शिक्षा का अधिकार अधिनियम – 2009
Right to Education – 2009
(RTE ACT 2009)⭐⭐⭐(18 Jan 21)
_____________________________
🌱संविधान के 86 में संशोधन, 2002 ने भारत के संविधान में अंतः स्थापित अनुच्छेद 21(क), ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है।
↪️मौलिक अधिकार के रूप में 6 से 14 वर्ष के आयु समूह के बच्चे को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है।👁️‍🗨️

🌱निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए RTE Act 2009 में बच्चे का अधिकार, अनुच्छेद 21(क) के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है।
↪️ इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल, जो अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है, में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।👁️‍🗨️

🌱 अनुच्छेद 21(क) और RTE Act अधिनियम 1 April 2010 को लागू हुआ। RTE अधिनियम के शीर्षक में “निःशुल्क और अनिवार्य” शब्द सम्मिलित है।

↪️ ⏩🌱*निशुल्क शिक्षा* का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिल किया गया है, को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है, किसी किस्म की फीस या प्रभातिया व्यय जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके, अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

↪️⏩🌱*अनिवार्य शिक्षा* – उचित सरकार और स्थानीय पदाधिकारियों पर 6 से 14 आयु समूह के सभी बच्चे को प्रवेश,उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है।👁️‍🗨️

💩💩इससे भारत अधिकार आधारित जांच के लिए आगे बढ़ा है और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21(क) में यथा प्रतिष्ठित बच्चे के इस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है।👁️‍🗨️

🌱🌱RTE Act के प्रावधान
⚠️RTE Act निम्नलिखित का प्रावधान करता है-

0️⃣1️⃣⚠️किसी पड़ोस के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक “निशुल्क और अनिवार्य” शिक्षा के लिए बच्चे का अधिकार।

0️⃣2️⃣⚠️यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए और अनिवार्य प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का सुनिश्चित करने के लिए, उचित सरकार की बाध्यता।

↪️🌿 *निशुल्क का तात्पर्य* यह है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने और पूरा करने से रोकने वाली फीस या प्रभार व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा।

0️⃣3️⃣⚠️यह गैर प्रवेश (जो प्रवेश नहीं लिए हैं) दिए गए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए जाने का प्रावधान करता है।

0️⃣4️⃣⚠️यह *निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा* प्रदान करने में उचित सरकारों, स्थानीय प्राधिकारी और अभिभावकों के कर्तव्य और दायित्व को, केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारी को बांटते हैं।

0️⃣5️⃣⚠️यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र शिक्षक अनुपात, भवन और संरचना, स्कूल के कार्य दिवस, शिक्षा के कार्य के घंटों से संबंधित मानदंड और मानक को निर्धारित करता है।

0️⃣6️⃣⚠️छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है। अध्यापक की तैनाती में शहरी-ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है। यह 10 वर्षीय जनगणना, स्थानीय प्राधिकरण, राज्य विधानसभा और संसद के लिए चुनाव, आपदा राहत को छोड़कर किसी गैर शैक्षिक कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है।

0️⃣7️⃣⚠️यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है अर्थात अपेक्षित प्रवेश और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक

0️⃣8️⃣⚠️🚫मना है-?
🚫1🚫शारीरिक दंड मानसिक उत्पीड़न।
🚫2🚫बच्चे को प्रवेश के लिए अन्वीक्षण प्रक्रिया।
🚫3🚫प्रति व्यक्ति शुल्क।
🚫4🚫अध्यापकों का निजी ट्यूशन।
🚫5🚫 बिना मान्यता का स्कूल चलाना।

0️⃣9️⃣⚠️संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो। बच्चे का समग्र विकास, बच्चे का ज्ञान, संभावना, प्रतिभा निखारना, मित्रवत प्रणाली, एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चे की डर, चोट, चिंता से मुक्त करना।
🙏🙏

📕📓📗🇮🇳🇮🇳🇮🇳📙📙📘
✍️Notes By Awadhesh Kumar ✍️👁️‍🗨️
🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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🌼🌼🌼शिक्षा का अधिकार अधिनियम – 2009
🌼🌼Right to Education – 2009
(RTE ACT 2009)(18 Jan 21)
🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼🌼

🌼🌼संविधान के 86 वे संशोधन, 2002 ने भारत के संविधान में अंतः स्थापित अनुच्छेद 21(क), ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है।

🌼🌼मौलिक अधिकार के रूप में 6 से 14 वर्ष के आयु समूह के बच्चे को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है।

