📖 📖 शारीरिक विकास 📖 📖
( physical development)

🌺 🌺गर्भावस्था व भ्रूणावस्था 🌺 🌺

इसके अंतर्गत तीन अवस्थाएं हैं, जिसमें गर्भ के अंदर ही बालक का विकास होता है। जब बालक मां के गर्भ में ही होता है।

👉🏻 डिंबावस्था ~डिम्ब की अवस्था कहते है।
👉🏻 भ्रूणीय अवस्था ~ इस अवस्था में डिम्ब का विकास प्राणी के रूप में होने लगता है।
👉🏻भ्रूणावस्था ~ इस अवस्था में गर्भ मे 2 महीने से लेकर जन्म तक की अवस्था होती है।

🌷🌻🌷 भ्रूणावस्था में लम्बाई ~ 20 इंच,,
भार~ 6 – 7 पोण्ड।

👉🏻 बालक का रंग, त्वचा एवं शरीर के सभी अंगों का निर्माण गर्भ में ही हो जाता है।
👉🏻 माता के गर्भ में ही हम बालक की धड़कन को आसानी से सुन सकते हैं।

🌻🌺🌻 शैशवावस्था 🌻🌺🌻
( अध्ययन की दृष्टि से )
● उम्र – 0 – 5 वर्ष,
● वजन – 6 – 8 पोण्ड, ( 2.5 – 3.5 kg )
बालिकाओं में बालकों की अपेक्षा वजन कम होता है।
● 19 – 22 इंच, ( 48- 56 cm. )
बालिकाओं की लंबाई भी बालकों की अपेक्षा कम होती है।
● 3 – 4 वर्ष के बाद लड़कियों की लंबाई लड़कों की अपेक्षा अधिक हो जाती है।
● 5 वर्ष के अंत तक वजन – 38 – 40 पोण्ड ( 17 – 18 kg.)

🌲 सिर व मस्तिष्क का विकास~
जन्म के समय बच्चे के सिर का विकास उसके शरीर के विकास का एक चौथाई भाग (1/4) होता है।
🌲 हड्डियों का विकास~
जन्म के समय बालक की हड्डियां मुलायम व लचीले होती है।
जन्म के समय बच्चे में 270 – 300 हड्डियां पाई जाती है। और बाद में हड्डियों की संख्या 206 हो जाती है।
हड्डियों का विकास लड़कों में अपेक्षाकृत लड़कियों से तीव्र होता है।

🌷🌿🌷 अन्य कारक~
बालक के विकास से संबंधित कुछ अन्य महत्वपूर्ण तथ्य जो कि निम्नलिखित हैं~
🍂🍃 5 या 6 महीने से बच्चे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं। बच्चों में सबसे पहले नीचे के दांत आते हैं।
🍃🍂 4 वर्ष तक बच्चे के सारे अस्थाई आज निकल जाते हैं। इन अस्थाई दातों की संख्या 20 होती है।
🍂🍃 शिशुओं की धड़कन प्रारंभ में 140/मि. होती है। लेकिन 3 से 4 वर्ष तक 120/मि. हो जाती है। और उसके पश्चात 5 वर्ष तक 100/मि. हो जाती है।
🍃🍂 शैशवावस्था में बच्चों में यौन अंगों का विकास मंद गति से होता है।
🍂🍃 बालक का संपूर्ण विकास शैशवावस्था में ही सबसे तीव्र गति से होता है।

📚📚📘 समाप्त 📘📚📚
✍🏻 PRIYANKA AHIRWAR ✍🏻
🌻🌿🌺🙏🏻🌷🌻🌿🌺🙏🏻🌷🌻🌿🌺🙏🏻🌷🌻🌿🌺🙏🏻

✍️ शारीरिक विकास✍️
(physical Development)

💐 गर्भावस्था व भ्रूणावस्था 💐

इसके अंतर्गत तीन अवस्थाएं होती है जिसमें गर्भ के अंदर ही बालक का विकास होता है जब बालक मां के गर्भ में ही रहता है।

💎 डिंबावस्था- डिंब की अवस्था कहते हैं।

💎भ्रूणीय अवस्था- इस अवस्था में डिम्ब का विकास प्राणी के रूप में होता है।
💎भ्रुणावस्था- इस अवस्था में गर्भ में 2 महीने से लेकर जन्म तक की अवस्था होती है।

