🏋️‍♂️प्रतिभाशाली बालक 🏋️‍♂️
Gifted children or talented children

ऐसे बालक के व्यक्तित्व में एक धनात्मक विशिष्ट और अद्भुत योग्यता होती हैं
जो उसे सामान्य बालको से अलग करती है और
किसी भी परिस्थिति में जल्दी सीखने के लिए सहायक होती हैं

इनकी बुद्धि लब्धि सामान्य से ऊपर होती हैं अर्थात 110 से अधिक
यदि सामान्य से ऊपर वाले बालकों में तुलना करके पूछा जाए तो जिसकी बुद्धि लब्धि अधिक होगी तो वह प्रतिभाशाली बालक होता है

प्रतिभा जन्मजात होती है इसे उचित वातावरण देकर बढ़ाया जा सकता है या उचित वातावरण नहीं मिलने पर घट भी सकती हैं

टॉरेंस के अनुसार प्रतिभाशाली बालक की परिभाषा-

ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।

प्रतिभाशाली बालक की पहचान –

प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं
इसका पता लगाना आसान नहीं है
लेकिन इसका पता लगाना अति आवश्यक है नहीं तो बच्चे की प्रतिभा दबकर रह जाएगी

सामान्य रूप से प्रतिभाशाली बालकों की पहचान

  1. बुद्धि परीक्षण ( या तो सामूहिक रूप से या व्यक्तिगत रूप से किया जा सकता है)
    2.उपलब्धि परीक्षण
  2. अभिरुचि परीक्षाएं ( किसी की भविष्य की सफलता का पता उसकी रुचि से लग जाता है)

डी हॉन वकप की सूची
प्रतिभाशाली बालकों की पहचान करने के लिए –

1.यह स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थों को समझने ,संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं

2.बिना रट कर समझने का ज्ञान होता है

3.शब्द ज्ञान विस्तृत होता है

  1. मौलिक चिंतन कर सकते हैं

5.यह सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं

प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएं (नवीनतम शोध के अनुसार )-

ऊंचाई ,स्वास्थ्य ,शरीर संरचना में सामान्य से उच्च होते हैं
जल्दी बोलना ,जल्दी चलना, बहुत प्रश्न पूछना

प्रतिभाशाली बालकों की शारीरिक विशेषताएं –

  1. शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है
  2. उत्तम शरीर वाले होते हैं
  3. सामान्य बच्चे से भार, ऊंचाई और शक्ति में अधिक होती हैं
    4.चलना और बोलना जल्दी सीखते हैं
    5.ज्ञानेंद्रियों का विकास शीघ्र और उत्तम होता है
    6.ऐसे में बच्चे किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न होते हैं

प्रतिभाशाली बालकों की मानसिक बौद्धिक विशेषताएं –

1.विश्लेषण ,संश्लेषण, स्मरण ,तर्क इत्यादि की विशेष योग्यता रखते हैं
2.सीखने समझने की असाधारण क्षमता होती हैं

  1. अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता समय से आती है
  2. शब्दकोश विस्तृत और वाक्पटुता रहती हैं
    5.मौलिक चिंतन और सूक्ष्म, सटीक निरीक्षण शक्ति होती है
    6.सामान्य विज्ञान और गणित में दक्ष होते हैं
    7.उच्च बुद्धि लब्धि होती है
  3. उच्च सामान्य बुद्धि होती है

Notes by ravi kushwah


✍🏻Notes By-Vaishali Mishra

🔆 🧠 प्रतिभाशाली बालक ( Gifted children or Talented children)🧠 🔆

▪️ प्रतिभा एक ऐसी धनात्मक विशेषता है जो कि उस व्यक्ति के अंदर कुछ अद्भुत योग्यता के रूप में होती है ।और जो उसे अन्य प्रकार के बच्चों से अलग बनाती है।
▪️इन बच्चो की सबसे बड़ी विशेषता होती है कि यह चीजों को जल्दी सीख जाते है।
▪️प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि सामान्य बालकों से उच्च होती है अर्थात 90 से ऊपर वाली सभी बालक प्रतिभाशाली बालक की श्रेणी में आते हैं।
▪️प्रतिभा जो होती है वह जन्मजात होती है अर्थात जन्म के समय से ही अनुवांशिकता के समय प्रतिभा आती है जिसे बाद में वातावरण के बीच रहकर निखार आ जाता है।

🔅 टोरेंन्स के अनुसार
ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है, जो मानव व्यवहार के किसी भी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है, जो सामान्य बालकों के लिए महत्वपूर्ण होता है।

🔅 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान➖
प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं और उनका पता लगाना आसान नहीं होता, लेकिन पता लगाना भी अति आवश्यक या जरूरी है नहीं तो बच्चे की प्रतिभा दबती चली जाती है।

प्रतिभाशाली बालकों की पहचान कई तरीकों से की जा सकती है।

➡️ बुद्धि परीक्षण द्वारा
बुद्धि परीक्षण द्वारा कई व्यक्तियों के समूह या व्यक्तिगत रूप से परीक्षण कर प्रतिभाशाली बालक का चुनाव कर सकते हैं।

➡️ उपलब्धि परीक्षण द्वारा
व्यक्ति के कार्य को देखकर या उसके कार्य करने के तरीकों को देखकर या उसका इवैल्यूएशन कर प्रतिभाशाली बालक का पता कर सकते हैं।

➡️ अभिरुचि परीक्षाएं द्वारा
भविष्य की सफलता का ज्ञान हमारे वर्तमान की रुचि से ही पता चलता है। अर्थात बच्चे की वर्तमान रूचि को देखकर, उसके प्रतिभाशाली होने के गुण का पता लगाया जा सकता है।

डी हॉर्न एवं कफ ने एक सूची बनाई और बताया की प्रतिभाशाली बालक की पहचान कैसे करें

1 यह बालक स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थों को समझने व संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं।

2 ऐसे बच्चो में बिना रटे समझने का ज्ञान होता है।

3 शब्दों का ज्ञान बहुत विस्तृत होता है।
4 मौलिक चिंतन (वास्तविक चिंतन या जो जैसा है वैसा ही ,उस के बारे में चिंतन) कर सकते हैं।

5 सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं।
अर्थात सामान्य या छोटे छोटे कार्यों को करने में सामान्य बुद्धि का प्रयोग करते हैं।

🔅 प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएं
कई नए अनुसंधान है जिन्होंने यह सिद्ध किया है कि प्रतिभाशाली बालक ऊंचाई, स्वास्थ्य और शारीरिक संरचना में उच्च होते हैं।
बहुत जल्दी बोलना ,जल्दी चलना, बहुत प्रश्न पूछना इन सभी कार्यों में उच्च होते हैं।
इनकी कई विशेषताएं होती हैं जो कि निम्नानुसार है।

🔸 शारीरिक विशेषताएं
1 इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है। अर्थात स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का विकास होता है।
2 उत्तम शरीर वाले होते हैं।
3 सामान्य बच्चे से भर, ऊंचाई व शक्ति में अधिक होते हैं।
4 चलना और बोलना जल्दी सीखते हैं।
5 ज्ञानेंद्रियों का विकास उत्तम और शीघ्र होता है।
6 किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न होते हैं।

🔸 मानसिक/बौद्धिक विशेषताएं
1 ऐसे बच्चे किसी भी चीज का या कार्य का विश्लेषण, संश्लेषण, स्मरण और तर्क करने की विशेष योग्यता रखते हैं।
2 सीखने और समझने की असाधारण क्षमता।
3 अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता आती है।
4 शब्दकोश बहुत विस्तृत होता है।/वाक् वदुना ( बोलने की अधिक क्षमता)
5 मौलिक चिंतन व सूक्ष्म व सटीक निरीक्षण शक्ति होती है।
6 सामान्य विज्ञान, गणित में दक्ष या निपुण होते हैं।
7 उच्च बुद्धि लब्धि होती है।
8 उच्च सामान्य बुद्धि होती है।


✍🏻✍🏻✍🏻Menka patel ✍🏻✍🏻✍🏻

🌈🌈 प्रतिभाशाली बालक /gifted children / talented children🌈🌈

🎆 प्रतिभाशाली बालक:–
इस प्रकार के बालक सामान्य बालक के अलग होते हैं यह उनकी विशिष्टता है प्रतिभाशाली बालक जल्दी सीख जाते हैं तथा इनकी बुद्धि लब्धि सामान्य बालक से अधिक होती है और यह बालक व्यक्तित्व में जो अद्भुत योग्यता होती है यह बाकी बच्चों से भिन्न होते हैं प्रतिभाशाली वाला जन्मजात होते हैं

✍🏻टोरेन्स के अनुसार :- ऐसी बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करना है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है

🎆 प्रतिभाशाली बालक की पहचान:- प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होता है इनका पता लगाना आसान नहीं है लेकिन बालकों का पता लगाना अति आवश्यक और जरूरी है नहीं तो बच्चे की प्रतिभा दब के रह जाएगी

🍁 बुद्धि परीक्षण:– बुद्धि परीक्षण के द्वारा कई व्यक्तियों के समूह व्यक्तिगत रूप से हम प्रतिभाशाली का पता कर सकते हैं
🍁 उपलब्धि परीक्षण:– बच्चों की कार को देखकर उनके कार के तरीके द्वारा मूल्यांकन से प्रतिभाशाली बालक की पहचान कर सकते हैं

🍁 अभिरुचि परीक्षाएं द्वारा:– भविष्य की सफलताओं का ज्ञान तथा बच्चों की विधियों द्वारा प्रतिभाशाली होने के गुण का पता लगाया जा सकता है

🌺डी.हाॅन व कफ ने मैं अपनी सूची में प्रतिभाशाली बालक की पहचान कैसे करें बताया है जो निम्न है —

⭐ यह बालक स्पष्ट रूप से सोचने अर्थों को समझने व संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं

⭐ ऐसे बच्चों में बिना रखें समझने का ज्ञान होता है
⭐ ऐसे बच्चों का शब्द ज्ञान विस्तृत होता है

⭐ मौलिक चिंतन (वास्तविक चिंता ने या जो जैसा है वैसा ही उसके बारे में चिंतन) कर सकते हैं

⭐ सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं:- कैट के बच्चे अपने छोटे छोटे कार्यों को करने में सामान्य बुद्धि का प्रयोग करते हैं

🌈प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएं:-

🌺 कई नए अनुसंधान है जिन्होंने यह सिद्ध किया है कि प्रतिभाशाली बालक ऊंचाई स्वास्थ्य और शारीरिक रचना से उच्च होते हैं वह बहुत जल्दी बोलना चलना और प्रश्नों का इन सभी कार्यों में उच्च होते हैं

