पिछड़ा बालक (Backward children)

Notes prepared by Shubham Anand Manmeet

पिछड़ा बालक :- पिछड़ा बालक, विशिष्ट बालक का एक भाग है जो सामान्य बालक से किसी भी रूप में पीछे है।

सीरिल बर्ट के अनुसार- “पिछला बालक है जो अपने विद्यालय जीवन के मध्य में अपनी कक्षा से नीचे की कक्षा के कार्य को करने में असमर्थ है।”

✡पुस्तक:- The backward child

EQ ➡️ Educational quotient (शैक्षणिक लब्धि)

EA ➡️ Educational age (शैक्षणिक आयु)

👉 जिस बालक का शैक्षणिक लब्धि 85 से कम है पिछड़ा बालक है।

EQ=( EA/CA)×100

पिछड़े बालक के प्रकार :-

1. शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक – आंख की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना, हकलाना।

2. मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक – जिस बालक का बुद्धि लब्धि (IQ) 60 से कम है।

3. संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक – माता-पिता, शिक्षक, मित्र से स्नेह न मिलना/ तिरस्कार मिलना

4. शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक

5. वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन
👉 आर्थिक स्थिति
👉 सामाजिक /सांस्कृतिक वातावरण

🧑‍🏫 बुद्धि का स्तर होते हुए भी पिछड़ जाते हैं


🌺Date – 28 Oct 2020 🌺

✒️ Notes by malti sahu ✒️

पिछड़ा बालक (Backward children)
पिछड़ा बालक = ( जो पीछे है )

पिछड़ा बालक, विशिष्ट बालक का ही एक भाग है जो सामान्य बालक से किसी रूप में पीछे है।

सीरिल बर्ट के अनुसार- “पिछड़ा बालक वह है जो अपने जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर के कक्षा से नीचे की कक्षा के कार्य को करने में असमर्थ है।”

📕बुक =📍The backward child📍

🔴~EQ~🔴 “Educational quotient ((शैक्षणिक लब्धि))”

🔴~EA~🔴=”Educational age ((शैक्षणिक आयु))”

🤯 जिस बालक का शैक्षणिक लब्धि 85 से कम है वह पिछड़ा बालक कहलाता है।🤯

EQ=( EA/CA)×100

पिछड़े बालक के प्रकार = पिछड़े बालक के प्रकार निम्नलिखित हैं ।

1. शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुआ बालक =
1)आंख की कमजोरी,
2) बहरापन,
3) ऊंचा सुनना,
4) हकलाना।

2. मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक =
“जिस बालक का बुद्धि लब्धि (IQ) 60 से कम है।” वह मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक कहलाते हैं।

3. संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक =
1)”माता-पिता, भाई बहन , टीचरों दोस्तो से स्नेह या प्यार न मिलना अर्थात्, तिरस्कार मिलना ।” इस कारण से भी बालक सामान्य बालक की तुलना में पीछे रह जाता है।

4. शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक =
“ऐसे बालक जो किसी सामाजिक आर्थिक कारण से विद्यालय में शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते ,उन में शिक्षा का अभाव होता है और वह सामान्य बालक की तुलना में पीछे रह जाते हैं।”

5. वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन =

1️⃣ आर्थिक स्थिति= कभी-कभी बालक आर्थिक स्थिति के कारण भी पीछे रह जाता है और पिछड़े बालक की श्रेणी में आता है
2️⃣सामाजिक स्थिति = सामाजिक स्थिति के कारण भी बालक पीछे रह जाता है कई समाजों में ऊंच-नीच जातिवाद का भेदभाव होता है जिसके कारण बालक को शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है जैसे -‘भीमराव अंबेडकर जी को उनकी जाति के कारण स्कूल के बाहर बैठाया जाता था’
3️⃣सांस्कृतिक वातावरण= सांस्कृतिक कारणों से भी बालक पीछे रह जाता है

❤️”यह सब कारणों से बालकों में बुद्धि का स्तर होते हुए भी बालक पीछे रह जाता है और पिछड़े बालक की स्थिति में आता है।”❤️


⭐🍁⭐✍🏻Menka patel ✍🏻⭐🍁⭐ 🌈 पिछड़ा बालक🌈

🎇 पिछड़ा बालक:- पिछड़ा बालक विशिष्ट बालक का एक भाग है जरा बालक से आशा है वह बालक फिर सामान्य बालक से कमजोर या सामान्य बालक की तरह कार्य नहीं कर पाता है किसी ना किसी रूप से पीछे रहता है पिछड़ा हुआ बालक अपने नीचे की कक्षा का कार्य नहीं कर पाते हैं पिछड़ा बालक सामाजिक आर्थिक अन्य वातावरणीय कारक ओं के कारण पिछड़े हुए पिछले होते हैं इन्हें पिछड़ा बालक कहते हैं

🍁 सीरिल वर्ट के अनुसार :- मैं अपनी पुस्तक में ( the baek ward child)
मैं कहा है कि पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है

⭐ EQ- educational quolient (शैक्षिक लब्धि)

⭐EA- educational age (शैक्षिक आयु)

⭐CA- chronological age
( शारीरिक आयु)

EQ=EA/CA*100

” जिस बालक का शैक्षिक लब्धि 85 से कम है वह पिछड़े बालक होते हैं”

🍁 पिछड़े बालक के प्रकार

⭐ शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक अगर किसी बच्चे की ज्ञानेंद्रिय सही से काम नहीं करती हैं जैसे सुनने की कमजोरी बहरापन पूजा सुनना हकलाना आदि दोष आते हैं इस कारण भी बच्चे बिछड़ जाते हैं

⭐ मानसिक दृष्टि से पिछड़ा हुए बालक:-
पिछड़े बालक की मानसिक आयु 60 से कम है तो वह पिछड़ा बालक है या मानसिक रूप से पिछड़े बालक कहलाते हैं

⭐ संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक बच्चों को अपने माता पिता मित्र आदि के द्वारा इसने और सहानुभूति नहीं मिलती है क्या उन्हें तिरस्कृत किया जाता है उनमें चिंता तनाव निराशा उदासीन के कारण भी पिछड़ जाते हैं पिछड़े बालक सामान बालक की तुलना में पीछे रह जाते हैं

⭐ शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक :- बालक को किसी भी प्रकार से शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाई होती है यह बालक विद्यालय में शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं उन मैं शिक्षा का अभाव होता है और सामान्य बालक की तुलना में पीछे होते हैं

⭐ वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन:- बच्चों को उचित वातावरण और परिस्थितियां नहीं मिलती हैं इस कारण से बच्चे सीख नहीं पाते हैं और वह सामान बच्चों से पीछे रहते हैं

🍁 आर्थिक स्थिति के कारण:- अगर बच्चे की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं होती तो वह सीख नहीं पाता और बुद्धि का स्तर होते हुए भी वह पिछड़े हुए होते हैं

🍁 सामाजिक सांस्कृतिक वातावरण के कारण:- बच्चे को समाज द्वारा उनकी संस्कृति के नियम बच्चे विकास नहीं कर पाते हैं उन में भेदभाव किया जाता है जैसे लड़कियों को बाहर नहीं जाना घर के काम करना इस भेदभाव के कारण बच्चे पिछड़ जाते हैं और वह पिछले वाला की श्रेणी में आ जाते हैं

” हम कह सकते हैं कि बच्चे का बुद्धि स्तर होते हुए भी वह पिछड़ जाते हैं”

⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐


✍🏻Notes By-Vaishali Mishra

🔆 पिछड़े बालक (Backward Children) :➖

“पिछड़े बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग है।”
जो बालक कक्षा का औसत कार्य नहीं कर पाता और कक्षा के औसत छात्रों से पीछे रहता है तो उसे पिछडा बालक कहते हैं। पिछड़ेपन के अनेक कारण हैं यदि प्रतिभाशाली बालक की शैक्षिक योग्यता अपनी आयु के छात्रों से कम है तो उसे भी पिछड़ा बालक कहा जाता है।

सिरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक – The Backwards Child में बताया कि –
“पिछड़ा वाला वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु के स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।”

पिछड़े बालक की मानसिक आयु ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग किया जाता है। *EA* *EQ = ------- ×100* *CA* EQ = Educational Quotient (शैक्षणिक लब्धि) EA = Educational Age (शैक्षिक आयु) CA= Chronological Age (वास्तविक आयु)

“यदि बालक की शैक्षणिक लब्धता 85 से कम है तब वे बालक पिछड़े बालक की श्रेणी में आएंगे।”

🔅 पिछड़े बालक के प्रकार (Types of Backwords Children) :➖

पिछड़े बालक निम्नलिखित प्रकार के होते हैं –

✓शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक।
✓मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक।
✓संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक।
✓शिक्षा के अभाव से पिछड़े बालक।
✓वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े बालक।

💠 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक :➖
इस प्रकार के बालको की ज्ञानेन्द्रियाँ ठीक से कार्य नहीं करती हैं।
जैसे – हकलाना या तुतलाना, बहरापन या ऊँचा सुनना, आँख की कमजोरी आदि।

💠 मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक :➖
इस प्रकार के बालकों की बुद्धि – लब्द्धि 60 से कम मानी जाती है। इसके अन्तर्गत जड़ – बुद्धि, मूढ़, मंदहीन आदि बालक आते हैं।

💠 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक :➖
इस प्रकार के बालक वे बालक होते हैं जिन्हें अपने माता – पिता, अभिभावक तथा शिक्षकों से स्नेह तथा सहानुभूति नहीं मिलती है बालक को सब ओर से तिरस्कार मिलता रहता है।

अतः बालक में चिंता, तनाव, निराशा तथा उदासीनता आदि के भाव दिखाई देते हैं। ऐसे बालकों का मन पढ़ाई – लिखाई में नहीं लगता है।

💠 शिक्षा के अभाव से पिछड़े बालक :➖
इस प्रकार के बालक वे बालक होते हैं जो सामान्य बुद्धि के होते हुए भी किन्ही कारणों से स्कूल में शिक्षा नहीं प्राप्त कर पाते हैं। अर्थात ऐसे बालकों की ओर कोई भी ध्यान नहीं देता है।

💠 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े बालक :➖
इस प्रकार के बालक वे बालक होते हैं जिनके परिवार की
*आर्थिक परिस्थिति
*सामाजिक और
*सांस्कृतिक वातावरण ठीक नहीं होता है।


🌟Notes by :- Neha Kumari 😊

📚 पिछड़ा बालक :-

🌳 पिछड़ा बालक :- पिछड़ा बालक, विशिष्ट बालक का एक भाग है जो सामान्य बालक से किसी भी रूप में पीछे है।

🌸 सीरिल बर्ट के अनुसार- “पिछला बालक है जो अपने विद्यालय जीवन के मध्य में अपनी कक्षा से नीचे की कक्षा के कार्य को करने में असमर्थ है।”

🌳पिछड़े बालक को से संबंधित पुस्तक:- The backward child

🌿 EQ :- Educational quotient (शैक्षणिक लब्धि)

🌿 EA :- Educational age (शैक्षणिक आयु)

👉 जिस बालक का शैक्षणिक लब्धि 85 से कम है पिछड़ा बालक है।

🌿 EQ=( EA/CA)×100 🌿

📚 पिछड़े बालक के प्रकार:-

🌸 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक
🌸 मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक
🌸 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक
🌸 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक
🌸 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन
🌿 आर्थिक स्थिति
🌿 सामाजिक /सांस्कृतिक वातावरण

🌸 शारीरिक दोष के कारण पिछड़ा हुआ बालक :-

🌿 आंख की कमजोरी
🌿बहरापन
🌿ऊंचा सुनना
🌿हकलाना।

🌸 मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक :-

🌿 जिस बालक का बुद्धि लब्धि 60 से कम है वह मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक कहलाते हैं।

🌸 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक :-

🌿ऐसा बालक जिसे माता-पिता भाई बहन शिक्षक दोस्तों आदि से स्नेह प्यार न मिल पाना अर्थात् तिरस्कार मिलना। वैसे बालक सामान्य बालकों की तुलना में पीछे रह जाते हैं।