🌸 भ्रूणावस्था में बच्चे की लंबाई- 20 इंच ,वजन- 6-7 पौण्ड।

💎 बालक का रंग त्वचा एवं शरीर के सभी अंगो का निर्माण गर्भ में ही हो जाता है।
💎 बच्चे की धड़कन की आवाज आसानी से सुना जा सकता है।

🌴 अध्ययन की दृष्टि से
🌻💐 शैशवस्था🌻💐
ःशैशवावस्था की उम्र 0 से 5 साल तक होती है।
वजन -6-8 पोण्ड, (2.5-3.5kg)
बालिकाओं में बालकों की अपेक्षा वजन कम होती है।
5वर्ष के अन्त में 38-40 पोण्ड(17-18kg)
🌴लम्बाई जन्म के समय-19-22 Inch(48-56cm)
बालिकाओं की लंबाई भी बालकों की अपेक्षा कम होती है।
🌴3-4 वर्ष के बाद लड़कियों की लंबाई लड़कों की अपेक्षा अधिक हो जाती है।

🏵 सिर और मस्तिक 🏵
जन्म के समय बच्चे का सिर का विकास उसके शरीर के विकास का एक चौथाई भाग (1/4) होता हैं।
🌴 बच्चे के मस्तिष्क का वजन-350gm
🏵 हड्डियां🏵
जन्म के समय बालक की हड्डियां मुलायम व लचीले होती हैं।
🌴जन्म के समय बच्चे में 270-300 हड्डियां पाई जाती हैं और बाद में हड्डियों की संख्या 206 हो जाती है।
🌴हड्डियों का विकास लड़कों में अपेक्षाकृत लड़कियों में तीव्र होता है।

🏵अन्य कारक 🏵
बालक के विकास में से संबंधित कुछ अन्य कारक है जो कि निम्नलिखित हैं।
🌴5 या 6 महीने से बच्चे के दांत निकालना शुरू हो जाते हैं बच्चों में सबसे पहले नीचे के दांत आते हैं।
🌴4 वर्ष तक बच्चे के सारे अस्थाई दांत निकल जाते हैं इन अस्थाई दातों की संख्या 20 होती है।
🌴 शिशुओं की धड़कन प्रारंभ में 140 /मि.होती हैं।
🌴3 से 4 वर्ष तक 120/मि.हो जाती हैं।
🌴5 वर्ष तक 100/मि. हो जाती हैं।
🌴 शैशावस्था में बच्चों में यौन अंगों का विकास मंद गति से होता है।
🌴 शैशवावस्था में बच्चे का संपूर्ण विकास सबसे तीव्र गति से होता है।

Notes By :-Neha Roy🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

🔆बच्चे का शारीरिक विकास🔆

बच्चे का शारीरिक विकास अनेक अवस्थाओं से होते हुए गुजरता है किसी भी अवस्था को नकारा नहीं जा सकता है क्योंकि जब एक अवस्था पूरी होगी तभी दूसरी अवस्था को प्राप्त किया जा सकता है इसीलिए बच्चे के शारीरिक विकास के लिए अलग-अलग मनोवैज्ञानिकों ने अपने-अपने मत अलग-अलग मत दिए हैं लेकिन सामान्य अध्ययन के दृष्टि से विकास की विभिन्न अवस्थाएं होती है जो कि निम्न है

🎯 भ्रूणावस्था ➖

इस अवस्था में बच्चे को तीन अवस्थाओं से होकर गुजरना पड़ता है ➖

1) डिंम्बावस्था ➖
इस अवस्था में बच्चे का आकार डिम्ब के आकार का होता है अर्थात बच्चा डिंब की अवस्था में होता है |

2) भ्रूणीय अवस्था ➖
इस अवस्था में डिंब का विकास प्राणी के रूप में होता है |

3) भ्रूण अवस्था ➖
गर्भ में 2 महीने से लेकर जन्म लेने तक की अवस्था है भ्रूण अवस्था में बच्चे की लंबाई लगभग 20 इंच तक होती है तथा भार 6 से 7 पौंण्ड (1 pond =450gm) होता है |
जिसमें त्वचा, रंग सब कुछ का निर्माण हो जाता है तथा बच्चे की धड़कन को आसानी से सुना जा सकता है और एक व्यवस्थित बच्चे का जन्म होता है |

