🌀🌀 *मानसिक पद्धति* 🌀🌀

👉🏻 *निगमनात्मक पद्धति*➖ शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञान सामान्य कथनों के आधार पर निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

👉🏻 *विश्लेषण /संश्लेषण पद्धति*➖

💫 विश्लेषण ➖ विश्लेषण अर्थात एक को अनेक करना, इसमें किसी समस्या को हल करने की प्रक्रिया छोटे-छोटे भाग या टुकड़ों में विभक्त कर उसका अध्ययन और विवेचना करते हुए काम करते हैं।

🌴अर्थात किसी भी समस्या के समाधान के लिए समस्या के हर पहलू या पक्षों के बारे में जानना आवश्यक है।

💫 *संश्लेषण (synthesis)*➖ संश्लेषण अर्थात अनेक को एक करना। इसमें ज्ञात तथ्यों को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्रित करते हैं।

🌴 इसमें जिन समस्याओं को अलग-अलग भाग में तोड़कर अध्ययन करते हैं उसके हर एक भाग को एकत्रित करते हुए एक निष्कर्ष में पहुंचते हैं यही संश्लेषण पद्धति कहलाती है।

🌴 *संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए*🌴 अर्थात हमें किसी भी समस्या के समाधान या उचित निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए समस्या के हर पहलू को तोड़ तोड़ कर अध्ययन किया जाता है फिर अध्ययन करके उसे एकत्रित करके निष्कर्ष तक पहुंचा जाता है।

🌀 *प्रोफ़ेसर यंग (professor yung)*➖ “संश्लेषण विधि से सूखी घास से तिनका बाहर निकाला जा सकता है लेकिन विश्लेषण विधि से स्वयं तिनका बाहर निकलना चाहता है।”

🌀💫 *शिक्षण की रणनीतियां*💫🌀

शिक्षण रणनीति छात्रों को सामग्री के वांछित पाठ्यक्रम को सीखने में मदद करती है और यह ऐसी विधि है जिसके द्वारा कक्षा मे शिक्षण का उद्देश्य जारी किया जाता है।

🌴 *एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति (unitary teaching strategy)*

🌴 *लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति(democratic teaching strategy)*

💫 *एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति*➖ यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस तकनीक में शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुभूति नहीं होती है।

(जैसे कहानी कहने की विधि, व्याख्यान विधि, प्रदर्शन विधि इत्यादि)

💫 *लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति*➖ इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रहता है शिक्षकों से अधिक संवाद होता है यहां शिक्षक, मार्गदर्शक या प्रशिक्षक के रूप में काम करते हैं। छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है ।

यह रणनीति बाल केंद्रित है और बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए काम करता है। यह रणनीति संज्ञानात्मक विकास के साथ-साथ उन्हें विभिन्न पक्षों में रचनात्मक खोज के लिए आगे बढ़ाता है।

✍🏻✍🏻notes by manisha gupta✍🏻✍🏻

(जैसे चर्चा विधि, विधर्मी विधि, डिस्कवरी विधि, प्रोजेक्ट विधि इत्यादि)

🦚🌺 मानसिक पद्धति🌺🦚

👉🏼 निगमनात्मक पद्धति➖निगमन विधि द्वारा शिक्षण में पहले परिभाषा यह नियम सिखाया जाता है फिर उसके अर्थ की व्याख्या की जाती है
शिक्षण के अधिगम के अंदर तर्क की वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञान सामान्य कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं उदाहरण-छात्रों को पहले यह सामान्य नियम बता दिया जाता है कि वस्तु का भार वायु की अपेक्षा जल में कम होता है इसके बाद विभिन्न वस्तुओं का भार वायु और जल में लेकर यह सिद्ध किया जाता है कि नियम सत्य है

👉🏼 विश्लेषण/संश्लेषण विधि➖(Analytic method/synthetic method)

💥 विश्लेषण विधि➖ विश्लेषण का अर्थ है किसी विशेष तथ्य घटना समस्त आदि का मौखिक मानसिक या वास्तविक रूप में सरल एवं स्वभाविक खंडो या अंशों में विभाजन करना
अर्थात समस्या को हल करने की प्रक्रिया में छोटे-छोटे भागो में विभक्त कर विभाजन करते हुए काम करते हैं

