👨‍👨‍👦‍👦 👩‍❤️‍👨  समाजीकरण 👩‍❤️‍👨 👨‍👨‍👦‍👦

 ↔️ अर्थ ➖

🔴 समाजीकरण की ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मानदंडों,मूल्यों और अपेक्षाओं को आंतरिक रूप से सीखते हैं और उचित संज्ञानात्मक या सामाजिक कौशल सीखकर,समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करता है।

🔵 जब बच्चा जन्म लेता है वह ना तो खुद को जानता है ना समाज को। घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए, सब उसके घर परिवार के सदस्य रिश्तेदार के आचरण के अनुकरण से या उसके बताए गए तौर तरीके से मिलता है।

         सीखने की यही प्रक्रिया, समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में, समाजीकरण कहलाती है।

👩‍❤️‍👨 समाजीकरण की परिभाषा 👩‍❤️‍👨

🔅 जॉनसन के अनुसार ➖

 समाजीकरण एक प्रकार का सीखना है, जो सीखने वाले को समाजिक कार्य करने योग्य बनाता है।

🔅हॉटल और हॉटल के अनुसार ➖

 समाजीकरण वह प्रक्रिया है,जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आपको समुदाय के आदर्शों के अनुकूल बनाता है।

🔅 ओगबर्न के अनुसार ➖

 समाजीकरण, हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है।

🔅 ग्रिन के अनुसार➖

 सामाजीकरण वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा बच्चा सामाजिक विशेषताओं निज स्वरूप और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है।

🔅 मेकियोनियस के अनुसार ➖

 समाजीकरण एक आजीवन प्रक्रिया है, जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है और मानवीय विशेषताओं का विकास करता है।

🔅 बोगार्डस के अनुसार ➖

 समाजीकरण एक साथ रहना और काम करना, सीखने की प्रक्रिया है।

👨‍👨‍👦‍👦 समाजीकरण के प्रकार 👨‍👨‍👦‍👦

♦️प्राथमिक सामाजीकरण।

♦️द्वितीयक सामाजीकरण।

♦️प्रत्याशात्मक सामाजीकरण।

♦️ पुनः सामाजीकरण।

♦️ संगठनात्मक समाजीकरण।

♦️ समूह समाजीकरण।

♦️ लैंगिक  समाजीकरण।

♦️ जातीय समाजीकरण।

🔅 प्राथमिक समाजीकरण ➖

 प्राथमिक सामाजीकरण, तत्काल परिवार और मित्र से प्रभावित है और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों का आधार निर्धारित करता है।

🔅 द्वितीयक सामाजीकरण ➖

 इसमें विद्यालय,पार्क,पास पड़ोस आते है,बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के रूप में उपयुक्त व्यवहार और कौशल को सीखने का माध्यम है।

🔅 प्रत्याशात्मक  सामाजिकरण ➖

 एक व्यक्ति किसी भविष्य के पद, व्यवसाय, सामाजिक रिश्ते के लिए, पूर्वाभ्यास करता है।

🔅 संगठनात्मक समाजीकरण ➖

 ऐसी प्रक्रिया, जिसमें एक व्यक्ति कर्मचारी संगठनात्मक  भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है।

🔅समूह समाजीकरण ➖

 वह प्रक्रिया, जो किसी वयस्क  व्यक्ति में पारिवारिक वातावरण के बजाय सहकर्मी समूह भी उनके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित करते हैं।

🔅   लैंगिक समाजीकरण ➖

 वह व्यवाहर, जो लड़के और लड़कियों में उनके लिंग के हिसाब से उपयुक्त माना जाता है।

           इसमें लड़के, लड़कियों के और लड़कियां, लड़के के गुण सकती है।

🔅जातीय समाजीकरण ➖

 एक बच्चा, अपने जाति समूह के व्यवहार, धारणा,मूल्य दृष्टिकोण प्राप्त करता है।

📝NOTES BY “AkAnKsHa”📝

✍🏻👏🏻👍🏻🤝🏻🤟🏻🙏🏻✍🏻

🔆 समाजीकरण (Socialization)

▪️समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मानदंडों, मूल्यों और अपेक्षाओं को आंतरिक रुप से सीखते हैं।

▪️उचित संज्ञानात्मक या सामाजिक कौशल सीखकर अपने समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करते हैं।

▪️व्यक्ति समाज के साथ परस्पर अंत:क्रिया करते हैं तथा समाज के नियम ,मानदंड का पालन करते है। और एक सामाजिक भूमिका निभाते हुए चीजों को सक्रिय रूप से सीखते हैं ।यह सामाजिक अंत: क्रिया निरंतर चलती रहती है । व्यक्ति समाज से प्रभावित होता है तथा समाज भी व्यक्ति द्वारा प्रवावित होता है अर्थात समाज और व्यक्ति  दोनों एक दूसरे को प्रभावित करते हैं।

