🔆 चिन्तन( thinking)🔆

चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की एक क्रिया है जिसके द्वारा ज्ञान संगठित होता है इस मानसिक प्रक्रिया में स्मृति कल्पना आदि मानसिक प्रक्रिया सम्मिलित होती हैं।
मनुष्य के सामने कोई न कोई समस्या आती रहती है ऐसी स्थिति में बहुत समस्या का समाधान करने के लिए उपायों के बारे में सोचने लगता है वह इस बात पर विचार करना प्रारंभ कर देता है कि समस्या का समाधान किस प्रकार किया जाए इस प्रकार चिंतन प्रक्रिया आरंभ हो जाती है और समस्या का समाधान होते ही यह प्रक्रिया समाप्त हो जाती है।

💞 रॉस के अनुसार ➖
चिंतन मानसिक प्रक्रिया का भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है।

💞 गैरेट के अनुसार ➖
चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है।

💞 मोहिसन के अनुसार ➖
चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है।

🌀 चिन्तन के प्रकार➖
चिंतन कई प्रकार के होते हैं-

1️⃣ मूर्त चिन्तन ➖
यह चिंतन की सरलतम विधि है यह चिंतन प्रक्रिया किसी व्यक्ति वस्तु घटना के प्रत्यक्षीकरण से प्रारंभ होती है जैसे बालक के द्वारा आम को देखने के बाद आम का स्वाद या आम रस की इच्छा जाग्रत हो जाती है यह एक मूर्त चिंतन है इसमें प्रत्यक्ष रूप से सोचना वास्तविक तथ्यों पर विचार मूर्त चिंतन का आधार है।

2️⃣ अमूर्त चिन्तन ➖
अमूर्त चिंतन के लिए वस्तु के संपर्क में आना आवश्यक नहीं है यानी कि इसमें वास्तविकता की जरूरत नहीं होती यह मूर्त चिंतन से श्रेष्ठ चिंतन है प्रतीकों चिन्हों शब्दों के आधार पर चिंतन किया जाता है जैसे लाल रंग के क्रॉस को देखकर बालक प्राथमिक सहायता पर रेड क्रॉस संस्था के बारे में सूचना प्रारंभ कर देता है।

3️⃣ तार्किक चिन्तन ➖
यह सबसे उच्च प्रकार का चिंतन होता है इसमें व्यक्ति किसी समस्या का समाधान करने के लिए प्रत्यय का प्रयोग करते हुए किसी लक्ष्य तक पहुंचता है उच्च कक्षाओं में अध्ययन को इस प्रकार के चिंतन के विकास का प्रयत्न करना चाहिए इस चिंतन में जटिल समस्याओं को अलग-अलग मानसिक संप्रत्यय से जोड़कर तर्कपूर्ण ढंग से हल निकालने की प्रक्रिया तार्किक चिंतन है।

4️⃣ सृजनात्मक चिन्तन ➖
इस चिंतन का उद्देश्य नवीनता का सृजन करना है इस चिंतन में नए संबंधों व साहचर्या का वर्णन करते हुए वस्तु घटनाओं एवं परिस्थितियों का विश्लेषण करते हैं। यह पूर्व स्थापित नियमों से प्रतिबंधित नहीं होता है व्यक्ति प्राय समस्याओं का निर्माण कर व उससे संबंधित प्रमाणों को जुटाकर समस्याओं का हल समझाते हैं।

5️⃣ अपसारी चिन्तन ➖
ऐसा चिंतन जिसमें हम किसी भी समस्या के बारे में अलग अलग तरीके से सोचते हैं। इसमें एक ही व्यक्ति समस्या का समाधान खोजने के लिए अलग-अलग विधियों को अपनाता है इसका संबंध सृजनात्मकता से है खुले प्रश्नों पर सोचते हैं। जैसे ➖ भिन्न भिन्न व्यक्तियों से पूछने पर कि ईश्वर एक है इसके अलग अलग उत्तर मिलेंगे और इसकी प्राप्ति के साधन भी अलग अलग तरीके से बताते हैं।