🍁 शारीरिक विशेषताएं:–

⭐ शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है

⭐ उत्तम शरीर वाले होते हैं
⭐सामान बच्चों से भार और शक्ति में अधिक होते हैं

⭐चलना बोलना जल्दी सीख जाते हैं

⭐ ज्ञानेंद्रियों का विकास उत्तम और शीघ्र होता है

⭐किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न होते हैं

🍁मानसिक बौद्धिक विशेषताएं:-

⭐ ऐसी बच्चे किसी भी चीज या काम का विश्लेषण ,संश्लेषण, स्मरण, और तर्क करने की विशेष योग्यता रखते हैं
⭐ सीखने और समझने की अवधारणा की क्षमता

⭐अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता आती है

⭐शब्दकोश बहुत विस्तृत होता है

⭐ मौलिक चिंतन सूचना व सटीक निरीक्षण शक्ति होती है

⭐ सामान्य विज्ञान गणित में दक्ष या निपुण होते हैं

⭐उच्च बुद्धि बुद्धि लब्धि होती है

⭐ उच्च सामान्य बुद्धि होती है

🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐


👉🏻 Notes by-Raziya khan

🔆प्रतिभाशाली बालक🔆

प्रतिभाशाली बालक यह बालक की एक विशिष्टता है,जो बालक की अद्भुत योगिता है, जिसके कारण प्रतिभाशाली बालक सामान्य बालक से भिन्न होता है। यह अद्भुत योग्यता सभी बालकों में नहीं होती हैं। प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि सामान्य बालक ओं से उच्च होती हैं।
प्रतिभा बालों में जन्मजात होती हैं इसे बाद में बढ़ाया या घटाया जा सकता है।
💫 इस प्रकार के बालकों के व्यक्तित्व में अद्भुत योग्यता होती है।
💫 प्रतिभाशाली बालक बाकी बच्चों से भिन्न होते हैं।
💫 प्रतिभाशाली बालक सामान्य बालकओं की अपेक्षा शीघ्र सीखते हैं।
💫 प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि सामान्य बच्चों से ऊपर होती हैं।
💫 प्रतिभाशाली बालकों में प्रतिभा जन्म से होती हैं

➡️टॉरेंस के अनुसार➡️
ऐसे बालक कोप्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी भी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो सामान्य बालकओं के लिए महत्वपूर्ण होता है।

🔆 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान🔆
प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं लेकिन इनका पता लगाना आसान नहीं होता है फिर भी इनका पता लगाना अति आवश्यक है यदि हम प्रतिभाशाली बालकों का पता नहीं लगाते हैं तो उस बालक में जो प्रतिभा है वह उसके अंदर ही दबकर रह जाएगी और वह हम तक नहीं पहुंच पाएगी।

🔅 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान निम्न परीक्षणों द्वारा की जा सकती हैं:-

1️⃣ बुद्धि परीक्षण द्वारा:- बुद्धि परीक्षण द्वारा कई व्यक्तियों के समूह या व्यक्तिगत रूप से परीक्षण करके प्रतिभाशाली बालक का पता लगाया जा सकता है।

2️⃣ उपलब्धि परीक्षण द्वारा:- व्यक्ति के कार्य करने का ढंग देख कर या उसके द्वारा किए गए भिन्न-भिन्न कार्यों को देख कर हम प्रतिभाशाली बालक की पहचान कर सकते हैं।

3️⃣ अभिरुचि परीक्षण द्वारा:- बालक के भविष्य की सफलता का अनुमान हम बालक के वर्तमान के रुचि से भी लगा सकते हैं।

🌟 डी हॉर्न व कफ की सूची के अनुसार प्रतिभाशाली बालक की पहचान:-

1️⃣ यह स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थों को समझने और संबंधों को पहचानने में है श्रेष्ठ होते हैं।

2️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में बिना रखकर समझने का ज्ञान होता है।

3️⃣ प्रतिभाशाली बालकों का शब्द ज्ञान विस्तृत होता है।

4️⃣ प्रतिभाशाली बालक मौलिक चिंतन कर सकते हैं

5️⃣ प्रतिभाशाली बालक सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक उपयोग करते हैं।

🌈 प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएं🌈

🌺 शारीरिक विशेषता🌺

1️⃣ शारीरिक विकास तीव्र होता है।

2️⃣ प्रतिभाशाली बालकों का शरीर उत्तम होता है।

3️⃣ प्रतिभाशाली बालक सामान्य बालक और से भार में, ऊंचाई में, और शक्ति में अधिक होते हैं।

4️⃣ प्रतिभाशाली बालक सामान्य बालक ओं की अपेक्षा बोलना और चलना जल्दी सीखते हैं।

5️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में ज्ञानेंद्रियों का विकास तीव्र और उत्तम होता है।

6️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न होते हैं।

🌺 मानसिक/बौद्धिक विशेषताएं

1️⃣ विश्लेषण, संश्लेषण, स्मरण, तर्क आदि की विशेष योग्यता होती हैं।

2️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में सीखने/समझने की असाधारण क्षमता होती है।

3️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता होती है।

4️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में शब्दकोश विस्तृत/वाकपटुता होती है।

5️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में मौखिक चिंतन/सूक्ष्म, सटीक, निरीक्षण शक्ति होती है।

6️⃣ सामान्य विज्ञान और गणित में दक्ष होते हैं।

7️⃣ प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि उच्च होती हैं।

8️⃣ प्रतिभाशाली बालकों में उच्च सामान्य बुद्धि होती है। 📚📚📚📚


*Notes by ✍🏻 *NishaYadav*

प्रतिभाशाली बालक
ऐसे बालक जो अपनी आयु के बालकों से साधारण/विशेष योग्यता में श्रेष्ठ हो, जो अपनी श्रेष्ठ क्षमता के आधार पर शैक्षिक उपलब्धियों या किसी विशेष क्षेत्र में -गणित, विज्ञान, कला, सृजनात्मक लेखन इत्यादि में उच्च स्तरीय प्रतिभा रखते हो,प्रतिभाशाली बालक कहलाते हैं। इनकी iq सामान्य से अधिक (140) के ऊपर होती है इनकी प्रतिभा जन्मजात होती है ये बाकी बालकों से भिन्न होते है प्रतिभाशाली बालक के व्यक्तित्व में एक ऐसीअदभुत योग्यता होती है जो सामान्य बालकों की अपेक्षा किसी कार्य को शीघ्रता से सीख जाते हैं।

टॉरेंस के अनुसार_
“ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता हैं, जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है, जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।”

🔆प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते है, लेकिन प्रतिभाशाली बालकों का पता लगाना इतना आसान नहीं।
प्रतिभाशाली बालकों की प्रतिभा को उबारने के लिए उनका पता लगाना अतिआवश्यक है🔆

🔆प्रतिभाशाली बालकों का चयन तथा पहचान करने के लिए निम्नलिखत विधियां काम में लाई जाती हैं-🔆

1)बुद्धि परीक्षण
ऐसे बालकों का पता लगाने के लिए कई प्रकार के बुद्धि परीक्षण का प्रयोग किया जाता हैं बुद्धि परीक्षण दो प्रकार से किया जा सकता है-

व्यक्तिगत बुद्धि परीक्षण:
प्रतिभाशाली बालकों के चयन में व्यक्तिगत बुद्धि परीक्षण सही रहता है इस परीक्षण द्वारा व्यक्तिगत रूप से बालक की बुद्धि का पता लगाया जाता हैं।

सामूहिक बुद्धि परीक्षण
सामूहिक बुद्धि परीक्षण द्वारा संपूर्ण कक्षा या वर्गो का परीक्षण कर उनमें से प्रतिभाशाली बालक का चयन किया जाता हैं

2)उपलब्धि परीक्षण
उपलब्धि परीक्षण द्वारा बालकों की शैक्षिक योग्यता उपलब्धि का पता लगाया जाता हैं।

3)_अभिरुचि परीक्षण
अभिरुचि परीक्षण में शिक्षक बालको की देनिक आयोजन करके उनकी रुचि ,योग्यता तथा प्रतिभा का पता लगाते हैं इस प्रकार वे प्रतिभाशाली बालको का चयन करते है ।

डी- हॉर्न एवं कफ की सूची_ यह सूची प्रतिभावान बालको के गुणों की सूची होती हैं,जिसका प्रयोग शिक्षक करता है इस सूची में कुछ प्रमुख गुण इस प्रकार है-
👉🏻बिना रटकर समझने का ज्ञान।
👉🏻शब्द – ज्ञान अधिक रखने वाला।
👉🏻 स्पष्ट रूप से सोचने , अर्थों को समझने , और संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं।
👉🏻सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं।
👉🏻 मौलिक चिंतन करने वाला।
👉🏻आसानी से याद करने वाला।

प्रतिभाशाली बालको की विशेषताएं
प्रतिभाशाली बालको की विभिन्न योग्यताओं का विकास करने के लिए एक सफल एवम् उपयोगी शैक्षिक कार्यक्रम की आवश्यकता होती हैं इसी क्रम में यह अत्यंत आवश्यक है, कि प्रतिभाशाली बालको की विशेषताओं का पता लगाया जाए। प्रतिभाशाली बालको की विशेषताओं निम्न बिन्दुओं पर आधारित है

1)शारिरिक विशेषताएं:-
👉🏻 इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है।
👉🏻ये उत्तम शरीर वाले होते हैं।
👉🏻ये चलना और बोलना जल्दी सीख जाते हैं।
👉🏻ये सामान्य बालकों से भार, ऊंचाई , और शक्ति में अधिक होते हैं।
👉🏻इनकी ज्ञानेंद्रियों का विकास शीघ्र व उत्तम होता है।
👉🏻इनमे किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न होने लगते हैं।

2)मानसिक अथवा बौद्धिक विशेषताएं:-
👉🏻ये विश्लेषण,संश्लेषण, स्मरण,तर्क इत्यादि की विशेष योग्यता रखते हैं।
👉🏻इनकी सीखने व समझने की क्षमता असाधारण होती हैं।
👉🏻ये सामान्य विज्ञान एवं गणित में दक्ष होते हैं।
👉🏻इनके अन्दर अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता अधिक होती है ।
👉🏻इनका शब्दकोश विस्तृत होता है वाक् पड़ने की अच्छी समझ होती है और सही से बोलने की क्षमता होती है।
👉🏻ऐसे बच्चे मौलिक चिंतन करते है।
👉🏻इनमे सुक्ष्म सटीक निरीक्षण शक्ति होती हैं।
👉🏻इनकी बुद्धि लब्धी सामान्य बालकों से अधिक होती हैं।
🙏🏻🙏🏻🔆🔆🙏🏻🙏🏻


✍🏻✍🏻manisha gupta✍🏻

🌸 प्रतिभाशाली बालक🌸

[ Gifted child /tallented child]