💥 संश्लेषण विधि➖ संश्लेषण का अर्थ होता है मिलना या जोड़ना।
इसमें ज्ञात तथ्यों को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्र करते हैं
जिसमें जिस विषय, तथ्य ,घटना, समस्या को खंडो या अंशों में विभाजित किया गया है उन्हें फिर एक दूसरे से संबंधित कर कर उनका पूर्ण रूप में उपस्थित किया जाता है
🌺 प्रोफेसर यंग (professor young)
संश्लेषण विधि से सूखी घास से तिनका बाहर निकाला जा सकता है लेकिन विश्लेषण विधि से स्वयं तिनका बाहर निकलना चाहता है

🔰 शिक्षण की रणनीतियां🔰
शिक्षण की रणनीतियां दो प्रकार की होती हैं

1️⃣ एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति
2️⃣लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति

🌺एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति➖(unitary teaching strategy)
यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस तकनीक में शिक्षक के पास पूर्ण नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं रहती है इस पद्धति को निरंकुश पद्धति भी कहते हैं

🌺 लोक तंत्रीय शिक्षण रणनीति➖(democratic teaching strategy)
इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र होता है और शिक्षकों से अधिक संवाद होता है
एक शिक्षक मार्गदर्शक होता है या प्रशिक्षक होता है छात्रों में प्रभावशाली और सृजनात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है यह बाल केंद्रित है और यह बच्चों का सर्व गणी विकास करता हैं
🖊️🖊️📚 Notes by… Sakshi Sharma📚🖊️🖊️

🔆 मानसिक पध्दति 🔆

💫 निगमनात्मक पद्धति ➖

शिक्षण अधिगम के अन्दर तर्क की वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञान सामान्य कथनों के आधार पर निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

💠 विश्लेषण/संश्लेषण पद्धति ➖

💫 विश्लेषण ➖
विश्लेषण अर्थात एक को अनेक करना है, इसमें किसी भी समस्या को हल करने की प्रक्रिया में छोटे छोटे भागों में या टुकड़ों में विभक्त कर उसका अध्ययन और विवेचन करते हुए कार्य करते हैं। अर्थात हम किसी भी समस्या के समाधान के लिए समस्या के हर पहलू या पक्ष के बारे में जानना जरूरी समझते हैं।

💫 संश्लेषण ➖

संश्लेषण अर्थात अनेक को एक करना है। इसमें ज्ञात तथ्यों को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्रित करते हैं। इसमें जिन समस्याओं को अलग अलग भाग में तोड़कर अध्ययन करते हैं उसके हर एक भाग को एकत्रित करके हम निष्कर्ष तक पहुंचते हैं यही संश्लेषण है।

🎲 संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए।

अर्थात हमें किसी भी समस्या के समाधान या उचित निष्कर्ष तक पहुंचने के लिए समस्या के हर पहलू का तोड़ कर के अध्ययन किया जाता है इसके बाद उन टूकडों को एकत्रित करके हम निष्कर्ष तक पहुंचते हैं।

🔰 प्रोफेसर युंग ➖

संश्लेषण विधि से सूखी घास से तिनका निकाला जा सकता है लेकिन विश्लेषण में तिनका स्वयं घास से बाहर निकालना चाहता है।

💠 शिक्षण की रणनीति ➖

🔰एकतंत्रीय शिक्षण ( unitary teaching strategy)

🔰 लोकतंत्रीय शिक्षण ( democratic teaching strategy)

💫 एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति ➖
यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस तकनीक में शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुभूति नहीं होती है।

💫लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति ➖
इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रहता है शिक्षकों से अधिक संवाद होता है यहां शिक्षक मार्गदर्शन या प्रशिक्षक के रूप में कार्य करते हैं। छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है।
यह रणनीति बाल केंद्रीत है और बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए कार्य करती है यह रणनीति संज्ञानात्मक विकास के साथ साथ उन्हें विभिन्न पक्षों में रचनात्मक खोज के लिए आगे बढ़ाता है।

📝 Notes by ➖
✍️ Gudiya Chaudhary

🌹निगमनात्मक पद्धति🌹

शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की व प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञान समान कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचेl
अर्थात:— सामान्य से विशिष्ट की ओर जाने की निगमनात्मक प्रक्रिया कहा जाता है जिसमें उत्तम उदाहरण के रूप में हम सिलाजिस्म को देख सकते हैं जहां कुछ सामान्य नियम के आधार मानकर व उनका विशेष परिस्थितियों में उपयोग कर समस्या समाधान किया जाता है