6️⃣ अभिसारी चिन्तन ➖
यह एक ऐसा चिंतन है जिसमें हम किसी भी समस्या के बारे में श्रेष्ठ विचार प्रस्तुत करते हैं यह बुद्धि तथ्यों से संबंधित होता है इसमें किसी भी एक बेहतर तरीके पर विचार किया जाता है जैसे ईश्वर की प्राप्ति के अनेक साधन हैं लेकिन इनमें से मनुष्य एक श्रेष्ठ विचार भक्ति के साधन को अपनाता है।

📝 Notes by ➖

✍️ Gudiya Chaudhary

🏵️ चिंतन🏵️
🌸 (Thinking)🌸

✍️चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है;

✍️किसी लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति अग्रसर करता है;

✍️समस्या समाधान में मदद् करता है;

✍️रास के अनुसार- चिंतन मानसिक क्रिया का ;भावात्मक वा मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है।

✍️गैरेट के अनुसार चिंतन एक प्रकार का अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार होता है जिसमें सामान्य रूप से प्रतीको, विंंबो,विचारों, प्रत्यय ,का प्रयोग किया जाता है।

✍️मोहसिन के अनुसार-चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है।

✍️मूर्त चिंतन

🥧🍕➡️यह चिंतन का बहुत ही सरल रूप है।
➡️इस प्रकार के चिंतन में वस्तु के प्रस्तुत होने पर ही चिंतन कर सकता है।

➡️इसमें बालक किसी वस्तु का भार उसका आकार आदि उस वस्तु के होने पर ही सीख सकता है (प्रत्यक्ष अनुभव होने पर ही सीखेगा)

✍️अमूर्त चिंतन

➡️इस प्रकार के चिंतन वस्तु का प्रस्तुत होना महत्वपूर्ण नहीं होता हैं।

➡️इस प्रकार के चिंतन में भाषा का बहुत बड़ा हाथ होता है क्योंकि बिना भाषा के चिंतन करना मुश्किल हैं;

➡️इस प्रकार के चिंतन से खोज एवं अविष्कारों में सहायता मिलती है (भू वैज्ञानिक जब किसी जगह की खुदाई करवाते हैं तो पहले उस जगह के बारे में पूर्ण जानकारी प्राप्त करके वा उसके बारे में चिंतन करते हैं कि ये वस्तु इतने वर्षों पूर्व थी क्या आज भी यहा होगी ,होगी तो किस दशा में होगी आदि चीजों का चिंतन करके ही खोज , खुदाई करवाते है।

✍️तार्किक चिंतन- जटिल समस्याओं को अलग-अलग मानसिक संपत्ति से जोड़कर तर्कपूर्ण ढंग से हल निकालने की प्रक्रिया तय की जाती है।

✍️सृजनात्मक चिंतन(Creative Thinking) -किसी ने जीत का निर्माण करना या वस्तु घटनाओं तथा विभिन्न प्रकार की स्थिति की प्रवृत्ति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों की खोज करता है।

✍️अभिसारी चिंतन(convergent Thinking)
➡️बुद्ध बुद्धि
➡️प्रतिभा
➡️किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करता है
➡️बंद प्रश्न पर आधारित है

✍️अपसारी चिंतन(Divergent Thinking)
➡️सृजनात्मकता
➡️विभिन्न समाधान खोजने लगता है किसी एक समस्या के लिए
➡️यह खुले प्रश्न पर सोचने की क्षमता देता है

Written by -$hikhar pandey

🌹चिंतन🌹(thinking)

🌻 चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की चिड़िया है किसी लक्ष्य उद्देश्य के प्रति अग्रसर करता है
🌻 समस्या समाधान में मदद करता है
👉ROSS:— चिंतन मानसिक क्रिया का भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पद से संबंधित क्रिया है
👉 गैरेट:— चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है जिसमें प्रतीकों का प्रयोग होती है
👉 मोहिसन:— चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है

