📖 📖 एकतंत्रीय व लोकतंत्रीय विधियाँ 📖 📖

🌻🌿🌻 एकतंत्रिका प्रणाली🌻🌿🌻
एक ऐसी शिक्षण प्रणाली है, जिसके अंतर्गत शिक्षा पूर्णता सक्रिय रहता है। और छात्र एक निष्क्रिय श्रोता की तरह शिक्षक की बातों को सुना करते हैं, ऐसी प्रणालियों को एक तंत्र प्रणाली में रखा गया है।
इस प्रणाली के अंतर्गत कई विधियों को रखा गया है, जिसका वर्णन निम्नलिखित है~

1. कहानी कहने की पद्धति,
2. व्याख्यान पद्धति,
3. प्रदर्शन विधि,
4.ट्यूटोरिकस् विधि।

🍂🍃 कहानी कहने की पद्धति~
इस पद्धति के अंतर्गत शिक्षक कहानी कहने के रूप में शिक्षण करवाता है। इसमें शिक्षक पाठ को कहानी की तरह सुनाता है, और छात्र उस कहानी को सुनते हैं। इसमें छात्र केवल शिक्षक की कहानियों को सुनते ही हैं, और कोई प्रतिक्रिया नहीं करते हैं।

🍃🍂 व्याख्यान पद्धति~
व्याख्यान विधि के अंतर्गत शिक्षक किसी विषय वस्तु के संबंधित उसका व्याख्यान करता है अर्थात उसके बारे में बताता है, इसमें शिक्षक अपने अनुसार कार्य करता है। जैसा शिक्षक के लिए उपयुक्त व शिक्षक वैसे ही कार्यों को अपनाता है।

🍂🍃 प्रदर्शन विधि~
प्रदर्शन विधि के अंतर्गत शिक्षक बच्चों को विषय वस्तु से संबंधित प्रदर्शन कराता है, जिसमें किसी संरचना कार्यप्रणाली दृश्य को स्पष्ट रूप से दिखा कर काम कराया जाता है। इसमें छात्र इंद्रियों के माध्यम से जटिल प्रक्रियाओं का सरलता से बोध कर पाता है, और इसमें बालक मूर्त से अमूर्त का भी अनुसरण करता है।

🍃🍂 ट्यूटोरिकस् विधि~
इस पद्धति में कक्षा को छात्र की क्षमता के अनुसार समूह में विभाजित किया जाता है। प्रत्येक समूह को शिक्षक के द्वारा संभाला जाता है, और छात्र के पिछले ज्ञान के अनुसार नए ज्ञान को दिया जाता है।
अर्थात इसके अंतर्गत छात्रों को एक साथ ना रखकर उनकी योग्यता व क्षमता के अनुसार अलग-अलग कक्षाओं में बस समूहों में बिठा दिया जाता है। उसके पश्चात उनको शिक्षक की सहायता से एक सामान्य स्तर पर लाया जाता है। इस पद्धति के अंतर्गत हम यह भी कह सकते हैं, कि यह एक प्रकार से उपचारात्मक शिक्षण हो रहा है, अथवा उपचारात्मक शिक्षण का ही एक प्रकार है।

🌺🌿🌺 लोकतांत्रिक प्रणाली 🌺🌿🌺
शिक्षण की एक ऐसी प्रणाली जिसके अंतर्गत छात्र एवं शिक्षक दोनों ही मुख्य रूप से सक्रिय होते हैं। ऐसे प्रणालियों को हम मनोवैज्ञानिक प्रणाली अभी कहते हैं। जिसमें कि शिक्षक अपने अनुसार कार्य करवाता है, और छात्र अपनी क्षमता व योग्यता के अनुसार कार्य करते हैं।
इसके अंतर्गत आने वाली कुछ मुख्य विधियां निम्नलिखित हैं~

1. चर्चा विधि,
2. अनुमानी विधि,
3. खोज या अन्वेषण विधि,
4. परियोजना विधि,
5. वार्तालाप गतिविधि विधि,
6. विचार मंथन।

🍃🍂 चर्चा विधि~
चर्चा विधि में शिक्षक व छात्र दोनों ही किसी एक बिंदु पर चर्चा करते हैं। जो कि समस्यात्मक होता है। दोनों ही अपने अपने विचारों को प्रकट करते हैं, एक दूसरे के समक्ष। और उसके पश्चात शिक्षक एक अंतिम निर्णय पर पहुंच जाता है। इस विधि में शिक्षक व छात्र दोनों ही सक्रिय रहते हैं। इस विधि को भी मनोवैज्ञानिक विधि कहा जाता है।

🍂🍃 अनुमानी विधि~
अनुमान विधि सुनकर ही अर्थ का स्पष्ट रूप से पता चल रहा है। इस विधि के अंतर्गत शिक्षक समस्याओं को देता है, और छात्रों का मार्गदर्शक भी होता है। और छात्र जांच करके अनुसंधान करके अपना तर्क लगाकर उस समस्या के समाधान को खोजने का प्रयास करते हैं। इस विधि में भी छात्र व शिक्षक दोनों ही सक्रिय रूप से अपनी अपनी भागीदारी देते हैं।

🍃🍂 खोज या अन्वेषण विधि~
इस विधि के अंतर्गत छात्र आसपास की समस्या का हल करते हैं, किसी समस्या का समाधान के लिए छात्र स्वयं के अनुभव एवं पूर्व विज्ञान का उपयोग करते हैं, और समस्या का समाधान खोजते हैं। अर्थात किसी समस्या का हल छात्र अपनी जिज्ञासा शक्ति के अनुसार ढूंढते हैं। इस विधि में छात्र अपने अनुभवों के द्वारा समस्या को समाधान करते हैं, जो अनुभव उनके दैनिक जीवन से संबंधित होते हैं।

🍂🍃 परियोजना पद्धति~
इस विधि में दैनिक जीवन से जुड़े हुए एवं अपने अनुभव द्वारा प्राप्त करके परियोजना के माध्यम से छात्रों द्वारा समस्या का समाधान किया जाता है। यह सामान्यता समूह में की जाती है। छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या का हल करना सीखते हैं।

🍃🍂वार्तालाप गतिविधि पद्धति~
छात्र को किसी विषय या तथ्य पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है। इससे बच्चों का सोच का स्तर बेहतर होता है। और खुद से बोलने का मौका मिलता है। जिससे कि वह एक अच्छे भारता की भूमिका निभा पाते हैं, और अन्य व्यक्ति के समक्ष अपने विचारों एवं बातों को प्रस्तुत कर पाते हैं। जिससे कि बच्चों की दूसरों के समक्ष बोलने की जो झिझक होती है, वह समाप्त हो जाती है।

🍂🍃 विचार मंथन पद्धति~
इस पद्धति के अंतर्गत छात्र अपने विचारों को प्रस्तुत करते हैं यह एक प्रकार की रचनात्मक पद्धति है। इसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं, और इन विचारों का उपयोग मंथन के लिए किया जाता है। अर्थात कहने का आशय यह है, कि छात्र अपने विचारों को समस्या समाधान के लिए उपयोग में लाता है। जिससे कि छात्र के मस्तिष्क का मंथन हो जाता है, और अपने विचारों को सटीक तरीके से प्रस्तुत कर पाता है।

📚 📚 📚 📕समाप्त 📕 📚 📚 📚

✍🏻 PRIYANKA AHIRWAR ✍🏻

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📚 एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति व लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति 📚

🔰 एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति ➖

ऐसी शिक्षण प्रणाली है जिसके अंतर्गत शिक्षक पूर्णता सक्रिय रहता है और छात्रों एक निष्क्रिय श्रोता की तरह शिक्षकों की बातों को सुनता रहता है ऐसी प्रणालियों को एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति में रखा है इस प्रणाली के अंतर्गत कई विधियों को रखा गया है जिनका वर्णन निम्न प्रकार है।