प्रतिभाशाली बालक अर्थात उस बालक में कुछ विशेष प्रतिभा निहित होती है ऐसे बालक जो अपनी श्रेष्ठ क्षमता के बल पर सच्ची उपलब्धियों में विद्यालय स्तर पर स्थान प्राप्त करते हैं और जो इन बालकों में प्रतिभा होती है यह प्रतिभा एक ऐसी धनात्मक प्रक्रिया है या विशिष्टता है जो बालक के व्यक्तित्व में एक अद्भुत योग्यता होती है वह उन्हें सामान्य से भिन्न बनाते हैं। यह प्रतिभा जन्मजात होती है जिसे समय के साथ निखारा जाता है। इनकी बुद्धि लब्धि सामान्य से अधिक और 140 के ऊपर होती है।

✔️ प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि सामान्य से उच्च होती है।

✔️ प्रतिभाशाली बालक शीघ्र ही किसी चीज को सीख जाते हैं।

✔️ प्रतिभाशाली बालक अत्यंत जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं।

✔️ प्रतिभाशाली बालक में सामान्य बालकों से अधिक ज्ञान होता है।

✔️ यह बालक कठिन मानसिक कार्य को भी आसानी से करने में सक्षम होते हैं।

✔️ प्रतिभाशाली बालकों में सकारात्मक आत्मविश्वास होता है।

✔️ प्रतिभाशाली बालक विषय वस्तु के अलावा भी अन्य पुस्तकों का अध्ययन करने में रुचि लेते हैं।

🧠 प्रतिभाशाली बालक की परिभाषा
🎯 टॉरेंस के अनुसार ''ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।''

🧐 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं इनका पता लगाना आसान नहीं है लेकिन इनकी पहचान करना अति आवश्यक है और इनकी पहचान नहीं कर पाए तो बच्चे की प्रतिभा दबके रह जाती है।

✔️देश की उन्नति व प्रगति के लिए प्रतिभाशाली बालक की महती आवश्यकता होती है यह निश्चित है कि प्रतिभाशाली बालक राष्ट्र व समाज की अमूल्य निधि व संपत्ति हैं अतः देश व समाज के लिए यह आवश्यक है कि वे प्रतिभाशाली बालकों के प्रतिभाओं का उचित सम्मान करें तथा किसी भी प्रकार से उसका चयन करके उनके ज्ञान, योग्यता व क्षमता का समाज व राष्ट्र के हित में योगदान ले इसीलिए इनकी पहचान करना अत्यंत आवश्यक है।

प्रतिभाशाली बच्चे की पहचान करने के लिए निम्न तरीके अपनाए जा सकते हैं जो इस प्रकार से हैं

📚 बुद्धि परीक्षण के द्वारा➖ बुद्धि परीक्षण के द्वारा व्यक्तियों के प्रतिभाशाली होने की पहचान कर सकते हैं और यह बुद्धि परीक्षण व्यक्तिगत एवं समूह दोनों रूप से कर सकते हैं।

सामूहिक परीक्षण में संपूर्ण कक्षा या वर्गों का परीक्षण कर उनमें से प्रतिभाशाली बालक का चयन किया जा सकता है यह कम समय में कम श्रम के साथ एक समूह में प्रतिभाशाली बालकों का चयन कर सकते हैं।

📚 उपलब्धि परीक्षण द्वारा(achievement test)➖ उपलब्धि परीक्षण के द्वारा भी प्रतिभाशाली बालक की पहचान की जा सकती है जैसे किसी व्यक्ति के कार्यों को देख कर और उस कार्य को कितने अच्छे तरीके से कर रहा है उनका मूल्यांकन करके पहचान की जा सकती है।

✔️उपलब्धि परीक्षण को निष्पत्ति परीक्षण भी कहा जाता है इस परीक्षण में उपलब्धि जितनी होगी बालक की प्रतिभा भी उतनी अधिक होगी।

📚 अभिरुचि परीक्षण द्वारा(aptitude test)➖ किसी बच्चे की वर्तमान रुचि को देखकर उसके भविष्य की सफलता का पता लगाया जा सकता है। वर्तमान रुचि को देखकर ही उसके प्रतिभाशाली होने की पहचान की जा सकती है।

✔️एक बालक का जीवन शिक्षकों के साथ अधिक रहता है शिक्षक छात्रों का दैनिक अवलोकन करते हैं जिसके द्वारा वे बालक की विभिन्न योग्यता तथा प्रतिभा का अनुमान लगा लेते हैं इस प्रकार वे प्रतिभाशाली बालक का चुनाव कर सकते हैं।

डी हाॅन व कफ के अनुसार➖ इनके द्वारा पांच प्रकार की सूची बनाई गई है जिससे प्रतिभाशाली बालक की पहचान की जा सकती है ‌

1️⃣ प्रतिभाशाली बालक स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थों को समझने ,संबंधों को पहचानने में, श्रेष्ठ होते हैं‌।

2️⃣ इन बालकों में बिना रट के समझने का ज्ञान होता है।

3️⃣ ऐसे बच्चों का शब्द ज्ञान विस्तृत होता है।

4️⃣ ये बालक मौलिक चिंतन कर सकते हैं ( real based fact /वास्तविकता पर चिंतन करते हैं)

5️⃣ यह बालक सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं।

🎯 प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएं कई रिसर्च अनुसंधान में यह पाया गया कि प्रतिभाशाली बालक ऊंचाई ,स्वास्थ्य और शारीरिक संरचना, जल्दी बोलना, जल्दी चलना, बहुत प्रश्न पूछना जैसे कार्यों में उच्च होते हैं।

🧠प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताओं को इस प्रकार से समझाया जा सकता है➖

🟥 शारीरिक विशेषताएं

✍🏻 इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है।

✍🏻 उत्तम शरीर वाले होते हैं।

✍🏻 प्रतिभाशाली बालक ,सामान्य बच्चे की तुलना में भार , ऊंचाई ,और शक्ति में अधिक होते हैं।

✍🏻 चलना और बोलना जल्दी सीखते हैं।

✍🏻 ज्ञानेंद्रियों का विकास उत्तम और शीघ्र होता है।

✍🏻 किशोरावस्था के लक्षण इनमें शीघ्र उत्पन्न होते हैं।

🟥 मानसिक /बौद्धिक विशेषताएं

✍🏻 विश्लेषण संश्लेषण स्मरण और तर्क इत्यादि की विशेष योग्यता रखते हैं।

✍🏻 सीखने और समझने की असाधारण क्षमता होती है।

✍🏻 अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता भी बेहतर होती है।

✍🏻 इन बालकों का शब्दकोश बहुत विस्तृत होता है वाकपटुता या बोलने की क्षमता अधिक होती है।

✍🏻 मौलिक चिंतन व सूक्ष्म व सटीक निरीक्षण शक्ति होती है।

✍🏻 सामान्य विज्ञान और गणित में दक्ष या निपुण होते हैं।

✍🏻 उच्च बुद्धि लब्धि होती है

✍🏻 उच्च सामान्य बुद्धि होती है

✍🏻 बुद्धि एवं व्यवहारिक ज्ञान का उपयोग सामान्य बालक से अधिक करते हैं।

✍🏻 मानसिक प्रक्रिया में तीव्रता होती है।

✍🏻 कठिन मानसिक कार्य को भी आसानी से करने में सक्षम होते हैं।

📚📚 धन्यवाद📚📚


Date 22/10/2020. Nots by sanu sanwle

🔘 प्रतिभाशाली बालक . gifted children

🔹 प्रतिभाशाली बालक जन्म से ही अद्भुत योग्यता वाले होते हैं
🔹 वे अपनी प्रतिभा से कुछ ऐसे कार्य करने लगते हैं कि माता-पिता तथा अन्य लोगों को चकित कर देते हैं
🔹 प्रतिभाशाली सामान्य बालक से भिन्न होते और जल्दी सीखते हैं
🔹 यह उच्च बुद्धि वाले होते हैं इनकी प्रतिभा जन्मजात होती है

🔘 टॉरेंस के अनुसार

🔹ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है

🔘 प्रतिभाशाली बालक की पहचान

🔹प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक रहते हैं
इनका पता लगाना आसान नहीं होता है
लेकिन इनका पता लगाना अति आवश्यक होता है नहीं तो ऐसे बच्चों के प्रतिभा दबकर रह जाती है।

🔘 प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करने के लिए कुछ परीक्षण है

1 बुद्धि परीक्षण

🔹इस परीक्षण से बालक की बुद्धि लब्धि का पता लगाया जाता है जिससे उसेके भविष्य के विकास की रूपरेखा बनाई जा सकती है

2 उपलब्धि परीक्षण

🔹 इस परीक्षण से बालक की उपलब्धि का पता लगाया जा सकता है किसी क्षेत्र में कितनी उपलब्धि है

3 अभिरुचि परीक्षण

🔹 इस परीक्षण से बालक की आंतरिक विशेष योग्यता या रुचि का पता लगाया जा सकता है

🔘 प्रतिभाशाली बालक को पहचानने के लिए

🔵 डी हांन व कप ने ➖ एक सूची बनाइ

🔹 इस सूची के अनुसार प्रतिभाशाली बालक को आसानी से पहचाना जा सकता है

1 ये स्पष्ट रूप से सोचने , अर्थो को समझने, और संबंधों को पहचानने में श्रैष्ठ होते हैं

2 बिना रट कर समझने का ज्ञान होता है

3 शब्दों का ज्ञान विस्तृत होता है

4 ये मौलिक चिंतन कर सकते हैं

5 यह सामान्य बुद्धि का बहुत ही अधिक प्रयोग करते हैं

🔘 प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएं

1 शारीरिक संरचना के आधार पर

🔹 प्रतिभाशाली बालकों की शारीरिक संरचना में उचाई अधिक, स्वास्थ्य होते हैं जल्दी बोलना सिख जाते हैं जल्दी चला सिख जाते हैं बहुत प्रश्न करते हैं यह जन्मजात होती है

1 इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है

2 यह उत्तम शरीर वाले होते हैं

3 सामान्य बालक से भार ,ऊंचाई और शक्ति में अधिक होते हैं

4 ये चलना और बोलना जल्दी सीख जाते हैं

5 ज्ञानइंद्रियों का विकास शीघ्र और उत्तम होता है

5 इनमें किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न होने लगते ।

🔘 मानसिक और बौद्धिक आधार पर

1 प्रतिभाशाली बालक में विश्लेषण, संश्लेषण, स्मरण शक्ति, तर्क शक्ति ,की विशेष योग्यता होती है

2 सीखने समझने की असाधारण क्षमता

3 अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता

4 शब्दकोष विस्तृत / वाकपटुता

5 मौलिक चिंतन , सुक्ष्म सटीक निरीक्षण शक्ति

6 सामान्य विज्ञान व गणित में दक्ष

7 उच्च बुद्धि लब्धि

8 उच्च ,सामान्य बुद्धि लब्धि


✍🏻🌺 Shashi Choudhary🌺

🌺 प्रतिभाशाली बालक ( Gifted children/talented children)