🌳 विश्लेषण विधि 🌳

👉 एक को अनेक करना
👉 किसी विधान या व्यवस्था की क्षमता से परीक्षण करने की तथा उसके मूल तत्व को खोजने की प्रक्रिया को विशेषण कहते हैंl
👉 छोटे-छोटे तथ्यों को तोड़नाl
👉 निष्कर्ष से अनुमान की ओरl
👉 समस्या को हल करने की प्रक्रिया छोटे-छोटे भाग में विभक्त कर उसका अध्ययन और विवेचना करते हुए काम करते हैंl

🌳संश्लेषण विधि🌳

👉 अनेक को एक करनाl
👉 अनुमान से निष्कर्ष की ओरl
👉 समस्या को छोटे-छोटे तथ्यों को जोड़नाl
👉 इसमें क्या तथ्यों को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्रित करते हैं

➡️ संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए अर्थात यह दोनों एक दूसरे के पूरक हैं

👨‍🎓प्रोफेसर यंग:—

संश्लेषण विधि में सूखी घास से तिनका बाहर निकालना जा सकता है लेकिन विश्लेषण में विधि में सोयाबीन का बाहर निकलना चाहता

🌳 एकतंत्रीय शिक्षण 🌳

👉 यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस तकनीक में शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्व नियंत्रित होती है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं है

🌳लोकतांत्रिक शिक्षा नीति🌳

👉 इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्रत रहता है शिक्षकों से अधिक संवाद होता है शिक्षक मार्गदर्शक या प्रशिक्षक होते हैं छात्र में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है यह बाल केंद्रित है और बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए काम करता है

Notes by :—sangita bharti

🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳🌳

🔆 *मानसिक पद्धति*

❇️ *निगमनात्मक पद्धति—*
शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की वह प्रक्रिया जिसमें एक या अघिक ज्ञान सामान्य कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

❇️ *विश्लेषण/ संश्लेषण पद्धति—*

⚜️ विश्लेषण— विश्लेषण अर्थात एक को अनेक करना समस्या को हल करने की प्रक्रिया छोटे-छोटे भागों में विभक्त करना उसका अध्ययन और विवेचना करते हुए काम करते हैं।
ःसमस्या को हल करने के लिए उसे पूरी तरीके से जानना उसके पक्ष और विपक्ष को जाना उसके बाद उसके बारे में प्रस्तुत करना।

❇️ संश्लेषण —
संश्लेषण अर्थात अनेक को एक करना इसमें ज्ञात तथ्यों को निर्णय तक पहुंचने के लिए एकत्रित करते हैं।

इसमें जो समस्या आती है उसको अलग अलग तोड़कर अध्ययन करते हैं उसके एक भाग को एकत्रित करके चयनित कर पहुचते हैं उसे संश्लेषण विधि कहते हैं।

ःविश्लेषण विधि में हम किसी समस्या को बहुत डिटेल से बताते हैं और संश्लेषण विधि में किसी बात को एकत्रित करके बताते हैं।

❇️ *प्रोफेसर यंग (professor young)* —
संश्लेषण विधि से सूखी घास से तिनका बाहर निकाला जा सकता है लेकिन विश्लेषण विधि से स्वयं तिनका घर से बाहर निकलना चाहता है।

❇️ *शिक्षण की रणनीतियां*
शिक्षण रणनीति में बच्चों को सीखने में मदद करती है और इस विधि के माध्यम से कक्षा में शिक्षण का उद्देश्य जारी किया जाता है।

❇️ *एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति (unitary teaching )*—यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस तकनीक में शिक्षा के पास शिक्षण का पूरे नियंत्रण में होती है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होती है ।

ःइसे निरंकुश शिक्षण रणनीति भी कहते हैं।
जैसे —कहानी करने की विधि, व्याख्यान विधि, प्रदर्शन विधि इत्यादि

❇️ *लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति(Democratic Teaching strategy)*
इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्रता है बच्चों का शिक्षकों पर अधिक संवाद होता है। शिक्षा के मार्गदर्शक या प्रशिक्षक के रूप में काम करते हैं छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है।
ः यह बाल केंद्रित है और बच्चे के सर्वागीण विकास के लिए काम करता है।