💫 कहानी कहने की पध्दति ➖
इस पद्धति के अंतर्गत है शिक्षक कहानी कहने के रूप में शिक्षण करवाता है जिसमें शिक्षक पाठ को कहानी की तरह सुनाता है और छात्र उस कहानी को सुनते हैं इसमें छात्र केवल शिक्षक की कहानियों को सुनते हैं और कोई प्रतिक्रिया नहीं करते हैं।

💫 व्याख्यान पद्धति ➖

व्याख्यान विधि के अंतर्गत शिक्षक किसी विषय वस्तु से संबंधित व्याख्यान करता है अर्थात इसके बारे में बताता है इसमें शिक्षक अपने अनुसार कार्य करता है जैसे शिक्षकों के लिए उपर्युक्त और शिक्षक वैसे ही कार्य को अपनाता है।

💫 प्रर्दशन विधि ➖

प्रदर्शन विधि के अंतर्गत शिक्षक बच्चों को विषय वस्तु से संबंधित प्रदर्शन करता है जिसमें किसी संरचना कार्यप्रणाली दृश्य को स्पष्ट रूप से दिखा कर काम कराया जाता है इसमें छात्र इंद्रियों के माध्यम से जटिल प्रक्रियाओं का सरलता से बोध कर पाता है और इसमें बालक मूर्त से अमूर्त का भी अनुसरण करता है।

💫 ट्यूटोरियल विधि ➖
इस पद्धति में कक्षा को छात्र की क्षमता के अनुसार समूह में विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को शिक्षक के द्वारा संभाला जाता है और छात्र के पिछले ज्ञान के आधार पर नए ज्ञान को दिया जाता है
अर्थात इसके अंतर्गत छात्रों को एक साथ ना रख कर उनकी योग्यता क्षमता के अनुसार अलग-अलग कक्षाओं में समूह में बैठा दिया जाता है इसके पश्चात उनको शिक्षक की सहायता से एक सामान्य स्तर पर लाया जाता है इस पद्धति के अंतर्गत हम यह भी कह सकते हैं कि यह एक प्रकार से उपचारात्मक शिक्षण हो रहा है अर्थात उपचारात्मक शिक्षण का ही एक प्रकार है।

🔰लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति ➖
शिक्षण की एक ऐसी प्रणाली जिसके अंतर्गत छात्र एवं शिक्षक दोनों ही मुख्य रूप से सक्रिय रहते हैं ऐसी प्रणालियों को हम मनोवैज्ञानिक प्रणाली भी कहते हैं जिसमें कि शिक्षा के अपने अनुसार कार्य करवाता है और छात्र अपनी क्षमता व योग्यता के अनुसार कार्य करते हैं

इसके अंतर्गत आने वाली कुछ मुख्य विधियां निम्नलिखित है

💫 चर्चा विधि ➖
चर्चा विधि में शिक्षा का और छात्र दोनों ही किसी एक बिंदु पर चर्चा करते हैं जोकि समस्यात्मक होता है दोनों ही अपने-अपने विचारों को प्रकट करते हैं एक दूसरे के समक्ष और इसके पश्चात शिक्षक एक अंतिम निर्णय पर पहुंचता है इस विधि में शिक्षक व छात्र दोनों ही सक्रिय रहते हैं इस विधि को भी मनोवैज्ञानिक विधि कहा जाता है।

💫अनुमानी विधि ➖
अनुमान विधि संकरी अर्थ का स्पष्ट रूप से पता चल रहा है की इस विधि के अंतर्गत शिक्षक समस्या को देता है और छात्रों का मार्गदर्शक भी होता है और छात्र जांच करके अनुसंधान करके अपना तर्क लगाकर उस समस्या के समाधान को खोजने का प्रयास करते हैं इस विधि में भी छात्र और शिक्षक दोनों ही सक्रिय रूप से अपनी अपनी भागीदारी देते हैं।

💫खोज विधि ➖
इस विधि के अंतर्गत छात्र आसपास की समस्या का हल करते हैं किसी समस्या का समाधान के लिए छात्र स्वयं के अनुभव एवं पूर्व विज्ञान का प्रयोग करते हैं और समस्या का समाधान खोजते हैं अर्थात किसी समस्या का हल छात्र अपनी जिज्ञासा शक्ति के अनुसार ढूंढते हैं इस विधि में छात्र अपने अनुभवों के द्वारा समस्या को समाधान करते हैं जो अनुभव उनके दैनिक जीवन से संबंधित होते हैं खोज विधि को हम अन्वेषण विधि भी कहते हैं।

💫 परियोजना विधि ➖
इस विधि में दैनिक जीवन से जुड़े हुए एवं अपने अनुभव द्वारा प्राप्त करके परियोजना के माध्यम से छात्रों द्वारा समस्या का समाधान किया जाता है यह सामान्यतः समूह में की जाती है छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या का हल करना सीखते हैं।

💫 वार्तालाप गतिविधि पध्दति ➖
छात्र को किसी विषय या तथ्य पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है इसमें बच्चों का सोच का स्तर बेहतर होता है और खुद से बोलने का मौका मिलता है जिससे कि वह एक अच्छे भक्ता की भूमिका निभा पाते हैं और अन्य व्यक्ति के समक्ष अपने विचारों एवं बातों को प्रस्तुत कर पाते हैं जिससे कि बच्चों की दूसरों के समक्ष बोलने की जो झिझक होती है वह समाप्त हो जाती है

💫 विचार मंथन पद्धति ➖
इस पद्धति के अंतर्गत है छात्र अपने विचारों को प्रस्तुत करते हैं यह एक प्रकार की रचनात्मक पद्धति है इसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं और इन विचारों का उपयोग मंथन के लिए किया जाता है अर्थात कहने का आशय यह है कि छात्र अपने विचारों को समस्या समाधान के लिए उपयोग में लाता है जिससे कि छात्र के मस्तिष्क का मंथन हो जाता है और अपने विचारों को सटीक तरीके से प्रस्तुत कर पाता है।

📝 Notes by ➖
✍️ Gudiya Chaudhary

🌀🌀 *एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति*(unitary /autocratic teaching strategy)🌀🌀

एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति चार प्रकार की होती है➖

💫 *कहानी कहने की पद्धति*

💫 *व्याख्यान विधि*

💫 *प्रदर्शन विधि*

💫 *ट्यूटोरियल विधि*

1️⃣ *कहानी कहने की पद्धति*➖ इस विधि से बच्चों की शब्दावली में वृद्धि होती है।

2️⃣ *व्याख्यान विधि*➖ यह विधि बच्चों के संज्ञानात्मक और भावनात्मक डोमेन के विकास में सहायक होती है।

3️⃣ *प्रदर्शन विधि*➖ इस विधि से बच्चे को केवल दिखा कर सिखाया जाता है।

4️⃣ *ट्यूटोरियल विधि*➖ इस पद्धति में कक्षा को छात्रों की क्षमता के अनुसार समूह में विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को विभिन्न शिक्षकों के द्वारा संभाला जाता है या नियंत्रित किया जाता है।

👉🏻 इसमें शिक्षक के द्वारा छात्रों के पूर्व ज्ञान में जो कमी है उन्हें नोट करके उनके पूर्व ज्ञान के अनुसार ही नए ज्ञान दिए जाते हैं। यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है।

🌀 *लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति*🌀

लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति छह प्रकार की होती है➖

1️⃣ *चर्चा विधि (discussion method)*

2️⃣ *अनुमानी विधि (estimation method)*

3️⃣ *अन्वेषण विधि (exploration method)*

4️⃣ *परियोजना पद्धति (project method )*

5️⃣ *वार्तालाप गतिविधि पद्धति*

6️⃣ *विचार मंथन (brain storming)*

1️⃣ *चर्चा विधि* ➖ इस विधि के अंतर्गत शिक्षक और छात्र दोनों ही क्रियाशील होकर कार्य करते हैं। गणित, कला, को छोड़कर सभी विषय शिक्षण के लिए उपयुक्त है।

