व्यक्तिगत विभिन्नता पर आधारित शिक्षण प्रविधियां-

6.  क्रिया योजना

क्रिया योजना कोई योजना नहीं है बल्कि शिक्षण प्रक्रिया का एक पहलू है

अध्यापक का यह प्रयास रहता है कि उसके विद्यार्थी पूरे कक्षा के दौरान सक्रिय रहे।

जब तक विद्यार्थी प्रश्न पूछ कर पाठ्यवस्तु को आत्मसात करने की कोशिश नहीं करता है तो अध्यापक को संतुष्टि नहीं होती है।

इस विधि में अध्यापक छात्र की क्रिया का निरीक्षण करता है।

छात्र को वही काम सौंपा जाता है जो उनके मानसिक स्तर के अनुकूल हो।

शोइनचेन- 

क्रिया योजना विधि का प्रयोग उस समय किया जाता है जब किसी विषय में शिक्षण लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु बालको द्वारा किसी प्रकार की क्रिया की जाती है

7. अभिक्रमित अनुदेशन

यह विनेटिका प्रणाली का रूप है

जिस प्रकार विनेटिका  प्रणाली मे हम पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे इकाइयों में बांट लेते हैं वैसे ही यह इकाइयां इस अभिक्रमित अनुदेशन में प्रोग्राम कहलाती है।

छात्र एक -एक प्रोग्राम लेकर चलता है और उसे पूरा करता है

एक प्रोग्राम के सफलता पूरा कर लेने के बाद दूसरा प्रोग्राम दिया जाता है जो विद्यार्थी प्रथम प्रयास में प्रोग्राम संपन्न नहीं कर पाता है तो उसे फीडबैक दिया जाता है और जो विद्यार्थी संपन्न कर लेता है उसे पुरस्कार दिया जाता है

छात्र को निर्धारित समय पर ही सारे प्रोग्राम संपन्न करने होते हैं

डी एल कुक-

अभिक्रमित अनुदेशन का अध्ययन स्वयं शिक्षण विधियों की विस्तृत अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त एक पर्याय है

ब्रैड स्टोफैल-

ज्ञान के छोटे-छोटे अंगों को एक तार्किक क्रम में व्यवस्थित करने का अभिक्रम व इसकी समग्र प्रक्रिया को अभिक्रमित अध्ययन कहते हैं

8. किंडरगार्टन प्रणाली

जन्मदाता -फ्रोबेल

किंडरगार्टन एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ होता है -बच्चों का बगीचा

फ्रोबेल शिक्षक को माली और बच्चों को पौधा मानता है

उनका कहना है कि बच्चा एक अविकसित पौधा है जो शिक्षक रूपी मालिक के देखरेख में पनपता है

इस प्रणाली में बालक को पुस्तकों से नहीं लादा जाता है

बल्कि उसे स्वतंत्र रूप से हंसने खेलने बोलने घूमने दिया जाता है बच्चा खेल खेल में सीख लेता है

9. मांटेसरी प्रणाली

जन्म दात्री -डॉक्टर मारिया मांटेसरी1906

छोटे बच्चों को शिक्षित करने के लोकप्रिय विधि हैं

यह विधि मंदबुद्धि बालकों के लिए बहुत उपयोगी है

मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है

स्वतंत्रता ,आत्म अनुशासन, आत्मनिर्भरता, व्यावहारिक शिक्षा ,व्यक्तिगत शिक्षा ,खेल व इंद्रियों द्वारा शिक्षा आदि इस प्रणाली के आधार है।

दृष्टि ,श्रवण , स्पर्श, स्वाद तथा घरेलू उपकरण द्वारा शिक्षा दी जाती है

10. ह्यूरिस्टिक पद्धति

प्रतिपादक  – डब्ल्यू एच आर्मस्ट्रांग 

इसका अर्थ होता है- मैंने खोज लिया

इसमें बालक शिक्षक निरीक्षण और पुस्तकों की सहायता से स्वयं ज्ञानार्जन करता है

यह विज्ञान के लिए लाभकारी विधि है

यह पद्धति बच्चों की जिज्ञासा प्रवृत्ति को तीव्र करती है यह बच्चों को सदैव सक्रिय बनाए रखती हैं

