*🌸 विकास की अवस्थाएं🌸*

 (stages of development) 

*9 february 2021*

१. *गर्भावस्था*( गर्भधारण से जन्म तक) 

👉🏻यह अवस्था गर्भधान से 9 महीने या 280 दिन तक होती है। 

👉🏻 इस अवस्था में विकास की गति तीव्र ( सभी अवस्थाओं की अपेक्षा) होती है। 

👉🏻 शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है। 

👉🏻 इस अवस्था में मुख्यतः होने वाले परिवर्तन शारीरिक होते हैं

२. *शैशवावस्था(0-2 वर्ष)*

*शैशवावस्था में शारीरिक विकास*:-

👉🏻 इस अवस्था में विभिन्न तरीके से बेहद तेजी से विकास होता है। 

👉🏻 बच्चा वातावरण को समझने लगता है। 

👉🏻 इस अवस्था में बच्चा शरीर का उपयोग करना सीख जाता है। 

👉🏻 इस अवस्था में बच्चा सबसे पहले 2 से 3 माह में सिर को हाथ व पैरों के बल ऊपर उठाना सीखता है। 

👉🏻 उसके बाद 4 माह में ऊपर जाने की कोशिश करता है।

👉🏻 4 से 5 माह की उम्र में बच्चा खिलौने की समझ रखने लगता है। 

👉🏻 फिर 6 माह में बच्चा बैठना सीख जाता है। 

👉🏻 इसके बाद 8 माह में बच्चा हाथ व पैर के बल घुरकना या सरकना सीख जाता है। 

👉🏻 उसके बाद 10 माह में बच्चा खड़ा होना सीख जाते हैं। 

👉🏻 9 से 12 माह में दो उंगलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगते हैं, बजाय पूरे हाथ के। 

👉🏻 10 से 12 माह में बच्चा चलने लगता है। 

👉🏻 15 महीने के करीब बच्चा सीढ़ियों  या कुर्सी पर चढ़ना सीख जाता है लेकिन उतर नहीं पाता है। 

👉🏻 18 महीने के करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे बच्चा आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है। 

👉🏻 जब बच्चे 2 वर्ष के हो जाते हैं तो उनमें और भी क्षमता विकसित हो जाती है.

 जैसे- सामान फेंकना, पैरों से चीजों को धकेलना, उछलना-कूदना, घूमना, दौड़ना सब सीख जाता है.

Notes by Shivee Kumari

🌻🌻बाल विकास की अवस्थाएं🌻🌻

🌻(Stages of Child Development)

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻09,feb2021🌻

➡️बाल विकास की अवस्थाएं मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं ⤵️

🤰गर्भावस्था : गर्भाधान से 9 माह (280 दिन)

🚼शैशवावस्था/संवेदी पेशी अवस्था : 0 से 2 वर्ष तक

🤽बाल्यावस्था/पूर्व संक्रियात्मक अवस्था : 2 से 6 वर्ष

🤼उत्तर बाल्यावस्था/मूर्त संक्रियात्मक अवस्था : 6 से 12 वर्ष

🏇किशोरावस्था/अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था : 12 से 18 वर्ष

✨ गर्भावस्था

↪️ यह अवस्था गर्भाधान से 9 महीने अथवा 280 दिन तक मानी जाती है। इस 9 महीने में बालक का विकास 3+3+3 महीने में शरीर के अलग-अलग भागों का विकास होता है।

↪️ इस अवस्था में विकास की गति तीव्र होती है।

↪️ शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है।

↪️ इस अवस्था में मुख्य रूप से शारीरिक परिवर्तन होता है।

✨शैशवावस्था (Infancy) – 0 से 2 वर्ष

↪️⚡ शारीरिक विकास(physical development)

🚼इसमें बालक का शारीरिक विकास विभिन्न तरीके से और बेहद तेजी से होता है।

🚼 इस अवस्था में बालक वातावरण को समझने लगता है।

🚼 इस अवस्था में बालक का शारीरिक विकास होता है तथा बालक समायोजन करना सीख जाता है।

🚼 इस अवस्था में बालक अपने शरीर का उपयोग करना सीख जाता है।

🚼 इस अवस्था में बालक जब 2 से 3 माह का होता है तो सबसे पहले सिर उठाना सीखता है।

🚼 4 महीने में बालक ऊपर जाने की कोशिश करता है।

🚼 6 महीने में बालक बैठना सीख जाता है।

🚼 10 महीने मैं बालक खड़ा होने लगता है।

🚼 10 से 12 माह में बच्चा चलने लगता है।

🚼 4 से 5 माह में बालक खिलौनों की समझ रखने लगता है।

🚼 9 से 12 महीने में बालक दो उंगलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगते हैं बजाए पूरे हाथ पाव के।

