*स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र सिद्धांत (बुद्धि)* *Sternberg triarchic theory* 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 ✨बुद्धि कई प्रकार के बेसिक स्किल (मूल तत्वों)से बनी होती है और प्रत्येक skills से व्यक्ति को सूचना प्राप्त होती है । ✨त्रितंत्र सिद्धांत मानव बुद्धि को एक क्षमता के बजाय अलग-अलग घटनाओं में तोड़कर समझाने का प्रयास करता है। *व्यवहारिक बुद्धि (संदर्भ-आत्मक बुद्धि)* *Contextual intelligence* 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 ✨बुद्धि के तीन तन्त्र सिद्धांत के अनुसार, व्यावहारिक बुद्धि वह बुद्धि होती है जिसका उपयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से अपना काम कर ले। ✨व्यावहारिक बुद्धि एक प्रकार से अपने प्रैक्टिकल ज्ञान पर आधारित है। ✨व्यावहारिक बुद्धि को संदर्भ-आत्मक बुद्धि भी कहा जाता है। ✨जैसा कि नाम से ही पता चलता है यह आपके व्यवहार में साफ तौर पर देखी जा सकती है । ✨व्यावहारिक बुद्धि का ही प्रयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से सामंजस्य स्थापित कर सकते हैं। ✨ व्यक्ति इस से सूचनाओं को इस ढंग से लिखने में सफल होता है जिससे उसको अधिकाधिक लाभ हो। *सृजनात्मक/ रचनात्मक/ अनुभव- आत्मक / अनुभवजन्य बुद्धि* 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 ✨स्टर्नबर्ग के तीन तंत्र सिद्धांत के अनुसार यह बुद्धि का दूसरा घटक है। ✨रचनात्मक या अनुभव- आत्मक बुद्धि में व्यक्ति अपने पिछले जिंदगी के घटनाक्रम और अनुभव का इस्तेमाल करके कुछ क्रिएटिव या सृजनात्मक करने की कोशिश करता है। ✨रचनात्मक बुद्धि का ही प्रयोग करके व्यक्ति कुछ नया करने की कोशिश करते हैं। ✨रचनात्मक बुद्धि से ही जीवन के नए आयामों और सिद्धांत का निर्माण किया जाता है। ✨इसकी आवश्यकता नए समस्या के समाधान करने में पड़ती है। *विश्लेषणात्मक बुद्धि/ ghtakiy बुद्धि* *(Analytical method)* 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 ✨यह बुद्धि का तीनतंत्र सिद्धांत का तीसरा घटक है। ✨ इसका प्रयोग करके व्यक्ति किसी समस्या को छोटे-छोटे भाग में तोड़कर उसको हल करने की कोशिश करता है। ✨व्यक्ति को तार्किक समस्या को सुलझाने में मदद मिलती है । ✨इसका प्रयोग करके व्यक्ति किसी सवाल का तुरंत जवाब दे पाने में सक्षम हो पाता है । ✨एक प्रकार से विश्लेषणात्मक बुद्धि को आप बुद्धि तत्परता(presence of mind) भी कह सकते हैं। ✨किसी वाद विवाद में अपना पक्ष रखने की क्षमता आती है। *नोट्स📝 श्रेया राय 🙏* 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 _____________________________ ⭐⭐स्टर्नबर्ग का बुद्धि का त्रि-तंत्र सिद्धांत (Sternberg’s Triarchic Theory of Intelligence)⭐⭐⭐25 Jan 21⭐⭐ _____________________________ ↪️बुद्धि कई प्रकार के मूल कौशलों (Basic Skills) में बटी होती है। और प्रत्येक कौशल (skill) से व्यक्ति को सूचना प्राप्त होती है। ↪️त्रि-तंत्र सिद्धांत मानव बुद्धि को एक ही क्षमता के बजाय अलग-अलग घटकों में तोड़कर समझाने का प्रयास करता है। 