▪️जब बच्चा जन्म लेता है तब वह ना तो खुद को जानता है और ना ही समाज को।

▪️यदि बच्चा जन्म लेता है तो समाज के विकास में वंशानुक्रम का योगदान किस प्रकार होता है इसे इस प्रकार समझा जा सकता है कि

▪️वंशानुक्रम से आया कोई प्रभाव कब दिखेगा या उम्र पर निर्भर करता है और वह प्रभाव कैसा होगा यह वातावरण पर निर्भर करता है।

▪️इसीलिए जब बच्चा एक निश्चित उम्र में वातावरण के संपर्क में आता है तब उसके इस समाज के प्रभाव को देखा जा सकता है अर्थात जैसे-जैसे उम्र बढ़ेगी बच्चे समाज से प्रभावित होगा।

 ▪️बच्चे को घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए यह सब बच्चे के घर  परिवार के सदस्य ,रिश्तेदार के आचरण के अनुकरण से या उनके द्वारा बताए गए तौर तरीकों से सीखता है।

▪️सीखने की यही प्रक्रिया समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में समाजीकरण कहलाती हैं।

▪️यदि कोई व्यक्ति समाज के बनाए गए वर्तमान समय के मानदंडों नियमों के साथ परस्पर अंतर क्रिया करता है तभी उसका समाज में स्थित होता है अन्यथा वह मात्र एक जीवित व्यक्ति ही बन कर रह जाता है। 

▪️किसी भी व्यक्ति की सामाजिक अंतः क्रिया के बिना कल्पना नहीं की जा सकती । व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के लिए समाज के लोगों के साथ अंतः क्रिया करता है क्योंकि समाज के जो लोग होते हैं वह वर्तमान सामाजिक अंतः क्रिया से अपने व्यक्तित्व, ज्ञान से, इस स्तर पर अपनी भूमिका निभा रहे होते है।

❇️ समाजीकरण की परिभाषा

▪️कई मनोवैज्ञानिकों ने समाजीकरण के संदर्भ में परिभाषाएं दी  है जो कि निम्नानुसार है

✨ जॉनसन के अनुसार

“समाजीकरण एक प्रकार का सीखना है जो सीखने वाले को सामाजिक कार्य करने योग्य बनाता है।”

✨ हाॅर्टल और हॉर्टल के अनुसार 

“समाजीकरण व प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आपको समुदाय के आदर्शों की अनुकूल बनाता है।”

✨ग्रिन के अनुसार

“समाजीकरण व प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा सामाजिक विशेषताओं, निजी स्वरूप और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है।”

✨ ओगबर्न के अनुसार

“समाजीकरण हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है।”

✨ मेकियोनियस के अनुसार

“समाजीकरण एक आजीवन प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है और  मानवीय विशेषताओं का विकास करता है।”

✨ बोगार्ड्स के अनुसार

“समाजीकरण एक साथ रहना और काम करना, सीखने की प्रक्रिया है।”

❇️ समाजीकरण के प्रकार 

▪️समाजीकरण के मुख्यत: आठ प्रकार है जो कि निम्नानुसार हैं।

📍1 प्राथमिक समाजीकरण

📍2 द्वितीयक  समाजीकरण

📍3 प्रत्याशात्मक समाजीकरण

📍4 पुनः समाजीकरण

📍5 संगठनात्मक समाजीकरण

📍6 समूह समाजीकरण

📍7  लैगिक समाजीकरण

📍8  जातीय समाजीकरण

उपर्युक्त समाजीकरण का वर्णन निम्न अनुसार है।

🥏 1 प्राथमिक समाजीकरण (Primary socialization)➖

तात्कालिक परिवार और मित्रों से प्रभावित होता है और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों के लिए आधार निर्धारित करता है।

🥏 2 द्वितीयक समाजीकरण (Secondary socialization)➖

बालक के उन व्यवहार व कौशलों को सीखने की प्रक्रिया को दर्शाता है जो समाज के भीतर एक छोटे समूह के सदस्य के रूप में उपयुक्त है ।इसमें विद्यालय पार्क ,पड़ोस आदि शामिल हैं।

🥏 3 प्रत्याशात्मक समाजीकरण (Anticipatory socialization) ➖

समाजीकरण की उस प्रक्रिया को संदर्भित करता है जिसमें एक व्यक्ति भविष्य के पदों व्यवसाय और सामाजिक रिश्तों के लिए पूर्व अभ्यास करता है।