🌹मूर्त चिंतन🌹

प्रत्यक्ष रूप से सोचना वास्तविक तथ्यों पर विचार करना मूर्त चिंतन का आकार है

🌹अमूर्त चिंतन🌹

इसमें वास्तविक की जरूरत नहीं होती इसमें विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं

🌹 तार्किक चिंतन🌹

जटिल समस्याओं को अलग-अलग मानसिक संप्रदाय से जोड़कर हल निकालने की प्रक्रिया तार्किक चिंतन है

🌹 सृजनात्मक चिंतन🌹

किसी नई चीज का निर्माण करना यह वस्तुओं घटनाओं तथा स्थिति की प्रवृत्ति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों का खोज करता है

🌹 अभिसारी चिंतन🌹
👉बुद्धि
👉प्रतिभा
👉किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करना
👉बंद प्रश्न पर आधारित है

🌹 अपसारी चिंतन🌹
👉विभिन्न समाधान किसी एक समस्या के लिए
👉यह खुले प्रश्न पर सोचना की क्षमता देती है

🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹🌹Notes by:—sangita bharti🙏

💫🌷 चिंतन (Thinking)🌷💫

चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है, जो किसी लक्ष्य के उद्देश्य के प्रति अग्रसर करता है।

🌹 समस्या समाधान में भी मदद करता है।

🍂🌻राॅस (Ross) के अनुसार÷ चिंतन मानसिक क्रिया का भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से सम्बन्धित क्रिया है।

🌺🍁गैरेट के शब्दों में÷ चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है, जिसमें प्रतीकों का प्रयोग होता है।

🌿🌹मोहिसन के अनुसार ÷ चिंतन समस्या समाधान सम्वन्धी अव्यक्त व्यवहार है।

🍂☃️मूर्त चिंतन ☃️🍂

प्रत्यक्ष रूप से सोचना, वास्तविक, तथ्यों पर विचार करना,मूर्त चिंतन का आधार है।

🌿🌺 अमूर्त चिंतन 🌺🌿

इसमें वास्तविक की जरूरत नहीं होती है, इसमें विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं।

🍃🌻 तार्किक चिंतन 🌻🍃

जटिल समस्याओं को अलग -अलग मानसिक सम्प्रत्यय से जोड़ कर तर्क पूर्ण ढंग से निकालने की प्रक्रिया है, तथा तार्किक चिंतन है।
इसमें माध्यम से हमें क्यों का जबाव प्राप्त होता है।

🌸🍁🌿 सृजनात्मक चिंतन (Creative Thinking)🌿🍁🌸

किसी नई चीज का निर्माण करना है,यह वस्तुओं घटनाओं, तथा अलग-अलग प्रकार की स्थिति की प्रकृति की व्याख्या करने के लिए नये-नये सम्वन्धो की खोज करता है।

🌻🍂अभिसारी चिंतन 🍂🌺

☃️बुध्दि से सम्वन्धित है।

🌹 प्रतिभा से सम्बन्धित है।

🌻 किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करता है।
🌿यह बन्द प्रश्नों पर आधारित है।

🍂🌻अपसारी चिंतन 🌻🍂

🌹सृजनात्मक से सम्बन्धित है।

🍃 विभिन्न समाधान निकालते हैं।

🌷खुले प्रश्नों पर आधारित है।

🌸🌸Notes by ÷ Babita yadav 🌸🌸

🌸🌸चिंतन➖
संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है किसी उद्देश्य या लक्ष्य के प्रति अग्रसर करता है
🟡 रास के अनुसार ➖ चिंतन मानसिक भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है

🔵 गैरिट के अनुसार➖ चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है

🟢 मोहिसन के अनुसार➖चिंतन समस्या समाधान संबधी अव्यक्त व्यवहार है

🥀 चिंतन के प्रकार

👉🏻 मूर्त चिंतन ➖प्रत्यक्ष रूप से सोचना ,वास्तविक तथ्यों पर विचार करना ,मूर्त चिंतन का आधार है

👉🏻 अमूर्त चिंतन➖ इसमें वास्तविकता की जरूरत नहीं होती इसमें विचारो के माध्यम से तर्क करते है

