वातावरण के प्रकार (type of environment) 🌸

वातावरण  मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं

1. भौगोलिक वातावरण (physical environment)

2. सामाजिक वातावरण(social environment)

भौगोलिक वातावरण🌱🌳🌴🌄🌤️🌦️🌍🦋🕊️🦒🦧

इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित होते हैं जैसे जलवायु ,मिट्टी, जीव -जंतु ,वनस्पति ,स्थिति इत्यादि।

भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते हैं।

सामाजिक वातावरण👩‍🦰👳🏻‍♀️🧕🏻👳‍♂️🕵🏻‍♀️👩‍🏫👰🏻‍♀👸🏻

सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है इसमें आपके रिती रिवाज ,परंपरा, भाषा, शिष्टाचार, समाज में अंत: क्रिया आदि यह सब सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं। सामाजिक वातावरण भी दो भागों में विभाजित किया गया है 

1. सांस्कृतिक वातावरण एवं

2.  मानसिक वातावरण

       सांस्कृतिक वातावरण जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है। जबकि मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है। इस प्रकार के वातावरण व्यक्ति के अलग-अलग पक्षों शारीरिक, सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करते हैं।

बालक पर वातावरण का प्रभाव 🧍🧍‍♀️

शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है।

1. शारीरिक अंतर का प्रभाव

फ्रेंज बोंस के अनुसार,”अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम न होकर वातावरण भी होता है।”

उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

2. मानसिक विकास पर प्रभाव

गोर्डन का मत है किउचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है।

उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चे का अध्ययन करके सिद्ध किया इन बच्चों का वातावरण गंदा और सामाजिक अच्छे प्रभाव  से दूर था।

3. बुद्धि पर प्रभाव

केंडोल के अनुसार , बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली।

स्टीफेंस ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

4. व्यक्तित्व का प्रभाव

कुले महोदय ने 71 साहित्यकार का अध्ययन किया जिसमें दो साहित्यकार निर्धन थे लेकिन वह महान साहित्यकार बने। 

इनका मानना था कि यदि बच्चे/व्यक्ति को उत्तम वातावरण मिले तो वह अच्छा व्यक्तित्व का हो सकता है।

✍🏻 Notes by Shreya Rai 😊🙏

🔆 वातावरण के प्रकार:- 

(Types of environment)

▪️सामान्यत: वातावरण के सभी पक्षों को देखने या अवलोकन करने पर इसे दो भागों में बांटा गया है।

1 भौगोलिक वातावरण

2 सामाजिक वातावरण

🌠1 भौगोलिक वातावरण :- 

इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित हैं जैसे जलवायु, मृदा ,जीव जंतु ,वनस्पति ,नदियां स्थिति इत्यादि।

भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करता है।

🌠2 सामाजिक वातावरण :- 

▪️सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है।

इससे हमारे रीति रिवाज, परंपरा, भाषा ,शिष्टाचार, समाज में अंत:क्रिया यह सब सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं।

▪️बालकों के विकास को भौगोलिक वातावरण तो प्रभावित करता ही है बल्कि इसके साथ-साथ सामाजिक वातावरण का भी प्रभाव बालक के विकास पर पड़ता है।

▪️सामाजिक वातावरण के प्रकार:- 

1 सांस्कृतिक वातावरण

2 मानसिक वातावरण

🔹1 सांस्कृतिक वातावरण :- जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है।

किसी भी कार्य को करने का उचित तरीका यह समाज के उचित नियमों से अंतः क्रिया करना ही शिष्टाचार है।

संस्कृति वही है जिसे समाज में स्वीकार किया जाए अर्थात् जिस वातावरण की जो संस्कृति है वह उसी वातावरण में स्वीकृत की जाती हैं।

🔹2 मानसिक वातावरण:- 

मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है।

इस प्रकार के वातावरण यह व्यक्ति के अलग-अलग पक्ष शारीरिक, सामाजिक ,मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं।

❄️बालक पर वातावरण का प्रभाव:-

कई शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक की व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है।

❇️1 शारीरिक अंतर का प्रभाव :- 

▪️फ्रेंच बोन्स के अनुसार

अलग-अलग प्रजाति की शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण भी होता है।

▪️इन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया है कि जापानी और युहुदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

❇️2 मानसिक विकास पर प्रभाव:-

▪️गोल्डन के अनुसार

▪️गॉर्डन का मत है कि उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है

▪️उन्होंने यह बात नदी किनारे रहने वाले बच्चों का अध्ययन करके सिद्ध की है

इस तरह के बच्चों का वातावरण गंदा और समाज के अच्छे प्रभावों से दूर था।

❇️3 बुद्धि पर प्रभाव :-

▪️कैरोल द्वारा अध्ययन किया गया कि

बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है।

उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके यह पता लगाया कि उनमें से अधिकतर धनी वर्ग से संबंधित है इसीलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली और वे भी विद्वान बने।

▪️स्टीफन ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

❇️4 व्यक्तित्व का प्रभाव:-

▪️उत्तम वातावरण में जो बच्चा पलता है उसका व्यक्तित्व अच्छा होता है और वह बहुमुखी प्रतिभा का धनी होता है

यदि गरीब माता-पिता के बच्चे भी उत्तम वातावरण में पल जाए तो उनका भी व्यक्तित्व अच्छा हो सकता है।

▪️व्यक्तित्व का सीधा संबंध उत्तम वातावरण से है

▪️कूले ने 71 साहित्यकारो का अध्ययन किया जिसमें दो साहित्यकार निर्धन थे लेकिन वह महान साहित्यकार बने।

✍️

     Notes By-‘Vaishali Mishra’

💐वातावरण के प्रकार 💐

वातावरण के दो प्रकार है 

भौगोलिक वातावरण और सामाजिक वातावरण

सामाजिक वातावरण में सांस्कृतिक वातावरण और मानसिक वातावरण आता है

1  भौगोलिक वातावरण:- इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित है जैसे जलवायु ,मिट्टी, जीव-जंतु  वनस्पति नदियां इत्यादि

                             . भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करता है

2 सामाजिक वातावरण:- सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है इसमें अनेक रीति रिवाज परंपरा भाषा शिष्टाचार समाज से अंतः क्रिया यह सब सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं

