*🌸शैशवावस्था में भाषा विकास🌸* 

*(language development in infancy stage)* 

*Date-10 february 2021*

 👉जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से बच्चें अपनी बात दूसरों तक पहुंचाते हैं-

जैसे- भूख लगने पर रोना

 -थके होने पर रोना

– आराम महसूस नहीं कर पाते तब भी रोते हैं

– दर्द होने पर रोना, आदि

👉 यह भी सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों को समझना भी सीख जाता है, 

 खास करके उन ध्वनियों को जिसे उसके माता-पिता या ध्यान रखने वाले उसके सामने प्रायोग करते हैं। 

👉 अगर बच्चे के चेहरे से 8-10 इंच की दूरी पर  किन्हीं शब्दों का प्रयोग होता है तो बच्चा अपने मुंह से दोहराने की कोशिश करता है। 

👉 जब बच्चा 2 से 3 महीने का होता है तब अपनी खुशियां या मन का का इजहार करने के लिए स्वर का प्रयोग करने लगता है। 

👉 3 से 4 महीने में बच्चा व्यंजन वर्णों का प्रयोग करने लगता है। 

👉 4 महीने के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन वर्णों को मिलाकर शब्द  बोलने लगता है। 

👉 5 महीने में बच्चा घरेलू भाषा भाषा भाषा एवं संगीत समझने लगता है। 

👉 7 महीने तक बच्चा अर्थ वाले शब्द का प्रयोग करने लगता है जो उसकी घरेलू भाषा में उसके सामने प्रयोग किए जाते हैं। 

और जानवरों की आवाज भी निकालने लगता है। 

👉 8 महीने में बच्चा ध्वनियों को और अच्छी तरह समझने लगता है और लगता है और जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है जैसे-खाना, खेलना, घूमना तो वह सहमति में खुशी या या में खुशी या या दुख जाहिर करता है। 

👉 9 से 12 माह में अर्थ पूर्ण शब्द जैसे पापा, दादा, दादी, मामा आदि बोलने लगता है। 

👉 1 वर्ष तक बच्चा और भी शब्दों से परिचित हो जाता है और दो-तीन शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है।  जैसे- मम्मा पानी

👉 18 से 24 महीने में बच्चा दो तीन शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है। 

Notes by Shivee Kumari

🌸🌸🌸🌸🌸

🌟🍁🌟🍁🌟 शैशवावस्था🌟🍁🌟🍁🌟

🌈 भाषा विकास:-

जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से बच्चे अपने बाद  पहुंचाते हैं

🪐 भूखे हैं

🪐 थके हैं 

🪐आराम महसूस नहीं कर रहे हैं 

🪐दर्द होने पर

🌸🌞🌸 यह भी सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों को समझना भी सीख जाता है खास करके उन ध्वनियों को जिसे उनके माता-पिता या ध्यान रखने वाले उनके सामने प्रयोग करते हैं

🌸अगर बच्चे के चेहरे से 8 से 10 इंच की दूरी पर किसी शब्द का इस्तेमाल करता है तो बच्चे अपने मुख से उसे दोहराने की कोशिश करते हैं

💫🌸💫 2 से 3 महीने में बच्चे अपनी खुशियों या मन का इस्तेमाल करने के लिए स्वर का इस्तेमाल करने लगते हैं

जैसे:- अ, इ, उ 

💫🌸💫 3 से 4 महीने में बच्चा व्यंजन का भी प्रयोग करने लगता है

🌟जैसे:- ब, म, प आदि

💫🌸💫 4 महीने के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन को मिलाकर शब्द बोलता है

🌟जैसे:- गा, बा, पा आदि

💫🌸💫 जब बच्चा 5 महीने का होता है घरेलू भाषा /संगीत को समझने लगता है

💫🌸💫 7 महीने तक वह अर्थ वाले शब्द का इस्तेमाल करने लगता है जो उनके घरेलू भाषा में उनके सामने प्रयोग की जाती है

 जानवरों की आवाज भी निकालते हैं

💫🌸💫 8 महीने में बच्चा ध्वनि को और अच्छी तरह से समझने लगता है और जब बच्चे से कोई भी बात या शब्द पूछा जाता है अपने भावों द्वारा प्रदर्शित करता है