👉🏻तार्किक चिंतन/विचारक चिंतन➖ ये ऊचे स्तर का चिंतन है जिसका कोई निश्चित लक्ष्य होता है कठिन समस्याओं को अलग अलग मानसिक संप्रत्यय से जोड़कर तर्क पूर्ण हल निकालने की प्रक्रिया है

👉🏻 सृजनात्मक चिंतन ➖किसी नई चीज का निर्माण करना ,यह वस्तुओं घटनाओताथा स्तिथि की प्रकृति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों की खोज करता है

👉🏻अभिसरी चिंतन ➖ बुद्धि से संबंधित है

🟢 प्रतिभा से संबंधित है

🟡यह बंद अंत प्रश्नों पर आधारित है

🔵यह प्रतिभा से संबंधित है

👉🏻अपसरी चिंतन➖ 🟠सृजनात्मक से संबंधित

🟣विभिन्न समाधान निकलते है

⚫मुक्त अंत वाले प्रश्नों पर आधारित होते है

📝 Notes by

📒 Arti savita

🔆 चिंतन (Thinking) 🔆

चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है एवं चिंता नकारात्मक भाव को जन्म देती है |

चिंतन किसी लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति अग्रसर करता है एवं चिंता पीछे करती है |

किसी समस्या के दोनों पक्ष पर तर्क वितर्क करके उसके आलोचनात्मक पक्षों पर व्यक्ति अपनी सोच लगाता है वह उसका संज्ञानात्मक चिंतन है |

चिंतन हमें किसी समस्या का समाधान खोजने में मदद करता है यदि हमारे चिंतन में भाव नहीं है तो समस्या का समाधान चिंता में बदल सकता है तथा उस समस्या का समाधान खोजा नहीं जा सकता है |

चिंतन के संदर्भ में विभिन्न मनोवैज्ञानिकों ने अपने अपने विचार प्रस्तुत किए हैं जो कि निम्न है ➖

🔅 राॅस के अनुसार➖

” चिंतन मानसिक क्रिया का भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है “|

🔅 गैरेट के अनुसार ➖

” चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है जिसमें प्रतीकों का प्रयोग होता है ” |

🔅 मोहिसन के अनुसार➖

” चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्य्वहार है ” |

🔆 चिंतन के प्रकार ➖

1) मूर्त चिंतन

2) अमूर्त चिंतन

3) तार्किक चिंतन

4) सृजनात्मक चिंतन

5) अपसारी चिंतन

6) अभिसारी चिंतन

🎯 मूर्त चिंतन ➖

प्रत्यक्ष रूप से सोचना प्रत्यक्ष तथ्यों पर विचार करना ही मूर्त चिंतन है |

अर्थात जो हमारे सामने हैं उस पर अपनी प्रत्यक्ष सोच के लगाना और उसके आधार पर चिंतन करना है ही मूर्त चिंतन का आधार है |

मूर्त चिंतन में प्रत्यक्ष चीजों पर विचार किया जाता है यहां कल्पनाशीलता का कोई स्थान नहीं रहता है |

🎯 अमूर्त चिंतन ➖

अमूर्त चिंतन इसमें वास्तविकता की आवश्यकता नहीं होती है इसमें विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं |

अमूर्त चिंतन का क्षेत्र व्यापक होता है तथा मूर्त चिंतन का क्षेत्र संकीर्ण होता है क्योंकि अमूर्त का वास्तविक होना बहुत आवश्यक है लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि जो हमारा अमूर्त चिंतन है वह वास्तविक ही हो |

🎯 तार्किक चिंतन ➖

जटिल समस्याओं को अलग अलग मानसिक संप्रत्यय से जोड़कर हल को तर्कपूर्ण ढंग से निकालने की प्रक्रिया है तार्किक चिंतन है |
इसमें हमें क्यों और कैसे का उत्तर मिलता है |