🥏 4 पुनः समाजीकरण (Resocialization)

पुनः समाजीकरण पूर्व व्यवहार पैटर्न और सजगता को छोड़ने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है तथा नए लोगों व अनुभवों के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करता है।

🥏 5 संगठनात्मक समाजीकरण (Organizational socialization)➖

एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक कर्मचारी अपनी संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है।

🥏 6 समूह समाजीकरण 

(Group socialization)➖

वह प्रक्रिया है जो किसी व्यक्ति के सहकर्मी समूह पारिवारिक वातावरण के बजाय वयस्कता में उसके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित करता है।

🥏 7 लैंगिक  समाजीकरण

(Gender socialization)➖

उस व्यवहार और व्यवहार के शिक्षण को संदर्भित करता है जो बालक या बालिका के लिंग के आधार पर उपयुक्त माना जाता है ।

लड़के ,लड़कों के गुण और लड़कियां, लड़कियों के गुण सीखती हैं।

🥏 8 जातीय समाजीकरण (Ethnic socializaion)➖

जातीय समाजीकरण को एक विकासात्मक प्रक्रिया के रूप में परिभाषित किया जा सकता है जिसके द्वारा बच्चे के एक जातीय समूह के व्यवहार, धारणाओं ,मूल्यो और दृष्टिकोणो को प्राप्त करते हैं।

✍️ Notes By-‘Vaishali Mishra’

👨‍👨‍👦‍👦 👼🏻🤵🏼समाजीकरण 👼🏻👨‍👨‍👦‍👦🤵🏼

 💐अर्थ ÷

समाजीकरण की ऐसी प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मानदंडों,मूल्यों और अपेक्षाओं को आंतरिक रूप से सीखते हैं और उचित संज्ञानात्मक या सामाजिक कौशल सीखकर,समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करता है।

 💐जब 👼🏻बच्चा जन्म लेता है वह ना तो खुद को जानता है ना समाज को। घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए, सब उसके घर परिवार के सदस्य रिश्तेदार के आचरण के अनुकरण से या उसके बताए गए तौर तरीके से मिलता है।

     सीखने की यही प्रक्रिया, समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में, समाजीकरण कहलाती है।

💐 समाजीकरण की परिभाषा 💐

 ⏮️जॉनसन के अनुसार ,”

समाजीकरण एक प्रकार का सीखना है, जो सीखने वाले को समाजिक कार्य करने योग्य बनाता है।”

⏮️ हार्टल और हार्टल के अनुसार ,”

समाजीकरण वह प्रक्रिया है,जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आपको समुदाय के आदर्शों के अनुकूल बनाता है।”

⏮️ ओगबर्न के अनुसार ,”

समाजीकरण, हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है।”

⏮️ग्रिन के अनुसार,”

सामाजीकरण वह प्रक्रिया है, जिसके द्वारा बच्चा सामाजिक विशेषताओं निज स्वरूप और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है।”

⏮️मेकियोनियस के अनुसार ,”

समाजीकरण एक आजीवन प्रक्रिया है, जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है और मानवीय विशेषताओं का विकास करता है।”

⏮️ बोगार्डस के अनुसार ,”

समाजीकरण एक साथ रहना और काम करना, सीखने की प्रक्रिया है।”

💐💐समाजीकरण के प्रकार 💐

⚫प्राथमिक सामाजीकरण।

🔴द्वितीयक सामाजीकरण।

🔴प्रत्याशात्मक सामाजीकरण।

⚫पुनः सामाजीकरण।

⚫संगठनात्मक समाजीकरण।

🔴समूह समाजीकरण।

🔴 लैंगिक  समाजीकरण।

⚫जातीय समाजीकरण।

🔴प्राथमिक समाजीकरण ÷

प्राथमिक सामाजीकरण, तत्काल परिवार और मित्र से प्रभावित है और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों का आधार निर्धारित करता है।

🔴 द्वितीयक सामाजीकरण ÷

इसमें विद्यालय,पार्क,पास पड़ोस आते है,बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के रूप में उपयुक्त व्यवहार और कौशल को सीखने का माध्यम है।

🔴 प्रत्याशात्मक  सामाजिकरण ÷

एक व्यक्ति किसी भविष्य के पद, व्यवसाय, सामाजिक रिश्ते के लिए, पूर्वाभ्यास करता है।

🔴 पुनः सामाजिकरण ÷ 

 पूर्ण व्यवहार पैटर्न को छोड़कर नए लोगों या अनुभव के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करना।