🟣 प्रतिभाशाली बालक:-
प्रतिभाशाली बालक धनात्मक या सकारात्मक विशिष्टता के लिए होते हैं। बालक के व्यक्तित्व में अद्भुत योग्यता होती है जो बाकी बच्चों से इन्हें भिन्न बनाती है। इनकी बुद्धि लब्धि सामान्य से ऊपर होती है इसीलिए यह शीघ्र सीखते हैं इनकी प्रतिभा जन्मजात होती हैं।

🖋️ टॉरेंस के अनुसार:- ऐसे बालक जो प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।

💫 प्रतिभाशाली बालक की पहचान:- प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होता है इनका पता लगाना आसान नहीं है लेकिन इसका पता लगाना अति आवश्यक है क्योंकि अगर हम प्रतिभाशाली बच्चों का पता नहीं लगा पाएंगे तो बच्चे की प्रतिभा दब के रह जाएगी इसलिए यह अत्यधिक महत्वपूर्ण है कि हमें प्रतिभाशाली बच्चों की योग्यता को पहचाने।

💫 बुद्धि परीक्षण:- बुद्धि परीक्षण के माध्यम से हम प्रतिभाशाली बच्चों का पता लगा सकते हैं।

💫 उपलब्धि परीक्षण:- उस बालक के कार्य को देखकर और कार्य करने के तरीके को देखकर या उसका मूल्यांकन कर प्रतिभाशाली बच्चों का पता लगाया जा सकता है।

💫 अभिरुचि परीक्षण :-भविष्य की सफलता का अंदाज वर्तमान की निरीक्षण से ही पता चलता है

🟣 डी हॉर्न व कफ ने एक सूची बनाई और बताया की प्रतिभाशाली बालकों की पहचान कैसे करें

1- प्रतिभाशाली बालक स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थो को समझने और संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं।

2- ऐसे बच्चों में बिना रटे समझने का ज्ञान होता है।

3- शब्दों का ज्ञान विस्तृत होता है।

4- मौलिक चिंतन कर सकते हैं।

5- सामान्य कार्यों को करने में सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं।

💫 प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएं-
हाल ही में एक नए अनुसंधान ने यह सिद्ध किया है कि प्रतिभाशाली बालक ऊंचाई, स्वास्थ्य और शारीरिक संरचना में उच्च होते हैं तथा बहुत जल्दी बोलना ,जल्दी चलना बहुत प्रश्न पूछता है।

🟣 शारीरिक विशेषताएं:-
🖋️ इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है
🖋️ वह उत्तम शरीर वाले होते है।
🖋️ सामान्य बच्चे से भार, ऊंचाई और शक्ति में अधिक होते हैं।

🖋️ जल्दी चलना और बोलना सीखते हैं।
🖋️ ज्ञान इंद्रियों का विकास शीघ्र व उत्तम होता है।

🖋️ किशोरावस्था के लक्षण से उत्पन्न होते हैं।

🟣 मानसिक व बौद्धिक विशेषताएं:-

🖋️ ऐसे बच्चे किसी चीज का या कार्य का विश्लेषण संश्लेषण स्मरण और तर्क करने की योग्यता रखते हैं

🖋️ सीखने और समझने की असाधारण क्षमता रखते हैं।

🖋️अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता रखते हैं।

🖋️ शब्दकोश बहुत विस्तृत होता है
वाकपटुता( बोलने की क्षमता)होती है।

🖋️ मौलिक चिंतन सूक्ष्म व सटीक निरीक्षण शक्ति होती है।

🖋️ सामान्य विज्ञान ,गणित में दक्ष या निपुण होते हैं।

🖋️ उच्च बुद्धि लब्धि होती है।
🖋️ उच्च सामान्य बुद्धि होती है। 🟣🟡🟢🔵


🌟Notes by :- Neha Kumari😊

🌟 प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएं :-

▪️जो बच्चे सामान्य से अलग हो वह प्रतिभाशाली होते हैं।

▪️ बच्चों में प्रतिभाशालीता जन्मजात होती है।

▪️ प्रतिभाशाली बच्चों की बुद्धि लब्धि सामान्य बच्चों से अधिक होती है। तथा इनकी आई क्यू भी १४०+ होती है।

▪️ऐसे बालक अपने विशिष्ट प्रतिभाशालीता के कारण कोई भी कार्य विशेष,सृजनात्मकता इत्यादि जैसे किसी भी कार्य को असाधारण तरीके से जल्दी समायोजित कर लेते अथवा सीख लेते हैं।

🌟 टोरेंस के अनुसार प्रतिभाशालीता के गुण :-

▪️ ऐसा बालक जो प्रतिभाशाली व प्रवीण कहा जाता है, जो मानव व्यवहार की किसी भी क्षेत्र में ऐसा प्रदर्शन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।

🌟 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान :-

▪️ प्रतिभाशाली बालकों का पता लगाना आसान नहीं है। इसके लिए हमें अपने दैनिक जीवन तथा शिक्षण कार्य कक्षा – कक्ष में प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान करना अति आवश्यक है ताकि किसी भी योग्य और प्रतिभाशाली बालक का भविष्य में कभी ऐसा ना हो कि उनकी प्रतिभाशालीता के गुण का दमन हो जाए और प्रतिभाशाली बच्चे दबकर पीछे रह जाएँ।

🌟 प्रतिभाशाली बच्चों की परीक्षण निम्न प्रकार से की जा सकती है :-

💫 अलग-अलग परीक्षणों द्वारा हम बच्चों के मानसिक, मानसिक,सामाजिक,शारीरिक और शैक्षिक स्तर का पता लगा सकते हैं। जो कि निम्नलिखित हैं :-

▪️ बुद्धि परीक्षण द्वारा
▪️ उपलब्धि परीक्षण द्वारा
▪️ अभिरुचि परीक्षण द्वारा

▪️ बुद्धि परीक्षण द्वारा :-

💫 यह परीक्षण बालकों के किसी भी समूह में या व्यक्तिगत रूप से भी की जा सकती है। जिसके द्वारा प्रतिभाशाली बालक का पता लगाया जा सकता है।

▪️ उपलब्धि परीक्षण द्वारा :-

💫 व्यक्ति के कार्य करने अथवा उसके हाव-भाव तथा उपलब्धियों को देखते हुए,अवलोकन करते हुए भी प्रतिभाशाली बालक का परीक्षण किया जा सकता है।

▪️ अभिरुचि परीक्षण :-

💫 किसी भी बालक के रूचि कार्य और उसके भूत भविष्य और वर्तमान की उपलब्धियों तथा अभिरुचियों को देखकर उसका मूल्यांकन करके प्रतिभाशाली बालक का पता किया जा सकता है।

🌟 डी.हार्न व कफ के अनुसार प्रतिभाशाली बच्चों के परीक्षण करने का प्रकार निम्नलिखित है:-

💫 ऐसे बालक किसी भी कार्य को सोचने – समझने,तर्क करने वह अन्य कार्य करने में विशिष्ट रूप से सक्षम होते हैं।

💫 ऐसे बच्चों में बिना रटे समझने का ज्ञान होता है।

💫 ऐसे बच्चों में सोचने की क्षमता तथा शब्द भंडार भी बहुत विस्तृत होती है।

💫 ऐसे बच्चे छोटे-छोटे कार्यों में अपने सामान्य बुद्धि का प्रयोग कर अपनी प्रतिभाशालीता का अर्थ स्पष्ट करते हैं।

🌟 प्रतिभाशाली बालकों में होने वाली शारीरिक विशेषताएं :

💫 ऐसे बच्चों का शारीरिक विकास तीव्र होता है।

💫 ऐसे बालकों का शारीरिक क्षमता भी उत्तम प्रकार का होता है।

💫 ऐसे बच्चे सामान्य बच्चों से भार,ऊंचाई,गति तथा शक्ति में भी उत्तम होते है।

💫ऐसे बच्चों में सीखने की क्षमता बहुत ही तीव्र होती है,जो अन्य सामान्य बच्चों की अपेक्षा अत्यधिक आसानी से सीख लेते हैं।

▪️जैसे कि हम देखते है,कोई बच्चे बचपन में किसी कार्य को,जैसे :- चलना,बोलना, समायोजन करने की क्षमता, भावनाओं इत्यादि में तीव्रता प्रदर्शित करते हैं।

💫इनमे ज्ञानेंद्रियों का विकाश भी तीव्र एवं अतिशीघ्र होती है।

💫 इनमें किशोरावस्था या अन्य अवस्थाओं की अनुक्रिया भी शीघ्र ही उत्पन्न होने लगती है।

🌟 मानसिक व बौद्धिक रूप से प्रतिभाशाली बच्चों कि विशेषताएं :-

💫ऐसे बच्चे में किसी भी चीज या कार्य में विश्लेषण,संश्लेषण, स्मरण शक्ति,तर्क शक्ति की भी विशेष योग्यता होती है।

💫सीखने,सोचने – समझने की असाधारण क्षमता।

💫 अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता।

💫विस्तृत शब्दकोश/वाकपटुता

💫मौलिक चिंतन तथा सूक्ष्म – सटीक निरीक्षण शक्ति।

💫सामान्य विज्ञान व गणित में दक्ष।

💫उच्च बुद्धि वाले।

💫उच्च और सामान्य दोनों बुद्धि वाले।

🌟🌟 धन्यवाद्👏👏

🌸🌸🥳🥳🌸🌸


✍ PRIYANKA AHIRWAR ✍

📖 प्रतिभाशाली बालक 📖

🎯 प्रतिभाशाली बालक बालक होता है जो सामान्य से उच्च श्रेणी का होता है, जिसकी बुद्धि लब्धि 140 से अधिक हो सकती है जो कि धर्म के अनुसार है।

🍁 प्रतिभाशाली बालक के बारे में कुछ मुख्य तथ्य जो कि निम्नलिखित हैं:-
👉 प्रतिभाशाली बालक मे प्रतिभा जन्मजात होती है, जो कि उसे उसके वंशानुक्रम से प्राप्त होती है।
👉 प्रतिभाशाली बालक के व्यक्तित्व में अद्भुत योग्यता होती है, जो कि उसे सामान्य से विशिष्ट बनाती है।
👉 प्रतिभाशाली बालक बाकी बच्चों से भिन्न होते हैं।
👉 प्रतिभाशाली बालकों में सीखने की क्षमता शीघ्र होती है, वह जल्दी सीख जाते हैं।
👉 प्रतिभाशाली बालक की बुद्धि लब्धि सामान्य से ऊपर होती है। 🌺🌺एक महत्वपूर्ण तथ्य🌺🌺

📝 सामान्यता हम जानते हैं, कि प्रतिभाशाली बालक की बुद्धि लब्धि 140 होती है, लेकिन औसत बालक की बुद्धि लब्धि से अधिक होने पर भी बालक प्रतिभाशाली हो सकता है। अगर उसकी बुद्धि लब्धि 110 से अधिक है, तो भी वह प्रतिभाशाली वाला की श्रेणी में माना जा सकता है। तो यह आवश्यक नहीं है, कि केवल 140 बुद्धि लब्धि हो वही बालक प्रतिभाशाली होगा ।