🚼 15 महीने के करीब बालक सीढ़ियों या कुर्सी पर चढ़ना सीख जाता है लेकिन उत्तर नहीं पाता।

🚼 18 महीने के करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे बालक आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है।

🚼 जब बच्चे 2 साल के हो जाते हैं तो और भी क्षमता का विकास हो जाता है; और इस अवस्था में बच्चा सामान फेंकना, पैरों से चीजों को धकेलना, उछलना, कूदना, घूमना, दौड़ना सब सीख जाता है।🔚

📝📝🥀नोट्स by अवधेश कुमार🥀🙏

🌸🌸 *बाल विकास की अवस्थाएं*⬇️

*(STAGE OF DEVELOPMENT)*

 *वर्ष* ➖➖➖ *अवस्था*

*गर्भाधान से 9 महीना  गर्भावस्था*

*0-2* *वर्ष*

*शैशवावस्था (संवेदी पेशीय अवस्था)*

*2-6* *वर्ष*

 *पूर्व बाल्यावस्था (पूर्व संक्रियात्मक)*

*6 -12* *वर्ष*    

 *उत्तर बाल्यावस्था( मूर्त संक्रियात्मक)*

*12-18* *वर्ष*    

*किशोरावस्था(अमूर्त या औपचारिक अवस्था)*

*1> गर्भावस्था*🤰🤰🤰🤰

*● यह अवस्था गर्भाधान से 9 महीने तक मानी जाती है या 280 दिन तक मानी जाती है।*

● *गर्भावस्था के विकास को तीन चरणों में बांटा जाता है-*

*0➖➖3➖➖➖➖6➖➖➖9*

● 0 निषेचन का समय होता है उसी समय जीन और लिंग निर्धारण हो जाता है।

● प्रथम तीन माह में अंगों का विकास होना शुरू हो जाता है।

● इस अवस्था में विकास की गति तीव्र होती है।

● शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है।

 *2> शैशवावस्था*🤱🤱🤱🤱

 *0 से 2 वर्ष*

● शैशवावस्था में विभिन्न तरीके से बेहद तेजी से विकास होता है।

● इस अवस्था में बहुत ही ज्यादा परिवर्तन होते हैं ।

●इस अवस्था में बच्चे से कुछ -कुछ  समय पर मुलाकात की जाती है तो बच्चों में कुछ नया देखने को मिलता है।

 ●बच्चा वातावरण को समझता है ।

●शरीर का विकास और समायोजन होता है।

● शरीर का उपयोग करना सीख जाता है।

★ 2 से 3 महीने का बच्चा सबसे पहले सिर को ऊपर उठाना सीखता है ।

★4 से 5 महीने का बच्चा ऊपर की तरफ जाने की कोशिश करता है।

★ 6 माह का बच्चा बैठना सीख जाता है ।

★8 माह का बच्चा घुटनों और कोहनी के के बल से रेंगकर चलना सीख जाता है।

★ 10 माह का बच्चा खड़ा होने लगता है ।

★10 से 12 माह का बच्चा चलना सीख जाता है।

★ 4 से 5 महीने का बालक  खिलौने की समझ रखने लगता है ।

★9 से 12 महीने  का बालक दो उंगलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगाता है बजाय पूरे हाथ  के।

★15 महीने के करीब बच्चा सीढ़ियों या कुर्सी पर चढ़ना सीख तो जाते हैं लेकिन उतर नहीं पाते हैं ।

★18 महीने के करीब बच्चा शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है ।

★जब बच्चे 2 साल के हो जाते हैं तो उनमें और भी क्षमता का विकास हो जाता है जैसे सामान  फेंकना ,पैरों से चीजों को धकेलना, उछलना, कूदना,  घूमना ,दौड़ना सब सीख जाते हैं।