11. बेसिक शिक्षा प्रणाली या वर्धा शिक्षा प्रणाली

जन्मदाता- महात्मा गांधी

बालक के सर्वांगीण विकास पर बल देती है

इसमें निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है

यह प्रणाली हस्तकला पर आधारित है

इसमें शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होता है

बालक में आत्मनिर्भरता और आदर्श नागरिक के गुण का विकास किया जाता है

छात्रों को देश प्रेम ,सत्य ,अहिंसा की शिक्षा दी जाती है

बाल केंद्रित शिक्षा पर बल दिया जाता है

Notes by Ravi

व्यक्तिगत विभिन्नता पर आधारित शिक्षण प्रविधियां :-

6.  क्रिया योजना :-

क्रिया योजना कोई योजना नहीं है बल्कि शिक्षण प्रक्रिया का एक पहलू है।

अध्यापक का यह प्रयास रहता है कि उसके विद्यार्थी पूरे कक्षा के दौरान सक्रिय रहे।

जब तक विद्यार्थी प्रश्न पूछ कर पाठ्यवस्तु को आत्मसात करने की कोशिश नहीं करता है तो अध्यापक को संतुष्टि नहीं होती है।

इस विधि में अध्यापक छात्र की क्रिया का निरीक्षण करता है।

छात्र को वही काम सौंपा जाता है जो उनके मानसिक स्तर के अनुकूल हो।

शोइनचेन के द्वारा:-

क्रिया योजना विधि का प्रयोग उस समय किया जाता है जब किसी विषय में शिक्षण लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु बालको द्वारा किसी प्रकार की क्रिया की जाती है।

7. अभिक्रमित अनुदेशन :-

यह विनेटिका प्रणाली का रूप है।

जिस प्रकार विनेटिका  प्रणाली मे हम पाठ्यक्रम को छोटे-छोटे इकाइयों में बांट लेते हैं वैसे ही यह इकाइयां इस अभिक्रमित अनुदेशन में प्रोग्राम कहलाती है।

छात्र एक -एक प्रोग्राम लेकर चलता है और उसे पूरा करता है।

एक प्रोग्राम के सफलता पूरा कर लेने के बाद दूसरा प्रोग्राम दिया जाता है जो विद्यार्थी प्रथम प्रयास में प्रोग्राम संपन्न नहीं कर पाता है तो उसे फीडबैक दिया जाता है और जो विद्यार्थी संपन्न कर लेता है।उसे पुरस्कार दिया जाता है।

छात्र को निर्धारित समय पर ही सारे प्रोग्राम संपन्न करने होते हैं।

डी एल कुक के द्वारा:-

अभिक्रमित अनुदेशन का अध्ययन स्वयं शिक्षण विधियों की विस्तृत अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त एक पर्याय है।

ब्रैड स्टोफैल के द्वारा:-

ज्ञान के छोटे-छोटे अंगों को एक तार्किक क्रम में व्यवस्थित करने का अभिक्रम व इसकी समग्र प्रक्रिया को अभिक्रमित अध्ययन कहते है।

8. किंडरगार्टन प्रणाली :-

जन्मदाता -फ्रोबेल

किंडरगार्टन एक जर्मन शब्द है जिसका अर्थ होता है -बच्चों का बगीचा।

फ्रोबेल शिक्षक को माली और बच्चों को पौधा मानता है।

उनका कहना है कि बच्चा एक अविकसित पौधा है जो शिक्षक रूपी मालिक के देखरेख में पनपता है।

इस प्रणाली में बालक को पुस्तकों से नहीं लादा जाता है।

बल्कि उसे स्वतंत्र रूप से हंसने खेलने बोलने घूमने दिया जाता है बच्चा खेल खेल में सीख लेता है।