🌟जैसे:- खाना , खेलना, घूमना, वह अपनी सहमति सुख, दुख कर जाहिर करता है

🌟 हम देखते हैं जब बच्चे को घूमने के लिए कहते हैं तो वह खुश हो जाता है और खाने को कहने पर बच्चा मन उदास या रोने लगता है इस प्रकार अपनी सहमति व्यक्त करता है

💫🌸💫 9 से 12 महीने मैं बच्चा अर्थपूर्ण शब्द दो जैसे पापा,  मामा बोलने लगता है

1 साल तक बच्चा और भी शब्दों से परिचित हो जाता है और 2 से 3 शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है

💫🌸💫 18 से 24 महीने मे बच्चा 2 से 3 शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है

✍🏻✍🏻✍🏻notes by:- Menka patel ✍🏻✍🏻✍🏻

💫🌸💫🌸💫🌸💫🌸💫🌸💫🌸💫🌸💫🌸💫🌸

💫💫💫शैशवास्था 👼🏻💫💫💫

🗣️ भाषा विकास➖

जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से बच्चा अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाता है

🌻 भूखे है

🌻 थके हैं

🌻 आराम महसूस नहीं कर रहे हैं।

🌻 शरीर के किसी अंग में दर्द है।

तो वह ऊपर ही बताता है

यानी शिशु का प्रथम क्रंदन उसकी भाषा विकास की शुरुआत होती है।

🌻🌺 यह भी सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों 🗣️को समझना भी सीख जाता है खास करके उन ध्वनियों को जिससे उसके माता-पिता या ध्यान रखने वाले के सामने उपयोग करता है।

🌻🌸 अगर बच्चे के चेहरे से 8 से 10 इंच की दूरी पर किसी शब्द का इस्तेमाल होता है तो बच्चा उसे अपने मुख से दोहराने का प्रयास करता है।

💫🌺 2-3महीने में बच्चे अपनी खुशियों या मन का इस्तेमाल करने के लिए स्वर का इस्तेमाल करने लगता है।

💫🌸3-4 महीने का बच्चा व्यंजन का प्रयोग करने लगता है।

🌻🌸 4 महीने के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन को मिलाकर शब्द बोलता है।

💫🌺 5 महीने में बच्चा अपने घरेलू भाषा /संगीत समझने लगता है।

💫🌸7 महीने तक वह अर्थ वाले शब्द का इस्तेमाल करने लगता है जो उसके घरेलू भाषा में उसके सामने प्रयोग की जाती है और जानवरों की आवाज भी निकालने लगते हैं।

💫🌺8 महीने का बच्चा ध्वनि को और अच्छी तरह से समझने लगता है जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है जैसे खाना, घूमना, खेलना वह सहमति खुशी, दुख जाहिर करता है।

💫🌸 9 से 12 महीने में बच्चा अर्थ पूर्ण शब्द जैसे मामा ,पापा, चाचा ,दादा आदि शब्दों को बोलने लगता है।

💫🌺1 साल तक बच्चा और भी शब्दों से परिचित हो जाता है और 2 से 3 शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है।

💫🌸 18 से 24 महीने तक (2 साल)बच्चा दो तीन शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है।

✍🏻📚📚 Notes by….

Sakshi Sharma📚📚✍🏻

🌺🌺🌻🌻🌻🌻🌺🌺

शैशवावस्था में भाषा का विकास

🌺🌺🌻🌻🌻🌻🌺🌺

👉जब बच्चे का जन्म होता है तो सबसे पहले वह रोता है। 

🔅रोने के माध्यम से अपनी बात दुसरो तक पहुचते है।

➡️भूख लगना।

➡️तकलीफ होना।

➡️पेट मे दर्द होना । आदि समस्याओं को वह रो कर बताने की कोशिश करते है।

👉यह भी सच्चाई है कि बच्चा शुरुआत मे ही ध्वनियों को समझने लगता है।

🔅खास कर उन ध्वनियों को जो उनके माता पिता के द्वारा या जो उनके ज्यादा करीब होते हैं। उनकी ध्वनियों को पहचानने लगता है।

