*🌸पूर्व बाल्यावस्था( early childhood) (2-6 वर्ष)/ पूर्व संक्रियात्मक अवस्था( pre-operational stage) (2-7 वर्ष)*

*Date-12 february 2021🌸*

*★संक्रिया*- बच्चा 2 वर्ष तक खुद से कोई एक्टिविटी नहीं कर सकता लेकिन 2 वर्ष के बाद वह खुद से क्रियाएं करने लगता है जैसे चलना, दौड़ना,खेलना यह सभी क्रियाएं बच्चा करने लगता है इन्हीं एक्टिविटीज को संक्रिया कहते हैं। 

👉 बच्चे के एक्टिविटी से ही उसका सर्वांगीण विकास होता है अगर बच्चा दौड़ते, खेलते वक्त गिर जाता है तो इसमें भी उसका शरीर मजबूत व उसमें परिस्थिति से उबरने की क्षमता का विकास होता है और उन्हें ऐसी स्थिति में कभी रोक-टोक नहीं करनी चाहिए उसे एक्टिविटी करने देना चाहिए लेकिन उस पर नजर रखना जरूरी है।

*👉फ्रायड महोदय के अनुसार* बच्चा जो कुछ भी बनता है वह 5-6 वर्ष की उम्र में बन जाता है। यह कथन इसी आधार पर कहा गया है कि बच्चे 2 वर्ष से 6 वर्ष के बीच में  जो भी एक्टिविटी करते हैं वह बहुत महत्वपूर्ण होती है जिससे उनका आगे के भविष्य के बारे में पूर्वानुमान लगाया जा सकता लगाया जा सकता है कि आगे बच्चा क्या कर सकता है। 

*🌸पूर्व बाल्यावस्था में शारीरिक विकास*

*(Physical development in early childhood)* 

👉 बच्चे में जो वृद्धि शैशवावस्था में होती है वह 2 वर्ष से 6 वर्ष में नहीं होती है मतलब शैशवावस्था में वृद्धि की दर तीव्र होती है एवं पूर्व बाल्यावस्था के आते तक यह वृद्धि कम/धीमी हो जाती हैं। 

👉 इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास बच्चे के पैर का होता है बच्चे का पैर उसकी पूरी लंबाई का आधा होता है। 

👉 इस समय सिर का विकास शैशवावस्था की अपेक्षा थोड़ा कम होता है। 

👉 जन्म के समय बच्चे का वजन 6 से 8 पाउंड या 2.5 किलोग्राम से 4 किलोग्राम के बीच लगभग होता है। 

 ★जन्म के समय बच्चे की लंबाई 19 से 21 इंच या 48 से 54 सेंटी मीटर तक लगभग होती है

👉 1 वर्ष के बच्चे का वजन 17 से 19 पाउंड या लगभग 8 किलोग्राम होता है। 

★ 1 वर्ष के बच्चे की लंबाई 24 से 27 इंच या 61 से 68 या 69 सेंटीमीटर के बीच लगभग होती है

👉 3 वर्ष के बच्चे का वजन 33 पाउंड या 15 किलोग्राम लगभग होता है। 

★3 वर्ष के बच्चे की लंबाई 38 इंच या 96 से 97 सेंटीमीटर लगभग होती है। 

👉 5 वर्ष के बच्चे का वजन 43 पाउंड या 20 किलोग्राम लगभग होता है। 

★ 5 वर्ष के बच्चे की लंबाई 43 इंच या 110 सेंटीमीटर लगभग होती है। 

👉 हालांकि बच्चे का वजन कई तथ्यों पर निर्भर करता है जैसे माता-पिता की लंबाई पोषण/वातावरण( Nurture), बीमारी आदि। 

Notes by Shivee Kumari

🌸🌸🌸🌸🌸

🌻🌺🌺🌻🌺🌺🌻

💥पूर्व संक्रियावास्था/ पूर्व बाल्यावस्था/ Pre childhood stage (2-6)💥

🌻🌺🌺🌻🌺🌺🌻

🌈💫 यह  संक्रिया से पहले की अवस्था है । इस अवस्था मे बच्चा      ज्यादा शारीरिक क्रियाये करता है, बच्चा अपने संवेगों को छिपाने लगता है। बच्चा यहा पर ज्यादा क्रियाये करने लगता है, उछाल कूद मचाने लगता है ।