Notes By:-Neha Roy🙏🙏🙏🙏🙏🙏

🔆 शिक्षण की पद्धतियाँ➖

🌼 मानसिक पद्धति ➖

1) विवेचनात्मक विधि

2) निगमनात्मक विधि

3) आगमनात्मक विधि

4) विश्लेषणात्मक विधि

4) संश्लेषणणत्मक विधि

🎯 विवेचनात्मक विधि➖

किसी भी विषय के बारे में विचार विमर्श करना उसका पूरी तरह से पक्ष विपक्ष पर प्रकाश डालना जो किसी ना किसी रूप से अनुभव के आधार पर किया जाता है |

अर्थात किसी तथ्य पर अपनी विस्तृत टिप्पणी करना हर पक्षों पर बात करना, उचित अनुचित की समझ विकसित करना तार्किक रूप से किए गए विचार विवेचना का कारण ढूंढना की उसका कारण क्या है क्यों है कैसे है आदिके |
इसमें सीखने के लिए बच्चे खुद विवेचना करते हैं |

🎯 निगमनात्मक विधि➖

निगमनात्मक विधि किसी वस्तु के प्रत्यक्ष पर निर्भर करती है |
शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञान सामान्य कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं अर्थात हमें किसी बात का पता होता है तब उसको आगे हल करते हैं |

या हम कह सकते हैं कि निगमनात्मक विधि में पहले सूत्रों को प्रस्तुत किया जाता है उसके बाद निष्कर्ष तक पहुंचा जाता है इस विधि में पहले बच्चे को सूत्र प्रस्तुत कर दिए जाते हैं और उसके अनुसार हर बताया जाता है अर्थात बच्चे को एक नियम या तथ्य बता दिया जाता है और उसके बाद नियम के अनुसार हल किया जाता है |

🎯 आगमनात्मक विधि➖

इस विधि में पहले बच्चे को उदाहरण प्रस्तुत किया जाता है उसके बाद वह उदाहरणों के द्वारा समस्या को हल करते हुए उसके एक स्पेसिफिक नियम की खोज करते हैं इसमें बच्चे को पहले से किसी बात का पता नहीं होता है लेकिन वह उदाहरण से हल करते हुए एक स्पेशल तथ्य पर पहुंचता है या हम कह सकते हैं कि शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की वह प्रक्रिया है जिसमें एक या उससे अधिक उदाहरण के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष तक पहुंचा जाता है |

🎯 विश्लेषणात्मक विधि➖

इस विधि में किसी समस्या को छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर हल करना होता है अर्थात उसको विश्लेषित कर देते हैं या हम कह सकते हैं कि
समस्या को हल करने की प्रक्रिया छोटे-छोटे भाग में विभक्त कर उसका अध्ययन और विवेचना करते हुए काम करते हैं |
इस विधि में किसी समस्या के सभी पक्षों को ध्यान में रखते हुए हल किया जाता है सभी तथ्यों को स्पेशल रूप से हल किया जाए उसके अनुसार एक निश्चित निष्कर्ष तक पहुंचा जाता है |

🎯 संश्लेषणणत्मक विधि➖

इस विधि में हम किसी समस्या को छोटे-छोटे भागों को इकट्ठा करके जोड़ते हुए हल करते हैं |

या इस विधि में ज्ञात तथ्यों को निर्णय तक पहुंचने के लिए एकत्रित करते हैं |

संश्लेषणणत्मक विधि के बारे में प्रोफेसर यंग का कथन है कि
” संश्लेषण विधि से सूखी घास से तिनका निकाला जाता है जबकि विश्लेषण विधि से स्वयं तिनका बाहर निकलना चाहता है |”

संश्लेषण का विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए |

अर्थात् विश्लेषित करके ही उस कार्य को बेहतर तरीके से हल किया जा सकता है |

🔆 शिक्षण की रणनीतियां➖

शिक्षण की दो प्रकार की रणनीतियां होती है ➖

1) एक तंत्रिय शिक्षण रणनीति

2) लोकतंत्रिय शिक्षण रणनीति

🎯 एक तंत्रिय शिक्षण रणनीति ➖

यह पारंपरिक तकनीकों का प्रयोग करती है | इस पद्धति या तकनीक में शिक्षक के पास पूर्ण नियंत्रण रहता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने का अवसर नहीं मिलता है संपूर्ण शिक्षण की कमांड शिक्षक के हाथ में होती है शिक्षक अपने अनुसार जो भी चाहे वह कर सकता है बच्चे को कुछ भी करने का अवसर नहीं दिया जाता है | इसमें छात्र स्वतंत्र नहीं होता है शिक्षक स्वतंत्र होता है |