🥀🥀 ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ 🕯️व्यावहारिक बुद्धि/संदर्भात्मक बुद्धि (Contextual Intelligence) ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ ↪️बुद्धि के त्रि-तंत्र सिद्धांत के अनुसार, व्यावहारिक बुद्धि वह बुद्धि होती है जिनका उपयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से अपना काम कर सकें। ↪️व्यावहारिक बुद्धि एक तरह से अपने प्रायोगिक ज्ञान (Practical Knowledge) पर आधारित है। ↪️व्यावहारिक बुद्धि को संदर्भात्मक बुद्धि भी कहते हैं। जैसा कि नाम से पता चलता है यह अनेक व्यवहार में साफ तौर पर देखी जा सकती है। ↪️व्यावहारिक बुद्धि का प्रयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से सामंजस्य स्थापित कर सकते हैं। ↪️व्यक्ति इससे सूचनाओं को इस ढंग से लिखने में सफल होता है कि जिससे उसको अधिकाधिक लाभ हो। 🥀🥀 ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ सृजनात्मक/रचनात्मक/अनुभवात्मक/अनुभवजन्य बुद्धि(Creative Intelligence) ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ ↪️स्टर्नबर्ग के त्रि-तंत्र सिद्धांत के अनुसार, यह बुद्धि का दूसरा घटक है। ↪️रचनात्मक या अनुभवजन्य बुद्धि से व्यक्ति अपनी पिछली जिंदगी के घटनाक्रम और अनुभव का इस्तेमाल करके कुछ सृजनात्मक करने की कोशिश करता है। ↪️रचनात्मक बुद्धि का ही प्रयोग करके व्यक्ति कुछ नया करने की कोशिश करता है। ↪️रचनात्मक बुद्धि से ही जीवन के नए आयामों और सिद्धांत का निर्माण किया जाता है। ↪️इसकी आवश्यकता नए समस्या के समाधान में पड़ता है और यहां व्यावहारिक ज्ञान की अधिकता होती है क्योंकि सृजनात्मक होने के लिए व्यावहारिक होना पड़ता है। 🥀🥀 ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ विश्लेषणात्मक बुद्धि या घटकीय बुद्धि (Analytical Intelligence) ⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐⭐ ↪️यह बुद्धि के त्रि-तंत्र का तीसरा घटक है। इसका प्रयोग करके व्यक्ति किसी समस्या को छोटे-छोटे भागों में तोड़कर उसको हल करने की कोशिश करता है। ↪️ इससे व्यक्ति को तार्किक समस्या को सुलझाने में मदद मिलती है। इसी बुद्धि का प्रयोग करके व्यक्ति किसी सवाल का तुरंत जवाब दे पाने में सक्षम हो पाता है। ↪️एक प्रकार से विश्लेषणात्मक बुद्धि को आप *बुद्धि तत्परता (Presence of Mind)* भी कह सकते हैं। ↪️किसी वाद विवाद में अपना पक्ष रखने की क्षमता इसी से आती है। 🥀🥀 🙏🙏 📕📓📗🇮🇳🇮🇳🇮🇳📙📙📘 ✍️Notes By Awadhesh Kumar ✍️👁️‍🗨️ 🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳🇮🇳 _____________________________ 🌟 *स्टर्नबर्ग का त्रि – तंत्र बुद्धि सिद्धांत (Sternberg triarchic theory’s)* 🌟 ✨ बुद्धि कई प्रकार के “Basic skills” (मूल तत्वों ) से बनी होती है। और प्रत्येक skill से व्यक्ति को सूचना प्रदान होती है। ✨ त्रि–तंत्र सिद्धांत मानव बुद्धि को एक क्षमता के बजाय अलग-अलग घटकों में तोड़ने का समाधान प्रयास करता है। 