अधिगम

अधिगम का शाब्दिक अर्थ होता है सीखना।लेकिन यह एक बहुत व्यापक शब्द है अधिगम जन्मजात प्रवृति से प्रेरित होता है। जब व्यक्ति पुराने अनुभव के साथ नई परिस्थिति से संतुष्ट नहीं होता  तब उसको अधिगम की आवश्कता होती है। यदि व्यक्ति नई परिस्थिति से संतुष्ट है तो उसका कोई अधिगम नही होगा।

विभिन्न मनोवैज्ञानिकों के अनुसार अधिगम की परिभाषा निम्न अनुसार है:

🌺 स्किनर के अनुसार: व्यवहार के अर्जन में उन्नति की प्रक्रिया अधिगम है।

🌺 क्रो एंड क्रो के अनुसार:ज्ञान और अभिवृति की प्राप्ति ही अधिगम है।

🌺गेट्स के अनुसार:अधिगम अनुभव द्वारा व्यवहार का शोध है।

🌺गुथरी के अनुसार: अधिगम किसी परिस्थिति के भिन्न ढंग से कार्य करने की क्षमता है जो परिस्थिति के अनुसार पूर्व अनुभवों के कारण आती है।

🌺वुडवर्थ के अनुसार: अधिगम अनुभव के परिणामस्वरूप प्राणी के व्यवहार के कुछ परिमार्जन है जो कम से कम समय के  लिए प्राणी के द्वारा धारण किया जाता है।

🌺मर्फी के अनुसार: सीखना व्यवहार और दृष्टिकोण दोनो का परिमार्जन है।

🌺 गिलफोर्ड के अनुसार: व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन ही अधिगम है।

🌺 कॉल्विन के अनुसार:पहले से निर्मित व्यवहार में अनुभवों द्वारा हुए परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।

🌺हिलगार्ड के अनुसार:सीखना वह प्रक्रिया है जिसमे नई क्रिया का जन्म होता है अथवा सामने आई परिस्थिति के अनुकूल उसमे उचित परिवर्तन किया जाता है।

🌺कुप्पुस्वामी के अनुसा: अधिगम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक जीव एक परिस्थिति में उसके अंतः क्रिया के परिणाम के रूप में व्यव्हार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है जो कुछ अंश तक स्थिर उन्मुख रहता है तथा जीव के सामान्य व्यवहार प्रतिमान को प्रभावित करता है।।।

✍🏻✍🏻✍🏻Notes by raziya khan✍🏻✍🏻✍🏻✍🏻

🔆 अधिगम 

▪️अधिगम का सार्थक अर्थ सीखना है जो व्यापक प्रक्रिया है तथा जन्मजात प्रवृत्ति से अधिगम को प्रेरणा मिलती है अर्थात जन्मजात अधिगम को प्रेरणा देने वाला पहला कहा जाता है।

▪️जब पुराना अनुभव के आधार पर नई परिस्थिति को संतुष्ट नहीं कर पाता तब हमें एक नई समाधान की जरूरत होती है और वही समाधान की जरूरत या आवश्यकता ही अधिगम है।

▪️जिस व्यक्ति को जितना ज्यादा अनुभव

होगा उसको उतनी ही कम अधिगम की आवश्यकता होगी।

▪️जब व्यक्ति पुराने अनुभवों के आधार पर नई परिस्थिति द्वारा अपनी प्रवृत्तियों को संतुष्ट नहीं कर पाता तब वह नहीं परिस्थितियों में समायोजन करने लगता है और यही समायोजन में अधिगम प्राप्त करता है।

▪️कई मनोवैज्ञानिक ने अधिगम के अर्थ को निम्न अनुसार परिभाषित किया।

✨स्किनर के अनुसार  

व्यवहार के अर्जन में उन्नति की प्रक्रिया अधिगम है।

✨क्रो एंड क्रो के अनुसार

ज्ञान और अभिवृत्ति की प्राप्ति ही अधिगम है।

✨गेट्स के अनुसार 

अधिगम, अनुभव द्वारा व्यवहार का शोध है।

✨गुथरी के अनुसार

अधिगम, किसी परिस्थिति में भिन्न ढंग से कार्य करने की क्षमता है जो परिस्थिति के अनुसार पूर्व अनुभवों के कारण आती है।

✨वुडवर्थ के अनुसार

अधिगम, *अनुभव के परिणाम स्वरुप* प्राणी के *व्यवहार* में कुछ *परिमार्जन* है जो कम से कम *कुछ समय* के लिए प्राणी के द्वारा *धारण* किया जाता है।

✨मर्फी के अनुसार

सीखना, *व्यवहार और दृष्टिकोण* दोनों का *परिमार्जन* है।

✨गिलफोर्ड के अनुसार

व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन अधिगम है।

✨कॉल्विन के अनुसार

पहले से निर्मित व्यवहार में अनुभवों द्वारा हुए परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।

✨हिलगार्ड के अनुसार

सीखना वह प्रक्रिया है जिसमें नई क्रिया का जन्म होता है अथवा सामने आई परिस्थिति के अनुकूल उसमें उचित परिवर्तन किया जाता है।