🌼🌼निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए RTE Act 2009 में बच्चे का अधिकार, अनुच्छेद 21(क) के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है।

🌼🌼इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल, जो अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है, में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।

🌼🌼 अनुच्छेद 21(क) और RTE Act अधिनियम 1 April 2010 को लागू हुआ। RTE अधिनियम के शीर्षक में “निःशुल्क और अनिवार्य” शब्द सम्मिलित है।

🌼🌼”निशुल्क शिक्षा” का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिल किया गया है, को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है, किसी किस्म की फीस या प्रभातिया व्यय जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके, अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

🌼🌼”अनिवार्य शिक्षा” – उचित सरकार और स्थानीय पदाधिकारियों पर 6 से 14 आयु समूह के सभी बच्चे को प्रवेश,उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है।

🌼🌼इससे भारत अधिकार आधारित जांच के लिए आगे बढ़ा है और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21(क) में यथा प्रतिष्ठित बच्चे के इस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है।

🌼🌼RTE Act के प्रावधान🌼🌼🌼
🌼RTE Act निम्नलिखित का प्रावधान करता है-

🌼🌼1.किसी पड़ोस के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक “निशुल्क और अनिवार्य” शिक्षा के लिए बच्चे का अधिकार।

🌼🌼2.यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए और अनिवार्य प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का सुनिश्चित करने के लिए, उचित सरकार की बाध्यता।

🌼🌼 “निशुल्क का तात्पर्य” यह है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने और पूरा करने से रोकने वाली फीस या प्रभार व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा।

🌼🌼3.यह गैर प्रवेश (जो प्रवेश नहीं लिए हैं) दिए गए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए जाने का प्रावधान करता है।

🌼🌼4.यह “निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा” प्रदान करने में उचित सरकारों, स्थानीय प्राधिकारी और अभिभावकों के कर्तव्य और दायित्व को, केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारी को बांटते हैं।

🌼🌼5.यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र शिक्षक अनुपात, भवन और संरचना, स्कूल के कार्य दिवस, शिक्षा के कार्य के घंटों से संबंधित मानदंड और मानक को निर्धारित करता है।

🌼🌼6.छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है। अध्यापक की तैनाती में शहरी-ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है। यह 10 वर्षीय जनगणना, स्थानीय प्राधिकरण, राज्य विधानसभा और संसद के लिए चुनाव, आपदा राहत को छोड़कर किसी गैर शैक्षिक कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है।

🌼🌼7.यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है अर्थात अपेक्षित प्रवेश और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक

🌼🌼🌼🌼8.मना है-?🌼🌼🌼
🌼1.शारीरिक दंड मानसिक उत्पीड़न।
🌼2.बच्चे को प्रवेश के लिए अन्वीक्षण प्रक्रिया।
🌼3.प्रति व्यक्ति शुल्क।
🌼4.अध्यापकों का निजी ट्यूशन।
🌼5. बिना मान्यता का स्कूल चलाना।

🌼🌼संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो। बच्चे का समग्र विकास, बच्चे का ज्ञान, संभावना, प्रतिभा निखारना, मित्रवत प्रणाली, एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चे के डर , चोट, चिंता से मुक्त करना ।।

🌼🌼🌼manjari soni🌼🌼🌼
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🌀 RTE ACT – 2009 🌀
( Right to Educational Act )
💥शिक्षा का अधिकार अधिनियम💥

💫संविधान के 86 वे संशोधन 2002 ने भारत संविधान में अत: स्थापित अनुच्छेद 21 (क) (A) ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है | मौलिक अधिकार के रूप में 6-14 वर्ष आयु समूह के बच्चे को मुफ्त / अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है |
💫 नि : शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए RTE ACT 2009 में बच्चे का अधिकार अनुच्छेद 21 (A) के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है |
इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल जो अनिवार्य मानदंडो और मानको को पूरा करता है इसमें संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है |

💫अनुच्छेद 21 (A) और RTE Act अनिवार्य 1 अपैल 2010 को लागू हुआ |RTE अधिकार के शीर्षक में ” नि: शुल्क ” और “अनिवार्य” शब्द सम्मलित है |
नि: शुल्क शिक्षा का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके माता – पिता द्वारा स्कूल में दाखिल किया गया है को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नही है, किसी किस्म की फीस या प्रभार या व्यय जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके अदा करने के लिए उत्तरदायी नही होगा |