🎯 शैशवावस्था➖ जन्म से लेकर 5 वर्ष तक

1) लम्बाई और वजन ➖

इस अवस्था में बच्चे का जन्म के समय औसत वजन 6-7 पौण्ड और लम्बाई 20 इंच होती है जिसमें बालिकाओं का वजन और लम्बाईअपेक्षाकृत कम होती है लेकिन यह आवश्यक नहीं है कि बच्चे का वजन औसत ही हो किसी का कम तो किसी का अधिक हो सकता है इस अवस्था में बच्चा अलग-अलग प्रकार से विकास करता है |
अध्ययन की दृष्टि से शैशवावस्था को 0 – 5 वर्ष तक माना जाता है 5 वर्ष के अंत तक बच्चों का वजन 38 स- 40 पौण्ड या 17 – 18 kg हो जाता है |
जन्म के समय बच्चे की लंबाई सामान्यता है 19 – 22 इंच (48-56 CM) होती है जिसमें बालिकाओं की लंबाई कम होती है लेकिन 3-4 चार वर्ष के बाद बालिकाओं की लंबाई बालकों से अधिक हो जाती है |

2) बच्चे का सिर और मस्तिष्क➖
बच्चे का सिर जन्म के समय से शरीर के कुल लंबाई का एक चौथाई (1/4)भाग होता है बच्चे का जन्म के समय मस्तिष्क का वजन लगभग 350 ग्राम होता है |

3) हड्डियां ➖
जन्म के समय बच्चे की हड्डियां मुलायम और लचीली होती है जन्म के समय हड्डियों की कुल संख्या 270 होती है क्योंकि वे छोटी होती हैं और बाद में हड्डियां बड़ी हो तथा कम (206) हो जाती है क्योंकि पहले वह लचीली या मुलायम होती है |
लेकिन लड़कों की हड्डियां अपेक्षाकृत अधिक मजबूत होती है इसलिए उनका विकास जल्दी होता है और वह मजबूत होते चले जाते हैं जबकि लड़कियों की हड्डियां मुलायम और लचीली होती हैं |

4) अन्य कारक ➖

∆ दांत निकलना ➖
बच्चे के दांत सामान्यतः है 5 या 6 महीने में निकल जाते हैं सबसे पहले नीचे के दांत निकलना शुरू होते हैं |

∆ 4 वर्ष तक सारे स्थाई दांत निकल आते हैं जिनकी संख्या 20 होती है |

∆ शिशु की धड़कन प्रारंभ में 140 / मिनट होती है 3-4 वर्ष होने पर 120 / मिनट हो जाती है और 5 वर्ष तक 100/ मिनट हो जाती है |

∆ इस उम्र में यौन अंगों का विकास बहुत मंद गति से होता है |

𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮➖ 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙎𝙖𝙫𝙡𝙚

🌹🌻🍀🌺🌺🌸🌸🌻🌼🍀🌹

शारीरिक विकास (अध्ययन की दृष्टि से)

शैशवास्था-(0-5)
बाल्यावस्था-(5-12)
किशोरावस्था-(12-18)

बालक के शारीरिक विकास को निम्न अवस्था में बांटा गया है-

1.भ्रूणावस्था- बालक के गर्भधारण से लेकर जन्म लेने तक अवस्था भ्रूणावस्था कहलाती है।

इसे हम निम्नलिखित तीन भागों में बांट सकते हैं
1.डिंबावस्था -डिंब की अवस्था
2.भ्रूणीयावस्था- इसमें डिंब का विकास प्राणी के रूप में होता है।
3. भ्रूणावस्था- यह गर्भ में 2 महीने से जन्म लेने तक की अवस्था है

👉भ्रूणावस्था में शिशु की लंबाई 20 इंच और भार 6 से 7 पौंड होता है ‌।
👉इस अवस्था मे शिशु के त्वचा,हाथ,पैर, सिर, रंग आदि संपूर्ण शरीर का निर्माण हो जाता है।
👉 इस अवस्था में बच्चे की धड़कन को आसानी से सुना जा सकता है

2. शैशवास्था(0-5)

शैशवावस्था में शारीरिक विकास निम्न प्रकार होता है-

वजन-
1.जन्म के समय शिशु का वजन 6 से 8 पौंड होता है अर्थात 2.5 से‌ 3.5 किलो
2. बालिकाओं का वजन अपेक्षाकृत कम होता है
3. 5 वर्ष के अंत में वजन 38 से 40 पौंड हो जाता है अर्थात 17 से 18 किलोग्राम हो जाता है

