🌸- उपलब्धि परीक्षण -इसके अंतर्गत शिक्षक , छात्रों की उपलब्धि का पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीकों से ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रो को कितना समय दिया है यह एक लिखित मौखिक हो सकता है अतः यह बच्चे के ज्ञान /कौशल /क्षमता /दक्षता/ उन्नति जाने का मार्ग है। 🌸उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य- (1)- छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना ।(2)-छात्रों के मध्य भेद कर उनमें से मेघावी ,औसत ,एवं मंदबुद्धि छात्रों का चयन ।
(3)- छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना ।
(4)-छात्र की समस्या का पता लगाना।
(5 )- छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना।
🌸- एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही -सही पता लगाएं।
🌸1- (वैध)- जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाता है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं छात्र के स्तर के अनुकूल परीक्षण किया जाना चाहिए ।
🌸2-(विश्वसनीय )-उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए ।
🌸3-(भेद करने वाला)- एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो दो लोगों के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो ।
🌸4- (वस्तुनिष्ठ)- एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए
किसी प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए।
🌸उपलब्धि परीक्षण के प्रकार –
1- ( शिक्षक निर्मित परीक्षण) – ऐसी परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है यूनिट टेस्ट ,विषय संबंधी टेस्ट ,अर्धवार्षिक परीक्षा।
2-(मानकीकृत परीक्षण )-इसका निर्माण, विभिन्न लोगों , विशेषज्ञों, बुद्धिजीवी,आदि द्वारा किया जाता है हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।
3-(मौखिक परीक्षण)- छात्रों को पढाऐ गए प्रकरण को पूछकर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।
4-( लिखित परीक्षण )- लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं।
5-(प्रायोगिक परीक्षण )-छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।
🌸🌸Nots by- suchi Bhargav

🌟 *उपलब्धि परीक्षण (Achivement Test)* 🌟

इसके अंतर्गत शिक्षक, छात्रों की उपलब्धि पता लगाने का प्रयास करता है। और अलग – अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है, कि जितना भी पढ़ाया गया है , उसने छात्रों को कितना समझ में आया है, यह बच्चे का लिखित या मौखिक हो सकता है।
अंततः बच्चे के ज्ञान / कौशल/ दक्षता/ क्षमता/उन्नति जानने का मार्ग है।

🌟 *उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य:-* उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य निम्नलिखित हैं –

💫 *१.* छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वशनीय परीक्षण करना ।

💫 *२.* छात्रों के मध्य भेद कर उनमें से मेधावी ,औसत एवम् मंद बुद्धि छात्रों का चयन करना ।

💫 *३.* छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना।

💫 *४.* छात्रों की समस्या का पता लगाना ।

💫 *५.* छात्रों की रूचि और क्षमता का पता लगाना।

👉🏻 एक अच्छा परीक्षण वहीं होता है , जो छात्रों की समस्या का सही पता लगाएं।
एक अच्छे परीक्षण की विशेषताएं निम्न है –

✨ *(i). वैद्य ( valid): -* जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाना है, उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए।

✨ *(ii). विश्वशनीय :-*
उपलब्धि परीक्षण विश्वशनीय होना चाहिए। अर्थात् अगर कोई भी परीक्षण पुनः करना है ,तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए।

✨ *(iii). भेद करने वाला:-* एक अच्छा परीक्षण वही होता है,जो दो लोगो के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो सकें।

✨ *(iv). वस्तुनिष्ठ:-* एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए । किसी की प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिती में एक समान आना चाहिए।

🌟 *उपलब्धि परीक्षण को पांच भागों में बांट गया है –*

✨ *१. शिक्षक निर्मित परीक्षण:-*
ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथो से करते है । जैसे – यूनिट टेस्ट , विषय सम्बन्धी टेस्ट , अर्धवार्षिक परीक्षा इत्यादि।

✨ *२. मानकीकृत परीक्षण (Standardized Test):-*
जिसका निर्माण , विभिन्न लोगों , विशेषज्ञों ,बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है , उसे मानकीकृत परीक्षण कहते है।

✨ *३. मौखिक परीक्षण ( oral Test ):-*
छात्रों को पढ़ाए गए प्रकरण को पूछ कर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।

✨ *४. लिखित परीक्षण :-* लिखित के माध्यम से उत्तर देते है ।

✨ *५. प्रयोगात्मक परीक्षण ( Practical Test):* छात्रों से क्रिया करवा कर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है ।

