Date- 08/06/2021

Time- 9:00 am

लिबिडो ➖प्रेम स्नेह काम प्रवत्ति को लिबिडो कहते हैं । 

यह एक स्वाभाविक प्रकृति है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है तो व्यक्ति को  असमायोजित हो जाता है। 

शैशव कामुकता -सिगमंड फ्रायड व इनके शिष्य यूंग से मतभेद हुआ 

फिर  युंग ने इसे विश्लेषणात्मक सिद्धांत बताया । 

🌸व्यक्तित्व मापन की विधियां➖ प्रक्षेपी और अप्रक्षेपी

✍ प्रक्षेपी ➖ CAT   TAT    SCT     IBT  FWAT

✍ अप्रक्षेपी ➖ 

1.  आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ

2. वस्तुनिष्ठ

 ✍ आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ➖

1. आत्मकथा विधि

2. व्यक्ति इतिहास विधि

3. साक्षात्कार विधि

4. प्रश्नावली विधि

✍ वस्तुनिष्ठ➖

1   समाजमिति विधि 

2   कार्य/कर्म  निर्धारण  विधि 

3   शारीरिक परिश्रम 

4    निरीक्षण विधि 

✍मानकीकृत ( प्रमापीकृत )➖

जिस परीक्षण की वैधता और विश्वसनीयता की जांच की जा चुकी हो तो ऐसा परीक्षण मानकीकृत कहलाता है।

✍विश्वसनीयता ➖ 

एक ही परीक्षण को एक ही समूह द्वारा बार-बार प्रयोग किए जाने पर भी यदि अंकों में या परिणाम मे समानता पाई जाती है तो ऐसा परिणाम विश्वसनीय न कहलाता है। 

✍ वैधता जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए परीक्षण बनाया जाता है अगर वह उद्देश्य पर खरा उतरता है तो वह परीक्षण वैध होता है। 

✍ प्रक्षेपी विधियां➖ प्रक्षेपी विधि का सबसे पहले प्रयोग सिगमंड फ्रायड ने किया था ।

प्रक्षेप का अर्थ अपनी बात, विचार, भावनाएं ,अनुभव को स्वयं नहीं बता कर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से व्यक्त करना । 

👉प्रक्षेपण विधियों के माध्यम से अचेतन मन की बातों को ज्ञात किया जाता है। 

नोटस बाय➖ निधि तिवारी🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿

लिबिडो

प्रेम स्नेह और काम प्रवृत्ति को लिबिडो कहते हैं।

यह एक संभावित प्रकृति है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है तो व्यक्ति  कुसमायोजित हो जाता है।

शैशव कामुकता

इस पर सिगमंड फ्रायड एवं इनके शिष्य युग में मतभेद है,

यूंग -विश्लेषणात्मक सिद्धांत

व्यक्तित्व मापन की विधियां निम्नलिखित हैं

1-प्रक्षेपी विधि इसके अंतर्गत-

T.A.T.

C.A.T

I.B.T

S.C.T.

F.W.At.

2-अप्रक्षेपी विधि

आत्म निष्ठ या व्यक्तिनिष्ठत

वस्तुनिष्ठ

1-आत्म निष्ठ या व्यक्तिनिष्ठत

आत्म कथा विधि

व्यक्ति इतिहास विधि

साक्षात्कार विधि

प्रश्नावली विधि

2-वस्तुनिष्ठ विधि

समाजमिति विधि

कर्मनिर्धारण विधि

शारीरिक परीक्षण

निरीक्षण विधि

मानकीकृत (प्रमापीकृत) जिस परीक्षण की वैधता और विश्वसनीयता की जांच की जा चुकी हो ऐसा परीक्षण मानकीकृत कहलाता है।

विश्वसनीयता-एक ही परीक्षण को एक ही समूह द्वारा बार-बार प्रयोग किए जाने पर भी यदि अंकों में समानता पाई जाती है तो ऐसा परीक्षण विश्वसनीयता कहलाता है।

वैधता-जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए परीक्षण बनाया जाता है अगर वह उस उद्देश्य पर खरा उतरता है तो ऐसा परीक्षा वैद्य कहलाता है।

प्रक्षेपी विधि-इस विधि को सबसे पहले सिगमंड फ्रायड ने प्रयोग किया था।

प्रक्षेप का अर्थ-अपनी बात विचार भावना अनुभव को स्वयं ना बता कर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से व्यक्त करना।

प्रक्षेपण विधियों के माध्यम से अचेतन मन की बातों को ज्ञात किया जाता है।

Shikhar Pandey

Libido लिबिडो ➖ 

प्रेम स्नेह और काम  प्रवृत्ति को लिबिडो कहते हैं |

यह एक स्वाभाविक प्रकृति है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है तो व्यक्ति कुसमायोजित हो जाता है |