🔅यदि बच्चे के चेहरे के 8-10 इंच के करीब किसी शब्दो का इस्तेमाल होता है। तो बच्चे अपने मुख से शब्द को दोहराने की कोशिश करते हैं।

👉 2 से 3 महीने में बच्चा अपनी खुशियो या मन को इस्तेमाल करने के लिए स्वर शब्दो  का इस्तेमाल करने लगता है।

👉3 से 4 महीने  में बच्चा व्यंजन का प्रयोग करने लगता है।

और 4 महीने के अंत मे वह स्वर और व्यंजन को जोड़ कर निरर्थक  शब्दो को बोलने लगता है।

👉 5 महीने में बच्चा घरेलू भाषा और संगीत की समझने लगता है।

👉7 महीने में बच्चा अर्थ वाले शब्दों को बोलने लगता है जो उसके आस पास बोली जाती है।

👉जानवरों की आवाज़ भी निकलते हैं।

👉8 महीने में बच्चा ध्वनियों को और अच्छे से समझने लगता है।👉जब कोई शब्द पूछा जाता है जैसे  – खाना, पीना ,खेलना ,घूमना अर्थात वह अपनी इच्छाओं को जाहिर करने लगता है। अपना दुख भी जाहिर करने लगता है।

👉9 से 12 महीने में अर्थपूर्ण शब्द बोलने लगता है।जैसे -मामा, पापा, नाना, बुआ आदि ।1 साल तक बच्चा और भी शब्दो से परिचित हो जाता है।और 2 3 शब्दो को जोड़ कर बोलना सिख जाता है।

👉18 से 24 महीने या शैशवावस्था के पूरे होने तक बच्चा 2 3 शब्दो को मिलाकर साधारण वाक्यो को बोलने लगता है।

🌻🌻🌺🌺Notes by Poonam sharma🌻🌻🌺🌺

💫शैशवास्था💫

🗣️ भाषा विकास:-

जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से बच्चा अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाता है

जैसे

1️⃣ जब बच्चा भूखा हो तो वह रोकर अपनी मां तक यह संदेश देने की कोशिश करता है कि वह भूखा है।

2️⃣ जब बच्चा थक जाता है तो वह रोता है इससे उसकी मां या उसके परिवार को समझ आ जाता है कि वह थक गया है।

3️⃣ जब बच्चा आराम महसूस नहीं कर रहा होता है

4️⃣ जब बच्चे के शरीर के किसी अंग में दर्द है।

तो वह रोकर ही बताता है।

🔆 यह भी सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों को समझना भी सीख जाता है खास करके उन ध्वनियों को जिससे उसके माता-पिता या ध्यान रखने वाले के सामने उपयोग करता है।

🔅 अगर बच्चे के चेहरे से 8 से 10 इंच की दूरी पर किसी शब्द का इस्तेमाल होता है तो बच्चा उसे अपने मुख से दोहराने का प्रयास करता है।

🔅 2-3महीने में बच्चे अपनी खुशियों या मन का इस्तेमाल करने के लिए स्वर का इस्तेमाल करने लगता है।

🔅3-4 महीने का बच्चा व्यंजन का प्रयोग करने लगता है।

🔅 4 महीने के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन को मिलाकर शब्द बोलता है।

🔅 5 महीने में बच्चा अपने घरेलू भाषा /संगीत समझने लगता है।

🔅7 महीने तक वह अर्थ वाले शब्द का इस्तेमाल करने लगता है जो उसके घरेलू भाषा में उसके सामने प्रयोग की जाती है और जानवरों की आवाज भी निकालने लगते हैं।

🔅8 महीने का बच्चा ध्वनि को और अच्छी तरह से समझने लगता है जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है जैसे खाना, घूमना, खेलना वह सहमति खुशी, दुख जाहिर करता है।

🔅 9 से 12 महीने में बच्चा अर्थ पूर्ण शब्द जैसे मामा ,पापा, चाचा ,दादा आदि शब्दों को बोलने लगता है।

🔅1 साल तक बच्चा और भी शब्दों से परिचित हो जाता है और 2 से 3 शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है।