2️⃣ *अनुमानी विधि*➖ इस विधि में शिक्षक बच्चों के समक्ष समस्या प्रस्तुत करते हैं और मार्गदर्शन भी करते हैं शिक्षार्थी उस समस्या को जांच करते हुए या खोज करते हुए तर्क करके समस्या का समाधान करते हैं।

3️⃣ *अन्वेषण विधि*➖ इस विधि में छात्र आसपास की समस्या का हल ढूंढते हैं और समस्या के समाधान के लिए स्वयं का अनुभव और पूर्व ज्ञान का उपयोग करते हैं और समाधान करते हैं। इस विधि में बच्चे खुद से समस्या का हल खोजने से उनमें खोजने की क्षमता का विकास होता है यह *पूछताछ आधारित अधिगम शिक्षा है*

4️⃣ *परियोजना पद्धति*➖ इस विधि में छात्रों के समूह बनाकर वास्तविक जीवन से जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चों को सौंप दी जाती है छात्र वास्तविक जीवन से संबंधित समस्याओं को एक दूसरे के मदद से समाधान करते हैं और सीखते हैं।

5️⃣ *वार्तालाप गतिविधि पद्धति*➖ इस विधि में छात्रों को किसी विषय या तथ्य पर वार्तालाप का मौका या अवसर दिया जाता है इससे बच्चे का सोच बेहतर होता है और खुद से बोलने का मौका मिलता है जिससे बच्चे किसी भी व्यक्ति के समक्ष अपने विचारों को या बातों को प्रस्तुत करना सीख जाते हैं।

6️⃣ *विचार मंथन*➖ यह शिक्षण का एक रचनात्मक पद्धति है जिसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग मंथन, चिंतन मनन के लिए किया जाता है, इसमें बच्चों के मस्तिष्क में किसी भी समस्या के लिए उथल-पुथल मच जाती है और उनमें अनेक विचार उत्पन्न होते हैं जिससे वे समस्या का समाधान करते हैं इस पद्धति से समस्या का समाधान करने के लिए दिमाग या मस्तिष्क का प्रभावी ढंग से उपयोग किया जाता है।

✍🏻✍🏻 Notes by manisha gupta ✍🏻✍🏻

🦚🌺 एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति🌺🦚
(Unitary teaching strategy)

👉🏼 एक तंत्रीय शिक्षण रणनीति को चार प्रकारों में विभाजित किया गया है

✨ कहानी कहने की पद्धति

✨ व्याख्यान विधि

✨ प्रदर्शन विधि

✨ ट्यूटोरियल विधि

1️⃣ कहानी कहने की विधि➖ इस विधि से बच्चों की शब्दावली में वृद्धि होती है

2️⃣ व्याख्यान विधि➖ व्याख्यान का तात्पर्य किसी भी पाठ को भाषण के रूप में पड़ने से है शिक्षक किसी विषय विशेष पर कक्षा में व्याख्यान देता है तथा छात्र निष्क्रिय होकर सुनते रहते हैं यह विधि उच्च स्तर के कक्षाओं के लिए उपयोगी मानी जाती है

3️⃣ प्रदर्शन विधि➖ इस विधि में केवल छात्र को दिखाकर सिखाया जाता है इस विधि में समय कम लगता है और छात्र स्वयं देख कर सीखता है बालकों की दृष्टि एवं श्रवण इंद्रियां अधिक सक्रिय रहती हैं

4️⃣ट्यूटोरियल विधि➖इस विधि में कक्षा को छोटे-छोटे समूह में बांट लेते हैं और छोटे-छोटे समूहों में शिक्षक पहुंचकर उस समूह की समस्याओं तथा मुश्किलों की खोज करता है और छात्रों को उनके सही हल तक पहुंचाने में मदद करता है

🦚🌺लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति🌺🦚

लोकतंत्रीय शिक्षा रणनीति को 6 भागों में विभाजित किया गया है

✨ चर्चा विधि
✨ अनुमानी विधि
✨ अन्वेषण विधि
✨ परियोजना विधि
✨ वार्तालाप गतिविधि विधि
✨ विचार मंथन

1️⃣ चर्चा विधि➖ इस विधि के अंतर्गत शिक्षक और छात्र दोनों ही क्रियाशील होकर कार्य करते हैं गणित और कला को छोड़कर सभी विषय शिक्षण के लिए उपयोगी है

2️⃣ अनु मानी विधि➖ इस विधि में शिक्षक छात्रों के समक्ष समस्या प्रस्तुत करता है और मार्गदर्शन भी करता है शिक्षार्थी उस समस्या की जांच करते हुए खोज करते हुए तर्क करके समस्या का समाधान करते हैं

3️⃣ अन्वेषण विधि➖ इस विधि में छात्र स्वयं खोज करके सीखता शिक्षक का कार्य केवल पथ प्रदर्शक का होता है जो उचित समय पर गलतियां सुधारने में सहायता देता है छात्र जैसे-जैसे कार्य तथा प्रयोग करता जाता है वैसे वैसे उन्हें नवीन ज्ञान की प्राप्ति होती जाती है

4️⃣ परियोजना विधि➖ इस विधि में छात्रों में समूह बनाकर वास्तविक जीवन से जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चों को सौंप दिया जाता है छात्र वास्तविक जीवन से संबंधित समस्या को एक दूसरे के मदद से समाधान करते हैं और सीखते हैं

5️⃣ वार्तालाप गतिविधि विधि➖ यह विधि एक शैक्षिक समूह प्रिया हैइसमें छात्र सहयोग पूर्वक एक दूसरे से किसी समस्या पर विचार करता है यह विधि शिक्षण एवं छात्र में अंत प्रक्रिया के अवसर पर आता है इस विधि की सफलता के लिए यह आवश्यक है कि छात्रों को अपने विचार प्रकट करने की स्वतंत्रता होनी चाहिए

6️⃣ विचार मंथन➖यह रचनात्मक पद्धति है जिसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग मंथन करने के लिए भी किया जाता है

🖊️🖊️📚📚 Notes by…. Sakshi Sharma📚📚🖊️🖊️

🔆 शिक्षण रणनीतियां ➖

शिक्षण रणनीतियां दो प्रकार की होती है ➖

1) एक तंत्रिय शिक्षण रणनीतियां

2) लोकतंत्रिय शिक्षण रणनीतियां

🎯 एक तंत्रिय शिक्षण रणनीतियां➖

इस पद्धति या तकनीक में शिक्षक के पास पूर्ण नियंत्रण रहता है छात्रों को कुछ भी करने का अवसर नहीं दिया जाता है | अर्थात संपूर्ण शिक्षण की कमांड शिक्षक के हाथ में होती है एक तंत्रिय शिक्षण रणनीति कहलाती है एक तंत्रिय शिक्षण रणनीति चार प्रकार की होती है ➖

1) कहानी कहने की पद्धति

2) व्याख्यान विधि

3) प्रदर्शन विधि

4)ट्यूटोरियल विधि

💫 कहानी कहने की पद्धति➖

इसमें बच्चे को कुछ करने का अवसर नहीं मिलता है शिक्षण में शिक्षक का पूर्ण नियंत्रण रहता है इस विधि में शिक्षक बच्चों को कहानी के माध्यम से शिक्षण करवाता है |

💫 व्याख्यान विधि ➖

यह एक तंत्रिय रणनीति का सबसे बड़ा भाग है जिसमें पूर्ण व्याख्यान शिक्षक के द्वारा दिया जाता है यह सबसे पुरानी एक तंत्रिय विधि है जिसमें बच्चे को कुछ नया पढ़ाया जा सकता है |

