🌟 *व्यक्तित्व ( Perssonality )* 🌟

व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के प्रभाव या आकर्षण को दिखाता है, व्यक्तित्व अनेक प्रकार के गुण या अवगुणों को समाहित किया रहता है, व्यक्तित्व का वर्गीकरण एक गुण, वस्तु, अनुशासन, तथ्य इत्यादि के आधार पर नहीं किया जा सकता है।

💫 *समाजिक अंत:क्रिया के आधार पर वर्गीकरण:-*

🌟 *जुंग या युंग ( Jung/ Yung) के द्वारा:-*

💫 *१. अंतर्मुखी व्यक्तित्व:-* अंतर्मुखी व्यक्ति मनन चिंतन, आत्म चिंतन, आत्म केंद्रित, संवेदनशील, मितभाषी, कर्तव्यनिष्ठ और संकोची प्रवृत्ति के होते हैं, लेकिन सामाजिक व्यवहार में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते।

💫 *२. बहिर्मुखी व्यक्तित्व:-* ऐसे व्यक्ति समाज केन्द्रित, व्यावहारिक, साहसिक, चिंता मुक्त, आशावादी, सामाजिक कार्य में रुचि लेते हैं तथा लोकप्रिय और कुशलवक्ता भी होते हैं।

💫 *३.उभयमुखी व्यक्तित्व:-* उभायमुखी व्यक्तियों में अंतर्मुखी और बहिर्मुखी व्यक्तित्व के दोनों लक्षण समान विद्यमान रहते हैं।

🌟 *फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत:-*
💫 *१. इदम् ( Id ):-* अचेतन मूलप्रवित्ती , नैसर्गरिक , शीघ्र तृप्ति , इच्छा

💫 *२. अहम् ( Ego):-* चेतन, इच्छा शक्ति, बुद्धि तर्क

💫 *३. परम् अहम् ( Super ego):-* आदर्शवादी

🌟 *शैलडन का रचना सिद्धांत :-*

💫 *१. गोलाकृति:-* गोल गरदन , मांसपेशियों से पूर्ण , चर्बी का बढ़ाना।

💫 *२.अयतकृती:-* हड्डी और मांसपेशी का विकास।

💫 *३. लंबाकृती:-* केंद्रीय स्नायु संस्था के मांसपेशी तंतु विकसित होते हैं।

🌟 *आर. बी. कैटल / प्रतिकारक का सिद्धांत ( Replusive syatem Theory) :-* व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में जो कार्य करता है, उसी का प्रतिरूप ही व्यक्तित्व है। चरित्र की सुंदरता है , जैसे :- भावनात्मक एकता, सामाजिकता, कल्पनाशीलता, अभिप्रेरणा, उत्सुकता इन सभी कारकों से दर्शायी जाती है।

🌟 *अल्पोर्ट का सिद्धांत ( शीलगुण / विशेषक सिद्धांत)-* व्यवहार, विचार, भावना को शीलगुण कहते हैं। यह लंबी अवधि में भी बहुत सीमा तक अपरिवर्तित रहती है। या अलग – अलग व्यक्तियों में अलग–अलग होती है।

🌟 *मुर्रे का सिद्धांत ( H. A. Murray):-* व्यक्तित्व कार्यात्मक एवं शक्तियों की निरंतरता है, जो संगठित प्रक्रिया के रूप में जन्म से मृत्यु तक बहिर्मुखी होकर प्रकट होती है।

🌟 *क्रैशमर का सिद्धांत ( Krasmer):-* व्यक्तित्व को चार प्रकार से विभाजित किया है–

💫 *१. लंबकाय ( ऐस्थेनिक):-* दुबला, पतला, लंबा होते हैं।

💫 *२. खिलाड़ी (एथलेटिक):-* फुर्तीला, शरीर अच्छा, खिलाड़ी जैसे होते है।

💫 *३. नाटा (पिकनिक):-* मोटा और नाटा होते है।

✍🏻✍🏻✍🏻 *Notes By – Pooja* ✍🏻✍🏻✍🏻

🔆 व्यक्तित्व ( Personality )