🎯 सृजनात्मक चिंतन ➖

किसी नई चीज का निर्माण करना सृजनात्मकता कहलाती है यह वस्तुओं, घटनाओं या अलग-अलग प्रकार की स्थिति की प्रकृति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों की व्याख्या करता है |
क्योंकि जब भी भी हम सृजनात्मकता की बात करते हैं तो उसमें हमेशा नई चीजों की खोज की जाती है और यही सृजनात्मकता है और इस चिंतन को सृजनात्मक चिंतन कहते हैं |

🎯 अपसारी चिंतन ➖

यह सृजनात्मकता पर आधारित है प्रत्येक समस्या के विभिन्न समाधानो पर सोचते हैं और अलग-अलग प्रकार की सोच लगाते हैं इसमें खुले विचारों पर चिंतन किया जाता है और इसमें खुले प्रश्नों पर विचार किए जाते हैं |

🎯 अभिसारी चिंतन ➖

यह बुद्धि से संबंधित है और प्रतिभा से संबंधित है किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करके प्रतिभा का उपयोग किया जाता है इस प्रकार के चिंतन में रिस्क नहीं लिया जाता है | इसमें बंद अंत वाले प्रश्नों के बारे में चिंतन किया जाता है |

𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮➖ 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙎𝙖𝙫𝙡𝙚

🌻🌼🍀🌺🌸🌻🌼🍀🌺🌸🌻🌼🍀🌺🌸🌻🌼🍀🌸🌺
🌼🌼चिंतन(thinking) 🌼🌼
🌼 चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है.।।
🌼किसी लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति अग्रसर करता है
🌼समस्या समाधान में मदद करता है

🌼🌼🌼रॉस के अनुसार–चिंतन मानसिक क्रिया का भावनात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है

🌼🌼 गैरिट के अनुसार- चिंतन अव्यक्त व आदर्श व्यवहार है जिससे प्रतीकों का प्रयोग होता है

🌼 🌼 मोहिसन के अनुसार- चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है

🌼🌼🌼 मूर्त चिंतन — प्रत्यक्ष रूप से सोचना, वास्तविक तथ्यों तथा विचार करना मूर्त चिंतन का आधार है
🌼🌼🌼 अमूर्त चिंतन— इसे वास्तविकता की जरूरत नहीं होती इसमें विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं

🌼🌼🌼तर्किक चिंतन (logical thinking) — जटिल समस्याओं से अलग-अलग मानसिक संप्रत्य से जोड़कर तर्कपूर्ण ढंग से हल निकालने की प्रक्रिया, तार्किक चिंतन कहलाती है

🌼🌼🌼सृजनात्मक चिंतन( creative thinking) — किसी नई चीज का निर्माण करना यह वस्तु ,घटनाओं तथा स्थिति की प्रकृति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों की खोज करता है

🌼🌼🌼अभिसारी और अपसारी चिंतन
(Convergent or divergent thinking) 🌼🌼🌼
🌼🌼 अभिसारी चिंतन( convergent thinking) -किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करता है किसी भी जबाब को सीमित शब्दो मे व्यक्त करना जितना पूछा गया बस उतना ही उत्तर देना
यह सीमित चिंतन होता है इसमे अपनी ओर से कोई creativity नही लगाई जाती हैं..उदाहरण के लिए पूछा गया –
Question. -स्वतंत्रता दिवस कब मनाया जाता है
उत्तर- 15 अगस्त

🌼🌼🌼अपसारी चिंतन(divergent thinking) — इसमें बच्चे creative सृजनात्मक होता है इसमें खुले प्रश्न पर सोचते हैं इसमे अपने ideas को व्यक्त कर सकते है.. Ye मुक्त अंत वाले प्रश्न जैसे कि किसी चीज पर निबंध लिखना ,अपनी टिप्पणी देना, इत्यादि और नए नए तरीके से अपनी thinking को व्यक्त कर सकते है!