🔅 18 से 24 महीने तक का (2 साल)बच्चा दो तीन शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है।

✍🏻Notes by raziya kha✍🏻

*शैशवास्था* 

📢 *भाषा विकास➖* 

जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से बच्चा अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाता है

✍️भूखे है

✍️ थके हैं

✍️आराम महसूस नहीं कर रहे हैं।

✍️शरीर के किसी अंग में दर्द है।

तो वह ऊपर ही बताता है

यानी शिशु का प्रथम क्रंदन उसकी भाषा विकास की शुरुआत होती है।

✍️ यह भी सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों 🗣️🙊👄को समझना भी सीख जाता है खास करके उन ध्वनियों को जिससे उसके माता-पिता या ध्यान रखने वाले के सामने उपयोग करता है।

✍️ अगर बच्चे के चेहरे से 8 से 10 इंच की दूरी पर किसी शब्द का इस्तेमाल होता है तो बच्चा उसे अपने मुख से दोहराने का प्रयास करता है।

✍️2-3महीने में बच्चे अपनी खुशियों या मन का इस्तेमाल करने के लिए स्वर का इस्तेमाल करने लगता है।

✍️3-4 महीने का बच्चा व्यंजन का प्रयोग करने लगता है।

✍️ 4 महीने के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन को मिलाकर शब्द बोलता है।

✍️ 5 महीने में बच्चा अपने घरेलू भाषा /संगीत समझने लगता है।

✍️7 महीने तक वह अर्थ वाले शब्द का इस्तेमाल करने लगता है जो उसके घरेलू भाषा में उसके सामने प्रयोग की जाती है और जानवरों की आवाज भी निकालने लगते हैं।

✍️8 महीने का बच्चा ध्वनि को और अच्छी तरह से समझने लगता है जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है जैसे खाना, घूमना, खेलना वह सहमति खुशी, दुख जाहिर करता है।

✍️ 9 से 12 महीने में बच्चा अर्थ पूर्ण शब्द जैसे मामा ,पापा, चाचा ,दादा आदि शब्दों को बोलने लगता है।

✍️1 साल तक बच्चा और भी शब्दों से परिचित हो जाता है और 2 से 3 शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है।

✍️ 18 से 24 महीने तक (2 साल)बच्चा दो तीन शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है।

🧑‍⚕️Notes by Sharad Kumar patkar✍️

🔥🔥 शैशवावस्था🔥🔥

🌸  भाषा विकास🌸

✒️  जब बच्चे का जन्म होता है तो वह अपनी बात को रोने के माध्यम से दूसरों तक पहुंचाता है।

 👉भूख लगना 

👉थकना

👉 आराम महसूस नही करते है।

👉दर्द होने रोते है।

✒️ यह भी सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों को समझना भी सीख जाता है खासकर के उन ध्वनियों को जिसे उसके माता-पिता या ध्यान रखने वाले उनसे सामने उपयोग करता है।

✒️ अगर बच्चे के चेहरे से 8 से 10 इंच की दूरी पर किसी शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है तो वह अपने मुख से उसी शब्द को दोहराने की कोशिश करते हैं।

👉 2 से 3 महीने में बच्चे अपनी खुशियां या मन का इजहार करने के लिए स्वर का इस्तेमाल करने लगते हैं।

🌸 3 से 4 महीने मैं बच्चा व्यंजन का प्रयोग भी करने लगता है तथा 4 महीने के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन को मिलाकर शब्द बोलता है।

🌸 5 महीने में बच्चा घरेलू भाषा और  संगीत समझने लगता है लगभग 7 महीने तक वह अर्थ वाले शब्दों का इस्तेमाल करने लगता है।

 वह जानवरों की आवाज भी निकालने लगते हैं।

🌸 8 महीने में बच्चा ध्वनि को और अच्छी तरह से समझने लगता है जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है,  चाहे वह खाने, खेलने या घूमने से संबंधित हो उसमें बच्चे अपनी सहमति खुशी या दुख से जाहिर करते हैं।