✍️✍️✍️ *Notes by – Pooja* ✍️

*उपलब्धि / निष्पत्ति परीक्षण (achievement test)*✍️

👉इसके अंतर्गत शिक्षक, छात्रों की उपलब्धि पता लगाने का प्रयास करता है और अलग अलग तरीके से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उस में छात्रों को कितना समझ में आया है।
उपलब्धि परीक्षण लिखित/ मौखिक हो सकता है अंततः यह बच्चे के ज्ञान, कौशल, क्षमता, दक्षता, उन्नति जानने का मार्ग है।

*उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य*
*(Aims of achievement test)*

👉

*1.* छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना।

*2.* छात्रों के मध्य भेद कर उनमें से मेधावी, औसत एवं मंदबुद्धि छात्रों का चयन करते हैं ।

*3.* छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना।

*4.* छात्रों की समस्या का पता लगाना।

*5.* छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना।

*Note* 👉 एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही सही पता लगाएं।
एक अच्छे परीक्षण की निम्नलिखित विशेषताएं होती हैं

1. *वैध (valid)*

👉जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाता है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए।

2. *विश्वसनीय*

👉उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुन: करना है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए।

3. *भेद करने वाला*

👉एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो 2 लोगों के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो।

4. *वस्तुनिष्ठ*

👉एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए। किसी प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए। वस्तुनिष्ठ परीक्षा साधारणत: सत्य असत्य, बहु विकल्पीय, रिक्त स्थान की पूर्ति, मिलान प्रश्न पर आधारित होता है जिसका उत्तर हर परिस्थिति में एक ही होना चाहिए अगर उत्तर में किसी प्रकार का बदलाव होता है तो वह उत्तर गलत माना जाता है।

*उपलब्धि परीक्षण के प्रकार*
*(Types of achievement test)*

👉उपलब्धि परीक्षण को 5 भागों में बांटा गया है

*1. शिक्षक निर्मित परीक्षण*

ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है। यूनिट टेस्ट, विषय सम्बन्धी टेस्ट, अर्धवार्षिक टेस्ट।

*2. मानकीकृत परीक्षण* (standardized test)

जिसका निर्माण विभिन्न लोगों, विशेषज्ञों, बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है। इसमें हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।

*3. मौखिक परीक्षण*

छात्रों को पढ़ाये गए प्रकरण को पूछकर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।

*4. लिखित परीक्षा*

इसमें लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं। इस में शिक्षक के द्वारा छात्रों को कुछ प्रश्न दिए जाते हैं जिसका उत्तर उनको निर्धारित समय के भीतर लिखित रूप में देना पड़ता है।

*5. प्रयोगात्मक परीक्षा*

इसमें छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।

Notes by Shreya Rai ✍️✍️

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🏆🏅🏅उपलब्धि परीक्षण🏅🏅🏆

🏅उपलब्धि परीक्षण
(Achievement Test)
इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि का पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ आय है। यह लिखित/मौखिक हो सकता है।

अतः यह बच्चे के ज्ञान, कौशल, क्षमता, दक्षता, उन्नति जानने का मार्ग है।

🏅उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य
(Aim of Achievement test)
🎀छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना।

🎀 छात्रों के बीच में भेद कर उनमें से मेधावी औसत एवं मंदबुद्धि छात्रों का चयन।

🎀 छात्रों की मनोबल में वृद्धि करना।

🎀 छात्रों की समस्याओं का पता लगाना।

🎀 छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना।

एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही सही पता लगाए

⭐वैधता (Valid):
🎀जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाना है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं।

🎀छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए।

⭐विश्वसनीय (Reliable): उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए।

⭐भेद करने वाला(Difference maker) : एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो दो लोगों के मध्य भिन्नता जाने में सक्षम हो।

⭐वस्तुनिष्ठ(Objective) : एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए। किसी भी प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए।

🏅उपलब्धि परीक्षण के प्रकार
(Types of Achievement test)
उपलब्धि परीक्षण पांच प्रकार के होते हैं जो निम्नलिखित हैं –

1️⃣ शिक्षक निर्मित (Teacher made test): ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है जैसे यूनिट टेस्ट विषय संबंधित टेस्ट अर्धवार्षिक परीक्षा इत्यादि।

2️⃣ मानकीकृत परीक्षण (Standardized test) : इसका निर्माण विभिन्न लोगों (विशेषज्ञों बुद्धिजीवी आदि) द्वारा किया जाता है। इसमें हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।

3️⃣ मौखिक परीक्षण (Oral Test) : छात्रों को पढ़ा गया प्रकरण को पुछक या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।