 सामाजिक वातावरण:-

                              .1 सांस्कृतिक वातावरण

                               .2 मानसिक वातावरण

1 सांस्कृतिक वातावरण:- जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है

                                        . जबकि मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यता के विकास में योगदान देता है इस प्रकार यह वातावरण यह व्यक्ति के अलग-अलग पक्ष शारीरिक ,सामाजिक, इत्यादि तत्व को प्रभावित करते हैं

          💐बालक पर वातावरण का प्रभाव💐

शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षणों से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक ,सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है

1 शारीरिक अंतर का प्रभाव:-

फ्रेंज बोन्स:- अलग-अलग प्रकृति के सारे अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण भी होता है तो उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह      सिद्ध किया कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे थे उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई

2 मानसिक विकास का प्रभाव

गोर्डन  के अनुसार:- गोर्डन का मत है कि उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण न मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है   

उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चे का अध्ययन करके सिद्ध किया इन बच्चों का वातावरण गंदा और अच्छे सामाजिक  प्रभाव से दूर था

3 बुद्धि का प्रभाव

केडोल  के अनुसार:- बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली

 स्टीफेंस के अनुसार स्टीफेंस ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती हैं

4 व्यक्तित्व का प्रभाव

 कुले का अध्ययन  

71 साहित्यकार का अध्ययन किया

इनमें से दो साहित्य का निर्धन थी लेकिन महान साहित्यकार थे इनके अनुसार यदि वातावरण अच्छा मिले तो व्यक्ति का व्यक्तित्व अच्छा हो सकता है

Nots by सपना साहू

➡️🥀🥀🥀वातावरण के प्रकार (type of environment) 🥀🥀🥀🥀

👉🏻🖊️वातावरण  मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं

🖊️1.भौगोलिक वातावरण (physical environment)

2. सामाजिक वातावरण(social environment)

📚भौगोलिक वातावरण☔🌧️🌩️🌨️⛅🥀💦🪐🪐🌏

इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित होते हैं  इसके अंतर्गत पृथ्वी , चन्द्र , सूर्य , नदियां , पहाड़ , समुद्र , रेड – पौधे , जीव – जन्तु ,वनस्पति ,स्थिति इत्यादि।

भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करती हैं। ये सभी प्रकृति प्रदत्त वस्तुएं आती हैं जो किसी न किसी प्रकार व्यक्ति को आजन्म प्रभावित करती रहती हैं।

  ➡️सामाजिक वातावरण 

सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है। सामाजिक वातावरण का तात्पर्य उन सभी परिस्थितियों से है जो बालक के शारीरिक , मानसिक और सामाजिक विकास पर प्रभाव डालती है । मानव समाज में प्रचलित सभी सामाजिक परिस्थितियों , रीति – रिवाज , प्रथाएँ , रूढ़ियां , रहन – सहन आदि सामाजिक वातावरण  मे परम्परा भाषा, शिष्टाचार, समाज में अंत: क्रिया आदि यह सब सामाजिक वातावरण के अन्तर्गत आता हैं। सामाजिक वातावरण दो भागों में विभाजित किया गया है 

👉🏻१. सांस्कृतिक वातावरण 

👉🏻 २.मानसिक वातावरण

    सांस्कृतिक वातावरण जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है। जबकि मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है। इस प्रकार के वातावरण व्यक्ति के अलग-अलग पक्षों शारीरिक, सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करते हैं।

           👶🏻बालक पर वातावरण का   

                  प्रभाव 🥀🥀🥀🥀

🧑🏼‍💼🧑🏼‍💼🧑🏼‍💼🧑🏼‍💼शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है।

➡️1. शारीरिक अंतर का प्रभाव

👉🏻फ्रेंज बोंस के अनुसार,”अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम न होकर वातावरण भी होता है।”

उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

➡️2. मानसिक विकास पर प्रभाव

गोर्डन का मत है कि उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है।

उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चे का अध्ययन करके सिद्ध किया इन बच्चों का वातावरण गंदा और सामाजिक अच्छे प्रभाव  से दूर था।

➡️3. बुद्धि पर प्रभाव

केंडोल के अनुसार , बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली।

स्टीफेंस ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

➡️4. व्यक्तित्व का प्रभाव

  कुले महोदय के अनुसार,” 71 साहित्यकार का अध्ययन किया जिसमें दो साहित्यकार निर्धन थे। लेकिन वह महान साहित्यकार बने। 

इनका मानना था कि यदि बच्चे/व्यक्ति को उत्तम वातावरण मिले तो वह अच्छा व्यक्तित्व का हो सकता है।

🖊️📚📝Notes by shikha tripathi📚📚🥀🥀

🌼🌼🌼वातावरण के प्रकार 🌼🌼🌼

🌼🌼वातावरण  मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं

🌼1. भौगोलिक वातावरण 

🌼2. सामाजिक वातावरण

🌼🌼1.भौगोलिक वातावरण :-इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित होते हैं जैसे जलवायु ,मिट्टी, जीव -जंतु ,वनस्पति ,स्थिति इत्यादि।

🌼भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते हैं।

🌼🌼2.सामाजिक वातावरण:-सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है इसमें आपके रिती- रिवाज ,परंपरा, भाषा, शिष्टाचार, समाज में अंत: क्रिया आदि यह सब सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं। सामाजिक वातावरण भी दो भागों में विभाजित किया गया है 

🌼1. सांस्कृतिक वातावरण 

🌼2. मानसिक वातावरण

 🌼🌼1. सांस्कृतिक वातावरण:- सांस्कृतिक वातावरण जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है। 

🌼🌼2. मानसिक वातावरण:- मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है।

🌼 इस प्रकार के वातावरण व्यक्ति के अलग-अलग पक्षों शारीरिक, सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करते हैं।

🌼बालक पर वातावरण का प्रभाव 🌼

🌼शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है।

🌼1.शारीरिक अंतर का प्रभाव:-

🌼🌼फ्रेंज बोंस के अनुसार,”अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम न होकर वातावरण भी होता है।”

उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

🌼2. मानसिक विकास पर प्रभाव:-

🌼गोर्डन के अनुसार :-“उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है।”

उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चे का अध्ययन करके सिद्ध किया इन बच्चों का वातावरण गंदा और सामाजिक अच्छे प्रभाव  से दूर था।

🌼🌼3. बुद्धि पर प्रभाव:-

🌼केंडोल के अनुसार:- “बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है “

🌼उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली।

🌼🌼स्टीफेंस ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

🌼🌼4.व्यक्तित्व का प्रभाव:-

🌼🌼कुले महोदय ने 71 साहित्यकार का अध्ययन किया जिसमें दो साहित्यकार निर्धन थे लेकिन वह महान साहित्यकार बने। 

इनका मानना था कि यदि बच्चे/व्यक्ति को उत्तम वातावरण मिले तो वह अच्छा व्यक्तित्व का हो सकता है।

🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼

🌼🌼🌼🌼manjari soni🌼🌼🌼🌼

☘️ वातावरण के प्रकार ☘️

🌼(Types of environment🌼

☘️ वातावरण मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं

1

🌼1-भौगोलिक वातावरण

🌼2-सामाजिक वातावरण

🌼1-भौगोलिक वातावरण➖ इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित हैं जैसे जलवायु, मिट्टी ,जीव ,जंतु ,वनस्पति स्थिति इत्यादि।

☘️ भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते हैं।

🌼2-सामाजिक वातावरण➖ सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बने होते हैं इसमें आप के रीति रिवाज ,परंपरा ,भाषा ,शिष्टाचार, समाज में अंत:क्रिया से सभी सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं।

🌼☘️ सामाजिक वातावरण के प्रकार☘️🌼

☘️ सामाजिक वातावरण को दो भागों में विभाजित किया गया है ।

🌼1-सांस्कृतिक वातावरण

🌼2-मानसिक वातावरण

☘️🌼 सांस्कृतिक वातावरण➖जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है जबकि मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है।

🌼 इस प्रकार यह वातावरण यह व्यक्ति के अलग-अलग पक्ष शारीरिक ,सामाजिक, मानसिक, और आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करते हैं।

☘️🌼 बालक पर वातावरण का प्रभाव🌼☘️

शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है।

☘️🌼 शारीरिक प्रभाव ➖फ्रेंज बोन्स ( Franz Bons)का मत है कि अलग-अलग प्रजाति के सारे अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण भी होता है।

🌼उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया है कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक यहूदी  में निवास करते थे उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ रहे हैं।

☘️🌼 मानसिक विकास का प्रभाव➖ गोर्डन (Gordon) का मत है की उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है।

🌼उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चों का अध्ययन कर कर सिद्ध किया है इन बच्चों का वातावरण गंदा और समाज के अच्छे प्रभाव से दूर था।

☘️🌼 बुद्धि पर प्रभाव ➖कैंडोल (Condolle)का मत है कि बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके यह पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित है इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली।

🌼स्टीफैस ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

☘️🌼 व्यक्तित्व का प्रभाव ➖ व्यक्तित्व का सीधा संबंध उत्तम वातावरण से होता है।

🌼कूले (Colley)का मत है कि व्यक्तित्व के निर्माण में वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण का अधिक प्रभाव पड़ता है उन्होंने यह सिद्ध किया कि कोई भी व्यक्ति उपयुक्त वातावरण पर रहकर अपने व्यक्तित्व का निर्माण कर के महान बन सकता है।

✍🏻📚📚 Notes by…… Sakshi Sharma📚📚✍🏻

✴️🌲वातावरण के प्रकार🌲✴️

🌲वातावरण  दो प्रकार होते हैं🌲

1-भौगोलिक वातावरण 2-सामाजिक वातावरण

🍀1-भौगोलिक वातावरण इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित होते है जैसे  मिट्टी,जलवायु,जीव जंतु, पेड़पौधे,पहाड़,समुद्र ,पृथ्वी,चंद्रमा,सूरज,नदियां,वनस्पति, स्थिति इत्यादि।

🍀भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करती हैं यह सभी प्रकृति से प्राप्त वस्तुएं होती हैं जो मानव को किसी ना किसी प्रकार से आजीवन प्रभावित करता है इन सब चीजों की मानव को बहुत ही आवश्यकता होती है

🍀2-सामाजिक वातावरण सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है इसमें सभी प्रकार के समुद्र शामिल होते हैं इसमें अपने रीति रिवाज,परंपरा,भाषा, शिष्टाचार,समाज में अंतर क्रिया आदि यह सब सामाजिक वातावरण अंतर्गत आते हैं

🍀सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं ➖️जो इस प्रकार हैं और सांस्कृतिक वातावरण, और मानसिक वातावरण दो प्रकार के आते हैं

🌸सांस्कृतिक वातावरण ➖️सांस्कृतिक वातावरण जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है 🌸मानसिक वातावरण ➖️वातावरण बालक की मानसिक योग्यता के विकास में योगदान देता है मानसिक वातावरण में हमें बालक के मानसिक में जो भी विकास होता है वह मानसिक वातावरण द्वारा ही होता है

इस प्रकार के वातावरण व्यक्ति के अलग-अलग पक्ष शारीरिक सामाजिक मानसिक एवं आर्थिक तथ्यों को प्रभावित करता है

🌲🔅बालक पर वातावरण का प्रभाव➖️

🔅 शिक्षाविद ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू प्रभाव को लेकर सामाजिक,और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है इन सभी पहलुओं का बहुत ही प्रभाव पड़ता है 

🌲🔅1 शारीरिक अंतर का प्रभाव ➖️✏️फ्रेंज वोन्स के अनुसार➖️ अलग-अलग प्रजाति केशारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण भी है

🔅उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया है➖️ कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है

जैसे हमारे गांव का आदमी बाहर चले गए वह उनके बच्चे का जन्म हुआ वह अपने यहां आया तो उसमें अंतर रहेगा उसके रंग-रूप आकार सभी में अंतर रहेगा इसका मतलब यह है कि वातावरण ही महत्वपूर्ण है