व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के प्रभाव या आकर्षण को दिखाता है व्यक्ति अनेक अधिक गुण अवगुण को समाहित किया रहता है व्यक्तित्व का वर्गीकरण किसी एक गुण, वस्तु, अनुशासन ,तथ्य इत्यादि के आधार पर नहीं किया जा सकता है |

🎯 सामाजिक अंतः क्रिया के आधार पर वर्गीकरण ➖

कर्ल जुंग/ युंग के अनुसार➖

इन्होंने व्यक्तित्व को सामाजिक अंतः क्रिया के आधार पर तीन भागों में बांटा है ➖

🍀अंतर्मुखी व्यक्तित्व

🍀बहिर्मुखी व्यक्तित्व

⭕ अन्तर्मुखी व्यक्तित्व ➖

ऐसे लोग जो चिंतन, मनन ,आत्म चिंतन ,आत्म केंद्रित, संवेदनशील, मितभाषी, कर्तव्यनिष्ठ ,संकोची , सामाजिक व्यवहार में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति कहलाते हैं |

⭕ बहिर्मुखी व्यक्तित्व➖

ऐसे व्यक्ति जो समाज केंद्रित, व्यावहारिक ,सहासिक ,चिंता मुक्त, आशावादी, तथा सामाजिक कार्यों में रुचि लेने वाले होते हैं ये लोकप्रिय होते हैं कुशल वक्ता होते हैं इस प्रकार के व्यक्ति बहिर्मुखी व्यक्तित्व वाले कहलाते हैं |

⭕ उभयमुखी व्यक्तित्व ➖

जिस व्यक्ति में अंतर्मुखी तथा बहिर्मुखी व्यक्तित्व समान रूप से विद्यमान रहते हैं ऐसे लोग उभय मुखी व्यक्तित्व वाले लोग कहलाते हैं |

🎯 व्यक्तित्व के सिद्धांत ➖

🍀 फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत ➖

इन्होंने कहा कि व्यक्ति की सोच के स्तर मन के अनुसार ” इदम्, अहम , परम अहम,व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाते हैं |

🌸 इदम् (Id)➖

यह अचेतन मन से संबंधित है इसमें मूल प्रवृत्ति, नैसर्गिक इच्छाओं को जन्म देती है जो कि शीघ्र तृप्ति चाहते हैं दमित इच्छाएं ,वासनाएं,काम इच्छा आदि की प्रवृत्ति होती है |

🌸 अहम(Ego)➖

चेतन मन से संबंधित है यह चेतन स्तर है जिसमें इच्छाशक्ति ,बुद्धि ,तर्क आदि इसमें सम्मिलित होते हैं |

🌸 परम अहम (Super Ego) ➖

यह आदर्श आदर्शवादी प्रवृत्ति का होता है देवत्व के प्रतीक होता हैं ऐसे लोग हर भाव को अच्छाई से देखते हैं |

🍀 शैलडाॅन का रचना सिद्धांत ➖

1) गोलाकृति

2) आयताकार

3) लम्बाकृति

⭐ गोलाकृति ➖

इस प्रकार के मनुष्य गोल गर्दन तथा मांसपेशियों से पूर्ण विकसित होते है इनके अंदर चर्बी का बढ़ना होता है |

⭐ आयताकार ➖

ऐसे मनुष्यों में हड्डियों और मांसपेशियों का विकास दिखता है और सुडौल होते हैं |

⭐ लंबाकृति ➖

ऐसे मनुष्यों में केंद्रीय स्नायु संस्थान के मांस पेशी तंत्र विकसित होते हैं |

🍀 आर. बी. कैटल का प्रतिकारक प्रणाली सिद्धांत (R.B.cattle – Repulsive system Theory)➖

इन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जो व्यक्ति कार्य करता है उसी का प्रतिरूप ही व्यक्तित्व है |उन्होंने बताया कि

