Date – 05/06/2021

Time. – 9:00 am

🌸 मनोविश्लेषण सिद्धांत➖

🍁 इसके प्रतिपादक सिगमंड फ्रायड

🍁 जन्म➖ 6 मई 18 56 

🍁मृत्यु➖ 23 सितंबर 1939

🍁 निवासी➖ ऑस्ट्रिया ( वियाना )

🌸 सिगमण्ड फ्रायड  ने मन की तीन अवस्थाएं बताएं 

1. चेतन मन ➖1/10 मस्तिष्क की जागृत अवस्था 

2. अचेतन  मन ➖9/10 दमित इच्छा का भंडार ,कटु अनुभूति ,दुखद |

3. अर्धचेतन मन ➖चेतन और अचेतन के बीच का |

 याद की गई बातों को भूल जाना, भटकना, हकलाना आदि

🌸 सिगमण्ड फ्रायड की व्यक्तिगत संरचना की दृष्टि से तीन अवस्थाएं ➖

 1.   इदम् ( ID)➖सुखवादी ,अचेतन मन का राजा, पशु प्रवत्ति, दमित इच्छा को पूर्ण करने वाला |

2. अहम्    ( EGO) ➖वास्तविकता पर आधारित चेतन मन का स्वामी |

 3. परम अहम्  ( SUPER EGO) ➖आदर्शवादी |

🌸 सिगमंड फ्रायड ने दो मूल प्रवत्ति बताइ ➖

1. जीवन 

2. मृत्यु

🌸 स्वमोह ( narcissism) ➖ जो खुद से मोह रखता हो |

🌸 ऑडीपस और  इलेक्ट्रा ग्रंथि ➖

🍁ऑडीपस ग्रंथि ➖ यह ग्रंथि लड़कों में पाई जाती है जिसके कारण वह अपनी मां से अधिक प्रेम करेगा |

🍁 इलेक्ट्रा ग्रंथि ➖ इलेक्ट्रा ग्रंथि लड़कियों में पाई जाती है जिससे वह अपने पिता की  से अधिक प्रेम करती है |

📝📝Notes by निधि तिवारी🌿🌿🌿🌿🌿🌿

मनोविश्लेषण सिद्धांत

 प्रतिपादक –सिगमंड फ्रायड

 जन्म– 6 मई 1856

  मृत्यु —23 सितंबर 1934

 निवासी — ऑस्ट्रिया(वियाना) 

  फ्रायड ने मन की 3 दशा  बताया है➖

1) चेतन मन

 कुल मस्तिष्क का 1/ 10 भाग

 यह मस्तिष्क की जागृत अवस्था है 

2) अचेतन मन

कुल  मष्तिष्क का 9/10 भाग

 दमित इच्छा का भंडार, कटु अनुभूति |

3)  अर्ध चेतन मन

यह चेतन और अचेतन के बीच की अवस्था है अर्थात याद की गई बातों को भूल जाना, अटकना, हकलाना आदि |

सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तिगत संरचना की दृष्टि से तीन अवस्थाएं बताइ है

 1) इदं

 2) अहम

3) परम अहम

फ्रायड ने दो मूल प्रवृत्ति बताई हैं

 1) जीवन 

2) मृत्यु

स्वमोह

खुद के लिए मोह

 ऑडीपश और इलेक्ट्रॉ  ग्रंथियाँ

1) आॅडिपश ग्रंथि

यह ग्रंथि पाई जाती है जिसकी वजह से वह अपनी मां से प्रेम करता है 

2) इलेक्ट्रॉ ग्रंथि

लड़कियों में पाई जाती है जिसकी वजह से अपने पिता से प्रेम करती हैं |

𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙎𝙖𝙫𝙡𝙚

Date -05/06/21

Time-09.00

🌸 मनोविश्लेषण सिद्धांत 🌸

प्रतिपादक- सिगमंड फ्राइड

जन्म-06 भी 1856

मृत्यु- 23 सितंबर 1939

निवासी-ऑस्ट्रेलिया (वियाना)