💫 प्रदर्शन विधि ➖

प्रदर्शन विधि में बच्चे को शिक्षण दिखाकर करवाया जाता है इस विधि में बच्चा सिर्फ प्रतिक्रिया को देख सकता है उसे स्वयं कर नहीं सकता है |

💫 ट्यूटोरियल विधि➖

इस पद्धति में छात्रों को कक्षा में उनकी क्षमता के अनुसार बांटा जाता है छात्रों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समूहों में रखा जाता है प्रत्येक समूह को शिक्षकों द्वारा संभाला जाता है इस विधि में छात्रों को उनके पूर्व ज्ञान के अनुसार नए ज्ञान दिए जाते हैं यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक भाग है इसमें समस्याओं का निदान शिक्षक के द्वारा किया जाता है इसलिए यह एक तंत्रिय विधि है |

🎯 लोकतांत्रिक शिक्षण रणनीति ➖

यह एक बाल केंद्रित शिक्षण रणनीति है जिसमें छात्रों को शिक्षक से सीधे संवाद करने का और अपने विचारों को प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाता है इससे छात्रों के संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है इसमें शिक्षक और छात्र दोनों सक्रिय रहते हैं इसलिए इस विधि को लोकतांत्रिय शिक्षण रणनीति कहते हैं |

लोकतांत्रिय शिक्षण रणनीति 6 प्रकार की होती हैं जिनका वर्णन निम्न प्रकार से किया गया है ➖

1) चर्चा विधि

2) अनुमानी विधि

3)अन्वेषण विधि

4) परियोजना पद्धति

5) वार्तालाप गतिविधि पद्धति

6) विचार मंथन प्रदेश

💫 चर्चा विधि ➖

इस विधि में छात्र और शिक्षक के बीच एक विषय पर मौखिक बातचीत होती है सोच और संचार की क्षमता विकसित होती है इससे बच्चों में उच्च स्तर का संज्ञानात्मक विकास होता है |

💫 अनुमानी विधि ➖

इस विधि में शिक्षक छात्र के सामने समस्या उत्पन्न करता है और उनका मार्गदर्शन करता है इसके पश्चात छात्र उस समस्या की जांच करके अनुसंधान करता है अपना तर्क लगाते उस समस्या का समाधान करता है |

💫 अन्वेषण विधि➖

इस विधि में छात्र आसपास की समस्या को हल करते हैं किसी समस्या के समाधान के लिए स्वयं का अनुभव और पूर्व ज्ञान का उपयोग करते हैं और समाधान खोजते हैं यह पूछताछ आधारित अधिगम है |

💫 परियोजना पद्धति ➖

इस पद्धति के तहत बच्चा परियोजना करता है जिसमें वास्तविक जीवन से जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चों के द्वारा दी जाती है यह सामान्यतः समूह में की जाती है जिसमें छात्र एक दूसरे की सहायता से जीवन की समस्या के बारे में सीखते हैं और हल करते हैं |

💫 वार्तालाप गतिविधि पद्धति ➖

इस पद्धति के तहत छात्र को किसी विषय या तथ्यों पर वार्तालाप का अवसर दिया जाता है इसमें बच्चे की तार्किक सोच बेहतर होती है और स्वयं से बोलने का अवसर मिलता है |

💫 विचार मंथन पद्धति ➖

यह शिक्षण की एक रचनात्मक पद्धति है इसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग मंथन करने के लिए किया जाता है |

𝙉𝙤𝙩𝙚𝙨 𝙗𝙮➖ 𝙍𝙖𝙨𝙝𝙢𝙞 𝙎𝙖𝙫𝙡𝙚

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एकतंत्रीय शिक्षा रणनीति

यह रणनीति शिक्षा के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होती

निम्न विधियां इसके अंदर आती हैं

1 कहानी कहने की पद्धति:- इसमें शिक्षण कहानी के रूप में कराया जाता है

2 व्याख्यान विधि:- इसमें किसी विषय पर व्याख्यान देकर उसे डिटेल से समझा कर बताया जाता है

3 प्रदर्शन विधि:- इसमें छात्र सिर्फ देख सकता है कोई क्रिया नहीं कर सकता

4 tutorial Vidhi :- इस पद्धति में कक्षा को छात्रों की क्षमता के अनुसार समूहों में विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को शिक्षकों के द्वारा संभाला जाता है और छात्रों के बीच विज्ञान के अनुसार नए ज्ञान दिए जाते हैं यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है

लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति

इसमें निम्न प्रकार की विधियां आती हैं

1 चर्चा विधि:- इसमें छात्र और शिक्षक के मध्य किसी विषय पर मौखिक बातचीत होती है

2 अनुमानी विधि:- इस विधि में शिक्षक छात्रों को कोई समस्या देते हैं एवं उसका समाधान करने के लिए कहते हैं और जरूरत पड़ने पर उनका मार्गदर्शन करते हैं

शिक्षार्थी जांच अनुसंधान तर्क लगाकर समस्या का समाधान करते हैं

3 अन्वेषण विधि:- इस विधि में छात्र आसपास की समस्याओं का हल करते हैं किसी समस्या समाधान के लिए स्वयं का अनुभव पूर्व ज्ञान का उपयोग करते हैं और समाधान खोजते हैं

note:- इस विधि को पूछताछ आधारित अधिगम भी कहते हैं

4 परियोजना पद्धति:- वास्तविक जीवन से जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चों के द्वारा की जाती है समानता समूह में की जाती है छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या से सीखते हैं और हल करते हैं

5 वार्तालाप गतिविधि पद्धति:- इस विधि में छात्रों को किसी विषय या तत्व पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है जिससे बच्चे का सोच बेहतर होता है और खुद से बोलने का मौका मिलता है

6 विचार मंथन:- यह रचनात्मक पद्धति है जिसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग मंथन करने के लिए किया जाता है इसमें मंथन चिंतन मनन तक आदि किया जाता है

🙏🙏🙏sapna sahu 🙏🙏🙏

🔆 *एकतंत्ररीय शिक्षण रणनीति—*
एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति में पारंपरिक तकनीकों का उपयोग किया जाता है इसमें छात्र के पास से पूर्ण नियंत्रण रहता है और छात्र स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होती है।

🌀 *कहानी कहानी की विधि*—
यह विधि कहानी के माघ्यम से कराया जाता है।

🌀 व्याख्यान विधि:— इस विधि में किसी भी तरह वस्तु पर बच्चे को डिटेल से प्रस्तुत करके समझाते हैं।

🌀 प्रदर्शन विधि—
इस विधि में शिक्षक बच्चों को दिखाकर पढ़ाते हैं।

🌀 टयूटरियल विधि :—
इस विघि में कक्षा के छात्रों की क्षमता के अनुसार समूहों में विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को विभिन्न शिक्षकों द्वारा संभाला जाता है और छात्रों के पिछले ज्ञान के अनुसार नए ज्ञान दिए जाते हैं।

ः यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है।

🔆 *लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति—*

🌀 चर्चा विघि —
इस विघि में शिक्षक बच्चों के साथ से चर्चा करके पढ़ाते हैं।

🌀 अनुमानी विघि —
इस विधि में शिक्षा के छात्रों को कोई समस्या देते हैं और उसका समाधान करने के लिए कहते हैं और जरूरत पड़ने पर उनको मार्गदर्शन करते हैं जहां पर उन्हें जरूरत जरूरत होती है।
शिक्षार्थी जांच, अनुसंधान, तर्क, समस्या समाधान करते हैं।

🌀 अन्वेषण विधि (Exploration method/ खोज विघि —
इस विघि में छात्र आसपास की समस्या का हल करते हैं किसी समस्या समाधान के लिए स्वयं या अनुभव या पुर्व ज्ञान का उपयोग करते हैं और समस्या का समाधान खोजते हैं।

