*उत्तर बाल्यावस्था (6-12 साल)* 

      *मूर्त संक्रियात्मक अवस्था* 

✍️1. यह ऐसी अवधि है जब बच्चे अक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देते हैं l

✍️2. इस उम्र में बच्चे नाराज होने लगते हैं माता-पिता नाराज या गुरुजी बच्चे से नाराज होने लगते हैं l

✍️3. यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है जब बच्चे को उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है l

✍️4. बच्चों में पर्याप्त समायोजन के लिए माता पिता और शिक्षक के परामर्श का बड़ा योगदान होता है l

✍️5. इस उम्र में बच्चे के मस्तिष्क के आकार और वजन का विकास लगभग वयस्क के तरह हो जाता है l

✍️6. बच्चे की गतिविधि बढ़ जाती है बच्चे में प्रतिरोध की भावना उत्पन्न हो जाती है l

✍️7. इस समय बच्चा घर के बाहर दोस्ती का विकास करता है l

         *शारीरिक विकास ** (physical development)* 

🤾1. इस उम्र में वजन और ऊंचाई विकास थोड़ा कम होता है बच्चे में हो रहे बदलाव को परखा जा सकता है l

👨2. बच्चे इस उम्र में बीमारी से मुक्त होते हैं 

👭3. शारीरिक परिवर्तन के मामले लड़कियां लड़कों से 2 साल आगे होती हैं l

👧4. 11 साल की उम्र में लड़कियां, लड़कों से पूरी तरीके से 1 साल आगे होते हैं l

🦷5. इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते हैं l

🤾6. बच्चों में ताकत सभी अनुपात में शारीरिक विकास,सहनशक्ति और थकान के लिए प्रतिरोध बढ़ जाता हैl

        🏵️🏵️Notes by Sharad Kumar patkar🌺🌺

🔷 उत्तर बाल्यावस्था 6 से 12 वर्ष 

यह  ऐसी अवधि है जब बच्चे अक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देते हैं

इस उम्र में बच्चे के मस्तिष्क के आकार और वजन का विकास लगभग  वयस्क की तरह हो जाता है

बच्चे में प्रतिरोध की क्षमता उत्पन्न हो जाती है

यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है बच्चे को उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है

इस उम्र में बच्चे नाराज होने लगते हैं माता-पिता या गुरु भी बच्चे से नाराज होने लगते हैं

 बच्चे की गतिविधि बढ़ जाती है

इस उम्र में बच्चा घर से बाहर दोस्ती का विकास करने लगता है

बच्चों में पर्याप्त समायोजन के लिए माता पिता और शिक्षा के परामर्श का बहुत बड़ा योगदान होता है

  🔷🔷 शारीरिक विकास🔷🔷

इस  उम्र में  वजन और ऊंचाई का विकास थोड़ा कम होता है बच्चा में हो रहे बदलाव को आसानी से परखा जा सकता है

इस उम्र में बच्चे बीमारी  से मुक्त होते हैं

शारीरिक परिवर्तन के मामले में लड़कियां लड़कों से 2 साल आगे होती है

11 साल की एज में लड़कियां लड़कों से पूरी  तरीके से 1 साल आगे होती हैं

इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते हैं

 इस उम्र में बच्चा में ताकत सभी अनुपात में शारीरिक विकास सहनशक्ति और थकान के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है

🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃sapna sahu 🍃🍃🍃🍃🍃🍃🍃🤗🤗🤗🖋️🖋️🖋️📚📚

🍃🌲 उत्तर बाल्यावस्था 6 से 12 वर्ष 🌲🍃

🏵️🏵️ मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7से 12 वर्ष 🏵️🏵️

💫💫 यह ऐसी अवधी है जब बच्चेअक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देते हैं।

💫💫यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है जब बच्चे की उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

💫💫बच्चों में पर्याप्त समायोजन के लिए माता -पिता और शिक्षक के परामर्श का बड़ा योगदान होता है।

, 💫💫 इस उम्र में बच्चे अधिक नाराज होने लगते हैं,  शिक्षक और माता-पिता भी बच्चों से नाराज होने लगते हैं।

💫💫 इस उम्र में बच्चे मस्तिष्क के आकार और वजन का विकास लगभग वयस्क की तरह हो जाता है।

💫💫 बजे की गतिविधि बढ़ जाती है बच्चे में प्रतिरोध की भावना उत्पन्न हो जाती है।

💫💫 इस समय बच्चे घर से बाहर की दोस्ती का विकास करने लगते हैं।

🌺🌸 उत्तर बाल्यावस्था में शारीरिक विकास 🌸🌺

👭 वजन और लंबाई में विकास थोड़ा कम होता है बच्चों में हो रहे बदलाव को परखा जा सकता है।