चरित्र की सुंदरता ➖

भावनात्मक एकता ,सामाजिकता, प्रेरक, उत्सुकता, आदि है जो हमारे व्यक्तित्व को निर्मित करते हैं या यह सभी कार्य व्यक्तित्व को दर्शाते हैं |

🍀 आलपोर्ट का सिद्धांत/शीलगुण का सिद्धांत/ विशेषक सिद्धांत (Trait Theory)➖

व्यक्ति के व्यवहार, विचार, भावना, को शीलगुण कहते हैं |
यह लंबी अवधि में भी बहुत सीमा तक अपरिवर्तित रहती है |

यह अलग-अलग व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं उन्होंने शीलगुण की संख्या 18000 बताई है |

🍀 हैनरी मुर्रे का सिद्धांत (H.A.Murray Theory)➖

इन्होंने कहा कि व्यक्तित्व” कार्यात्मक शक्तियों की निरंतरता है जो संगठित प्रक्रिया के रूप में जन्म से मृत्यु तक बहिर्मुखी होकर प्रकट होती है ” |

🍀 क्रेशमर का सिद्धांत➖

इन्होंने व्यक्तित्व को 4 वर्गों में बांटा है ➖

1) लंबकाय ( एस्थेनिक)

2) खिलाड़ी (एथलेटिक)

3)नाटा (पिकनिक)

4) मिश्रित

🌸 लंबकाय ➖

इस प्रकार के व्यक्तित्व का व्यक्ति दुबला ,पतला ,और लंबा होता है |

🌸 खिलाड़ी ➖

इस प्रकार के व्यक्तित्व का व्यक्ति फुर्तीला होता है शरीर अच्छा होता है खिलाड़ी जैसे होते हैं |