शैशव कामुकता ➖ 

इस पर सिगमंड फ्रायड इनके शिष्य युग में मतभेद है |

 युगं ➖ विश्लेषणात्मक सिद्धांत

 व्यक्तित्व मापन की विधियां ➖ 

(1) प्रेक्षपी      (2) अप्रेक्षपी 

(1) प्रेक्षपी ➖ 

TAT

CAT

IBT

SCT

FWAT

अप्रेक्षपी ➖ 

(1) आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ

(2) वस्तुनिष्ठ 

(1) आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ ➖ 

आत्मकथा विधि 

व्यक्ति इतिहास विधि 

साक्षात्कार विधि

प्रश्नावली विधि

(2) वस्तुनिष्ठ विधि ➖ 

समाजमिति विधि 

कार्य/क्रम निर्धारण विधि 

शारीरिक परीक्षण विधि 

निरीक्षण विधि 

मानकीकृत ( प्रमापीकृत) ➖  

जिस परीक्षण की वैधता और विश्वसनीयता की जांच की जा चुकी हो ऐसा परीक्षण मानकीकृत परीक्षण किया जाता है |

विश्वसनीयता ➖ 

एक ही परीक्षण को एक ही समूह द्वारा बार-बार प्रयोग किए जाने पर भी यदि अंकों में समानता पाई जाती है तो ऐसा परीक्षण विश्वसनीय कहलाता है |

वैघता ➖ 

जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए परीक्षण बनाया जाता है अगर वह उस उद्देश्य पर खडा़ उतरता है तो ऐसा परीक्षण वैघ कहलाता है |

प्रक्षेपी विधियाँ ➖ प्रक्षेपी विधि का सबसे पहले प्रयोग सिगमंड फ्रायड ने किया था |

प्रेक्षप का अर्थ ➖ 

अपनी बात विचार भावनाएं अनुभव को स्वयं नहीं पता कर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से व्यक्त करना |

 प्रक्षेपण विधियों के माध्यम से अचेतन मन की बातों को ज्ञात किया जाता है |

Notes by ➖Ranjana sen

Libido लिबिडो- प्रेम ,स्नेह और काम प्रवृत्ति को लिबिडो कहते हैं

यह एक स्वाभाविक प्रवृत्ति हैं और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है तो व्यक्ति  कुसमायोजित हो जाता है

शैशव कामुकता-इस पर सिगमंड फ्रायड और इनके शिष्य युंग में मतभेद हैं

युंग-विश्लेषणात्मक सिद्धांत

व्यक्तित्व मापन की विधियां-

व्यक्तित्व मापन की विधियां दो प्रकार की होती है

………………………….

1. प्रक्षेपी

2. अप्रक्षेपी

1. प्रक्षेपी विधियों में निम्नलिखित विधियां आती है

1. Ta T

2. CAT

3. IBT

4. SCT

5. FWAT

2.अप्रक्षेपी विधियां भी दो प्रकार की होती हैं

…………………………………..

1. आत्म निष्ठ या व्यक्ति निष्ठ- यह विधियां भी निम्नलिखित हैं

1. आत्मकथा विधि

2. व्यक्ति इतिहास विधि या केस स्टडी

3. साक्षात्कार विधि

4. प्रश्नावली विधि

2. वस्तुनिष्ठ विधि-यह विधियां भी निम्नलिखित प्रकार होते हैं

1. समाजमिति विधि

2. कार्य या क्रम निर्धारण मापनी

3. शारीरिक परीक्षण

4. निरीक्षण विधि

मानकीकृत या प्रमापीकृत परीक्षण-

जिस परीक्षण की वैधता और विश्वसनीयता की जांच की जा चुकी हो ऐसा परीक्षण मानकीकृत परीक्षण कहलाता है

विश्वसनीयता -एक ही परीक्षण को एक ही समूह द्वारा बार-बार प्रयोग किए जाने पर भी यदि अंकों में समानता पाए जाते हैं तो ऐसा परीक्षण विश्वसनीय कहलाता है

वैधता-जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए परीक्षण बनाया जाता है वह उस उद्देश्य पर खरा उतरता है तो ऐसा परीक्षण वैद्य परीक्षण कहलाता है

1. प्रक्षेपी विधियां

प्रक्षेपी विधि का सबसे पहले प्रयोग सिगमंड फ्रायड ने किया था

प्रक्षेप का अर्थ-अपनी बात, विचार, भावनाएं, अनुभव को स्वयं नहीं बताकर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से व्यक्त करना

प्रक्षेपण विधियों के माध्यम से अचेतन मन की बातों को ज्ञात किया जाता है

Notes by Ravi kushwah

लिबिडो :- प्रेम स्नेह काम प्रवत्ति को लिबिडो कहते हैं । 

यह एक स्वाभाविक प्रकृति है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है तो व्यक्ति को  असमायोजित हो जाता है। 