✨कुप्पुस्वामी के अनुसार

अधिगम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक जीव, एक परिस्थिति में उसके अंतः क्रिया के परिणाम के रूप में, व्यवहार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है, जो कुछ अंश तक स्थिर उन्मुख रहता है तथा जीव के सामान्य व्यवहार प्रतिमान को प्रभावित करता है।

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       Notes By-‘Vaishali Mishra’

✳️ अधिगम

💐अधिगम का अर्थ होता है सीखना ।

💐अधिगम एक व्यापक शब्द है ।

💐अधिगम जन्मजात प्रवृत्ति से प्रेरित होता है यह व्यक्ति के पुराने अनुभव के साथ में परिस्थिति के  संतुष्ट नहीं होता है तब अधिगम की आवश्यकता होती हैं। 

💐विभिन्न मनोवैज्ञानिक के अनुसार अधिगम की परिभाषा निम्न प्रकार दी हुई है।

🌻 स्किनर के अनुसार:-व्यवहार के अर्जन में उन्नति की प्रक्रिया अधिगम है।

🌻क्रो .क्रो के अनुसार —

ज्ञान और अभिवृत्ति की प्राप्ति ही अधिगम है।

🌻ग्रेटस के अनुसार —

अधिगम अनुभव द्वारा व्यवहार का शोध हैं। 

🌻गुथरी के अनुसार —

अधिगम किसी परिस्थिति में भिन्न ढंग से कार्य करने की क्षमता है जो परिस्थिति के अनुसार पूर्व अनुभवों के कारण आती है।

🌻 मरफी के अनुसार—

सीखना ,व्यवहार और दृष्टिकोण दोनों का परिमार्जन है।

🌻 कॉल्विन के अनुसार—

पहले से निर्मित व्यवहार में अनुभव द्वारा हुए परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।

🌻 गिलफोर्ड के अनुसार—

व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन अधिगम है।

🌻 हिलगार्ड के अनुसार—

सीखना वह प्रक्रिया है जिसमें नई क्रिया का जन्म होता है अथवा सामने आए परिस्थिति के अनुकूल उसमें उचित परिवर्तन किया जाता है।

🌻 कुप्पूस्वामी के अनुसार—

अधिगम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक जीव एक परिस्थिति में उसके अंतर क्रिया के परिणाम के रूप में व्यवहार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है जो कुछ अंश तक स्थिर उन्मुख रहता है तथा जीव के समान व्यवहार प्रतिमान को प्रभावित करता है।

Notes By:- Neha Roy 🙏🙏🙏🙏🙏

🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 ♦️अधिगम–

🌲 अधिगम का मतलब होता है। सीखना।। 

♦️सीखना व्यापक अर्थ होता है ।

♦️यह जन्मजात प्रवृत्ति प्रेरक होते हैं ।

♦️पुराने अनुभव में नई परिस्थिति के ज्ञान से संतुष्ट नहीं कर पाते हैं

 या समायोजन में कठिनाई होती है ।तब हमें अधिगम की आवश्यकता होती है ।

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विभिन्न प्रकार के मनोवैज्ञानिकों द्वारा अधिगम की परिभाषा निम्न प्रकार से दी गई है।

🌴 स्किनर के अनुसार– व्यवहार की अर्जन में उन्नति की प्रक्रिया अधिगम  है।

🌴 क्रो एवं क्रो के अनुसार–

 ज्ञान और अभिवृत्ति  की प्राप्ति अधिगम है ।

🌴गेट्स के अनुसार– अधिगम अनुभव द्वारा व्यवहार का शोध है।

🌴 गुथरी के अनुसार –अधिगम किसी परिस्थिति में भिन्न रंग से कार्य करने की क्षमता है। जो परिस्थिति के अनुसार पूर्व अनुभव के कारण आती है ।

🌴वुडवर्थ के अनुसार– अधिगम अनुभव के परिणाम स्वरुप प्राणी के व्यवहार में कुछ  परिमार्जन है। जो कम से कम कुछ समय के लिए प्राणी द्वारा धारण किया जाता है ।

🌴मर्फी के अनुसार – सीखना व्यवहार और दृष्टि को दोनों का परिमार्जन है।

🌴 कॉल्विन के अनुसार– पहले से निर्मित व्यवहार में अनुभव द्वारा हुए परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।

🌴 गिलफोर्ड के अनुसार– व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन अधिगम है ।

🌴हिल गार्ड के अनुसार –सीखना वह प्रक्रिया है। जिसमें नई क्रिया का जन्म होता है। अथवा सामने आई परिस्थिति के अनुकूल इसमें उचित परिवर्तन किया जाता है।

🌴 कुप्पूस्वामी के अनुसार– अधिगम वह प्रक्रिया है ।जिसके द्वारा एक एक जीव एक परिस्थिति में उसके अंतः क्रिया के परिणाम के रूप में व्यवहार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है ।तो कुछ अंत तक स्थिर अनुभव करता है ।तथा जीव की सामान्य व्यवहार प्रतिमान को प्रभावित करता है ।