🎀 टॉरेंस के अनुसार प्रतिभाशाली बालक की परिभाषा:- ऐसे बालक को प्रवीण या प्रतिभाशाली कहा जाता है, जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है, जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।
📝 कुछ मुख्य तथ्य प्रतिभाशाली बालक के विषय में:- 👉 प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं।
👉 प्रतिभाशाली बालकों का पता लगाना आसान नहीं होता है।
👉 प्रतिभाशाली बालकों का पता लगाना भी आवश्यक होता है।
👉 प्रतिभाशाली बालकों का पता लगाया नहीं गया, तो उन बालकों की प्रतिभा दबकर रह जाएगी।

🌲 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान करने के लिए निम्नलिखित प्रयास किए जाने चाहिए:-

🎗 बुद्धि परीक्षण:-
बुद्धि परीक्षण के माध्यम से हम प्रतिभाशाली बालक के बारे में पता लगा सकते हैं, कि वह बालक प्रतिभावान है। यह जाने के लिए हमें उस बालक का बुद्धि परीक्षण करना होगा जिससे की बुद्धि लब्धि के आधार पर हम उस बालक के बारे में जान पाए।

🎗 उपलब्धि परीक्षण:-
उपलब्धि परीक्षण के माध्यम से भी हम बालक के बारे में जान सकते हैं, उस बालक के कार्यों को देख कर, उन कार्यों को देखने के बाद मूल्यांकन करके यह पता लगा सकता हैं, कि वह बालक प्रतिभाशाली बालक है या नहीं। अतः उसके कार्यों के आधार पर हम ज्ञात कर सकते हैं, कि उस बालक को किस श्रेणी में रखा जाए।

🎗 अभिरुचि परीक्षण:-
अभिरुचि परीक्षण के माध्यम से भी हम यह ज्ञात कर सकते हैं, कि बालक प्रतिभावान है या नहीं। इसके लिए हमें उस बालक की रूचियों को जानना होगा। जिस कार्यों में उसकी रुचि होती है, उन कार्यों को वह भली-भांति प्रकार से कर पाता है। अतः हम कह सकते हैं, कि अभिरुचि परीक्षण के द्वारा भी प्रतिभाशाली बालक पता लगाया जा सकता है।
उपरोक्त सभी परीक्षणों के माध्यम से हम प्रतिभाशाली बालक की पहचान कर सकते हैं।

🎀 डी. हार्न व कफ ( D. Harn $ Kaf ) की सूची 🎀

🎯 डी. हार्न व कफ ने अपनी सूची में प्रतिभाशाली बालकों की पहचान करने के लिए मुख्य पांच बिंदु दिए हैं, जो कि निम्नलिखित हैं:-
1️⃣ प्रतिभाशाली बालक स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थों को समझने और संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं।
2️⃣ प्रतिभाशाली बालक बिना रट कर के समझने का ज्ञान होता है।
3️⃣ प्रतिभाशाली बालकों को शब्दों का विस्तृत ज्ञान होता है।
4️⃣ प्रतिभाशाली बालक मौलिक चिंतन कर सकते हैं।
5️⃣ प्रतिभाशाली बालक सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं। 🍁प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताऐ 🍁

♦️ प्रतिभाशाली बालक ऊँचाई, आकार, स्वास्थ्य और शारीरिक संरचना में उच्च होते है।
♦️ जल्दी बोलना, जल्दी चलना और अत्याधिक प्रश्न पूछते हैं। 🌲 शारीरिक विशेषताएं 🌲

🍂 प्रतिभाशाली बालकों का शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है।
🍂 यह बालक उत्तम शरीर वाले होते हैं।
🍂 यह बालक सामान्य बच्चे से भार, ऊचाई एवं शक्ति में अधिक होते हैं।
🍂 सामान्य बालकों की अपेक्षा चलना और बोलना जल्दी सीख जाते हैं।
🍂 इन बालकों में ज्ञानेंद्रियों का विकास शीघ्र एवं उत्तम होता है।
🍂 प्रतिभाशाली बालकों में किशोरावस्था के लक्षण भी शीघ्र दिखाई देने लगते हैं। 🌿 मानसिक/बौद्धिक विशेषताएं 🌿

🌈 प्रतिभाशाली बालकों में विश्लेषण, संश्लेषण, स्मरण एवं तर्क आदि की विशेष योग्यताएं होती है।
🌈 इन बालकों में सीखने एवं समझने की असाधारण क्षमता होती है।
🌈 अमूर्त तथ्यों को समझने की बेहतर क्षमता होती है,जो कि उन्हें अन्य से विशिष्ट बनाती है
🌈 प्रतिभाशाली बालकों का शब्दकोश विस्तृत होता है उनके पास शब्दों का भंडारण होता है।
🌈 वाक्पटुता ( बोलने की क्षमता ) अन्य बालकों से अधिक होती है।
🌈 मौलिक चिंतन, गहन चिंतन, सूक्ष्म एवं निरीक्षण शक्ति होती है।
🌈 प्रतिभाशाली बालकों में सामान्य विज्ञान एवं गणित में दक्षता होती है।
🌈 इन बालको में उच्च बुद्धि लब्धि होती है, जो कि सामान्य से भिन्न होती है।
🌈 उच्च सामान्य बुद्धि होती है। 📗 समाप्त 📗

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📝 Nots by 📝
🔰Sapna sahu🔰
🔸 प्रतिभाशाली बालकों में प्रतिभा जन्मजात होती है जो उन्हें उनके वंशानुक्रम से प्राप्त होती हैं ➡️ टोरेन्स के अनुसार

ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है
🔰प्रतिभाशाली बालक की पहचान🔰
1प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं
2 प्रतिभाशाली बालक की पहचान करना आसान कार्य नहीं है
3 प्रतिभाशाली बालक का पता लगाना अति आवश्यक है
4 यदि हम प्रतिभाशाली बालक की पहचान नहीं करेंगे तो बच्चे की प्रतिभा दबकर रह जाएगी हमें उसकी प्रतिभा को पहचान कर उसे आगे बढ़ाना चाहिए
🔰प्रतिभाशाली बालक की पहचान करने के लिए हम निम्न कार्य कर सकते हैं🔰
1 बुद्धि परीक्षण के द्वारा
प्रतिभाशाली बालकों की पहचान हम बुद्धि परीक्षण के द्वारा कर सकते हैं प्रत्येक बच्चे की बौद्धिक क्षमता अलग-अलग होती है जो बच्चे प्रतिभाशाली होते हैं उनके बुद्धि लब्धि सामान्य बालको से उच्च होती है वह अपने कार्य में निपुण होते हैं तथा टीचर के बताए अनुसार सभी कार्यों एवं निर्देशों का पालन करते हैं
2 उपलब्धि परीक्षण के द्वारा
उपलब्धि परीक्षण के द्वारा हम प्रतिभाशाली बालकों की पहचान कर सकते हैं हम उनके विभिन्न कार्यों को देखते हैं और उसका मूल्यांकन करते हैं बच्चे के विभिन्न कार्यों को देखते हुए मूल्यांकन करके हम इस निर्णय पर पहुंचते हैं कि बच्चे को किस श्रेणी में रखा जा सकता है बच्चे क्लास में ही अपनी योग्यताओं को प्रदर्शित करते हैं उससे भी हम अनुमान लगा सकते हैं कि बच्चा प्रतिभाशाली है या नहीं
3 अभिरुचि परीक्षाएं
अभिरुचि परीक्षण से हम प्रतिभाशाली बालकों की पहचान कर सकते हैं बच्चों की जिस कार्य में रूचि होती है बच्चे उस कार्य को लगन से करते हैं तथा उन्हें वह कार्य आसान लगता है इससे हम पता कर सकते हैं कि बच्चा किस कार्य में रुचि ले रहा है तथा वह किस कार्य में आगे बढ़ना चाहता है हमें उनकी इस प्रतिभा को बढ़ावा देना चाहिए जिससे वह आगे चलकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बना सकें
➡️ डी हाँन व कफ के अनुसार
इन्होंने प्रतिभाशाली बालकों को पहचानने के लिए एक सूची बनाई जो निम्न प्रकार है
1 प्रतिभाशाली बालक स्पष्ट रूप से सोचने अर्थों को समझने और संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं जिन बच्चों में यह सब गुण पाए जाते हैं वह प्रतिभाशाली बालक कहलाते हैं
2 बिना रट कर समझने का ज्ञान
प्रतिभाशाली बालक किसी भी ज्ञान को प्राप्त करने के लिए उसे रटते नहीं हैं बल्कि उसे समझ कर वह ज्ञान प्राप्त करते हैं
3 शब्द ज्ञान विस्तृत होता है
शब्द भंडार होने पर शब्दों को सही सामंजस्य करना और उन्हें एक माला में पिरोना प्रतिभाशाली बालक की पहचान है
4 मौलिक चिंतन कर सकते हैं
अर्थात दुनिया में जो चीज जैसी है उसे उस तरीके से सोच सकते हैं उस पर अपना तर्क वितर्क लगा सकते हैं
5 सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं
प्रतिभाशाली बालक अपनी सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं बार-बार प्रयोग करके तथा किसी विषय पर तर्क वितर्क लगाकर वह अपनी प्रतिभा को और निखार लेते हैं
🔰प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएं🔰
🌐 नए अनुसंधान में पाया गया
प्रतिभाशाली बालक ऊंचाई स्वास्थ्य शारीरिक संरचना में उच्च होते हैं जल्दी बोलना जल्दी चलना फुर्तीले बहुत अधिक प्रश्न करना यह सब प्रतिभाशाली बालकों की निशानी है
➡️ प्रतिभाशाली बालक की शारीरिक विशेषताएं
1 शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है
2 उत्तम शरीर वाले होते हैं
3 सामान्य बच्चे से भार ऊंचाई और शक्ति में अधिक होते हैं
4 चलना और बोलना जल्दी सीखते हैं
5 ज्ञानेंद्रियों का विकास शीघ्र और उत्तम होता है
6 किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न हो जाते हैं
🔰 मानसिक बौद्धिक विशेषताएं🔰
1 प्रतिभाशाली बालक किसी भी चीज का विश्लेषण संश्लेषण तर्क स्मरण जैसे इत्यादि की विशेष योग्यता रखता है
2 सीखने समझने की असाधारण क्षमता होती है
3 अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता भी इनके अंदर होती है
4 शब्दकोश विस्तृत होता है वाकपटुता होते हैं
5 मौखिक चिंतन सूक्ष्म सटीक निरीक्षण करता है
6 प्रतिभाशाली बालक सामान्य ज्ञान सामान्य विज्ञान एवं गणित में दक्ष होते हैं
7 उच्च बुद्धि लब्धि होती है
8 प्रतिभाशाली बालक में उच्च सामान्य बुद्धि लब्धि होती है 🌐 समाप्त🌐