🌲🔅2.मानसिक वातावरण का प्रभाव➖️✏️ गार्डन का मत है कि ➖️उचित  सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है 🔅उन्होंने यह बात कही नदियों के किनारे रहने वाले बच्चों का अध्ययन करके सिद्ध किया है इन बच्चों का वातावरण गंदा थाऔर वह अच्छे सामाजिक प्रभाव से दूर थे उन बच्चों को अच्छा सामाजिक प्रभाव नहीं मिल पाया था

🌲🔅3.बुद्धि पर प्रभाव ➖️✏️    केंडोल के मत से➖️ बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर ज्यादा निर्भर करता है

🔅उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित है इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली इसलिए विद्वान बने इनके कहने का मतलब है कि आर्थिक कारण भी वातावरण पर प्रभाव डालता है अमीरी और गरीबी का प्रभाव भी बच्चों पर पड़ता है

🔅✏️स्टीफेंस ने कहा➖️ बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है उनके कहने का मतलब यह है कि बालक को अच्छा वातावरण अगर मिल जाता है तो बालक की बुद्धि लब्धि बढ़ जाती हैं वातावरण के द्वारा ही बुद्धि लब्धि बढ़ती है

🌲🔅4.व्यक्तित्व का प्रभाव,➖️व्यक्तित्व का सीधा संबंध उत्तम वातावरण से होता है

🔅कूले ने अध्ययन किया ➖️उन्होंने 71साहित्यकार का अध्ययन किया तो उसमे 2साहित्य  निर्धन थे लेकिन  महान साहित्यकार बने क्योंकि भले ही निर्धन थी उनके पास धन की कमी थी पर उनका व्यक्तित्व अच्छा था  उत्तम वातावरण के थे❇️❇️❇️❇️❇️❇️❇️🌸🌸🌸🌸notes by sapna yadav

🥀🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🌸🥀         

            🥀 Types of Enviroment🥀

                   🥀 वातावरण के प्रकार🥀

🥀🌺 वातावरण दो प्रकार के होते हैं ÷

🥀🌸1-भौगोलिक वातावरण जिसके अंतर्गत धूल, मिट्टी ,हवा पेड़-पौधे ,जीव- जंतु ,जलवायु, नदी ,पर्वत इत्यादि आते हैंl

🥀🌸2- सामाजिक वातावरण जिसके अंतर्गत मनुष्य का  मन, संस्कृति ,मानसिक वातावरण, शारीरिक वातावरण व आर्थिक वातावरण, इत्यादि आते हैं।

🥀🌸1-भौगोलिक वातावरण इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित हैंl

🥀🧠जैसे÷ जलवायु मिट्टी जीव जंतु वनस्पति स्थिति नदी तालाब पर्वत बादल हिमालय इत्यादि।

🥀🌸1-भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करता है।

🥀🌸2-सामाजिक वातावरण सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है।

🥀🌸बच्चों के विकास के लिए भौगोलिक वातावरण के साथ-साथ सामाजिक वातावरण भी आवश्यक है।

🥀🌸इसमें समाज के रीति रिवाज परंपरा भाषा शिष्टाचार समाज में अंतर क्रिया यह सब समाज के अंतर्गत  आते है।

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      🌺🌺सामाजिक वातावरण के प्रकार🌺🌺

🥀🌸1-सांस्कृतिक वातावरण

🥀🌸सांस्कृतिक वातावरण जीवन जीने की तकनीकी और शिष्टाचार प्रदान करता है।

🥀🌸संस्कृति के अनुसार मनुष्य बदलता है, ना कि मनुष्य के अनुसार संस्कृति बदलती है।

🥀🌸इस प्रकार से वातावरण प्रत्येक व्यक्ति के अलग-अलग पदों चाहे शारीरिक को सामाजिक को मानसिक को या आर्थिक इत्यादि तत्वों को प्रभावित करता है।

🥀🌺2-मानसिक वातावरण-मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओ के विकास में योगदान देता है।

🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠🧠

       💞 💞बालक पर वातावरण का प्रभाव💞💞

🥀🌺शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह  सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर चाहे वह भौगोलिक ,सामाजिक और सांस्कृतिक हो प्रत्येक का व्यापक प्रभाव पड़ता है।

🥀🌸1-शारीरिक अंतर का प्रभाव

🥀💞फ्रेंच बोंस-अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण भी होता है।

                                                                      उन्होंने 🥀🌸अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ी से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई।

🥀🌸2-मानसिक विकास पर प्रभाव

🥀💞गोर्डन -इनका मत है कि उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है, उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चे का अध्ययन करके सिद्ध किया; इन बच्चों का वातावरण गंदा और समाज के अच्छे प्रभाव से दूर था।

🥀🌸3-बुद्धि विकास पर प्रभाव

🥀💞केंडोल-इनके अनुसार बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है,इन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश विद्वान धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली;

🥀💞स्टीफन÷इन्होंने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि बालों को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

🥀🌸4-व्यक्तित्व का प्रभाव

उत्तम वातावरण में पलने वाले बालक का एक अच्छा उत्तम व्यक्तित्व हो सकता हैl

🥀💞कूले का अध्ययन-इन्होंने 71 साहित्यकार का अध्ययन किया था, इनमें से 2 निर्धन परिवार के साहित्यकार थे किंतु उत्तम वातावरण के कारण वह भी महान साहित्यकार बने।

🎶 Noted by shikhar pandey 🥀

🔆🍀 वातावरण के प्रकार🍀🔆

वातावरण दो प्रकार के होते हैं➖

💥 भौगोलिक वातावरण (Physical Environment) 

💥  सामाजिक वातावरण (Social Environment) 

⭕ भौगोलिक वातावरण (Physical Environment) ➖

भौगोलिक वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित होते हैं जैसे सूर्य ,चंद्रमा ,नदी ,हवा, पानी,नदियाँ, समुद्र, पहाड़,मैदान, रोड पेड़ पौधे जलवायु व्यक्ति जीव जंतु ,वनस्पति, और स्थिति इत्यादि भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते हैं |

 मानव जो भी क्रियाकलाप करता है उन सभी पर  भौगोलिक वातावरण। अपना प्रभाव डालते हैं  |