ः पूछताछ आधारित अधिगम भी बोलते हैं

🌀 परियोजना पद्धति(project method)/Assignment method) —
इस पद्धति में वास्तविक जीवन से जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चों के द्वारा की जाती है ।
ःयह सामान्यतया समूह हीं की जाती है
ः छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या सीखते हैं और हल करते हैं।

🌀 वार्तालाप गतिविधि पद्धति— इस पद्धति में छात्रों को किसी विषय या तथ्य पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है इससे बच्चे का सोच बेहतर होता है और खुद से बोलने का मौका मिलता है।

🌀 विचार मंभन(Brain storming) — यह रचनात्मक पद्धति है जिसके तहत वित्तीय समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग मंथन करने के लिए किया जाता है।

Notes By—Neha Roy🙏🙏🙏🙏🙏🙏

🌹 शिक्षण रणनीतियां 🌹

🌻शिक्षण रणनीतियां दो प्रकार के होते हैं:—–

(1)एक तंत्रीय शिक्षण
(2) लोकतांत्रिक शिक्षण

👉(1) एक तांत्रिय शिक्षण:— यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करती है इस पद्धति में शिक्षक के पास शिक्षण पर पूर्ण नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होतीl यह रणनीति चार प्रकार की हैl

👉 कहानी कहने की पद्धति
👉 व्याख्यान पद्धति
👉 प्रदर्शन पद्धति
👉 ट्यूटोरियल पद्धति

😎कहानी कहने की पद्धति:— इस पद्धति के तहत शिक्षक छात्रों को एक कहानी के रूप में समुद्री प्रदान करता है किया पद्धति छात्र की शब्दावली को बढ़ाते हैं और उनकी शब्दावली का विस्तार करती है

😎 व्याख्यान पद्धति:— यह शिक्षण की सबसे पुरानी और एकतरफा संसार पद्धति है तथा बच्चों के संज्ञानात्मक और प्रभावशाली डोमेन को विकसित करने में सहायक है

😎 प्रदर्शन पद्धति:— यह विधि व्यवहारिक विषय शिक्षण में उपयोगी है जहां सामग्री को केवल प्रदर्शित करके समझा जा सकता है

😎 ट्यूटोरियल पद्धति:— इस पद्धति के तहत कच्चा को छात्रों की क्षमताओं के अनुसार समूहों में विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को विभिन्न शिक्षकों द्वारा संभाला जाता है इस पद्धति में छात्रों के पिछले ज्ञान की अनुपस्थिति को शामिल किया जाना चाहिए और प्रत्येक बच्चे को स्वयं को पृथक रूप से व्यक्त करने की मौका मिलना चाहिए यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है और यह प्राकृतिक विज्ञान तथा गणितीय विच विषयों को पढ़ाने में उपयुक्त हो सकती है

👉(2) लोकतांत्रिक शिक्षण रणनीति:— इस राजनीति के तहत एक बच्चा शिक्षा के सामने अपने विचारों को व्यक्त करने हेतु स्वतंत्र है और शिक्षकों के बीच अधिक संवाद होता है यहां से शिक्षक एक मार्गदर्शक या प्रशिक्षक के रूप में कार्य करता है यह शिक्षकों के सर्वागीण विकास में मदद करता है और छात्रों के प्रभावशाली और साथ ही संज्ञानात्मक डोमेन को विकसित करता है इस राजनीति के तहत छह प्रकार की पद्धति शामिल है

👉 (1)चर्चा विधि
👉(2) अनुमान विधि
👉(3) अन्वेषण विधि
👉(4) परियोजना विधि
👉(5) वार्तालाप गतिविधि
👉(6) विचार मंथन

😎(1) चर्चा विधि :—इस पद्धति के तहत छात्रों और शिक्षकों के बीच एक विषय के बारे में मौखिक बातचीत होती है

😎(2) अनुमान विधि:— इस पद्धति के तहत एक शिक्षक छात्र के सामने एक समस्या उठाता है और उसे मार्गदर्शन भी प्रदान करता है तथा फिर छात्र जांच और अनुसंधान के माध्यम से ,स्व अध्ययन ,स्व अधिगम के माध्यम से ज्ञान प्राप्त करने के बाद समस्या समाधान करते हैं

😎(3)अन्वेषण विधि:— इस पद्धति के तहत छात्र अपने आसपास के पर्यावरण से अपनी समस्या का हल खोजते हैं

😎(4)परियोजना विधि:—
इसके तहत वास्तविक जीवन अनुभवों से संबंधित एक परियोजना समूह बनाकर छात्रों को सौंपी जाती है छात्र एक दूसरे के सहयोग से वास्तविक जीवन के समस्याओं के बारे में सीखते हैं है और उन्हें हल करते हैं

😎(5) वार्तालाप गतिविधि:— इसके बाद छात्रों को भूमिका सौंपी जाते हैं और छात्र उन भूमिकाओं को अदा करने की अनुमति होती है यह तकनीक छात्राओं को सलंगन करने और छात्रों में उच्च सोच विकसित करने हेतु उत्कृष्ट उपकरण है

😎(6) विचार मंथन :—(ब्रेन स्टॉर्म इंग्ग) 👉 यह रचना पद्धति है जिसके तहत विशेष समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग मंत्र करने के लिए किया जाता है

🤟🔥🔥🔥🔥🔥🔥🔥🤟

Notes by ✒sangita bharti ✒

*शिक्षण रणनीतियां* :-शिक्षण रणनीतियों के प्रकार

शिक्षण रणनीतियां दो प्रकार की है 1) एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति और 2)लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति। *एक तंत्रिय शिक्षण की रणनीतियां* यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तरीकों का उपयोग करती है। इस पद्धति में शिक्षक के पास शिक्षण पर पूर्ण नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होती है। यह रणनीति चार प्रकार की है- 1-कहानी कहने की विधि। 2-व्याख्यान विधि । 3-प्रदर्शन विधि। 4- ट्यूटोरियल विधि। *कहानी कहने की विधि* :- इस विधि में शिक्षक छात्रों को एक कहानी के रूप में सामग्री प्रदान करता है। यह पद्धति छात्र की शब्द भंडार को बढ़ाती है और उनकी कल्पनाशीलता का विस्‍तार करती है। 2) *व्‍याख्‍यान पद्धति* व्याख्यान पद्धति शिक्षण की सबसे पुरानी और एक तरफा संचार पद्धति है इसमें केवल शिक्षक की भूमिका सक्रिय होती है यह पद्धति नए पाठ को शुरू करने में उपयुक्त है। 3) *प्रदर्शन विधि* यह विधि व्यावहारिक व्यावहारिक होती है। इस विधि में शिक्षक के द्वारा किसी विषय वस्तु या किसी सामग्री का प्रदर्शन किया जाता है और छात्र उसको देखकर के उससे जुड़े हुए ज्ञान को ग्रहण करते हैं। 4) *ट्यूटोरियल विधि* इस पद्धति में कक्षा को छात्रों की क्षमता के अनुसार समूहों में विभक्त किया जाता है प्रत्येक समूह को शिक्षकों द्वारा संभाला जाता है इस पद्धति में छात्रों के पिछले ज्ञान के अनुसार, नए ज्ञान दिए जाते हैं । यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है। *लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति* लोकतंत्रिय शिक्षण रणनीति में छात्र शिक्षक के सामने अपने विचारों को प्रस्तुत करने में स्वतंत्र होता है और शिक्षक और छात्र का रिश्ता मधुर होता है क्योंकि इस विधि में शिक्षक और छात्र के बीच अधिक संवाद होते हैं इसमें शिक्षक मार्गदर्शक या निर्देशक के रूप में होते हैं। यह रणनीति 6 प्रकार की होती है 1) चर्चा विधि। 2) अनु मानी विधि। 3) अन्वेषण विधि। 4)परियोजना विधि। 5)वार्तालाप गतिविधि पद्धति। 6) विचार मंथन (ब्रेनस्टॉर्मिंग विधि)। 1) *चर्चा विधि* चर्चा पद्धति सोच और संचार शक्ति को विकसित करती है। इस विधि में छात्रों और शिक्षकों के बीच किसी विषय से संबंधित मौखिक रूप से बातचीत होती है। 2) *अनुमानित पद्धति* अनुमानित पद्धति में शिक्षक छात्रों के सामने कोई समस्या देते हैं और छात्र का मार्गदर्शन भी करते हैं। इस पद्धति में छात्र स्वयं अध्ययन कर समस्या का समाधान ढूंढता है। 3) *अन्वेषण पद्धति (खोज पद्धति)* इस पद्धति में छात्र समस्या का समाधान करने के लिए खुद के अनुभव और पूर्व ज्ञान का उपयोग करते हैं और समस्या का समाधान ढूंढते हैं इसे पूछताछ आधारित अधिगम भी कहते हैं। इस पद्धति में छात्र अपने आसपास के पर्यावरण से समस्या का समाधान करने का प्रयास करते हैं। 4) *परियोजना पद्धति* इस विधि में शिक्षक छात्रों को कोई विषय से संबंधित परियोजना कार्य देता है छात्र वास्तविक जीवन से जोड़ कर उससे संबंधित परियोजना बनाते हैं यह सामान्यतया समूह में की जाती है छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या सीखते और हल करते हैं। 5) *वार्तालाप गतिविधि पद्धति* इस विधि में छात्रों को किसी विषय या तथ्य पर वार्तालाप करने का मौका दिया जाता है जिससे बच्चे का सोच बेहतर होता है और खुद से बोलने का मौका मिलता है।

