Date – 02/06/2021
Time- 08.00 am

🐹 वैयक्तिक् विभिन्नता

क्या हैं वैयक्तिक् विभिन्नता ??
क्योकि मानव प्रक्रति की सब से गतिशील रचना हैं, वैक्तिक विभिन्नता भी सबसे ज्यादा मानव में ही पायी जाती हैं | सन्सार में कोई भी दो मानव समान नही होते |

👉 जुडवा बच्चो मे भी किसी ना किसी रुप में भिन्न्ता पायी जाती हैं |
👉 यह भिन्न्ता मनुष्यों में ही नहीं बल्कि जानवरों, पेड़ – पौधौ में भी पाई जाती हैं |
👉 वैयक्तिक भिन्न्ता का ध्यान रखकर ही शिक्षा प्रदान की जाती हैं|

👨‍🏫 टायलर – शरीर के आकार, और स्वरूप,शारीरिक कार्यो, गति‌ संबंधि क्षमताओं, बुद्धि, उपलब्धि ज्ञान, अभीवृत्ति और व्यक्तित्व के लक्षणो में माप की जा सकने वाली विभिन्नताओ ‌की उपस्थिति सिद्ध की‌‌ जा चुकी हैं |

👨‍🏫स्किनर -वैयक्तिक विभिन्नताओ से तात्पर्य व्यक्तित्व के उन सभी पहलुओ से हैं, जिनका मापन व मूल्यांकन किया जाता हैं|

👨‍🏫 कार्टर वी गुड – वैयक्तिक विभिन्नता, व्यक्तियों में किसी एक विशेषता या अनेक विशेषताओं को लेकर पाई जाने वाली विभिन्नता हैं, जो सम्पूर्ण रूप से वे सारे भेद व अंतर हैं, जो एक व्यक्ति को दूसरों से अलग करती हैं |

👨‍🏫 जेम्स ड्रेवर – औसत समूह से मानसिक, शारीरिक विशेषताओं के संदर्भ मे समूह के सदस्य के रूप मे भिन्नता या अंतर को वैयक्तिक भेद कहते है |

👨‍🏫 टर्मन – उच्च योग्यता वाले या प्रतिभाशाली बच्चों मे कुछ हद तक अपनी अनेक योग्यता के मामले मे अपने ही भीतर या अन्य व्यक्तियों के साथ भिन्नता होती हैं |

🌸 वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार –

  1. शारीरिक➖ तात्पर्य रंग रूप, कर यौन भेद, शारीरिक परिपक्वता आदि मे अंतर होता है |
  2. बौद्धिक भिन्नता ➖ अलग- अलग लोगो का अलग- अलग होता है |
  3. दृष्टिकोण भिन्नताएँ ➖ नजरिया, प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्धि योग्यता अलग- अलग होती है और यह विभिन्नता लोगो के तथ्यों को देखने के नजरिये पर निर्भर करता है |
  4. गत्यात्मक योग्यता या विभिन्नताएँ ➖ गति ( क्रिया, कार्य)

👉 एक ही उम्र के अलग अलग बच्चे किसी कार्य को अपने अलग गतिक्रिया के कारण अलग अलग तरीके से करते है |

  1. लैगिंक आधार पर भिन्नता ➖
    👨‍🏫 टर्मन ने कुछ अध्यन किये और स्त्री और पुरुषों मे निम्न लिखित भिन्नता की खोज की –
    👉 लड़कियाँ चित्रकला मे लड़को से बेहतर होती है |
    👉 वाणी आदि की त्रुटियाँ पुरुषों मे नारी की अपेक्षा तीन गुना होती हैं |
    👉 नारियाँ सुझावों के प्रति ग्रहनशील होती है |
  2. व्यक्तित्व मे भिन्नताऐ ➖
    👨‍🏫 स्प्रेंगर ने व्यक्तित्व भिन्नता के आधार पर 6 वर्ग बनाये,➖
    🌸 सैद्धांतिक रूप
    🌸 आर्थिक रूप से
    🌸 सामाजिक रूप से
    🌸 सौंदर्यआत्मक
    🌸 राजनीतिक रूप से
    🌸 धार्मिक रूप से 👨‍🏫 युंग या जुंग ने वैयक्तिक विभिन्नता के तीन आधार बताये ➖
    🌸 अंतर्मुखी
    🌸 बहिर्मुखी
    🌸 उभयमुखी