लंबाई-
1.जन्म के समय शिशु की लंबाई 19 से 22 इंच होती है अर्थात 48 से 56 सेंटीमीटर होती है
2.बालिकाओं की लंबाई अपेक्षाकृत बालकों से कम होती है।
3.तीन‌‌ चार वर्ष के बाद लड़कियों की लंबाई लड़कों से अधिक हो जाती है

सिर और मस्तिष्क –
1. बच्चे का सिर जन्म के समय शरीर की कुल लंबाई का एक चौथाई (1/4)होता है
2. जन्म के समय मस्तिष्क का वजन लगभग 350 ग्राम होता है

हड्डियां-
1. जन्म के समय हड्डियां मुलायम और लचीली होती है जन्म के समय हड्डियों की संख्या 270 होती हैं और बाद में मजबूत और जुड़कर 206 ही रह जाती है
2. बालकों की हड्डियों का विकास अपेक्षाकृत तीव्र होता है क्योंकि वह मजबूत होते हैं जबकि लड़कियों की हड्डियां मुलायम होती है क्योंकि वह संवेदनशील होती है

अन्य
1. दांत-
👉शिशु में 5 से 6 महीने में नीचे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं । अर्थात पहले शिशु के नीचे के दांत निकलते हैं उसके बाद ऊपर के दांत निकलते है
👉4 वर्ष तक सारे अस्थाई दांत निकल जाते हैं जिनकी संख्या 20 होती है अर्थात दूध के दांतो की संख्या 20 होती है।

2.धडकन-
👉शिशु की धड़कन प्रारंभ में 140 प्रति मिनट होती हैं
👉3 से 4 साल तक 120 प्रति मिनट हो जाती है जबकि
👉5 साल तक 100 प्रति मिनट हो जाती है

3. इस उम्र में यौन अंगों का विकास मंद होता है।

Notes by Ravi kushwah

🌺 शारीरिक विकास🌺

1- भूणावस्था – इसके अंतर्गत तीन अवस्थाएं होती हैं

🌺 डिम्बावस्था- डिम्ब की अवस्था

🌺भ्रूणीय अवस्था- डिम्ब का विकास प्राणी के रूप में होता है।

🌺भ्रूणवस्था- इस अवस्था मे गर्भ में 2 महीने से लेकर जन्म तक की अवस्था।

1️⃣भ्रूणावस्था में :-
▫️ लम्बाई- 20 inch
▫️ वजन-6 se 7 पोंड
▫️ बालक का रंग वह शरीर के सभी अंगो का निर्माण हो जाता है। ▫️बच्चे की धड़कन की आवाज आसानी से सुना जा सकता है।

2️⃣शैशवास्था :-
▫️वजन- 6-8 pond/3.50kg
▫️ बालिकाओं का वजन अपेक्षाकृत कम होता है।
▫️5 वर्ष के अंत में 38 – 40 पौण्ड/ 17 se 18 kg..

लम्बाई – जन्म के समय-19 -20inch
(48 -56 cm)
▫️ बालिकाओं की लंबाई कम होती है।
▫️3-4 वर्ष के बाद लड़कियों की लंबाई अधिक हो जाती है।

🌺सिर और मस्तिष्क:- बच्चे का सिर जन्म के समय शरीर के कुल लम्बाई का 1/4 भाग होता है।

▫️मस्तिष्क का वजन- 350 gm

▫️हड्डियाँ:-
जन्म के समय हड्डियां मुलायम और लचीली होती है।
कुल संख्या :- 270 se 300 तक हड्डियां पाई जाती है और बाद में इन हड्डियों की संख्या 205 हो जाती है।

🌺🌺अन्य कारक🌺🌺

▫️5-6 महीने से नीचे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं अर्थात् पहले बालक के नीचे के दांत निकलना शुरु होता है तत्पश्चात ऊपर के दांत निकलते हैं।

▫️ 4 वर्ष तक बालक के सारे अस्थाई दांत निकल जाते हैं अस्थाई दातों की संख्या 20 होती है।