💫अनिवार्य शिक्षा ➖ उचित सरकार और स्थानीय प्राधिकारियो पर 6-14 आयु समूह के सभी बच्चे को प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान करने और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है |
💫 इससे भारत अधिकार आधारित ढा़चे के लिए आगे बढा़ है और RTE अधिनियम के प्रावधानो के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21 (A) में यथा प्रतिष्ठित बच्चे के इस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केन्द्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है |

💥RTE Act निम्नलिखित का प्रावधान करता है –
1⃣ किसी पडो़स के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक नि : शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए बच्चो का अधिकार है|
2⃣ यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य 6-14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को नि : शुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने और अनिवार्य प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने को सुनिश्चित करने के लिए उचित सरकार की बाध्यता से है |
नि :शुल्क का तात्पर्य यह है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने पूरी करने से रोकने वाली फीस या प्रभार या व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदायी नही होगा |
3⃣ यह गैर प्रवेश दिए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए जाने का प्रावधान करता है |
4⃣ यह नि : शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने उचित सरकारो स्थानीय प्राधिकारी और अभिभावको के कर्तव्यों और दायित्वों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारियों को बांटता है |
5⃣ यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र शिक्षक अनुपात भवन / संरचना स्कूल के कार्य दिवस शिक्षक के कार्य के घंटों घंटों से संबंधित मानदंड और मानक निर्धारित करता है |
6⃣ छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है अध्यापक की तैनाती में शहरी संतुलन को सुनिश्चित करता है यह दस वर्षीय जनगणना स्थानीय प्राधिकरण राज्य विधानसभा और संसद के लिए चुनाव आपदा राहत को छोड़कर गैर शैक्षिक कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है |
7⃣ यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है अर्थात अपेक्षित प्रवेश और और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक |
8⃣ मना है –
▪ शारीरिक दंड मानसिक उत्पीड़न
▪ बच्चे को प्रवेश के लिए अनुवेक्षण प्रक्रियाए
▪ प्रति व्यक्ति शुल्क
▪अध्यापकों द्वारा निजी ट्यूशन
▪ बिना मान्यता के स्कूल चलाना
9⃣ संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो बच्चे का समग्र विकास बच्चे का ज्ञान संभावना , प्रतिभा निखारना , मित्रवत प्रणाली , एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चे का डर चोट चिंता चिंता से मुक्त करना |
💫 Notes by ➖ Ranjana Sen

🔅 *R T E Act 2009* 🔅 *{Right to education Act },{ शिक्षा का अधिकार अधिनियम }* ☑️ *संविधान के 86 वें संशोधन ,2002 में भारत के संविधान में अंत:स्थापित अनुच्छेद 21 (क)(A), ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है ।* ➡️ मौलिक अधिकार के रूप में 6 -14 वर्ष आयु समूह के बच्चे को मुफ्त या अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है । निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए आरटीई एक्ट 2009 में बच्चे का अधिकार ,अनुच्छेद 21(A)के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है । इसका अर्थ है – कि औपचारिक स्कूल ,जो अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है ,में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है । *अनुच्छेद 21(A) और आरटीई एक्ट अधिनियम 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ* आरटीई अधिनियम के शीर्षक में “निशुल्क “और “अनिवार्य “शब्द सम्मिलित है निशुल्क शिक्षा का तात्पर्य यह है कि , किसी बच्चे जिसके माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिला किया गया है , को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है ; किसी किस्म की फीस या प्रभार या जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा ⚜️ *अनिवार्य शिक्षा* ➖ उचित सरकार और स्थानीय प्राधिकारियों पर 6 – 14 आयु समूह के सभी बच्चे को प्रवेश, उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान करने और सुनिश्चित करने का करने की बाध्यता रखता है । इसमें भारत अधिकार आधारित ढांचे के लिए आगे बढ़ा है , और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21(A) में यथा प्रतिष्ठित बच्चे के इस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है । ⚜️ *आरटीई एक्ट निम्नलिखित का प्रावधान करता है* 1️⃣ किसी पड़ोस के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए बच्चों का अधिकार । 2️⃣ यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य 6 – 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निशुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने , अनिवार्य प्रवेश ,उपस्थिति, और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने को सुनिश्चित करने के लिए उचित सरकार की बाध्यता से है । ➡️ निशुल्क शिक्षा का तात्पर्य है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने और पूरा करने से रोकने वालों रोकने वालों फीस या प्रभार या व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा । 3️⃣ यह गैर प्रवेश दिए गए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए जाने का प्रावधान करता है । 4️⃣ यह निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने में उचित सरकारों , स्थानीय प्राधिकारी , और अभिभावकों कर्तव्यों और दायित्वों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारी को बांटता है । 5️⃣ यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र – शिक्षक अनुपात , भवन / संरचना , स्कूल के कार्य दिवस शिक्षक के कार्य के घंटों से संबंधित जो मानदंड और मानक को निर्धारित करता है । 6️⃣ छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है , अध्यापक की तैनाती में शहरी ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है – यह 10 वर्षीय जनगणना , स्थानीय प्राधिकरण , राज्य विधानसभा और संसद के लिए चुनाव , आपदा राहत को छोड़कर गैर शैक्षिक कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है । 7️⃣ यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है । अर्थात अपेक्षित प्रवेश और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक 8️⃣ *मना है* ➖ 1 शारीरिक दंड / मानसिक उत्पीड़न 2 बच्चों को प्रवेश के लिए अनुवेक्षण प्रक्रियाएं 3 अध्यापकों द्वारा निजी ट्यूशन 4 बिना मान्यता के स्कूल चलाना 9️⃣ संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो । बच्चे का समग्र विकास , बच्चे का ज्ञान , संभावना , प्रतिभा निखार- ना ,मित्रवत प्रणाली ,एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चों को डर ,चोट, चिंता से मुक्त करना। धन्यवाद ✍️✍️ notes ,by PRAGYA SHUKLA