🖋️🖋️ *Anand Chaudhary* 📋📋

➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖

🌺 बाल विकास की अवस्थाएं

(STAGES OF DEVELOPMENT)🌺

1-गर्भावस्था🤰🏼(गर्भधारण से जन्म तक)

👉🏼 यह अवस्था गर्भधारण से 9 महीने (280 days) तक मानी जाती है।

👉🏼 इस अवस्था में विकास की गति तीव्र होती है।

👉🏼 शरीर में सभी अंगों की संरचना और आकृतियों का निर्माण होता है।

👉🏼 इस अवस्था में मुख्यत: होने वाले परिवर्तन शारीरिक हैं।

2-शैशवास्था (0-2 वर्ष)

🌸शैशवास्था मैं शारीरिक विकास (Physical development)➖

👉🏼 इस अवस्था में विभिन्न तरीकों से बेहतर तेजी से विकास होता है।

👉🏼 बच्चा वातावरण से समझने लगता है।

👉🏼 शरीर का उपयोग करना सीख जाता है।

👉🏼 इस अवस्था में बच्चा सबसे पहले 2 से 3 महीने तक में अपना सिर ऊपर उठाना सीखता है।

👉🏼 4 महीने में बच्चा ऊपर जाने की कोशिश करता है।

👉🏼 6 महीने में बच्चा बैठना सीख जाता है।

👉🏼 8 महीने में बच्चा घुटने के बल सरकना सीख जाता है।

👉🏼10 से 12 महीने में बच्चा चलने लगता है।

👉🏼 बच्चे 4 से 5 महीने की उम्र में खिलौने की समझ रखने लगते हैं।

👉🏼9 से 12 महीने में दो उंगलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगता है बजाय पूरे हाथ से नहीं पकड़ता।

👉🏼15 महीने के करीब बच्चा सीढ़ियों या कुर्सी पर चलना सीख जाता है लेकिन उतर नहीं पाता है।

👉🏼18 महीने के करीब सारी विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है।

👉🏼 जब बच्चा 2 साल का हो जाता है तो उसमें और भी क्षमता विकसित हो जाती है जैसे सामान फेंक ना, पैरों से चीजों को धकेलना, उछलना, कूदना, घूमना, दौड़ना सब सीख जाता है।

✍🏻📚📚 Notes by…… Sakshi Sharma📚✍🏻

🌺बाल विकास की अवस्थाए🌺(Stages of child development)

👉 गर्भावस्था (0-9)🌺

यह प्रसव से पहले की अवस्था है।

इसे सुरुआत के तीन – तीन भागों में बाटा जाता है।

इस अवस्था मे विकास तीब्र होता है।

शरीर के सभी अंगों की रचना तथा आकृतियों के निर्माण होता है।( इस अवस्था मे माता का पोषण ,अच्छी साहित्य पढ़ना , तनाव मुक्त होना जरूरी होता है।)

🌺👉शैशवावस्था(0-2वर्ष)

🌸इस अवस्था मे बच्चे का शारीरिक विकास बहुत तेज़ी से होता है।

🔅इस अवस्था मे बच्चा अपने आस पास के वातावरण को समझने लगता है।

🔅शरीर का विकास और समायोजन करना सीख लेता है।

🌻(2-3 महीने में बच्चा पेट के बल लेटकर सिर उठाना सिख जाता है।)

🌻4 महीने में बच्चा ऊपर जाने की कोशिश करने लगता है।

🌻6 महीने में बच्चा बैठना सीख जाता है।

🌻8 महीने में घुटने के बल चलने लगता है।

🌻10 महीने में बच्चा खड़ा होना सिख लेता है।

🌻10-12 महीने में बच्चा चलने लगता है।

🌺🌺शैशवावस्था में बच्चे में और भी परिवर्तन होते हैं।🌺🌺

👉बच्चे में 4 5 महीने में खिलौने की समझ आ जाती है। बच्चा खिलौनों से खेलने लगता है।

👉9-12 महीने में बच्चा दो  उंगलियो से चीज़ों को पकाने लगता है बजाय पूरे हाथ के।

👉15 महीने के करीब बच्चा सीढियो या कुर्शी पर चढ़ना सीख लेता है लेकिन उतर नही पाता।

👉18 महीने के करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है। वह आसानी से इधर उधर घूमने लगता है।