4️⃣ लिखित परीक्षण (Written Test) : इसमें लिखित माध्यम से उतार देते हैं।

5️⃣ प्रयोगात्मक परीक्षण (Practical Test) : छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।

✍️✍️By – Awadhesh Kumar ✍️✍️
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🌼🌼 उपलब्धि परीक्षण(achievement test) 🌼🌼
इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि पता लगाने का प्रयत्न करता है और अलग-अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ आया है यह लिखित मौखिक हो सकता है अंततः यह बच्चे की ज्ञान, कौशल, क्षमता ,दक्षता, उन्नति को जानने का मार्ग है

🌼🌼 उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य🌼🌼
🌼1. छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना
🌼2. छात्रों के मध्य भेद कर उनमें से मेधावी, औसत और मंदबुद्धि छात्रों का चयन करना
🌼3. छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना
🌼4. छात्र की समस्या का पता लगाना
🌼5.छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना

🌼🌼🌼🌼🌼एक अच्छा परीक्षण वह होता है जो छात्रों की समस्याओं का सही सही पता लगाएं🌼🌼🌼🌼🌼

🌼🌼वैद्य (valid)–जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाता है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए

🌼🌼 विश्वसनीय –उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए

🌼🌼 भेद करने वाला –एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो 2 लोगों के मध्य विभिन्नता को जाने में एक सक्षम हो

🌼🌼 वस्तुनिष्ठ– एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए किसी प्राप्त प्रश्न के उत्तर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए

🌼🌼 उपलब्धि परीक्षण के प्रकार🌼🌼
🌼🌼1. शिक्षक निर्मित परीक्षण — ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है unit test, विषय संबंधित, अर्धवार्षिक परीक्षा ,

🌼🌼2.मानकीकृत परीक्षण(standard test) – जिसका निर्माण विभिन्न लोगो, विशेषज्ञों , बौद्धिजीवि, आदि द्वारा किया जाता है
हर क्षेत्र में मूल्यांकन होता है

🌼🌼3.मौखिक परीक्षा (oral test) – छात्रों को पढाये गए प्रकरण को पूछ कर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है

🌼🌼4. लिखित परीक्षा– लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं

🌼🌼5 प्रयोगात्मक परीक्षण(practical test) — छात्रो से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है

🌼🌼🌼Manjari soni🌼🌼🌼🌼

🌀 *उपलब्धि परीक्षण ( Achievement test*)🌀 इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ आया है यह लिखित / मौखिक हो सकता है अंततः यह बच्चे के ज्ञान / कौशल / क्षमता / दक्षता / उन्नति जानने का मार्ग है। ◼️ *उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य* ➖ 👉 छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना। 👉 छात्रों के बीच में भेद कर उनमें से मेधावी ,औसत एवं मंदबुद्धि छात्रों का चयन करना । 👉 छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना । 👉 छात्र की समस्या का पता लगाना। 👉 छात्रों की रुचि या क्षमता का पता लगाना। ⭕ *एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही सही पता लगाए* 1️⃣ *वैध( valid)*➖ जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाना है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए । 2️⃣ *विश्वसनीय* ➖ उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए । 3️⃣ *भेद करने वाला* ➖ एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो दो लोगों के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो। 4️⃣ *वस्तुनिष्ठ* ➖ एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए किसी प्राप्त पक्ष का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए। ⚜️ *उपलब्धि परीक्षण को पांच प्रकार से बांटा गया है*⚜️ 1️⃣ *शिक्षक निर्मित परीक्षण*➖ ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है जैसे – यूनिट टेस्ट ,विषय संबंधी टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा आदि। 2️⃣ *मानकीकृत परीक्षण*➖ जिसका निर्माण विभिन्न लोगों, विशेषज्ञों, बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है। 3️⃣ *मौखिक परीक्षण*➖ छात्रों को पढ़ाए गए प्रकरण को पूछकर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है। 4️⃣ *लिखित परीक्षण*➖ लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं । 5️⃣ *प्रयोगात्मक परीक्षण*➖ छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है। धन्यवाद ✍️✍️ notes by Pragya shukla……..