6) *विचार-मंथन (ब्रेन-स्‍टोरमिंग)* यह शिक्षण की एक रचनात्मक पद्धति है जिसके तहत एक विशिष्ट समस्या के समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं। इस पद्धति का उपयोग प्रभावी रूप से समस्या का मंथन करने हेतु किया जाता है। thank you 🥰🙏 *Shreya Rai*

🌊एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति🍂🌴 ☘️🌟(Unitary/auto cratic teaching strategy)🌻🌷

💫कहानी कहने की विधि ~
👉इसमें बच्चों का शब्द भंडार बढ़ता है तथा बच्चा सिर्फ सुनने समझने का कार्य करता है।

💫व्याख्या विधि ~
👉इस विधि में लिखित या मौखिक भाषा में सूचना दी जाती है इसको (chalk & talk) चाक और वार्ता विधि बोला जाता है, जिसमें हर चीजे है शब्दों के रूप में व्यक्त की जाती है।

💫प्रदर्शन विधि ~
👉आंख से देखी हुई चीज कान से सुनी चीजों से बेहतर होते हैं।

💫ट्यूटोरियल विधि ~
👉इस पद्धति में कक्षा के छात्रों की क्षमता के अनुसार समूह में विभाजित किया जाता हैं। जैसे -प्रत्येक समूह को विभिन्न शिक्षकों द्वारा संभाला जाता है इस पद्धति में छात्रों के पूर्व ज्ञान की कमी को भी सामने लाया जाना चाहिए। तथा पिछले ज्ञान के अनुसार नए ज्ञान दिए जाने चाहिए।
🌴🍁यह पद्धति उपचारात्मक पद्धति का एक प्रकार है।

💫लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति🌟 💐🌴(democratic teaching strategy)🌴🍁

🍂🌾चर्चा विधि (discussion method)……

👉इस विधि में छात्र और शिक्षक के बीच एक विषय पर मौखिक बातचीत होती है यह बच्चों की सोच ,संचार की क्षमता विकसित करती है इससे बच्चों में उच्च स्तर का संज्ञानात्मक विकास होता है

🌲🌺अनुमानि विधि ~
👉छात्र के सामने समस्या रखता है दिशा निर्देश देता है फिर बच्चों को बच्चे जांच करेंगे अध्ययन करेंगे तर्क लगाएंगे और इसके अनुसार समस्याओं का समाधान करेगा।

🌾💫अन्वेषण विधि (Exploration method) ~~

👉इस विधि में छात्रा आस-पास की समस्या का हल करते हैं किसी समस्या समाधान के लिए स्वयं का अनुभव या पूर्व ज्ञान का उपयोग करता है ,और समस्या समाधान करता है ।अतः इसको पूछताछ आधारित अधिगम भी कहते हैं।

💫🌾परियोजना पद्धति ( project/assinment method)……………
👉वास्तविक जीवन को जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चे के द्वारा की जाती है, यह सामान्यतया समूह में कराई जाती है छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या से सीखते हैं और हल करते हैं।

💫🌲वार्तालाप गतिविधि पद्धति ~
👉इस पद्धति में छात्र को किसी विषय तथा या तथ्य पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है इससे बच्चों का सोच बेहतर होता है और खुद से बोलने का मौका मिलता है।

💫☘️विचार मंथन (brain stormy)………
👉यह शिक्षक के रचनात्मक पद्धति है इसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग मंथन करने के लिए क्या जाता है
🙏🍁🌟🌻Notes by-SRIRAM PANJIYARA 🌈🌸💥🌺🙏

🌷🌷 *एकतंत्रिय शिक्षण रणनीति 🌷🌷*

एकतंत्रिय शिक्षण रणनीति निम्नलिखित चार प्रकार में विभक्त है :-

1. *🌹कहानी कहने की विधि :-*

इसमें शिक्षण कार्य कहानी के रूप में होता है, जिससे बच्चों की शब्दाबलि बढ़ती है।

2. *🌹व्याख्यान विधि* :-

इसमें विषय,समस्या की लिखवाकर या सुनाकर व्याख्या की जाती है, जो कि शिक्षक केंद्रीय विधि है।

3. *🌹प्रदर्शन विधि* :-

इसमें छात्रों को शिक्षण , कार्य, सामाग्री दिखाकर मूर्त रूप से करवाया जाता है।

4. *🌹ट्यूटोरियल विधि* :-

👉इस विधि में कक्षा को छात्रों की क्षमतानुसार समूहों में विभाजित किया जाता है।
👉प्रत्येक समूह को विभिन्न शिक्षकों द्वारा संभाला जाता है।
👉और छात्रों को पिछले ज्ञान के अनुसार नए ज्ञान दिये जाते हैं।
👉यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है।

🌷 *🌷 लोकतंत्रिय शिक्षण रणनीति 🌷🌷*

लोकतंत्रिय शिक्षण रणनीति निम्नलिखित छः प्रकार में विभक्त है :-

1 *.🌹चर्चा विधि Discussion Method :-*

इस विधि में शिक्षक – छात्रों के मध्य विशेष विषय पर चर्चा होती जिससे सोच विचार की क्षमता बढ़ती है और संज्ञानात्मक विकास होता है।

2. *🌹अनुमानी विधि Estimation Method :-*

इस शिक्षण में कार्य है –
शिक्षक का :- समस्या देना / मार्गदर्शन करना
शिक्षार्थी का :- समस्या की जांच करना, अनुसंधान करना, समस्या (विषय) पर तर्क करना और अंततः समस्या समाधान करना।

3. *🌹अन्वेषण विधि Exploration Method* :-

छात्र आसपास की समस्या का हल करते हैं , किसी समस्या समाधान के लिए स्वयं का अनुभव / पूर्व ज्ञान का उपयोग करते हैं, और समस्या का समाधान खोजते हैं।

4. *🌹परियोजना विधि Assignment / Project method :-*

वास्तविक जीवन से जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चों के द्वारा की जाती है। यह सामान्यतया समूह में ही की जाती है। छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या सीखते और हल करते हैं।