✍🏻✍🏻 रितु योगी✍🏻✍🏻
👩🏻‍🎓प्रतिभाशाली बालक👩🏻‍🎓 🥇प्रतिभाशाली बालक ऐसे बालक होते हैं, जो सामान्य बालकों से श्रेष्ठ होते हैं,जिन की बुद्धि लब्धि सामान्य बालकों से अधिक होती है!
👉🏻 ऐसे बालकों में प्रतिभा जन्मजात होती है,जो अनुवांशिकता से आती है!
👉🏻 ऐसे बालकों में व्यक्तित्व की अद्भुत योग्यता होती है!
👉🏻 प्रतिभाशाली बालक बाकी बालको से भिन्न होते हैं, सामान्य बच्चों की तुलना में शीघ्र सीख जाते हैं,बुद्धि लब्धि में भी सामान्य बच्चों से ऊपर होते हैं!
🤵🏻 टोरें स के अनुसार—– ऐसे बालकों को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है,जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करते हैं जो समाज के लिए महत्वपूर्ण है!
👩🏻‍🎓 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान👨🏻‍🎓
✍🏻 प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं, इनका पता लगाना आसान नहीं है, लेकिन पता लगाना अति आवश्यक है, नहीं तो, बच्चे की प्रतिभा दबकर रह जाती हैं!
✍🏻 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान निम्न बिंदुओं को ध्यान में रखकर कर सकते हैं!
👉🏻 बुद्धि परीक्षण== परीक्षाओं के माध्यम से बुद्धि परीक्षण करके प्रतिभाशाली बालकों की पहचान कर सकते हैं!
👉🏻 उपलब्धि परीक्षण( निष्पत्ति परीक्षण)== बालकों की उपलब्धि देख कर भी बुद्धि का पता लगा सकते हैं!
👉🏻 अभिरुचि== बालकों की रूचि को देखकर कि कौन से बालक की किस क्षेत्र में रुचि है,और जिस क्षेत्र में उसकी रूचि है,वह उसमें किस प्रकार का प्रदर्शन कर रहा है, यह देख कर भी हम बच्चों की प्रतिभा का पता लगा सकते हैं!
👉🏻👮🏻‍♂ D. hon व क फ —–
के अनुसार प्रतिभाशाली को पहचानना👮🏻‍♂️
👉🏻प्रतिभाशाली बालक स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थो को समझने ,और संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं!
👉🏻 ऐसे बालकों को बिना रट कर समझने का ज्ञान होता है ,ऐसे बालक बिना रटे ही समझ जाते हैंl
👉🏻 शब्द का ज्ञान विस्तृत होता है, शब्दों का भंडार होता है!
👉🏻 मौलिक चिंतन कर सकते हैं! (वास्तविकता पर चिंतन )
👉🏻 ऐसे बालक सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं!
🕵🏻‍♀️ प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएं🕵🏻‍♀️
✍🏻 कई सारे रिसर्च व अनुसंधान द्वारा पता चला कि—–
👉🏻 प्रतिभाशाली बालक सामान्य से अधिक ऊंचाई वाले होते हैं!
👉🏻 सामान्य बालकों की अपेक्षा स्वास्थ्य से ठीक रहते हैं!
👉🏻 ऐसे बालकों की शारीरिक संरचना सामान्य की अपेक्षा अधिक होती है!
👉🏻 ऐसे बालक सामान्य बालकों से बोलने में शीघ्रता करते हैं ,जल्दी चलते हैं,एवं प्रश्न पूछने की अधिक ता पाई जाती है!
✍🏻 शारीरिक विशेषताएं—–

👉🏻 शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है!
👉🏻 ऐसे बालकों का शरीर उत्तम होता है!
👉🏻 ऐसे बालक सामान्य बच्चे से भार ,ऊंचाई, और शक्ति में भी अधिक होते हैं!
👉🏻 सामान्य बच्चों की अपेक्षा चलना और बोलना जल्दी सीखते हैं!
👉🏻 ज्ञानेंद्रियों का विकास शीघ्र और उत्तम होता है!
👉🏻 किशोरावस्था में किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र उत्पन्न हो जाते हैं!
🧏🏻‍♀️ मानसिक या बौद्धिक विशेषताएं🧏🏻‍♀️
👉🏻 प्रतिभाशाली बालकों में विश्लेषण, संश्लेषण,स्मरण, तर्क इत्यादि की विशेष योग्यता होती है!
👉🏻 सीखने समझने की असाधारण क्षमता पाई जाती हैं!
👉🏻 अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता होती है!
👉🏻 शब्द कोश विस्तृत होता है तथा वाकपटुता अच्छी होती है, जिसके कारण प्रतिभाशाली बालकों की बात करने की टेक्निक बहुत अच्छी होती है एवं वह बात करने में उत्तम शब्दों का इस्तेमाल करते हैं!
👉🏻 मौलिक चिंतन तथा सूक्ष्म और सटीक निरीक्षण शक्ति पाई जाती है!
👉🏻 प्रतिभाशाली बालक सामान्य विज्ञान तथा सामान्य गणित में दक्ष या निपुण होते हैं!
🙏🏻 धन्यवाद🙏🏻


✍️🇧 🇾 – ᴊᵃʸ ᴘʳᵃᵏᵃˢʰ ᴍᵃᵘʳʸᵃ ✍️

✴️ प्रतिभाशाली बालक :-
Gfted children / talented children:-

  • “ प्रतिभाशाली बालक शारीरिक गठन सामाजिक समायोजन , व्यक्तित्व के गुणों , विद्यालय उपलब्धी , खेल की सूचनाओं , और रूचियों की विविधता में औसत बालकों से श्रेष्ठ होते हैं ” ………… टरमन

✴️ प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएँ :-
∆ मनोवैज्ञानिक वी.टी. के अनुसार –

1.खेल अधिक पसन्द करते हैं

  1. 96 प्रतिशत बालक अनुशासित होते हैं ।
    3.80 प्रतिशत बालक धैर्यशील होते हैं ।
  2. इनमें संवेगात्मक स्थिरता पायी जाती है ।
  3. 58 प्रतिशत मित्र बनाने की इच्छा रखते हैं ।
  4. दूसरों का सम्मान करते हैं ।

✴️ टरमैन के अनुसार :-

  1. विशिष्ट बालकों के दाँत पहले निकल आते हैं ।
  2. बालिकायें स्कूल जाने से पहले ही पढ़ना लिखना सीख जाती हैं ।
  3. विशिष्ट बालकों का शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है ।
  4. जन्म के समय सामान्य बच्चों से लम्बे होते हैं ।
  5. सामान्य बच्चों के सापेक्ष इनका भार एक पाउण्ड अधिक होता है ।

✴️ स्कीनर के अनुसार :-
1.ज्ञानेन्द्रियों का शीघ्र विकास हो जाता है ।

  1. गृहकार्य समय पर कर लेते हैं ।
  2. बौद्धिक नेतृत्व के गुण अधिक होते हैं ।
  3. अमूर्त विषयों में अधिक रूचि लेते हैं ।
  4. समस्या समाधान जल्द कर लेते हैं ।
  5. विषय वस्तु को शीघ्र समझ लेते हैं ।
  6. गृहकार्य समय पर कर लेते हैं ।
  7. इनमें सामाजिकता के गुण कम पाये जाते हैं ।
  8. प्रतिभाशाली बालको में अवधान , प्रत्यक्षीकरण , स्मृति , कल्पना , विचार , तर्क , निर्णय शक्ति अधिक तीव्र होती है ।

✍ Notes by
LAXMI PATLE

🤴 प्रतिभाशाली बालक👸
Gifted child /tallented child

➡️ हर प्रतिभाशाली बालक एक विशिष्ट बालक होता है। प्रतिभाशाली बालक को एक विशेष प्रकार की ध्यान की आवश्यकता होती है क्योंकि इन बालकों की बुद्धि सामान्य बालकों की बुद्धि से अधिक होती है। यह बालक सामान्य वालों को से इतने अलग होते हैं कि इनके लिए विशेष प्रकार की शिक्षा,प्रशिक्षण और समायोजन की आवश्यकता होती है।जो कि इनकी प्रतिभा को ज्यादा निखारने के लिए सहायता करते हैं।

➡️ किसी बच्चे की प्रतिभा उसकी एक ऐसी धनात्मक विशिष्टता को दर्शाती है या ऐसी अद्भुत योग्यता को दिखाती है जो कि उन्हें सामान्य या अन्य प्रकार के बच्चों से भिन्न बनाते हैं। यह प्रतिभा जन्मजात होती है जिसे समय के साथ निखारा जा सकता है।

➡️ प्रायः प्रतिभाशाली बालक की बुद्धि लब्धि सामान्य बच्चों की बुद्धि लब्धि से उच्च होती है। अतः उच्च बुद्धि लब्धि वाले विद्यार्थियों को ही प्रतिभाशाली माना जाता है। प्रतिभाशाली बालक शब्द का अभिप्राय बालक की उच्च बुद्धि लब्धि से लिया जाता है।

➡️ प्रतिभाशाली बालक किसी चीज को अन्य बच्चों की तुलना में शीघ्र सीख जाते हैं।

➡️ प्रतिभाशाली बालक के व्यक्तित्व में अद्भुत योग्यता होती है।

🕵️‍♀️ प्रतिभाशाली बालक की परिभाषा🕵️‍♂️

🦋 टॉरेंस के अनुसार

”ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है, जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।”

इनके अलावा अन्य वैज्ञानिकों ने भी प्रतिभाशाली बालक की परिभाषाएं दी हैं:-

🦋 टर्मन के अनुसार

”प्रतिभावान बालक शारीरिक विकास, शैक्षिक उपलब्धि, बुद्धि और व्यक्तित्व में वरिष्ठ होते हैं।”

🦋 कॉलसनीक के अनुसार

”वह प्रत्येक बालक प्रतिभाशाली बालक है जो अपनी आयु स्तर के बालकों से किसी योग्यता में अधिक हो और जो हमारे समाज के लिए कुछ महत्वपूर्ण नया देने दे सकें।”

🙇‍♂️ प्रतिभाशाली बालकों की पहचान

प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं, इनका पता लगाना आसान नहीं है। लेकिन इनकी पहचान करना अति आवश्यक है क्योंकि यदि इनकी पहचान नहीं कर पाए तो बालक की प्रतिभा दबके रह जाती है या फिर यह बच्चे, दूसरे बच्चों के साथ और कक्षा में उचित प्रकार से समायोजित नहीं कर पाते। कई बार इनकी ओर ध्यान न देने से यह अनचाही दिशा की ओर अग्रसर होने लगते हैं।

प्रतिभाशाली बच्चे की पहचान करने के लिए निम्निलिखित तरीके अपनाए जा सकते हैं जो इस प्रकार से हैं