🌸 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक :-

🌿वैसे बालक जो किसी भी सामाजिक – सांस्कृतिक या आर्थिक स्थिति के कारण विद्यालय या किसी भी संस्था में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं उन्हें शिक्षा का अभाव हो जाता है और वह समान्य बालकों की तुलना में पीछे रह जाते हैं।

🌸 *वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन :-

🌿 आर्थिक स्थिति :-
🌟 ऐसा बालक को अपनी आर्थिक स्थितियों के कारण हमेशा चिंतित व असमायोजित रहते हैं।आर्थिक पिछड़ेपन पाई जाती है।

🌿 सामाजिक – सांस्कृतिक स्थिति :-
🌟ऐसे बालक जो किसी भी सामाजिक सांस्कृतिक परिस्थितियों के कारण किसी क्षेत्र में पीछे रह जाते हैं। अर्थात् उनके विचारों मूल्य और भावनाओं को समाज द्वारा अस्वीकार कर दिया जाता है जिससे कि उनका मनोबल कम हो जाता है तथा उन में हीनता की भावना पैदा हो जाती है।
जैसे कि:- जातीय भेदभाव,लड़के – लड़कियों में भेदभाव – कि लड़की घर से बाहर कार्य नहीं कर सकती। और वहीं लड़कों को भरपूर छूट दी जाती है।अर्थात् सामाजिक – सांस्कृतिक पिछडेपन का यह भी एक महत्वपूर्ण कारक है।

🌿🌿अतः हम कह सकते हैं कि,बुद्धि का स्तर होते हुए भी पिछड़ जाते हैं🌿🌿

🌸🌸धन्यवाद् 🌸🌸


Notes By Rohit Vaishnav
(RV)

👉 पिछड़े बालक
(Backward Children)

” पिछड़े बालक से तात्पर्य उन बालकों से है जो शिक्षा प्राप्त करने में सामान्य बालकों से पिछड़ जाते हैं। अतः भी बालक जो अपनी कक्षा में अन्य बालकों की तुलना में अध्ययन की दृष्टि से पीछे होते हैं पिछड़े बालक कहलाते हैं”।

👉 ऐसा जरूरी नहीं है कि पिछड़ा बालक मंदबुद्धि बालक होगा। एक प्रतिभाशाली बालक, औसत बुद्धि बालक, या तीव्र बुद्धि बालक पिछड़ा बालक हो सकता है।

💫शैक्षिक लब्धि ज्ञात करने का सूत्र। शैक्षिक आयु

शैक्षिक लब्धि= ———–×100
दैहिक आयु

सिरिल बर्ट के अनुसार 👉
” पिछड़े बालक वे होते हैं जो अपनी आयु स्तर की कक्षा से 1 सीढ़ी नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ होते हैं

जैसे– राम कक्षा 8 में है एवम् उसे कक्षा 7 के किसी विषय के प्रश्न को हल करने परेशानी आती है।

रौनाल के अनुसार👉
“पिछड़ा बालक वह होता है जो अपनी आयु स्तर के बालकों की तुलना में उल्लेखनीय शैक्षणिक कमजोरी प्रस्तुत करते हैं। 💫 *पिछड़ेपन के कारण*

👉 वातावरण और परिस्थिति ।

👉 बार- बार विद्यालय से पलायन करने में ।

👉 संवेग पर नियंत्रण ना कर पाना।

👉 शारीरिक दोष व रोग।

👉 अयोग्य व निष्ठुर अध्यापक की वजह से।

👉 शारीरिक अक्षमता के कारण

👉 आर्थिक परिस्थिति के कारण

👉 सामाजिक गतिविधियों के कारण


✍🏻manisha gupta ✍🏻

🌺 पिछड़े बालक (Backward children):

पिछड़े बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग है

ऐसा बालक जो कक्षा में बुद्धि तथा शिक्षा प्राप्त करने में सामान्य बालको से काफी पीछे रह जाते हैं उन्हें पिछड़ा बालक कहा जाता है

पिछड़े बालक का अर्थ➖ पिछड़े बालकों से तात्पर्य ऐसे बालकों से हैं जो शिक्षा प्राप्त करने में सामान्य बालकों से पीछे हो जाते हैं अतः जो बालक अपनी कक्षा में अन्य बालको से शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ जाते हैं उन्हें पिछड़े बालक कहा जाता है। पिछड़े बालक के लिए मन बुद्धि का होना आवश्यक नहीं है ।

एक औसत या तीव्र बुद्धि का बालक भी पिछड़ा बालक हो सकता है। इनके पिछड़ेपन के विभिन्न कारण हो सकते हैं।

पिछड़े बालक की परिभाषा

सिरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक- The backward child

”पिछड़ा हुआ बालक है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।”

पिछड़े हुए बालक की शैक्षणिक लब्धि ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र का प्रयोग किया जाता है *EA*. *EQ*=--------- **100* *CA*

EQ=Educational quotient [शैक्षणिक लब्धि]

EA=Educational age[शैक्षणिक आयु]

CA=Chronological age [वास्तविक आयु]

EQ

☘️ पिछड़े बालक के प्रकार(types of backwards children)➖

🍂 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक
🍂 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक
🍂संवेगनात्मक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक
🍂 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक
🍂 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े हुए बालक

🎯 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक
इस प्रकार के बालकों में ज्ञानेंद्रियों से संबंधित समस्याएं होती हैं जिनके कारण बालक बिछड़ जाते हैं।

जैसे-आॅख की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना,।

🎯 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक*IQ<60*

इस प्रकार के बालकों की बुद्धि लब्धि 60 से कम होती है इसके अंतर्गत जड़ बुद्धि, मूढ़ बुद्धि आदि बालक आते हैं।

🎯 संवेगनात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक➖ इस प्रकार के पिछले बालकों के अंतर्गत वे बालक आते हैं जो माता-पिता ,शिक्षक ,मित्र के द्वारा तिरस्कृत किए जाते हैं और इन बालकों को माता-पिता शिक्षक मित्र से इसने सहानुभूति ना मिलने के कारण ही यह बालक पिछड़ जाते हैं।

अतः बालक में चिंता तनाव निराशा उदासीनता आदि के भाव दिखाई देते हैं जिससे बालक का मन पढ़ाई में नहीं लगता है।

🎯 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक➖ इस प्रकार की पिछड़े बालक सामान्य बुद्धि होने के बावजूद भी विद्यालय में किसी कारणवश शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं। अर्थात यह बालक शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ होते हैं।

🎯 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े बालक➖ इस प्रकार की पिछड़े हुए बालक वे होते हैं जिनके परिवार की आर्थिक स्थिति सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ठीक नहीं होता है अर्थात ऐसे बालक बुद्धि का स्तर होते हुए भी पिछड़ गए हैं

☘️🍂 समाप्त🍂☘️


𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮 ➖𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙨𝙖𝙫𝙡𝙚

💫 पिछड़े बालक(𝘽𝙖𝙘𝙠𝙬𝙖𝙧𝙙 𝘾𝙝𝙞𝙡𝙙𝙧𝙚𝙣) ➖

🔹 पिछड़े बालक वे हैं जो किसी ना किसी रूप में पिछड़े हैं चाहे वह शारीरिक ,मानसिक, शैक्षिक, आर्थिक या किसी भी स्थिति में हो सकते हैं अर्थात जो सामान्य बालक से किसी न किसी रुप में पिछड़े हों |

🔹 पिछड़े बालक विशिष्ट बालक का एक भाग है जो सामान्य से पीछे हैं |

🔹 वे बालक जो सामान्य बालकों की तुलना में कक्षा का औसत कार्य नहीं कर पाते हैं और सामान्य बालकों से पीछे रह जाते हैं तथा कक्षा के औसत कार्य में भी पीछे रह जाते हैं ऐसे बालकों को पिछड़े बालक कहा जा सकता है पिछड़ेपन के अनेक कारण होते हैं चाहे वह शारीरिक हो मानसिक हो या उसका वातावरणीय प्रभाव हो किसी भी प्रकार से वह अपने कक्षा के या अपनी आयु के छात्रों से औसत कार्य में कम है तो उसे हम पिछड़ा बालक कह सकते हैं |

सिरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक 𝙏𝙝𝙚 𝘽𝙖𝙘𝙠𝙬𝙖𝙧𝙙 𝘾𝙝𝙞𝙡𝙙 में पिछड़े बालकों के संबंध में कहा कि —-

” पिछड़ा वाला वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है |”

इन्होंने पिछड़े बालक की मानसिक आयु ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र का प्रतिपादन किया और उसको प्रयोग किया | 𝙀𝘼

𝙀𝙌 = * ×100
𝘾𝘼

इन्होंने EQ शब्द बताया जो की शैक्षिक लब्धि की बात करता है |

EQ = Educational Quotient ( शैक्षणिक लब्धि)

EA = Educational Age (शैक्षणिक आयु)

CA = Chronological Age (वास्तविक आयु)

यदि किसी बच्चे की EQ (शैक्षणिक लब्धि) 85 से कम है तो वह पिछड़ा बालक है |

पिछड़े बालक के प्रकार (𝙏𝙮𝙥𝙚𝙨 𝙤𝙛 𝘽𝙖𝙘𝙠𝙬𝙖𝙧𝙙 𝘾𝙝𝙞𝙡𝙙𝙧𝙚𝙣) ➖

पिछड़े बालक के निम्नलिखित प्रकार होते हैं —–

1 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक |
2 मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक |
3 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक |
4 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक |
5 वातावरण और विभिन्न परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन |

🔅 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक

इस प्रकार के बच्चों की ज्ञानेंद्रियां ठीक प्रकार से कार्य नहीं करती हैं |
जैसे — आंख की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना, हकलाना आदि शारीरिक दोष हो सकते हैं | जिनसे बालक पिछड़ा हो सकता है |

🔅 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक

यदि किसी बच्चे की IQ बुद्धि लब्धि 60 से कम है तो वह बालक पिछड़ा बालक है इसके अंतर्गत मूढ़ बुद्धि, जड़ बुद्धि, और मंदबुद्धि ,आदि प्रकार के बालक आते हैं |

🔅 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक

ऐसे बालक भावनात्मक रूप से तिरस्कृत होते हैं जैसे माता-पिता, मित्र, शिक्षक आदि से स्नेह या सहानुभूति न मिलने के कारण पिछड़े होते हैं उन्हें सहानुभूति नहीं मिलती है तो उनमें हीन भावना विकसित हो जाती है कई बार आर्थिक रूप से पिछड़े होने के कारण भी संवेगात्मक रूप से पिछड़ जाते हैं |
जिससे उनमें चिंता ,तनाव, निराशा ,या अकेलापन आदि महसूस करने लगते हैं जिससे उनका शैक्षिक स्तर भी प्रभावित होता है |

🔅 शिक्षा के अभाव से पिछड़े बालक

इस प्रकार के बालक वे बालक होते हैं जो विद्यालय में अच्छे से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते हैं किन्हीं भी कारणों से उनकी स्कूली शिक्षा प्रभावित होती है कई बार उनकी बुद्धि लब्धि सामान्य होने के बावजूद भी वह अच्छे से शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाते हैं |

🔅 वातावरण और विभिन्न परिस्थितियों के कारण पिछड़े बालक

इस प्रकार के बालक जी बालक होते हैं जो —
“आर्थिक परिस्थिति,

“सामाजिक परिस्थिति ,और

” सांस्कृतिक वातावरण ठीक प्रकार से नहीं होता है |

इन सभी (आर्थिक , सामाजिक, सांस्कृतिक ) कारणों से बुद्धि का स्तर होते हुए भी वे बालक पिछड़ जाते हैं |

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पिछड़े बालक का अर्थ:- (backward children)

 ▪️पिछड़े बालकों से तात्पर्य ऐसे बालकों से है जो शिक्षा प्राप्त करने में सामान्य बालकों से पिछड़ जाते हैं अतः जो बालक अपनी कक्षा में अन्य बालकों से शिक्षा की दृष्टि से पिछड़ जाते हैं उन्हें पिछड़े बालक कहा जाता है। पिछड़े बालक के लिए मन बुद्धि होना आवश्यक नहीं है। एक औसत या तीव्र बुद्धि का बालक भी पिछड़ा बालक हो सकता है। पिछड़ेपन के कई कारण हो सकते हैं। जैसे: परिवार की निर्धनता, शारीरिक कारण, परिवार में झगड़े, परिवार की अशिक्षा, परिवार का शोर-शराबा युक्त वातावरण, बुरे मित्रों की संगति, अयोग्य  निष्ठुर अध्यापक आदि।