🏵️🌸 उपलब्धि परीक्षण🌸🏵️
🌸 Achievement test🌸
🏵️👉 इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि पता लगाने का प्रयास करते हैं और अलग-अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की कोशिश करते हैं कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ में आया है यह लिखित और मौखिक दोनों रूपों में हो सकता है अतः एक बच्चे की ज्ञान, कौशल, क्षमता, दक्षता, उन्नति को जानने का मार्ग है।
🏵️ उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य 🏵️
🏵️1-छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना।
🏵️2-छात्रों के मध्य भेद कर उनमें से मेधावी, औसत एव मंदबुद्धि छात्रों का चयन।
🏵️3-छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना।
🏵️4-छात्र की समस्या का पता लगाना।
🏵️5-छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना।
🏵️👉 एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही सही पता लगाए।
🏵️1-वैधता:~जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाना है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए।
🏵️2-विश्वसनीयता:~उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए।
🏵️3-भेद करने वाला:~एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो दो लोगों के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो।
🏵️4-वस्तुनिष्ठता:~एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए किसी प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए।
🏵️🌸 उपलब्धि परीक्षण के प्रकार 🌸🏵️
🏵️1-शिक्षक निर्मित परीक्षण:~ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है।
यूनिट टेस्ट
विषय संबंधी टेस्ट
अर्धवार्षिक परीक्षा इत्यादि।
🏵️2-मानकीकृत परीक्षण:~जिसका निर्माण विभिन्न लोगों विशेषज्ञों, बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है।
इसमें हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।
🏵️3-मौखिक परीक्षण:~छात्रों को पढ़ाए गए प्रकरण को पूछकर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।
🏵️4-लिखित परीक्षण:~इसमें लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं।
🏵️5-प्रयोगात्मक परीक्षण:~छात्रों से क्रिया करवा कर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।
🏵️Thank you 🏵️
🔹🏵️🔹 Notes by~ Vinay Singh rathore

⛳उपलब्धि परीक्षण⛳
(Achievement test)

★उपलब्धि परीक्षण के अंतर्गत शिक्षक, छात्रों की उपलब्धि का पता लगाने का प्रयास करता है, और अलग-अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ आया है.
यह लिखित तथा मौखिक हो सकता है।
अतः यह बच्चे के ज्ञान/ कौशल/ क्षमता/ दक्षता/ उन्नति जानने का मार्ग है।

🎯उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य
(Aim of achievement test)
१. छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना।

२. छात्रों के बीच में भेद कर उनमें से मेधावी, औसत एवं मंदबुद्धि छात्रों का चयन करना।

३. छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना।

४. छात्र की समस्या का पता लगाना।

५. छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना।

🔸 उपलब्धि परीक्षण की विशेषताएं-
👉🏻एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही सही पता लगाएं।

उपलब्धि परीक्षण की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित है-

१. वैद्य — जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाना है, उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं, छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए।

२. विश्वसनीय– उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए।

३. भेद करने वाला— एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो 2 लोगों के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो।

३. वस्तुनिष्ठ — एक अच्छा मूल्यांकन ऐसा होना चाहिए जो किसी प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और उपलब्धि में एक समान आना चाहिए।

🔸 उपलब्धि परीक्षण के प्रकार
(Types of achievement test)—

१. शिक्षक निर्मित उपलब्धि परीक्षण— ऐसे उपलब्धि परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है।
जैसे- यूनिट टेस्ट
विषय संबंधी टेस्ट
अर्धवार्षिक परीक्षा आदि।

२. मानकीकृत उपलब्धि परीक्षण— ऐसा परीक्षण जिसका निर्माण विभिन्न लोगों, विशेषज्ञों, बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है। यह हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।

३. मौखिक उपलब्धि परीक्षण— छात्रों को पढ़ाए गए प्रकरण को पूछ कर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।

४. लिखित उपलब्धि परीक्षण— लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं।

५. प्रयोगात्मक उपलब्धि परीक्षण— छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।

Shivee Kumari😊

🏆Intelligence Test🏆
(🏅उपलब्धि परीक्षण🏅)

♻️इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्र कितना समझ पाया है;

♻️यह लिखित और मौखिक हो सकता है;

♻️अंततः बच्चे के ज्ञान कौशल क्षमता दक्षता उन्नति जाने का मार्ग है।

🎗️ उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य÷

♻️बच्चों को एक अच्छा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वास नहीं है परीक्षण करना;

♻️छात्रों के बीच में भेद कर उनमें से मेधावी औसत एवं मंदबुद्धि छात्रों का चयन;

♻️छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना (आत्मविश्वास जागृत करना)।

♻️छात्रों की समस्या का पता लगाना;

♻️छात्रो की रुचि और क्षमता का पता लगाना;