🌈💫 शारीरिक विकास💫

💥👉 बच्चो में जो वृद्धि शैशवावस्था में थी वह बाल्यावस्था में नही होती है।

💥👉 इस उम्र में बच्चा पैरो से ज्यादा क्रियाये करता है इसलिए इस अवस्था में पैरो ज्यादा तेजी से होता है।

💥👉 बच्चे के पैरों की लंबाई शरीर की लंबाई की आधी होती हैं। 

💥👉 उस अवस्था मे बच्चे के सिर का विकास थोड़ा कम होता है।

💥👉 नवजात शिशु का वजन – 6 – 8 पाउंड  (3-4kg)।

और लंबाई – 50 cm ( 19-21 इंच)

💥👉 1 से 2 साल के बच्चे का वजह – 17 से 18 पाउण्ड( लगभग 8 kg)

और लंबाई (28 से 29 इंच)

💥👉 3 साल के बच्चे का वजन 33 पाउण्ड ( 15 – 16 kg)

और लंबाई – 38 इंच (100cm)

🌈🌈💫 इस अवस्था मे लड़कियों की लंबाई और वजन लड़को की अपेक्षा कम होती है।

💥👉5 साल के बच्चे का वजन – 43 पाउण्ड ( 20 kg)

लंबाई – 43इंच (110 cm)

🌈🌻🌻 हालांकि बच्चे जा वजन कई तथ्यों में निर्भर करता है।

💥 यह अनुवांशिक भी होता है जैसे – माता पिता की लंबाई अगर ज्यादा होती है तो बच्चे की लंबाई भी होती है।

💥 यह वातावरण पर भी निर्भर करता है।

💥 यह बीमारी का भी कारण भी होता है, यह गर्भ से भी हो जाता है, और जन्म के बाद किसी घटना के कारण भी हो जाता है। जो प्रभाव डालता है।

📚📚📚📚📚Notes by Poonam sharma📚📚🌺

🌸 *बाल्यावस्था में विकास* ➖  

🍃 संक्रिया➖ ✨ इस अवस्था में बच्चा अनेक क्रियाएं करता है   खेलना, कूदना ,उछलना ,भागन जैसी अन्य क्रिया करता है।   

                                                           ✨इस अवस्था  में बालक का शारीरिक विकास अधिक होता है, बच्चा खेलता अधिक है इसलिए उसका पैर का विकास होता है इस अवस्था में बालक पैर से ही ज्यादा  उपयोग करता है 🍃 

✨इस अवस्था में बौद्धिक विकास शैशवास्था की अपेक्षा कम  होता है ।                              

 ✨अवस्था में बालक को खेल कूद ने नहीं रोकना चाहिए   क्योंकि बच्चे जितना खेल लेंगे उतना ज्यादा मजबूत बनते हैं और समस्याओं को अच्छी तरह से संभालने में सक्षम होते हैं।  

🌸 *बाल्यावस्था मे शारीरिक विकास*➖      

✨ इस अवस्था में बौद्धिक विकासशैशवाअवस्था की अपेक्षा कम होता है ।

✨ सबसे ज्यादा विकास पैर का होता है और बच्चों में पैर की पूरी लंबाई शरीर की   आधी होती है।          ।     

✨जन्म के समय बच्चे का वजन 6से 8 पाउंड होता है लंबाई19  से 21 इंच

 ✨एक साल का बच्चे का वजन 8 kg होता है लंबाई 24 से 27 इंच होती है। 

✨ 3 साल के बच्चे‍ की बच्चे का वजन 33 पाउंड लंबाई 38 इंच। वजन 15 किलो और लंबाई 96 से सेंटीमीटर होती हैं।                                                                     ✨लड़कियों की लंबाई और वजन लड़कों की अपेक्षा कम होता है।                                                                     5 वर्ष में बच्चे का वजन 40 पाउंड लंबाई 43 इंच वजन 20 केजी लंबाई 110 सेंटीमीटर होती है