शैशव कामुकता -सिगमंड फ्रायड व इनके शिष्य यूंग से मतभेद हुआ 

फिर  युंग ने इसे विश्लेषणात्मक सिद्धांत बताया । 

व्यक्तित्व मापन की विधियां :-

प्रक्षेपी और अप्रक्षेपी

 प्रक्षेपी :-

 CAT   

TAT

SCT

 IBT  

FWAT

 अप्रक्षेपी  :-

1.  आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ

2. वस्तुनिष्ठ

  आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ :-

1. आत्मकथा विधि

2. व्यक्ति इतिहास विधि

3. साक्षात्कार विधि

4. प्रश्नावली विधि

 वस्तुनिष्ठ :-

1   समाजमिति विधि 

2   कार्य/कर्म  निर्धारण  विधि 

3   शारीरिक परिश्रम 

4    निरीक्षण विधि 

मानकीकृत ( प्रमापीकृत ) :-

जिस परीक्षण की वैधता और विश्वसनीयता की जांच की जा चुकी हो तो ऐसा परीक्षण मानकीकृत कहलाता है।

विश्वसनीयता  :- 

एक ही परीक्षण को एक ही समूह द्वारा बार-बार प्रयोग किए जाने पर भी यदि अंकों में या परिणाम मे समानता पाई जाती है तो ऐसा परिणाम विश्वसनीय न कहलाता है। 

वैधता जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए परीक्षण बनाया जाता है अगर वह उद्देश्य पर खरा उतरता है तो वह परीक्षण वैध होता है। 

 प्रक्षेपी विधियां :-

 प्रक्षेपी विधि का सबसे पहले प्रयोग सिगमंड फ्रायड ने किया था ।

प्रक्षेप का अर्थ अपनी बात, विचार, भावनाएं ,अनुभव को स्वयं नहीं बता कर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से व्यक्त करना । 

प्रक्षेपण विधियों के माध्यम से अचेतन मन की बातों को ज्ञात किया जाता है। 

Notes by  :- Neha Kumari 

🙏🙏🙏🙏🙏

👉🏻लिबिडो ➖प्रेम, स्नेह, काम प्रवत्ति को लिबिडो कहते हैं । 

यह एक स्वाभाविक प्रकृति है और यदि इस प्रवृत्ति का दमन किया जाता है ,तो व्यक्ति असमायोजित हो जाता है। 

शैशव कामुकता ➖ सिगमंड फ्रायड व इनके शिष्य युंग मे मतभेद हुआ 

फिर  युंग ने इसे विश्लेषणात्मक सिद्धांत बताया । 

👉🏻 *व्यक्तित्व मापन की विधियां➖ प्रक्षेपी और अप्रक्षेपी*

👉🏻प्रक्षेपी ➖ C.A.T  , T.A.T   , S.C.T  ,   I.B.T , F.W.A.T

👉🏻अप्रक्षेपी ➖ 

1➖आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ

2➖वस्तुनिष्ठ

 👉🏻आत्मनिष्ठ या व्यक्तिनिष्ठ➖

A➖ आत्मकथा विधि

B➖व्यक्ति इतिहास विधि

C➖साक्षात्कार विधि

D➖ प्रश्नावली विधि

👉🏻 वस्तुनिष्ठ➖

A ➖ समाजमिति विधि 

B➖ कार्य/कर्म  निर्धारण  विधि 

C➖ शारीरिक परिश्रम 

D➖    निरीक्षण विधि 

👉🏻मानकीकृत ( प्रमापीकृत )➖

जिस परीक्षण की वैधता और विश्वसनीयता की जांच की जा चुकी हो तो ऐसा परीक्षण मानकीकृत कहलाता है।

👉🏻विश्वसनीयता ➖ 

एक ही परीक्षण को एक ही समूह द्वारा बार-बार प्रयोग किए जाने पर भी यदि अंकों में या परिणाम मे समानता पाई जाती है तो ऐसा परिणाम विश्वसनीय कहलाता है। 

👉🏻वैधता ➖

जिस उद्देश्य की पूर्ति के लिए परीक्षण बनाया जाता है अगर वह उद्देश्य पर खरा उतरता है तो वह परीक्षण वैध होता है। 

👉🏻प्रक्षेपी विधियां➖ 

प्रक्षेपी विधि का सबसे पहले प्रयोग सिगमंड फ्रायड ने किया था ।

प्रक्षेप का अर्थ अपनी बात, विचार, भावनाएं ,अनुभव को स्वयं नहीं बता कर किसी अन्य उद्दीपक या पदार्थ के माध्यम से व्यक्त करना । 

प्रक्षेपण विधियों के माध्यम से अचेतन मन की बातों को ज्ञात किया जाता है। 

📝दीपिका राय📝

By admin

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