♻️अच्छा परीक्षा वही होता है जो छात्रों की समस्याओं का सही-सही पता लगाएं।

👩‍👦उदाहरण÷ रोहन,और स्वाती कक्षा ३ के विद्यार्थी है दोनो ही पठन-पाठन में कराए गये कार्य मे पूर्ण रूप से भागीदारी करते हैं एवं अच्छा प्रदर्शन भी अतः उनको एक ऐसे परीक्षण की आवश्यकता जो उनकी उपलब्धियों को ठीक प्रकार से स्पष्ट कर सके।

🎗️अच्छे परीक्षण की विशेषताएं÷

💞वैद्य ÷जिस उद्देश्य से परीक्षण किया गया है उस उद्देश की प्राप्ति हो रही या नहीं ,छात्र के स्तर के अनुरूप परिक्षण किया जाना चाहिए;

💞विश्वशनीय÷उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी पुनः परीक्षण करता है जो उत्तर सामान्य आना चाहिए;

👬उदाहरण÷रोहन के पिताजी रोहन की परीक्षा में रोहन के उत्तर पुस्तिका में प्राप्त अंको से संतुष्ट नहीं थे , उन्होंने पुनः मूल्यांकन करवाया किंतु परिणाम अपरिवर्तित रहे; अर्थात मूल्यांकन वैद्य एवं विश्वसनीय था ।

♻️भेद करने वाला छात्र÷
एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो दो लोगों के बीच अंतर को जानने में सक्षम हो;

♻️वस्तुनिष्ठ=एक अच्छा मूल्यांकन अच्छा होना ही चाहिए किसी प्राप्त पक्ष का उत्तर हर क्षेत्र में एक समान आना चाहिए।

🎗️उपलब्धि परीक्षण के प्रकार÷

♻️शिक्षक निर्मित परीक्षण=ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है।

💞जैसे=यूनिट टेस्ट ,वषय सेसंबंधित टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा

♻️मानकीकृत परीक्षण=जिसका निर्माण विभिन्न लोगों , विशेषज्ञों, बुद्धिजीवियो इत्यादि के द्वारा किया जाता है;

♻️इस परीक्षण में हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।

♻️मौखिक परीक्षा = छात्र को पढ़ाए गये प्रकरण को पूछ कर साक्षात्कार लेकर किया जाता है।

♻️लिखित परीक्षा = लिखित माध्यम से दिया गया निर्धारित प्रश्नों का उत्तर

♻️प्रयोगात्मक परीक्षण=छात्रों से क्रिया करवा कर प्राप्त किया गया प्रश्नों का उत्तर जिसके द्वारा उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।

💞💞 written by ➡️ Shikhar Pandey 💞💞
🔆 उपलब्धि परीक्षण ➖

उपलब्धि परीक्षण के अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीकों से यह ज्ञात करने की भी कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ में आया है यह लिखित और मौखिक भी हो सकता है यह बच्चे के, ज्ञान ,कौशल, क्षमता या दक्षता जानने का मार्ग है |

उपलब्धि परीक्षण के माध्यम से शिक्षक छात्रों की क्षमता का पता लगा सकता है बच्चे नहीं कितना सीखा है या कितना सीखना बाकी है इसका भी पता लगाया जा सकता है उपलब्धि वह मानक परीक्षण जिसके माध्यम से शिक्षक बच्चों को सही दिशा निर्देश दे सकता हैं |

⭕ उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य ➖

🎯 छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना |

🎯 छात्रों के बीच या उनके मध्य भेद कर उनमें से मेधावी, औसत एवं मंद बुद्धि छात्रों का चयन करना |

🎯 छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना |

🎯छात्रों की समस्या का पता लगाना |

🎯 छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना भी आवश्यक है अन्यथा उनकी उपलब्धि रुक सकती है |

⭕ अच्छे/ उपलब्धि परीक्षण की विशेषताएं ➖

एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही सही- सही पता लगाए और उनकी समस्या का पता लगाकर उसका निदान भी करे |
अच्छे परीक्षण की विशेषताएं निम्नलिखित है ➖

🎯 वैद्य ➖

जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाना है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं, इसलिए छात्र के स्तर के अनुरूप ही परीक्षण किया जाना चाहिए तभी वह सफल और अच्छा परीक्षण हो सकता है |

🎯 विश्वसनीय ➖

उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण करता है तो उसका परिणाम या उत्तर एक समान आना चाहिए | अन्यथा परीक्षण विश्वसनीय नहीं माना जा सकता है और यह एक अच्छे परीक्षण की विशेषता नहीं हो सकती है |

🎯 भेद करने वाला ➖

एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो 2 लोगों के मध्य भिन्नता जानने में सक्षम हो |