👉जब बच्चा 2 साल का हो जाता है तब इसमे और भी  ज्यादा क्षमता विकसित हो जाती है।(जैसे – समान इधर उधर फेकना ,लात से चीज़ों धक्का देना , दौड़ना ,उछालना ,कूदना आदि क्रियाये करने लगता है।)

🌻🌺Notes by Poonam sharma🌻🌺

Stages of child development

0 – 2 year- शैशवास्था (संवेदी पेशीय)

2 – 6 year- पूर्व बाल्यावस्था , पूर्व संक्रियात्मक अवस्था

6 – 12 year – उत्तर बाल्यावस्था ,मूर्त संक्रियात्मक

12 – 18 year – किशोरावस्था ,अमूर्त संक्रियात्मक , औपचारिक अवस्था)

           🔥   गर्भावस्था 🔥

यह अवस्था गर्भाधान से 9 महीने (280 Days)

तक मानी जाती है।

इस अवस्था में विकास की गति तीव्र होती है;

शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है;

इस अवस्था में मुख्यता होने वाले परिवर्तन शारीरिक होते हैं;

         🔥  शैशवावस्था। 🔥

शारीरिक विकास ( Physical Development)

विभिन्न तरीकों से बहुत तेजी से विकास होता है;

वातावरण को समझना शुरू हो जाता है;

शरीर का विकास और समायोजन शुरू हो जाता है;

शरीर का उपयोग करना सीख जाता है;

2 – 3 Month- सबसे पहले से ऊपर उठाना;

4 – Month- ऊपर उठने,की कोशिश करता है;

6 – Month- बैठना ,लुढ़कना सीख जाता है;

8 – Month – घुरकना( रेंगना );

10- Month -खड़े होना शुरू कर देता है;

11 – 12 Month -चलना प्रारंभ कर देता है;

बच्चे चार-पांच (4- 5 month) महीने की उम्र में खिलौना की समझ रखने लगता है;

9 से 12 महीने में बच्चे दो उंगलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगता है बजाय पूरे हाथ से पकड़ने के;

15 महीने के करीब बच्चा सीढ़ियों या कुर्सियों पर चढ़ना सीख जाता है लेकिन उत्तर नहीं पाता है;

18 महीने के करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है

जब बच्चे 2 साल के हो जाते हैं तो उनमें और क्षमता विकसित हो जाती है;

                  जैसे-सामान फेंकना कूदना पैरों से चीजों को धकेलना घूमना दौड़ना इत्यादि सब सीख जाता है।

Thank you 

Written by shikhar pandey

🌺बाल विकास की अवस्थाए🌺(Stages of child development)🌺🌻

👉🌺शैशवावस्था 0-2

👉🌺पूर्व संक्रियावास्था2-6

👉🌺मूर्त संक्रियावास्था 6-12

👉🌺अमूर्त संक्रियावास्था 12-18

👉 गर्भावस्था (0-9)🌺

यह प्रसव से पहले की अवस्था है।

इसे सुरुआत के तीन – तीन भागों में बाटा जाता है।

इस अवस्था मे विकास तीब्र होता है।

शरीर के सभी अंगों की रचना तथा आकृतियों के निर्माण होता है।( इस अवस्था मे माता का पोषण ,अच्छी साहित्य पढ़ना , तनाव मुक्त होना जरूरी होता है।)

🌺👉शैशवावस्था(0-2वर्ष)

🌸इस अवस्था मे बच्चे का शारीरिक विकास बहुत तेज़ी से होता है।

🔅इस अवस्था मे बच्चा अपने आस पास के वातावरण को समझने लगता है।

🔅शरीर का विकास और समायोजन करना सीख लेता है।

🌻(2-3 महीने में बच्चा पेट के बल लेटकर सिर उठाना सिख जाता है।)

🌻4 महीने में बच्चा ऊपर जाने की कोशिश करने लगता है।

🌻6 महीने में बच्चा बैठना सीख जाता है।

🌻8 महीने में घुटने के बल चलने लगता है।

🌻10 महीने में बच्चा खड़ा होना सिख लेता है।

🌻10-12 महीने में बच्चा चलने लगता है।

🌺🌺शैशवावस्था में बच्चे में और भी परिवर्तन होते हैं।🌺🌺

👉बच्चे में 4 5 महीने में खिलौने की समझ आ जाती है। बच्चा खिलौनों से खेलने लगता है।