जैसे यदि मनुष्य कृषि करता है तो  कृषि पर जलवायु और मौसम परिवर्तन दोनों का प्रभाव पड़ता है यदि वर्षा ऋतु में वर्षा अच्छी नहीं होगी तो उसे फसल की बर्बादी होगी और इस प्रकार से मनुष्य के दैनिक दिनचर्या और उसके क्रियाकलाप में भौगोलिक वातावरण अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं |

⭕ सामाजिक वातावरण(Social Environment) ➖

सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना है जिसके अंतर्गत रीति रिवाज,  परंपरा, शिष्टाचार ,समाज में अन्त: क्रिया ,आदि सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं जिनकी शिक्षा समाज में रहकर ही  दी  जाती है |

सामाजिक वातावरण को भी दो भागों में बांटा गया➖

💥 सांस्कृतिक वातावरण➖

 💥 मानसिक वातावरण 

व्यक्ति को जीवन जीने  की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है |

💥 मानसिक वातावरण➖ 

मानसिक वातावरण बालक की मानसिक  योग्यता के विकास में योगदान देता है इस प्रकार मानसिक वातावरण के  मानसिक योगदान देता है |

इस प्रकार वातावरण व्यक्ति के अलग अलग पक्ष को देखते हुए जैसे शारीरिक, सामाजिक, मानसिक और आर्थिक तथ्यों को प्रभावित करता है |

⭕ बालक पर वातावरण का प्रभाव ➖

शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक, सामाजिक, और सांस्कृतिक  वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है |

🎯 शारीरिक अंतर का प्रभाव ➖

 फ्रेज  बोंस  के अनुसार 

” अलग-अलग प्रजाति के  शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ बल जाने का ना होकर वातावरण भी होता है  |”

उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया कि जो व्यक्ति जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई हैं |

🎯 मानसिक विकास पर प्रभाव ➖

 जोर्डन का मत है कि

 ” उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है  |”

उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चों का अध्ययन करके सिद्ध किया | इन बच्चों का वातावरण  गंदा और सामाजिक सामाजिक  अच्छे प्रभाव से दूर था |

🎯 बुद्धि पर प्रभाव ➖

 केंडोल का मत है कि

 ” बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है |”

 उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश  धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली और  वे  विद्वान  बने |

स्टीफैन्स ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में  कहा कि 

“बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है |” 

🎯 व्यक्तित्व का प्रभाव ➖

 व्यक्तित्व का सीधा संबंध उत्तम वातावरण से है |

” कूले ने ” अध्ययन किया उन्होंने 71 साहित्यकारों का अध्ययन किया उनमें से 2 निर्धन परिवार से थे लेकिन उनका वातावरण अच्छा होने के कारण वे महान साहित्यकार बने | 

नोट्स बाय➖ रश्मि सावले

🌻🌼🌺🌸🍀🍀🌼🌻🌺🌸🍀🌸🌺🌼🌻🍀🌻🌼🌺🌸🍀

💦✨💫 Types of Environment💫✨💦

💦✨💫 वातावरण के प्रकार 💫✨

💦

1. भौगोलिक वातावरण।   

 2 . सामाजिक वातावरण।

🌎 भौगोलिक वातावरण

 इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित हैं जैसे जलवायु , मिट्टी , जीव , जंतु , वनस्पति , स्थिति , आदि भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते हैं ।

👥 सामाजिक वातावरण सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है।

 इसमें आप के रीति रिवाज , परंपरा , भाषा , शिष्टाचार , समाज में अंत:क्रिया ये सब सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं।

 सामाजिक वातावरण को दो भागों में विभाजित किया जाता है -:

1 . सांस्कृतिक वातावरण एवं 

2 . मानसिक वातावरण

☣️ सांस्कृतिक वातावरण 

हमें जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है ।

जो कार्य जिस तरीके से करना चाहिए उसे उसी प्रकार से करना ही शिष्टाचार है ।

जैसे जिस प्रकार से एक मनुष्य को अपने बड़ों से बात अपने छोटू से बात करनी चाहिए एवं किसी भी परेशानी में दुविधा में किस तरीके से उसे सुलझाना चाहिए कि किसी को भी परेशानी ना हो। सांस्कृतिक वातावरण में आता है।

शिष्टाचार समाज के नियमों का उचित प्रकार से अन्त:क्रिया करना है।

☢️ जबकि मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है ।

इस प्रकार के वातावरण व्यक्ति के अलग-अलग पक्ष शारीरिक ,  सामाजिक , मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करते हैं।

☘️☘️ बालक पर वातावरण का प्रभाव 

शिक्षाविदो ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है। 

❇️ 1 शारीरिक अंतर का प्रभाव

 फ्रेंज बोन्स 

फ्रेंज बोन्स के अनुसार अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण भी होता है।

 उन्होंने अनके उदाहरण देकर यह सिद्ध किया कि जो जापानी यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

-+- कई पीढ़ियों तक एक ही  जलवायु में निवास करने पर उनकी वंशजों में उसी वातावरण/जलवायु के अनुसार लक्षण दिखाई देने लगते हैं जैसे कोई छोटी काठी का व्यक्ति अगर ऐसी जलवायु में रहे जहां पर लोग लंबे होते हैं तो 4-5 पीढ़ियों के बाद उनके आने वाले वंशजों में भी ऊंचे कद के व्यक्ति का जन्म होने लगेगा।

🌟 2 मानसिक विकास पर प्रभाव 

गोर्उन का मत है कि उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है।

 उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चों का अध्ययन करके सिद्ध किया इन बच्चों का वातावरण गंदा और सामाजिक अच्छे प्रभाव से दूर था।

जैसे अगर बच्चों को हम निम्नकोटि वातावरण में रखते हैं तो बच्चे जैसी भाषा सुनते हैं उसी को अनुकरण करके वैसा ही बोले लगते हैं । और आसपास के वातावरण का उनमे शारीरिक रूप से भी प्रभाव पड़ता है

☀️ 3 बुद्धि पर प्रभाव 

केंडोल —  बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है ।

उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित थे।

 इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली।

जो बच्चे धनी परिवार में पलते बढ़ते हैं , उनको प्रगति करने की सारी सुविधाएं मिलती हैं इन सुविधाओं के कारण उनकी बुद्धि लब्धि बढ़ती है।