9. मांटेसरी प्रणाली :- 

जन्म दात्री -डॉक्टर मारिया मांटेसरी1906

छोटे बच्चों को शिक्षित करने के लोकप्रिय विधि हैं।

यह विधि मंदबुद्धि बालकों के लिए बहुत उपयोगी है

मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है।

स्वतंत्रता ,आत्

म अनुशासन, आत्मनिर्भरता, व्यावहारिक शिक्षा ,व्यक्तिगत शिक्षा ,खेल व इंद्रियों द्वारा शिक्षा आदि इस प्रणाली के आधार है।

दृष्टि ,श्रवण , स्पर्श, स्वाद तथा घरेलू उपकरण द्वारा शिक्षा दी जाती है।

10. ह्यूरिस्टिक पद्धति :-

प्रतिपादक  – डब्ल्यू एच आर्मस्ट्रांग :-

इसका अर्थ होता है- मैंने खोज लिया।

इसमें बालक शिक्षक निरीक्षण और पुस्तकों की सहायता से स्वयं ज्ञानार्जन करता है।

यह विज्ञान के लिए लाभकारी विधि है।

यह पद्धति बच्चों की जिज्ञासा प्रवृत्ति को तीव्र करती है यह बच्चों को सदैव सक्रिय बनाए रखती है।

11. बेसिक शिक्षा प्रणाली या वर्धा शिक्षा प्रणाली :-

जन्मदाता- महात्मा गांधी

बालक के सर्वांगीण विकास पर बल देती है।

इसमें निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है।

यह प्रणाली हस्तकला पर आधारित है।

इसमें शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होता है।

बालक में आत्मनिर्भरता और आदर्श नागरिक के गुण का विकास किया जाता है।

छात्रों को देश प्रेम ,सत्य ,अहिंसा की शिक्षा दी जाती है।

बाल केंद्रित शिक्षा पर बल दिया जाता है।

Notes by:- Neha Kumari 

🙏🙏🙏🙏🙏

क्रिया योजना——

 यह क्रिया योजना कोई योजना नहीं है बल्कि शिक्षा प्रक्रिया का एक पहलू है 

इसमें विद्यार्थी प्रश्न पूछकर पाठ्यवस्तु  को आत्मसात करने की कोशिश करता है |

शोईचैन

 क्रिया योजना विधि का प्रयोग उस समय किया जाता है जब किसी विषय में शिक्षण लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु बालकों द्वारा किसी प्रकार की क्रिया की जाती है |

अभिक्रमित अनुदेशन 

यह विनेटिका प्रणाली का एक रूप है जिस प्रकार विनेटिका प्रणाली में हर पाठ्यक्रम छोटे-छोटे ईकाइयों में बांट सकते हैं वैसे ही ये ईकाईयां इस अभिक्रमित अनुदेशन में प्रोग्राम कहलाते हैं

एक प्रोग्राम के सफलतापूर्वक कर लेने के बाद ही उसे दूसरा प्रोग्राम दिया जाता है जो विद्यार्थी प्रथम प्रयास में प्रोग्राम नहीं कर पाता है उसे फीडबैक दिया जाता है जो संपन्न कर लेता है उसे पुरस्कार दिया जाता है छात्र को निर्धारित समय पर ही सारे प्रोग्राम संपन्न करने होते हैं |

डी एस कुक

अभिक्रमित अनुदेशन का अध्ययन स्वयं शिक्षण विधियों की विस्तृत अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त एक पर्याय है |

फ्रेड स्टोफेल

ज्ञान के छोटे अंगों को एक तार्किक क्रम में व्यवस्थित करने की अभिक्रम व इसकी समग्र प्रक्रिया को अभिक्रमित अध्ययन कहते हैं |

किंडरगार्टन प्रणाली

 प्रतिपादक — फ्रोबेल

 किंडरगार्टन शब्द का अर्थ– “बच्चों का बगीचा”

 फ्रोबेल शिक्षक को माली और बच्चे को पौधा मानता है उनका कहना है कि बच्चा एक अविकसित पौधा है जो शिक्षक रूपी माली की  देखरेख में पनपता है 

