शिक्षा मनोविज्ञान

✨स्किनर के अनुसार
मनोविज्ञान शिक्षा का आधारभूत विज्ञान है ।

✨ट्रो के अनुसार
शिक्षा मनोविज्ञान शैक्षणिक प्रस्तुतियों का मनोवैज्ञानिक दृष्टि से अध्ययन है।

🔸अर्थात जो भी शैक्षणिक कार्य है उनकी प्रस्तुति या प्रेजेंटेशन का जब मनोवैज्ञानिक ढंग से या दृष्टि से या नजरिए से अध्ययन किया जाता है तब वही अध्ययन शिक्षा मनोविज्ञान कहलाता है।

✨”EDUCATION” शब्द अंग्रेजी का एक शब्द है जो कि लैटिन भाषा के एक शब्द ” EDUCATUM” से बना है।
जोकि दो शब्दों से मिलकर बना है।

📍एक :- “E”
📍दूसरा :- “Duco”

E का अर्थ- “अंदर से”
Duco का अर्थ है – “बाहर निकालना।”

🔸”शिक्षा का अर्थ अंतर्निहित योग्यताओं को बाहर निकालकर उसके व्यवहार में परिवर्तन करना है।”

🔸EDUCATION शब्द की उत्पत्ति दो और लैटिन शब्द से मानी जाती है।

✨1 EDUCARE
✨2 EDUCERE

EDUCARE का अर्थ :- “पालन पोषण करना”

EDUCERE का अर्थ :- “आगे बढ़ाना”

🔸”मानव विज्ञान का अध्ययन कर उसमें परिवर्तन या परिमार्जित करना ही शिक्षा मनोविज्ञान कहलाता है।”

🔸किसी भी मानव या किसी भी बात या किसी भी विषय मैं हमें कुछ पूर्व जानकारी होती है जिसके आधार पर ही हम उस मानव या बात या विषय के बारे में सही गलत का निर्णय लेते हैं।

🔸लेकिन कभी-कभी जब हमें किसी बात की जानकारी होती है तो हम उस स्थिति में सही या गलत का निर्णय लेने के लिए उस बात या विषय का अध्ययन करते हैं।

🔸और किसी भी विषय पर अध्ययन हम दो प्रकार से करते हैं।
🔸एक वह जिसमें हम जो विषय या बात है उसके वर्तमान पक्ष को देखकर अपने दिमाग में संरक्षित जानकारी से मिलान करते हैं और यदि यह मिलान ठीक नहीं होता है अर्थात वर्तमान अध्ययन और दिमाग में संरक्षित जानकारी के बीच प्रतिरोध उत्पन्न हो जाता है अर्थात हम यह मान लेते हैं कि हमारी जो किसी भी विषय या बात के प्रति पूर्व जानकारी है वह हमारी वर्तमान स्थिति के हिसाब से नहीं है।
और हम वर्तमान स्थिति का तुरंत अध्ययन कर निर्णय ले लेते हैं।

🔸दूसरा वह जिसमें हम किसी विषय या बात पर उसके प्रत्येक या हर एक पहलू को देखते है या परखते या यह विश्लेषण करते हैं अर्थात उस विषय की समस्त पक्षों चाहे वह बीते हुआ समय हो या वर्तमान समय सभी पक्षों का पूर्ण रूप से और उचित तरीके से अध्ययन करते हैं।

🔸तथा उसी अध्ययन के आधार पर अपने दिमाग में संरक्षित जानकारियों से मिलान करके या उचित मिलान हो जाने पर उस विषय या बाद में सही या गलत का निर्णय लेते हैं।

🌀शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति

1शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति वैज्ञानिक है।

2 इसमें नियम और सिद्धांत का प्रयोग किया जाता है।

3 किसी भी वैज्ञानिक पद्धति में उसका अध्ययन किया जाता है और साथ ही साथ निरीक्षण भी किया जाता है।
शिक्षा मनोविज्ञान व्यवहार का अध्ययन है।

4 शिक्षा मनोविज्ञान एक सकारात्मक विज्ञान है जिसमें आगे बढ़ाने ,और चीजों को सही करने की बात अर्थात कब ?क्यों ?कैसे? प्रश्न पूछे जाते हैं या किसी भी चीज के सभी पक्षों या प्रत्येक पहलुओं को जाना जाता है तभी निर्णय लिया जाता है।

5 अतीत की अपेक्षा यह वर्तमान की घटनाओं से ज्यादा संबंधित है।

6 इसमें दिए गए नियम व सिद्धांत सार्वभौमिक होते हैं।

7 इसमें भविष्यवाणी की जा सकती है।

क्योंकि मनोविज्ञान के द्वारा ही हम व्यक्ति के मन का अध्ययन करके या मन के विज्ञान को समझ कर यह पता कर सकते हैं कि वह व्यक्ति भविष्य में क्या करेगा? या क्या बनेगा?या उसकी कैसी सोच होगी? या वह किस प्रकार से कार्य करेगा?

✍️ Notes By-'Vaishali Mishra'

शिक्षा मनोविज्ञान

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स्किनर के अनुसार…………✍️

“मनोविज्ञान शिक्षा का आधारभूत विज्ञान है।”

ट्रो के अनुसार………. ‌✍️

“शिक्षा मनोविज्ञान, शैक्षणिक प्रस्तुतियों का मनोवैज्ञानिक दृष्टि से अध्ययन है।”

शिक्षा का अर्थ

Meaning of education

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शिक्षा शब्द की उत्पत्ति ‘शिक्ष्’ धातु से हुई है जिसका अर्थ सीखना, ज्ञान ग्रहण करना या विद्या प्राप्त करना है।

➡️ शिक्षा शब्द का अंग्रेजी रूपांतरण education है। ‘Education’ शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के educatum शब्द से हुआ है जिसका अर्थ है शिक्षण कार्य करना।

➡️ Education, educo शब्द से बना है।जहां

E = आंतरिक
Duco= आगे बढ़ना/विकसित करना

अर्थात् आंतरिक शक्तियों का विकास करना।

या आंतरिक योग्यता को बाहर निकालकर व्यवहार में परिवर्तन करना।

➡️ कुछ विद्वानों के अनुसार एजुकेशन शब्द की उत्पत्ति दो अलग-अलग शब्दों से हुई है…..

1). educare = पालन पोषण करना/शिक्षित करना/ऊपर उठाने से है ‌

2). Educere = आगे बढ़ना

➡️ मानव विज्ञान का अध्ययन उसमें परिवर्तन या परिमार्जन करना ही शिक्षा मनोविज्ञान है।

शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति

Nature of educational psychology

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  1. शिक्षा मनोविज्ञान की प्रकृति वैज्ञानिक है।
  2. इसमें नियम और सिद्धांत का प्रयोग किया जाता है।
  3. इसमें वैज्ञानिक पद्धति से अध्ययन/निरीक्षण करते हैं। अत: शिक्षा मनोविज्ञान व्यवहार का अध्ययन है।
  4. यह सकारात्मक विज्ञान है। इसमें कब?, कैसे?,क्यों? आदि प्रश्नो का उत्तर प्राप्त करते हैं।
  5. शिक्षा मनोविज्ञान में अतीत की अपेक्षा वर्तमान की घटना से ज्ञान ज्यादा संबंधित है।
  6. इसका नियम और सिद्धांत सार्वभौमिक होता है।
  7. इससे भविष्यवाणी की जा सकती है।

Notes by Shreya Rai✍️🙏

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