🌸 नाटा ➖

इस प्रकार के व्यक्तित्व वाले व्यक्ति मोटे और नाटे होते हैं |

🌸 मिश्रित➖

इसमें सभी प्रकार के व्यक्तित्व के लोग आते हैं |

नोट्स बाय ➖रश्मि सावले

🌻🌼🌺🍀🌸🌻🌼🌺🍀🌸🌻🌼🌻🌼🍀🌸🌺

🔆 Personality ( व्यक्तित्व)🔆
व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के प्रभाव या आकर्षण को दिखता है व्यक्तित्व अनेक गुण अवगुण को समाहित किया रहता है व्यक्तित्व का वर्गीकरण किसी एक गुण वस्तु अनुशासन तथ्य इत्यादि के आधार पर नही किया जा सकता है |
सामाजिक अत: क्रिया के आधार पर वर्गीकरण किया गया
(Jung / yung) जुंग / युंग
1. अन्तर्मुखी व्यक्तित्व ➖ इस व्यक्तित्व के अंतर्गत मनन ,चिंतन , आत्मकेद्रित संवेदनशील , मितभाषी , कर्तव्यनिष्ठ , संकोची , सामाजिक व्यवहार मे अच्छा प्रदर्शन नही करते है |
2. बहिर्मुखी व्यक्तित्व ➖ समाज केन्द्रित व्यवहारिक , साहसिक , चिंतामुक्त , आशावादी , सामाजिक कार्य मे रूचि लेते है लोकप्रिय होते है और कुशल वक्ता होते है |
3. उभयमुखी व्यक्तित्व ➖ ये अंतर्मुखी और बहिर्मुखी होते है इनमें दोनो लक्षण लगभग समान रूप मे विघमान रहते है |
🔥फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत :-
◼इदम (Id) – अचेतन – मूलप्रवृति नैसर्गिक इच्छा
◼अहम (Ego) – चेतना – इच्छा शक्ति बुद्धि तर्क
◼परम अहम् ( Super ego) – अर्द्धचेतन – आदर्शवादी
🔥शैलडाॅन का रचना सिद्धांत :-
▪गोलाकृति – गोल गर्दन / मांसपेशियों से पूर्ण , चर्बी का बढ़ना
▪आयताकृति – हड्डी और मांसपेशी का विकास
▪लम्बाकृति – केंद्रिय स्नायुसंस्थान के मांसपेशी तन्तु विकसित होते है |
🔥R.B. cattle – Repulsive system theory (प्रतिकारक प्रणाली सिद्धांत )
व्यक्ति किसी परिस्थिति में जो कार्य करता है उसी का प्रतिरूप ही व्यक्तित्व है चरित्र की सुन्दरता – भावनात्मक एकता , सामाजिक , कल्पनाशीलता अभिप्रेरक उत्सुकता इन कारको से दर्शायी जाती है |
🔥आॅलपोर्ट का सिद्धांत (शीलगुण सिद्धांत) विशेषक सिद्धांत ➖ व्यवहार , विचार , भावना को शीलगुण कहते है यह लंबी अवधि में भी बहुत सीमा तक अपरिवर्तित रहती है |
यह अलग-अलग व्यक्ति मे अलग-अलग होती है |
🔥मुर्रे का सिद्धांत (H.A. Murray) ➖ व्यक्तित्व कार्यात्मक एव शक्तियों की निरंतरता है जो संगठित प्रकिया के रूप में जन्म से मृत्यु तक बहिर्मुखी होकर होती है |
🔥क्रेशमर का सिद्धांत (Krasmer) ➖
ये चार प्रकार के होते है |
1.लम्बकाय ( एस्येनिक ) – दुबला ,पतला , लंबा
2. खिलाड़ी एथलेटिक – शरीर अच्छा फुर्तीला , खिलाड़ी जैसा
3. नाटा (पिकनिक) – मोटा और नाटा
4. मिश्रित – सभी प्रकार के व्यक्तित्व होते है |
Notes by ➖Ranjana Sen

🌟 *व्यक्तित्व ( Perssonality )* 🌟

व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के प्रभाव या आकर्षण को दिखाता है, व्यक्तित्व अनेक प्रकार के गुण या अवगुणों को समाहित किया रहता है, व्यक्तित्व का वर्गीकरण एक गुण, वस्तु, अनुशासन, तथ्य इत्यादि के आधार पर नहीं किया जा सकता है।

💫 *समाजिक अंत:क्रिया के आधार पर वर्गीकरण:-*

🌟 *जुंग या युंग ( Jung/ Yung) के द्वारा:-*

💫 *१. अंतर्मुखी व्यक्तित्व:-* अंतर्मुखी व्यक्ति मनन चिंतन, आत्म चिंतन, आत्म केंद्रित, संवेदनशील, मितभाषी, कर्तव्यनिष्ठ और संकोची प्रवृत्ति के होते हैं, लेकिन सामाजिक व्यवहार में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते।

💫 *२. बहिर्मुखी व्यक्तित्व:-* ऐसे व्यक्ति समाज केन्द्रित, व्यावहारिक, साहसिक, चिंता मुक्त, आशावादी, सामाजिक कार्य में रुचि लेते हैं तथा लोकप्रिय और कुशलवक्ता भी होते हैं।

💫 *३.उभयमुखी व्यक्तित्व:-* उभायमुखी व्यक्तियों में अंतर्मुखी और बहिर्मुखी व्यक्तित्व के दोनों लक्षण समान विद्यमान रहते हैं।

🌟 *फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत:-*
💫 *१. इदम् ( Id ):-* अचेतन मूलप्रवित्ती , नैसर्गरिक , शीघ्र तृप्ति , इच्छा