    सिगमंड फ्रायड ने मन की तीन दशाएं बताई गई हैं।

🔸1-चेतन मन➖ मस्तिष्क की जागृत अवस्था

🔸2-अचेतन मन➖ दमित इच्छा का भंगर कटु अनुभूति दुखद

🔸3 -अर्ध चेतन मन➖ चेतन और अचेतन के बीच की अवस्था याद की गई बातों को भूल जाना अटकना, हकलाना

🌸 सिगमंड फ्रायड के व्यक्तिगत संरचना की दृष्टि से तीन अवस्थाएं➖

🔸1-इदम्➖ इसमें व्यक्ति के व्यवहार और व्यक्तित्व में संबंधित पाशविक प्रवृत्ति और अनैतिक भावनाओं का संग्रह है इसमें सुखवादी, अचेतन मन का राजा, पशु प्रवृत्ति, दमित इच्छाओं को पूर्ण करने वाला।

🔸2-अहम् ➖ व्यक्ति की विवेचना शक्ति है जो वास्तविकता के धरातल पर अपना कार्य करता है मनुष्य की कौन सी इच्छाओं को कैसे और कितना संतुष्ट होनी है यह अहम् ही तय करता है

🔸3-परम अहम्➖ व्यक्तित्व के आदर्श और नैतिक स्वरूप का प्रतिनिधित्व करता है।

🌸 सिगमंड फ्रायड ने दो मूल प्रवृत्ति बताई है।

🔸 जीवन

🔸 मृत्यु

🌸 आॅडिपस और एलेक्टा ग्रंथि

आॅडिपस ग्रंथि ➖लड़कों में पाया जाता है जिसके कारण वह अपनी मां से अधिक प्रेम करते हैं

एलेक्सा ग्रंथि➖यह ग्रंथि लड़कियों में पाई जाती हैं जिसके कारण वह अपने पिता से अधिक प्रेम करती हैं 

✍🏻📚📚 Notes by…

Sakshi Sharma📚📚✍🏻

मनोविश्लेषण सिद्धांत

प्रतिपादक- सिगमंड फ्रायड

जन्म -6 मई 1856

मृत्यु -23 सितंबर 1939

निवासी- ऑस्ट्रिया (वियना)

सिगमंड फ्रायड ने मन की 3 दशाएं बताई हैं

1. चेतन मन -यह मन का 1/10 या 10% भाग होता है मस्तिष्क की जागृत अवस्था होती है

2. अचेतन मन-यह मन का 9/10 या 90% भाग होता है इसमें दमित इच्छा का भंडार, कटु अनुभूति, दुखद

3. अर्द्ध चेतन मन – यह चेतन और अचेतन मन के बीच की अवस्था होती हैं इसमें याद की गई बातों को भूल जाना, अटकना, हकलाना आता है

सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तिगत संरचना की दृष्टि से तीन अवस्थाएं बताएं हैं

1. इदम् या इड -सुखवादी, अचेतन मन का राजा, पशु प्रवृत्ति ,दमित इच्छा को पूर्ण करने वाला

2. अहम् या ईगो- वास्तविकता पर आधारित और चेतन मन का स्वामी होता है

3. सुपर ईगो या परम् अहम् -आदर्शवादी 

 सिगमंड फ्रायड ने 2 मूल प्रवृत्ति बताए हैं

  जीवन और मृत्यु

स्वमोह narcissism-खुद के लिए मोह

ऑडिपस और इलेक्ट्रा ग्रंथियां-

ऑडीपस ग्रंथि लड़कों में पाई जाती हैं जिसके कारण वह अपनी मां से अधिक प्रेम करता है

इलेक्ट्रा ग्रंथि लड़कियों में पाई जाती है जिससे वह अपने पिता से अधिक प्रेम करती हैं ।

Notes by Ravi kushwah

बुद्धि इकाई का सिद्धांत ➖ स्टर्न एवं जॉनसन 

लिपजिंग में जर्मनी की पहली प्रयोगशाला किसने और कब स्थापित की ➖ विलियम वुण्ट (1879)