👭 इस उम्र तक बीमारियों से अधिकतर मुक्त होते हैं।

👭 शारीरिक परिवर्तन में लड़कियां लड़कों से 2 साल आगे होती हैं।

👭11 साल की उम्र में लड़कियां लड़कों से पूरी तरह से 1 साल आगे होती हैं।

👭इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते हैं।

👭 इस उम्र में बच्चो में ताकत सभी में शारीरिक थकान प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती  है।।

✍️✍️✍️💫by Laki 🍃✍️✍️✍️

🍃🌲 उत्तर बाल्यावस्था 6 से 12 वर्ष 🌲🍃

🏵️🏵️ मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7से 12 वर्ष 🏵️🏵️

💫💫 यह ऐसी अवधि है जब बच्चेअक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देते हैं।

💫💫यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है जब बच्चे की उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

💫💫बच्चों में पर्याप्त समायोजन के लिए माता -पिता और शिक्षक के परामर्श का बड़ा योगदान होता है।

, 💫💫 इस उम्र में बच्चे अधिक नाराज होने लगते हैं,  शिक्षक और माता-पिता भी बच्चों से नाराज होने लगते हैं।

💫💫 इस उम्र में बच्चे मस्तिष्क के आकार और वजन का विकास लगभग वयस्क की तरह हो जाता है।

💫💫 बजे की गतिविधि बढ़ जाती है बच्चे में प्रतिरोध की भावना उत्पन्न हो जाती है।

💫💫 इस समय बचा घर से बाहर की दोस्ती का विकास करने लगते हैं।

🌺🌸 उत्तर बाल्यावस्था में शारीरिक विकास 🌸🌺

👭 वजन और लंबाई में विकास थोड़ा कम होता है बच्चों में हो रहे बदलाव को परखा जा सकता है।

👭 इस उम्र तक बीमारियों से अधिकतर मुक्त होते हैं।

👭 शारीरिक परिवर्तन में लड़कियां लड़कों से 2 साल आगे होती हैं।

👭11 साल की उम्र में लड़कियां लड़कों से पूरी तरह से 1 साल आगे होती हैं।

👭इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते हैं।

👭 इस उम्र में बच्चो में ताकत सभी में शारीरिक थकान प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती  है।।

✍️✍️✍️💫by Laki 🍃✍️✍️✍️

📒✍🏻📒✍🏻📒✍🏻📒✍🏻📒

*17/02/2021*

*उत्तर बाल्यावस्था 6 -12 वर्ष*⬇️

*पियाजे के अनुसार-*

*(मूर्त संक्रियात्मक अवस्था 7 से 12 वर्ष)*

●यह एक ऐसी अवधि  है, जब बच्चे अक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देता है।

● इस अवस्था मे माता- पिता और शिक्षक बच्चों से नाराज होने लगते है । क्योंकि बच्चे का व्यवहार असाधारण  होता है।

●इस अवस्था मे बच्चों को उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

●इस अवस्था के बच्चों को पर्याप्त समायोजन के लिए माता -पिता  और शिक्षक के परामर्श का बड़ा योगदान होता है।

● इस अवस्था मे बच्चें का मस्तिष्क  का आकार और वजन  का विकास लगभग वयस्कों के समान हो जाता है।

●इस अवस्था के बच्चों में गतिविधि बढ़ जाती है।

● बच्चों में प्रतिरोध की भावना का विकास हो जाता है।

●इस अवस्था के बच्चे घर बाहर दोस्ती का विकास करना शुरू कर देते है।

*उत्तर बाल्यावस्था में शारीरिक विकास*➖➖➖

●इस अवस्था के  बच्चों में वजन और लंबाई का विकास थोड़ा कम हो जाता है। 

● इस अवस्था के बच्चों बीमारी से मुक्त होते है। इस समय प्रतिरोध क्षमता बढ़ जाती है।

शारीरक परिवर्तन के मामले में लड़किया लड़को से 2 साल आगे होती है।

●11 साल की लड़कियां लड़को से पूरे तरीके से 2 साल आगे होती है।

●इस अवस्था में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते है बच्चों में ताकत सभी अनुपात में शारिरिक विकास, सहनशक्ति और थकान के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖➖

🖋️🖋️आनंद चौधरी📋📋

उत्तर बाल्यावस्था (6-12 वर्ष)/मूर्त संक्रियात्मक अवस्था  (7-11 वर्ष)

यह ऐसी अवधि हैं जब बच्चा अक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देता है

इस उम्र में बच्चे नाराज होने लगते हैं माता- पिता ,गुरु से भी बच्चे नाराज होने लगते हैं।

यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है जब बच्चे को उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

बच्चों में पर्याप्त समायोजन के लिए माता पिता और शिक्षक के परामर्श का बड़ा योगदान होता है।