🔷🔷🔷🔷आरटीई एक्ट 2009
(right to education act)
🔷🔷🔷🔷 शिक्षा का अधिकार अधिनियम

संविधान के 86 वें संशोधन 2002 में भारत के संविधान में 21a अंतः स्थापित अनुच्छेद 21 A. ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है मौलिक अधिकार के रूप में 6 से 14 वर्ष के आयु समूह के बच्चों को मुफ्त या अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है

निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए आरटीई एक्ट 2009 में बच्चे का अधिकार अनुच्छेद 21a के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है

इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल जो अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्ण काले प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है

21A 2002 और आरटीई एक्ट 2009 दोनों ही 1 अप्रैल 2010 में लागू किए गए

आरटीई अधिनियम के शीर्षक में निशुल्क और अनिवार्य शब्द सम्मिलित है

निशुल्क शिक्षा का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिल किया गया है को छोड़कर कोई बच्चा उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है किसी किस्म की फीस या प्रभार या वह जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा

अनिवार्य शिक्षा:- उचित सरकार और स्थानीय प्राधिकारी यों पर 6 से 14 आयु समूह के सभी बच्चों को प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान करने और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है

इससे भारत अधिकार आधारित ढांचे के लिए आगे बढ़ा है और आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21 Aप्रतिष्ठित बच्चे के इस नैतिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है

आरटीई एक्ट निम्नलिखित का प्रावधान करता है:-
1 किसी पड़ोस के स्कूल से प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए बच्चों का अधिकार

2 यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य स्थित का तात्पर्य है 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निशुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने अनिवार्य प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने की सुनिश्चित करने के लिए उचित सरकार की बाध्यता से हैं

निशुल्क का तात्पर्य है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने और पूरा करने से रोकने वाली फीस या प्रकार या व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा

3यह गैर प्रवेश दिए गए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए गए जाने का प्रावधान करता है

4 यह निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने में उचित सरकारी स्थानीय प्राधिकारी और अभिभावकों कर्तव्य और दायित्व और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारी को बांटता है

5 यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र शिक्षक अनुपात भवन संरचना स्कूल के कार्य दिवस शिक्षक के कार्य के घंटों से संबंधित मानदंड और मानव को निर्धारित करता है

6 छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है अध्यापक की तैनाती में शहरी ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है यह 10 वर्षीय जनगणना स्थानीय प्राधिकरण राज्य विधान सभा और संवाद के लिए चुनाव आपदा राहत को छोड़कर गैर शैक्षिक कार्य के लिए अध्यापक को तैनाती का निषेध करता है

7 यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है अर्थात आपेक्षित प्रवेश और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक

8 मना है:- शारीरिक दंड मानसिक उत्पीड़न बच्चे को प्रवेश के लिए अनुवेक्षण प्रतिक्रियाएं प्रति व्यक्ति शुल्क अध्यापकों द्वारा निजी ट्यूशन बिना मान्यता के स्कूल चलाना

9 संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो बच्चों का समग्र विकास बच्चों का ज्ञान संभावना प्रतिभा निखार ना मित्रवत प्रणाली एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चे की दर चोट चिंता से मुक्त करना