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🙏🙏🙏

Notes By – Lucky

🌺2 से 6 साल(पूर्व बाल्यावस्था)🌺

✒️

 शारीरिक विकास:- पूर्व बाल्यावस्था में शारीरिक वृद्धि उतनी तेजी से नहीं होती है जितनी कि शैशवावस्था में होती है, इस अवस्था में बच्चे किसी भी कार्य को गतिविधि के माध्यम से उस  कार्य को संक्रियाओं से सीखते हैं।

🔥 इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास बच्चों के पैरों का होता है और बच्चों का पैर उनकी लंबाई का आधा होता है।

🔥 इस उम्र में बच्चों के सिर का विकास थोड़ा कम होता है।

🔥 जन्म के समय शिशु का 

                 वजन 6 से 8 पाउंड

                 लंबाई 19 से 21 इंच

🔥 1 साल के बच्चे का 

                   वजन 8 kg..

                   लम्बाई 24  से 27 इंच

🔥 3 साल के बच्चे का

                 वजन 33 पाउंड ( 15kg) 

🔥   लंबाई 38 इंच (100 cm)

🔥 5 साल में एक बच्चे के

                               लंबाई 43 इंच                                               

                             वजन 43 पाउंड

✍🏻 बच्चों का वजन और लंबाई कई चीजों पर निर्भर करती हैं।

🔥 उनके माता-पिता की लंबाई

🔥 उनका पोषण

🔥 उनकी बीमारी इत्यादि।

            🌺🌺🌺🌺🌺

 Notes by

       SHASHI CHOUDHARY

       🙏🙏🙏🙏🙏🙏

💐पूर्व बाल्यावस्था (पूर्व संक्रियावस्था)💐 pre-operational stage( 2-6 year)

 पूर्व बाल्यावस्था को की व्यवस्था स्फूर्ति की अवस्था भी कहते हैं

 इस अवस्था में बच्चे अनेक प्रकार की संक्रिया करते हैं इस अवस्था में बच्चे बहुत ही दौड़ते भागते चलते आदि शारीरिक क्रिया करते हैं

  बच्चों  का इस उम्र में खेलना बहुत जरूरी होता है खेलने से बच्चे कभी-कभी गिर जाते हैं और उन्हें चोट भी लग जाती है परंतु उससे हमें घबराना नहीं चाहिए बच्चे में यदि चोट लगती है तो उस चोट के लिए प्रतिरोधक क्षमता अपने आप ही उत्पन्न हो जाती है आप देखेंगे कि कुछ दिनों बाद वह ठीक हो जाती है परंतु चोट के डर से हमें बच्चे को खेलने से नहीं रोकना चाहिए

 शारीरिक विकास( physical development)

 बच्चों में जो वृद्धि दर शैशवावस्था में होती है वह 2 से 6 साल में नहीं होती

इस उम्र में बच्चे के पैर का विकास सबसे ज्यादा होता है

 बच्चे का पैर उसकी पूरी लंबाई का आधा होता है

इस समय में सिर का विकास थोड़ा कम होता है

👌👌 जन्म के समय 

 वजन—-.  6 se 8  pound

लंबाई—– 19 se. 21 inch

👌👌👌1 साल का बच्चा

 वजन— 8 kg 

 लंबाई—-24 – 27 inch

👌👌👌 3  साल में बच्चा

 वजन—-. 33  pound.  15 kg 

 लंबाई—- 38 inch 96 cm ke  लगभग

👌👌👌👌5 साल में बच्चा

 भजन—- 43 inch. 20 kg 

लंबाई—–43 inch. 110 cm 

note – बच्चे का वजन कई तथ्यों पर निर्भर करता है माता-पिता की लंबाई पोषण बीमारी आदि पर