🌸 9 से 12 महीने मैं बच्चा अर्थपूर्ण शब्द जैसे मामा पापा दादा बोलने लग जाता है।

🌸 1 साल  तक बच्चे और शब्दों से भी परिचित हो जाते हैं और 2/3  शब्दों को  बोलने लगता है।

🌸  18 से 24 महीने में बच्चे दो या तीन शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है।।

         🙏🙏🙏🙏🙏

NOTES BY

         SHASHI CHOUDHARY

       🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸

🌸शैशवावस्था में भाषा विकास🌸

जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से अपनी बात को दूसरो तक पहुंचाते हैं;

जब बच्चे भूख लगती है तो वह रोना शुरू कर देता है;

जब बच्चा आराम महसूस नहीं करता तब भी वह रोने लगता है;

जब बच्चे को किसी प्रकार दर्द होता है तो वह उसे भी रो कर प्कट करता है;

जब बच्चे को थकान लगी रहती है,तब भी वह रो कर ही अपनी बात पहुंचाता है;

बच्चा बहुत सी दुनिया समझता है किंतु वे ज्यादातर वही दुनिया होती है जो उसके माता-पिता या उसका लालन-पालन करने वाला सदस्य प्रयोग करता है;

यह भी सच है कि शुरुआत के दिनों में (०-३ माह ) बच्चा ध्वनियों को समझना भी सीख जाता है (शब्द,वर्ण) खासकर उन दोनों को जैसे उनके माता-पिता या उनका  ध्यान रखने वाले ने उनके सामने उपयोग किया है।

अगर बच्चे के चेहरे से (८-१० इंच)की दूरी पर किसी शब्दों का इस्तेमाल होता है तो बच्चा अपने मुख से दोहराने की कोशिश करता है;

🧠२-३ माह – इस माह में बच्चे अपनी खुशियां या मन का इस्तेमाल करने के लिए स्वर का इस्तेमाल करने लगते हैं;

🧠३ – ४ माह -इस माह में बच्चा व्यंजन का प्रयोग करने लगता है;

🧠४-माह के अंत तक -इस माह के अंत में स्वर और व्यंजन को मिलाकर शब्द बोलता है किंतु वे शब्द अर्थपूर्ण (निरर्थक) होते हैं;

जैसे÷आजा, अच्च, गागा , इत्यादि

🧠५-माह ÷इस माह में बच्चा घरेलू भाषा वा  संगीत सीखने लगता है;

🧠७ -माह÷इस माह में बच्चे अर्थ वाले शब्द का इस्तेमाल करने लगता है जो उनके घरेलू भाषा में उनके सामने प्रयोग किए जाते हैं और साथ ही साथ कुछ जानवरों की भी आवाज निकालने लगता है;

जैसे÷ची-ची , म्याऊं म्याऊं, भो-भो इत्यादि

🧠८ – माह ÷ इस माह में बच्चे धनिक और अच्छी तरह समझ लगता है वह जब बच्चे से कोई सबसे बात पूछी जाती है,

जैसे ÷ खाना, पीना, टहेलना ,खेलना , घूमना इत्यादि पूछने पर वह अपनी सहमति-खुशी- दुःख आदि जाहिर करता है;

🧠९ -१२ माह ÷इस माह में बच्चा अर्थपूर्ण शब्द का प्रयोग पूर्णता अच्छे ढंग से करने लगता है;

जैसे ÷मामा, चाचा, दादा, दीदी, पापा, मामा इत्यादि

🧠१-वर्ष तक ÷इस समय में बच्चा और भी शब्दों से 25 हो जाता है और 2 से 3 शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है;

🧠१८ – २४ माह÷ 2 से 3 शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है। 

😃थैंक यू😃

🔥Written by÷ Shikhar pandey🔥

शैशवावस्था में बच्चे का भाषाई विकास

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शैशवावस्था में बच्चे का भाषाई विकास निम्नलिखित प्रकार से होता है  :-

👉  “  जब बच्चे का जन्म होता है तो वह ‛ रोने के माध्यम से ’  सामने वालों तक अपनी बात पहुंचाते हैं। ”  जैसे :-