बच्चों की गतिविधि बढ़ जाती है।

बच्चों में प्रतिरोध की भावना उत्पन्न हो जाती

इस समय बच्चा घर के बाहर दोस्ती का विकास करता है।

मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में शारीरिक विकास 

इस उम्र में वजन और ऊंचाई का विकास थोड़ा कम होता है।

बच्चों में हो रहे बदलाव को परखा जा सकता है।

इस उम्र में बच्चे बीमारी से मुक्त होते हैं। 

शारीरिक परिवर्तन के मामले में लड़कियां लड़कों से 2 साल आगे होती है।

11 साल की उम्र में लड़कियां लड़कों से पूरी तरीके से 1 साल आगे होती है।

इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते हैं।

बच्चों में ताकत, सभी अनुपात में शारीरिक विकास, सहनशक्ति और थकान के लिए प्रतिरोध क्षमता बढ़ जाती है।

Notes by Ravi kushwah

उत्तर बाल्यावस्था   6 – 12 वर्ष  /  

मूर्त संक्रियात्मक अवस्था  7  –  12  वर्ष

💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥

यह एक ऐसे अवधि है जब बच्चे अक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देते हैं।

इस उम्र में बच्चे नाराज होने लगते हैं तथा माता-पिता या गुरु भी बच्चों से नाराज होने लगते हैं।

यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है जब बच्चों को उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

बच्चों में पर्याप्त समायोजन के लिए माता पिता और शिक्षक के परामर्श का बड़ा योगदान होता है।

इस उम्र में बच्चे के मस्तिष्क के आकार और वजन का विकास लगभग वयस्क की तरह हो जाता है।

बच्चों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

बच्चों में प्रतिरोध की भावना उत्पन्न हो जाती है।

इस समय बच्चा घर के बाहर मित्रता (दोस्ती) का विकास करता है।

🏵️ उत्तर बाल्यावस्था / मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में शारीरिक विकास🏵️

💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥

इस अवस्था में वजन और ऊंचाई का विकास थोड़ा कम होता है।

इस अवस्था में बच्चों में हो रहे बदलाव को परखा जा सकता है।

इस उम्र में बच्चे बीमारी से मुक्त होते हैं।

शारीरिक परिवर्तन के मामले में लड़कियां , लड़कों से 2 साल आगे होती हैं।

11 साल की उम्र में लड़कियां , लड़कों से पूरी तरीके से 1 साल आगे होती हैं।

इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते हैं।

बच्चों में ताकत सभी अनुपात में शारीरिक विकास सहनशक्ति और थकान के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

🌹✍️Notes by – जूही श्रीवास्तव✍️🌹

🔆उत्तर बाल्यावस्था (6 – 12 वर्ष ) /  

मूर्त संक्रियात्मक अवस्था  (7  –  12  वर्ष)➖

🔹यह एक ऐसे अवधि है जब बच्चे अक्सर सबसे अजीब तरीके से व्यवहार करना शुरू कर देते हैं।

🔹इस उम्र में बच्चे नाराज होने लगते हैं तथा माता-पिता या गुरु भी बच्चों से नाराज होने लगते हैं।

🔹यह काफी महत्वपूर्ण समय होता है जब बच्चों को उचित मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है।

🔹बच्चों में पर्याप्त समायोजन के लिए माता पिता और शिक्षक के परामर्श का बड़ा योगदान होता है।

🔹इस उम्र में बच्चे के मस्तिष्क के आकार और वजन का विकास लगभग वयस्क की तरह हो जाता है।

🔹बच्चों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं।

🔹बच्चों में प्रतिरोध की भावना उत्पन्न हो जाती है।

🔹इस समय बच्चा घर के बाहर मित्रता (दोस्ती) का विकास करता है।

🔆7 से 12 वर्ष  उत्तर बाल्यावस्था / मूर्त संक्रियात्मक अवस्था में शारीरिक विकास ➖

🔹इस अवस्था में वजन और ऊंचाई का विकास थोड़ा कम होता है।

🔹इस अवस्था में बच्चों में हो रहे बदलाव को परखा जा सकता है।

🔹इस उम्र में बच्चे बीमारी से मुक्त होते हैं।

🔹शारीरिक परिवर्तन के मामले में लड़कियां , लड़कों से 2 साल आगे होती हैं।

🔹11 साल की उम्र में लड़कियां , लड़कों से पूरी तरीके से 1 साल आगे होती हैं।

🔹इस उम्र में बच्चों के दूध के दांत टूटने लगते हैं।

🔹बच्चों में ताकत सभी अनुपात में शारीरिक विकास सहनशक्ति और थकान के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है।

✍️Notes by – Vaishali Mishra

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