👉9-12 महीने में बच्चा दो  उंगलियो से चीज़ों को पकाने लगता है बजाय पूरे हाथ के।

👉15 महीने के करीब बच्चा सीढियो या कुर्शी पर चढ़ना सीख लेता है लेकिन उतर नही पाता।

👉18 महीने के करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है। वह आसानी से इधर उधर घूमने लगता है।

👉जब बच्चा 2 साल का हो जाता है तब इसमे और भी  ज्यादा क्षमता विकसित हो जाती है।(जैसे – समान इधर उधर फेकना ,लात से चीज़ों धक्का देना , दौड़ना ,उछालना ,कूदना आदि क्रियाये करने लगता है।)

🌻🌺Notes by Poonam sharma🌻🌺

बाल विकास की अवस्थाएं

भ्रूण के निर्माण से जन्म तक (0-9 महीने)- गर्भावस्था

(0-2 वर्ष)- शैशवास्था/संवेदीपेशीय अवस्था

(2-6 वर्ष)- पूर्व बाल्यावस्था/ पूर्व संक्रियात्मक अवस्था

(6-12 वर्ष)- उत्तर बाल्यावस्था/ मूर्त संक्रियात्मक अवस्था

(12-18 वर्ष)- किशोरावस्था /अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था/ औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था

1.गर्भावस्था

भ्रूण के निर्माण से जन्म तक (0-9 महीने)

यह अवस्था गर्भाधान से 9 महीने या 280 दिन तक मानी जाती है 

इस अवस्था में विकास की गति तीव्र होती है 

शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है 

इस अवस्था में मुख्यतः होने वाले परिवर्तन शारीरिक है।

जब भ्रूण का निर्माण होता है तो उसी समय अनुवांशिक गुण  आ जाते हैं।

यह अनुवांशिक(जीन) गुण एक बार आ जाने के पश्चात नहीं बदलते हैं।

यह अवस्था 0-3,3-6,6-9 महीनो मे होती है।

यहां शैशवास्था से भी विकास की दर तीव्र होती हैं।

2. शैशवास्था (0-2 वर्ष)

इस अवस्था में विभिन्न तरीके से बेहद तेजी से विकास होता है।

इसमें बालक  वातावरण को समझना शुरू कर देता है।

शरीर का विकास और समायोजन शुरू हो जाता है

शरीर का उपयोग करना सीख जाता है।

1. सबसे पहले सिर ऊपर उठाना सीखता है( 2 से 3 महीने तक)

2. ऊपर जाने की कोशिश करता है (4 महीने तक)

3. बैठना सीख जाता है (6 महीने तक)

4. घुरकना या रेंगना सीख जाता है( 8 महीने तक)

5. खड़े होना (10 महीने तक)

6. 10 से 12 महीने तक चलने लगता है।

बच्चे चार-पांच महीने की उम्र में खिलौने की समझ रखने लगते हैं

9 से 12 महीने में दो अंगुलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगते हैं बजाय पूरे हाथ के।

15 महीने के करीब बच्चा सीढ़ियां या कुर्सी पर चढना सीख जाता है लेकिन उत्तर नहीं पाते हैं

18 महीने की करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है

जब बच्चे 2 साल के हो जाते हैं तो उनमें और भी क्षमता का विकास हो जाता है

सामान फेंकना, पैरों से चीजों को धकेलना, उछलना, कूदना, घूमना ,दौड़ना आदि सब सीख जाता है।

Notes by Ravi kushwah

*बाल विकास की अवस्थाएं* 

🚸भ्रूण के निर्माण से जन्म तक (0-9 महीने)- गर्भावस्था

(0-2 वर्ष)- शैशवास्था/संवेदीपेशीय अवस्था

(2-6 वर्ष)- पूर्व बाल्यावस्था/ पूर्व संक्रियात्मक अवस्था

(6-12 वर्ष)- उत्तर बाल्यावस्था/ मूर्त संक्रियात्मक अवस्था

(12-18 वर्ष)- किशोरावस्था /अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था/ औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था

1. *गर्भावस्था* 

भ्रूण के निर्माण से जन्म तक (0-9 महीने)