👨‍🏫 थोर्नडाइक के अनुसार 4 वर्ग

1 अमूर्त चिंतक
2 विचारात्मक चिंतक

  1. वस्तुपरक चिंतक
  2. आंगिक अनुभव चिंतक

Notes by ✍✍ निधि तिवारी🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿🌿

Date-02/06/12
Time-08.00🌸☘️ वैयक्तिक भिन्नता☘️

मानव प्रगति की सबसे गतिशील संरचना है वैयक्तिक भिन्नता भी सबसे ज्यादा मानव में ही पाई जाती है संसार के कोई दो मानव समान नहीं होते हैं यह भिन्नता शारीरिक ,मानसिक इत्यादि रूपों में होती है। जुड़वा बच्चों में भी किसी न किसी रूप में भिन्नता होती है यह भी नेता मनुष्य में ही नहीं बल्कि जानवरों में पेड़ पौधों में भी पाई जाती है वैयक्तिक भिन्नता का ध्यान रखकर ही शिक्षा प्रदान की जाती है।

👨🏻‍💼टायलर के अनुसार➖ शरीर के आकार और स्वरूप, शारीरिक कार्यों , गतिसंबंधी क्षमताएं ,बुद्धि, उपलब्धि ,ज्ञान ,रुचि ,अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व के लक्षणों में माप की जा सकने वाली विभिन्नता की उपस्थिति सिद्ध की जा चुकी है।

👨🏻‍💼 स्किनर के अनुसार➖ व्यक्तिगत भिन्नता से हमारा तात्पर्य व्यक्तित्व के उन सभी पहलुओं से है जिसका मापन या मूल्यांकन किया जाता है।

कार्टर वी गुड के अनुसार➖ वैयक्तिक विभिन्नता व्यक्तियों में किसी एक विशेषताओं या अन्य विशेषताओं को लेकर पाई जाने वाली विभिन्नता है जो संपूर्ण रूप से वह सारे भेद व अंतर हैं जो एक व्यक्ति को दूसरे से अलग करती है।

जेम्स डे्वर के अनुसार➖ औसत समूह से मानसिक शारीरिक विशेषताओं के संदर्भ में समूह के सदस्यों के रूप में भिन्नता या अंतर को वैयक्तिक भेद कहते हैं।

टर्मन के अनुसार➖ उच्च योग्यताओं वाले या प्रतिभाशाली बच्चों में कुछ हद तक अपनी अनेक योग्यता के मामले में अपने ही भीतर या अन्य व्यक्तियों के साथ भिन्नता होती है।

🌼🌸 वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार🌸🌼

1-शारीरिक विभिन्नता➖
शारीरिक विभिन्नता का तात्पर्य रंग-रूप ,कद, यौनभेद, शारीरिक, परिपक्वता आदि में अंतर होता है ।

छोटा कद, मोटा या पतला

2- बौद्धिक भिन्नता➖
अलग-अलग लोगों को बौद्धिक स्तर अलग-अलग होता है जो प्रतिभाशाली से जड़ बुद्धि के बीच होता है ।

3- गत्यात्मक योग्यता में भिन्नताएं➖ गति ( क्रिया)

एक ही उम्र के अलग-अलग बच्चे किसी कार्य को अपनी अलग-अलग गति कार्यो के कारण अलग-अलग तरीकों से करते हैं।