🍃🍃🍃🍃🔷🔷🔷🔷🔷🔷🔷🔰🔰🔰🔰🔰🍃🍃सपना साहू 🍃🍃🍃🍃🍃🔰🔰🔰🔷🔷🔷

[18/01, 20:10] +91 79050 03729: 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम – 2009
Right to Education – 2009
(RTE ACT 2009)⭐⭐⭐(18 Jan 21)
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🌱संविधान के 86 वें संशोधन, 2002 ने भारत के संविधान में अंतः स्थापित अनुच्छेद 21(क), ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है।
↪️मौलिक अधिकार के रूप में 6 से 14 वर्ष के आयु समूह के बच्चे को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है।👁️‍🗨️

🌱निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए RTE Act 2009 में बच्चे का अधिकार, अनुच्छेद 21(क) के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है।
↪️ इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल, जो अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है, में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।👁️‍🗨️

🌱 अनुच्छेद 21(क) और RTE Act अधिनियम 1 April 2010 को लागू हुआ। RTE अधिनियम के शीर्षक में “निःशुल्क और अनिवार्य” शब्द सम्मिलित है।

↪️ ⏩🌱*निशुल्क शिक्षा* का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिल किया गया है, को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है, किसी किस्म की फीस या प्रभातिया व्यय जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके, अदा करने के लिए उत्तरदायी नहीं होगा।

↪️⏩🌱*अनिवार्य शिक्षा* – उचित सरकार और स्थानीय पदाधिकारियों पर 6 से 14 आयु समूह के सभी बच्चे को प्रवेश,उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है।👁️‍🗨️

💩💩इससे भारत अधिकार आधारित जांच के लिए आगे बढ़ा है और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21(क) में यथा प्रतिष्ठित बच्चे के इस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है।👁️‍🗨️

🌱🌱RTE Act के प्रावधान
⚠️RTE Act निम्नलिखित का प्रावधान करता है-

0️⃣1️⃣⚠️किसी पड़ोस के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक “निशुल्क और अनिवार्य” शिक्षा के लिए बच्चे का अधिकार।

0️⃣2️⃣⚠️यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए और अनिवार्य प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का सुनिश्चित करने के लिए, उचित सरकार की बाध्यता।

↪️🌿 *निशुल्क का तात्पर्य* यह है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने और पूरा करने से रोकने वाली फीस या प्रभार व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा।

0️⃣3️⃣⚠️यह गैर प्रवेश (जो प्रवेश नहीं लिए हैं) दिए गए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए जाने का प्रावधान करता है।

0️⃣4️⃣⚠️यह *निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा* प्रदान करने में उचित सरकारों, स्थानीय प्राधिकारी और अभिभावकों के कर्तव्य और दायित्व को, केंद्र तथा राज्य सरकार के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारी को बांटते हैं।

0️⃣5️⃣⚠️यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र शिक्षक अनुपात, भवन और संरचना, स्कूल के कार्य दिवस, शिक्षा के कार्य के घंटों से संबंधित मानदंड और मानक को निर्धारित करता है।

0️⃣6️⃣⚠️छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है। अध्यापक की तैनाती में शहरी-ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है। यह 10 वर्षीय जनगणना, स्थानीय प्राधिकरण, राज्य विधानसभा और संसद के लिए चुनाव, आपदा राहत को छोड़कर किसी गैर शैक्षिक कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है।

0️⃣7️⃣⚠️यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है अर्थात अपेक्षित प्रवेश और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक

0️⃣8️⃣⚠️🚫मना है-?
🚫1🚫शारीरिक दंड मानसिक उत्पीड़न।
🚫2🚫बच्चे को प्रवेश के लिए अन्वीक्षण प्रक्रिया।
🚫3🚫प्रति व्यक्ति शुल्क।
🚫4🚫अध्यापकों का निजी ट्यूशन।
🚫5🚫 बिना मान्यता का स्कूल चलाना।

0️⃣9️⃣⚠️संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो। बच्चे का समग्र विकास, बच्चे का ज्ञान, संभावना, प्रतिभा निखारना, मित्रवत प्रणाली, एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चे की डर, चोट, चिंता से मुक्त करना।
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✍️Notes By Awadhesh Kumar ✍️👁️‍🗨️
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[18/01, 21:26] 95841 16666: 🔥🔥🔥RTE ACT 2019
(Right to education act)➖ शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2019