यह अवस्था गर्भाधान से 9 महीने या 280 दिन तक मानी जाती है 

इस अवस्था में विकास की गति तीव्र होती है 

शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है 

इस अवस्था में मुख्यतः होने वाले परिवर्तन शारीरिक है।

जब भ्रूण का निर्माण होता है तो उसी समय अनुवांशिक गुण  आ जाते हैं।

यह अनुवांशिक(जीन) गुण एक बार आ जाने के पश्चात नहीं बदलते हैं।

यह अवस्था 0-3,3-6,6-9 महीनो मे होती है।

यहां शैशवास्था से भी विकास की दर तीव्र होती हैं।

2. *शैशवास्था (0-2 वर्ष)* 

इस अवस्था में विभिन्न तरीके से बेहद तेजी से विकास होता है।

इसमें बालक  वातावरण को समझना शुरू कर देता है।

शरीर का विकास और समायोजन शुरू हो जाता है

शरीर का उपयोग करना सीख जाता है।

1. सबसे पहले सिर ऊपर उठाना सीखता है( 2 से 3 महीने तक)

2. ऊपर जाने की कोशिश करता है (4 महीने तक)

3. बैठना सीख जाता है (6 महीने तक)

4. घुरकना या रेंगना सीख जाता है( 8 महीने तक)

5. खड़े होना (10 महीने तक)

6. 10 से 12 महीने तक चलने लगता है।

बच्चे चार-पांच महीने की उम्र में खिलौने की समझ रखने लगते हैं

9 से 12 महीने में दो अंगुलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगते हैं बजाय पूरे हाथ के।

15 महीने के करीब बच्चा सीढ़ियां या कुर्सी पर चढना सीख जाता है लेकिन उत्तर नहीं पाते हैं

18 महीने की करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है

जब बच्चे 2 साल के हो जाते हैं तो उनमें और भी क्षमता का विकास हो जाता है

सामान फेंकना, पैरों से चीजों को धकेलना, उछलना, कूदना, घूमना ,दौड़ना आदि सब सीख जाता है।

Notes by Sharad Kumar patkar

🌻🌻  बालविकास की अवस्थायें  🌻🌻

                0  –  9   माह

भ्रूण के निर्माणकाल से जन्म तक –  गर्भावस्था

               0  –  2   वर्ष

संवेदीपेशीय अवस्था  /  शैशवावस्था 

              2   –   6  वर्ष

पूर्व संक्रियात्मक अवस्था / पूर्व बाल्यावस्था

           6  –  12   वर्ष

मूर्त संक्रियात्मक अवस्था   /  उत्तर बाल्यावस्था 

         12  –   18    वर्ष

अमूर्त संक्रियात्मक अवस्था  /  औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था  /   किशोरावस्था

 गर्भावस्था  [  0 – 9 माह  ] 

💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥

यह अवस्था गर्भाधान से [ 40 सप्ताह  /  280 दिन लगभग  /   9 माह ]   तक मानी जाती है।

यह अवस्था [ 0 – 3 ,  3 – 6 ,  6 – 9 ] माह की समयावधि में पूर्ण होती है ।

इस अवस्था में विकास की गति शैशवावस्था की अपेक्षा भी तीव्र होती है।

शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है।

इस अवस्था में मुख्यतः होने वाले परिवर्तन शारीरिक होते हैं।

इसी अवस्था में  [ fertilization  निषेचन ] के दिन ही लिंग निर्धारण , आनुवंशिक गुण निर्धारित हो जाते हैं जो कि फिर किसी भी कारण कभी नहीं बदलते हैं।

यह अवस्था पूर्ण रूप से ही बेहद संवेदी अवस्था होती है विशेषतः  0  – 3  माह  औऱ  6  – 9  माह ।

इस अवस्था में माँ के आसपास पूर्णतः सकारात्मकता 

/  खुशी – प्रसन्नता का वातावरण होना चाहिये, माँ को संतुलित पोषण आहार ग्रहण करना चाहिये , धार्मिक ग्रंथ – ज्ञानवर्धक पुस्तकें पढ़नी चाहिये औऱ स्वयं माँ को सकारात्मक सोच रखनी चाहिये  ताकि एक स्वस्थ्य , संस्कारी , ज्ञानवान बच्चा पैदा हो सके ।

🌸  शैशवावस्था  Infancy.  [ 0  –  2   वर्ष ] 🌸

शैशवावस्था में शारीरिक विकास  :-

💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥

शैशवावस्था में विभिन्न तरीके से बेहद तीव्र गति से शारीरिक विकास होता है।

इस अवस्था में बच्चा वातावरण को समझने में अपनी समझ का उपयोग करता है , अपने शरीर का विकास और वातावरण के साथ समायोजन करता है।