🎯 लोकतंत्रिय शिक्षण रणनीति➖

इसमें बच्चा अपने विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रहता है शिक्षकों से अधिक संवाद होता है शिक्षक और छात्र दोनों सक्रिय रहते हैं |
शिक्षक एक मार्गदर्शक और प्रशिक्षक के रूप में होता है छात्र में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है यह विधि बाल केंद्रित है और बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए काम करती है |
अर्थात इस विधि में शिक्षक और छात्र सक्रिय होते हुए अपने कार्य को स्वतंत्र रूप से करते हैं बच्चे को पूर्ण रूप से सीखने का अवसर दिया जाए जिससे उनके सभी पक्षों का विकास होता है और एक प्रभावशाली शिक्षण अधिगम होता है |

𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮➖ 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙎𝙖𝙫𝙡𝙚

🌻🌼🍀🌸🌺🌻🌼🍀🌸🌺🌻🌼🍀🌸🌺

🔷 निगमनात्मक पद्धति ➖ शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञान सामान्य कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते पहुंचते हैं |
🔷 विश्लेषण विधि ➖ विश्लेषण विधि में एक को अनेक करना ऐसी समस्या है समस्या है जो एक को अनेक भागों में विभक्त करती हैं छोटे-छोटे भाग में तोड़ना हैं फिर समस्याओं को हल करने की प्रक्रिया छोटे-छोटे भागों में विभक्त कर अध्ययन और विवेचन करते हुए काम करते हैं |
🔷 संश्लेषण विधि ➖ संश्लेषण विधि में जो भी कार्य हो हो कार्य हो हो जो छोटे-छोटे भागों में विभक्त है उसको एकत्रित या इकट्ठा करना या जोड़ना है इसमें ज्ञात तथ्यों को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्रित करते है |
◼ संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए | किसी भी समस्या को तोड़- तोड़ कर अध्ययन के पश्चात उचित निष्कर्ष पर पहुंचने के लिए सभी समस्याओं का अध्ययन एक साथ या एकत्रित करके निष्कर्ष तक पहुंच जाते हैं इस प्रक्रिया को संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना होता है |
🔷 yung (प्रो यंग ) ➖ संश्लेषण विधि में सूखी घास से तिनका बाहर निकाला जा सकता है लेकिन विश्लेषण विधि से स्वयं तनिका बाहर निकलना चाहता है |

💠 शिक्षण की रणनीतियां 💠
🔷 शिक्षण रणनीतियाँ दो प्रकार की होती है|
◼ एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति
◼ लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति
🔷 एकतंत्रीय शिक्षण पद्धति ➖ यह रणनीति शिक्षक के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस तकनीक में शिक्षण के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण रहता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं रहती है |
इस शिक्षण विधि के अंतर्गत कहानी कहने की विधि व्याख्यान विधि प्रदर्शन विधि आदि जाती है |
🔷 लोकतंत्रीय में शिक्षण रणनीति ➖ इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रहता है और बच्चों का शिक्षकों से अधिक संवाद होता है शिक्षक मार्गदर्शक या प्रशिक्षक होता है छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है |
यह बाल केंद्रित हैं और बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए काम करता है |
Notes by ➖Ranjana Sen

शिक्षण और अधिगम की पद्धतियां

मानसिक पध्दति

1. विवेचनात्मक विधि
2. निगमनात्मक
3. विश्लेषण
4. संश्लेषण

2. निगमनात्मक

शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की वह प्रक्रिया है जिसमें एक या अधिक ज्ञात सामान्य कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

इस विधि में नियम से उदाहरण की ओर, अमूर्त से मूर्त की ओर चलते हैं

जैसे बिजली विभाग से नोटिस जारी हुआ कि 6:00 बजे रोज लाइट कटेगी फिर अब 6:00 बजे लाइट रोज कटने लगी तो जो हमारा नोटिस जारी हुआ था वह हमारा नियम हो गया और रोज-रोज लाइट का कटना उसका उदाहरण हो गया।

विश्लेषण और संश्लेषण –

विश्लेषण- किसी एक वस्तु को अनेक टुकड़ों में तोड़ना
संश्लेषण- वस्तु के टुकड़ों को जोड़ना