🖊️ संविधान के 86 वे संशोधन 2002 में भारत के संविधान में 21a अंत: स्थापित अनुच्छेद 21A ऐसे ढंग से जैसे कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है । मौलिक अधिकार के रूप में 6 से 14 वर्ष की आयु समूह के बच्चों को मुफ्त या अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान है।

🖊️इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल को अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है,में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारम्भिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।

🖊️अनुच्छेद 21(क) और RTE act अधिनियम 1अप्रैल 2010को लागू हुआ। RTE अधिनियम के शीर्षक में “निः शुल्क और अनिवार्य”शब्द सम्मिलित है।

🖊️”नि:शुल्क शिक्षा “का तात्पर्य है। कि किसी बच्चे जिसके माता – पिता द्वारा 🏫 स्कूल में दाखिल किया गया है, को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है, किसी प्रकार की फीस या प्रभातिया व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं है

🖊️यह नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने में उचित सरकारों ,स्थानीय प्राधिकारी ,और अभिभावकों कर्तव्यों और दायित्वों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारी को बाटता है।

🖊️अन्य कार्यों के साथ – साथ छात्र शिक्षक अनुपात , भवन संरचना , स्कूल के कार्य दिवस शिक्षक के कार्य के घंटो से सम्बन्धित जो मानदंड और मानक को निर्धारित करता है ।

🖊️छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है, अध्यापक की तैनाती में शहरी ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है ,यह 10वर्षीय जनगणना ,स्थानीय प्राधिक रण ,राज्य विधानसभा और सांसद के लिए चुनाव,आपदा राहत को छोड़कर गैर शिक्षक कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है।

🖊️यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित शिक्षको की नियुक्ति का प्रावधान करता है। अर्थात अपेक्षित प्रवेश के शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक माना है।

🖊️1शारीरिक /मानसिक उत्पीड़न

2बच्चों को प्रवेश के लिए अनुवेक्षण प्रक्रियाएं

3अध्यापकों द्वारा निजी ट्यूशन

4बिना मान्यता के स्कूल चलाना

🖊️संविधान के अनुशार पाठ्यक्रम में विकास हो । बच्चे का समग्र विकास ,बच्चे का ज्ञान, संभावना,प्रतिभा निखार, ना मित्रवत प्रणाली,एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चों को डर , चोट , चिंता से मुक्त करना ।🙏🙏

आरती सविता 🙏🙏🙏🙏🎉🎉🎉🎉

*शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009* 💥💥💥💥

*( right to education act -2009)*🔥🔥🔥🔥

*(rte act-2009)*👉

🔰संविधान के संशोधन 2002 में भारत के संविधान में अंतर स्थापित अनुच्छेद 21(a) ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है मौलिक अधिकार के रूप में 6 से 14 वर्ष के आयु समूह के सभी बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है।

💫 नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए आरटीई एक्ट 2009 में बच्चे का अधिकार, अनुच्छेद 21 (a) के तहत परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है।

💫इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल के जो अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है, संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है ।

💫 अनुच्छेद 21(a) और आरटीई एक्ट अधिनियम 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ आरटीई अधिनियम के शीर्षक में, “निशुल्क” और “अनिवार्य” शब्द सम्मिलित है।

💫निशुल्क शिक्षा का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिल किया गया है को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है किसी किस्म की वेश्या प्रभार या व्यस्त जो प्रासंगिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा।

💫अनिवार्य शिक्षा उचित सरकार और स्थानीय पदाधिकारियों पर 6 से 14 वर्ष समूह के सभी बच्चे को प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान करने और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है।

💫इसमें भारत अधिकार आधारित ढांचे के लिए आगे बढ़ा है और आरटीई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21(a) में यथा प्रतिष्ठित बच्चे के किस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानून बाध्यता रखता है।

🔰 *RTE act निम्नलिखित का प्रावधान करता है* 👉

💫1. किसी पड़ोस के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए बच्चों का अधिकार।

💫2. यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निशुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने अनिवार्य प्रवेश उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने को सुनिश्चित करने के लिए उचित सरकार की बाध्यता से है।
निशुल्क का तात्पर्य यह है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने और पूरा करने से रोकने वाले फीस या प्रभार या व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा।

💫3. यह गैर प्रवेश दिए गए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए जाने का प्रावधान करता है।

💫4. यह नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने में उचित सरकारी, स्थानीय प्राधिकारी और अभिभावकों और दायित्वों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच वित्तीय और आने जिम्मेदारी को बांटता है।