🌼🌼🌼🌼🌼🌼
By manjari soni🌼

🌸🌸 चिंतन (thinking)
👉 चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है जो किसी लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति अग्रसर करता है।
👉 चिंतन समस्या समाधान में हमारी मदद करता है।
🌺 Ross के अनुसार~’”चिंतन मानसिक क्रिया का भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है”।
🌺 गैरेट के अनुसार~’चिंतन अव्यक्त एव अदृश्य व्यवहार है जिसमें प्रतीकों का प्रयोग होता है”।
🌺 मोहिसन के अनुसार ~’चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है”।
🌸 मूर्त चिंतन ~प्रत्यक्ष रूप से सोचना, वास्तविक तथ्यों या विचार करना, मूर्त चिंतन का आधार है।
🌸 अमूर्त चिंतन ~इसमें वास्तविकता की जरूरत नहीं होती है इसमें विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं।
🌸 तार्किक चिंतन (logical thinking)~जटिल समस्याओं को अलग-अलग मानसिक संप्रत्यय से जोड़कर हल निकालने की प्रक्रिया तार्किक चिंतन है।
🌸 सृजनात्मक चिंतन (creative thinking)~किसी नई चीज का निर्माण करना यह वस्तुओं, घटनाओं तथा स्थिति की प्रकृति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों की खोज करता है।
🌸 अभिसारी चिंतन~इसमें बुद्धि, प्रतिभा का प्रयोग किया जाता है यह किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करता है।
🌸 अपसारी चिंतन~यह चिंतन सृजनात्मक होता है इसमें विभिन्न समाधान होते हैं किसी समस्या के खुले प्रश्न पर सोचते हैं।
🔸🔹🔸
🌸🌺🌸 ✍️Notes by ☞Vinay Singh Thakur 🌸🌺🌸

🤔चिंतन (thinking)🤔

1 चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है
2 किसी लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति अग्रसर करना है
3 समस्या समाधान में मदद करता है

Ross के अनुसार. ” चिंतन मानसिक क्रिया का भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है”

गैरेट के अनुसार. ” चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है जिसमें प्रतीकों का प्रयोग होता है”

मोहिसन के अनुसार ” चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है”

मूर्त चिंतन:- प्रत्यक्ष रूप से सूचना वास्तविक तथ्य पर विचार करना मूर्त चिंतन का आधार है

अमूर्त चिंतन:- इसमें विचारों की आवश्यकता नहीं होती इसे विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं

तार्किक चिंतन( logical thinking ):- जटिल समस्याओं को अलग-अलग मानसिक संप्रत्यय से जोड़कर तर्कपूर्ण ढंग से हल निकालने की प्रक्रिया तार्किक चिंतन है

रचनात्मक चिंतन( creative thinking ) :- किसी नई चीज का निर्माण करना यह वस्तुओं घटना और स्थिति की प्रवृत्ति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों को खोज करता है

अभिसारी चिंतन एंड अपसारी चिंतन

अभिसारी चिंतन:- यह बुद्धि प्रतिभा है
यह किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करता है
इसमें चिंतन का केवल एक ही मार्ग होता है

अपसारी चिंतन:- सृजनात्मकता को बढ़ाता है
एक समस्या के समाधान विभिन्न तरीके से निकालते हैं

🙏🙏🙏🙏sapna sahu 🙏🙏🙏🙏

💧चिंतन (thinking)🎯

💫चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है क्योंकि हम चिंतन ,बुद्धि, संज्ञान ,व्यवहार, मस्तिष्क से करते हैं ।

🔭यह किसी लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति अग्रसर करती है।

🌷यह समस्या समाधान में मदद करती है।

🌼🌻Ross के अनुसार :~
चिंतन मानसिक क्रिया का भावनात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है।

🍂🍁गैरेट के अनुसार :~
चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है प्रतीकों का प्रयोग होता है।

🌾🌼मोहिसन के अनुसार :~
चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है।

चिंतन के अलग-अलग प्रकार हैं।

(1) मूर्त चिंतन :~
प्रत्यक्ष रूप से सोचना, वास्तविक तथ्यों पर विचार करना इत्यादि मूर्त चिंतन का आधार हैं।

(2) अमूर्त चिंतन : ~
इसमें वास्तविकता की जरूरत नहीं होती हैं इसमें विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं। अमूर्त चिंतन कहलाते हैं।