🌟 *१.* *व्यावहारिक बुद्धि /संदर्भ आत्मक बुद्धि (contextual intelligence)* 🌟 ✨ बुद्धि के त्रि–तंत्र के अनुसार, व्यवहारिक बुद्धि वह बुद्धि होती है, जिसका उपयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से अपना काम कर ले। ✨ व्यावहारिक बुद्धि एक तरह से अपने “प्रैक्टिकल ज्ञान” पर आधारित है। ✨ व्यावहारिक बुद्धि को “संदर्भ आत्मक बुद्धि” भी कहा जाता है। ✨जैसा कि, नाम से ही पता चलता है यह आपके व्यवहार को साफ तौर पर देखी जा सकती है। ✨ व्यावहारिक बुद्धि का प्रयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से सामंजस्य स्थापित करते हैं। ✨ व्यक्ति इससे सूचनाओं को इस ढंग से सीखने में सफल होता है, जिससे उसको अधिकाधिक लाभ है। 🌟 *२.* *सृजनात्मक/रचनात्मक/अनुभवात्मक/ अनुभवजन्य बुद्धि ( Creative intelligence)* 🌟 ✨ स्टर्नबर्ग के त्रि–तंत्र सिद्धांत के अनुसार, यह बुद्धि का दूसरा घटक है। ✨ रचनात्मक या अनुभावात्मक बुद्धि में व्यक्ति अपने पिछले जिंदगी के घटनाक्रम और अनुभव का इस्तेमाल करके कुछ सृजनात्मक करने की कोशिश करता है। ✨ रचनात्मक बुद्धि का ही, प्रयोग करके व्यक्ति कुछ नया करने की कोशिश करता है। ✨ रचनात्मक बुद्धि से ही जीवन के नए आयामों और सिद्धांत का निर्माण किया जाता है। ✨ इसकी आवश्यकता नए समस्या के समाधान में पढ़ती है तथा व्यावहारिक ज्ञान की अधिकता होती है। 🌟 *३.* *विश्लेषणात्मक बुद्धि/घटकीय बुद्धि (Analytical method)* 🌟 ✨ बुद्धि के त्रि– तंत्र सिद्धांत का तीसरा घटक है, इसका प्रयोग करके व्यक्ति किसी समस्या को छोटे-छोटे भाग में तोड़कर उसको हल करने की कोशिश करता है। ✨ इससे व्यक्ति को तार्किक समस्या को सुलझाने में मदद मिलती है। ✨ इस बुद्धि का प्रयोग करके व्यक्ति किसी सवाल का तुरंत जवाब दे पाने में सक्षम हो पाता है। ✨ एक प्रकार से विश्लेषणात्मक बुद्धि को आप “बुद्धि तत्परता (Presence of mind)” भी कह सकते हैं। ✨ इससे किसी वाद– विवाद मैं अपना पक्ष रखने की क्षमता आती है। ✍🏻✍🏻✍🏻 *Notes by–Pooja* ✍🏻✍🏻✍🏻 🌀🔥 (Sternberg Triarchic theory of Intelligence)🔥🌀 स्टर्नबर्ग का त्रितंत्र सिद्धांत (बुद्धि) ➖ बुद्धि कई प्रकार के Basic Skills (मूल तत्वों) में बटी होती है और प्रत्येक Skill से व्यक्ति को सूचना प्राप्त होती है त्रितंत्र सिद्धांत मानव बुद्धि को एक ही क्षमता के बजाय अलग-अलग घटकों में तोड़कर समाधान का प्रयास करता है | 1⃣ व्यावहारिक बुद्धि (संदर्भात्मक बुद्धि) [contextual Intelligence] ➖ बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत के अनुसार, व्यावहारिक बुद्धि वह बुद्धि होती है जिसका उपयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से अपना काम कर ले | ◼ व्यावहारिक बुद्धि इस एक तरह से अपने प्रैक्टिकल ज्ञान पर आधारित है | ◼ व्यावहारिक बुद्धि को संदर्भात्मक बुद्धि भी कहते हैं जैसा कि नाम से पता से चलता है यह आपके व्यवहार को साफ तौर पर देखी जा सकती है | ◼ व्यावहारिक बुद्धि का ही प्रयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से सामंजस्य स्थापित करते हैं | ◼ व्यक्ति इससे सूचनाओं को इस ढंग से लिखने में सफल होता है जिससे उसको अधिकाधिक लाभ हो | 2⃣ सृजनात्मक (रचनात्मक)/ अनुभवात्मक (अनुभवजन्य) बुद्धि (Creative Intelligence) ➖ स्टर्न बर्ग के त्रितंत्र सिद्धांत के अनुसार यह बुद्धि का दूसरा घटक है रचनात्मक या अनुभावत्मक बुद्धि में व्यक्ति अपनी पिछली जिंदगी के घटनाक्रम और अनुभव का इस्तेमाल करके कुछ सृजनात्मक करने की कोशिश करता है | ◼ रचनात्मक बुद्धि का ही प्रयोग करके व्यक्ति कुछ नया करने की कोशिश करते हैं | ◼ रचनात्मक बुद्धि से ही जीवन के नए आयामों और सिद्धांत का निर्माण किया जाता है | ◼ इसकी आवश्यकता नई समस्या के समाधान में पढ़ती है व्यवहारिक ज्ञान की अधिकता | 3⃣ विश्लेषणात्मक बुद्धि / घटकीय बुद्धि (Analytical method) ◼ त्रितंत्र सिद्धांत का तीसरा घटक है इसका प्रयोग करके व्यक्ति किसी समस्या को छोटे-छोटे भाग में तोड़कर उसको हल करने की कोशिश करता है | ◼ व्यक्ति को तार्किक समस्या को सुलझाने में मदद मिलती है ◼ इसी बुद्धि का प्रयोग करके व्यक्ति किसी सवाल का तुरंत जवाब दे पाने में सक्षम हो पाता है | ◼ एक प्रकार से विश्लेषणात्मक बुद्धि आप “बुद्धि तत्परता” (presence of mind) भी कह सकते हैं | ◼ किसी वाद-विवाद में अपना पक्ष रखने की क्षमता इसी से आती है | Notes by ➖Ranjana sen रॉबर्ट स्टर्नवर्ग के त्रितंत्र सिद्धांत ( बुद्धि ) Robert Sternberg triarchic theory 💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥💥 बुद्धि कई प्रकार के basic skills (मूल तत्वों) में बँधी होती है और प्रत्येक skills से व्यक्ति को सूचना प्राप्त होती है। त्रितंत्र सिद्धांत मानव बुद्धि को एक ही क्षमता की बजाए अलग-अलग घटनाओं में तोड़कर समझाने का प्रयास करता है। 🌺🌺 स्टर्नवर्ग ने अपने त्रितंत्र सिद्धांत में तीन प्रकार की बुद्धि (उपश्रेणी) बतायी हैं :- 1.🌻 🌻 व्यावहारिक बुद्धि / संदर्भात्मक बुद्धि / स्थैतिक उपश्रेणी बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत के अनुसार व्यावहारिक बुद्धि वह होती है जिसका उपयोग करके आप अपने आसपास की चीजों से अपना काम करते हैं। व्यावहारिक बुद्धि एक तरह से अपने ( व्यवहारिकता practical ) पर आधारित है। व्यवहारिक बुद्धि को संदर्भात्मक बुद्धि भी कहते हैं । जैसा कि नाम से ही पता चलता है की यह आपके व्यवहार में एक तौर पर देखी जा सकती है। व्यावहारिक बुद्धि का ही प्रयोग करके व्यक्ति अपने आसपास की चीजों / वातावरण से सामंजस्य स्थापित करते हैं। व्यक्ति इससे सूचनाओं को इस ढंग से सीखने में सफल होते हैं जिससे उनको अधिकाधिक लाभ हो। 2.