इस प्रणाली में बालक को पुस्तकों से नहीं लादा जाता है बल्कि उसे स्वतंत्र रूप से हंसने ,खेलने, बोलने, और घूमने दिया जाता है बच्चा खेल खेल में सीख लेता है |

माण्टेसरी प्रणाली—–

प्रतिपादक– मेडम मारिया माण्टेसरी (1906) 

 छोटे बच्चे को शिक्षित करने की लोकप्रिय विधि है इसकी जन्म दात्री डॉक्टर मारिया मांटेसरी है

 यह विधि मंदबुद्धि बालकों के लिए बहुत उपयोगी है

 मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है 

स्वतंत्रता ,आत्म अनुशासन, आत्मनिर्भरता, व्यवहारिक शिक्षा, व्यक्तिगत शिक्षा, खेल और ज्ञानेन्द्रियाँ  आदि इस प्रणाली के आधार हैं 

दृष्टि ,श्रवण, स्पर्श ,स्वाद तथा घरेलू उपकरण द्वारा शिक्षा दी जाती है |

ह्यूरिस्टिक या खोज प्रणाली–

 प्रतिपादक नील आर्मस्ट्रांग

 इसका अर्थ है “मैंने खोज लिया”

 बेसिक शिक्षा प्रणाली —

जन्मदाता महात्मा गांधी 

इसमें बालक के सर्वांगीण विकास पर बल दिया जाता है

 इस में निशुल्क शिक्षा की अवधारणा एवं व्यवस्था है

 यह प्रणाली हस्तकला  पर आधारित होती है

 शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होता है 

 बालक में आत्मनिर्भरता और आदर्श नागरिक के गुणों का विकास होता है 

छात्र को देश प्रेम और सत्य अहिंसा की शिक्षा दी जाती है

 इसमें बाल केंद्रित शिक्षा पर बल दिया जाता है |

𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙎𝙖𝙫𝙡𝙚

वैयक्तिक विभिन्नता पर आधारित शिक्षण विधियां–

6 –  क्रिया योजना– प्रिया योजना कोई योजना नहीं है। बल्कि शिक्षण प्रक्रिया का एक पहलू है, अध्यापक का यह प्रयास रहता है कि उसके विद्यार्थी पूरे कक्षा के दौरान सक्रिय रहे।

   जब तक विद्यार्थी प्रश्न पूछकर पाठ्यवस्तु को आत्मसात करने की कोशिश नहीं करता तो अध्यापक को संतुष्टि नहीं होती।

    इस विधि में अध्यापक छात्र की क्रिया का निरीक्षण करता है। छात्र को वही काम सौंपा जाता है। जो उसके मानसिक स्तर के अनुकूल हो।

💐 शाईचेन – क्रिया योजना विधि का प्रयोग उस समय किया जाता है। जब किसी विषय में शिक्षण लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु बालको द्वारा किसी प्रकार की क्रिया की जाती है।

7– अभिक्रमित अनुदेशन–

   यह विनेटिका प्रणाली का ही रूप है ।जिस प्रकार विनय टीका प्रणाली में हम पाठ्यक्रम को छोटी-छोटी कार्यों में बांट लेते हैं ।वैसी ही ये इकाइयां इस अभिक्रमित अनुदेशन में प्रोग्राम कहलाती है।

    छात्र 11 प्रोग्राम लेकर चलता है। और उसे पूरा करता है ।एक प्रोग्राम के सफलतापूर्वक कर लेने के बाद ही उसे दोबारा प्रोग्राम दिया जाता है जो विद्यार्थी प्रथम प्रयास में प्रोग्राम संपन्न नहीं कर पाता है ,तो उसे फीडबैक दिया जाता है जो संपन्न कर लेता है। उसे पुरस्कार दिया जाता है।

    छात्र को निर्धारित समय पर ही प्रोग्राम संपन्न करने होते हैं।

💐 डी. एस. कुक– 

     अभिक्रमित अनुदेशन का अध्ययन स्वयं शिक्षण विधियों की विस्तृत अवधारणा को स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त एक पर्याय है।