अर्थात वह परीक्षण जो व्यक्तिगत विभिन्नता को समझने में आसानी व्यक्त करें ताकि दो व्यक्तियों या छात्रों के बीच उनके व्यक्तिगत विभिन्नता को समझा जा सके और उनकी क्षमता के अनुसार शिक्षण उपलब्ध कराया जा सके |

🎯 वस्तुनिष्ठ परीक्षण➖

एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए किसी भी प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और हर परिस्थिति में एक समान होना चाहिए |

अर्थात कहने का तात्पर्य है कि वह प्रश्न मानक रूप का होना चाहिए यदि उसको एक व्यक्ति जांच करता है तो उस व्यक्ति का उत्तर यदि दूसरा व्यक्ति भी जांच करता है तो उसका उत्तर भी समान होना चाहिए |

यदि ऐसा नहीं होता है तो परीक्षण वस्तुनिष्ट नहीं माना जा सकता है क्योंकि वस्तुनिष्ठ परीक्षण वह है जिसका एक उत्तर हो , अभिसारी सोच का हो और बंद अंत वाला हो |

⭕ उपलब्धि परीक्षण के प्रकार➖

🍀 शिक्षक निर्मित परीक्षण➖

ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने अनुसार अपने हाथों से करता है शिक्षक अपनी क्षमता के अनुसार परीक्षण का निर्माण करता है |
जैसे यूनिट टेस्ट, विषय संबंधी टेस्ट ,अर्धवार्षिक परीक्षा आदि |

🍀 मानकीकृत परीक्षण ➖

ऐसे परीक्षण जिसका निर्माण विभिन्न लोगों, विशेषज्ञों,और बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है |
इसमें हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है कि बच्चे ने क्या सीखा है क्या नहीं सीखा है कितना सीखना है और कितना सीख चुका है इन सभी का मूल्यांकन किया जाता है |
इसके माध्यम से बच्चे के हर वक्त और हर पहलू का आकलन किया जाता है और उस के माध्यम से उसका मूल्यांकन किया जाता है |

🍀 मौखिक परीक्षण ➖

इस परीक्षण के माध्यम से छात्रों को पढ़ाए गए प्रमाण को पूछकर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है |
यह परीक्षण बच्चे के तर्क पर आधारित होता है उसके ज्ञान की क्षमता को का मापन किया जाता है कि बच्चा किस क्षेत्र में कितना निपुण है |

🍀 लिखित परीक्षण ➖

इस परीक्षण में लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं जैसे कि निबंधात्मक प्रश्न इसमें बच्चा अपनी अपसारी सोच का इस्तेमाल कर सकता है वह अपनी तार्किक क्षमता के अनुसार अपने उत्तर को समावेशित कर सकता है |

🍀 प्रयोगात्मक परीक्षण ➖

इस प्रकार के परीक्षण में छात्रों से क्रिया करवा कर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है |
इसमें छात्र परीक्षण करते समय किसी वस्तु को प्रत्यक्ष रूप से देख कर या उसे छूकर, महसूस कर के उसके बारे में अध्ययन करता है यह एक प्रत्यक्ष प्रमाण है और इससे छात्रों की उपलब्धि का पता लगाया जा सकता है कि छात्र की क्षमता क्या है वह क्या कर सकता है |

नोट्स बाय➖ रश्मि सावले

🌻🌼🌸🌹🍀🌻🌸🌼🌹🍀🌻🌺🌸🌼🍀

🌸🌺 उपलब्धि परीक्षण🌺🌸 (Achievement test)

यह बालक जब विद्यालय जाकर ज्ञान अर्जित करना सीखता है तो इसे उपलब्धि कहते हैं तथा इस उपलब्धि की जांच के लिए जो परीक्षाएं ली जाती है, उन्हें उपलब्धि परीक्षण कहते हैं
इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि का पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीके से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्र को कितना समझ आया है यह लिखित /मौखिक हो सकता है अतः बच्चे के ज्ञान /कौशल /क्षमता/ उन्नति जाने का मार्ग है

🌸🌺 उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य🌺🌸

🌀 छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना।

🌀 छात्रों के मध्य भेद कर उसमें से मेधावी औसत एवं मध्य बुद्धि छात्रों का चयन करना।

🌀 छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना।

🌀 छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना।

🌺🌸 अच्छे उपलब्धि परीक्षण की विशेषताएं➖
एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्रों की समस्या का सही सही पता लगाएं।
अच्छे परीक्षण की विशेषताएं निम्नलिखित है➖