🏵️ इस अवस्था में बच्चा अपने शरीर का उपयोग करना सीख जाते हैं जैसे   :-

2 – 3 माह :-  में बच्चा सबसे पहले पेट के बल लेटकर सिर उठाना सीखता है।

4 माह :- में बच्चा ऊपर उठने की कोशिश करता है।

6 माह :-  में बच्चा बैठना सीख जाता है। 

8 माह :- में बच्चा घुटने के बल चलना सीख जाता है।

10 माह :- में बच्चा खड़े होना सीख जाता है।

10 –  12  माह :-  में बच्चा चलने लगता है ।

इस अवस्था में बच्चे 4 – 5  महीने की उम्र में खिलौने की समझ रखने ( खेलने लगते)  हैं, अतः इसी अवस्था को ” ” खिलौनों की उम्र ” कहा जाता है।

9 – 12 महीनों में बच्चा 2 उंगलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगता हैं बजाय पूरे हाथ के।

15 महीनों के करीब बच्चे सीढ़ियों या कुर्सियों पर चढ़ना सीख जाता है लेकिन उत्तर नहीं पाता है।

18 महीने के करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे आसानी से बच्चे इधर उधर चढ़ने उतरने,  घूमने फिरने लगते हैं।

जब बच्चे 2 साल के हो जाते हैं तो उनमें और भी क्षमता का विकास हो जाता है जैसे सामान फेंकना , पैरों से चीजों को धकेलना , उछलना – कूदना , घूमना – दौड़ना आदि सब सीख जाते हैं।

🌹Notes by – जूही श्रीवास्तव🌹

*❇️ विकास की अवस्थाएं*

 (stages of development) 

1 *गर्भावस्था*( गर्भधारण से जन्म तक) 

✓यह अवस्था गर्भधान से 9 महीने या 280 दिन तक होती है। 

 ✓इस अवस्था में विकास की गति तीव्र ( सभी अवस्थाओं की अपेक्षा) होती है। 

✓ शरीर के सभी अंगों की रचना और आकृतियों का निर्माण होता है। 

✓इस अवस्था में मुख्यतः होने वाले परिवर्तन शारीरिक होते हैं

2. *शैशवावस्था(0-2 वर्ष)*

*शैशवावस्था में शारीरिक विकास*:-

✓ इस अवस्था में विभिन्न तरीके से बेहद तेजी से विकास होता है। 

✓ बच्चा वातावरण को समझने लगता है। 

✓इस अवस्था में बच्चा शरीर का उपयोग करना सीख जाता है। 

✓ इस अवस्था में बच्चा सबसे पहले 2 से 3 माह में सिर को हाथ व पैरों के बल ऊपर उठाना सीखता है। 

✓ उसके बाद 4 माह में ऊपर जाने की कोशिश करता है।

✓4 से 5 माह की उम्र में बच्चा खिलौने की समझ रखने लगता है। 

✓ फिर 6 माह में बच्चा बैठना सीख जाता है। 

✓ इसके बाद 8 माह में बच्चा हाथ व पैर के बल घुरकना या सरकना सीख जाता है। 

✓ उसके बाद 10 माह में बच्चा खड़ा होना सीख जाते हैं। 

✓9 से 12 माह में दो उंगलियों के बीच कुछ पकड़ने की क्षमता रखने लगते हैं, बजाय पूरे हाथ के। 

✓ 10 से 12 माह में बच्चा चलने लगता है। 

✓15 महीने के करीब बच्चा सीढ़ियों  या कुर्सी पर चढ़ना सीख जाता है लेकिन उतर नहीं पाता है। 

✓ 18 महीने के करीब शारीरिक विकास ज्यादा मजबूत हो जाता है जिससे बच्चा आसानी से इधर-उधर घूमने लगता है। 

✓ जब बच्चे 2 वर्ष के हो जाते हैं तो उनमें और भी क्षमता विकसित हो जाती है.

 जैसे- सामान फेंकना, पैरों से चीजों को धकेलना, उछलना-कूदना, घूमना, दौड़ना सब सीख जाता है.

✍️

*Notes by – Vaishali Mishra*

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