🔴संगठनात्मक समाजीकरण ÷

 ऐसी प्रक्रिया, जिसमें एक व्यक्ति कर्मचारी संगठनात्मक  भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है।

🔴समूह समाजीकरण ÷

वह प्रक्रिया, जो किसी वयस्क  व्यक्ति में पारिवारिक वातावरण के बजाय सहकर्मी समूह भी उनके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित करते हैं।

⚫ लैंगिक समाजीकरण ÷

 वह व्यवाहर, जो लड़के और लड़कियों में उनके लिंग के हिसाब से उपयुक्त माना जाता है।

    इसमें लड़के, लड़कियों के और लड़कियां, लड़के के गुण सीखती है।

⚫जातीय समाजीकरण ÷

 एक बच्चा, अपने जाति समूह के व्यवहार, धारणा,मूल्य दृष्टिकोण प्राप्त करता है।

💐📖🖊️Notes by Shikha tripathi💐🌲

💮🔅🔅सामाजीकरण🔅🔅💮

🔅🔅समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मानदंडों ,,मूल्य ,और अपेक्षाओं को आंतरिक रूप से सीखते हैं 

 उचित संज्ञानात्मक या सामाजिक कौशल सीखकर समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करता है

         जब बच्चा जन्म लेता है तो वह है ना तो खुद को जानता है और ना तो समाज को जानता है वह किसी को भी नहीं जानता है

     घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए यह सब उसके घर परिवार के सदस्य, रिश्तेदार ,के आचरण के अनुकरण से ,या उसके बताए गए तौर तरीके से ही सीखते हैं उन्हीं के द्वारा उन्हें  यह व्यवहार मिलता है

       यह सीखने की प्रक्रिया समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में सामाजिकरण कहलाती है

🔆🔅सामाजीकरण की परिभाषा 🔅🔆

🔅✏️जॉनसन के अनुसार ➖️सामाजीकरण एक प्रकार का सीखना है जो सीखने वाले को सामाजिक कार्य करने योग्य बनाता है

🔅✏️हार्टल और हार्टल के अनुसार ➖️सामाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आपको समुदाय के आदर्शों के अनुकूल बनाता है और विवरण के अनुसार सामाजीकरण हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है

 🔅✏️ग्रीन के अनुसार ➖️सामाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा सामाजिक विशेषता और निजी स्वरूप और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है 

🔅✏️मेकियोनियस के अनुसार➖️ सामाजीकरण एक अजीवन प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है और मानवीय विशेषताओं का विकास करता है 

🔅✏️बोगार्डस के अनुसार➖️ सामाजीकरण एक साथ रहना ,और काम करना, सीखने की प्रक्रिया है 

🌲🔅सामाजीकरण के प्रकार 🔅🌲

🌲प्राथमिक सामाजीकरण 

🌲द्वितीयक सामाजीकरण  

🌲प्रत्याशातक सामाजीकरण

🌲पुनः सामाजीकरण 

🌲संगठनात्मक सामाजीकरण 

🌲समूह सामाजीकरण 

🌲लैंगिक सामाजीकरण

🌲जातीय सामाजीकरण 

⚜️🌲प्राथमिक सामाजीकरण ➖️प्राथमिक सामाजीकरण के अंतर्गत तात्कालिक परिवार ,और मित्र से प्रभावित होते हैं और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों का आधार निर्धारित करता है 

⚜️🌲द्वितीयक सामाजीकरण ➖️बालक और व्यवहार या कौशल को सीखने की प्रक्रिया दर्शाता है जो बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के रूप में उपर्युक्त  है जैसे विद्यालय पास पड़ोस आदि 

⚜️🌲प्रत्याशात्मक सामाजीकरण➖️ एक व्यक्ति किसी भविष्य के पद, व्यवसाय, सामाजिक ,रिश्ते के लिए जो अभ्यास करता है और प्रत्याशात्मक सामाजिकरण के अंतर्गत आता है

⚜️🌲 पुनः सामाजीकरण➖️ पूर्व व्यवहार पैटर्न को छोड़कर अन्य लोगों या व्यवहार या अनुभव के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करना पुनः सामाजिकरण के अंतर्गत आता है

 ⚜️🌲संगठनात्मक सामाजीकरण➖️ एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक ऐसी प्रक्रिया जिसके द्वारा एक कर्मचारी अपने संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है

⚜️🌲 समूह सामाजीकरण➖️ सहकर्मी समूह या पारिवारिक वातावरण की बजाय उसके व्यक्तित्व वातावरण को प्रभावित करता है 