बालकों के पिछड़ेपन (Backwardss) को दो आधारों पर मापा जाता है:-

बुद्धि के आधार पर

शैक्षिक उपलब्धि के आधार पर (शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े बालक)

पिछड़े बालक की परिभाषाएं:-

बार्टन के अनुसार:- सामान्यता पिछड़े बालक वे होते हैं जिनकी शैक्षिक उपलब्धि उनकी स्वाभाविक योग्यताओं से कम होती है।

बर्ट के अनुसार:- ” पिछड़े बालक वे होते हैं जो अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक सीढ़ी नीचे की कक्षा का कार्य करने में भी असमर्थ होते हैं”

शोनेल एवं शोनेल :- ” पिछडे बालक उसी जीवन आयु के अन्य छात्रों की तुलना में विशेष शैक्षिक निम्नता व्यक्त करते है।

हिज मैजेस्टी कार्यालय के अनुसार:- हिज मैजेस्टी कार्यालय के प्रकाशन पिछेड़ बालकों की शिक्षा में कहा गया है- ” पिछड़े बालक वे है, जो उस गति से आगों बढने में असमर्थ होते है, जिस गति से उनकी आयु के अधिकांश सथी आगे बढ़ रहे हैं। “

सिरिल बर्ट के अनुसार:- 
” पिछेडे बालक वो है जो विद्यालय जीवन के मध्य में ( अर्थात लगभग साढे दस वर्ष की आयु में) अपनी कक्षा से नीचे की कक्षा के उस कार्य को ना कर सके जो उसकी आयु के बालकों के लिए सामान्य कार्य है।”

बुद्धि के आधार पर पिछड़ेपन को मानसिक मंदता कहते हैं। (Mental Retardation)

तथा शैक्षिक उपलब्धि ” शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ेपन को शैक्षिक मंदता (Educational Retardation) कहा जाता है।

पिछड़े बालकों की विशेषताएं (characteristics of Backward child) 

पिछड़े बालकों में निम्नलिखित विशेषताएं पाई जाती है: 

ऐसे बालकों की सीखने की गति धीमी होती है।

बुद्धि परीक्षाओं में निम्न बुद्धि लब्धि (90 से 110)

पिछड़े बालकों की सीखने की गति धीमी होती है।

सामान्य विद्यालय के पाठ्यक्रम से लाभ उठाने में असमर्थता।

पिछड़े बालक मानसिक रूप से अस्वस्थ रहते हैं।

जन्मजात योग्यताओं की तुलना में कम शैक्षणिक उपलब्धि।

ऐसे बालक प्राय: असमायोजित व्यवहार करते हैं।

ऐसे बालक अपनी और उससे नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थता

मंदबुद्धि सामान्य बुद्धि या अति श्रेष्ठ बुद्धि का प्रमाण।

जीवन के प्रति निराशा होती है।

पिछड़े बालक का शैक्षिक लब्धि Educational Quotientor or EQ

पिछड़े बालक का शैक्षिक लब्धि:-

बर्ट के द्वारा कहा गया कि जिन बालकों के शैक्षिक लब्धि 85 से कम है उनकी पहचान निश्चित रूप से पिछड़े बालक के रूप में की जाती है।

बालकों के पिछड़ेपन के कारण ( Cause of Backwards Among Children )

बालकों के पिछड़ेपन के कारण निम्नलिखित हैं:

1) परिवारिक स्थिति

2) विद्यालय में अनुपस्थिति

3) विद्यालय वातावरण

4) शारीरिक दोष

5) परिवार के निर्धनता

6) माता-पिता की अशिक्षा

7) परिवार के झगड़े

8) दोस्तों की संगति

9) परिवार का बड़ा आकार

10) शारीरिक रोग

11) माता-पिता का दृष्टिकोण

12) बौद्धिक क्षमता की कमी

13) स्वभाव संबंधी दोष

पिछड़े बालकों की समस्याएँ : Problem of Backward Children

🎯पिछड़े बालकों की सबसे ज्यादा समस्या कक्षा में समायोजन स्थापित करने में परेशानी होती है, ऐसे बालकों को पाठ्यक्रम बहुत कठिन लगता है, और ऐसे बालक पाठ्यक्रम को समझ नहीं पाते और अन्य बालको से शिक्षा की दृष्टि में पीछे हो जाते हैं।

🎯ऐसे बालकों को स्कूल तथा अध्यापक के प्रति नकारात्मक व्यवहार होता है, क्योंकि उनका कक्षा में अन्य साथियों के साथ अक्सर मजाक उड़ाया जाता है।

🎯ऐसे बालकों में पढ़ने लिखने एवं सीखने की क्षमता बहुत कम होती है क्योंकि उनके घर तथा व्यक्तिगत अनुभूतियां इतनी अच्छी नहीं होती जो उनके सीखने की अभिप्रेरणा को बिल्कुल समाप्त कर देती है।

🎯ऐसे बालकों में आत्मविश्वास की कमी होती है और प्रायः ऐसे बालकों को लगातार असफलता ही मिलती है इन बालकों में मनोबल एवं आत्म निर्भरता जैसे गुण नहीं विकसित हो पाते हैं।

🎯पिछड़े बालक एवं उनकी पहचान( Backward Child and Their Identity)

🎯ऐसे बालक जो अपनी आयु के बालक से कम शैक्षिक उपलब्धि प्राप्त करते हैं, पिछड़े बालक की श्रेणी में आते हैं। इन बालकों के पिछड़ेपन के कारण बहुत से कारण हो सकते हैं जैसे: शारीरिक रोग, मानसिक अस्वस्थता, घर परिवार वातावरण का अनुकूल ना होना।

🎯बालक के पिछड़ेपन समस्या को दूर करने से पहले इन सभी कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। जैसे: बुद्धि परीक्षणों द्वारा, उपलब्धि परीक्षणो द्वारा, तथा बालक की रूचियों, शारीरिक क्षमताओं और कुशलता इत्यादि द्वारा बालक के पिछड़ेपन के कारणों का पता लगाया जा सकता है।

🎯बालकों के पिछड़ेपन की रोकथाम के लिए अध्यापकों को अभिभावकों से मिलकर बालकों के पिछड़ेपन के कारणों का पता लगाया जाना चाहिए तथा उन्हें दूर करके उनकी शिक्षा की मुख्यधारा मे सम्मिलित करने का प्रयास करना चाहिए।

🎯अध्यापकों तथा अभिभावकों को मिलकर पिछड़े बालकों के शिक्षा में उत्थान के लिए अपना योगदान देना चाहिए।

अध्यापकों तथा अभिभावकों को बालकों के पिछड़ेपन के कारण जैसे:

➡️शारीरिक दोष का पता लगाकर तथा रोगों का उपचार करना चाहिए। तथा उनके शारीरिक निर्बलता को दूर करने के लिए उन्हें संतुलित भोजन दिया जाने की व्यवस्था कराई जानी चाहिए।

➡️गरीब परिवार के बच्चों को निशुल्क शिक्षा तथा छात्रवृत्तियाँ देने की व्यवस्था की जानी चाहिए।

➡️बालकों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए परिवारिक वातावरण में सुधार करने का प्रयास करना चाहिए।

➡️बालकों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए बालकों के माता-पिता को शिक्षित करना जरूरी है और उनमें अच्छी आदतें विकसित करने का प्रयास करना चाहिए।

➡️ऐसे बालकों को को संगीत मित्रों के साथ संगति करने से बचना चाहिए।

➡️बालकों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए उन्हें विभिन्न विधियों का प्रयोग करके रूचि पूर्व तरीकों से श्रव्य या दृश्य सामग्री की सहायता से धीमी गति से पढ़ाया जाना चाहिए।

➡️बालकों के पिछड़ेपन को दूर करने के लिए विशेष कक्षाओं की व्यवस्था की जानी चाहिए।


✍🏾Mahima kumari ✍🏾

☘️☘️पिछड़ा बालक(Backward child):-
पिछड़ा बालक का अर्थ ऐसे बालक से है जो किसी न किसी रूप में पीछे हैं!
पिछड़ा बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग है!( विशिष्टता कुछ ना कुछ सामान्य से अलग की बात करता है)!
🔅 ऐसे बालक कोई एक कारण से पीछे नहीं होते हैं बल्कि संवेगात्मक मानसिक शारीरिक आदि कारणों से भी पीछे रह जाते हैं!
जैसे:- दिव्यांग विकलांग बच्चे!
ऐसे बच्चों को विकलांग के समूह की श्रेणी में भी रख सकते हैं और पिछड़ा बालक की श्रेणी में भी रख सकते हैं!
🎯 सिरिल बर्ट के अपनी पुस्तक:-
The Backward child में लिखे:-
” पिछड़ा बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु के स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है!”
जैसे➖ आठवीं के बच्चे छठी वर्ग के बच्चों का किताबी problem हल करने में असमर्थ रहते हैं!
🌼 पिछड़े बालक की मानसिक आयु ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र है:➖ EA EQ=*******×100 CA

● EQ=Education Quotient(शैक्षणिक लब्धी)
● EA=Educational Age ( शैक्षणिक आयु)
● CA=Chronological Age(वास्तविक आयु)
🌈 यदि किसी बच्चे की शैक्षणिक लब्धि 85 से कम है तो वह बालक पिछड़े बालक की श्रेणी में आता है!
🌻🌻 पिछड़े बालक के प्रकार➖
1️⃣ शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक:➖
ऐसे बालकों के अंदर शारीरिक दोष यानी ज्ञानेंद्रियों की कमी जैसी समस्या होती है जिसके कारण बालक को पढ़ाई के साथ-साथ कोई और काम करने में भी कठिनाइयां होती है!
जैसे➖ आंख की कमजोरी बहरापन ऊंचा सुनना हकलाना इत्यादि!
2️⃣ मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक:➖
इस प्रकार की बालकों की बुद्धि लब्धि 60 से कम होती है! खुद में सोचने समझने की क्षमता नहीं होती है ऐसे बालकों के अंतर्गत मूड बुद्धि और जड़ बुद्धि जैसे बालक आते हैं!
3️⃣ संवेगात्मक रूप से पिछड़े बालक:➖
ऐसे बालकों को अपने माता पिता समाज शिक्षक दोस्तों से नहीं यह सहानुभूति नहीं मिलती है! सभी और से तिरस्कार ही मिलती है जिसके कारण बच्चों के अंदर चिंता तनाव निराशा उदासीनता आ जाता है जिस कारण से बच्चे संवेगात्मक रूप से पिछड़ जाते हैं!
4️⃣ शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक:➖
ऐसे बालकों के अंदर बुद्धि होने के कारण भी वह शिक्षा में पीछे हो जाते हैं स्कूली ज्ञान उन्हें नहीं मिल पाता है जिसके कारण उन्हें सामान्य बालकों की तुलना में शिक्षा नहीं मिल पाती और वह पीछे हो जाते हैं!
5️⃣ वातावरण और परिस्थितियों के कारण:➖
बालकों को अपने जीवन में आगे बढ़ने के लिए सामाजिक वातावरण की भी आवश्यकता होती है! लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बच्चों को ऐसा वातावरण नहीं मिल पाता है और दूसरी तरफ उनकी घर की आर्थिक स्थिति भी सही नहीं रहती! घर में हमेशा तनाव ,चिंता ,लड़ाई झगड़े या कभी-कभी पैसे की तंगी और आर्थिक स्थिति खराब होने की वजह से भी बच्चों की शिक्षा में रुकावट आ जाती है !इस कारण बच्चों के अंदर बुद्धि का स्तर होते हुए भी वह काफी पिछड़ जाते हैं!
🎄🐾🐾🐾🐾🐾🐾🎄


notse by – sapna sahu 🔰 पिछड़े बालक 🔰 🔰 Backward child🔰

पिछड़ापन किसी भी कारणों से हो सकता है

कुछ मनोवैज्ञानिक समान उम्र होने पर अन्य बालकों से शैक्षिक उपलब्धि में पिछड़ने वाले बालकों को पिछड़ा बालक कहते हैं इस क्षेत्र में सीरिल बर्ट ने काफी शोध कार्य किया उनके शब्दों में पिछड़ा बालक वह है

