बाल्यावस्था
(Childhood)
✨✨✨✨

Statement…..✍️

कॉल एवं ब्रुश के अनुसार………,✍️

“बाल्यावस्था को जीवन का अनोखा काल कहा जाता है।”

“वास्तव में माता- पिता के लिए बाल विकास की इस अवस्था को समझ पाना बहुत कठिन है।”

रॉस के अनुसार………,✍️

“बाल्यावस्था की मिथ्या परिपक्वता या छद्म में परिपक्वता कहा जाता है।”

स्ट्रेग के अनुसार……….,✍️

“शायद ही ऐसा कोई खेल हो जो 10 वर्ष का बालक ना खेला हो।”

किलपैट्रीक के अनुसार………,✍️

“बाल्यावस्था को प्रतिद्वंदात्मक समाजीकरण कहा है।”

जॉन सिंपसन के अनुसार………,✍️

“बाल्यावस्था वह अवस्था है जिसमें एक व्यक्ति के बुनियादी दृष्टिकोण, मूल्य आदि बहुत सीमा तक निर्धारित हो जाता है।”

बाल्यावस्था की विशेषताएं
✨✨✨✨✨✨✨✨

1. शारीरिक विकास में स्थिरता……. रॉस के अनुसार✍️

2. मानसिक विकास में स्थिरता……. रॉस के अनुसार✍️

3. मानसिक योग्यताएं में वृद्धि।

4. वास्तविक जगत से संबंध…… रॉस के अनुसार✍️

5. जिज्ञासा की प्रबलता।

6. रचनात्मक कार्य में आनंद।

7. समूह की भावना का विकास……. रॉस के अनुसार✍️

8. नैतिक गुणों का विकास……. स्ट्रेंग के अनुसार✍️

9. संग्रह करने की प्रवृत्ति।

10. बिना उद्देश्य घूमने की भावना।

11. काम शक्ति की न्यूनता।

12. रूची में परिवर्तन…… कॉल/ब्रुश के अनुसार

13. सामूहिक भावना का विकास।

14. बहिर्मुखी व्यक्तित्व का विकास।

15. संवेग का प्रदर्शन।

Notes by Shreya Rai……✍️🙏

🔆बाल्यावस्था➖
(Childhood)

✨कॉल एवं ब्रुश के अनुसार.

“बाल्यावस्था को जीवन का अनोखा काल कहा जाता है।”

“वास्तव में माता- पिता के लिए बाल विकास की इस अवस्था को समझ पाना बहुत कठिन है।”

✨रॉस के अनुसार.

“बाल्यावस्था की मिथ्या परिपक्वता या छद्म में परिपक्वता कहा जाता है।”

✨स्ट्रेग के अनुसार.

“शायद ही ऐसा कोई खेल हो जो 10 वर्ष का बालक ना खेला हो।”

✨किलपैट्रीक के अनुसार.

“बाल्यावस्था को प्रतिद्वंदात्मक समाजीकरण कहा है।”

✨जॉन सिंपसन के अनुसार

“बाल्यावस्था वह अवस्था है जिसमें एक व्यक्ति के बुनियादी दृष्टिकोण, मूल्य आदि बहुत सीमा तक निर्धारित हो जाता है।”

❇️बाल्यावस्था की विशेषताएं

*1शारीरिक विकास में स्थिरता……. *रॉस के अनुसार

  1. मानसिक विकास में स्थिरता……. *रॉस के अनुसार

3 मानसिक योग्यताएं में वृद्धि।

4.वास्तविक जगत से संबंध…… *रॉस के अनुसार

5.जिज्ञासा की प्रबलता।

6 रचनात्मक कार्य में आनंद।

7 समूह की भावना का विकास..(रॉस के अनुसार)

8.नैतिक गुणों का विकास. (स्ट्रेंग के अनुसार)

  1. संग्रह करने की प्रवृत्ति।
  2. बिना उद्देश्य घूमने की भावना।

11काम शक्ति की न्यूनता।

  1. रूची में परिवर्तन…… कॉल/ब्रुश के अनुसार
  2. सामूहिक भावना का विकास।
  3. बहिर्मुखी व्यक्तित्व का विकास।
  4. संवेग का प्रदर्शन।

✍️

Notes By Vaishali Mishra

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