3.विश्लेषण-
इस विधि में समस्या को हल करने की प्रक्रिया में समस्या को छोटे-छोटे भागों में विभक्त कर उसका अध्ययन और विवेचना करते हुए काम करते हैं।

4. संश्लेषण-
इसमें ज्ञात तथ्य को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्रित करते हैं।

जैसे हमारे टेलर और मैकेनिक इस विधि से काम करते हैं विश्लेषण (टेलर पहले कपड़ों को टुकड़ों में काटता है )फिर संश्लेषण ( उन टुकड़ों को जोड़ता है और शर्ट पेंट बनाता है)

विश्लेषण (विद्युत मैकेनिक किसी पंखे में हुई खराबी को देखने के लिए उसे पहले पूरा खोलता है फिर उसी के सभी भागों का निरीक्षण करता है और जहां पर कमी हुई या खराब हुई उसे ठीक करता है )फिर संश्लेषण (उसके सभी पार्ट को दोबारा से जोड़ता है)

*यंग -संश्लेषण विधि से सूखी घास से तिनका बाहर निकाला जा सकता है लेकिन विश्लेषण विधि से स्वयं तिनका बाहर निकलना चाहता है।*

*संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए*

*Notes by Ravi kushwah*

🌷 *शिक्षण अधिगम की पद्धतियां 🌷*

🌲🌲 *मानसिक पद्धति* 🌲🌲

इसमें बच्चों के संज्ञानात्मक पहलू को शामिल किया जाता है।

🌸मानसिक पद्धति में निम्न विधियों को शामिल किया गया है जैसे :-

*विवेचनात्मक विधि*
*निगमनात्मक विधि*
*आगमनात्मक विधि*
*विश्लेषणात्मक विधि*
*संश्लेषणात्मक विधि*

1. विवेचनात्मक / विवेचना विधि :-

👉किसी तत्व पर अपनी विस्तृत टिप्पणी करना , हर पक्ष पर बात करना , उचित – अनुचित की समझ विकसित करना।
👉तार्किक रूप से किए गए विवेचन का कारण ढूंढना।
👉इसमें सीखने के लिए बच्चे खुद विवेचना करते हैं।

अर्थात विवेचनात्मक विधि में बच्चों को सिखाया जाता है कि उन्हें अपने विषय में गहराई से ज्ञान हो तभी बो विवेचना कर सकते हैं, अपने अनुभव के आधार पर तर्क विकसित कर सकते हैं, जिससे बच्चों में तार्किक क्षमता विकसित होती है, तथा अमूर्त चिंतन के माध्यम से बच्चा अपने विचारों (तर्क) के माध्यम से अपने विचारों को दूसरों के समक्ष रख सकते हैं।

2. निगमनात्मक विधि :-

शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञान सामान्य कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

3. विश्लेषण विधि Analysis Method :-

समस्या को हल करने की प्रक्रिया को छोटे-छोटे भागों में विभक्त कर उसका अध्ययन और विवेचना करते हुए काम करना हैं।

” *अनेक करके एक करना”*

4. संश्लेषण विधि Synthesis Method :-

इसमें ज्ञान, तथ्यों को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्रित करते हैं।

*”अनेक करके फिर एक करना”*

🌷 *संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के बाद होता है।🌷*

*प्रो. यंग (yung) के अनुसार :* –

” *संश्लेषण विधि से सूखी घांस से तिनका बाहर निकाला जा सकता है लेकिन , विश्लेषण विधि से स्वयं तिनका घांस से बाहर निकलना चाहता है ।”*

🌷 *शिक्षण की रणनीतियाँ* 🌷

1. *एकतंत्रिय शिक्षण *रणनीति*
*Unitary Teaching Strategy*

2. *लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति*
*Democratic Teaching Strategy*

*1. एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति :-*

👉यह रणनीति पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है।
👉इस रणनीति में शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण होता है।
👉इस रणनीति में छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होती है।

*2. लोकतंत्रिय शिक्षण तकनीकी :-*

👉इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रहता है 👉और बच्चों का शिक्षकों से अधिक संवाद होता है।
👉शिक्षक मार्गदर्शक या प्रशिक्षक होता है।
👉छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है।
👉यह बाल केंद्रित है । और बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करता है।