💫5. यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र शिक्षक अनुपात, भवन /संरचना, स्कूल के कार्य दिवस, शिक्षक के कार्य के घंटों से संबंधित मानदंड और मानक को निर्धारित करता है।

💫6. छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है। अध्यापक की तैनाती में शहरी ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है यह 10 वर्षीय जनगणना ,स्थानीय प्राधिकरण, राज्य विधानसभा और संसद के लिए चुनाव आपदा राहत को छोड़कर गैर शैक्षिक कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है।

💫7. उपायुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है अर्थात अपेक्षित प्रवेश और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक।

💫8. *मना है*

✨ शारीरिक दंड/ मानसिक उत्पीड़न

✨ बच्चे को प्रवेश के लिए अनुवेक्षण प्रक्रिया है

✨ प्रति व्यक्ति शुल्क

✨ अध्यापकों द्वारा निजी ट्यूशन

✨ बिना मान्यता के स्कूल चलाना

💫9. संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो बच्चे का समग्र विकास, बच्चे का ज्ञान, संभावना , प्रतिभा निखारने, मित्रवत प्रणाली, एक बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चे की डर, चोट,चिंता से मुक्त करना।

*Notes by Shreya Rai*🙏📝

⛳Right to Education-2009⛳ (शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009)

🌸संविधान के 86 वें संशोधन 2002 में भारत के संविधान में अंत: स्थापित अनुच्छेद 21(A), ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है कि मौलिक अधिकार के रूप में 6 से 14 वर्ष आयु समूह के बच्चों को नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है।

👉निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के लिए आरटीई एक्ट 2009 में बच्चे का अधिकार, अनुच्छेद 21(A) के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है।

👉इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल जो अनिवार्य मानदंडों को पूरा करता है में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।
👉आर्टिकल 21(A) और आरटीई एक्ट 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ।

आरटीई अधिनियम के शीर्षक में नि:शुल्क और अनिवार्य शब्द सम्मिलित है।

👉नि:शुल्क शिक्षा का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिला किया गया है को छोड़कर कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है, किसी किस्म की फीस या व्यय जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके(रूपये) अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगी।

👉अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य उचित सरकार और स्थानीय प्राधिकारीयो पर 6 से 14 वर्ष आयु समूह के सभी बच्चों को प्रवेश,उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान करने और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है।

👉इससे भारत अधिकार आधारित ढांचे के लिए आगे बढ़ा है और आरटीआई अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21(A) में यथा प्रतिष्ठित बच्चे (उसके अंदर आने वाले बच्चे) के इस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है।

🌸आरटीई 2009 के प्रावधान🌸
आरटीई 2009 निम्नलिखित प्रावधान करता है —

1. किसी पड़ोस के स्कूल में प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने तक नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा के लिए बच्चों का अधिकार।
2. यह स्पष्ट करता है कि अनिवार्य शिक्षा का तात्पर्य 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को नि:शुल्क प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने और अनिवार्य प्रवेश ,उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने को सुनिश्चित करने के लिए उचित सरकार की बाध्यता से है।
👉 नि:शुल्क का तात्पर्य यह है कि कोई भी बच्चा प्रारंभिक शिक्षा को जारी रखने और पूरा करने से रोकने वाली फीस या प्रभार या व्यय को अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगा।

3. यह गैर प्रवेश दिए गए बच्चे के लिए उचित आयु कक्षा में प्रवेश किए जाने का प्रावधान करता है ।

4. यह नि:शुल्क और अनिवार्य शिक्षा प्रदान करने में उचित सरकारी स्थानीय अधिकारी और अभिभावकों के कर्तव्यों, दायित्वों और केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच वित्तीय और अन्य जिम्मेदारी को बांटता है ।

5. यह अन्य कार्यों के साथ-साथ छात्र शिक्षक अनुपात, भवन और संरचना स्कूल के कार्य दिवस, शिक्षक के कार्य के घंटों से संबंधित मानदंड और मानक को निर्धारित करता है।

6. छात्र शिक्षक अनुपात सुनिश्चित करने के लिए अध्यापक की तैनाती का प्रावधान करता है। अध्यापक की तैनाती में शहरी ग्रामीण संतुलन को सुनिश्चित करता है।
👉यह 10 वर्षीय जनगणना, स्थानीय प्राधिकरण, राज्य विधानसभा और संसद के लिए चुनाव, आपदा राहत को छोड़कर, गैर सरकारी कार्य के लिए अध्यापक की तैनाती का निषेध करता है।