5. *🌹वार्तालाप गतिविधि Conversation Activity* :-

छात्रों को किसी विषय या तथ्य पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है इससे बच्चों की सोच बेहतर होती है और खुद से बोलने का मौका मिलता है, और उस विषय पर खुद के मत रखने का हौंसला बढ़ता है।

*6. 🌹विचार मंथन Brainstorm :* –

यह रचनात्मक विधि है।
इसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं , इस विधि का उपयोग मंथन करने के लिए किया जाता है इसमें बच्चों सोच, विचार करके समस्या समाधान खोजते हैं।

🌺🌺✒️✒️ *Notes by -* *जूही श्रीवास्तव* ✒️✒️🌺🌺

शिक्षण की रणनीतियां

शिक्षण के रणनीतियां दो प्रकार के होती हैं
1. एकतंत्रिय शिक्षण रणनीति
2. लोकतंत्रीय शिक्षण रणनीति

1.एकतंत्रीय शिक्षण रणनीति

👉यह रणनीति शिक्षण के पारंपरिक तकनीकों का उपयोग करते हैं
👉इस तकनीक में शिक्षक के पास शिक्षण का पूर्ण नियंत्रण होता है
👉छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होती है
👉यह पद्धति शिक्षक केंद्रित होती है

इस रणनीति में निम्नलिखित विधियों को शामिल किया जाता है

1. कहानी कहने की पद्धति-
इसमें शिक्षण कहानी कहने के रूप में करवाया जाता है इससे बच्चों की शब्दावली और काल्पनिक क्षमता का विकास होता है

2. व्याख्यान विधि –
व्याख्यान विधि नई चीजों को पढ़ाने के लिए उपयुक्त हैं यह शिक्षण के पुराने तरीकों में से एक है

3. प्रर्दशन विधि-
हमारा प्रत्यक्ष देखा हुआ अनुभव अधिक स्थायी होता है इस विधि में छात्रों को दिखाकर शिक्षण करवाया जाता है।

4. ट्यूटोरियल विधि-
👉इस पद्धति में कक्षा को छात्रों की क्षमता के अनुसार समूहों में विभाजित किया जाता है
👉प्रत्येक समूह को विभिन्न शिक्षकों द्वारा संभाला जाता है और छात्रों के पिछले ज्ञान के अनुसार ने ज्ञान को दिया जाता है
जैसे छात्रों को भाग पढ़ाने से पहले यह जांच करनी आवश्यक है कि उन्हें पहाडे आता है कि नहीं यदि नहीं आता है उसे पहाडे और गुणा करना सिखाया जाना चाहिए इस प्रकार इस विधि में छात्रों के पिछले ज्ञान के अनुसार ज्ञान दिया जाता है
👉यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है

2.लोकतंत्रीय के शिक्षण रणनीति

👉इसमें बच्चा विचारों को व्यक्त करने में स्वतंत्र रहता है
👉बच्चों का शिक्षकों से अधिक संवाद होता है
👉इसमें शिक्षक मार्गदर्शक या प्रशिक्षक होता है
👉छात्रों में प्रभावशाली और संज्ञानात्मक डोमेन की क्षमता विकसित होती है
👉यह बाल केंद्रित है और बच्चे के सर्वांगीण विकास के लिए काम करते है।

इस रणनीति में निम्नलिखित विधियों को सम्मिलित किया जाता है

1.चर्चा विधि- इस विधि में शिक्षक और छात्र एक साथ बैठकर किसी एक विषय पर चर्चा करते हैं इससे छात्रों की सोच और संप्रेषण की क्षमता का विकास होता है

2. अनुमानी विधि-

इस विधि में शिक्षक छात्रों को समस्या देता है और मार्गदर्शक के रूप में कार्य करता है और छात्र विभिन्न स्रोतों से समस्या के हल को करने के लिए सूचनाएं एकत्रित करते हैं उनकी जांच करते हैं अनुसंधान करते हैं और अपने तर्क से समस्या का समाधान करते हैं।

3. अन्वेषण या खोज विधि-
इस विधि में छात्र आसपास की समस्या का हल करते हैं किसी समस्या के समाधान के लिए वह स्वयं अनुभव और पूर्व ज्ञान का उपयोग करते हैं यह पूछताछ आधारित अधिगम है।

4. परियोजना विधि-
इस विधि में वास्तविक जीवन से जोड़कर और अनुभव से संबंधित परियोजना बच्चों के द्वारा की जाती है यह सामान्यतया समूह में की जाती है छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या के बारे में सीखते हैं और हल करते हैं।

5.वार्तालाप गतिविधि पद्धति

इसमें छात्रों को किसी विषय या तथ्य पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है
इससे बच्चों की सोच बेहतर होती है और खुद से बोलने का मौका मिलता है

6. विचार मंथन-
यह रचनात्मक पद्धति है जिसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं
इस पद्धति का उपयोग मंथन करने के लिए किया जाता है

Notes by Ravi kushwah

💥💥➡ एकतंत्रीय शिक्षण पद्धति ➖ इस पद्धति में शिक्षक का शिक्षण पर नियंत्रण होता है और छात्र को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की अनुमति नहीं होती है |
एकतंत्रीय शिक्षण में चार प्रकार की रणनीति होती है जो कि निम्न प्रकार है-
◼ कहानी कहने की विधि
◼ व्याख्यान विधि
◼ प्रदर्शन विधि
◼ ट्यूटोरियल विधि
🔶 कहानी कहने की विधि ➖ इस पद्धति में शिक्षक कहानी कहता है और छात्र सुनते हैं जिससे छात्रों का शब्दकोश का ज्ञान बढ़ता है |
🔶 व्याख्यान विधि ➖ इस विधि में शिक्षक के द्वारा व्याख्या विधि द्वारा पढ़ाया जाता है यह पुरानी और संचार विधि है इस विधि में नए पाठ को प्रस्तुत कर प्रस्तुती पर जोर देते हैं |
🔶 प्रदर्शन विधि ➖ इस प्रदर्शन विधि में व्यवहारिक विषय को पढ़ाने में उपर्युक्त होता है इसमें कोई भी सामग्री को दिखाकर समझा सकते हैं |
🔶 टयूटोरियल विधि ➖ इस विधि में कक्षा को छात्रों की क्षमता के अनुसार समूह में विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को शिक्षकों के द्वारा संभाला जाता है और छात्रों के बीच विज्ञान के अनुसार नए ज्ञान दिए जाते हैं यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है |
◼ लोकतांत्रिक शिक्षण रणनीति ➖ इस रणनीति में छात्र शिक्षक के सामने अपने विचार व्यक्त करने में स्वतंत्र होता है शिक्षक मार्गदर्शक का कार्य करता है इसमें शिक्षक और छात्र दोनों सक्रिय रहते हैं इस शिक्षण रणनीति को लोकतांत्रिक शिक्षण राणनीति कहते हैं |
➡ लोकतांत्रिक शिक्षण राणनीति को छह प्रकार में विभक्त है जो कि निम्नलिखित हैं | :-
चर्चा चर्चा
◼ अनुमानी विधि
◼ अन्वेषण विधि
◼ परियोजना पद्धति
◼ वार्तालाप गतिविधि पद्धति
◼ विचार मंथन
🔶 चर्चा विधि ➖ इस पद्धति में छात्रों और शिक्षकों के बीच किसी विषय पर मौखिक बातचीत होती है सोच और संचार की क्षमता का विकास होता है |
🔶 अनुमानी विधि ➖ इस विधि के तहत एक शिक्षक छात्र के सामने समस्या रखता है और उसका मार्गदर्शन भी करता है फिर छात्रों को जांच और अनुसंधान करता है और अपना तर्क के माध्यम से समस्या का समाधान करता है |
🔶 अन्वेषण विधि ➖ इस विधि में छात्र आसपास की समस्या को हल करते हैं किसी समस्या के समाधान के लिए स्वयं का अनुभव एवं पूर्व ज्ञान का इस्तेमाल करता है यह पूछताछ पर आधारित शिक्षा है |
🔶 परियोजना पद्धति ➖ इस पद्धति के तहत बच्चों को समूह बनाकर वास्तविक जीवन के अनुभवों से संबंधित एक प्रोजेक्ट दिया जाता है और छात्र वास्तविक जीवन की समस्याओं को एक दूसरे के सहयोग से सीखते हैं और उनका हल निकालते हैं |
🔶 वार्तालाप गतिविधि पद्धति ➖ इस विधि के तहत छात्र किसी विषय या तथ्यो पर वार्तालाप का अवसर दिया जाता है जिससे बच्चों की तार्किक सोच बेहतर होती है और स्वयं से बोलने का अवसर मिलता है |
🔶 विचार मंथन पद्धति ➖ यह शिक्षण का एक रचनात्मक तरीका है जिसके तहत एक विशिष्ट समस्या के समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति से समस्या का समाधान करने के लिए विचारों का मंथन किया जाता है |
Notes by ➖ Ranjana Sen