🌹✒️✒️ *Notes by – जूही* *श्रीवास्तव* ✒️✒️🌹

🌊शिक्षण( teaching)🌀

🌹 मानसिक पद्धति🌷
🌾🍁निगमनात्मक पद्धति ~~शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की व प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञात सामान्य कथनों के आधार पर किसी निश्चित निष्कर्ष पर पहुंचते हैं। जैसे- किसी स्थान पर जाना है तो गूगल मैप से उस स्थान पर पहुंच जाते हैं इससे बच्चों में मूर्त अनुभव विकसित होता है।

☀️विश्लेषण विधि ~
समस्या को हल करने की प्रक्रिया छोटे -छोटे भाग में विभक्त कर उसका अध्ययन और विवेचना करते हुए काम करते हैं।
जैसे- किसी कार्य को किए तथा उसका रिजल्ट अच्छा / खराब हुआ तो हम उन सभी तथ्यों पर डिफाइन करते हैं कि क्यों हमारा रिजल्ट अच्छा हुआ /खराब हुआ ।, क्या कारण है, किस जगह हम achieve नहीं किए / achieve किये , अगर नहीं तो क्यों नहीं कर पायें, अगर किए तो क्यो ??इत्यादि। यह सभी विश्लेषण विधि के अंतर्गत आते हैं।

🌴संश्लेषण विधि ~ इसमें ज्ञात तथ्यों को निर्णय तक पहुंचाने के लिए एकत्रित करते हैं। मतलब किसी चीजों को जो अलग-अलग हैं उन्हें इकट्ठा करना ही संश्लेषण कहते हैं। जैसे- माना कोई circuit हैं जो खराब हो गया तो सबसे पहले हम उसका विश्लेषण करने तथा उन सभी चीजों फिर से जोड़ेगे। यह जो जोड़ना है इसे संश्लेषण विधि कहते हैं।

🌲प्रोफेसर यंग महोदय का statment~~
इसके अनुसार संश्लेषण विधि से सूखी घास से तिनका बाहर निकाला जा सकता है लेकिन विश्लेषण विधि से स्वयं तिनका बाहर निकलना चाहता है।
जो संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए।

🌾🍁संश्लेषण और विश्लेषण एक दूसरे के पूरक है जैसे किसी कार्य को करते हैं तो उस कार्य में संश्लेषण और विश्लेषण करना जरूरी है।

💐शिक्षण की रणनीतियां
शिक्षण रणनीतियों दो प्रकार के होते हैं
👉(1) एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति
👉(2) लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति

🍂☘️एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति ~~~~
यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती हैं इस तकनीक में शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण होती हैं और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं है। मतलब इसमें छात्र का कोई रोल नहीं होता हैं जो भी कार्य करता हैं शिक्षक ही। इसमें शिक्षक सक्रिय होते हैं।

🍁🌾लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति ~~~~~~
इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रखता है शिक्षको से अधिक संबंध होता हैं शिक्षक मार्गदर्शक या प्रशिक्षक होता हैं। छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है यह बाल केंद्रित है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए काम करता हैं।

🙏💫🌟🌻🌻Notes by-SRIRAM PANJIYARA💫🌟🥀🌻🙏

🔆 शिक्षण और अधिगम की पद्धतियां

⚜️ निगमनात्मक पद्धति ➖

शिक्षण अधिगम के अंदर तर्क की वह प्रक्रिया जिसमें एक या अधिक ज्ञात सामान्य कथनों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचते हैं।

▪️निगमनात्मक पद्धति में यदि शिक्षण कार्य किया जाता है तो इसमें छात्र किसी चीज को याद करता है या किसी चीज को देखकर ध्यान में रखता है अर्थात छात्र चीजों को अमूर्तता से मुर्तत्ता में लाते हैं।

▪️यह किसी भी कार्य किसी भी चीज को जो नहीं पता होती है मतलब अज्ञात के द्वारा जो चीजें पता हो जाती हैं अर्थात ज्ञात की ओर पहुंचते हैं।

▪️ यह पद्धति मानसिक पद्धति कहलाती है जिसमें मानसिक तत्व स्थिति मस्तिष्क में रखना और उसके हिसाब से कार्य करना जरूरी होता है।

▪️निगमन विधि किसी भी चीज की वास्तविकता होने में विश्वास करती है यदि बच्चे को पढ़ाया जा रहा है उसे केवल बताकर नहीं बल्कि निगमन विधि दिखाकर पढ़ाया जाए तो यह काफी प्रभावी होगी।