☘️ स्टोफैंस  

स्टोफैंस ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया ।

और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

 ⚡4 व्यक्तित्व का प्रभाव

 व्यक्तित्व = उत्तम वातावरण 

अगर उत्तम वातावरण मिले तो व्यक्तित्व अच्छा हो जाता है।

कूले ने अध्ययन  71 साहित्यकार पर अध्ययन किया ।

उनमें से दो साहित्यकार निर्धन थे लेकिन वह महान साहित्यकार बने।

 क्योंकि उन्हें अच्छा वातावरण मिला।

 व्यक्तित्व भी महत्वपूर्ण है अगर माता-पिता अच्छे व्यक्तित्व के हैं तो उनको अच्छा वातावरण मिलेगा।

भले वे निम्न जाति के हैं  या दरिद्र है , पर उनके आसपास का वातावरण अच्छा होगा तो वह भी अच्छे ही होंगे और विद्वान होंगे।

धन्यवाद 

वंदना शुक्ला

🦇वातावरण के प्रकार (type of environment) 🦅

वातावरण  मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं ➖

1. भौगोलिक वातावरण (physical environment)

2. सामाजिक वातावरण(social environment)

1️⃣भौगोलिक वातावरण🌚🌜🌙🌈💫🌞🐚🪨🌾🌧️🌊🌤️🌴🎄🪴🦨🦚🐕🐘🦒🐈

इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित होते हैं जैसे जलवायु ,मिट्टी, जीव -जंतु ,वनस्पति ,स्थिति इत्यादि।

भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते हैं।

2️⃣सामाजिक वातावरण👨‍👩‍👦‍👦👩‍👩‍👧‍👦

सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है। इसमें आपके रीति-रिवाज ,परंपरा, भाषा, शिष्टाचार व समाज में अंत: क्रिया आदि यह सब सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं। 

सामाजिक वातावरण को दो भागों में विभाजित किया गया है –

🅰️ सांस्कृतिक वातावरण (Cultural Enviroment)

🅱️ मानसिक वातावरण ( Mental Environment )

🅰️ सांस्कृतिक वातावरण ➖

                                    सांस्कृतिक वातावरण जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है।

🅱️मानसिक वातावरण ➖

                                  मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है। इस प्रकार के वातावरण व्यक्ति के अलग-अलग पक्षों शारीरिक, सामाजिक, मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करते हैं।

🕉️☯️बालक पर वातावरण का प्रभाव ➖

शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया ➖

 “बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक, सामाजिक, मानसिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है।”

🚹 शारीरिक अंतर का प्रभाव ➖

फ्रेंज बोंस :-

“अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम न होकर वातावरण भी होता है।”

प्रयोग ➖

जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे थे। जिससे उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

🧠 मानसिक विकास पर प्रभाव ➖

गोर्डन :-

 “उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है।”

प्रयोग ➖

नदियों के किनारे रहने वाले बच्चे का अध्ययन करके सिद्ध किया इन बच्चों का वातावरण गंदा और सामाजिक अच्छे प्रभाव  से दूर था।

🤯 बुद्धि पर प्रभाव ➖

केंडोल:-

 “बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है।”

प्रयोग ➖

 फ्रांस के 552 विद्वानों पर अध्ययन।

जिसमें अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली।

स्टीफेंस:-

“अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।”

👺 व्यक्तित्व का प्रभाव ➖

कुले :-

“यदि व्यक्ति को उत्तम वातावरण मिले तो उसका व्यक्तित्व अच्छा हो सकता है।”

प्रयोग ➖

🛑71 साहित्यकार का अध्ययन

 📛02 साहित्यकार निर्धन थे।

 *लेकिन वह महान साहित्यकार बने*। 

✍🏻🤳🏻 Deepika Ray 💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻💃🏻

वातावरण के प्रकार

💥💥💥💥💥💥💥💥

18  march  2021

वातावरण के निम्नलिखित दो प्रकार हैं   :-

🌿  1. भौगोलिक वातावरण 

🌿  2. सामाजिक वातावरण 

1.    🍁   भौगोलिक  वातावरण :-

भौगोलिक वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित होते हैं जैसे  –

जलवायु , मिट्टी , जीव – जंतु , वनस्पति , स्थिति , समुद्र ,  नदी / तालाब , पर्वत इत्यादि।

भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करता है।

2.  🍁  सामाजिक वातावरण  :-

सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है।

 हमारे रीति – रिवाज , परंपराएं , भाषा , शिष्टाचार ,   सामाजिक अंतःक्रिया आदि यह सब सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आते हैं।

💮💮. सामाजिक वातावरण को निम्नलिखित दो भागों में बांटा गया है  :-

👉  1.  सांस्कृतिक  वातावरण

👉  2.  मानसिक    वातावरण 

1.  💐  सांस्कृतिक वातावरण :-

सांस्कृतिक वातावरण मनुष्य को जीवन जीने की तकनीकि /  कला और शिष्टाचार प्रदान करता है। 

2. 💐  मानसिक   वातावरण 

मानसिक वातावरण मनुष्यों ( बालकों )  की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है।

इस प्रकार से वातावरण व्यक्ति के अलग-अलग पक्ष जैसे :- 

 शारीरिक , सामाजिक , मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करता है।

🌹  बच्चों पर वातावरण का प्रभाव 🌹

शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षणों से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक , सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है ।  जैसे  –

1.  🌺  शारीरिक अंतर का प्रभाव  :-

🌻🌻  फ्रेंज  बोन्स  के अनुसार  –

अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम न होकर वातावरण भी होता है।

              अतः इसी संदर्भ में इन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया है कि –

👉👉  जो मनुष्य  ‘ जापानी ‘  और  ‘ यहूदी अमेरिका ‘  में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

2. 🌺  मानसिक विकास पर प्रभाव   :-

🌻🌻  गोर्डन   के अनुसार  –

उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण न मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है।

          अतः उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चों का आकलन करके सिद्ध किया है कि इन बच्चों का वातावरण गंदा और सामाजिकता के अच्छे प्रभाव से दूर था।