🔰💠🔰💠🔰💠🔰🍃🍃🍃🍃📝📝📝📚📚📚🖋️🖋️🖋️sapna sahu🍃🍃🍃🍃🍃🍃🖋️🖋️🖋️📚📚📚📚📝📝📝📝💫💫 पूर्व संक्रियावास्था/पूर्व बाल्यावस्था💫💫 (2-6)

🌻यह संक्रिया से पहले की अवस्था है इस अवस्था में बच्चा ज्यादा शारीरिक क्रियाएं करता हैं।

🌻 बच्चा अपने संवेगों को छिपाने लगता है बच्चा यहां पर ज्यादा क्रियाएं करने लगता है उछल कूद मचाने लगता है।

🌻 शारीरिक विकास🌻👫

🌸 बच्चों में जो वृद्धि दर शैशवास्था  में थी वह 2 से 6 साल में नहीं होती है।

🌺 इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास पैर का होता है।

🌸 बच्चे का पैर उसकी पूरी लंबाई का आधा होता है।

🌺 इस समय में सिर का विकास थोड़ा कम होता है।

🌻 3 साल के बच्चे का वजन 33 पाउंड (15 kg) लंबाई 38 इंच( 96.5cm)

🌻 5 साल के बच्चे का वजन 43 पाउंड( 20kg) लंबाई फुट43  इंच (110cm)

🌸हालांकि बच्चे का वजन कई तत्वों पर निर्भर करता है।

🌻 बच्चे के माता-पिता की लंबाई

🌻 उसका वातावरण

🌻 उसकी बीमारी

✍🏻📚📚 Notes by….. Sakshi Sharma📚📚✍🏻

⚡पूर्व बाल्यावस्था/पूर्व संक्रियात्मक अवस्था(Pre-Operational Stage)

🌹🌹🌹🌹🌹🌹12 Feb 2021🌹🌹

💪 शारीरिक विकास (Physical Development)

❇️ बच्चों में जो वृद्धि दर शैशवावस्था में होती थी। वह 2 से 6 साल में नहीं होता है।

❇️ इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास *पैर(Leg)* का होता है; और बच्चे का पैर उनकी “पूरी लंबाई का आधा” होता है।

❇️ इस समय में सिर का विकास थोड़ा कम होता है।

❇️ 3 साल के बच्चे का वजन 33 पाउंड अथवा 15 किलो तथा लंबाई 38 इंच या लगभग 100 सेमी होता है।

❇️ 5 साल के बच्चे का वजन 43 पाउंड या 20 किलोग्राम तथा लंबाई 43 इंच या 110 सेंटीमीटर होता है।

       🍂 हालांकि बच्चे का वजन कई बातों पर निर्भर करता है; जैसे- माता-पिता की लंबाई, पोषण (nurture), बीमारी इत्यादि।

♀️ पूर्व बाल्यावस्था में बच्चे की शारीरिक विकास से संबंधित सारणी प्रस्तुत है-

आयु                               वजन                             लंबाई

जन्म के समय        6 से 8 पाउंड या 3 किग्रा         19 से 20 इंच या 50 सेमी

1 से 2 वर्ष           17 से 18 पाउंड या 8 किग्रा       28 से 29 इंच या 72 सेमी

3 वर्ष                  33 पाउंड या 15 किग्रा               38 इंच या 100 सेमी

5 वर्ष                  43 पाउंड या 20 किग्रा               43 इंच या 110 सेमी

  🔚

         🙏

📝🥀Notes by Awadhesh Kumar🥀

*पूर्व संक्रियावास्था/पूर्व बाल्यावस्था (2-6)* 

👉यह संक्रिया से पहले की अवस्था है इस अवस्था में बच्चा ज्यादा *शारीरिक क्रियाएं करता हैं।* 

👉बच्चा अपने संवेगों को छिपाने लगता है बच्चा यहां पर ज्यादा क्रियाएं करने लगता है *उछल कूद मचाने लगता है।* 