सीरिल बर्ट

पिछड़ा बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है

बर्ट में पिछड़ेपन के मापन के लिए सूत्र दिया

EQ=EA/CA×100

शैक्षिक उपलब्धि= शैक्षिक उम्र/ वास्तविक उम्र×100

EQ= Educational age शैक्षिक लब्धि

EA= Educational age शैक्षिक उम्र

CA= Chronological age वास्तविक उम्र

EQ<85 से कम तो पिछड़ा बालक माना जाएगा 🔰पिछड़े बालक के प्रकार🔰

1 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक

कई ज्ञानेंद्रियां ठीक से काम नहीं करती
जैसे आंख की कमज़ोरी ,बहरापन ,ऊंचे सुनना, हकलाना आदि

2 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक

IQ<60 से कम तो पिछड़ा बालक होता है

मूढ़ बुद्धि

जड़ बुद्धि

संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक

माता-पिता शिक्षक या मित्र से सहानुभूति ना मिलने के कारण बच्चे हीन भावना जाती हैं जिससे बा पिछड़ जाते हैं बच्चों में चिंता ,तनाव, निराशा, उदासीनता तिरस्कार के कारण आ जाता है

4 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक

प्रायः देखा जाता है कि बालकों की बुद्धि तो सामान्य है पर विद्यालय में वह किसी न किसी वजह से शिक्षा नहीं कर पा रहे हैं

5 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन

यह उनकी आर्थिक स्थिति के कारण हो सकता है अपनी आर्थिक स्थिति को सुधारने के लिए वह अपना जीवन यापन करने के लिए हो सकता है बाल मजदूरी करते हैं तो वह विद्यालय आने में असमर्थ

सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण
बच्चे किस समूह से आते हैं किस समूह को विद्यालय में चुनते हैं यह भी बच्चों के शैक्षिक पिछड़ेपन का कारण हो सकता है समाज मान लीजिए कि किसी समाज में महिला शिक्षा को अच्छा नहीं मानते तो समाज में लड़कियों की शिक्षा नगण्य होगी तथा प्रकार के समाज में लड़कियों में शैक्षिक पिछड़ापन होगा

बुद्धि का स्तर होते हुए भी बिछड़ जाते हैं

वातावरण के कारण

कई बार हम देखते हैं कि सामान्य बालकों का शैक्षिक परिणाम सामान्य नहीं आ रहा अर्थात मार्क्स कमआ रहे हैं इसे हम शैक्षिक पिछड़ापन कहते हैं कक्षा में जो बच्चे सामान्य होकर भी रिजल्ट अच्छा नहीं ला रहे हैं या उनसे किसी खास विषय में नंबर कम आ रहे हैं इसका कारण जानने पर हम पाते हैं कि कहीं ना कहीं उसके आसपास का पर्यावरण परिवेश का नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है यह पर्यावरण विद्यालय समाज या घर कोई भी हो सकता है


Date ,28/10/2020
Nots by sanu sanwale

🔘 पिछड़े बालक backward children
▪️ पिछड़ा बालक वह है जो किसी ना किसी कारण से शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ जाते हैं वह अपनी कक्षा से निचली कक्षा के कार्य करने में भी असफल रहते है
▪️पिछड़ा बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग है

🔘 परिभाषा definitions
🔹 सिरिल बट की बुक का नाम ➖ the backward children
🔹 सिरिल बर्ट ➖ पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कथा का कार्य करने में असमर्थ है

🔘 पिछड़े बालक वह है जिनकी शैक्षिक लब्धि 85 से कम है
🔹 कुछ वैज्ञानिकों ने पिछड़ापन का पता लगाने के लिए सूत्र का प्रयोग किया
M.A
🔹 E.Q = ——– × 100
C.A

🔹 E.Q = Educational Quotient
शैक्षिक लब्धि

🔹E.A = Education age
शैक्षिक आयु

🔹 C.A = Chronological age
वास्तविक आयु

🔘 पिछड़े बालक के प्रकार

🔹 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक
जैसे – आंख की कमजोरी
बहरापन / उच्च सुनना / हकलाना आदि शारीरिक दोष के कारण बालक शैक्षिक दृष्टि से पिछड़ जाते हैं

🔹 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक
▪️ अगर किसी बच्चे का IQ 60 से कम है तो वह पिछड़ा हुआ बालक कहलाएगा
जैसे – मूढ़ बुद्धि बालक / जड़ बुद्धि बालक
यह मानसिक रूप से पिछड़ेपन का कारण है

🔹 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक
▪️ माता-पिता ,शिक्षक मित्र से तिरस्कार बच्चे को स्नेह सहानुभूति ना मिले पाना जिससे बच्चा चिंता, तनाव, निराश ,एवं उदासीनता से ग्रस्त रहता है

🔹 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक
▪️ सामान्य बुद्धि वाला बालक भी पिछड़े बालक हो सकता है जब बच्चा लगातार विद्यालय में अनुपस्थित रहता है तो वह विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ होता है

🔹 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े बालक
▪️ घर परिवार की आर्थिक स्थिति- अगर मां-बाप निर्धन है तो उसका असर बच्चे की शिक्षा पर भी पड़ता है वह निर्धनता के कारण बच्चे की शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध नहीं करा पाते हैं
▪️ सामाजिक सांस्कृतिक वातावरण
भारतीय परिवार में रीति रिवाज अधिक महत्व रखते हैं बच्चों की शिक्षा और अभिवृत्ति की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है वह यह समझते हैं कि पढ़ लिख कर क्या करेंगे इसी कारण से बच्चे शिक्षा से पीछे रह जाते हैं
▪️ अच्छी बुद्धि का स्तर होते हुए भी बच्चा पिछड़ जाते हैं


पिछड़े बालक हर उस बालक को कहते है जो सामान्य बालक से कम स्तर या पीछे हो
पिछड़ा बालक भी विशिष्ठ बालक की श्रेणी में आता है

सिरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक बैकवर्ड चिल्ड्रेन में पिछड़े बालक की परिभाषा देते हुए कहा है कि पिछड़ बालक वह है जो अपने जीवन मध्य में अपनी आयु वर्ग के स्तर का या उससे एक नीचे स्तर का कार्य करने में असमर्थ हो
सिरिल बर्ट के अनुसार पिछड़ा बालक की बुद्धिलब्धी = EQ<85

जहा EQ = education quotient
EA = educational age
CA = chronological age

अर्था्त EQ=EA/CA×१००

पिछड़े बालक के प्रकार —- 1—-शारीरिक दोष के कारण पिछड़ापन — इसमें वह वालक आते है जो शारीरिक रूप से किसी ना किसी दोष जैसे ज्ञांद्रिया सम्बन्धी दोष
बहरापन
हकलाना ,,ऊचा सुनना,, गूंगा,, बहरापन ,,आंख की कमजोरी

2—मानसिक दोष के कारण पिछड़ापन — वे बालक जिनका IQ < 60 हो या जो बालक मन्द बुध्दि या जड़ बुध्दि के होते है

3—सवेंगात्मक दोष के कारण पिछड़े बालक — वे बालक जिन्हें माता पिता अध्यापक मित्र से सहानुभूति नहीं मिलती या जिनको तिरस्कार झेलना पड़ता है या स्नेह का अभाव रहता है वो सवेंगात्मक रूप से पिछड़ जाते है

4—शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक — वे बालक जो सामान्य होते हुए भी किन्हीं कारण के कारण विद्यालय में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते या किन्हीं कारणों के कारण विद्यालय में ज्यादातर अनुपस्थति रहते है वे अपने साथी के तुलना में पिछड़ जाते है

5—वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन — (a)आर्थिक स्थिति

(b)सामाजिक / सांस्कृतिक वातावरण _
ऐसे बालक बुध्दि का स्तर_ होते हुए भी पिछड़ जाते है ।

**आन्या **


*पिछड़ा *बालक* ( Backward children) ………..
पिछड़ा बालक सामान्य बालकों से नीचे होते है, पिछड़ेपन के अनेक कारण है, जो बालक अपने नीचे की कक्षा का कार्य नहीं कर पाते हैं, उसे पिछड़ा बालक कहते हैं 1
✍ ये बालक आर्थिक,सामाजिक, धार्मिक इत्यादि किसी भी कारण से पीछे रह जाते हैं1
✍ पिछड़ा बालक विशिष्ट बालक का एक भाग हैं 1 ये हर बालक में कुछ न कुछ अलग होता है 1✍
सीटिल बर्ट ने अपनी पुस्तक The backward child में लिखा…..
” पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है 1″

EQ = Educational Quotient
(शैक्षणिक लब्धि)
EA = Educational Age
(शैक्षणिक आयु)
CA = Chronological Age
(वास्तविक आयु)

✍EQ= EA/CA×100
अगर किसी बच्चे की EQ 85 से कम है तो वह पिछड़ा बालक माना जायेगा 1

*✍ पिछड़े बालक के कई प्रकार है…..

1) शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक…….. अगर किसी बच्चे की ज्ञानेंद्रियाँ सही से काम नहीं कर रही है, तो वे बालक शारीरिक दोष के कारण पिछड़ा हुआ बालक है1
उदाहरण… हकलना, आंखों की कमजोरी इत्यादि 1✍

2) मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक….. ऐसे बालकों की बुद्धि लब्धि 60 से कम मानी जाती हैं!
इसके अंतर्गत मूढ़ बुद्धि, जड़ बुद्धि इत्यादि इनके श्रेणी में आते हैं✍
3) संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक …… वे बालक जिन्हें अपने माता पिता, शिक्षक, मित्र से स्नेह और सहानूभूति नहीं मिलती हैं जिसके कारण बच्चों में चिंता, तनाव, निराशा आ जाती हैं व वे संवेगात्मक रूप से पिछड़ जाते हैं✍

4) शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक…..
ऐसे बच्चों में सामान्य बुद्धि होने के कारण भी किसी दुसरे कारणों से वे विधालयों में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं उदाहरण………. किसी आवश्यक कार्य के कारण विधालय देर से पहुँचना!✍

5) वातावरण व परिस्थितियों के कारण पिछड़पन……. इस प्रकार के बालक वे बालक होतें है जिनकी आर्थिक स्थिति, सामाजिक, सांस्कृतिक वातावरण ठीक नहीं होता है✍

” अगर आर्थिक स्थिति सही नहीं है तो बुद्धि का स्तर होते हुए भी बच्चे पिछड़ जातें हैं”

🌸🌸 varsha sharma🌸🌸


✍ PRIYANKA AHIRWAR ✍

📖 पिछडा बालक 📖

🎯 पिछला बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग है।
वह बालक जो किसी भी कारणवश शिक्षा की प्राप्ति में पिछड़ जाता है एवं शिक्षा को ग्रहण नहीं कर पाता है उस बालक को हम पिछड़े बालक की श्रेणी में रखते हैं।
वह बालक जो सामान्य बालकों की तुलना में पिछड़े होते हैं एवं अपनी कक्षा से पिछली कक्षाओं के कार्य करने में भी असमर्थ होते हैं पिछली कक्षाओं के कार्य को भी वह नहीं कर पाते हैं उन समस्याओं को भी हल नहीं कर पाते हैं ऐसे बालक पिछड़े बालक कहलाते हैं।
इन्हीं के संबंध में सीरिल बर्ट ने अपनी परिभाषा दी है जो कि निम्नलिखित हैं

👉 सीरिल बर्ट के अनुसार पिछड़े बालकों की परिभाषा:-
सीरिल बर्ट की पुस्तक– The backward child
इस बुक ने इन्होंने पिछड़े बालक की परिभाषा दी है-
” पिछड़ा हुआ बालक वह है, जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।”
पिछड़े हुए बालक की शैक्षिक लब्धि ज्ञात करने के लिए निम्न सूत्र है:-
शैक्षिक आयु
👉🏻 शैक्षिक उपलब्धि= ——————— × 100
वास्तविक वायु EA

👉🏻 E Q = ———×100
CA

👉🏻 EQ = Educational quotient {शैक्षिक उपलब्धि}

👉🏻 EA= Educational age {शैक्षिक आयु}

👉🏻 CA = chronological age {वास्तविक आयु}

पिछड़े बालक के प्रकार:-
पिछड़े बालक कई प्रकार के होते हैं एवं कई कारणों से होते हैं