बुद्धि परीक्षण के द्वारा

प्रतिभाशाली बालकों की पहचान के लिए अध्यापक विभिन्न प्रकार की परीक्षणों या परीक्षाओं का प्रयोग कर सकता है। यह बुद्धि परीक्षण व्यक्तिगत तौर पर या समूह में दोनों तरह से प्रयोग कर सकते हैं।

समूह में किये जाने वाले परीक्षण में पुरे कक्षा या सम्पूर्ण वर्ग का परीक्षण कर,उनमें से प्रतिभाशाली बालक का चयन किया जा सकता है। यह कम समय में, कम मेहनत के साथ एक समूह से प्रतिभाशाली बालकों का चयन कर सकते हैं। इसके लिए अध्यापकों का प्रशिक्षण अति आवश्यक है।

उपलब्धि परीक्षाएँ

बुद्धि परीक्षाओं के अतिरिक्त बालकों को उपलब्धि परीक्षण के द्वारा भी प्रतिभाशाली बालकों की श्रेणी के लिए पहचाना जा सकता है। इस प्रकार की परीक्षाओं में विद्यार्थियों की उपलब्धियों का ज्ञान भली-भांति हो जाता है। जैसे -कोई बच्चा किसी कार्य को किस प्रकार कर रहा है और उस कार्य को कितने अच्छे तरीके से कर रहा है उनका मूल्यांकन करके पहचान की जा सकती है।

अतः जिस बच्चे की उपलब्धि जितनी उच्च स्तर की होगी उस बच्चे की प्रतिभावान होने की आशा उतनी ही अधिक होगी।

अभिरुचि परीक्षण द्वारा

अभिरुचि परीक्षण में किसी बच्चे की वर्तमान रुचि को देखकर उसके भविष्य की सफलता का पता लगाया जा सकता है, क्योंकि अभिरुचियां किसी एक विशेष योग्यता से को दर्शाती है जिसे देखकर ही उसके प्रतिभाशाली होने की पहचान की जा सकती है। यह परीक्षाएं, बुद्धि परीक्षाओं की तरह ही होती हैं।

एक विद्यालय में अभिरुचि परीक्षण आसानी से किया जा सकता है। यहां बच्चा सीधे अध्यापकों से जुड़ा होता है और अध्यापक दैनिक रूप से बच्चों का अवलोकन करते हैं।जिससे उन्हें प्रतिभाशाली बच्चों का चयन करने में आसानी होता है।

🦋 डी हाॅन व कफ के अनुसार
इन्होनें प्रकार की सूची बनाई है
जिससे प्रतिभाशाली बालक की पहचान की जा सकती है ‌:-

1️⃣ प्रतिभाशाली बालक स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थों को समझने ,संबंधों को पहचानने में, श्रेष्ठ होते हैं‌।

2️⃣ ये बालक बिना रटे , समझने में विश्वास रखते हैं।

3️⃣ ऐसे बच्चों का शब्द ज्ञान विस्तृत होता है।

4️⃣ ये बालक मौलिक चिंतन कर सकते हैं।

5️⃣ यह बालक सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं।

6️⃣ कठिन कार्य को आसानी से कर लेते हैं।

🔴 प्रतिभाशाली बालक की विशेषताएं

विभिन्न अनुसंधानों में यह पाया गया कि प्रतिभाशाली बालक ऊंचाई ,स्वास्थ्य और शारीरिक संरचना, जल्दी बोलना, जल्दी चलना, बहुत प्रश्न पूछना जैसे कार्यों में उच्च होते हैं।

🤷‍♀️🤷‍♂️प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताओं को इस प्रकार से समझाया जा सकता है➖

🌸 शारीरिक विशेषताएं🌸

✔ इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है।

✔ ये बालक हास्य एवं खेलों में सामान्य बालक से तीव्र होते हैं।

✔ प्रतिभाशाली बालक ,सामान्य बच्चे की तुलना में भार , ऊंचाई ,और शक्ति में अधिक होते हैं।

✔ चलना और बोलना जल्दी सीखते हैं।

✔ ज्ञानेंद्रियों का विकास उत्तम और शीघ्र होता है।

✔ किशोरावस्था के लक्षण इनमें शीघ्र उत्पन्न होते हैं।

✔ यह विभिन्न प्रकार की रुचियां रखते हैं।

✔जल्दी से अपने से बड़ों से दोस्ती करने में हिचक महसूस नहीं करते।

🌺 मानसिक /बौद्धिक विशेषताएं🌺

✔ प्रतिभाशाली बालक विश्लेषण, संश्लेषण, स्मरण और तर्क इत्यादि की विशेष योग्यता रखते हैं।

✔ सीखने और समझने की असाधारण क्षमता होती है।

✔ इनका सामान्य ज्ञान उच्च स्तर का होता है

✔ इन बालकों का शब्दकोश विस्तृत होता है,इनमें वाकपटुता या बोलने की क्षमता अधिक होती है।

✔ मौलिक चिंतन , सूक्ष्म व सटीक निरीक्षण शक्ति होती है।

✔ सामान्य विज्ञान और गणित में दक्ष होते हैं। अतः इनका वैज्ञानिक दृष्टिकोण होता है।

✔ इनकी उच्च बुद्धि लब्धि होती है।

✔ यह बालक किसी घटना का निरीक्षण बारीकी के साथ करते हैं।

✔ बुद्धि एवं व्यवहारिक ज्ञान का उपयोग सामान्य बालक से अधिक करते हैं।

✔ मानसिक प्रक्रिया में तीव्रता होती है।

✔ कठिन मानसिक कार्य को भी आसानी से करने में सक्षम होते हैं।

✔ ये अधिक महत्वाकांक्षी होते हैं।

✔ यह बालक अपनी कमियों को पहचानते हैं तथा दूसरों के सुझाव आसानी से मान लेते हैं।

🙏 समाप्त🙏


🎯🎯प्रतिभाशाली बालक🎯🎯

” वह बालक जिसकी मानसिक आयु अपने जीवन की आयु के अनुपात में औसत से बहुत अधिक हो, उसे प्रतिभाशाली बालक कहा जाता है।”

बालक के व्यक्तित्व में अद्भुत योग्यता बालक अन्य बच्चों की अपेक्षा शीघ्र सीखते हैं। बुद्धिलब्धि सामान्य बच्चों से ज्यादा प्रतिभा जन्मजात होती है

**🍃🍂🍃टारेन्स के अनुसार—–“ऐसे बालक को प्रतिभाशाली अथवा प्रवीण बालक कहा जाता हैं।जो मानव वव्यहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता हैं।

🌀🌀प्रतिभाशाली बालक की पहचान🌀🌀

  1. ऐसे बालक/बालिका की पहचान करना मुश्किल होता हैं।प्रत्येक क्षेत्र में, प्रतिभाशाली बालक/बालिका हैं।
  2. इनका पता लगाना मुश्किल होता है आसान
    नहीं है।
  3. पता लगाना अतिआवश्यक हैं।नहीं तो प्रतिभा दब कर रह सकती हैं।

📚बुद्धि परीक्षण📚*

☸उपलब्धि परीक्षण
☸अभिरुचि परीक्षाएँ

*💡💡डी हान व कफ:💡💡 1(सुची)🔰🔰🔰🔰

🔮प्रतिभाशाली बालक को पहचानना🔮

  1. ये स्पष्ट रूप से सोचने, अर्थ को समझने और सभ्बन्ध को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं।
  2. बिना रट के समझने का ज्ञान
  3. शब्द ज्ञान विस्तृत होता है।
    4.मौलिक चिंतन कर सकते है।
  4. सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते है। 💫🌺प्रतिभाशाली बालक की विशेषता🌺💫 🔹ऊचांई
    🔹स्वास्थ्य
    🔹शारीरिक संरचना
    🔹जल्दी चलना
    🔹बहुत प्रश्न पूछना 🌲🌲शारीरिक विशेषता🌲🌲
  5. शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है।
  6. उत्तम स्वास्थ्य।
  7. सामान्य बच्चों की अपेक्षा भार, ऊँचाई, ओर शक्ति मे अधिक।
  8. चलना औऱ बोलना जल्दी सीखतें हैं।
  9. ज्ञानेद्रियों का विकास उत्तम(आँख, नाक, कान, जीभ, त्वचा)।
  10. किशोरावस्था के लक्षण शीघ उतपन्न होते है।

🐠🐠मानसिक बौध्दिक विशेषतायें🐠🐠

  1. विश्लेषण, संश्लेषण, स्मरण, तर्क आदि की योग्यता।
  2. सीखने/समझने की असाधारण क्षमता।
  3. अमूर्त्त तथ्यों को समझने की क्षमता।
  4. शब्दकोष विस्तृत/ वाकपटुता।
    5 मौलिक चिंतन/ सूश्म सटीक निरीक्षण शक्ति।
  5. सामान्य विज्ञान/ गणित में दक्ष।
  6. उच्च बुद्धि लब्धि।
  7. उच्च सामान्य बुध्दि। ✨ NOTES BY✨-

🌷PRAGYA RANGARE🌷


By Vandana Shukla

⚛️ प्रतिभाशाली बालक

हर बालक अपने आप में भिन्न होता है लेकिन कुछ बालक अलग से विशिष्टता लिए हुए होते हैं। जो अपनी बातों अपने कार्यों द्वारा अलग ही प्रतीत होते हैं उनके अलग सोचने समझने की शक्ति होती है और वह अलग तरीके से तर्क करते हैं उन्हें प्रतिभाशाली बालक कहते हैं।

🌟प्रतिभाशाली बालको की प्रतिभा जन्मजात होती है।

🌟 प्रतिभाशाली बालक अपने उम्र के साथी बालको की तुलना मे किसी कार्य को एक बार करने पर ही वह सीख जाते हैं , और शीघ्र सीख जाते हैं।

🌟 प्रतिभाशाली बालकों की बुद्धि लब्धि सामान्य से ऊपर होती है( 110 से ऊपर होती है)।

🌟 प्रतिभाशाली बालकों के व्यक्तित्व में अद्भुत योग्यता होती हैं ।

🌟 यह बालक अत्यंत जिज्ञासु प्रवृत्ति के होते हैं इसलिए अपनी पाठ्य पुस्तकों के अलावा भी पुस्तकों को पढ़ते हैं ज्ञान अर्जन करते हैं।

🌟 कठिन कार्य को भी आसानी से एवं सहजता से करते हैं।

🌟 इनका शब्दकोश विस्तृत होता है एवं इनमें वाकपटुता होती है।

🌸 टॉरेंस के द्वारा परिभाषा
ऐसे बालको को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है।

मानव व्यवहार के किसी भी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करना जो समाज के लिए महत्वपूर्ण हो ऐसे व्यवहार का प्रदर्शन करना जो समाज के लिए महत्वपूर्ण है।