💫 *२. अहम् ( Ego):-* चेतन, इच्छा शक्ति, बुद्धि तर्क

💫 *३. परम् अहम् ( Super ego):-* आदर्शवादी

🌟 *शैलडन का रचना सिद्धांत :-*

💫 *१. गोलाकृति:-* गोल गरदन , मांसपेशियों से पूर्ण , चर्बी का बढ़ाना।

💫 *२.अयतकृती:-* हड्डी और मांसपेशी का विकास।

💫 *३. लंबाकृती:-* केंद्रीय स्नायु संस्था के मांसपेशी तंतु विकसित होते हैं।

🌟 *आर. बी. कैटल / प्रतिकारक का सिद्धांत ( Replusive syatem Theory) :-* व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में जो कार्य करता है, उसी का प्रतिरूप ही व्यक्तित्व है। चरित्र की सुंदरता है , जैसे :- भावनात्मक एकता, सामाजिकता, कल्पनाशीलता, अभिप्रेरणा, उत्सुकता इन सभी कारकों से दर्शायी जाती है।

🌟 *अल्पोर्ट का सिद्धांत ( शीलगुण / विशेषक सिद्धांत)-* व्यवहार, विचार, भावना को शीलगुण कहते हैं। यह लंबी अवधि में भी बहुत सीमा तक अपरिवर्तित रहती है। या अलग – अलग व्यक्तियों में अलग–अलग होती है।

🌟 *मुर्रे का सिद्धांत ( H. A. Murray):-* व्यक्तित्व कार्यात्मक एवं शक्तियों की निरंतरता है, जो संगठित प्रक्रिया के रूप में जन्म से मृत्यु तक बहिर्मुखी होकर प्रकट होती है।

🌟 *क्रैशमर का सिद्धांत ( Krasmer):-* व्यक्तित्व को चार प्रकार से विभाजित किया है–

💫 *१. लंबकाय ( ऐस्थेनिक):-* दुबला, पतला, लंबा होते हैं।

💫 *२. खिलाड़ी (एथलेटिक):-* फुर्तीला, शरीर अच्छा, खिलाड़ी जैसे होते है।

💫 *३. नाटा (पिकनिक):-* मोटा और नाटा होते है।

✍🏻✍🏻✍🏻 *Notes By – Pooja* ✍🏻✍🏻✍🏻

🔆 व्यक्तित्व ( Personality )

व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के प्रभाव या आकर्षण को दिखाता है व्यक्ति अनेक अधिक गुण अवगुण को समाहित किया रहता है व्यक्तित्व का वर्गीकरण किसी एक गुण, वस्तु, अनुशासन ,तथ्य इत्यादि के आधार पर नहीं किया जा सकता है |

🎯 सामाजिक अंतः क्रिया के आधार पर वर्गीकरण ➖

कर्ल जुंग/ युंग के अनुसार➖

इन्होंने व्यक्तित्व को सामाजिक अंतः क्रिया के आधार पर तीन भागों में बांटा है ➖

🍀अंतर्मुखी व्यक्तित्व

🍀बहिर्मुखी व्यक्तित्व

⭕ अन्तर्मुखी व्यक्तित्व ➖

ऐसे लोग जो चिंतन, मनन ,आत्म चिंतन ,आत्म केंद्रित, संवेदनशील, मितभाषी, कर्तव्यनिष्ठ ,संकोची , सामाजिक व्यवहार में अच्छा प्रदर्शन नहीं करते हैं अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले व्यक्ति कहलाते हैं |

⭕ बहिर्मुखी व्यक्तित्व➖

ऐसे व्यक्ति जो समाज केंद्रित, व्यावहारिक ,सहासिक ,चिंता मुक्त, आशावादी, तथा सामाजिक कार्यों में रुचि लेने वाले होते हैं ये लोकप्रिय होते हैं कुशल वक्ता होते हैं इस प्रकार के व्यक्ति बहिर्मुखी व्यक्तित्व वाले कहलाते हैं |

⭕ उभयमुखी व्यक्तित्व ➖

जिस व्यक्ति में अंतर्मुखी तथा बहिर्मुखी व्यक्तित्व समान रूप से विद्यमान रहते हैं ऐसे लोग उभय मुखी व्यक्तित्व वाले लोग कहलाते हैं |