💐 फ्रेंड स्टोफैल– 

      ज्ञान की छोटी-छोटी अंगों को एक तार्किक क्रम में व्यवस्थित करने की अभिक्रम व इसकी समग्र प्रक्रिया को अभिक्रमित अध्ययन प्रोग्राम कहते हैं।

8– किंडर गार्डन प्रणाली–

  इस प्रणाली के जन्मदाता फ्रोबेल है।

   किंडरगार्टन शब्द का अर्थ है– बच्चों का बगीचा ।

फ्रोबेल शिक्षक को माली और बच्चे को पौधा मानता है ।

 इनका कहना है कि बच्चा एक अविकसित पौधा है ।जो शिक्षक रूपी माली के देखरेख में पनपता है ।

   इस प्रणाली में बालक को पुस्तकों से नहीं लादा जाता बल्कि उसे स्वतंत्र रूप से हाथ नहीं खेलने बोलने घूमने दिया जाता है। बच्चा खेल खेल में ही सीखता है।

9– मांटेसरी प्रणाली (1906)–

 छोटे बच्चों को शिक्षित करने की लोकप्रिय विधि है ।

इसकी जन्म दात्री डॉक्टर मारिया मांटेसरी है।

 यह विधि मंदबुद्धि बच्चे बालकों के लिए बहुत उपयोगी है।

 मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है।

10– ह्यूरिस्टिक पद्धति /खोज/ अन्वेषण–

  प्रतिपादक आर्मस्ट्रांग जी है। इसका अर्थ होता है। मैंने खोज लिया इसमें बालक शिक्षक निरीक्षण पुस्तकों की सहायता से स्वयं ज्ञानार्जन करता है ।

यह विज्ञान के लिए ज्यादा लाभकारी है।

11– बेसिक शिक्षा प्रणाली–

इसके जन्मदाता महात्मा गांधी जी हैं। बालक के सर्वांगीण विकास पर बल देता है ।इसमें निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है यह प्रणाली हस्तकला पर आधारित है ।शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होता है।

 बालक में आत्मनिर्भरता और आदर्श नागरिक के गुणों का विकास किया जाता है ।छात्रों को देश प्रेम सत्य अहिंसा की शिक्षा दी जाती है।

 इसमें बाल केंद्रित शिक्षा पर बल दिया जाता है।

 यह पद्धति बच्चों की जिज्ञासा प्रवती को तीव्र करती है ।यह बच्चों को सदैव सक्रिय बनाए रखती है।

    स्वतंत्रता आत्मानुशासन आत्मनिर्भरता व्यवहारिक शिक्षा व्यक्तिगत शिक्षा खेल और ज्ञान इंद्रियों द्वारा शिक्षा आदि इस प्रणाली के आधार हैं।

  दृष्टि श्रवण स्पर्श स्वाद तथा घरेलू उपकरण द्वारा शिक्षा दी जाती है। 

 poonam sharma

🌸🌼 वैयक्तिक विभिन्नता पर आधारित शिक्षण विधियों🌼🌸

6-क्रिया योजना➖ क्रिया योजना कोई योजना नहीं बल्कि शिक्षण का एक पहलू है अध्यापक का यह प्रयास रहता है कि उसके विद्यार्थी पूरी कक्षा के दौरान सक्रिय रहें जब तक विद्यार्थी प्रश्न पूछ कर पाठ्यवस्तु को आत्मसात करने की कोशिश नहीं करते अध्यापक को संतुष्टि नहीं होती निरीक्षण करता है छात्र को वही काम सौंपा जाता है जो उसके मानसिक स्तर के अनुकूल हो।

शोइनचेन के अनुसार➖ क्रिया योजना विधि का प्रयोग उस समय किया जाता है जब किसी विषय में शिक्षण लक्ष्य को आगे बढ़ाने हेतु बालकों द्वारा किसी प्रकार की क्रिया की जाती है।