भूखे होंगे तो रोएंगे

थके होंगे तो रोएंगे

आराम महसूस नहीं कर रहे हैं तो भी रोएंगे

यदि उनके शरीर में कहीं दर्द हो रहा है तब भी रोएंगे उनको नींद लगी है / सोना है तब भी रोएंगे

वह ऐसे अपने अनेक कार्यों के लिए रोने के माध्यम से अपनी बात पहुंच जाते हैं।

🌻   अर्थात्  बच्चों का प्राम्भिक भाषाई विकास “ रोने ”      के माध्यम से ही होता है।  🌻

👉  यह भी सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों को समझना भी सीख जाता है खासकरके उन ध्वनियों को जो उनके माता-पिता या परिवार वाले / ध्यान रखने वाले उनके सामने उपयोग करते हैं।

👉   अगर बच्चों के चेहरे से 8 – 10 इंच की दूरी पर किसी शब्दों का इस्तेमाल किया जाता है तो बच्चा सुने हुये शब्दों को दोहराने की कोशिश करते हैं ।

               🌻  अतः इसीलिए हमें अन्य प्रकार की कोई भी नकारात्मक बातें बच्चों के सामने नहीं करनी चाहिए क्योंकि इस नाजुक सी उम्र में इस कारण से उनके ऊपर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 🌻

 👉   2 – 3 महीने का बच्चा अपनी बात या खुशियों या मन के भावों को प्रकट करने के लिये ” स्वर ” का इस्तेमाल करता है  :-  अ , ई , ऐ आदि।

👉   3 – 4 माह का होने पर बच्चा ” व्यंजन ” का प्रयोग करने लगता है।

 👉    4 महीने के अंत तक बच्चा ” स्वर और व्यंजन ” को मिलाकर बिना अर्थ के शब्द बोलने लगता है जैसे  :-  गगा ,  मम आदि।

👉   5 महीने का होने पर बच्चा अपनी घरेलू भाषा / संगीत को समझने लगता है।

             🌻 अतः जब बच्चा अपनी घरेलू भाषा समझने लगता है तब हमें विभिन्न प्रकार की भाषाओं को मिश्रित प्रयोग न करके किसी एक निश्चित मातृभाषा का प्रयोग करना चाहिए ताकि बच्चा भ्रमित न हो कर बल्कि कोई एक भाषा सीख सके। 🌻

👉   7 महीने तक बच्चा अर्थ वाले शब्द का इस्तेमाल करने लगता है जो उनके घरेलू भाषा में उनके सामने प्रयोग किए जाते हैं तथा इसी समय बच्चा जानवरों की आवाज भी निकालने लगता है।

👉  8 महीने में बच्चा ध्वनियों को और अच्छी तरह से समझने लगता है तथा जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है या किसी बात के प्रति उनकी प्रतिक्रिया ली जाती है जैसे  :-   खाना खाओगे , घूमने चलोगे आदि तब वह अपना दुख – मनाही या खुशी – इच्छा, स्वीकृति एक संकेतात्मक ध्वनियों के रूप में जहिर करने लगता है।

👉  9 – 12 महीनों में वह बच्चा अर्थपूर्ण शब्द बोलने लगता है जैसे :- मामा , पापा , दादा आदि।

👉  1 साल के अंत तक बच्चा और भी अनेक शब्दों से परिचित हो जाता है तथा 2 – 3 शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है जैसे  :-  आ जाओ,  खाना दो आदि।

👉  18 – 24 महीनों तक बच्चा  2 – 3  शब्दों को      मिलाकर साधारण वाक्य बनाकर बोलने लगता है।

✍️  Notes by – जूही श्रीवास्तव  ✍️

शैशवास्था मे भाषा विकास

जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से बच्चे अपनी बात को दूसरों तक पहुंचाते हैं।

जैसे भूख ,थकान ,आराम महसूस नहीं करना, दर्द आदि को रो कर व्यक्त करते हैं।

यह सच्चाई है कि शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों को समझना सीख जाता है।

खासकर उन ध्वनियों को जिसे उनके माता-पिता या ध्यान रखने वाले उनके सामने उपयोग करते हैं।

अगर बच्चे के चेहरे से 8 से 10 इंच की दूरी पर किसी शब्दों का इस्तेमाल होता है तो बच्चा अपने मुख से शब्दों को दोहराने की कोशिश करता है।