🎯 व्यक्तित्व के सिद्धांत ➖

🍀 फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत ➖

इन्होंने कहा कि व्यक्ति की सोच के स्तर मन के अनुसार ” इदम्, अहम , परम अहम,व्यक्ति के व्यक्तित्व को दर्शाते हैं |

🌸 इदम् (Id)➖

यह अचेतन मन से संबंधित है इसमें मूल प्रवृत्ति, नैसर्गिक इच्छाओं को जन्म देती है जो कि शीघ्र तृप्ति चाहते हैं दमित इच्छाएं ,वासनाएं,काम इच्छा आदि की प्रवृत्ति होती है |

🌸 अहम(Ego)➖

चेतन मन से संबंधित है यह चेतन स्तर है जिसमें इच्छाशक्ति ,बुद्धि ,तर्क आदि इसमें सम्मिलित होते हैं |

🌸 परम अहम (Super Ego) ➖

यह आदर्श आदर्शवादी प्रवृत्ति का होता है देवत्व के प्रतीक होता हैं ऐसे लोग हर भाव को अच्छाई से देखते हैं |

🍀 शैलडाॅन का रचना सिद्धांत ➖

1) गोलाकृति

2) आयताकार

3) लम्बाकृति

⭐ गोलाकृति ➖

इस प्रकार के मनुष्य गोल गर्दन तथा मांसपेशियों से पूर्ण विकसित होते है इनके अंदर चर्बी का बढ़ना होता है |

⭐ आयताकार ➖

ऐसे मनुष्यों में हड्डियों और मांसपेशियों का विकास दिखता है और सुडौल होते हैं |

⭐ लंबाकृति ➖

ऐसे मनुष्यों में केंद्रीय स्नायु संस्थान के मांस पेशी तंत्र विकसित होते हैं |

🍀 आर. बी. कैटल का प्रतिकारक प्रणाली सिद्धांत (R.B.cattle – Repulsive system Theory)➖

इन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में जो व्यक्ति कार्य करता है उसी का प्रतिरूप ही व्यक्तित्व है |उन्होंने बताया कि

चरित्र की सुंदरता ➖

भावनात्मक एकता ,सामाजिकता, प्रेरक, उत्सुकता, आदि है जो हमारे व्यक्तित्व को निर्मित करते हैं या यह सभी कार्य व्यक्तित्व को दर्शाते हैं |

🍀 आलपोर्ट का सिद्धांत/शीलगुण का सिद्धांत/ विशेषक सिद्धांत (Trait Theory)➖

व्यक्ति के व्यवहार, विचार, भावना, को शीलगुण कहते हैं |
यह लंबी अवधि में भी बहुत सीमा तक अपरिवर्तित रहती है |

यह अलग-अलग व्यक्ति में अलग-अलग होते हैं उन्होंने शीलगुण की संख्या 18000 बताई है |

🍀 हैनरी मुर्रे का सिद्धांत (H.A.Murray Theory)➖

इन्होंने कहा कि व्यक्तित्व” कार्यात्मक शक्तियों की निरंतरता है जो संगठित प्रक्रिया के रूप में जन्म से मृत्यु तक बहिर्मुखी होकर प्रकट होती है ” |

🍀 क्रेशमर का सिद्धांत➖

इन्होंने व्यक्तित्व को 4 वर्गों में बांटा है ➖

1) लंबकाय ( एस्थेनिक)

2) खिलाड़ी (एथलेटिक)

3)नाटा (पिकनिक)

4) मिश्रित

🌸 लंबकाय ➖

इस प्रकार के व्यक्तित्व का व्यक्ति दुबला ,पतला ,और लंबा होता है |

🌸 खिलाड़ी ➖

इस प्रकार के व्यक्तित्व का व्यक्ति फुर्तीला होता है शरीर अच्छा होता है खिलाड़ी जैसे होते हैं |