  1. शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक:-
    🌿 शारीरिक दोष के कारण कई बालक पिछड़ जाते हैं, यह दोस्त इंद्रियों के माध्यम से होते हैं या इंद्रियजनित दोष होते हैं–

🍂 आंखों में परेशानी होने के कारण कई बालक पिछड़ जाते हैं उन्हें ठीक तरह से दिखाई नहीं देता है अतः यह देखने में असमर्थ हो जाते हैं।

🍂 बहरापन बा ऊंचा सुनने के कारण भी कई बालक पिछड़ जाते हैं जिससे कि व पिछड़े बालक की श्रेणी में आते हैं।

🍂 कई बालक हकलाने के कारण भी पिछड़ जाते हैं वह ठीक तरह से बोल नहीं पाते हैं जो कि उनके पिछड़ेपन का कारण बनती है।

🌿 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक:-
वह बालक जिनकी I.Q. 60 से कम होती है, वह मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक की श्रेणी में आते हैं, इसके अंतर्गत मूढ़ बुद्धि एवं जड़ बुद्धि बालक भी आते हैं।

🌿 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक:-
वह बालक जो सांवेगिक रूप से पिछड़े रहते हैं, उन्हें श्रेणी में रखा जाता है।
इसके अंतर्गत माता-पिता, शिक्षक, मित्र आदि से सहानुभूति ना मिलने के कारण या तिरस्कृत किए जाने के कारण बालक संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़ जाता है, जिस से ग्रसित होकर बालक में तनाव, चिंता, निराशा, उदासीनता एवं समाज व अपने बीच सामंजस्य स्थापित नहीं कर पाता है। इसी के चलते कई बालक बाल अपराधी की श्रेणी में शामिल हो जाते हैं।

🌿 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक:-
शिक्षा के अभाव के कई कारण हो सकते हैं, जैसे– कि शिक्षक का बालक पर ध्यान न देना, माता-पिता का बालक पर ध्यान न देना एवं उसे शिक्षण सामग्री उपलब्ध न होना इत्यादि कारण हो सकते हैं, जिससे की बालक पिछड़ जाता है।
इन बालकों में सामान्य बुद्धि होने के बाद भी पिछड़ेपन के लक्षण होते हैं।

🌿 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन:-
इसके अंतर्गत बालक अपने परिवार की आर्थिक स्थिति के कारण एवं राजनैतिक व सांस्कृतिक वातावरण के कारण भी पिछले बालको की श्रेणी में आ जाता है।
इसमें भी बालक सामान्य बुद्धि के होने के बावजूद भी पिछड़ेपन का शिकार हो जाते हैं।
उपरोक्त सभी कारणों के चलते ही बालक पिछले वाले लोगों की श्रेणी में आ जाता है जिससे कि वह पिछड़ जाता है एवं पूर्ण शिक्षा की प्राप्ति नहीं कर पाता है। 🌻🌿🌺🌿🌻 समाप्त 🌻🌿🌺🌿🌻

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पूर्वी हल्दकार

पिछड़े बालक
[BACKWARD CHILDREN)

पिछड़ा बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग होता है।
पिछड़ा बालक मतलब ‘जो पीछे हैं’ – किसी न किसी रूप से पिछड़े हो।~ बालक के पीछे होने का कारण कुछ भी हो सकता है, जेसे कि राजनैतिक, मानसिक, भौतिक, सामाजिक किसी भी रूप से बच्चा सामान्य बालक से पीछे हो जाता है, तो वह पिछड़े बालकों की श्रेणी में आता है।
पिछड़े बालक वे बालक होते हैं जो अपनी कक्षा के बच्चों से या सामान्य बालकों की अपेक्षा में किसी न किसी विषय में, कार्य करने में या आध्यात्मिक रूप से पीछे हो जाते हैं।

सिरिल बर्ट के अनुसार पिछड़े बालक की परिभाषा~

पुस्तक-THE BACKWARD CHILD

➖@ सिरिल बर्ट जी ने अपनी पुस्तक “The backward child” में कहा है कि ‘पिछड़ा हुआ बालक वह होते है, जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ हैं।

EQ ~ EDUCATIONAL QUOTIENT
[ शैक्षणिक लब्धि]
EA ~ EDUCATIONAL AGE
[ शैक्षणिक आयु ]
CA ~ CHRONOLOGICAL AGE
[ वास्तविक आयु] EA EQ = ------- × 100 CA *शैक्षणिक लब्धि*= EQ<85 EQ ~ एक बालक जिसकी शैक्षणिक लब्धि 85 से कम होती है तो वह पिछड़े बालकों की श्रेणी में आते हैं।@

🟤 पिछड़े बालक के प्रकार 🟤

  1. शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक
  2. मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक
  3. संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक
  4. शिक्षा के अभाव में पिछड़े हुए बालक
  5. वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े हुए बालक

🔹शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक ~ शारीरिक रूप से पिछड़े बालकों में ज्ञानेन्द्रियों से संबंधित कमजोरी और समस्या होती है।
जैसे – आंख में कमजोरी होना।
बहरापन का होना।
ऊंचा सुनना।
हकलाना।

🔹मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक ~ IQ < 60 जिन बालकों की बुद्धि लब्धि 60( IQ<60) से कम होती है। तो वे मानसिक रूप से पिछड़े होते हैं इसमें जड़ बुद्धि, मंद बुद्धि, मूढ़ बुद्धि बालक आते हैं।

🔹 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक ~ संवेगात्मक रूप से पिछड़े बालक वे होते हैं जिन्हें अपने माता-पिता, मित्रों, शिक्षकों से स्नेह नहीं मिलता है न ही उन्हें उनके द्वारा सहानुभूति दी जाती है। इन सब में केवल उन्हें तिरस्कृत किया जाता है, जिससे बच्चों में चिंता, तनाव, निराशा, उदासीनता की भावना उत्पन्न होती है जिसके कारण बच्चे संवेगात्मक रूप से पिछड़ जाते हैं ।

🔹शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक ~ बच्चों में सामान्य बुद्धि होने के बाद भी कुछ दूसरे कारण से अगर बच्चा विद्यालय में सही ढंग से शिक्षा प्राप्त करने में असमर्थ रहता है तो वह शैक्षिक रूप से पिछड़ जाता है।
बच्चे का शैक्षिक रूप से पिछड़ने का कारण कुछ भी हो सकता है, जेसे शिक्षक के द्वारा सही प्रकार से शिक्षा न दे पाना, समय का अभाव, कुछ बच्चे स्कूल भी नहीं जा पाते हैं तो वे किसी न किसी वज़ह से विद्यालय में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते।

🔹वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन ~ इसमें बालक के पिछड़े होने का कारण उसके परिवार की आर्थिक स्थिति और सामाजिक /संस्कृतिक वातावरण का सही से न मिल पाने के कारण बच्चा पिछड़ जाता है।
इस परिस्थिति में बालक का बुद्धि स्तर होते हुए भी बच्चा पिछड़ जाता है

🟤समाप्त 🤟🏻

🌼राधे राधे 🌼👏🏻


✏️Neha Roy✏️
📄पिछडा बालक 📄
पिछडा बालक विशिष्ट बालक का ही भाग है
बालक किसी कारण वश भी पिछड सकते है जैसे शारीरिक दोष के कारण मानसिक स्थिति के कारण मनद बुद्धि के कारण हो सकते हैं
✏️✏️सीरियल बट के अनुसार उनकी पुस्तक The Backward child में लिखा है✏️✏️
📄📄पिछडे बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु सतर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का काय् करने में असमर्थ हैं जैसे कोई बच्चा 8कलास का है मगर वो 7कलास का प्रशन हल नहीं कर पाता है वह पिछडे बालक में आएगा
✏️✏️EQ=EA/CA*100
EQ=Educational Quotient
EA=Educational Age
CA=Chronical Age
शैक्षिक लबघि=शैक्षणिक आयु /वास्तविक आयु *100
EQ जिसका 85 से कम है वो पिछडे बच्चे माने जायेगे
📝📝पिछडे बालक के प्रकार 🌸शारिरीक दोष के कारण पिछडे हुए बालक🌸
1.ःआखो की कमजोरी के कारण कुछ बच्चो को आँखो से देखने में परेशानी होती हैं जिससे वो पढ़ाई में पीछे हो जाते हैं
ज्ञानदियो के कारण जैसे बहरापन कोई बात सुनने में दिक्कत होती हैं ऊँचा सुनना हकलाना बोलते है तो बीच बीच में हकलाते है और सही से नहीं बोल पाते हैं
2.मानसिक दृष्टि के कारण
जिस बालक की IQ 60 से कम होती हैं वो बच्चे मूढ और जड बुद्धि बालक आते है
3.सवेगातमक दृष्टि से पिछडे बालक
ईसके अतगत बालक माता, पिता,शिक्षक,मित्र से स्नेह, सहानुभूति न मिलना, चिता, तनाव, निराशा, उदासीन के कारण बालक पिछड जाते हैं और चिता, तनाव, निराशा, उदासीन के शिकार हो जाते हैं
4.शिक्षा के अभाव में पिछडे बालक
सामान्य बुद्धि =विघालय में शिक्षा प्राप्त नहीं करते किसी कारणवश शिक्षा प्राप्त नहीं करते असमथ होते हैं
5.वातावरण और परिस्थितियों के कारण -ईस प्रकार के बालक वो होते हैं जिनके परिवार के आथिक सिथति, सामाजिक सिथति, सासकतिक वातावरण ठीक नहीं होता है ऐसे बालक बुद्धि का सतर होते हुए भी पिछड जाते है


🌺🌷Meenu Chaudhary 🌷🌺

🌈पिछड़े बालक : –
पिछड़े बालक , विशिष्ट बालक के ही एक भाग होते हैं |

🌻पिछड़े बालक का अर्थ : –
जो बालक शिक्षा, बुद्धि में सामान्य बालकों से से पीछे रह जाते हैं पिछड़े बालक कहलाते
हैं |

🌈पिछड़े बालक की परिभाषा –

🌹सिरिल बर्ट के अनुसार : –
सिरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक ” The backward child ” में कहाँ है कि पिछड़ा बालक वह है , जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर के कक्षा से एक नीचे की कक्षा के कार्य करने में असमर्थ हैं|

💐पिछड़े बालक की शैक्षणिक लब्धि ज्ञात करने का सूत्र : – EA

EQ= ——-×100
CA

EQ=Educational quotient
(शैक्षणिक लब्धि)
EA=Educational age
(शैक्षणिक आयु)
CA=Chronological age
(वास्तविक आयु)

EQ<85-
जिस बालक की शैक्षणिक लब्धि 85 से कम होती है वह पिछड़े बालक की श्रेणी में आते हैं |

🌹पिछड़े बालक के प्रकार : –

🏅शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक : –
शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक को शिक्षा में अभिरुचि होने लगती है और ये पीछे रह जाते हैं |
जैसे:-
🌷आंखों की कमजोरी
🌷बहरापन
🌷उच्च सुनना
🌷हकलाना
🏅मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक : –
IQ<60

जिन बालकों की बुद्धि लब्धि 60 से कम होती है वे बालक जड़ बुद्धि और मुड़ बुद्धि के अंन्तर्गत आते हैं |

🏅सवेगात्मंक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक :-
जिन बालकों को उनके माता-पिता , शिक्षक , मित्रों से स्नेह , सहानुभूति नहीं मिलती है ये चिंता, तनाव ग्रस्त, निराश होते हैं सवेगात्मंक दृष्टि से पिछड़े बालक कहलाते हैं |

🏅शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक : –
ऐसे बालक सामान्य बुद्धि होने के बावजूद भी विद्यालयी प्राप्त नहीं कर पाते हैं |

🏅वातावरण और परिस्तिथियों के कारण पिछड़े हुए बालक : –
जिन बालकों की आर्थिक , सामाजिक और सांस्कृतिक स्तिथि खराब होती है वे बालक बुद्धि का स्तर होते हुए भी पिछड़ जाते हैं |

🌹🌹🌹🌹Thank you 🌹🌹🌹🌹


🌺ritu yogi🌺

🌲 पिछड़ा बालक🌲

पिछड़ा बालक वह है जो किसी भी कारणवश किसी भी रूप में सामान्य बालकों को से पीछे रह जाता है

🎊 Siril vart…/… इन्होंने अपनी book …. 📖The backward child📖
मैं लिखा है कि पिछड़ा बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपने आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य नहीं कर पाता या असमर्थ रहता है

IQ= education quotient

EA= education age

CA= chronological age

IQ= EA/ CA×100

फॉर्मूला तैयार हुआ

🌲 पिछड़े बालक के प्रकार🌲

1️⃣ शारीरिक रूप से पिछड़े हुए बालक…
ऐसे balak आंख की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना ,हकलाना आदि कारणों से पिछड़े रह जाते हैं!