▫️ शिशु की धड़कन प्रारंभ में 140 प्रति मिनट होती है।

▫️ 3 से 4 वर्ष तक 120 प्रति मिनट होती है।

▫️ 5 साल तक सो प्रति मिनट हो जाती है।

▫ इस उम्र में बालक के यौन अंगों का विकास मंद गति से होता है।

🌺NOTES BY
Shashi chaudhary🌺

🌟🌟🌟🌟🌟🌟

🌈शारीरिक विकास🌈 💥(physical development)💥

⭐गर्भावस्था व भ्रूणावस्था

➡️भ्रूणावस्था तीन प्रकार के होते हैं।

(1) डिंम्बावस्था~(डिंम्ब की अवस्था) भ्रूणावस्था की सबसे पहली अवस्था होती है।

(2) भ्रूणीयअवस्था~(डिम्ब का विकास प्राणी के रूप में होता है)

(3) भ्रूणावस्था~गर्भाशय में 2 महीने से लेकर जन्म लेने तक की अवस्था होती है।

⭐🌾भ्रूणावस्था में शिशु की लंबाई लगभग 20 इंच तक होती है, तथा भार 6 से 7 पौंड तक होती है।

🌻🌾गर्भावस्था के दौरान शिशु में त्वचा, रंग सभी का निर्माण हो जाता है।

⭐🌾बच्चे की धड़कन को आसानी से सुना जा सकता है।

🌈शैशावस्था 💥
~ शैशावस्था में बच्चे का वजन – 6 से 8 पौंड (2.5 से 3.5 kg) तक लगभग होता है।

🌻बालिकाओं का वजन अपेक्षाकृत कम होता है।

🌺5 वर्ष के अंत में @वजन ~ 38 – 40 पौंड (17 – 18 kg) तक होती हैं।
🌻@लंबाई
~जन्म के समय – 19 से 22 इंच ( 48 से 56 cm) तक होती हैं।

🌸बालिकाओं की लंबाई कम होती है जन्म के समय

🌻🌾3 से 4 वर्ष के बाद बालिकाओं की लंबाई अधिक होती है फिर से 12 वर्ष की अवस्था में लड़कियों की आयु कम होती है लड़कों की तुलना में।
⭐In general लड़कियों की उम्र कम होती है।

⭐🌻सिर और मस्तिष्क~

➡️बच्चे का सिर जन्म के समय शरीर की कुल लंबाई का एक चौथाई होता है।

⭐मस्तिष्क का वजन 350 ग्राम होता है।

🌿🌾हड्डियां~
➡️जन्म के समय हड्डी मुलायम और लचीला होती है
⭐कुल संख्या~ 270 जन्म के समय।
फिर बाद में यह 206 रह जाते हैं।

🌻बालकों का अपेक्षाकृत तेज विकास होता है।

🌈अन्य ~कारक🌻

⭐5वें या 6ठें महीने से नीचे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं।

🌿4 वर्ष तक सारे अस्थाई दांत निकल जाते हैं।
⭐अस्थाई दांतो की संख्या 20 होती है।
⭐🌻शिशु की धड़कन प्रारंभ में 140 प्रति मिनट होती है 3 से 4 साल तक 120 प्रति मिनट हो जाती है। 5 साल तक 100 प्रति मिनट हो जाती हैं।

⭐यौन अंगों का मंद विकास होता है।
🙏🌾🌻Notes by-SRIRAM PANJIYARA 🌸🌺🙏

🔰 अध्ययन की दृष्टि से शारीरिक विकास🔰
physical development

1 भ्रूण अवस्था :- गर्भधारण की अवस्था होती है यह तीन प्रकार के होते हैं
a डिंबावस्था ( dimb की अवस्था)

b भ्रूणीय अवस्था (डिम्ब का विकास प्राणी के रूप में होना

c भ्रूणावस्था( गर्भ में 2 महीने से लेकर जन्म लेने तक की अवस्था)

भ्रूण अवस्था 👉 लंबाई 20 इंच तक होती है एवं
वजन 👉6 से 7 पाउंड तक होता है
त्वचा का रंग सबकुछ का निर्माण हो जाता है बच्चे की धड़कन को आसानी से सुना जा सकता है

शैशयावस्था 👉 1 शैशवावस्था में बच्चे का वजन 6 से 8 पौंड 3:00 से 3:30 किलोग्राम होता है
2 बालिकाओं का भजन अपेक्षाकृत कम होता है
3 5 वर्ष के अंत तक 38से40 पौंड या 17 से 18 किलोग्राम होता है
4 जन्म के समय लंबाई 19 से 20 इंच 48 से 56 सेंटीमीटर हो जाता है
5 बालिकाओं की लंबाई कम होती है
6 3 से 4 वर्ष के बाद लड़कियों की लंबाई लड़कों से ज्यादा हो जाती है