3. 🌺   बुद्धि पर प्रभाव  :-

🌻🌻  केंडोल   के अनुसार  –

बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है।

      अतः उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया है कि उनमें से अधिकांश व्यक्ति धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिल सकी।

🌻🌻  ‘ स्टीफेंस ‘  ने  भी बुद्धि लब्धि के संबंध में अपने विचार प्रकट किये और कहा है कि यदि बालक को अच्छा वातावरण मिले तो  बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

4.  🌺  व्यक्तित्व का प्रभाव   :-

👉  व्यक्तित्व  अर्थात   उत्तम वातावरण 

🌻🌻  कूले  का अध्ययन  :-

अतः कूले  ने 71 साहित्यकारों का अध्ययन किया जिनमें से 2 साहित्यकार निर्धन थे ,  लेकिन वे महान साहित्यकार बने ।

      अतः उनका मत था कि निम्न व्यक्तित्व के बच्चों /  मनुष्यों पर भी यदि उच्च व्यक्तित्व का प्रभाव पड़े तो वह भी उच्च व्यक्तित्व के बन सकते हैं।

✍️Notes by – जूही श्रीवास्तव✍️

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻18032021🌻🌻

वातावरण के प्रकार : वातावरण दो प्रकार के होते हैं-

१. भौगोलिक वातावरण 

२.सामाजिक वातावरण

भौगोलिक वातावरण : इस वातावरण में प्रकृति के सभी तत्व सम्मिलित हैं।जैसे – जलवायु,मिट्टी,जीव जन्तु, पेड़ – पौधे, वनस्पति, स्थिति इत्यादि।

भौगोलिक वातावरण मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते हैं।

सामाजिक वातावरण : सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना होता है। इसमें आपके रीति-रिवाज़, परम्परा, भाषा, शिष्टाचार, समाज में अंतः क्रिया ये सब सामाजिक वातावरण के भाग हैं।

सामाजिक वातावरण के दो भाग हैं- १.सांस्कृतिक वातावरण 

२.मानसिक वातावरण

सांस्कृतिक वातावरण में जीवन जीने की तकनीक और शिष्टाचार प्रदान करता है। जबकि मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यताओं के विकास में योगदान देता है। इसप्रकार ये वातावरण यह व्यक्ति के अलग अलग पक्ष शारीरिक , सामाजिक, मानसिक और आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभवित करते हैं।

बालक पर वातावरण का प्रभाव : शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है।

1. शारीरिक अंतर का प्रभाव –

फ्रेंच बोंस के अनुसार, “अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण भी होता है।” उन्होंने अनेक उदाहरण देकर यह सिद्ध किया कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढ़ियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।”

2. मानसिक विकास पर प्रभाव : गोर्डन का मत है कि उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है। उन्होंने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चों का अध्ययन करके सिद्ध किया। इन बच्चों का वातावरण गंदा औरअच्छे सामाजिक प्रभाव से दूर था

3. बुद्धि पर प्रभाव : कैडोल के अनुसार, “बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है। उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी वर्ग के थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिली।

👤स्टीफेंस ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है।

4. व्यक्तित्व का प्रभाव : व्यक्तित्व का सीधा संबंध उत्तम वातावरण से है। अर्थात यदि हमारा वातावरण उत्तम होगा तो हमारा व्यक्तित्व भी उत्तम होगा।

कूले का अध्ययन : कूले ने  71 साहित्यकारों का अध्ययन किया, जिनमें दो साहित्यकार निर्धन थे लेकिन महान साहित्यकार बने।

🙏

🥀Notes by Awadhesh Kumar 🥀🥀

🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻🌻

👩‍🏫  वातावरण के प्रकार 👩‍🏫

🌱 वातावरण के दों प्रकार होते है।🌱

🏵️ भौगोलिक वातावरण🏵️

🏵️सामाजिक वातावरण🏵️

🥏 भौगोलिक वातावरण- भौगोलिक वातावरण में प्रकृति के वे सभी तत्व सम्मिलित है जिनमें- जलवायु,मिट्टी वनस्पति,स्थिती

 इत्यादि।

भौगोलिक वातावरण में मानव के क्रियाकलाप को प्रभावित करते है।

🥏सामाजिक वातावरण- सामाजिक वातावरण मानव समुदाय से मिलकर बना है।

समाज में आपके रिती-रिवाज , परंपरा,भाषा,शिष्टाचार , समाज में अनुक्रिया ये सब सामाजिक वातावरण के अन्तरगत आते है।

सामाजिक वातावरण के दो प्रकार होते है।

🎍सांस्कृतिक वातावरण ।

🎍मानशिक वातावरण।

🎍सांस्कृतिक वातावरण-यह वातावरण सांस्कृतिक वातावरण से मिलकर बना है जो जिवन जिने कि तकनिक और शिष्टाचार प्रदान करता है।  

इसी प्रकार,

🎍मानशिक वातावरण-मानशिक वातावरण बालक के मानशिक योग्यताओ के विकाश में योगदान देता है।

इस प्रकार ये वातावरण शारिरीक,मानशिक ,व्यवहारिक  सामाजिक, सांस्कृतिक ,भौतिक एंव आर्थिक इस प्रकार कई तथ्यो से प्रभावित करते हैं।

🐥 बालक का वातावरण पर प्रभाव- कुछ शिक्षाविदों ने अध्ययन और परीक्षण करके यह सिध्द किया कि बालक के प्रत्येक पहलु पर भौगोलिक ,सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता हैं।

✨ शारिरीक अतंर का प्रभाव- फ्रेंज बोन्स के अनुसार- अलग-अलग प्रजाति के शारिरीक  अन्तर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम  न होकर वातावरण भी होता है।

उन्होने ने अनेक उदाहरण देकर यह सिध्द किया कि जो जापानि और यहूदी अमेंरिका में अनेक पिढ़ीयो से निवास कर है और उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है।

🐥मानशिक विकाश पर प्रभाव-

गोर्डन के अनुसार-का कथन है कि उचित सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण न मिलने के कारण मानशिक विकाश की गति धिमी हो जाती है।