5- लैंगिक आधार पर भिन्नता➖

टर्मन ने कुछ अध्ययन किए और स्त्री और पुरुष में निम्नलिखित भिन्नता की खोज की।

🔸 लड़कियां चित्रकला में लड़कों से बेहतर होती हैं।

🔸 वाणी आदि की त्रुटियां पुरुषों में नारी की अपेक्षा 3 गुना होती है।

6- व्यक्तित्व में भिन्नताएं➖

1- स्प्रेगर ने व्यक्तित्व भिन्नता के आधार पर 6 वर्ग बताए हैं

1-सिद्धान्तिक
2-आर्थिक
3-सामाजिक
4-राजनैतिक
5-सौन्दर्यात्मक
6-धार्मिक

2- युंग व जुंग➖युंग ने वैयक्तिक विभिन्नता के तीन आधार बताए हैं

1-अंतर्मुखी
2-बहिर्मुखी
3-उभयर्मुखी

3-थार्नडाइक➖ वैयक्तिक विभिन्नता के चार आधार बताए हैं

1-अर्मूत चिंतक
2-विचारात्मक चिंतक
3-वस्तु परक चिंतक
4- अंगिक अनुभव चिंतक

✍🏻📚📚 Notes by….. Sakshi Sharma📚📚✍🏻

🧕वैयक्तिक् विभिन्नता 🧕

क्या हैं वैयक्तिक् विभिन्नता ??
क्योकि मानव प्रक्रति की सब से गतिशील रचना हैं, वैक्तिक विभिन्नता भी सबसे ज्यादा मानव में ही पायी जाती हैं | सन्सार में कोई भी दो मानव समान नही होते |

जुडवा बच्चो मे भी किसी ना किसी रुप में भिन्न्ता पायी जाती हैं |
यह भिन्न्ता मनुष्यों में ही नहीं बल्कि जानवरों, पेड़ – पौधौ में भी पाई जाती हैं |
वैयक्तिक भिन्न्ता का ध्यान रखकर ही शिक्षा प्रदान की जाती हैं|

टायलर – शरीर के आकार, और स्वरूप,शारीरिक कार्यो, गति‌ संबंधि क्षमताओं, बुद्धि, उपलब्धि ज्ञान, अभीवृत्ति और व्यक्तित्व के लक्षणो में माप की जा सकने वाली विभिन्नताओ ‌की उपस्थिति सिद्ध की‌‌ जा चुकी हैं |

स्किनर -वैयक्तिक विभिन्नताओ से तात्पर्य व्यक्तित्व के उन सभी पहलुओ से हैं, जिनका मापन व मूल्यांकन किया जाता हैं|

कार्टर वी गुड – वैयक्तिक विभिन्नता, व्यक्तियों में किसी एक विशेषता या अनेक विशेषताओं को लेकर पाई जाने वाली विभिन्नता हैं, जो सम्पूर्ण रूप से वे सारे भेद व अंतर हैं, जो एक व्यक्ति को दूसरों से अलग करती हैं |

जेम्स ड्रेवर – औसत समूह से मानसिक, शारीरिक विशेषताओं के संदर्भ मे समूह के सदस्य के रूप मे भिन्नता या अंतर को वैयक्तिक भेद कहते है |

टर्मन – उच्च योग्यता वाले या प्रतिभाशाली बच्चों मे कुछ हद तक अपनी अनेक योग्यता के मामले मे अपने ही भीतर या अन्य व्यक्तियों के साथ भिन्नता होती हैं |

वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार –

  1. शारीरिक तात्पर्य रंग रूप, कर यौन भेद, शारीरिक परिपक्वता आदि मे अंतर होता है |
  2. बौद्धिक भिन्नता अलग- अलग लोगो का अलग- अलग होता है |
  3. दृष्टिकोण भिन्नताएँ नजरिया, प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्धि योग्यता अलग- अलग होती है और यह विभिन्नता लोगो के तथ्यों को देखने के नजरिये पर निर्भर करता है |
  4. गत्यात्मक योग्यता या विभिन्नताएँ गति ( क्रिया, कार्य) एक ही उम्र के अलग अलग बच्चे किसी कार्य को अपने अलग गतिक्रिया के कारण अलग अलग तरीके से करते है |
  5. लैगिंक आधार पर भिन्नता ➖
    टर्मन ने कुछ अध्यन किये और स्त्री और पुरुषों मे निम्न लिखित भिन्नता की खोज की –
    लड़कियाँ चित्रकला मे लड़को से बेहतर होती है |
    वाणी आदि की त्रुटियाँ पुरुषों मे नारी की अपेक्षा तीन गुना होती हैं |
    नारियाँ सुझावों के प्रति ग्रहनशील होती है |
  6. व्यक्तित्व मे भिन्नताऐ
    स्प्रेंगर ने व्यक्तित्व भिन्नता के आधार पर 6 वर्ग बनाये,
    सैद्धांतिक रूप
    आर्थिक रूप से
    सामाजिक रूप से
    सौंदर्यआत्मक
    राजनीतिक रूप से
    धार्मिक रूप से युंग या जुंग ने वैयक्तिक विभिन्नता के तीन आधार बताये
    अंतर्मुखी
    बहिर्मुखी
    उभयमुखी