🌀 वैध (valid)➖
जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाता है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है कि नहीं, इसलिए छात्रों के स्तर के अनुरूप ही परीक्षण किया जाना चाहिए तभी वह सफल और अच्छा परीक्षण हो सकता है।

🌀 विश्वसनीय➖
उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान ही आना चाहिए।

🌀 भेद करने वाला➖
एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो 2 लोगों के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो।

🌀 वस्तुनिष्ठ➖
एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए किसी प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए।

🌺🌸 उपलब्धि परीक्षण के प्रकार 5➖

🌀 शिक्षक निर्मित परीक्षण➖ ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है
यूनिट टेस्ट ,विषय संबंधी टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा

🌀 मानकीकृत परीक्षण➖
जिसका निर्माण विभिन्न लोगों, विशेषज्ञों, बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।

🌀 मौखिक परीक्षण➖छात्रों को पढ़ाई गए प्रकरणों को पूछ कर यह साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।

🌀 लिखित परीक्षा➖
लिखित परीक्षण से उत्तर देते हैं

🌀 प्रयोगात्मक परीक्षण➖ छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।

✍🏻📚📚 Notes by….. Sakshi Sharma📚📚✍🏻

⚙️⛓️⛓️ उपलब्धि परीक्षण⛓️⛓️⚙️

यह बालक जब विद्यालय जाकर ज्ञान अर्जित करना सीखता है तो इसे उपलब्धि कहते हैं तथा इस उपलब्धि की जांच के लिए जो परीक्षाएं ली जाती है, उन्हें उपलब्धि परीक्षण कहते हैं
इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि का पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीके से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्र को कितना समझ आया है यह लिखित /मौखिक हो सकता है अतः बच्चे के ज्ञान /कौशल /क्षमता/ उन्नति जाने का मार्ग है

⚙️⚙️ उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य⚙️⚙️

🖋️🖋️छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना।

🖋️🖋️छात्रों के मध्य भेद कर उसमें से मेधावी औसत एवं मध्य बुद्धि छात्रों का चयन करना।

🖋️🖋️ छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना।

🖋️🖋️ छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना।

🖌️🖌️ अच्छे उपलब्धि परीक्षण की विशेषताएं➖

एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्रों की समस्या का सही सही पता लगाएं।

अच्छे परीक्षण की विशेषताएं निम्नलिखित है➖

✍️ वैध (valid)➖
जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाता है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है कि नहीं, इसलिए छात्रों के स्तर के अनुरूप ही परीक्षण किया जाना चाहिए तभी वह सफल और अच्छा परीक्षण हो सकता है।

✍️ विश्वसनीय➖
उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान ही आना चाहिए।

✍️भेद करने वाला➖
एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो 2 लोगों के मध्य भिन्नता को जानने में सक्षम हो।

✍️वस्तुनिष्ठ➖
एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए किसी प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में एक समान आना चाहिए।

🚩🚩उपलब्धि परीक्षण के प्रकार 5➖

✍️शिक्षक निर्मित परीक्षण➖ ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है
यूनिट टेस्ट ,विषय संबंधी टेस्ट, अर्धवार्षिक परीक्षा

✍️मानकीकृत परीक्षण➖
जिसका निर्माण विभिन्न लोगों, विशेषज्ञों, बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है।

✍️ मौखिक परीक्षण➖छात्रों को पढ़ाई गए प्रकरणों को पूछ कर यह साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है।

✍️ लिखित परीक्षा➖
लिखित परीक्षण से उत्तर देते हैं

✍️ प्रयोगात्मक परीक्षण➖ छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है।

✍🏻📚📚 Notes by….. Alakh Niranjan 📚📚✍🏻

📘उपलब्धि परीक्षण अचीवमेंट टेस्ट📘

इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि का पता लगाने का प्रयास करता है और अलग-अलग तरीकों से याद करने की कोशिश करता है कि जितना भी पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ आया है यह लिखित मौखिक हो सकता है अंततः बच्चे के ज्ञान कौशल क्षमता दक्षता उन्नति जाने का मार्ग

📘उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य📘

1छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना

2 छात्रों के मध्य भेद कर उनमें से मेधावी कौशल एवं मंदबुद्धि छात्रों का चयन

3 छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना

4 छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना

5 छात्रों की समस्या का पता लगाना

6 एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो छात्र की समस्या का सही सही पता लगाएं

📘अच्छे परीक्षण की विशेषता निम्न प्रकार है📘
1 वैद्य (vaild):- जिस उद्देश्यसे परीक्षण किया जाता है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं
अर्थात छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए

2 विश्वसनीय :- उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए

3 भेद करना:- एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो 2 लोगों के मध्य विनता को जानने में सक्षम हो

4 वस्तुनिष्ठ:- एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए इसे प्राप्त प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र और परिस्थिति में समान होना चाहिए

📘उपलब्धि परीक्षण के प्रकार📘
उपलब्धि परीक्षण के निम्न प्रकार हैं

1 शिक्षक निर्मित परीक्षण:- ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है जैसे यूनिट टेस्ट से संबंधित टेस्ट अर्धवार्षिक परीक्षा

2 मानकीकृत परीक्षण:- इसका निर्माण के विभिन्न लोगो विशेषज्ञ ,बुद्धिजीवियों आदि द्वारा किया जाता है इसमें हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है

3 मौखिक परीक्षा (ओरल टेस्ट):- छात्रों को पढ़ाई गई प्रकरण को पूछकर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है

4 लिखित परीक्षा:- इस परीक्षण में बच्चे लिखित माध्यम से उत्तर देते हैं

5 प्रयोगात्मक परीक्षा( प्रैक्टिकल टेस्ट):- इस परीक्षण में छात्रों से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है

🙏🙏🙏🙏🙏 sapna sahu🙏🙏🙏🙏🙏

🌀उपलब्धि परीक्षण ( Achievement test) 🌀
इसके अंतर्गत शिक्षक छात्रों की उपलब्धि का पता लगाने का प्रयास करता है और अलग अलग तरीके से यह ज्ञात करने की कोशिश करता है कि कितना पढ़ाया गया है उसमें छात्रों को कितना समझ आया है यह लिखित मौखिक हो सकता है अंततः यह बच्चे की की ज्ञान /कौशल / क्षमता / दक्षता /उन्नति जानने का मार्ग है |
उपलब्धि परीक्षण के उद्देश्य :-
◼छात्रों को एक कक्षा से दूसरी कक्षा में भेजने हेतु एक उचित और विश्वसनीय परीक्षण करना चाहिए |
◼छात्रों के मध्य भेद कर उनमें से मेधावी औसत एंव मंद्बुद्धि छात्रों में वृद्धि करना | ◼छात्रों के मनोबल में वृद्धि करना |
◼ छात्रों की समस्या का पता लगाना | ◼छात्रों की रुचि और क्षमता का पता लगाना |
🔶एक अच्छा परीक्षण वही होता है होता है जो छात्रों की समस्या का सही सही सही पता लगाए |
🔅वैद्य(Valid) ➖ जिस उद्देश्य से परीक्षण किया जाता है उस उद्देश्य की प्राप्ति हो रही है या नहीं छात्र के स्तर के अनुरूप परीक्षण किया जाना चाहिए |
🔅विश्वसनीय ➖ उपलब्धि परीक्षण विश्वसनीय होना चाहिए अर्थात अगर कोई भी परीक्षण पुनः करता है तो उसका उत्तर एक समान आना चाहिए |
🔅 भेद करने वाला ➖ एक अच्छा परीक्षण वही होता है जो दो लोगों के मध्य भिन्नता को जाने में सक्षम हो |
🔅 वस्तुनिष्ठ ➖ एक अच्छा मूल्यांकन वस्तुनिष्ठ होना चाहिए किसी प्रश्न का उत्तर हर क्षेत्र हर परिस्थिति में एक समान आना चाहिए |
🔶 उपलब्धि परीक्षण के प्रकार :-
◼ शिक्षक निर्मित परीक्षण ➖ ऐसे परीक्षण का निर्माण शिक्षक अपने हाथों से करता है जैसे यूनिट टेस्ट विषय संबंधी टेस्ट अर्द्धवार्षिक परीक्षा से संबंधित है |
◼ मानकीकृत परीक्षण ➖ जिसका निर्माण विभिन्न लोगों विशेषज्ञों विशेषज्ञों बुद्धिजीवी आदि द्वारा किया जाता है इसमें हर क्षेत्र का मूल्यांकन होता है |
◼मौखिक परीक्षा ➖ छात्रों को पढ़ाए गए प्रकरण को पूछकर या साक्षात्कार लेकर परीक्षण किया जाता है यह मौखिक परीक्षण होता है |
◼ लिखित परीक्षण ➖ इसमें छात्रों द्वारा लिखित माध्यम से उत्तर दिये जाते है |
◼ प्रयोगात्मक परीक्षण ➖ जिसमें छात्रों से क्रिया करवाकर से क्रिया करवाकर उपलब्धि परीक्षण किया जाता है |
Notes by ➖Ranjana Sen

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