🌸 प्रतिभाशाली बालक की पहचान
प्रत्येक विद्यालय / कक्षा में प्रतिभाशाली बालक होते हैं लेकिन उसकी पहचान करना, पता लगाना आसान कार्य नहीं है मुश्किल है, लेकिन इसका पहचान करना अति आवश्यक है नहीं तो बच्चे की प्रतिभा रुक जाएगी दब के रह जाएगी।

🍁 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान निम्न परीक्षणों द्वारा की जा सकती है
1️⃣ सबसे पहले बच्चे की बुद्धि का परीक्षण करना यह बुद्धि परीक्षण आप समूह में भी कर सकते हैं और अकेले भी कर सकते हैं।

2️⃣ उपलब्धि परीक्षण जब आप किसी मुद्दे के ऊपर बात करते हैं तो उसे विस्तृत तरीके से इंपॉर्टेंट पॉइंट जोड़ते हुए बताते हैं। बालक की उपलब्धि के द्वारा आप बालक को पहचानेंगे ।आप उसका मूल्यांकन करेंगे।

3️⃣ अभिरुचि परीक्षाएं
अभिरुचि – interest
बच्चे की रुचि से हम यह पता लगाते हैं कि बच्चा किस विषय, क्षेत्र में रुचि लेता है। बच्चा अपने रुचि पूर्ण विषय को बहुत शीघ्र सीख जाता है ।भविष्य की सफलता का ज्ञान बालकों के वर्तमान की रुचि से पता चलता है। इसलिए रुचि परीक्षण के द्वारा हमें ज्ञात कर सकते हैं कि बच्चा प्रतिभाशाली है या नहीं।

🍁 डी होन व कफ
इन्होंने एक सूची बनाइए और कहा कि इन तरीकों से प्रतिभाशाली बालकों को पहचाना जा सकता है -:
1️⃣ यह स्पष्ट रूप से सोचने अर्थो को समझने संबंधों को पहचानने में श्रेष्ठ होते हैं।
2️⃣ ऐसे बच्चे बिना रट के समझने का गुण रखते हैं ।
3️⃣शब्दों का ज्ञान बहुत विस्तृत होता है ।(विस्तृत शब्द भंडार होता और उसका सही उपयोग करते हैं) ।
4️⃣मौलिक चिंतन कर सकते हैं।
5️⃣ सामान्य बुद्धि का बहुत अधिक प्रयोग करते हैं।

🍁 प्रतिभाशाली बालक की विशेषता
ऊंचाई, स्वास्थ्य एवं शारीरिक संरचना में उच्च।
जल्दी चलना, जल्दी बोलना, बहुत प्रश्न करना इस प्रकार की क्षमताएं होती हैं।

🌸 शारीरिक विशेषता
शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है क्योंकि स्वस्थ तन में ही स्वस्थ मन का वास होता है

उत्तम शरीर वाले होते हैं।
सामान्य बच्चे से भार ऊंचाई और शक्ति में अधिक होते हैं।
चलना बोलना जल्दी सीख लेते हैं ज्ञानेंद्रियों का विकास शीघ्र एवं उत्तम होता है ।
किशोरावस्था के लक्षण शीघ्र ही उत्पन्न हो जाते हैं – प्रतिभाशाली बालकों में किशोरावस्था का लक्षण शीघ्र आ जाते हैं।

🌸 मानसिक / बौद्धिक

विश्लेषण, संश्लेषण, स्मरण,तर्क आदि की विशेष योग्यता ।
सीखने समझने की असाधारण क्षमता grasping power high,।
अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता होती है।
इनका शब्दकोष विस्तृत/ वाकपटुता ।
मौलिक चिंतन व सूक्ष्म सटिक निरीक्षण शक्ति ।
सामान्य विज्ञान गणित में दक्ष।
बुद्धि लब्धि उच्च।
उच्च सामान्य बुद्धि।

धन्यवाद


𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮➖ 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙨𝙖𝙫𝙡𝙚

💫 प्रतिभाशाली बालक
Gifted Children/Telented Children

🔹ऐसे बच्चे जिनके पास एक ऐसी प्रतिभा होती है जो उसे सामान्य से अलग करती है इन बालकों की विशेषता को दर्शाती है जो बच्चे के व्यक्तित्व को प्रदर्शित करती है |

🔹 इनका एक गुण और होता है कि ये शीघ्र सीख जाते हैं इनकी बुद्धि लब्धि सामान्य से अधिक होती है |

🔹 ऐसे बच्चे जिनकी बुद्धि लब्धि सामान्य से 90 से अधिक होती है वह प्रतिभाशाली की श्रेणी में माने जाते हैं लेकिन किसी बालक की बुद्धि लब्धि सामान्य से अधिक है तो उसको हम प्रतिभाशाली बालक कह सकते हैं प्रतिभा जन्मजात होती है अतः जन्म से आती है |

🔹 बालक के व्यक्तित्व में एक अदभुत योग्यता होती है जो उसे सामान्य से अलग करती है |

🔹 ऐसे बालक सामान्य बालकों से भिन्न होते हैं तथा शीघ्र सीखने में सक्षम होते हैं |

🔹 इस बालकों की बुद्धि लब्धि सामान्य से ऊपर होती है अत: हम कह सकते हैं कि और जन्म से आती है जिसमें बाद में वातावरण के बीच रहकर निखार आ जाता है |

🍀 टारेन्स के अनुसार➖

ऐसे बालक को प्रतिभाशाली या प्रवीण बालक कहा जाता है जो मानव व्यवहार के किसी क्षेत्र में ऐसा निष्पादन करता है जो मानव समाज के लिए महत्वपूर्ण होता है |

🎯 प्रतिभाशाली बालकों की पहचान ➖

प्रत्येक कक्षा में प्रतिभाशाली बालक है लेकिन इसका पता लगाना आसान नहीं है लेकिन इनका पता लगाना अति आवश्यक है यदि इनका पता नहीं लगाया गया तो बच्चे की प्रतिभा दबकर रह जाएगी |

प्रतिभाशाली बालकों की पहचान कई प्रकार से की जा सकती है—

🔅 बुद्धि परीक्षण द्वारा ➖

बुद्धि परीक्षण द्वारा कई व्यक्तियों के समूह , व्यक्तिगत रूप से परीक्षण , या परीक्षा आयोजित करके प्रतिभाशाली बालकों की पहचान की जा सकती है |

🔅 उपलब्धि परीक्षण द्वारा ➖

प्रतिभाशाली बालकों की पहचान उपलब्धि परीक्षण के द्वारा भी की जा सकती है व्यक्ति के कार्य को देखकर या उस कार्य के करने के तरीकों को देखकर हम उसका मूल्यांकन कर सकते हैं और इससे यह पता लगाया जा सकता है कि किसमें कितनी या कौन सी प्रतिभा है और इस प्रकार हम प्रतिभाशाली बालक की पहचान कर सकते हैं |

🔅 अभिरुचि परीक्षाओं के द्वारा ➖

बालक के भविष्य की सफलता का पता उसके वर्तमान की रुचि से भी लगाया जा सकता है क्योंकि ये सोच पर निर्भर करता है कि बच्चे की सोच क्या है वे क्या सोचते हैं रुचि सीखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है इसलिए अभिरुचि परीक्षा से भी प्रतिभाशाली बालक का पता लगाया जा सकता है |

🌺डी हाॅर्न एवं कफ ने एक सूची बनाई और बताया कि प्रतिभाशाली बालक की पहचान कैसे की जा सकती है ➖

(1) ऐसे बालक स्पष्ट रूप से सोचने ,संबंधों को पहचानने, अर्थों को समझने में, श्रेष्ठ होते हैं |

(2) बिना रटकर समझने का ज्ञान भी इनमें होता है |

(3) ऐसे बच्चे को शब्दों का ज्ञान विस्तृत होता है कौन सी बात कहां कहीं जानी है यह उनके पास हुनर होता है या दूसरे शब्दों में हम कह सकते हैं कि उनके पास शब्दकोश का भंडार होता है उनके पास यह ज्ञान होता है कि उसका कैसे उपयोग करना है |

(4) मौलिक चिंतन कर सकते हैं जिनमें अमूर्त चिंतन की क्षमता अधिक होती है मौलिक चिंतन की बात हम करें तो जो जैसा है वैसा ही उसके बारे में चिंतन करना |

(5)ये बच्चे सामान्य बुद्धि का अधिक प्रयोग करते हैं अर्थात हमारे दैनिक दिनचर्या के कार्यों में जो बुद्धि प्रयोग करते हैं उसका प्रयोग ये लोग बहुत अधिक अच्छे से करते हैं |

🎯 प्रतिभाशाली बालकों की विशेषताएं ➖

कुछ नवीनतम अनुसंधानों से पता लगाया गया है कि ये औसत से अधिक प्रतिभा वाले बच्चों में प्रतिभा की क्षमता जन्मजात होती है |
उन्होंने यह सिद्ध किया है कि यह सामान्य बच्चों से ऊंचाई ,स्वास्थ्य, और शारीरिक संरचना में उच्च होते हैं |
ये बच्चे जल्दी बोलना, जल्दी चलना ,बहुत अधिक प्रश्न पूछना, इन सभी कार्यों में उच्च होते हैं |

प्रतिभाशाली बालकों की बहुत सी विशेषताएं होती हैं जो कि निम्न है ➖

◾ शारीरिक विशेषताएं ➖

(1) इनका शारीरिक विकास तीव्र गति से होता है |

(2) उत्तम शरीर वाले होते हैं |

(3) सामान्य बच्चों से भार ऊचांई और शक्ति में अधिक होते हैं |

(4) ये बालक चलना और बोलना जल्दी सीखते हैं |

(5)उनकी ज्ञानेंद्रियों का विकास भी शीघ्र और उत्तम होता है |

(6)ऐसे बच्चों में समझ ज्यादा होती है तो किशोरावस्था के गुण भी जल्दी आ जाते है या शीघ्र उत्पन्न होते है प्रतिभाशाली होते हैं तो उनमें किशोरावस्था के लक्षण जल्दी उत्पन्न हो जाते हैं |

◾ मानसिक या बौद्धिक विशेषताएं ➖
(1) ऐसे बच्चे किसी भी चीज में विश्लेषण ,संश्लेषण , स्मरण और तर्क करने में विशेष योग्यता रखते हैं |

(2) ऐसे बालकों में सीखने और समझने की असाधारण क्षमता होती है |

(3) अमूर्त तथ्यों को समझने की क्षमता भी बेहतर होती है और समय से पहले आती है |

(4)इनका शब्दकोश अधिक विस्तृत होता है और इनके अंदर वाकपटुता या बोलने की क्षमता अधिक होती है |

(5)मौलिक चिंतन सूक्ष्म और सटीक निरीक्षण शक्ति भी इनके अंदर होती है |

(6)ये सामान्य विज्ञान सामान्य और सामान्य गणित में दक्ष होते हैं |

(7) इनकी उच्च बुद्धि लब्धि होती है लगभग120 से अधिक होती है |

(8) उच्च सामान्य बुद्धि लब्द्धि होती है 90 से अधिक होती है |

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