2 से 3 महीने में बच्चे अपनी खुशियों या मन का इस्तेमाल करने के लिए स्वर का इस्तेमाल करने लगते हैं।

अ आ  ऊ ऊ

3 से 4 महीने में बच्चा व्यंजन का प्रयोग करने लगता है।

ग ब क

4 महीने के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन को मिलाकर शब्द ( शब्द निरर्थक होता है।) बोलता है।

गा अगू चा दा मां

5 महीने में बच्चा घरेलू भाषा और संगीत समझने लगता है।

7 महीने तक वह अर्थ वाले शब्दों का इस्तेमाल करने लगता है ( परिचित लोगों द्वारा बोले जाने वाले शब्दों को दोहराता है। )जो उनकी घरेलू भाषा में उनके सामने प्रयोग किए जाते हैं और जानवरों की आवाजें भी निकालने लगता हैं। 

8 महीने में बच्चा ध्वनि को और अधिक तरह से समझने लगता है जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है जैसे खाना, खेलना, घूमना आदि को वह सहमति ,खुशी ,दुख मे जाहिर करने लगता है।

9 से 12 महीने में अर्थपूर्ण शब्द जैसे मामा ,पापा, दादा बोलने लगता है।

1 साल तक बच्चा और भी शब्दों से परिचित हो जाता है और दो से तीन शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है।

18-24 महीने में बच्चा दो तीन शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है।

Notes by Ravi kushwah

*🔆शैशवावस्था में भाषा विकास* 

*(language development in infancy stage)* 

 ✓जब बच्चे का जन्म होता है तो रोने के माध्यम से बच्चें अपनी बात दूसरों तक पहुंचाते हैं-

जैसे- भूख लगने पर रोने लगता है।

 -थके होने पर रोता है

– आराम महसूस नहीं कर पाते तब भी रोते हैं

– दर्द होने पर रोना, आदि

✓ शुरुआत के दिनों में बच्चा ध्वनियों को समझना भी सीख जाता है, 

 खास करके उन ध्वनियों को जिसे उसके माता-पिता या ध्यान रखने वाले उसके सामने प्रायोग करते हैं। 

✓ अगर बच्चे के चेहरे से 8-10 इंच की दूरी पर  किन्हीं शब्दों का प्रयोग होता है तो बच्चा अपने मुंह से दोहराने की कोशिश करता है। 

✓ जब बच्चा 2 से 3 माह का होता है तब अपनी खुशियां या मन को व्यक्त करने के लिए स्वर का प्रयोग करने लगता है। 

✓ 3 से 4 माह में बच्चा व्यंजन वर्णों का प्रयोग करने लगता है। 

✓ 4 माह के अंत तक बच्चा स्वर और व्यंजन वर्णों को मिलाकर शब्द  बोलने लगता है। 

✓ 5 माह में बच्चा घरेलू भाषा भाषा भाषा एवं संगीत समझने लगता है। 

✓ 7 माह तक बच्चा अर्थ वाले शब्द का प्रयोग करने लगता है जो उसकी घरेलू भाषा में उसके सामने प्रयोग किए जाते हैं। 

और जानवरों की आवाज भी निकालने लगता है। 

✓ 8 माह में बच्चा ध्वनियों को और अच्छी तरह समझने लगता है और लगता है और जब बच्चे से कोई शब्द पूछा जाता है जैसे-खाना, खेलना, घूमना तो वह सहमति में खुशी या या में खुशी या या दुख जाहिर करता है। 

✓ 9 से 12 माह में अर्थ पूर्ण शब्द जैसे पापा, दादा, दादी, मामा आदि बोलने लगता है। 

✓ 1 वर्ष तक बच्चा और भी शब्दों से परिचित हो जाता है और दो-तीन शब्दों को जोड़कर बोलने लगता है।  जैसे- मम्मा पानी

✓ 18 से 24 माह या डेढ़ वर्ष या दो वर्ष  में बच्चा दो तीन शब्दों को मिलाकर साधारण वाक्य बनाने लगता है। 

✍🏻

*Notes by – Vaishali Mishra*

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