⚜️🌲लैंगिक सामाजीकरण➖️ लिंग के आधार पर उचित व्यवहार सीखने लैंगिक सामाजीकरण के अंतर्गत आता है जैसे लड़का लड़का के गुण सीखेगा और लड़की के जो गुण होते हैं वह लड़की सीखते हैं

 ⚜️🌲जातीय सामाजीकरण ➖️एक बच्चा अपने जातीय समूह के व्यवहार धारणा मूल्य दृष्टिकोण प्राप्त करता है

Notes by sapna yadav📋📋📝📝📝📝📝📝

🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀🍀

🔆🍀 समाजीकरण 🍀🔆

समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मानदंडों ,मूल्यों और अपेक्षाओं को आंतरिक रुप से सीखते हैं और उचित संज्ञानात्मक व सामाजिक कौशल सीखकर अपने समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करता है |

जब बच्चा जन्म लेता है उस समय ना तो वह खुद को जानता है और ना तो वह समाज को |

घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना  चाहिए यह सब उसके घर परिवार के सदस्य, और रिश्तेदार के आचरण के अनुकरण से या उनके द्वारा बताए गए तौर – तरीके से मिलता है |

क्योंकि जैसे जैसे  मनुष्य समाज के संपर्क में आता है उसमें सामाजिक चेतना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना का विकास होता है वह समाज द्वारा स्वीकृत परंपरा, मान्यता, आकांक्षा , और आदर्श संस्कृति आदि का पालन करने लगता है |

इस प्रकार सीखने की यही प्रक्रिया समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में समाजीकरण कहलाती है  |

🎯 समाजीकरण की परिभाषाएं➖

⭕ जाॅनसन के अनुसार➖

” समाजीकरण एक प्रकार का सीखना है जो सीखने वाले को सामाजिक कार्य करने योग्य बनाता है |”

⭕ हाॅर्टल और हाॅर्टल के अनुसार➖

” सामाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आपको समुदाय के आदर्शों के अनुकूल बनाता है |”

⭕ ग्रीन के अनुसार ➖

” समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा सामाजिक विशेषताओं, निज स्वरूप ,और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है |”

⭕ जेम्स ड्रेवर के अनुसार ➖ 

” समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने सामाजिक पर्यावरण के साथ अनुकूलन करता है और इस प्रकार उस समाज का मान सहयोगी और कुशल सदस्य बन जाता है |”

⭕ ओगबर्न के अनुसार ➖

” समाजीकरण हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है |”

⭕ मैकियोनियस के अनुसार➖

” सामाजिकरण एक अजीवन प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है और मानवीय विशेषताओं का विकास करता है |”

⭕ बोगार्डस के अनुसार ➖

” समाजीकरण एक साथ रहना और काम करना सीखने की प्रक्रिया है |”

🎯 समाजीकरण के प्रकार ➖

1) प्राथमिक समाजीकरण

2) द्वितीयक समाजीकरण

3)। प्रत्याशात्मक समाजीकरण

4) पुनः  समाजीकरण

5) संगठनात्मक समाजीकरण

6) समूह समाजीकरण 

7) लैंगिक समाजीकरण

8) जातीय समाजीकरण

⭕ प्राथमिक समाजीकरण➖

 प्राथमिक समाजीकरण में बच्चा तत्काल परिवार और मित्र से प्रभावित होता है और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों का आधार निर्धारित करता है |

⭕ द्वितीयक समाजीकरण➖

 यह प्राथमिक समाजीकरण के बाद आता है जिसके अंतर्गत विद्यालय और पार्क और पड़ोस आदि आते हैं |

 जिसमें बालक उन व्यवहार या कौशल को सीखने की प्रक्रिया को दर्शाया जाता है जो बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के सदस्य के रूप में उपयुक्त है और इस प्रकार व्यवहार और कौशल को सीखने का माध्यम बनते हैं |

⭕ प्रत्याशात्मक समाजीकरण➖

एक व्यक्ति किसी भविष्य के पद व्यवसाय या समाजीक रिश्ते के लिए प्रयास करता है तो इस प्रकार के समाजीकरण को प्रत्याशात्मक समाजीकरण कहते हैं |

⭕पुनः समाजीकरण➖

” इसमें व्यक्ति पूर्ण व्यवहार पैटर्न और सजगता को छोड़ने की प्रक्रिया को संदर्भित करता है तथा नए लोगों के अनुभव के आधार पर अपने अनुभव को स्वीकार करता है |

⭕संगठनात्मक समाजीकरण➖

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें एक व्यक्ति कर्मचारी के रूप में संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखना है |