2️⃣ मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक…..
मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक vah होते हैं जिनका आइक्यू (बुद्धि बुद्धि) लब्धि 60 से कम होती है जिसके अंतर्गत मूढ बुद्धि के बालक आते हैं!

3️⃣ संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक…. इसके अंतर्गत ऐसे बालक जो भावनात्मक रूप में पिछड़ जाते हैं जैसे कि...

1…. माता पिता,शिक्षक, मित्र इनसे स्नेह or सहानुभूति ना मिल पाना !
2… तिरस्कार मिलना…..
जिसके कारण बच्चों में चिंता ,तनाव ,निराशा, उदासीनता उत्पन्न हो जाती है, जिसके फलस्वरूप बच्चे परिवार से दूर रहने लगते हैं!
4️⃣ शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक…… ऐसे बालक जो सामान्य होते हुए भी किसी कारण से विद्यालय में शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते तथा अन्य कारणवश विद्यालय में अनुपस्थित रहते हैं इस प्रकार बालक अपने साथियों की तुलना में पिछड़ जाते हैं!

5️⃣ वातावरण और परिस्थितियों के कारण…..1.. आर्थिक स्थिति.. 2... सामाजिक/ सांस्कृतिक जिन बच्चों के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होती है ,तो यह आर्थिक स्थिति उन बच्चों के पिछड़ेपन का कारण बनती हैं तथा

….सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण उचित ना होने के कारण अच्छी बुद्धि स्तर वाले बालक का बुद्धि स्तर bhi पिछड़ जाता है और वह पिछड़े बालक की श्रेणी में आ जाते हैं! 🙏🏻 समाप्त🙏🏻 🙏🏻धन्यवाद🙏🏻

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✍🏻✍🏻✍🏻Menka patel ✍🏻✍🏻✍🏻

🌈 पिछड़ा बालक🌈

“पिछड़े बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग होता है”
पिछड़े वाला सामान बालक से पीछे होते हैं यह अपनी आयु के बालकों के कार्य भी नहीं कर पाते हैं

🍁सिरिल वर्ट ने अपनी पुस्तक में (backward child) ने कहा है कि पिछड़ा बालक हुआ है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर के कक्षा से एक नीचे की कक्षा के कार्य करने में असमर्थ हैं

EQ= (EA/CA)*100

EQ = Educational quotient ( शैक्षिक लब्धि)

EA = Educational age ( शैक्षिक आयु)

CA = Chronological age (वास्तविक आयु)

” जिन बालकों की शैक्षणिक लब्धि पचासी से कम होती है वह पिछड़े बालक की श्रेणी में आते हैं

⭐ पिछड़े बालक के प्रकार:-

🍁 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक:- जिन बालकों की के अंदर शारीरिक दोष या जैसी समस्या आती हैं जैसे कि आंखों की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना, हकलाना इत्यादि

🍁 मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक :– इस प्रकार के बालक जिनकी बुद्धि लब्धि 60 से कम होती है खुद से सोचने समझने की क्षमता नहीं होती है जैसे जड़ बुद्धि वाला मूड बुद्धि वाला आदि

🍁 संवेगात्मक रूप से पिछड़े बालक:- ऐसी बालक जो अपने माता पिता अभिभावक मित्र से इसमें तथा सहानुभूति नहीं मिलती है बल्कि उन्हें तिरस्कृत किया जाता है जिसके कारण से बच्चे के अंदर चिंता, निराश , उदासीनता आ जाती है बच्चे संवेगात्मक रूप से पिछड़ जाते हैं

🍁 शिक्षा के अभाव से पिछड़े बालक:–
ऐसे वाला जिनके अंदर बुद्धि होने के बावजूद भी किसी कारण से पीछे रह जाते हैं और वह स्कूल ज्ञान उन्हें नहीं मिल पाता है तथा सामान्य बालकों की तुलना मे शिक्षा नहीं मिल पाती है

🍁 वातावरण उपस्थिति के कारण:–
बच्चे सामाजिक वातावरण में भी सामान बच्चों से पीछे रह जाते हैं बुद्धि स्तर होते हुए भी पीछे रहते हैं तथा सांस्कृतिक और आर्थिक स्थिति से बच्चे पीछे रहते हैं सामाजिक भेदभाव जैसे कि लड़कियों को स्कूल नहीं भेजना आदि बाल मजदूरी इन सब से बच्चे पीछे रहते हैं और पिछड़े बालक की श्रेणी में आ जाते हैं

🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁⭐🍁


पिछड़ा बालक 🌺 ऐसा बालक जो किसी भी रूप से अर्थात शारीरिक ,मानसिक, सामाजिक, आर्थिक रूप से किसी सामान्य बालक से पीछे है तो वह बालक पिछड़ा बालक के अन्तर्गत आएगा । सरल भाषा में इसे विशिष्ट बालक का ही एक भाग कह सकते है। जैसे-

👉एक बालक सोनू जो कक्षा में हमेशा अच्छे अंकों के साथ पास होता है लेकिन वह स्पष्ट रूप से बोल नहीं पता है सरल भाषा में भाव प्रगट नहीं कर पाता ।तो यह भी पिछड़ा बालक में ही आएगा।👈।

🙋पिछड़े बालक को निम्न प्रकार से वर्गीकृत किया गया है :।

🩸 शारीरिक रूप से
🩸मानसिक रूप से
🩸 शैक्षिक रूप से
🩸 संवेगिक रूप से
🩸विभिन्न परिस्थितियों व वातावरण के कारण

🌺 शारीरिक रूप से पिछड़े बालक –
ऐसे बालक जो शारीरिक रूप से कमजोर होते है या दिव्यांग होते है वो पिछड़े बालक में आते है। जैसे – कम दिखाई देना , कम सुनना, हमेशा बीमार रहना , स्पस्ट ना बोल पाना , ।

🌺 मानसिक रूप से पिछड़े बालक –
ऐसे बालक जिनकी बुद्धि लब्धी 60 से कम हो , जो सामान्य बालक के समान सोच नहीं सकते है । जड़ , मूर्ख ।

🌺शैक्षिक रूप से पिछड़े बालक –
ऐसे बालक जो किसी अन्य बाहरी समस्या के कारण शिक्षा नहीं ले पाते या पूरी नहीं कर पाते हैं।

👉🏿सिरिल बर्ट के द्वारा लिखी बुक ” The backward child ” है जिसमें इन बालको के लिए लिखा है की

👉”वह बालक जो आपने जीवन के मध्य में आपनी आयु स्तर की कक्षा के एक स्तर नीचे की कक्षा का कार्य कर । पाने में सक्षम न हो पिछड़ा बालक कहलाता है।”👈

इनके द्वारा प्रतिपादित सूत्र EQ= EA. / CA. *100 जहा EQ - Educational Quotient (शैक्षणिक लव्धि) CA- Chronological age ( वास्तविक आयु) EA- Educational age (शैक्षणिक आयु)

🌺 संवेगीक रूप से पिछड़े बालक –
ऐसे बालक जो परिवार या समाज द्वारा तिरस्कृत किए गए हो जिसके कारण उनमें हीन भावना आ जाती है और उनका संवेगात्मक विकास नहीं हो पाता है ।

🌺 परिस्थितियों और वातावरण के कारण –
ऐसे बालक जिनको उचित वातावरण नहीं मिल पाया और कुछ परिस्थितियों के कारण भी वह आगे नहीं बढ़ पाए जिससे वह पिछड़े बालक में आ जाते है । 🙏=_==_==_==_==_=🙏

Notes by – Shubha dwivedi


🌺Notes by- Abhilasha pandey 🌺
✍🏻पिछड़े बालक✍🏻
पिछड़े बालक विशिष्ट बालक की श्रेणी के अंतर्गत ही आते हैं पिछड़े बालक वह होते हैं जो किसी कारण बस अपनी उम्र के अनुसार अपनी शैक्षिक योग्यता में कम होते हैं अर्थात यह कह सकते कि उनकी जितनी उम्र है उससे कम उम्र का कार्य करने में भी सक्षम नहीं होते हैं उनके इस पिछड़ापन का कारण शारीरिक मानसिक या अन्य कारण हो सकते हैं
✍🏻 सिरिल वर्ट-सिरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक The backword child me अपने विचार इस प्रकार प्रस्तुत किए हैं
पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।🌺
पिछड़े बालक के संबंध में शैक्षिक लब्धि ज्ञात करने का सूत्र निम्नानुसार है
EQ= educational quotient(शैक्षिक लब्धि)
E.A= Education age(शैक्षणिक आयु)
C.A= chronological age (वास्तविक आयु)
🌺 EQ अगर किसी बच्चे की 85 से कम है तो वह पिछड़े बालक माने जाते हैं!
शैक्षणिक लब्धि ज्ञात करने का सूत्र
EQ= E.A/C.A×100
🌺 पिछड़े बालक के प्रकार🌺
1- शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए-शारीरिक अक्षमता के कारण कुछ बालक सही तरीके से शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं और वह अन्य सामान्य बालकों की तुलना में पिछड़ जाते हैं ।
🌺 आंख की कमजोरी-आंखों में सही तरीके से स्पष्ट रूप से दिखाई ना देने के कारण बालक शिक्षक द्वारा लिखे हुए शब्दों को सही तरीके से नहीं देख पाता और ना समझ पाता है उसे लिखने और पढ़ने मे कठिनाई होती है और इस कारण वह शिक्षा में पीछे रह जाते हैं।
🌺 बहरापन व ऊंचा सुनाई देना-बालकों में विद्यमान यह समस्या उनकी शिक्षा में एक जटिल प्रभाव डालती हैं इससे वह अधिगम प्राप्त करते समय सही तरीके से नहीं सुन पाते और ना ही समझ पाते हैं जिसके कारण उनमे पिछड़ापन आता है।
🌺 हकलाना- बालकों के पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण है इस समस्या के कारण बालक शिक्षक के सामने अपने विचारों को सही तरीके से प्रस्तुत नहीं कर पाते हैं और उनमें हीन भावना उत्पन्न होती है उन्हें ऐसा लगता है कि उनके द्वारा बोले गए शब्दों से वह अन्य बालकों के सामने हंसी का पात्र बनेंगे जिससे वह चाह कर भी अपनी बातों को शिक्षक के सामने प्रस्तुत नहीं कर पाते जो कि पिछड़ापन के एक प्रमुख कारणों है।
✍🏻 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक-🌺 ऐसे बालक जिनका IQ 60 से कम है वह मूढ बुद्धि और जड़ बुद्धि के अंतर्गत आते हैं मानसिक रूप से पिछड़े बालक अन्य सामान्य बालकों की तुलना में चीजों को जल्दी नहीं समझ पाते हैं और ना ही तर्क और रचनात्मक तरीके से कार्य को कर पाते हैं।
🌺 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक-
✍🏻 माता-पिता शिक्षक मित्र से स्नेह एवं सहानुभूति ना मिलने के कारण बालक संवेगात्मक रूप से पिछड जाते हैं
🌺 समाज द्वारा तिरस्कार मिलना
🌺 चिंता तनाव निराशा उदासीनता के कारण भी बालक संवेगात्मक रूप से पिछड़ जाते हैं
🌺 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक- 1- विद्यालय में सही तरीके से शिक्षा प्रदान नहीं करने एवं बालकों के विचारों को मान्यता प्रदान ना करने से बालक संवेगात्मक रूप से कमजोर हो जाते हैं
2-अभिभावक द्वारा घर पर बालकों की पढ़ाई पर पर ध्यान ना देना
3-स्कूल में समय पर ना पहुंचना सही समय पर बालकों का स्कूल में प्रवेश ना होने के कारण अन्य की तुलना में पिछड़ जाते हैं
🌺🌺 वातावरण और परिस्थितियों के कारण-
🌺 आर्थिक स्थिति का ठीक ना होना पढ़ाई में समस्या उत्पन्न करता है
💐सामाजिक सांस्कृतिक कारण पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण है इसमें लड़के लड़कियों में भेद जैसे लड़कियों को लड़कों की भांति पढ़ाई की ओर उन्नत न करना लड़कियों को घर के कार्य में लगाना और पढ़ाई से वंचित रखना अर्थात रूढ़िवादी भावना बुद्धि का स्तर समान होने के कारण भी पिछड़ जाते है।
🌺🌺🌺🌺🌺🌺✍🏻🌺🌺🌺 धन्यवाद
🌺