(3) तार्किक चिंतन :~
इसमें जटिल समस्याओं को अलग-अलग मानसिक संप्रत्यय से जोड़कर, तर्कपूर्ण ढंग से हल को निकालने की प्रक्रिया है। तार्किक चिंतन हैं।

🌾🍂🌻,(4)सृजनात्मक चिंतन :~

🌼💐🌴(5) किसी नई चीज का निर्माण करना सृजनात्मक चिंतन कहलाते हैं। यह वस्तुओं, घटनाओं तथा विभिन्न प्रकार की स्थति प्रकृति की व्यख्या करने के लिए नए- नए संबंधों की खोज करता है।

🌾🌻(5)अभिसारी चिंतन :~
यह बुद्धि, प्रतिभा से संबंधित है किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करता है। इसमें रिस्क लेने वाली बात नहीं आती है, बिना रिस्क लिए काम पूर्ण रूप से हो जाता हैं।

(6)🌺🌀अपसारी चिंतन :~
ये सृजनात्मक होते हैं तथा विभिन्न समस्याओं का समाधान निकालते हैं कुछ चीजें पर रिस्क उठाना पड़ता है।खूले प्रश्न पर सोचते हैं।

🙏🙏🙏🌻🌴🍂🌹🥀Notes by-SRIRAM PANJIYARA 🌈🌸💥🌺🙏

चिंतन (thinking)

1 चिंतन संज्ञानात्मक व्यवहार की क्रिया है
2 चिंतन किसी लक्ष्य या उद्देश्य के प्रति अग्रसर करता है
3 चिंतन हमें समस्या समाधान में मदद करता है

*Ross -चिंतन मानसिक क्रिया का भावात्मक पक्ष या मनोवैज्ञानिक पक्ष से संबंधित क्रिया है*

* गैरेट – चिंतन अव्यक्त एवं अदृश्य व्यवहार है जिसमें प्रतीकों ( बिंबों, विचारों, संप्रत्ययो) का प्रयोग होता है*

*मोहिसन -चिंतन समस्या समाधान संबंधी अव्यक्त व्यवहार है*

चिन्तन के प्रकार-

मूर्त चिंतन- प्रत्यक्ष रूप से सूचना वास्तविक तथ्य पर विचार करना मूर्त चिंतन का आधार है। इसमें हम इंद्रियों की संवेदनात्मक अनुभूति का प्रत्यक्षीकरण करते हैं।

अमूर्त चिंतन- इसमें हम मूर्त चिंतन के समान प्रतयक्षीकरण की आवश्यकता नहीं होती है। इसमें विचारों की आवश्यकता नहीं होती। इसे विचारों के माध्यम से तर्क करते हैं।

तार्किक चिंतन- जटिल समस्याओं को अलग-अलग मानसिक संप्रत्यय से जोड़कर तर्कपूर्ण ढंग से हल निकालने की प्रक्रिया तार्किक चिंतन है।

रचनात्मक चिंतन- किसी नई चीज का निर्माण करना। यह वस्तुओं घटना और स्थिति की प्रवृत्ति की व्याख्या करने के लिए नए नए संबंधों को खोज करता है।

अभिसारी चिंतन- यह बुद्धि, प्रतिभा संबंधित है। इसमें हम बहुविकल्पी प्रश्नो के उत्तर देते हैं।
यह किसी एक बेहतर तरीके से चिंतन करता ह
इसमें समस्या का समाधान निकालने का केवल एक ही मार्ग होता है।
इसमें हम बंद अंत वाले प्रश्न के उत्तर देते हैं।

अपसारी चिंतन- यह सृजनात्मकता को बढ़ाता है।इस प्रकार के चिंतन में हम किसी समस्या के एक से अधिक समाधान पर कार्य करते हैं और जो अच्छा तरीका होता है उसे अपनाते हैं।
यह खुले विचारों वाला होता है
इससे हम खुले अंत वाले प्रश्न के जवाब देते हैं

Notes by Ravi kushwah

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