सिर और मस्तिष्क:- बच्चे का सर जन्म के समय शरीर की कुल लंबाई का 1/4 भाग होता है

जन्म के समय बच्चे के मस्तिष्क का वजन 350 ग्राम होता है

हड्डियां:- जन्म के समय बच्चे की हड्डियां मुलायम और लचीली होती हैं

जन्म के समय कुल हड्डियां 270 होती है तथा बाद में यह जुड़ कर 206 हो जाती हैं तथा मजबूत हो जाती है

लड़कियों की अपेक्षा लड़कों में हड्डियों का विकास तेज होता है

अन्य कारक:- 5से 6 महीने के अंदर नीचे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं( सबसे पहले नीचे के दांत ही निकलते हैं)

4 वर्ष तक सारे अस्थाई दांत निकल जाते हैं अस्थाई दांतो की संख्या 20 होती है

शिशु की धड़कन प्रारंभ में 140 / मिनट की होती है 3 से 4 साल तक 120 / प्रति मिनट हो जाती है तथा 5 साल तक 100/ प्रति मिनट हो जाती है

इस समय योन अंगो का विकास होता है

🙏🙏🙏sapna sahu 🙏🙏🙏

🔮🌞शारीरिक विकास 🌞🔮

1- भ्रूण अवस्था- इसे तीन अवस्थाओं में बांटा गया है
1- डिंबा वस्था- यह भ्रूण अवस्था की पहली अवस्था है
2- bhruniya अवस्था- इस अवस्था में डिंब का विकास प्राणी के रूप में होता है
3- भ्रूण अवस्था- यह गर्भ में 2 महीने से लेकर जन्म लेने तक की अवस्था होती है
🖊️ भ्रूण अवस्था में शिशु की लंबाई 20 इंच होती है,
और शिशु का भजन 6 से 7 pound होता है
🖊️ गर्भावस्था में शिशु की त्वचा, रंग सब कुछ निर्माण हो जाता है
🩺 बच्चे की धड़कन को आसानी से सुना जा सकता है

🚺 शैशवावस्था-/
💢 शैशवावस्था में बच्चे का वजन जन्म के समय 6 से 8 पाउंड
(2.5 से 3.6kg) होता है

💢 बालिकाओं का वजन अपेक्षाकृत कम होता है

💢 5 वर्ष के अंत में वजन 38 से 40 पौंड (17 से 18 किलोग्राम ) हो जाता है!

💢 लंबाई- जन्म के समय शिशु की लंबाई 19 से 22 इंच
( 48 से 56 सेंटीमीटर) होती है!
💢 जन्म के समय बालिकाओं की लंबाई कम होती है
💢 3 से 4 वर्ष के बाद लड़कियों की लंबाई अधिक हो जाती है!

💢 सिर और मस्तिष्क-/
बच्चे का सिर जन्म के समय शरीर की कुल लंबाई का एक चौथाई होता है (1/4)
💢 मस्तिष्क का वजन 350 ग्राम होता है

💢 हड्डियां-/
जन्म के समय शिशु की हड्डियां मुलायम और लचीली होती है कुल हड्डियों की संख्या जन्म के समय 270 ya 300 रहती है बाद में जुड़ कर 206 हो जाती है मुलायम हड्डियां मजबूत हो जाती हैं तो कम हो जाती हैं!
💢 सामान्यत: लड़कों की हड्डियां लड़कियों की तुलना में जल्दी विकसित होती है

💢अन्य कारक💢

दांत- /
✨5 से 6 महीने में नीचे के दांत निकलना शुरू हो जाते हैं

✨ 4 वर्ष तक सारे अस्थाई दांत निकल जाते हैं
अस्थाई दांतो की संख्या 20 होती है!

💢 धड़कन-/

✨ शिशु की धड़कन प्रारंभ में 140 /मिनट होती है

✨3 से 4 साल तक 120 /मिनट हो जाती है

✨ 5 साल तक 100/ प्रति मिनट तक हो जाती है

💢 इस उम्र में यौन अंगों का बहुत धीमी गति से विकास होता है!

✍🏻🌞 रितु योगी🌞✍🏻

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻🙏🏻

By admin

Leave a Reply

Your email address will not be published.