✍🏻 Notes by – pooja

📌 पिछड़े बालक (Backward Children’s):–

“पिछड़े बालक वे बालक होते है जो शिक्षा प्राप्त करने में सामान्य बालक से किसी न किसी रूप में पीछे रह जाते है , तो ऐसे बालक पिछड़े बालक कहलाते है । अर्थात् “ पिछड़े बालक विशिष्ट बालक का एक भाग है“।

📌 सीरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक – ” The Backward child ” मे ये कथन दिया कि –
“पिछड़ा हुआ बालक वह जो खुद के जीवन के माध्यम/बीच में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक निचली कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।”

📌 *पिछड़े बालक की मानसिक आयु ज्ञात करने का सूत्र – *EA* *EQ = _______ ×100* *CA*

EQ = Educational Quotient (शैक्षाणिक लब्धि)

EA = Educational Age
( शैक्षिक आयु)

CA =chronological Age
( वास्तविक आयु)

सूत्र के अनुसार–
“यदि बालक की शैक्षणिक लब्धि 85 से कम है , तो वो पिछड़े बालक की श्रेणी में आएंगे।”

📌 पिछड़े बालक के प्रकार–
पिछड़े बालक के निम्न प्रकार है–

📍 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक–
इसमें बालक की ज्ञानेंद्रियां सही प्रकार से कार्य नहीं कर पाती है जैसे:–आंख की कमजोरी , बहरापन या ऊंचा सुनना , हकलाना या तुतलान , किसी शारीरिक विकलांता के कारण आदि।

📍 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक–
इसमें पिछड़े बालक की बुद्धि–लब्धि 60 से कम होती है ।तथा इसके अन्तर्गत जड़, मूढ़, मंद बुद्धि जैसे बालक आते है।

📍 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक–
संवेदनात्मक रूप से पिछड़े बालक वो होते है जिनके माता–पिता, अभिभावकों, शिक्षकों , मित्रो आदि से तिरस्कार प्राप्त होता है तथा स्नेह/ सहानुभूति प्राप्त नहीं होती है ।
जिससे बालक में चिंता , निराशा, उदासीनता, तनाव , अकेलापन आदि का भाव महसूस करने लगता है और बालक पढ़ाई के क्षेत्र में पिछड़े रह जाते है।

📍 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक–
सही समय पर विद्यालय में प्रवेश न मिल पाना, विद्यालय में अध्यापकों के द्वारा ध्यान ना दे पाना आदि कारणों से शिक्षा से पिछड़े रह जाते है।

📍 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े बालक–
वातावरण और पारिस्थितिक के कारण भी बच्चा पिछड़ा रह जाता है जिसके निम्न कारण है–

★ आर्थिक स्थिति खराब होना।

★माता–पिता का एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर होना।

★समाजिक व सांस्कृतिक वातावरण न मिल पाना।

इन सबके अभाव में बालक का बुद्धि स्तर अच्छा होने के कारण भी शिक्षा में पिछड़ जाते है ।


👨‍💼 पिछड़ा बालक👨‍💼
पिछड़ा बालक विशिष्ट बालकों की श्रेणी में आते हैं। ऐसी बालक अपने से कम उम्र की कक्षा के सवाल भी हल नहीं कर पाते हैं। पिछड़े बालक की पिछड़ने के विभिन्न कारण हो सकते हैं जैसे शारीरिक मानसिक आदि।

✍🏻 सीरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक द बैक वर्ल्ड चाइल्ड मैं कहां है कि पिछड़ा बालक वह है जो खुद के जीवन के बीच में अपनी आयु स्तर की कक्षा से नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।
पिछड़े बालक की शैक्षिक लब्धि ज्ञात करने का सूत्र निम्न है:-

EQ=EA/CA×100
EQ=Educational quotient (शैक्षिक लब्धि)
EA=Educational age(शैक्षणिक आयु)
CA:-choronalgical age

💥 पिछड़े बालक के प्रकार💥

1️⃣ शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक आंख की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना शारीरिक दोष के कारण होता है जिसके कारण बालक पिछड़ जाता है।

2️⃣ मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक:-ऐसे बालक जिनका आइक्यू60 से कम होता है ऐसे बालक मूढ़ बुद्धि या जड़ बुद्धि के अंतर्गत आते हैं।
ऐसे बालक किसी के द्वारा बताई गई बातों को जल्दी समझ नहीं पाते हैं जिससे वह पिछड़ जाते हैं

3️⃣ संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक:- ऐसी बालक माता-पिता से या मित्रों से या शिक्षकों से स्नेह सहानुभूति ना मिलने के कारण या तिरस्कृत होने के कारण बालक मैं चिंता, तनाव, निराशा, उदासीनता आ जाती है जिससे बालक परिवार व समाज से अलग होने लगता है और वह पिछड़ता चलाजाता है।

4️⃣ शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक:-विद्यालयों में सही ढंग से शिक्षा ना देने बा बालकों की बातों को मान्यता ना देने से बालक पिछड़ता चला जाता है उसी विद्यालय में अपने होने या ना होने का कोई महत्व समझ में नहीं आता है। वह सोचने लगता है की शिक्षक मुझे कोई रिस्पांस नहीं दे रहा है जिससे वह चिंता में वह तनाव में रहने लगता है वह अपने डाउट भी नहीं पूछता है जिससे‌ वह पिछ्डता चला जाता है।

5️⃣ वातावरण और परिस्थितियों के कारण:-वातावरण और परिस्थितियों के कारण भी बालक पिछड़ जाते हैं
माता पिता आर्थिक तंगी के कारण समय से पहले घर से बाहर निकल जाते हैं आम दानी के लिए बालक स्कूल गया है या नहीं इससे इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कभी-कभी तो ऐसा भी होता है की बालक को भी अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए माता पिता अपने साथ मजदूरी करने के लिए ले जाते हैं जिससे बालक 7-7 ,8-8 दिन के बाद स्कूल आता है जिससे वह बहुत से क्षेत्रों में बिछड़ जाता हूं।

6️⃣ सामाजिक सांस्कृतिक कारण:-सामाजिक सांस्कृतिक कारण पिछड़ेपन का एक प्रमुख कारण हैं जो हमें ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा देखने को मिलता है इसमें लड़के व लड़कियों में भेदभाव किया जाता है बेटियों को यह कहकर ज्यादा स्कूल नहीं भेजा जाता की आगे तो तुम्हें घर के ही काम करने हैं🔅🔅🔅🔅
✍🏻✍🏻Notes by-Raziya khan✍🏻✍🏻


By Vandana Shukla

🏵️ पिछड़ा बालक 🏵️
🏵️ Backward child 🏵️

पिछड़ा बालक विशिष्ट बालक का ही एक भाग है ।
पिछड़ा बालक मानसिक, शारीरिक, बौद्धिक , सामाजिक, अथवा किसी भी क्षेत्र में सामान्य बालक से कम हो या एक स्तर नीचे हो उसे पिछड़ा बालक कहते हैं क्योंकि जब हम विशिष्टता की बात करते हैं तो यह कुछ ना कुछ सामान्य से अलग ही होते हैं।

🌸 सीरिल बर्ट siril burt

Book The backward child

सीरिल बर्ट की पुस्तक द बेकवर्ड चाइल्ड के अनुसार

पिछड़ा बालक वह बालक है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।

EQ = Educational Quotient

EA = Educational Age

CA = Chronicle Age

सीरिल बर्ट के अनुसार

EQ < 85 = पिछड़ा बालक

ऐसे बालक जिनकी EQ 85 से कम होती है उन्हें पिछड़ा बालक की श्रेणी में रखते हैं

यहां
EA
EQ = ➖➖➖ × 100
CA

📌 पिछड़े बालक के प्रकार

📍 शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए
ऐसे बालक जिनकी ज्ञानेंद्रियां ठीक से काम नहीं कर रही है जैसे आंख की कमजोरी ,
बहरापन – कम सुनना, ऊंचा सुनना ।
मूक , हकलाना यह सारी कमियां शारीरिक रूप से पिछड़े बालक की होती हैं।

📍 मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक
ऐसे बालक जिनकी IQ 60 से कम होती है मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक की श्रेणी में आते हैं

IQ < 60

मूढ़ बुद्धि , जड़ बुद्धि मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक की श्रेणी में आते हैं।

📍 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक
माता-पिता , मित्रों, शिक्षकों से स्नेह नहीं मिलना , सहानुभूति नहीं मिलना , किसी के द्वारा उनका तिरस्कार होना।
इन सब कारणों से भी बच्चा संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक की श्रेणी में आ जाता है।

📍 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक
ऐसे बालक जो किसी भी कारणवश शिक्षा से वंचित होते हैं इस श्रेणी में आते हैं।

माता-पिता द्वारा बच्चों को स्कूल ना भेजना ,
शिक्षा के समय अन्य काम करना, स्कूल से नाम कटवा देना आदि।

📍 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन
आर्थिक स्थिति वो पालक जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं और अपने बच्चों को विद्यालय नहीं भेज पाते।ऐसे बालक इस श्रेणी में आते हैं।

सामाजिक सांस्कृतिक वातावरण वह बालक जो सामाजिक सांस्कृतिक रूप से समाज में स्वीकार नहीं होते इस श्रेणी में आते हैं। ☘️ धन्यवाद☘️


✍️ जूही श्रीवास्तव ✍️

🌺 पिछड़ा बालक (Backward Child) 🌺

पिछड़ा बालक :- (सामान्य से भी पीछे)
” पिछड़े बालक, विशिष्ट बालकों का ही एक भाग है।”
पिछड़े बालक, उन बालकों को बताया गया है जो अपने जीवन के विभिन्न कारणों के चलते एवं निम्न शैक्षिक लब्धि होने के कारण भी औसत से भी निम्न बालकों से पीछे रह जाते हैं एवं अपनी कक्षा का और अपने से नीचे कक्षा का कार्य भी नहीं कर पाते हैं।
सिरिल वर्ट नामक वैज्ञानिक ने पिछड़े वर्गों पर विशेष अध्ययन किया है। अतः इन्होंने “THE BACKWARD CHILD” नामक अपनी पुस्तक में बताया है कि-
“पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।”
अतः पिछड़े बालक की शैक्षिक लब्धि ज्ञात करने के लिए निम्नलिखित सूत्र दिया गया है- EA EQ = ----------- × 100 CA

EQ = Educational Quotient
(शैक्षणिक/शैक्षिक लब्धि )
EA = Educational Age
(शैक्षणिक आयु)
CA = Choronological Age
(वास्तविक आयु)

अतः बताया गया कि शैक्षिक लब्धि 85 से भी कम है, तो ऐसे बालक पिछड़े बालक की श्रेणी में आते हैं
🌺पिछड़े बालकों के प्रकार🌺
पिछड़े बालकों के निम्नलिखित प्रकार हैं :-

  1. शारीरिक दोष के कारण पिछड़े बालक:- जैसे आंखों की कमजोरी, बहरापन, हकलाना ऐसे बालकों की ज्ञानेन्द्रियां ठीक से काम नहीं करतीं हैं अर्थात ऐसे बालकों में शारीरिक विकलांगता पाई जाती है।
  2. मानसिक रूप से पिछड़े बालक:- ऐसे बालकों की [बुद्धि लब्धि IQ 60] से कम होती है। इनके अंतर्गत जड़ बुद्धि, मूढ़ बुद्धि एवं मानसिक मंदता जैसे बालक आते हैं।
  3. संवेगात्मक रूप से पिछड़े बालक:- जिन बालकों को माता-पिता शिक्षक मित्रों आदि से स्नेह और सहानुभूति ना मिलने के कारण और सिर्फ तिरस्कार मिलने के कारण भी ये पिछड़ जाते हैं।
    इनमें अपने कार्यों जीवन के प्रति उदासीनता चिंता तनाव और निराशा बनी रहती है जिस कारण से ये शैक्षणिक क्षेत्रों में पिछड़ जाते हैं।
  4. शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक:- ऐसे बालक सामान्य बुद्धि के होने के बावजूद भी कुछ सामाजिक आर्थिक प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण अपने शिक्षा में पिछड़ जाते हैं।
  5. वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन:- सामाजिक, सांस्कृतिक वातावरण, आर्थिक आदि विभिन्न प्रतिकूल परिस्थितियों के कारण से भी ये पिछड़ जाते हैं। इनकी बुद्धि का स्तर कुछ ठीक होने के बावजूद भी ये बालक पीछे रह जाते हैं। अर्थात इन्हें अनुकूल वातावरण न मिल पाने के कारण ये पिछड़ेपन की श्रेणी में आ जाते हैं।

By Ashwany Dubey

🌻 पिछड़े बालक🌻

✍️पिछड़ा बालक वह है जो सामान्य बालक से किसी भी क्षेत्र मे जैसे कि आर्थिक, सामाजिक मानसिक, शारीरिक, शैक्षिक क्षेत्र मे कमजोर है या पीछे है!