👉 शारीरिक विकास🌻👫

👉 बच्चों में जो वृद्धि दर शैशवास्था  में थी वह *2 से 6 साल* में नहीं होती है।

👉इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास पैर का होता है।

👉बच्चे का पैर उसकी पूरी लंबाई का *आधा* होता है।

👉इस समय में *सिर* का विकास थोड़ा *कम* होता है।

👉3 साल के बच्चे का *वजन 33 पाउंड (15 kg) लंबाई 38 इंच( 96.5cm)* 

👉 5 साल के बच्चे का वजन *43 पाउंड( 20kg) लंबाई फुट43  इंच (110cm)* 

👉 *हालांकि बच्चे का वजन कई तत्वों पर निर्भर करता है।

👉बच्चे के माता-पिता की लंबाई

👉 उसका वातावरण

👉उसकी बीमारी

Notes by….. SHARAD KUMAR PATKAR

पूर्व बाल्यावस्था /पूर्व संक्रियात्मक अवस्था

यह अवस्था 2 से 6 वर्ष की होती है।

संक्रिया का अर्थ होता है कुछ ना कुछ अंत:क्रिया होना।

जब बच्चा शैशवावस्था में होता है तब  वातावरण के साथ अन्तःक्रिया कम करता है।

लेकिन जब बच्चा 2 से 6 वर्ष के बीच में होता है तो वह वातावरण के साथ विभिन्न प्रकार की अंतः क्रिया करता है वह इधर-उधर घूमता रहता है बिना किसी कारण के।

इस उम्र में बालकों में ऊर्जा अधिक होती है।

इस समय बच्चा गिरता उठता रहता है।

इस समय बच्चे को ज्यादा बंधेज में नहीं रखना चाहिए बस थोड़ा सा ध्यान जरूर रखना चाहिए ताकि कोई क्षति ना हो।

बच्चे को खेलने के लिए खुला छोड़ना चाहिए।

पूर्व बाल्यावस्था पूर्व /संक्रियात्मक अवस्था में शारीरिक विकास

बच्चों में जो वृद्धि दर शैशवावस्था में थी वह अब 2 से 6 साल में नहीं होती हैं।

इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास पैर का होता है

और बच्चे का पैर उसकी पूरी लंबाई का आधा होता है

इस समय सिर का विकास थोड़ा कब होता है।

जन्म के समय बालक का वजन और लंबाई

वजन- 6-8 पाउंड या 2.5 -3.50 किलोग्राम

लंबाई – 19-21 या 50 सेंटीमीटर

होती है।

1 साल बाद बालक का वजन और लंबाई

वजन-8 किलोग्राम या 17से 18 पाउंड

लंबाई- 24-27 इंच या लगभग 60-68 सेंटीमीटर

होती हैं।

3 साल के बच्चे का वजन और लंबाई

वज़न-33 पाउंड या 15 किलोग्राम

लंबाई- 38 इंच या 96-97 सेंटीमीटर

होती हैं।

5 साल के बच्चे का वजन और लंबाई

वज़न- 43 पाउंड या 20 किलोग्राम

लंबाई- 43 इंच या 110 सेंटीमीटर

होती है।

हालांकि बच्चे का वजन कहीं तत्वों पर निर्भर करता है जैसे माता-पिता की लंबाई ,

उसका पोषण 

और बीमारी आदि पर।

Notes by Ravi kushwah

🌺🌺  पूर्व बाल्यावस्था  🌺🌺

🌺🌺 Pre operational stage 🌺🌺

*  2 – 6 वर्ष 

*इस अवस्था को पूर्व संक्रियावस्था भी कहते हैं।

*संक्रिया से तात्पर्य – क्रिया से है इस उम्र में बालक विभिन्न प्रकार की क्रियाएं स्वयं से करने लगता है जैसे चलना , खेलना, कूदना ,दौड़ना कुछ पाने के लिए दो तीन वस्तुओं को एक दूसरे के ऊपर रखकर उसके ऊपर चढ़ना।

*इस समय में अगर हम बालक को पानी लाने के लिए कहते हैं तो वह पानी लाने के लिए दौड़ जाते हैं कि हम सबसे पहले पानी लाकर देंगे।