 विकासात्मक मनोविज्ञान के प्रतिपादक ➖   जीन पियाजे 

संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत ➖ 

जीन पियाजे 

मूल प्रवृत्ति सिद्धांत के जन्मदाता ➖ 

विलियम मेक्डूगल 

ह्रार्मिक सिद्धांत ➖ मेक्डूगल

मनोविज्ञान – मन मस्तिष्क का विज्ञान ➖  पोम्मोलॉजी

क्रिया प्रसूत अनुबंधन ➖ बी . एफ . स्किनर 

सक्रिय अनुबंध ➖ बी. एफ. स्किनर

अनुकूलित अनुक्रिया का सिद्धांत ➖ पावलव 

—-     संबंध वाद का सिद्धांत ➖ गुथरी

साइन/ चिन्ह का सिद्धांत ➖ टोलमैन

संभावना सिद्धांत के प्रतिपादक ➖ टोलमैन 

अग्रिम संगठन प्रतिमान के प्रतिपादक ➖ डेविड आसुबेल

 मनोविज्ञान के व्यवहारवादी संप्रदाय के जनक ➖ वाटसन

अधिगम या व्यवहार सिद्धांत के प्रतिपादक ➖ सी. एल. हल

सामाजिक अधिगम सिद्धांत के प्रतिपादक ➖  अल्बर्ट बंडूरा 

पुनरावृति का सिद्धांत ➖ स्टेनले हाॅल

अधिगम सोपानकी के प्रतिपादक ➖ गेने 

मनोसामाजिक विकास का सिद्धांत ➖ एरिक्शन 

प्रोजेक्ट प्रणाली से करके सूचना ➖ जॉन ड्यूवी 

शास्त्रीय अनुबंधन का सिद्धांत ➖ पावलव 

संबंध प्रत्यावर्तन का सिद्धांत ➖ आई.पी. पावलव

प्रबलन/ पुनर्बलन का सिद्धांत ➖ 

सी. एल. हाल  

व्यवस्थित व्यवहार का सिद्धांत ➖ 

सी.एल. हल

 सबलीकरण का सिद्धांत ➖ 

सी.एल.हल 

संपोषक का सिद्धांत ➖ सी.एल.हाल 

चालक /अंतर्नोद /प्रणोद का सिद्धांत ➖ सी. एल . हल

अधिगम का सूक्ष्म सिद्धांत ➖ कोहलर

 सूक्ष्म /अंतर्दृष्टि का सिद्धांत ➖ कोहलर वर्दीमर , कोफ्का 

क्षेत्रीय सिद्धांत ➖ कुर्ट लेविन

तलरूप सिद्धांत ➖ कुर्ट लेविन 

समूह गतिशीलता सम्प्रत्यय के प्रतिपादक ➖ कुर्ट लेविन

आधुनिक मनोविज्ञान के प्रथम मनोवैज्ञानिक ➖ डेकार्ट

Notes by ➖Ranjana sen

🌺 मनोविश्लेषण सिद्धांत 🌺

प्रतिपादक  – सिगमंड फ्रायड

जन्म – 6 मई 1856

मृत्यु – 23 सितंबर 1939 

निवासी  – ऑस्ट्रेलिया (वियाना) 

सिगमंड फ्रायड ने मन की तीन दशाएं बताइ है – 

(1) चेतन मन :- 

1/10 (10%) मस्तिष्क की जागृत अवस्था |

(2) अचेतन मन :- 

9/10 (90%)  दमित इच्छा का भंडार कटु अनुभूति , दु :सह

(3) अर्द्धचेतन :- 

 चेतन और अचेतन के बीच की अवस्था याद की गई बातों को भूल जाना , अटकना , हकलाना |

 सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तिगत संरचना की दृष्टि से 3 अवस्थाऐ ➖ 

