यमान रहता है।
२. विशिष्ट कारक (specific factor):—यह विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहता है

Notes by Shivee kumari😊

🎯बुद्धि (intelligence )🎯

मनुष्य कई ज्ञानात्मक क्षमताओं से परिपूर्ण होते हैं। मनुष्य में तर्क, मनन, नई स्थिति का सामना करने की क्षमता होती है।

इसमें संदेह नहीं है कि अपनी रुचि अभिवृत्ति ज्ञान कौशल आपके सफलता प्राप्ति मैं महत्वपूर्ण योगदान निभाती है मैं महत्वपूर्ण है। लेकिन फिर भी ऐसा कोई तत्त्व अवश्य है जो इन विभिनताओं का कारण है मनोवैज्ञानिक में इसे ही बुद्धि कहते हैं।

🌼बुद्धि एक ऐसा मानसिक तत्व है जिसके कारण दो बालक को एक ही ढंग से पढ़ाए जाने पर उनके समझने में अंतर आ जाता है।

🌈बुद्धि के संदर्भ में अलग-अलग मनोवैज्ञानिक ने अलग-अलग परिभाषा दिए…………..

💫टर्मन के अनुसार ~

व्यक्ति जिस अनुपात में अमूर्त चिंतन करता है उसी अनुपात में बुद्धिमान कहलाता हैं।

💫रॉस के अनुसार ~
नई परिस्थिति से अनुकूलन हीं बुद्धि है।

💫मन के अनुसार ~
नई परिस्थिति को झेलने की मस्तिष्क की नमनीयता ही बुद्धि हैं।

💫 बर्ट के अनुसार :-
बुद्धि अच्छे स्तर से निर्णय लेने, तर्क करने और समझने की योग्यता है।

💫वैशलर के अनुसार :-

बुद्धि एक समुच्य या सार्वजनिक क्षमता है जिसके सहारे व्यक्ति उद्देश्यपूर्ण क्रिया करता है विवेकशील चिंतन करता है और बता वरण के साथ प्रभावपूर्ण समायोजन करता है।

💫बुद्धि का सिद्धांत

💫एक कारक सिद्धांत(unifactor theory/one factor theory)

बुद्धि का एक कारक सिद्धांत अल्फ्रेड बिने ने 1905 ईस्वी में दिया।

बुद्धि में केवल एक ही तत्व है जो सभी क्रियाओं में विद्यमान है यदि व्यक्ति में बुद्धि का भंडार है तो जीवन के किसी भी क्षेत्र में प्रयोग कर सकता है और सभी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकता है।

यह सिद्धांत सही व्याख्या नहीं करता है जैसे -किसी बच्चों में संस्कृत का ज्ञान हैं तो आवश्यक नहीं है कि अंग्रेजी में भी उतना ही ज्ञान हो।

💫द्वि कारक सिद्धांत (two factor theory)

द्वि कारक सिद्धांत का प्रतिपादन स्पीयरमैंन किया था।

👉(1) सामान्य बुद्धि (general fector/G.F)
यह सामान्य बौद्धिक क्रिया में विद्यमान रहता है। जैसे- अपने घर में कपड़ा पहनना।

👉(2) विशिष्ट बुद्धि (specific factor/s.f)

सभी कार्य में विद्यमान नहीं रहता है यह सिर्फ विशिष्ट कार्य में विद्यमान रहता है। जैसे-शादी में जाने के लिए विशेष प्रकार का कपड़ा पहनना।

🌼💐🌻🌺🙏Notes by-SRIRAM PANJIYARA 🌈🌸💥🌺🙏

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