✍️अन्य शब्दों मे कहा जाए तो वह बालक जो विशिष्ट बालक का ही एक भाग है या विशिष्ट बालकों की श्रेणी मे आता है तो उसको भी पिछड़ा बालक कहना उचित हो सकता है!

🌼 सिरिल बर्ट के अनुसार

“पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य मे अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा के कार्य को करने में समर्थ नहीं है!”

👉सिरिल बर्ट ने अपनी पुस्तक => THE BACKWARD CHILD के द्वारा पिछड़े बालकों पर प्रकाश डाला है!
(🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦🔦)

✍️ सिरिल बर्ट द्वारा बालक की शैक्षिक लब्धि (Educational Quotient) का सूत्र दिया गया=>

EQ(Educational Quotient/शैक्षिक लब्ध)

EA(Educational Age-शैक्षणिक आयु) ×100
=————————————-
CA(Chronological Age- वास्तविक आयु)

🌷 पिछड़े बालक के प्रकार 🌷

1)शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक =>

🌷 ऐसे बालक जो आंखों की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना या किसी भी शारीरिक गतिविधि मे मंदता का अनुभव करते है उनको पिछड़े बालक की श्रेणी मे लिया जाता है!

2)मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक =>

🌷 वो बालक जो मानसिक रूप से पिछड़े है जिनकी बुद्धि लब्धि (Intelligence quotient-IQ)<60 होता है!
इनके अंतर्गत जड़बुद्धि, मूढ़ बुद्धि बालक आते है!

3)संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक =>

🌷 ऐसे बालक जिनको भावनात्मक रूप से सहारा ना मिलता हो जैसे कि माता – पिता, शिक्षक, मित्र से स्नेह, अच्छा व्यवहार ना प्राप्त होना और जरूरत होने पर सहानभूति ना मिलना!
इसके बदले उनको तिरस्कार मिलना, परिणाम स्वरूप उन बालाकों मे चिंता, हीनता, तनाव की भावना की उत्पत्ति का प्रदर्शित होना!

4) शिक्षा के अभाव मे पिछड़े बालक =>

🌷 ऐसे बालक जिनको सही उम्र मे सही शिक्षा से वंचित रहना पड़ा जैसे कि वे बालक जिनपर किसी की दृष्टि नहीं जाती वो अपनी ही दुनिया मे खोए रहते है!

5) वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन =>

🌷 आर्थिक स्थिति के कारण, सामाजिक सांस्कृतिक वातावरण के कारण, कयी बच्चे बुद्धि का स्तर सामान्य होते हुए भी पिछड़ जाते है!

Notes by Ashwany Dubey


📚Noted by: Soni Nikku✍

🐾🍁पिछड़ा बालक (Backward children)🍁🐾

🌷पिछड़ा बालक, विशिष्ट बालक का एक भाग है, जो किसी न किसी रूप में समान्य बालक से पिछे है।

☘According to सीरिल बर्ट- “पिछड़ा बालक वह है, जो खुद के जीवन के मध्य/बीच में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।”
👉इन्होंने THE BACKWARD CHILD में पिछड़े बालक से संबंधित पुस्तक लिखे थे।

🌹EQ:- Educational quotient (शैक्षणिक लब्धि)

🌹EA:- Educational Age (शैक्षणिक आयु)

🌹CA:- Chronological Age (वास्तविकआयु)

💫EQ<85 (शैक्षणिक लब्धि 85 से कम हो, वो पिछड़ा बालक होगा।) 🦚EQ=(EA/CA)×100🦚

🌈पिछड़े बालक के प्रकार🌈

🎪शारीरिक दोष के कारण-
🌿आँख की कमजोरी
🌿बहरापन
🌿ऊँचा सुनना
🌿हकलाना

🎪मानसिक दृष्टि के कारण-
🌿IQ<60

🎪 संवेगात्मक दृष्टि से-
🌿तिरस्कार मिलना
🌿स्नेह/सहानुभूति न मिलना

🎪शिक्षा के अभाव से-
🌿वैसे बच्चे जो किसी भी सामाजिक- सांस्कृतिक या आर्थिक स्थिति के कारण स्कूल या संस्था में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं।

🎪वातावरण और परिस्थितियों से-
🌿आर्थिक स्थिति
🌿सामाजिक- सांस्कृतिक स्थिति

🐥अंतः हम यह कह सकते हैं कि, बुद्धि का स्तर होते हुए भी पिछड़ जाते है।🐥 🙏Thanku😊


✍🏻 Shashi choudhary🌺

🍁 पिछड़े बालक

ऐसी बालक जो कक्षा में बुद्धि तथा शिक्षा प्राप्त करने में सामान्य बालक को से पीछे रह जाते हैं उन्हें पिछड़ा बालक कहते हैं।

पिछड़ा बालक विशिष्ट बालक का एक भाग है।

🍁पिछड़े बालक की परिभाषा🍁

सिरिल बर्ट के अनुसार:-

Book- The Backward Child

” पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य मैं अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है “।

अर्थात कोई बालक कक्षा पांचवी में पड़ता है और वह तीसरी या चौथी कक्षा के कार्यों को या सवालों को करने में असमर्थ है तो वह बालक पिछड़ी बालकों की श्रेणी में आता है।

🍁 पिछड़े हुए बालों का की शैक्षणिक का सूत्र
EA
EQ=————*100
CA

EQ= Educational quotient
(शैक्षणिक लब्धि)

EA= Educational age
(शैक्षणिक आयु )

CA= Chronological age
( वास्तविक आयु)

EQ 85 से कम है तो बालक पिछड़े बालक की श्रेणी में आएगा।

🍁 पिछड़े बालक के प्रकार:-

1- शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक।
2- मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक।
3- संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक।
4- शिक्षा के अभाव से पिछड़े बालक।
5- वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़े बालक।

🍁 शारीरिक दोष के कारण पिछले वाला करें:-

जैसे :-आंखों की कमजोरी, बहरापन, ऊंचा सुनना ,हकलाना या तुतलाना।

🍁मानसिक दृष्टि से पिछड़े बालक:-

इस प्रकार के बालों को की बुद्धि लब्धि 60 से कम होती है इसके अंतर्गत जड़ बुद्धि वाले बालक आते हैं।

🍁 संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक:-

इस प्रकार के बालक भी वाले होते हैं जिन्हें अपने माता-पिता शिक्षक मित्रों आदि से इसने वह सहानुभूति नहीं मिलती है वह तरिस्कार मिलता रहता है।
तथा ऐसे बालकों में चिंता ,तनाव निराशा तथा उदासीनता देखने को मिलती है।

🍁 शिक्षा के अभाव में पिछड़े बालक:- ऐसी बालक जो सामान्य बुद्धि के होते हुए भी किन्हीं कारणों से विद्यालय में शिक्षा प्राप्त नहीं कर पाते हैं। बुद्धि का स्तर होते हुए भी पिछड़े हुए हैं।

🍁 वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन:- इस प्रकार के बालक की पारिवारिक स्थिति अच्छी नहीं होती है जैसे :-आर्थिक स्थिति, सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण ठीक नहीं होता है । 💫💫💫💫💫


पिछड़े बालक

ऐसे बालक जो किसी न किसी कारण वंश सामान्य बालक से पीछे हैं चाहे वह कारण सामाजिक, मानसिक, शारीरिक, संवेगात्मक, वातावरणीय हो सकता है।

सीरिल बर्ट – सीरील बर्ट ने अपनी किताब द बेकवर्ड चाइल्ड the backward child में पिछड़े बालक की परिभाषा निम्न प्रकार दी।

पिछड़ा हुआ बालक वह है जो खुद के जीवन के मध्य में अपनी आयु स्तर की कक्षा से एक नीचे की कक्षा का कार्य करने में असमर्थ है।

इन्होंने इसे शैक्षणिक लब्धि EQ के आधार पर दिया।

EQ – Educational Quotient शैक्षणिक लब्धि
EA- Educational Age शैक्षिक आयु
CA – Chronological Age वास्तविक आयु

EQ = (EA/CA )*100

सीरील बर्ट के अनुसार ऐसे बालक जिनकी शैक्षणिक लब्धि EQ 85 से कम है वह पिछड़े बालक है EQ<85 पिछड़े बालक के प्रकार---

1.शारीरिक दोष के कारण पिछड़े हुए बालक –
ऐसे बालक किसी ने किसी शारीरिक कमजोरी से ग्रस्त होते हैं
👉आंख की कमजोरी जैसे किसी बालक को दूर दृष्टि दोष, निकट दृष्टि दोष या जरा दृष्टि दोष से पीड़ित होने पर वह पिछड़े बालक होगा ।
👉बहरापन :-ऐसे बालक को सुनाई कम देता है या बिल्कुल सुनाई नहीं देता है बहरा हो सकता है
👉ऊंचा सुनना
👉हकलाना :-ऐसे बालक को को अपने विचारों को लिपिबद्ध करने में अभिव्यक्ति करने में परेशानी होती है इनको बोलने में कठिनाई आती है

2.मानसिक दृष्टि से पिछड़े हुए बालक :-ऐसे बालक जिनकी बुद्धि लब्धि 60 से कम होते हैं वह पिछड़े बालक कहलाते हैं। जैसे मूढ़ बुद्धि बालक, जड़ बुद्धि बालक
IQ<60

3.संवेगात्मक दृष्टि से पिछड़े बालक- ऐसे बालकों को माता- पिता ,शिक्षक ,मित्र से आवश्यक सहानुभूति ,स्नेह मिलने का अभाव होता है या इनका तिरस्कार किया जाता है ,उपेक्षा की जाती है।

4.शिक्षा के अभाव में पिछड़े हुए बालक -ऐसे बालक सामान्य बुद्धि वाले होते लेकिन किसी ने किसी कारण से यह विद्यालय में शिक्षा प्राप्त करने में पिछड़ जाते जैसे किसी बालक को 15 दिनों के लिए बाहर घूमने ले जाया गया और विद्यालय की छुट्टी कराए गए या शादी में घुमाया गया। इससे वह अपने साथियों से शिक्षा में पिछड़ गया ।

5.वातावरण और परिस्थितियों के कारण पिछड़ापन- आर्थिक स्थिति- जिन बालकों की आर्थिक स्थिति खराब होती है तो उनको पर्याप्त अवसर ,पर्याप्त साधन समय नहीं मिल पाता है इस कारण वह पिछड़ जाते
उनको उपयुक्त सांस्कृतिक , सामाजिक वातावरण नहीं मिल पाता है इसलिए यह बालक सामान्य बुद्धि स्तर का होते हुए भी पिछड़ जाते हैं।

Notes by Ravi kushwah

By admin

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