✍️Notes by raziya khan ✍️

वैयक्तिक विभिन्नता

वैयक्तिक विविधता क्या है
मानव प्रकृति की सबसे गतिशील रचना है वैयक्तिक विविधता भी सबसे ज्यादा मानव में ही पाई जाती है संसार के कोई भी दो मानव समान नहीं होते हैं
यह भिन्नता शारीरिक मानसिक संवेगात्मक इत्यादि रूप में होती है
जुड़वा बच्चों में भी किसी न किसी रूप में भिन्नता होती है
यह भिन्नता मनुष्य में ही नहीं बल्कि जानवरों पेड़ पौधों में भी होती है
व्यक्तिगत भिन्नता का ध्यान रखकर ही शिक्षा प्रदान की जाती है

टायलर के अनुसार
शरीर के आकार और स्वरूप शारीरिक कार्यों गति संबंधित क्षमताओं बुद्धि उपलब्धि ज्ञान रुचि अभिवृद्धि और व्यक्तित्व के लक्षणों में माप की जा सकने वाली विभिन्नता ओ की उपस्थिति सिद्ध की जा चुकी है

स्किन र
व्यक्तिगत विभिन्नताओं से तात्पर्य व्यक्तित्व के उन सभी पहलुओं से हैं जिनका मापन और मूल्यांकन किया जाता है

कार्टन बी गुड के अनुसार
व्यक्तिक विभिन्नता व्यक्तियों में किसी एक विशेषता या अनेक विशेषताओं को लेकर पाई जाने वाली विभिन्न ता है जो संपूर्ण रूप से वे सारे भेद व अंतर है जो एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति से अलग करती है

जेम्स ड्रेवर के अनुसार
औसत समूह से मानसिक शारीरिक विशेषताओं के संदर्भ में समूह के सदस्य के रूप में भिन्नता या अंतर को वैयक्तिक भेद कहते हैं

वैयक्तिक विविधताओं के प्रकार

टर्मन के अनुसार
उच्च योग्यता वाले या प्रतिभाशाली बच्चों में कुछ हद तक अपनी अनेक योग्यताओं के मामले में अपने ही भीतर या अन्य व्यक्तियों के साथ भिन्नता होती है

  1. शारीरिक विभिन्नता
  2. बौद्धिक विभिन्नता
  3. दृष्टिकोण में भिन्नता
  4. गत्यात्मक योग्यता में भिन्नता
  5. लैंगिक आधार पर भिन्नता
  6. व्यक्तित्व मे भिन्नताएं
  7. स्प्रैंगर ने व्यक्तित्व भिन्नता के आधार पर 6 वर्ग बनाएं
  8. सैद्धांतिक
  9. आर्थिक
  10. सामाजिक
  11. सौंदर्यात्मक
  12. राजनीतिक
  13. धार्मिक
  14. युंग ने व्यक्तिक विभिन्नता के 3 वर्ग बनाएं
  15. अंतर्मुखी
  16. बहिर्मुखी
  17. उभय मुखी
  18. थार्नडाइक ने 4 वर्ग बनाए हैं
  19. अमूर्त चिंतक
  20. विचारात्मक चिंतक
  21. वस्तु परक चिंतक
  22. आंगिक अनुभव चिंतक

Notes by Ravi kushwah

🌏 वैयक्तिक विभिन्नता➖

मानव प्रकृति की सबसे गतिशील रचना है व्यक्तिक विभिन्नता भी सबसे ज्यादा मानव में ही पाई जाती है संसार के कोई भी 2 जुड़वां बच्चे भी समान नहीं होते है
यह विभिन्नता शारीरिक, मानसिक ,संवेगात्मक, रूप से होते हैं यहां तक कि जुड़वा बच्चों में भी किसी न किसी रूप में भिन्नता पाई जाती है |