7-अभिक्रमित अनुदेशन➖यह विनेटिका प्रणाली का रूप है जिस प्रकार विनेटिका प्रणाली में हम वातावरण को छोटे-छोटे इकाइयों में बांट देते हैं वैसे ही यह इकाइयां इस अभिक्रमित अनुदेशन में प्रोग्राम कहलाती  है छात्र एक – एक प्रोग्राम लेकर चलता है और उसे पूरा करता है।

    एक प्रोग्राम के सफलतापूर्वक कर लेने के बाद ही उसे दूसरे प्रोग्राम दिया जाता है जो विद्यार्थी प्रथम प्रयास में प्रोग्राम संपन्न नहीं कर पाता है तो उसे फीडबैक दिया जाता है जो संपन्न कर लेता है उसे पुरस्कार दिया जाता है छात्रों को निर्धारित समय पर ही करना पड़ता है सारे प्रोग्राम संपन्न करने होते हैं।

डी.एस कुक➖ अभिक्रमित अनुदेशन का अध्ययन स्वयं शिक्षण विधियों के विस्तृत आवरण को स्पष्ट करने के लिए प्रयुक्त एक पर्याय हैं।

फ्रैड स्टोफैस➖ ज्ञान के छोटे-छोटे अंगों को एक तार्किक क्रम में व्यवस्थित करने की अभिक्रम हुआ इसकी समग्र प्रक्रिया को अभिक्रमित अध्ययन कहते हैं।

8-किंडर गार्टन प्रणाली➖ इस के जन्मदाता फ्रोबेल हैं किंडरगार्टन शब्द का अर्थ है बच्चों का बगीचा

फ्रोबेल शिक्षक को माली और बच्चों को पौधा मानता है उनका कहना है कि बच्चे एक अविकसित पौधा है जो शिक्षक रूपी माली के देखरेख में पनपता है।

     इस प्रणाली में बालक को पुस्तकों से नहीं लादा जाता है बल्कि उसे स्वतंत्र रूप से हंसने, खेलने, बोलने ,घूमने, दिया जाता है खेल-खेल में बच्चा सीख लेता है।

9-मोंटेसरी प्रणाली (1906)➖ छोटे बच्चों को शिक्षित करने की लोकप्रिय विधि है कि जन्म दात्री डॉक्टर मारिया मोंटेसरी है यह विधि मंदबुद्धि बच्चों, बालकों के लिए बहुत उपयोगी है।

मनोवैज्ञानिक सिद्धांत पर आधारित है।

10-ह्यूरिस्टिक पद्धति (खोज) (अन्वेषण)➖ इसका अर्थ है “मैंने खोज लिया”

इसमें बालक शिक्षक निरीक्षण और पुस्तकों की सहायता से स्वयं ज्ञानार्जन करता है यह विज्ञान के लिए ज्यादा लाभकारी है।

11-बेसिक शिक्षा प्रणाली➖ इस के जन्मदाता महात्मा गांधी हैं।

बालक केसर घोड़ी विकास पर बल देता है इसमें निशुल्क शिक्षा की व्यवस्था है यह प्रणाली हस्तकला पर आधारित है शिक्षा का माध्यम मातृभाषा होती है।

बालक में आत्मनिर्भरता और आदर्श नागरिक के गुण विकास किए जाते हैं यह पद्धति बच्चों के जिज्ञासा प्रवृत्ति को तीव्र करती है यह बच्चों को सदैव सक्रिय बनाए रखती है।

    स्वतंत्रता ,आत्म अनुशासन, आत्मनिर्भरता ,व्यावहारिक शिक्षा, व्यक्तिगत शिक्षा, खेल और ज्ञानेंद्रियों द्वारा शिक्षा आदि इस प्रणाली के आधार हैं।

    दृष्टि ,श्रवण ,स्पर्श ,स्वाद तथा घरेलू उपकरण द्वारा शिक्षा दी जाती है।

✍🏻📚📚 Notes by…… Sakshi Sharma📚📚✍🏻

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.