🔆एक तंत्रिय शिक्षण रणनीति और द्वि तंत्रिय शिक्षण रणनीति 🔆

🌀 एक तंत्रिय शिक्षण रणनीति ➖
(Unitary teaching strategy) auto creatick)
यह पूरी तरह से शिक्षक के हिसाब से चलने वाली रणनीति है।
यह कई प्रकार की होती है।
1 कहानी कहने की पद्धति
2 व्याख्या विधि
3 प्रदर्शन विधि
4 ट्यूटोरियल विधि
उपरोक्त विधियों का वर्णन निम्नानुसार है।

⚜️ कहानी कहने की पद्धति ➖
यह एक तंत्री है जिसमें बच्चे स्वतंत्र रूप से कहानी को सुनते हैं और शिक्षक कहानी कहते हैं।

⚜️ व्याख्या विधि➖
यह विधि शिक्षक द्वारा पूरी की जाती है कहीं पर भी बच्चे किसी कार्य को नहीं करते हैं समस्त प्रक्रिया का संचालन शिक्षक द्वारा किया जाता है।

⚜️ प्रदर्शन विधि ➖
यह भी एक तंत्र शिक्षण रणनीति है यह एक व्यवहारिक पद्धति है।
प्रदर्शन विधि व शिक्षण विधि है जिसमें किसी संरचना, कार्यप्रणाली ,दृश्य को स्पष्ट रूप से दिखा कर काम में लाया जाता है ।

⚜️ ट्यूटोरियल विधि ➖
▪️अलग-अलग छात्रों को उनकी क्षमता के हिसाब से विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को शिक्षकों द्वारा पढ़ाया जाता है।
▪️इस पद्धति में कक्षा को छात्रों की क्षमता अनुसार समूहों में विभाजित किया जाता है प्रत्येक समूह को शिक्षक द्वारा संभाला जाता है।
इस पद्धति में छात्रों की पिछले ज्ञान के अनुसार या आधार पर नया ज्ञान दिया जाता है।
▪️यह पद्धति बच्चे को स्वयं को पृथक करने का कि वह अपनी क्षमता अनुसार किसी कार्य को सीख पाए,के लिए मौका देती हैं ।
▪️यह पद्धति उपचारात्मक शिक्षण का एक प्रकार है किसी भी कार्य या समस्या के लड़को जानकर उस समस्या का समाधान निकाला जाता है मतलब उपचार किया जाता है। उपचारात्मक का कार्य शिक्षक द्वारा किया जाता है इसीलिए यह एक तंत्र में विधि कहलाती हैं।

🌀 द्वि तंत्रिय शिक्षण रणनीति (Democratic teaching strategy)➖।
यह कई प्रकारों की होती है
1 चर्चा विधि
2 अनुमानी विधि
3 अन्वेषण विधि
4 परियोजना विधि
5 वार्तालाप गतिविधि विधि
6 विचार मंथन विधि

उपरोक्त विधियों का वर्णन निम्नानुसार है।

🔱 1 चर्चा विधि (Discussion method)➖
▪️जैसा कि हम पूर्व में देख चुके हैं चर्चा विधि के अंतर्गत छात्र व शिक्षक मौखिक रूप से किसी भी विषय पर बातचीत करता है इससे छात्र की सोच तो विकसित होती है साथ ही साथ संचार करने की क्षमता है वह भी विकसित होती है जिसके परिणाम स्वरूप एक प्रभावशाली उच्च स्तर का संज्ञानात्मक विकास बच्चे का सामने आता है और बच्चे का व्यवहार व व्यक्तित्व का पता चलता है।

क्योंकि चर्चा विधि में चर्चा छात्र व शिक्षक के मध्य अर्थात छात्र व शिक्षक के मध्य किसी भी विषय पर चर्चा की जाती है जिसमें छात्र अपने मत और शिक्षक अपने मत रखता है और इस आधार पर समस्त प्रक्रिया पूरी होती हैं।
▪️इस विधि में शिक्षण प्रक्रिया में छात्र और शिक्षक दोनों की भूमिका होती है इसीलिए यह द्वि तंत्री य शिक्षण रणनीति कहलाती है।

🔱 2 अनु मानी विधि (Estimation method)➖
इस विधि में शिक्षक किसी समस्या को बच्चे के सामने रखकर उसे दिशा निर्देश देते हैं फिर छात्र दिए गए दिशा निर्देश के माध्यम तथा अपने ज्ञान के माध्यम से समस्या का समाधान खोजते हैं।

▪️ यहां शिक्षक का कार्य बच्चे को समस्या देना तथा मार्गदर्शन करना होता है।
▪️जबकि छात्र का कार्य दी गई समस्या की जांच करना या दिए गए कार्य या समस्या पर तर्क लगाकर या कार्य का अनुसंधान कर समस्या का उचित समाधान खोजना है।

🔱3 अन्वेषण विधि (Exploration method)➖
छात्र किसे दी गई समस्या का अपने आसपास हल खोजते हैं और हल खोजने के लिए स्वयं का अनुभव व पूर्व ज्ञान का प्रयोग करते हैं जिससे वह दी गई समस्या का सफलतापूर्वक उचित समाधान खोज लेते हैं।

▪️ इस विधि को “पूछताछ आधारित अधिगम” भी कहते हैं क्योंकि बच्चे पूछताछ करके खोजबीन करते हैं।

🔱4 परियोजना विधि ( project method/ assignment method)➖
वास्तविक जीवन से जोड़कर और बच्चों के अपने जो अनुभव है उनसे संबंधित परियोजना कार्य को बच्चों के द्वारा करवाया जाता है।
यह विधि सामान्यत: समूह में की जाती है जिसमें छात्र एक दूसरे की सहायता से वास्तविक जीवन की समस्या हल को जानते हैं और उस आधार पर हल करते हैं।

🔱 5 वार्तालाप गतिविधि विधि➖
▪️बच्चों को जो गतिविधि दी जाती है बच्चे उस गतिविधि पर चर्चा या वार्तालाप करते हैं।
▪️ छात्रों को किसी विषय या तत्व पर वार्तालाप का मौका दिया जाता है जिससे बच्चे की सोच बेहतर होती है, उनका शब्द भंडार बढ़ जाता है जिसकी मदद से उसे खुद से बोलने का मौका मिलता है।

🔱6 विचार मंथन (Brain storming)➖
यह एक रचनात्मक पद्धति है जिसके तहत विशिष्ट समस्या समाधान के लिए कई विचार उत्पन्न होते हैं इस पद्धति का उपयोग किसी विषय पर मंथन या मनन या गहन विचार करने के लिए किया जाता है अर्थात समस्या के सभी पक्षों को जानकर उसका बेहतर रूप से समाधान निकाला जा सकता है।
✍🏻
*Notes By-Vaishali Mishra*

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