💠टायलर के अनुसार➖
शरीर के आकार और स्वरूप शारीरिक ,कार्य ,गति संबंधी क्षमताओं, बुद्धि लब्धि ,ज्ञान, रुचि अभिवृत्ति और व्यक्तित्व लक्षणों में माप की जा सकने वाली विभिन्नताओं की उपस्थिति सिद्धि की जा चुकी है |

💠स्किनर ➖
व्यक्तिगत विभिन्नता से तात्पर्य व्यक्ति के सभी पहलुओं से है जिनका मानव मापन किया जाता है |

💠कार्टर वी गुड ➖
व्यैयक्तिक विभिन्नता व्यक्तियों में किसी एक विशेषता या अनेक विशेषताओं को लेकर पाई जाने वाली विभिन्नता है जो संपूर्ण रूप से सारे भेद व अंतर है जो एक व्यक्ति को दूसरे से अलग करती है |
💠 जेम्स ड्रेवर➖
औसत समूह से मानसिक शारीरिक विशेषताओं के संदर्भ में मनुष्य के सदस्य के रूप में विभिन्नता या अंतर को वैयक्तिक भेद कहते हैं |

🌏व्यक्तिक विभिन्नता के प्रकार➖

💠टर्मन ➖
उच्च योग्यता वाले या प्रतिभाशाली बच्चों में कुछ हद तक अपनी योग्यता के मामले में अपने ही भीतर या अन्य व्यक्तियों के साथ भिन्नता होती है |

💠 शारीरिक भिन्नता➖
इसका तात्पर्य रंग ,रूप, कद, यौन भेद शारीरिक परिपक्वता आदि में अंतर से होता है |

💠बौद्धिक भिन्नता ➖
अलग अलग लोगों का बौद्धिक विकास अलग अलग होता है जो प्रतिभाशाली से जड बुद्धि के बीच होते है |

💠दृष्टिकोण विभिन्नता ➖
प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्धि योग्यता अलग-अलग होती है और यह भिन्नता लोगों के तथ्यों को देखने के नजरिए पर निर्भर करता है |

💠गत्यात्मक योग्यता में भिन्नता➖
एक ही उम्र के अलग-अलग बच्चे किसी कार्य को अपने अलग गति क्रिया के कारण अलग अलग तरीके से करते हैं |

💠लैंगिक आधार पर भिन्नता➖
टर्मन ने कुछ अध्ययन किए और स्त्री तथा पुरुषों में निम्नलिखित खोज की —
लड़कियां चित्रकला में लड़कों से बेहतर होती है
वाणी आदि के त्रुटियां पुरुषों में नारी की अपेक्षा 3 गुना होती है
नारियां सुझावों के प्रति अधिक ग्रहणशील होती हैं |

🌏व्यक्तित्व में भिन्नताएं➖

स्प्रेंगर — 6
1) सैद्धांतिक
2) आर्थिक
3) सामाजिक
4) आत्मक
5)राजनीतिक
6) धार्मिक

युंग के अनुसार– तीन
1) अंतर्मुखी
2)बहिर्मुखी
3) उभयमुखी

थार्नडाइक के अनुसार — 4 वर्ग है
1) अमूर्त चिंतक
2) विचारात्मक चिंतक
3) वस्तुपरक चिंतक
4) आंगिक अनुभव चिंतक

𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙎𝙖𝙫𝙡𝙚

🔆Individual Difference🔆
🔅 (वैयक्तिक विभिन्नता)🔅
व्यक्तिक विभिन्नता क्या है |
क्योंकि मानव प्रकृति की सबसे गतिशील रचना है व्यक्तिगत विभिन्नता सबसे ज्यादा मानव में ही पाई जाती है संसार के कोई भी दो मानव समान नहीं होती है यह भिन्नता शारीरिक मानसिक संवेगात्मक इत्यादि रूप में होती है जुड़वा बच्चों में भी किसी ना किसी रूप में भिन्नता होती है |
यह भिन्नता मनुष्यो में ही नहीं बल्कि जानवरों पेड़ पौधों में पाई जाती है व्यक्तिगत विभिन्नता का ध्यान रखकर ही शिक्षा प्रदान की जाती है |