*अपने मन से छोटी छोटी क्रियाएं करने लगते हैं।

* जो प्रत्यक्ष में देखते हैं उससे जुड़े प्रश्न करने लगते हैं जैसे सूरज क्यो उगता है पानी की गिरता है पानी क्यों पीते हैं रात क्यो होती है  आदि।

🌺पूर्व बाल्यावस्था में शारीरिक विकास physical development

* बच्चों में जो वृद्धि दर शैशवावस्था में था वह 2 से 6 साल मे / बाल्यावस्था में नहीं होती।

* इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास पैर का होता है क्योंकि बालक दौड़ते हैं कुदते हैं।

* और बच्चों का पैर उनकी पूरी लंबाई का आधा होता है ।

* इस समय में बच्चे का सिर का विकास थोड़ा कम होता है या यह कहें कि बाल्यावस्था में सिर का  विकास शैशवावस्था की तुलना में कम होता है।

♦️3 साल के बालक का वजन और लंबाई

वजन = 33 पाउंड app ,

           15 kg

 लंबाई = 33 inch

             96 – 97 cm

▪️3 साल की उम्र में लड़की की लंबाई और वजन लड़कों की अपेक्षा कम होता है।

▪️ 6 साल तक की लड़कियों की लंबाई एवं वजन लड़कों की अपेक्षा ज्यादा होता है।

♦️ 5 साल के बच्चे का

 वजन = 43 पाउंड 20 kg

लंबाई =43 inch 110 cm

▪️हालांकि बच्चे का वजन कई तथ्यों पर निर्भर करता है जैसे माता-पिता की लंबाई जो कि उसे heredity  से मिलती है ।

▪️पोषण यानी कि नर्चर एनवायरनमेंट से होता है।

 ▪️और बीमारियां अगर बच्चा बीमार होता है तो भी उसकी वजन एवं लंबाई पर असर पड़ता है।

*धन्यवाद 

*वंदना शुक्ला

🔆  पूर्व बाल्यावस्था/पूर्व संक्रियात्मक अवस्था ( Pre operational stage)➖

2 – 6 वर्ष 

*इस अवस्था को पूर्व संक्रियावस्था भी कहते हैं।

*संक्रिया से तात्पर्य – क्रिया से है इस उम्र में बालक विभिन्न प्रकार की क्रियाएं स्वयं से करने लगता है जैसे चलना , खेलना, कूदना ,दौड़ना कुछ पाने के लिए दो तीन वस्तुओं को एक दूसरे के ऊपर रखकर उसके ऊपर चढ़ना।

🔹 शारीरिक विकास (Physical Development)➖

▪️बच्चों में  जो वृद्धि दर है वह शैशवावस्था की अपेक्षा 2 से 6 वर्ष में नहीं देखी जा सकती।

▪️ इस उम्र में सबसे ज्यादा विकास *पैर(Leg)* का होता है; और बच्चे का पैर उनकी “पूरी लंबाई का आधा” होता है।

▪️इस समय में सिर का विकास थोड़ा कम होता है। 

🔅उम्र के अनुसार बच्चो की लंबाई व वजन➖

⚜️ नवजात शिशु का➖

✓ वजन – 6 से 8 पौंड (15kg लगभग)

 ✓लंबाई- 19 से 21 इंच(48 से 54 से.मी.लगभग)

⚜️ एक साल के बच्चे का➖

✓वजन – 17 से 18 पौंड (8kg लगभग)

✓ लंबाई – 24 से 27 इंच(68 से 69 से.मी.लगभग)

⚜️ 3 साल के बच्चे का➖

✓ वजन – 33 पौंड (15kg लगभग)

✓लंबाई – 38 इंच (96 या 98 से.मी.लगभग)

⚜️5 साल के बच्चे का ➖

✓ वजन- 43 पौंड(20 kg लगभग)

✓लंबाई – 43 इंच (110 से.मी.लगभग)

हालांकि बच्चे का वजन कई बातों पर निर्भर करता है; जैसे- माता-पिता की लंबाई, पोषण (nurture), बीमारी इत्यादि।

✍🏻

  Notes By-Vaishali Mishra

By admin

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