(1) इदम् (Id) – 

सुखवादी अचेतन मन का , पशु प्रवृत्ति,  दमित इच्छा को पूर्ण करने वाला 

(2) अहम (Ego) –

 वास्तविकता पर आधारित , चेतन मन का स्वामी 

(3) परम अहम (Super Ego)  – आदर्शवादी 

सिगमंड फ्रायड ने दो मूल प्रकृति बताइए :-

(1) जीवन  (2) मृत्यु 

 स्वमोह (Narcissism) नार्सिज्म

आॅडिपस ग्रंथि और एलेक्ट्रा ग्रंथि  ➖ ऑडिपस ग्रंथि लड़कों में पाया जाता है जिसके कारण वह अपनी मां से अधिक प्रेम करेगा |

एलेक्ट्रा ग्रंथि लड़कियों में पाया जाता है जिसमें वह अपने पिता से अधिक प्रेम करती हैं |

Notes by➖Ranjana sen

मनोविश्लेषण सिद्धांत

 प्रतिपादक –सिगमंड फ्रायड

 जन्म– 6 मई 1856

  मृत्यु —23 सितंबर 1934

 निवासी — ऑस्ट्रिया(वियाना) 

  फ्रायड ने मन की 3 दशा  बताया है➖

1) चेतन मन

 कुल मस्तिष्क का 1/ 10 भाग

 यह मस्तिष्क की जागृत अवस्था है 

2) अचेतन मन

कुल  मष्तिष्क का 9/10 भाग

 दमित इच्छा का भंडार, कटु अनुभूति |

3)  अर्ध चेतन मन

यह चेतन और अचेतन के बीच की अवस्था है अर्थात याद की गई बातों को भूल जाना, अटकना, हकलाना आदि |

सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तिगत संरचना की दृष्टि से तीन अवस्थाएं बताइ है

 1) इदं

 2) अहम

3) परम अहम

फ्रायड ने दो मूल प्रवृत्ति बताई हैं

 1) जीवन 

2) मृत्यु

स्वमोह

खुद के लिए मोह

 ऑडीपश और इलेक्ट्रॉ  ग्रंथियाँ

1) आॅडिपश ग्रंथि

यह ग्रंथि पाई जाती है जिसकी वजह से वह अपनी मां से प्रेम करता है 

2) इलेक्ट्रॉ ग्रंथि

लड़कियों में पाई जाती है जिसकी वजह से अपने पिता से प्रेम करती हैं |

✍️Notes by raziya khan ✍️

मनोविश्लेषण सिद्धांत

 प्रतिपादक –सिगमंड फ्रायड

 जन्म– 6 मई 1856

  मृत्यु —23 सितंबर 1934

 निवासी — ऑस्ट्रिया(वियाना) 

  फ्रायड ने मन की 3 दशा  बताया है :- 

1) चेतन मन :- कुल मस्तिष्क का 1/ 10 भाग – यह मस्तिष्क की जागृत अवस्था है।

2) अचेतन मन :- कुल  मष्तिष्क का 9/10 भाग – दमित इच्छा का भंडार, कटु अनुभूति।

3)  अर्ध चेतन मन :- यह चेतन और अचेतन के बीच की अवस्था है अर्थात याद की गई बातों को भूल जाना, अटकना, हकलाना आदि।

सिगमंड फ्रायड ने व्यक्तिगत संरचना की दृष्टि से तीन अवस्थाएं बताइ है :-

 1) इदं

 2) अहम

3) परम अहम

फ्रायड ने दो मूल प्रवृत्ति बताई हैं :-

 1) जीवन 

2) मृत्यु

स्वमोह :- खुद के लिए मोह।

1) आॅडिपश ग्रंथि – यह ग्रंथि पाई जाती है जिसकी वजह से वह अपनी मां से प्रेम करता है।

2) इलेक्ट्रॉ ग्रंथि – लड़कियों में पाई जाती है जिसकी वजह से अपने पिता से प्रेम करती हैं।

Notes by  :- Neha Kumari

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