▪️ इसे एक उदाहरण के माध्यम से समझा जा सकता है जैसे
यदि हम किसी स्थान पर जाना चाहते हैं लेकिन उस स्थान पर हम नहीं पहुंच पाते हैं या उस स्थान तक पहुंचने का रास्ता हम नहीं जानते हैं तो किसी से पूछ कर या जानकर या बताए गए रास्तों या नियमों के आधार पर उस स्थान को ढूंढ लेते हैं और वहां तक पहुंच जाते हैं।

⚜️ विश्लेषण विधि➖

समस्या को हल करने की प्रक्रिया, छोटे-छोटे भाग में विभक्त कर उसका अध्ययन व विवेचना करते हैं और उस पर कार्य करते हैं।

किसी भी चीज को फैला देना/ एक एक भाग को अलग कर देना /बांट देना या विखंडन कर देना विश्लेषण कहलाता है।

किसी भी समस्या का उचित समाधान निकालने के लिए उस समस्या का विश्लेषण करते हैं मतलब उस समस्या के कारणों को / तथ्यों को / हर एक पक्ष/ हर एक बिंदु, जिसकी वजह से समस्या उत्पन्न हुई है अर्थात समस्या की जड़ तक पहुंचते हैं जिससे जो समस्या है उसका उचित समाधान निकाला जा सके।
जो भी उचित कारण जान जाते हैं उसके समस्त भागों को एक साथ यह संश्लेषित कर लेते हैं फिर उस समस्या का समाधान निकाल लेते हैं।

जैसे
एक इलेक्ट्रीशियन बिजली के किसी उपकरण के खराब हो जाने पर उस उपकरण के सभी पू्र्रजो को देखता है या उसकी कमी और खराबी का पता लगाकर उसे ठीक कर वापस एक्सार या एकत्रित कर फिर से एक संश्लेषित रूप में उपकरण चालू कर देता है ।

⚜️ संश्लेषण विधि➖

इसके अंतर्गत जो चीजें हमारी जानकारी में है या ज्ञात तथ्यों को निर्माण तक पहुंचने के लिए एकत्रित करते हैं इस विधि द्वारा निर्णय तक पहुंचा जा सकता है।

▪️ प्रोफेसर यंग के अनुसार➖

संश्लेषण विधि में सूखी घास से एक तिनका बाहर निकाला जाता है लेकिन विश्लेषण विधि में स्वयं तिनका बाहर निकलना चाहता है।

“संश्लेषण का कार्य विश्लेषण के पश्चात होना चाहिए मतलब जब तक आप किसी चीज का विश्लेषण करेंगे तभी उसे बेहतर रूप से संश्लेषित कर पाएंगे।

यह दोनों ही विधियां( संश्लेषण और विश्लेषण) एक दूसरे के पूरक/ जुड़े हुए या एक दूसरे पर आधारित या एक दूसरे को प्रभावित करते हैं किसी भी प्रकार की प्रक्रिया में विश्लेषण और संश्लेषण दोनों होने पर ही प्रक्रिया ठीक प्रकार से पूरी होती है।

🔆 शिक्षण की रणनीतियां➖
(Strategies of teaching)
यह दो प्रकार की होती हैं।
1 एक तांत्रिक शिक्षण रणनीति
2 लोकतांत्रिक शिक्षण रणनीति

🔱 1 एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति➖
(Unitary teaching strategy)

यह रणनीति शिक्षक के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस तकनीक में शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति होती है।
अर्थात शिक्षण प्रक्रिया का संचालन शिक्षक के हिसाब से वह *शिक्षक केंद्रित* होता है।

🔱2 लोकतांत्रिक शिक्षण रणनीति
(Democratic teaching strategy)➖

इसरो ने नीति में बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रहता है छात्र का शिक्षण से किसी भी विषय पर अधिक संवाद होता है।
छात्र किसी भी विषय पर अपने मत और शिक्षक अपना मत रखता है और जहां सुधार की आवश्यकता होती है उसे करते हुए आगे बढ़ता है।

शिक्षक एक मार्गदर्शक या प्रशिक्षक के रूप में होता है छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता भी विकसित होती है ।
यह रणनीति *बाल केंद्रित* और बच्चे के सर्वागीण विकास के लिए कार्य करती है।

✍🏻
*Notes By-Vaishali Mishra*

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