⭕ समूह समाजीकरण ➖

यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो किसी वयस्क व्यक्ति में पारिवारिक वातावरण की बजाय सहकर्मी समूह भी उसके व्यक्तित्व या व्यवहार को प्रभावित करता है |

⭕ लैंगिक समाजीकरण➖

 वन व्यवहार जो लड़के या लड़की में उनके लिंग के हिसाब से उपयुक्त माना जाता है इसमें लड़की लड़कों के गुण तथा लड़की लड़कियों के गुण सीखते  हैं और यही आवश्यक  है |

अन्यथा यदि लड़के लड़कियों के गुण और लड़कियां लड़कों के गुण सीखने लगेंगे तो हमारे समाज उनके इस व्यवहार को स्वीकार नहीं करेगा |

⭕ जातीय समाजीकरण➖

 एक बच्चा अपनी जाति समूह के व्यवहार धारणा मूल्य और दृष्टिकोण प्राप्त करता है इस प्रकार के समाजीकरण को जातीय समाजीकरण कहा जाता है |

नोट्स बाय ➖रश्मि सावले

🌼🌻👫👬👫👬🌻🌼

💮 Socialization 🌸

  🌸 समाजीकरण 💮

समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मानदंडों , मूल्य और अपेक्षाओं को आंतरिक रुप से सीखता हैं ।

और उचित संज्ञानात्मक या सामाजिक कौशल सिख कर समाज  के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करता है ।

समाज आप पर प्रभाव डालता है और आप भी समाज को प्रभावित करते हैं।

 आप समाज में रहते हुए आपस में अंतः क्रिया करते हैं नियम बनाते हैं , मानदंड बनाते हैं , भूमिका निभाते हैं, एक दूसरे से कुछ सीखते हैं और एक दूसरे के साथ सक्रिय कार्य करते हैं ।

जब बच्चा जन्म लेता है उस समय ना तो खुद को जानता है ना ही समाज को जानता है।

घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए यह सब उसके घर परिवार के सदस्य या रिश्तेदार के आचरण के अनुकरण से या उनके बताए गए तौर तरीके से मिलता है , सीखने की यह प्रक्रिया समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में समाजीकरण कहलाती है।

🪂👬👫

मनोवैज्ञानिकों द्वारा समाजीकरण की परिभाषा

🍃 जॉनसन 

समाजीकरण एक प्रकार का सीखना है जो सीखने वाले को सामाजिक कार्य करने योग्य बनाता है ।

🍃 हार्टल और हार्टल

 समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आप को समुदाय के आदर्शों के अनुकूल बनाता है।

☘️ग्रीन के अनुसार

समाजीकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा सामाजिक विशेषताओं निज स्वरूप और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है।

☘️ ओगबर्न 

समाजीकरण हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है।

🌋मेकियोनियस

समाजीकरण एक आजीवन प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है और मानवीय विशेषताओं का विकास करता है।

🌋 बोगार्डस 

समाजीकरण एक साथ रहना और काम करना सीखने की प्रक्रिया है ।

✨✨ समाजीकरण के प्रकार✨✨

🚶 प्राथमिक समाजीकरण

 तत्काल परिवार और मित्र से प्रभावित होता है , और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों का आधार निर्धारित  करता है। 

👬👬🧑‍🤝‍🧑 द्वितीयक समाजीकरण 

इसमें विद्यालय , पार्क , पास – पड़ोस आता है ।

बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के रूप में उपयुक्त व्यवहार और कौशल को सीखने का माध्यम है ।

👩‍✈️प्रत्याशात्मक समाजीकरण

 एक व्यक्ति किसी भविष्य के पद, व्यवसाय , सामाजिक रिश्ते के लिए पूर्व अभ्यास करता है।

🎉  पुनः समाजीकरण 

पूर्व व्यवहार पैटर्न को छोड़कर नए लोगों या अनुभव के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करना।

💫 संगठनात्मक समाजीकरण

 ऐसी प्रक्रिया जिसमें एक व्यक्ति कर्मचारी के रूप में संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है।

👫🚶 समूह समाजीकरण

वह प्रक्रिया जो किसी वयस्क व्यक्ति में परिवारिक वातावरण के बजाय सहकर्मी समूह भी उसके व्यक्तित्व या व्यवहार को प्रभावित करते हैं ।

👩‍💼🧕👳🤵लैंगिक समाजीकरण 

वह व्यवहार जो लड़के या लड़की में उनके लिंग के हिसाब से उपयुक्त माना जाता है , इसमें लड़के लड़कों के गुण और लड़कियां लड़कियों के गुण सीखते हैं।

🎉🎉 जातीय समाजीकरण

 एक बच्चा अपने जाति समूह के व्यवहार , धारणा , मूल्य , दृष्टिकोण को प्राप्त करता है।