टायलर के अनुसार ➖ शरीर के आकार और स्वरूप शारीरिक कार्यों गति संबंधी क्षमताओ बुद्धि उपलब्धि ज्ञान रुचि अभिवृत्ति और व्यक्ति व्यक्तित्व के लक्षणो में माप की जा सकने वाली विभिन्नताओ की उपस्थिति सिद्धांत की जा चुकी है |

स्किनर के अनुसार ➖ व्यक्ति व्यक्तिगत विभिन्नताओं से हमारा तात्पर्य उन सभी पहलुओं से है जिनका मापन व मूल्यांकन किया जाता है |

कार्टर बी गुड के अनुसार ➖ व्यक्तिगत विभिन्नता व्यक्तियों में किसी एक विशेषता या अनेक विशेषताओं को लेकर पाई जाने वाली विभिन्नता है जो एक व्यक्ति को दूसरे से अलग करती है |

जेम्स ड्रेवर के अनुसार ➖ औसत समूह से मानसिक शारीरिक विशेषताओं के संदर्भ में समूह के सदस्य के रूप में विभिन्नता या अंतर को वैयक्तिक भेद कहते हैं |

टर्मन के अनुसार ➖ उच्च योग्यता वाले प्रतिभाशाली बच्चों में कुछ हद तक अपनी अनेक योगिता के मामले में अपने ही भीतर या अन्य व्यक्तियों के साथ विभिन्नता होती है |

व्यक्तिक भिन्नता के प्रकार :-
(1) शारीरिक विभिन्नता ➖ शारीरिक विभिन्नता से तात्पर्य है रंग रूप कद यौन भेद शारीरिक परिपक्वता आदि में अंतर होता है लंबा या छोटा कद मोटा या पतला |
(2) बौद्धिक विभिन्नता ➖ बौद्धिक विभिन्नता अलग-अलग लोगों का बौद्धिक स्तर अलग-अलग होता है जो प्रतिभाशाली से जड़ के बीच होते है |
(3) दृष्टिकोण विभिन्नताएं ➖ प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्धि योगयता अलग-अलग होती है यह विभिन्न लोगो के तथ्यों को देखने के नजरिए पर निर्भर करता है |
(4) गत्यात्मक योग्यता में विभिन्नताऐ➖ एक ही उम्र के अलग-अलग बच्चे किसी कार्य को अपने अलग गति क्रिया के कारण अलग- अलग तरीके से करते हैं |
(5) लैंगिक आधार पर भिन्नता ➖ टर्मन ने कुछ अध्ययन किए हैं और स्त्री और पुरुष में निम्नलिखित पदों की खोज की |

  • लड़कियां चित्रकला में लड़की से बेहतर होती है |
  • वाणी आदि की त्रुटियाँ पुरुषों में नारी की अपेक्षा 3 गुना होती है |
  • नारियां सुझावों के प्रति ग्रहणशील होती है |
    व्यक्तित्व में बताएं |
    स्प्रैगर ➖
    स्प्रैगर ने व्यक्तित्व भिन्नता के आधार पर छ: वर्ग बनाए हैं –
    १)सैद्धांतिक
    २) आर्थिक
    ३) सामाजिक
    4)सौंदर्यात्मक
    ५) राजनैतिक
    ६) धार्मिक
    युंग या जुंग ➖ युंग ने वैयक्तिक भिन्नता के तीन आधार बनाएं –
    १) अंतर्मुखी
    २) बहिर्मुखी
    ३) उभयमुखी
    थार्नडाईक (चार वर्ग) :-
    अमूर्त चिंतक , विचारात्मक चिंतक , वस्तुपरक चिंतक , आंगिक अनुभव चिंतक