🌸 नाटा ➖

इस प्रकार के व्यक्तित्व वाले व्यक्ति मोटे और नाटे होते हैं |

🌸 मिश्रित➖

इसमें सभी प्रकार के व्यक्तित्व के लोग आते हैं |

नोट्स बाय ➖रश्मि सावले

🌻🌼🌺🍀🌸🌻🌼🌺🍀🌸🌻🌼🌻🌼🍀🌸🌺

🔆 Personality ( व्यक्तित्व)🔆
व्यक्तित्व किसी व्यक्ति के प्रभाव या आकर्षण को दिखता है व्यक्तित्व अनेक गुण अवगुण को समाहित किया रहता है व्यक्तित्व का वर्गीकरण किसी एक गुण वस्तु अनुशासन तथ्य इत्यादि के आधार पर नही किया जा सकता है |
सामाजिक अत: क्रिया के आधार पर वर्गीकरण किया गया
(Jung / yung) जुंग / युंग
1. अन्तर्मुखी व्यक्तित्व ➖ इस व्यक्तित्व के अंतर्गत मनन ,चिंतन , आत्मकेद्रित संवेदनशील , मितभाषी , कर्तव्यनिष्ठ , संकोची , सामाजिक व्यवहार मे अच्छा प्रदर्शन नही करते है |
2. बहिर्मुखी व्यक्तित्व ➖ समाज केन्द्रित व्यवहारिक , साहसिक , चिंतामुक्त , आशावादी , सामाजिक कार्य मे रूचि लेते है लोकप्रिय होते है और कुशल वक्ता होते है |
3. उभयमुखी व्यक्तित्व ➖ ये अंतर्मुखी और बहिर्मुखी होते है इनमें दोनो लक्षण लगभग समान रूप मे विघमान रहते है |
🔥फ्रायड का मनोविश्लेषणात्मक सिद्धांत :-
◼इदम (Id) – अचेतन – मूलप्रवृति नैसर्गिक इच्छा
◼अहम (Ego) – चेतना – इच्छा शक्ति बुद्धि तर्क
◼परम अहम् ( Super ego) – अर्द्धचेतन – आदर्शवादी
🔥शैलडाॅन का रचना सिद्धांत :-
▪गोलाकृति – गोल गर्दन / मांसपेशियों से पूर्ण , चर्बी का बढ़ना
▪आयताकृति – हड्डी और मांसपेशी का विकास
▪लम्बाकृति – केंद्रिय स्नायुसंस्थान के मांसपेशी तन्तु विकसित होते है |
🔥R.B. cattle – Repulsive system theory (प्रतिकारक प्रणाली सिद्धांत )
व्यक्ति किसी परिस्थिति में जो कार्य करता है उसी का प्रतिरूप ही व्यक्तित्व है चरित्र की सुन्दरता – भावनात्मक एकता , सामाजिक , कल्पनाशीलता अभिप्रेरक उत्सुकता इन कारको से दर्शायी जाती है |
🔥आॅलपोर्ट का सिद्धांत (शीलगुण सिद्धांत) विशेषक सिद्धांत ➖ व्यवहार , विचार , भावना को शीलगुण कहते है यह लंबी अवधि में भी बहुत सीमा तक अपरिवर्तित रहती है |
यह अलग-अलग व्यक्ति मे अलग-अलग होती है |
🔥मुर्रे का सिद्धांत (H.A. Murray) ➖ व्यक्तित्व कार्यात्मक एव शक्तियों की निरंतरता है जो संगठित प्रकिया के रूप में जन्म से मृत्यु तक बहिर्मुखी होकर होती है |
🔥क्रेशमर का सिद्धांत (Krasmer) ➖
ये चार प्रकार के होते है |
1.लम्बकाय ( एस्येनिक ) – दुबला ,पतला , लंबा
2. खिलाड़ी एथलेटिक – शरीर अच्छा फुर्तीला , खिलाड़ी जैसा
3. नाटा (पिकनिक) – मोटा और नाटा
4. मिश्रित – सभी प्रकार के व्यक्तित्व होते है |
Notes by ➖Ranjana Sen

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