7. यह उपयुक्त रूप से प्रशिक्षित अध्यापकों की नियुक्ति का प्रावधान करता है अर्थात अपेक्षित प्रवेश और शैक्षिक योग्यता के साथ अध्यापक की नियुक्ति का प्रावधान करता है।

9.★मना है★—
– शारीरिक दंड, मानसिक उत्पीड़न।
-बच्चों को प्रवेश के लिए अनुवेक्षण प्रक्रियाएं
– प्रति व्यक्ति शुल्क
– अध्यापक द्वारा निजी ट्यूशन
-बिना मान्यता के स्कूल चलाना ।

10 संविधान के अनुसार पाठ्यक्रम में विकास हो और बच्चे का समग्र विकास, बच्चे का ज्ञान, संभावना, प्रतिभा निखारना, मित्रवत प्रणाली एवं बाल केंद्रित शिक्षा के माध्यम से बच्चे को डर, चोट, चिंता से मुक्त करना।

By Shivee Kumari😊
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🌼🌼Right to Education Act 2009🌼🌼

👉Article 21(A),embedded in the Constitution of India in the 86th Amendment 2002 of the Constitution,in a manner as prescribed by state law.As a fundamental right provides free and compulsory education to children in the age group of 6-14 years.

👉RTE Act 2009 for free and compulsory education,the right of the child represents the resulting legislation only under Article 21(A).

👉This means that a formal school that meets the mandatory criteria and standards,each child has the right to a full-time elementary education that is satisfactory and of equal quality.

👉Article 21(A) and RTE Act came into force on 1 April 2010.

👉”Free” and “Compulsory” in RTE Act title words are included.

👉”Free”education means any child with admitted to school by parents,except any child who is not supported by the appropriate government.Any fees or charges or expenses which prevent him from continuing and completing elementary education,there will be no answer to pay.

👉Compulsory education appropriate government and local authorities but all children in the age group of 6-14 are obliged to make provision and ensure admission,attendance and completion of elementary education.

👉With this,India has moved towards a rights-based framework,and in accordance with the provisions of the RTE Act,Article 21(A) of the Constitution places the legal obligation on the Central and State Government to implement this fundamental right of the child as distinguished.

🌼🌼शिक्षा का अधिकार अधिनियम2009🌼🌼

👉संविधान के 86 वें संशोधन 2002 में भारत के संविधान में अंतः स्थापित अनुच्छेद 21(क),ऐसे ढंग से जैसा कि राज्य कानून द्वारा निर्धारित करता है।मौलिक अधिकार के रूप में
6-14 वर्ष आयु समूह के बच्चे को मुफ्त व अनिवार्य शिक्षा का प्रावधान करता है।

👉निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के लिए RTE Act 2009
बच्चे का अधिकार,अनुच्छेद 21(क) के तहत ही परिणामी विधान प्रतिनिधित्व करता है।
👉 इसका अर्थ है कि औपचारिक स्कूल जो अनिवार्य मानदंडों और मानकों को पूरा करता है,में संतोषजनक और एक समान गुणवत्ता वाले पूर्णकालिक प्रारंभिक शिक्षा के लिए प्रत्येक बच्चे का अधिकार है।

👉अनुच्छेद 21(क) और RTE Act अधिनियम 1 अप्रैल 2010 को लागू हुआ।

👉RTE अधिनियम के शीर्षक में “निशुल्क” और “अनिवार्य”शब्द सम्मिलित हैं।

👉”निशुल्क” शिक्षा का तात्पर्य है कि किसी बच्चे जिसके
माता-पिता द्वारा स्कूल में दाखिल किया गया हो,को छोड़कर
कोई बच्चा जो उचित सरकार द्वारा समर्थित नहीं है।किसी किस्म की फीस या प्रभार या व्यय जो प्रारंभिक शिक्षा जारी रखने और पूरा करने से उसको रोके,अदा करने के लिए उत्तरदाई नहीं होगीं।

👉अनिवार्य शिक्षा उचित सरकार और स्थानीय प्राधिकारियों
पर 6-14 आयु समूह के सभी बच्चे को प्रवेश,उपस्थिति और प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने का प्रावधान करने और सुनिश्चित करने की बाध्यता रखता है।

👉इससे भारत अधिकार आधारित ढ़ांचे के लिए आगे बढ़ा है,और RTE अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार संविधान के अनुच्छेद 21(क) में यथा-प्रतिष्ठित बच्चे के इस मौलिक अधिकार को क्रियान्वित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकार पर कानूनी बाध्यता रखता है।

🙏Notes by-Preetam Srivastava🙏

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