✍️✍️ Notes by :- Ranjana Sen

INDIVIDUAL DIFFERENCE
वैयक्तिक भिन्नता:-
मानव प्रक्रति की सब से गतिशील रचना हैं, वैक्तिक विभिन्नता भी सबसे ज्यादा मानव में ही पायी जाती हैं | सन्सार में कोई भी दो मानव समान नही होते |यह भिन्नताएँ शारीरिक, मानसिक, संवेगात्मक, आदि रूप में होती है ।
जैसे:- जुडवा बच्चो मे भी किसी ना किसी रुप में भिन्न्ता पायी जाती हैं |
यह भिन्न्ता मनुष्यों में ही नहीं बल्कि जानवरों, पेड़ – पौधौ में भी पाई जाती हैं ।

• टायलर – शरीर के आकार, और स्वरूप,शारीरिक कार्यो, गति‌ संबंधि क्षमताओं, बुद्धि, उपलब्धि ज्ञान, अभीवृत्ति और व्यक्तित्व के लक्षणो में माप की जा सकने वाली विभिन्नताओ ‌की उपस्थिति सिद्ध की‌‌ जा चुकी हैं |
• स्किनर -वैयक्तिक विभिन्नताओ से तात्पर्य व्यक्तित्व के उन सभी पहलुओ से हैं, जिनका मापन व मूल्यांकन किया जाता हैं|

• कार्टर वी गुड – वैयक्तिक विभिन्नता, व्यक्तियों में किसी एक विशेषता या अनेक विशेषताओं को लेकर पाई जाने वाली विभिन्नता हैं, जो सम्पूर्ण रूप से वे सारे भेद व अंतर हैं, जो एक व्यक्ति को दूसरों से अलग करती हैं |

• जेम्स ड्रेवर – औसत समूह से मानसिक, शारीरिक विशेषताओं के संदर्भ मे समूह के सदस्य के रूप मे भिन्नता या अंतर को वैयक्तिक भेद कहते है |
Types of Individual Difference:-
• टर्मन – उच्च योग्यता वाले या प्रतिभाशाली बच्चों मे कुछ हद तक अपनी अनेक योग्यता के मामले मे अपने ही भीतर या अन्य व्यक्तियों के साथ भिन्नता होती हैं |

वैयक्तिक भिन्नता के प्रकार:-

  1. शारीरिक:-
    तात्पर्य, रंग रूप, कद, यौन भेद, शारीरिक परिपक्वता आदि मे अंतर होता है |
  2. बौद्धिक भिन्नता :-
    अलग- अलग लोगो का बौद्धिक स्तर अलग- अलग होता है | जो प्रतिभाशाली के जड़ बुद्धि के बीच होते हैं
  3. दृष्टिकोण भिन्नताएँ :-
    नजरिया, प्रत्येक व्यक्ति की उपलब्धि योग्यता अलग- अलग होती है और यह विभिन्नता लोगो के तथ्यों को देखने के नजरिये पर निर्भर करता है |
  4. गत्यात्मक योग्यता में विछिन्नताएँ:- गति ( क्रिया, कार्य) एक ही उम्र के अलग अलग बच्चे किसी कार्य को अपने अलग गतिक्रिया के कारण अलग अलग तरीके से करते है |
  5. लैगिंक आधार पर भिन्नता :-
    टर्मन ने कुछ अध्यन किये और स्त्री और पुरुषों मे निम्न लिखित भिन्नता की खोज की –
    लड़कियाँ चित्रकला मे लड़को से बेहतर होती है |
    वाणी आदि की त्रुटियाँ पुरुषों मे नारी की अपेक्षा तीन गुना होती हैं |
    नारियाँ सुझावों के प्रति ग्रहनशील होती है |

6 व्यक्तित्व मे भिन्नताऐ :-
स्प्रेंगर ने व्यक्तित्व भिन्नता के आधार पर 6 वर्ग बताये
सैद्धांतिक रूप
आर्थिक रूप से
सामाजिक रूप से
सौंदर्यआत्मक
राजनीतिक रूप से
धार्मिक रूप से युंग या जुंग :- अंतर्मुखी बहिर्मुखी उभयमुखी

थार्नडाइक ने 4 वर्ग बनाए हैं:-
अमूर्त चिंतक
• विचारात्मक चिंतक
• वस्तु परक चिंतन
• आंगिक अनुभव चिंतक
🍀Mahima 🍀

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