🌸वन्दना शुक्ला 🌺

🍀🌼🌸🌺🍀🌼🌸🌺🌻🍀🌻🌼🌸🌺🍀🌻🌼🌸🌺

🌼🌼🌼🌼  समाजिकरण🌼🌼🌼🌼

🌼समाजिकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति समाजिक मानदंडों ,मूल्य और अपेक्षाओं को आंतरिक रूप से सीखते हैं 

 उचित संज्ञानात्मक या सामाजिक कौशल सीखकर समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करता है

🌼🌼जब बच्चा जन्म लेता है तो वह है ना तो खुद को जानता है और ना तो समाज को जानता है वह किसी को भी नहीं जानता है

🌼🌼 घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए यह सब उसके घर परिवार के सदस्य, रिश्तेदारो के आचरण के अनुकरण से या उनके बताए गए तौर तरीके से ही सीखते हैं उन्हीं के द्वारा उन्हें  यह व्यवहार मिलता है

 🌼🌼यह सीखने की प्रक्रिया समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में समाजिकरण कहलाती है

🌼🌼🌼समाजिकरण की परिभाषा 🌼🌼🌼

🌼🌼जॉनसन के अनुसार :-“समाजिकरण एक प्रकार का सीखना है जो सीखने वाले को सामाजिक कार्य करने योग्य बनाता है”

🌼🌼हार्टल और हार्टल के अनुसार:- “समाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आपको समुदाय के आदर्शों के अनुकूल बनाता है और विवरण के अनुसार सामाजीकरण हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है”

 🌼🌼ग्रीन के अनुसार :-“समाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा सामाजिक विशेषता और निजी स्वरूप और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है “

🌼🌼मेकियोनियस के अनुसार:-” समाजिकरण एक अजीवन प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है और मानवीय विशेषताओं का विकास करता है “

🌼🌼बोगार्डस के अनुसार:- समाजिकरण एक साथ रहना और काम करना, सीखने की प्रक्रिया है “

🌼🌼🌼समाजिकरण के प्रकार 🌼🌼🌼

🌼1.प्राथमिक समाजिकरण 

🌼2. द्वितीयक समाजिकरण  

🌼3. प्रत्याशात्मक समाजिकरण

 🌼4. पुनः समाजिकरण 

🌼5. संगठनात्मक समाजिकरण 

🌼6. समूह समाजिकरण 

🌼7. लाैंगिक समाजिकरण

🌼8. जातीय समाजिकरण 

🌼🌼🌼प्राथमिक समाजिकरण :- प्राथमिक समाजिकरण के अंतर्गत तात्कालिक परिवार और मित्र से प्रभावित होते हैं और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों का आधार निर्धारित करता है 

🌼🌼द्वितीयक समाजिकरण बालक और व्यवहार या कौशल को सीखने की प्रक्रिया दर्शाता है जो बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के रूप में उपर्युक्त  है जैसे विद्यालय पास पड़ोस आदि 

🌼🌼प्रत्याशात्मक सामाजिकरण:- एक व्यक्ति किसी भविष्य के पद, व्यवसाय, सामाजिक रिश्ते के लिए जो अभ्यास करता है और प्रत्याशात्मक समाजिकरण के अंतर्गत आता है

🌼🌼पुनः समाजिकरण:- पूर्व व्यवहार पैटर्न को छोड़कर अन्य लोगों या व्यवहार या अनुभव के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करना पुनः सामाजिकरण के अंतर्गत आता है

 🌼🌼संगठनात्मक सामाजिकरण:- यह एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक कर्मचारी अपने संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है

🌼🌼 समूह सामाजिकरण:- सहकर्मी समूह या पारिवारिक वातावरण की बजाय उसके व्यक्तित्व वातावरण को प्रभावित करता है 

🌼🌼लैंगिक सामाजिकरण:- लिंग के आधार पर उचित व्यवहार सीखने लैंगिक सामाजिकरण के अंतर्गत आता है जैसे लड़का लड़का के गुण सीखेगा और लड़की के जो गुण होते हैं वह लड़की सीखते हैं

 🌼🌼जातीय सामाजिकरण :-एक बच्चा अपने जातीय समूह के व्यवहार धारणा मूल्य दृष्टिकोण प्राप्त करता है

🌼🌼by manjari soni🌼🌼

*समाजीकरण*

(Socialization)

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समाजीकरण एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से व्यक्ति सामाजिक मानदंडों, मूल्यों और अपेक्षाओं को आंतरिक रूप से सीखते हैं और उचित संज्ञानात्मक या सामाजिक कौशल सीख कर समाज के सक्रिय सदस्य के रूप में कार्य करते हैं।