उन्होने यह बात नदियों के किनारे रहने वाले बच्चे का अध्दयन किया।

इन बच्चो का वातावरण गंदा और सामाजिकता के अच्छे प्रभाव के दूर रहने से।

🐥बुध्दी पर प्रभाव-

केंडोल के अनुसार-बुध्दी का प्रभाव वंशानुक्रम कि अपेक्षा वातावरण का भी प्रभाव पड़ता है,उन्होने फ्रांस के 552 विव्दानों का अध्दयन करके पता लगाया कि उनमें से अधिकांश धनी कार्य से संबंधीत थे।

इसलिए उन्हे उचित शिक्षा की सुविधा मिले।

स्टीफैस के अनुसार-ने भी बुध्दी लब्धी के संबंध में विचार प्रकट करता है कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुध्दी लब्धि भी बढ़ सकती है।

🐥व्तक्तित्व का प्रभाव-व्यक्तित्व का सीधा संबंध उत्तम वातावरण से होता है।

🐥कूले के अनुसार-व्यक्तित्व के निर्माण में वंशानुक्रम कि अपेक्षा वातावरण का अधिक प्रभाव पड़ता है उन्होने यह सिध्द किया कि व्यक्ति वातारण में रहकर व्यक्तित्व का निर्माण कर सकता है एक महान साहित्यकार बन सकता है।

  Notes by_Puja Murkhe

18/03/2021

Today class…वातावरण के प्रकार

🥏इनके दो प्रकार होते हैं

(1)भौगोलिक वातावरण

(2)सामाजिक वातावरण

🥏भौगोलिक वातावरण:—- इस वातावरण में प्रकृति की सभी तत्व सम्मिलित है

 👉जैसे :—जलवायु, मिट्टी ,जीव, जंतु ,वनस्पति, स्थिति ,पेड़-पौधे, नदिया, इत्यादि…

🥏 सामाजिक वातावरण:— सामाजिक वातावरण मानव के समुदाय से मिलकर बना होता है इसमें आपके रिती- रिवाज, परंपरा भाषा, शिष्टाचार,रहन-सहन ,परंपराएं ,धार्मिक कृत्य, यह सब सामाजिक संबंध आदि बहुत से तत्व है जो मनुष्य के शारीरिक ,मानसिक तथा भावात्मक तथा बौद्धिक विकास को किसी न किसी ढंग से अवश्य प्रभावित करते हैं जो सामाजिक वातावरण के अंतर्गत आती है

    🥏 सामाजिक वातावरण

👉 इनके दो प्रकार हैं

(1) सांस्कृतिक वातावरण

(2) मानसिक वातावरण

👉 सांस्कृतिक वातावरण:— जीवन जीने के तरीके और शिष्टाचार प्रदान करता है सांस्कृतिक वातावरण जिंदगी के हर पल में हमारे अंतर्गत आते रहते धर्म और संस्कृति मनुष्य के विकास को अत्यधिक प्रभावित करती है l खाने का ढंग ,रहन-सहन ,पूजा-पाठ, समारोह मनाने ,संस्कार आदि हमारी संस्कृति है जिन संस्कृतियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण समाहित है इनका विकास ठीक ढंग से होता है lलेकिन जहां अंधविश्वास और रूढ़िवाद का समावेश है तो संस्कृति से उस समाज का विकास नहीं है और हमारे संस्कृति समाज के साथ अंतर क्रिया करती है

 👉मानसिक वातावरण :— जबकि मानसिक वातावरण बालक की मानसिक योग्यता के विकास में योगदान देता है इस प्रकार यह बता बड़ा व्यक्ति के अलग-अलग पद शारीरिक सामाजिक मानसिक एवं आर्थिक इत्यादि तथ्यों को प्रभावित करते हैं

🥏 बालक पर वातावरण का प्रभाव

👉 शिक्षाविदों ने अनेक अध्ययन और परीक्षण से यह सिद्ध किया है कि बालक के व्यक्तित्व के प्रत्येक पहलू पर भौगोलिक, सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण का व्यापक प्रभाव पड़ता है

🥏(1) शारीरिक अंतर का प्रभाव

फ्रेज बोन्स:– अलग-अलग प्रजाति के शारीरिक अंतर का कारण सिर्फ वंशानुक्रम ना होकर वातावरण है

👉 इन्होंने अनेक उदाहरण देकर सिद्ध किया है कि जो जापानी और यहूदी अमेरिका में अनेक पीढियों से निवास कर रहे हैं उनकी लंबाई भौगोलिक वातावरण के कारण बढ़ गई है

🥏(2) मानसिक विकास पर प्रभाव 

गोर्डन:— इनका मत है कि वह चित्र सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ना मिलने पर मानसिक विकास की गति धीमी हो जाती है

👉 इन्होंने यह मत नदियों के किनारे रहने वाले बच्चों का अध्ययन करके सिद्ध की ।इन बच्चों का वातावरण गंदा और समाज के अच्छे प्रभाव से दूर था

     🥏(3) बुद्धि पर प्रभाव

 कैंडोल:— बुद्धि का विकास वंशानुक्रम की अपेक्षा वातावरण पर निर्भर करता है उन्होंने फ्रांस के 552 विद्वानों का अध्ययन करके पता लगाया कि उनमें अधिकांश धनी वर्ग से संबंधित थे इसलिए उन्हें उचित शिक्षा की सुविधा मिले

👉 स्टीफेंस:— ने भी बुद्धि लब्धि के संबंध में विचार प्रकट किया और कहा कि अगर बालक को अच्छा वातावरण मिले तो बुद्धि लब्धि बढ़ सकती है

   (4)   🥏व्यक्तित्व का प्रभाव 

कूले का अध्ययन:— व्यक्तित्व__ उत्तम वातावरण

👉 इन्होंने 71 साहित्यकार का अध्ययन किया जिनमें दो साहित्यकार निर्धन थे

👉 उदाहरण देकर बताया कि बनयान और बर्नस का जन्म निर्धन परिवार में हुआ था, फिर भी वह अपने व्यक्तित्व का निर्माण करके महान बन सके। इसका कारण केवल यह था कि उनके माता-पिता ने उनको उत्तम वातावरण में रखा ।

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✍Notes by:—संगीता भारती✍

         Thank you 🙏🙏

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