🌻🌻 सृजनात्मक / रचनात्मक / अनुभवजन्य बुद्धि (अनुभवात्मक उपश्रेणी ) स्टर्नवर्ग के त्रितंत्र सिद्धांत के अनुसार यह बुद्धि का दूसरा घटक है। रचनात्मक या अनुभवात्मक बुद्धि में व्यक्ति अपने पिछले (बीते हुए) जीवन के घटनाक्रम और अनुभव का इस्तेमाल करके कुछ सृजनात्मक करने की कोशिश करते हैं। रचनात्मक बुद्धि का ही प्रयोग करके व्यक्ति कुछ नया करने की कोशिश करते हैं रचनात्मक बुद्धि से ही जीवन के नए आयामों और सिद्धांतों का निर्माण किया जाता है। अनुभवात्मक बुद्धि की आवश्यकता नयी समस्या के समाधान में पढ़ती है। इसमें व्यवहारिक ज्ञान की अधिकता होती है। 3. 🌻🌻विश्लेषणात्मक बुद्धि / घटकीय बुद्धि / प्रासंगिक उपश्रेणी यह बुद्धि के त्रितंत्र सिद्धांत का तीसरा घटक है। इसका प्रयोग करके व्यक्ति किसी समस्याओं को छोटे-छोटे भागों में तोड़कर ( विश्लेषण करके) उसको हल करने की कोशिश करते हैं। इस बुद्धि से व्यक्ति को समस्या सुलझाने में मदद मिलती है। इसी बुद्धि का प्रयोग करके व्यक्ति किसी सवाल का तुरंत जवाब दे पाने में सक्षम हो पाते हैं। इस प्रकार से विश्लेषणात्मक बुद्धि को आप बुद्धि तत्परता ( Presence of mind ) भी कह सकते हैं। इसी बुद्धि के आधार पर ही व्यक्तियों में किसी वाद-विवाद में अपना पक्ष रखने की क्षमता आती है। 🌹✒️Notes by – जूही श्रीवास्तव✒️🌹 🔆स्टर्नबर्ग का त्रि तंत्रीय सिद्धांत (Sternberg Triarcharchic Theory)➖ स्टर्नबर्ग के अनुसार बुद्धि कई प्रकार की मूल तत्वो में बटी होती है और इसी मूल तत्व या कुशलता (Basic Skills) से कुछ ना कुछ सूचना प्राप्त होती है। स्टर्नवर्ग ने इस कुशलता को तीन भागों में बांटा अर्थात त्रितंत्र सिद्धांत मानव को एक ही क्षमता के बजाय अलग-अलग घटको में तोड़कर समझाने का प्रयास करता है । हमारे अंदर जो बुद्धि है वह कई चीजें हो या घटकों का संग्रह है जिसके तीन भाग है 🔅1 व्यवहारिक बुद्धि/संदर्भात्मक बुद्धि/ (Contexual intelligence) ➖:: ▪️जो भी हमारे दैनिक जीवन के कार्य या जरूरतें हैं उन जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने प्रैक्टिकली ज्ञान या व्यवहारिक ज्ञान से आसपास की चीजों से सामंजस्य स्थापित करते हैं। ▪️व्यावहारिक बुद्धि के द्वारा अलग अलग परिस्थिति में अलग अलग तरीके से हमारा जो प्रैक्टिकली ज्ञान है उस ज्ञान का प्रयोग करके हम अपना काम निकालते और आसपास की चीजों से अपना सामंजस्य स्थापित करके वही व्यवहारिक बुद्धि कहलाती है। ▪️ किसी व्यक्ति के पास किसी कार्य को करने की थियोरीटिकल ज्ञान है तो यह जरूरी नहीं है कि वह अपने काम को बढ़िया या बेहतर रूप से कर पाए। यदि व्यक्ति उस कार्य को बेहतर या प्रभावी या लाभान्वित रूप से करना चाहता या उस कार्य में तभी सफल होगा जब वह उस कार्य को उस ढंग से अर्थात प्रैक्टिकली अर्थात अपने व्यवहार में लाकर करे। ▪️यदि व्यावहारिक बुद्धि नहीं होती तो इलेक्ट्रीशियन का बच्चा बिना किसी थेयोरीटिकल ज्ञान के व्यवहारिक बुद्धि से किसी भी इलेक्ट्रिक काम को नहीं कर पाता। मतलब अपने वह अपने व्यवहार से चीजों को ठीक