         जब बच्चा जन्म लेता है उस समय ना तो खुद को जानता है और न ही समाज को। घर में या समाज में किस प्रकार का व्यवहार करना चाहिए यह सब उसके घर परिवार के सदस्य, रिश्तेदार के आचरण के अनुकरण से या उनके बताए गए तौर तरीके से मिलता है। सीखने की यही प्रक्रिया समाज विज्ञान या मनोविज्ञान में सामाजिकरण कहलाती आती है।

समाजीकरण की परिभाषा (definition of socialization)

🤺🏋️🤾🤼

जॉनसन के अनुसार, ✍🏻

” समाजीकरण एक प्रकार का सीखना है जो सीखने वाले को समाजीकरण कार्य करने योग्य बनाता है।”

हार्टल एवम् हार्टल के अनुसार, ✍🏻

“समाजीकरण हुआ प्रक्रिया है जिसके द्वारा व्यक्ति अपने आपको समुदाय के आदर्शों के अनुकूल बनाता है।”

ग्रीन के अनुसार, ✍🏻

“सामाजिकरण वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा बच्चा समाजिक विशेषताओं, निजी स्वरूप और व्यक्तित्व को प्राप्त करता है।”

W.F. ओगबर्न के अनुसार,  ✍🏻

” समाजीकरण हमारे समूह और समाज के मानदंडों को सीखने की प्रक्रिया है।”

मेकियोनियस के अनुसार,  ✍🏻

“समाजीकरण एक आजीवन प्रक्रिया है जिसके द्वारा एक व्यक्ति समाज का उचित सदस्य बन जाता है।”

बोगार्ड्स के अनुसार, ✍🏻

“समाजीकरण एक साथ रहना और काम करना सीखने की प्रक्रिया है।”

समाजीकरण के प्रकार

(Type of socialization)

🤼🤺🏋️🤾

समाजीकरण निम्नलिखित प्रकार के होते हैं-

1. प्राथमिक समाजीकरण

2. द्वितीयक समाजीकरण

3. प्रत्याशात्मक समाजीकरण

4. पून: समाजीकरण

5. संगठनात्मक समाजीकरण

6. समूह समाजीकरण

7. लैंगिक सामाजीकरण

8. जातीय समाजीकरण

💫 1. प्राथमिक समाजीकरण

(Primary socialization)

तत्काल परिवार और मित्र से प्रभावित है और भविष्य के सभी सामाजिक संबंधों का आधार निर्धारित करता है।

💫 2. द्वितीयक समाजीकरण

(Secondary socialization)

इसमें विद्यालय, पार्क, पास- पड़ोस आता है बड़े समाज के भीतर एक छोटे समूह के रूप में उपयुक्त व्यवहार और कौशल को सीखने का माध्यम है।

💫 3. प्रत्याशात्मक  समाजीकरण

(Anticipatory socialization)

एक व्यक्ति किसी भविष्य के पद, व्यवसाय, सामाजिक रिश्ते के लिए पूर्व अभ्यास करता है। उसे प्रत्याशात्मक सामाजीकरण कहते हैं।

💫 4. पुन:  समाजीकरण

(Re-socialization)

पूर्व बिहार पैटर्न को छोड़कर नए लोगों या अनुभव के आधार पर परिवर्तन को स्वीकार करना ही पुनः सामाजिकरण कहलाता है।

💫 5. संगठनात्मक समाजीकरण

(Organizational socialization)

ऐसी प्रक्रिया जिसमें एक व्यक्ति कर्मचारी संगठनात्मक भूमिका ग्रहण करने के लिए अवश्यक ज्ञान और कौशल सीखता है।

💫 6. समूह समाजीकरण

(Group socialization)

वह प्रक्रिया जो किसी वयस्क व्यक्ति में पारिवारिक वातावरण के बजाय सहकर्मी समूह भी उसके व्यक्तित्व और व्यवहार को प्रभावित करते हैं उसे समूह समाजीकरण करते हैं।

💫 7. लैंगिक सामाजिकरण

(Gender socialization)

वह व्यवहार जो लड़के और लड़की में उनके लिंग के हिसाब से उपयुक्त माना जाता है इसमें लड़के लड़कों के गुण और लड़कियां लड़कियों के गुण सीखते हैं।

💫 8. जातीय समाजीकरण

(Racial socialization)

एक बच्चा अपने जाति समूह के व्यवहार, धारणा, मूल्य या दृष्टिकोण प्राप्त करते हैं।

Notes by Shreya Rai ✍🏻 🙏

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