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Notes by poonam sharma📚📚📚

☘️🌼 अधिगम 🌼☘️

अधिगम का अर्थ होता है -सीखना। अधिगम एक प्रक्रिया है, जो जीवन- पर्यंत चलती रहती है एवं जिसके द्वारा हम कुछ ज्ञान अर्जित करते हैं या जिसके द्वारा हमारे व्यवहार में परिवर्तन होता है।

🟣 विभिन्न  मनोवैज्ञानिकों के अनुसार अधिगम की परिभाषा निम्न प्रकार से दी गई है।

🌼 स्किनर के अनुसार➖ “व्यवहार के अर्जन में उन्नति की प्रक्रिया अधिगम है”।

🌼 क्रो एंड क्रो के अनुसार➖”सीखना आदतों ज्ञान और अभिवृत्तियों  का अर्जन है”।

🌼 गेटस के अनुसार➖”अधिगम अनुभव द्वारा व्यवहार का शोध है”।

🌼 गुथरी के अनुसार➖”अधिगम किसी परिस्थिति में भिन्न ढंग से कार्य करने की क्षमता है जो परिस्थिति के अनुसार पूर्व अनुभवों के कारण आती है”।

🌼 मर्फी के अनुसार➖”सीखना व्यवहार और दृष्टिकोण दोनों का परिमार्जन है”।

🌼काॅल्विन के अनुसार➖ “पहले से निर्मित व्यवहार में अनुभव द्वारा हुए परिवर्तन को अधिगम कहते हैं”।

🌼 गिलफोर्ड के अनुसार➖ “व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन अधिगम है”।

🌼 हिलगार्ड के अनुसार ➖”सीखना वह प्रक्रिया है जिसमें नई क्रिया का जन्म होता है अथवा सामने आए परिस्थिति के अनुकूल उसमें उचित परिवर्तन किया जाता है।”

🌼कुप्पूस्वामी के अनुसार➖ “अधिगम प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक चीज एक परिस्थिति में उसके अंतः क्रिया के परिणाम के रूप में व्यवहार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है जो कुछ अंश तक स्थित रहता है तथा जीव के समान व्यवहार प्रतिमान को प्रभावित करता है।”

✍🏻📚📚 Notes by….. Sakshi Sharma📚📚✍🏻

अधिगम

अधिगम का शाब्दिक अर्थ होता है सीखना

यह एक बहुत व्यापक शब्द है 

अधिगम की प्रक्रिया जीवन भर चलती रहती है।

अधिगम जन्मजात प्रवृत्ति से प्रेरित होता है। अर्थात अधिगम के लिए जन्मजात प्रवृत्ति प्रेरक का कार्य करती है।

जब व्यक्ति पुराने अनुभवों के द्वारा नई परिस्थिति को संतुष्ट नहीं कर पाता है तब उसे अधिगम की आवश्यकता होती है।

विभिन्न मनोवैज्ञानिकों के अनुसार अधिगम की परिभाषाएं

स्किनर के अनुसार  

व्यवहार के अर्जन में उन्नति की प्रक्रिया अधिगम है।

क्रो एंड क्रो के अनुसार

ज्ञान और अभिवृत्ति की प्राप्ति ही अधिगम है।

गेट्स के अनुसार 

अधिगम, अनुभव द्वारा व्यवहार का शोध है।

गुथरी के अनुसार

अधिगम, किसी परिस्थिति में भिन्न ढंग से कार्य करने की क्षमता है जो परिस्थिति के अनुसार पूर्व अनुभवों के कारण आती है।

वुडवर्थ के अनुसार

अधिगम, *अनुभव के परिणाम स्वरुप* प्राणी के *व्यवहार* में कुछ *परिमार्जन* है जो कम से कम *कुछ समय* के लिए प्राणी के द्वारा *धारण* किया जाता है।

मर्फी के अनुसार

सीखना, *व्यवहार और दृष्टिकोण* दोनों का *परिमार्जन* है।

गिलफोर्ड के अनुसार

व्यवहार के कारण व्यवहार में परिवर्तन अधिगम है।

कॉल्विन के अनुसार

पहले से निर्मित व्यवहार में अनुभवों द्वारा हुए परिवर्तन को अधिगम कहते हैं।

हिलगार्ड के अनुसार

सीखना वह प्रक्रिया है जिसमें नई क्रिया का जन्म होता है अथवा सामने आई परिस्थिति के अनुकूल उसमें उचित परिवर्तन किया जाता है।

कुप्पुस्वामी के अनुसार

अधिगम वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक जीव, एक परिस्थिति में उसके अंतः क्रिया के परिणाम के रूप में, व्यवहार का एक नवीन प्रतिरूप अर्जित करता है, जो कुछ अंश तक स्थिर उन्मुख रहता है तथा जीव के सामान्य व्यवहार प्रतिमान को प्रभावित करता है।

Notes by Ravi kushwah

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