करता व समझता और उसका अवलोकन कर पाता है। ▪️व्यावहारिक बुद्धि को संदर्भात्मक बुद्धि भी बोलते हैं मतलब आप जिस भी कार्य को करना चाहते हैं वह कार्य तभी प्रभावी और बेहतर रूप से कर पाएंगे जब उस कार्य के संदर्भ में समझ या जानकारी होगी । किसी भी कार्य के संदर्भ में समझ या उस विषय में जानकारी होने पर ही उस कार्य को माहिर रूप से कर सकते हैं। ▪️ हमें किसी भी संदर्भ में जो ज्ञान होता है वह हमारी व्यवहारिक बुद्धि में होता है। ▪️जैसा कि नाम से भी पता चलता है यह व्यवहार से साफ तौर पर देखी जा सकती है और व्यवहारिक बुद्धि का ही प्रयोग करके अपने आसपास की चीजों से संबंधित स्थापित कर पाते हैं। व्यक्ति इस बुद्धि से ही सूचनाओ को इस ढंग से लिखने में सफल होता है जिससे उसमें अधिकाधिक लाभ हो। ▪️व्यक्ति में व्यावहारिक बुद्धि जैसी होती है वह उतना ही प्रभावशाली और प्रतिभाशाली माने जाते हैं क्योंकि उसके काम करने की क्षमता है तीव्र होती है । ▪️जैसे यदि व्यक्ति अपनी व्यवहारिक बुद्धि का प्रयोग समय या परिस्थितियां या जरूरत के हिसाब से नहीं कर पाता है तो उस बुद्धि का कोई मतलब नहीं। 🔅 2 सृजनात्मक बुद्धि /रचनात्मक बुद्धि/ अनुभवात्मक बुद्धि (Creative intelligence)➖:: यह बुद्धि समस्या समाधान कौशल से आती है। जब हम किसी समस्या का समाधान करते हैं तो हमें पता होता है अर्थात हमारे पास अनुभव होते हैं कि हम उस समस्या का कैसे बेहतर रूप से समाधान निकाल सकते हैं। ▪️ जब हम किसी भी चीज या कार्य के अंदर पहले की घटना क्रम को ध्यान में रखकर करते हैं तो इस चीजें कार्य को बेहतर रूप से कर पाते हैं। अर्थात हमें जो परिणाम प्राप्त होते हैं वह परिणाम बहुत ही सोचे हुए और बहुत ही विश्लेषित किए हुए होते हैं। ▪️ स्टर्नबर्ग के त्रि तंत्र सिद्धांत के अनुसार यह बुद्धि का दूसरा घटक है। सृजनात्मक और अनुभवात्मक बुद्धि में व्यक्ति अपनी पिछली जिंदगी के घटनाक्रम और अनुभव का प्रयोग करके कुछ रचनात्मक करने की कोशिश करता है। ▪️रचनात्मक बुद्धि का ही प्रयोग करके व्यक्ति कुछ नया करने की कोशिश करते हैं ▪️ रचनात्मक बुद्धि से ही जीवन के नए आयामों और सिद्धांतों का निर्माण किया जाता है। ▪️ इसकी आवश्यकता नए समस्या के समाधान में पड़ती है व्यवहारिक ज्ञान की अधिकता होती है। 🔅3 विश्लेषणात्मक बुद्धि /घटकीय बुद्धि (Analytical intelligence)➖:: ▪️यह बुद्धि की त्रि तंत्र सिद्धांत का तीसरा घटक है। इसका प्रयोग करके व्यक्ति किसी समस्या को हल करने की कोशिश करता है। ▪️व्यक्ति को तार्किक समस्या को सुलझाने में मदद मिलती है इसी बुद्धि का प्रयोग करके व्यक्ति किसी सवाल का तुरंत जवाब दे पाने में सक्षम हो पाता है। ▪️ इस प्रकार से विश्लेषणात्मक बुद्धि को हम बुद्धि तत्परता (presences of mind) भी कह सकते हैं। ▪️ किसी बात विवाद में अपना पक्ष रखने की क्षमता भी इसी बुद्धि से प्राप्त होती है। ✍🏻 *Notes By-Vaishali Mishra*

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